Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    रंगोत्सव 2026: राजधानी में आधी रात को जलेगी होली, धुलंडी पर दिखेगा चंद्रग्रहण का साया

    1 week ago

    जयपुर। फाल्गुन मास की पूर्णिमा के साथ ही प्रदेश भर में रंगों के त्योहार होली की रौनक परवान पर है। साल 2023 के बाद इस वर्ष भी एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जहाँ पूर्णिमा के साथ भद्रा का साया होने के कारण होलिका दहन के समय को लेकर असमंजस की स्थिति बनी, जिसे ज्योतिषविदों ने शास्त्र सम्मत तर्कों से स्पष्ट किया है।

    मध्य रात्रि के बाद 'भद्रा पुच्छ' काल में दहन

    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार भद्रा के कारण होलिका दहन का मुख्य आयोजन 02 मार्च की मध्य रात्रि के बाद होगा। शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि होलिका दहन प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा में होना चाहिए। 02 मार्च की रात 1:26 बजे से 2:38 बजे तक 'भद्रा पुच्छ' काल रहेगा, जिसे दहन के लिए सबसे श्रेष्ठ और शुभ मुहूर्त माना गया है।

    धुलंडी पर खग्रास चंद्रग्रहण और गणगौर पूजन

    इस बार धुलंडी का पर्व 03 मार्च (मंगलवार) को मनाया जाएगा। इसी दिन सुबह खग्रास चंद्रग्रहण भी लगेगा, जिसकी शुरुआत सुबह 6:47 बजे होगी और समापन सुबह 6:53 बजे होगा।

    गणगौर पूजन: चंद्रग्रहण के साये के बीच ही धुलंडी की सुबह 6:00 से 6:53 बजे तक गणगौर पूजन का समय निर्धारित किया गया है।

     ग्रहण का प्रभाव: जयपुर में चंद्रोदय शाम 6:30 बजे होगा, जबकि ग्रहण शाम 6:53 बजे समाप्त हो जाएगा। केवल 17 मिनट तक ग्रहण दृश्यमान रहने के कारण सूतक काल का विशेष प्रभाव नहीं माना गया है।

    गोविंद देव मंदिर में फूलों की होली और राजसी परंपरा

    जयपुर के आराध्य गोविंद देव मंदिर में रविवार को भक्तों ने ठाकुर के साथ गुलाल और फूलों की होली खेली। सोमवार को राजभोग झांकी (सुबह 10:45 से 11:30 बजे) के दौरान ठाकुर को गुलाल अर्पित किया जाएगा। वहीं, सिटी पैलेस में पूर्व राजपरिवार की उपस्थिति में मध्य रात्रि के बाद होलिका दहन की परंपरा निभाई जाएगी।

    आगामी वर्षों में भी जारी रहेगा संयोग

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पूर्णिमा और भद्रा का यह साथ होने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। साल 2023 और 2026 की तरह ही, आगामी वर्ष 2027 में भी भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन का ऐसा ही संयोग दोबारा निर्मित होगा।

    प्रशासनिक सूचना: राज्य सरकार ने 02 मार्च को होलिका दहन और 03 मार्च को धुलंडी का राजकीय अवकाश घोषित किया है, जबकि केंद्र सरकार के कार्यालयों में 04 मार्च को धुलंडी की छुट्टी रहेगी।

    Click here to Read More
    Previous Article
    सर्वोदय और स्वराज ही कांग्रेस की आत्मा” – डॉ. सी.बी. यादव
    Next Article
    इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी ने ODL और ऑनलाइन प्रोग्राम के लिए एडमिशन की आखिरी तारीख 15 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है

    Related धर्म और अध्यात्म Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment