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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी,वाटिका जयपुर में तीन दिवसीय शोध कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न

    1 week ago

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी वाटिका जयपुर के शोध विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के सहयोग से तीन दिवसीय शोध कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों में शोध अभिरुचि को बढ़ावा देना, गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशन को प्रोत्साहित करना तथा सांख्यिकीय एवं विश्लेषणात्मक कौशल को सुदृढ़ करना था।

    शोध कार्यशाला का आयोजन प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन तथा प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में नैतिक शोध पद्धतियों, नवाचार एवं अंतःविषय सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का समन्वयन आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. रजनी माथुर द्वारा किया गया तथा उप कुलसचिव (शोध) डॉ. भाग्यश्री खरे ने व्यवस्थाओं का संचालन सुनिश्चित किया।

     प्रथम दिवस मे गुणवत्तापूर्ण शोध की आधारभूत अवधारणाओं पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए।

    डॉ. मंजू सिंह (प्रोफेसर,मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जयपुर) 

     एवं डॉ. पियूषा मजूमदार (एसोसिएट प्रोफेसर, आई आईएचएमआर यूनिवर्सिटी) ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

    द्वितीय दिवस डेटा विश्लेषण एवं अकादमिक लेखन पर केंद्रित रहा। डॉ. क्षिप्रा जैन (यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान) ने सांख्यिकीय तकनीकों एवं डेटा व्याख्या की जानकारी दी।डॉ. मोनू भार्गव (पूर्निमा यूनिवर्सिटी, जयपुर) ने उद्धरण शैली, संदर्भन एवं प्लेगरिज़्म नियंत्रण पर व्याख्यान दिया।

    तृतीय दिवस प्रभावशाली शोध लेखन, प्रकाशन रणनीति एवं शोध नैतिकता पर केंद्रित रहा।

    डॉ. दीपक कुमार गुप्ता (विशेषज्ञ सांख्यिकीविद् एवं शोध सलाहकार) ने प्रभावशाली शोध लेखन एवं प्रकाशन रणनीति पर मार्गदर्शन दिया।

    डॉ. रोहित जैन ( फाउंडर & डायरेक्टर, ट्रेड इनोवेशन सर्विसेज प्रा. लिमिटेड, जयपुर) ने शोध नैतिकता, बौद्धिक संपदा अधिकार एवं जिम्मेदार शोध व्यवहार पर प्रकाश डाला।

    समापन अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चारु दुबे द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला के अंत में संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय में सुदृढ़ एवं गुणवत्ता आधारित शोध संस्कृति के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

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