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    जयपुर महानगर में 21 सितंबर को निकलेगी ‘लोकमंथन यात्रा’ लोक संस्कृति, लोक परंपरा और लोक चेतना के विविध रंगों से सजेगा जयपुर

    जयपुर। लोकमंथन 2026 के अंतर्गत ‘लोकमंथन यात्रा—जयपुर महानगर’ का आयोजन सोमवार, 21 सितंबर 2026 को किया जाएगा। लोकमंथन यात्रा पूरे राजस्थान में चल रही है और जयपुर महानगर में इसका प्रवेश लोक परंपरा, लोक संस्कृति और भारतीय ज्ञान-परंपरा की विविध अभिव्यक्तियों के साथ होगा। यात्रा का शुभारंभ प्रातः 8 बजे श्री गोविंद देव जी मंदिर से होगा। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी यात्रा को रवाना करेंगी। यात्रा हवा महल, बड़ी चौपड़, अल्बर्ट हॉल होते हुए महारानी कॉलेज पहुँचेगी, जहाँ प्रातः 10 बजे यात्रा का स्वागत एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। यात्रा के दौरान पारंपरिक खेलों के खिलाड़ी एवं अखाड़ों के पहलवान आगे-आगे चलेंगे। मलखम्ब एवं पारंपरिक खेलों का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। यात्रा में लोक परंपरा के ध्वज, लोक वाद्य, पारंपरिक वेशभूषा तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थान की जीवंत लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। महारानी कॉलेज में लोक संस्कृति का विविध रंग महारानी कॉलेज परिसर में यात्रा का पारंपरिक वेशभूषा एवं भारतीय रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया जाएगा। विद्यालय की बालिकाओं द्वारा तिलक, कच्छी घोड़ी नृत्य, शहनाई वादन तथा ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया जाएगा। मुख्य सभागार में वैदिक मंगलाचरण, लोक नृत्य, माँड़ गायन, भवई, चरी एवं कालबेलिया नृत्य, कच्छी घोड़ी और कठपुतली नृत्य, लोकगीत, लोक साहित्य एवं लोक संस्कृति पर व्याख्यान सहित अनेक कार्यक्रम होंगे। ‘लोक में भारत’ तथा ‘लोक साहित्य और संस्कृति’ जैसे विषयों पर संवाद एवं व्याख्यान भी आयोजित होंगे। यात्रा में लोकदेवताओं एवं लोकनायकों की झांकियाँ भी विशेष आकर्षण रहेंगी। बाबा रामदेव जी, वीर तेजाजी तथा संत रविदास जी से जुड़ी सांस्कृतिक एवं प्रदर्शनी झांकियों के माध्यम से लोक आस्था, सामाजिक समरसता और लोक चेतना के विभिन्न पक्षों को सामने रखा जाएगा। परिसर में राजस्थान की लोक परंपराओं और वीर-वीरांगनाओं से संबंधित प्रदर्शनियाँ भी लगाई जाएँगी। तीन मंचों पर होंगे विविध आयोजन महारानी कॉलेज में मुख्य सभागार के साथ सेमिनार हॉल एवं खुले मंच पर भी कार्यक्रम होंगे। सेमिनार हॉल में जयपुर की लोक कला एवं संस्कृति पर प्रश्नोत्तरी, ‘लोक परम्पराएँ’ पर लोक संवाद तथा ‘हम भारत के लोग—हमारी भाषा, हमारी पहचान’ विषय पर गोष्ठी आयोजित होगी। खुले मंच पर संस्कृत संभाषण, जादू, लोक रंग, लोक कथा, लोक कविता, लोक स्मृतियाँ, ‘हम भारत के लोग : संविधान और लोक संस्कृति का समन्वय’ जैसे विषयों पर कार्यक्रम होंगे। इतिहास संकलन समिति द्वारा इतिहास लेखन की लोक परंपरा एवं वंशावली का भी प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। परिसर के विभिन्न उद्यानों में लोक कला, लोक विज्ञान, भारतीय संविधान, गुरुकुल एवं भारतीय शिक्षा परंपरा, राजस्थान की वीर-वीरांगनाओं तथा औषधीय पौधों से संबंधित प्रदर्शनियाँ लगाई जाएँगी। साथ ही साहित्य केंद्र और लोक संस्कृति से जुड़े अन्य स्टॉल भी रहेंगे। खेल मैदान में कबड्डी, रस्साकशी, तीरंदाजी सहित पारंपरिक खेलों की गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। आयोजन समिति ने जयपुर के प्रबुद्ध नागरिकों, लोक संस्कृति एवं परंपरा प्रेमियों, विद्यार्थियों और शहरवासियों से लोकमंथन यात्रा में सहभागी बनने तथा राजस्थान की समृद्ध लोक परंपरा के इस उत्सव का साक्षी बनने का आह्वान किया है।  

    रक्तदान शिविर का आयोजन, 110 यूनिट रक्त संग्रहित

    स्वर्गीय मदनलाल निर्वाण की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर आज दिनांक 20 सितंबर 2026 को ग्रीन अर्थ ऑर्गेनाइजेशन सोसाइटी के तत्वावधान में राजकीय जयपुरिया चिकित्सालय, जयपुर के सहयोग से काली कमली वाली बगीची, झालाना में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। इस दौरान कुल 110 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित पार्षद सुमन रमेश भाटी, राजकुमार निर्वाण एवं उनकी टीम, संस्था के सचिव डॉ. अशोक सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। रक्तदान शिविर के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।  

    21वें इंडो-जापान इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस BICON-2026 का हुआ भव्य आगाज़,

    जापान में पढ़ाई, स्कॉलरशिप और करियर के अवसरों से रूबरू हुए विद्यार्थी जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में चार दिवसीय 21वें इंडो-जापान इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ‘बायकॉन-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन महेश्वरी पब्लिक स्कूल, जवाहर नगर स्थित तक्षशिला ऑडिटोरियम में ‘स्टडी इन जापान’ विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में विद्यार्थियों को जापान में उच्च शिक्षा, भाषा प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति , स्किल डेवलपमेंट, रोजगार एवं कैरियर के अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं महेश्वरी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा गणेश वंदना के साथ हुई। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि आईएएस समित शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि जापान दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी यासुयुकी नाकायामा, महेश्वरी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रीता भार्गव, ईसीएमएस से सीए संजय महेश्वरी, अरूण मालू का स्वागत आयोजक चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट निदेशक डॉ. मनीष बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राधिका बियानी , असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी तथा प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने सभी गणमान्य अतिथियों का बुके, शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्र्म में स्वागत उद्बोधन करते हुए रिसर्च एंड डेवलपमेंट निदेशक डॉ. मनीष बियानी ने कहा कि भारत में करीब 1.5 करोड़ युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती है, जबकि जापान में करीब 1.1 करोड़ लोगों की लेबर शॉर्टेज है। ऐसे में ‘JAI 2050’ मिशन के तहत भारतीय प्रतिभाओं को जापान में अवसर उपलब्ध कराना हमारा विजन है। उन्होंने बताया कि इसके लिए 9 प्रमुख शहरों के 53 स्कूलों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि जापान जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भाषा और संस्कृति की समझ महत्वपूर्ण है। वर्ष 2050 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक्टिव लर्निंग को बढ़ावा देना होगा। जापान की तकनीक और हेल्थकेयर क्षेत्र में प्रगति का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अवसरों का लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने ‘गुलाबी 2026’ और ‘साकुरा साइंस प्रोग्राम’ को भारत-जापान के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। वहीं आईएएस समित शर्मा ने गानों के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों के लिए आवेदन करने और अपने लक्ष्य तय कर पूरी डेडिकेशन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जापान से पंक्चुअलिटी और डिसिप्लिन सीखने की बात कहते हुए 5S फॉर्मूला—Sort, Set in Order, Shine, Standardize और Sustain को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन और निरंतर प्रयास से सफलता हासिल की जा सकती है। ईसीएमएस से अरूण मालू ने शिक्षा और विद्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्या व्यक्ति की आंतरिक क्षमता को जागृत करती है। उन्होंने सभी को लक्ष्य निर्धारित कर सफलता के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया और अंत में सभी का आभार व्यक्त किया। जापान दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी यासुयुकी नाकायामा ने विद्यार्थियों को जापान में उच्च शिक्षा और करियर के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी, आईटी, एनीमेशन और बिजनेस सहित विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन के अवसर उपलब्ध हैं। साकुरा साइंस प्रोग्राम के तहत भारत-जापान छात्र आदान-प्रदान होता है, जिससे विद्यार्थी जापान की शिक्षा और संस्कृति को समझ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बियानी की छात्रा अंजलि पंडित का रिसर्च स्टूडेंट प्रोग्राम में चयन हुआ था। साथ ही, ग्रेजुएट्स के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के अवसर भी उपलब्ध हैं। सात्सुकी शियोयामा ने यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो का ऑनलाइन परिचय देते हुए ट्यूशन फीस, टोक्यो इंटरनेशनल प्रोग्राम, करिकुलम और करियर के अवसरों की जानकारी साझा की। साथ ही, जापान में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध रोजगार और सहयोग के अवसरों के बारे में बताया। इसके बाद प्रो. यासुनोरी बाबा ने इशिकावा प्रीफेक्चरल यूनिवर्सिटी में फूड साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोऑर्गेनिज्म और स्मार्ट कृषि में हो रहे शोध की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए रिसर्च, उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के अनुसार करीब 98 प्रतिशत विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त होता है। उन्होंने जयपुर-कानाजावा की सांस्कृतिक समानताओं के साथ जापान की सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और बायोगैस पर अपनी नवीनतम रिसर्च को वीडियो के माध्यम से समझाया। प्रो. इको याओ ने क्वान्सेई गाकुइन यूनिवर्सिटी का परिचय देते हुए विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप और उच्च शिक्षा के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए करियर संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। इसके बाद जापान के ओसाका कॉलेज ऑफ टूरिज्म एंड बिजनेस के क्यो एवं नवीन ने विद्यार्थियों को जापान में शिक्षा के साथ रोजगार के अवसरों के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों, जापानी भाषा के N5 से N1 स्तर तक प्रशिक्षण, पार्ट-टाइम ट्रेनिंग और प्लेसमेंट अवसरों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने किफायती फीस और सुरक्षित वातावरण बताते हुए विद्यार्थियों को जापान में बेहतर करियर के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। जापान के नाइतेई ब्रिज से टोमोको काटो ने जापानी भाषा प्रशिक्षण, प्रोफेशनल रेडीनेस एवं करियर पाथवे के बारे में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने जापान में अध्ययन एवं रोजगार के लिए आवश्यक भाषा कौशल और प्रोफेशनल तैयारियों पर भी जानकारी साझा की। तोहो इंटरनेशनल से शिवांगी तमांग ने जापान की क्रिएटिव इंडस्ट्री, ग्लोबल मीडिया एवं विद्यार्थियों के लिए करियर अवसरों पर प्रस्तुति दी। ईसीएमएस से सीए संजय माहेश्वरी ने महेश्वरी स्कूल के विद्यार्थियों को बियानी कॉलेज की इस पहल से जुड़ने और बेहतर अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एमपीएस स्कूल और बियानी कॉलेज के बीच शैक्षणिक सहयोग विद्यार्थियों को नई संभावनाओं और वैश्विक अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके बाद असिस्टेंट डायरेक्टर (रिसर्च, डेवलपमेंट एंड ग्लोबल अफेयर्स) डॉ. राधिका बियानी डागा, द्वारा आभार व्यक्त किया। वहीं साकुरा एक्सचेंज के विद्यार्थियों ने जापान विजिट व गुलाबी स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम 2026 के जापानी प्रतिभागीयों ने भारत में अपने अनुभवों को साझा किए।

    जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय गार्डन बाजार में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन

    जयपुर. जवाहर कला केन्द्र, जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में गार्डन बाजार, जयपुर की ओर से आज पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का विषय "प्रकृति" रखा गया। इस प्रतियोगिता में मां शकुंतला देवी पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर, जयपुर की छात्रा यशिका चौधरी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। निर्णायक मंडल द्वारा याशिका की पेंटिंग में रंगों के संयोजन, कल्पनाशीलता और विषय की प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ बताया गया। कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा याशिका चौधरी को पुरस्कार स्वरूप ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गार्डन बाजार जयपुर के पदाधिकारी, कला प्रेमी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन हुआ जिसमें समापन सत्र में शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर आये प्रस्तावों पर विवेचन हुआ । संगठन के प्रदेश सभाध्यक्ष शशिभूषण शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की प्रमुख मांगे तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीसीपी एवं टेट की अनिवार्यता, स्टाफिंग पैटर्न को लेकर गंभीर चिंतन हुआ, तथा चुनाव की आचार संहिता के बाद अगर इन मुद्दों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो निश्चित रूप से आंदोलन की रणनीति बनेगी। टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया टेट की अनिवार्यता के विरोध हेतु टी एफ आई द्वारा सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक बेंच के समक्ष क्यूरिटिव पिटिशन दायर कर दी गई है तथा टेट की अनिवार्यता के विरोध में 5 अक्टूबर को लखनऊ में टीचर फेडरेशन आफ इंडिया की बैठक होगी जिसमें देश भर के शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता के विरोध हेतु रणनीति बनेगी। शैक्षिक सम्मेलन के अंतिम सत्र में जिला कार्यकारिणी का निर्वाचन प्रदेश पर्यवेक्षक अंजनी कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें जयपुर जिला अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र सिंह पुनः निर्वाचित हुए तथा जिला मंत्री पद पर मनीष शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पर केदार प्रसाद, उपाध्यक्ष पद पर ओम प्रकाश, राजकुमार गोयल, योगेश शर्मा, संयुक्त मंत्री शहजाद अली, प्रवक्ता अल्ताफ हुसैन कोषाध्यक्ष रवि तिवारी निर्वाचित हुए। जयपुर जिले की महिला अध्यक्ष रूपाली गुप्ता तथा जयपुर महिला मंत्री रिचा पाराशर को चुना गया। जयपुर ग्रामीण पद पर हुए चुनाव में जिला अध्यक्ष पवन कुमार तेतरवाल तथा जिला मंत्री रमेश सिर्रा, सभा अध्यक्ष वीरेंद्र राजावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष -अमित शर्मा, उपाध्यक्ष - राजेंद्र मेहरा,गणेश नारायण चौधरी, मुकेश सैनी, जिला संयुक्त मंत्री प्रेम निधि शर्मा, साजिद खान ,कुलदीप चुलैट, कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा निर्वाचित हुए। सम्मेलन के सहसंयोजक रामस्वरूप गुर्जर एवं राजकुमार रैगर ने बताया कि शिक्षकों की मांगों का समेकित मांग पत्र प्रदेश कार्यकारिणी को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया।  

    5वा श्री श्याम वार्षिक महोत्सव का चोमू गढ़ गणेश मन्दिर मे पोस्टर विमोचन

    लाडले खाटू वाले मित्र मंडल के तत्वाधान में होने जा रहे पांचवा श्री श्याम वार्षिक महोत्सव का पोस्टर विमोचन गढ़ गणेश जी मंदिर चोमू में हुआ। मंडल अध्यक्ष साहिल जोशी ने बताया की पांचवा श्री श्याम महोत्सव दिनांक 26 सितंबर 2026 को रूकमणि गार्डन रेनवाल रोड चोमू में होगा जहां कानपुर से भजन सम्राट अभिषेक शुक्ला जी, सवाई माधोपुर से रितिका कनिका अग्रवाल, जयपुर से सुनील शर्मा एवं गोपाल सेन पार्टी भजनों की प्रस्तुति देंगे। पोस्टर विमोचन के दौरान मंडल के सदस्य राजकुमार अग्रवाल, कमलेश सेन, विशाल अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, जयेश रावत एवं सोहन सैनी मौजूद रहे। अशोक विहार निवासी एवं सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गैंगटोक, सिक्किम मे कुलसचिव के पद पर कार्यरत प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने दी श्री श्याम वार्षिक महोत्सव की शुभ कामना दी है! मंडल के सदस्य जयेश रावत ने बताया कि इस वार्षिकोत्सव में बाबा का भव्य श्रृंगार श्री श्याम दरबार सेवा बांदीकुई के द्वारा किया जाएगा।। उत्सव में इत्र वर्षा एवं पुष्प वर्षा की जाएगी। उत्सव में श्री सालासर बालाजी के पुजारी विष्णु दत्त जी पुजारी का पावन सानिध्य रहेगा। उत्सव को लेकर चोमू शहर की जनता में बहुत खुशी की लहर है। उत्सव की शुरुआत श्याम बाबा की आरती उतार कर होगी उसके पश्चात गणेश जी महाराज माता रानी शंकर भगवान एवं बालाजी महाराज के भजनों से होगी उसके उसके पश्चात बाबा श्याम के भाव भरे मधुर मधुर भजन की प्रस्तुति आए हुए भजन सम्राटों के द्वारा दी जाएगी। अंत में बाबा की आरती होगी एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।  

    राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला शैक्षिक सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर लिया भाग

    शिक्षा, शिक्षार्थी और शिक्षकों के हितों को लेकर शिक्षक हुए मुखर जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) जिला शाखा जयपुर के तत्वावधान में दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, आदर्शनगर में मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा की अध्यक्षता में शुरू हुआ। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने बताया कि सम्मेलन में जिलेभर से शिक्षकों ने भाग लेकर वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था, शिक्षकों की समस्याओं एवं विभिन्न मांगों पर मंथन किया। वक्ताओं ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर चर्चा हुई जिसका अंतर्गत डेढ़ लाख रिक्त पदों को भरने सरकारी कोश से वेतन भत्ते लेनेवाले कर्मचारियों एवं राज नेताओं के बच्चे सरकारी विद्यालय में पढ़ने नव क्रमोन्नत विद्यालय में व्याख्याताओं के पद स्वीकृ हो ,सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने, जर्जर भवनों के स्थान पर शीघ्र अस्थायी भवन उपलब्ध कराने तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण एवं लंबित पदोन्नतियां शीघ्र करने की मांग उठाई। शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, अवकाश के दिनों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में वीक्षक ड्यूटी का मानदेय बढ़ाने तथा परीक्षा केंद्र से ही मानदेय भुगतान की मांग भी रखी। सम्मेलन को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन शर्मा, संरक्षक शिवराम शर्मा, न्यायाधिकरण प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश हाटवाल, कोषाध्यक्ष हेमंत जांगिड़, प्रधानाचार्य प्रतिनिधि रामलाल मीणा, महामंत्री संस्कृत शिक्षा अमित योगी, प्रवक्ता मुकेश मीणा सहित प्रमुख शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान संगठनात्मक विषयों एवं शिक्षकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर आगामी रणनीति तय की गई। सम्मेलन में जिला संयोजक कुलजीत सिंह सहित जिला पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। मंच संचालन अन्नू वर्मा ने किया।  

    राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला शैक्षिक सम्मेलन शुरू

    शिक्षा, शिक्षार्थी और शिक्षकों के हितों को लेकर शिक्षक हुए मुखर जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) जिला शाखा जयपुर के तत्वावधान में दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, आदर्शनगर में मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा की अध्यक्षता में शुरू हुआ। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने बताया कि सम्मेलन में जिलेभर से शिक्षकों ने भाग लेकर वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था, शिक्षकों की समस्याओं एवं विभिन्न मांगों पर मंथन किया। वक्ताओं ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर चर्चा हुई जिसका अंतर्गत डेढ़ लाख रिक्त पदों को भरने सरकारी कोश से वेतन भत्ते लेनेवाले कर्मचारियों एवं राज नेताओं के बच्चे सरकारी विद्यालय में पढ़ने नव क्रमोन्नत विद्यालय में व्याख्याताओं के पद स्वीकृ हो ,सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने, जर्जर भवनों के स्थान पर शीघ्र अस्थायी भवन उपलब्ध कराने तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण एवं लंबित पदोन्नतियां शीघ्र करने की मांग उठाई। शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, अवकाश के दिनों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में वीक्षक ड्यूटी का मानदेय बढ़ाने तथा परीक्षा केंद्र से ही मानदेय भुगतान की मांग भी रखी। सम्मेलन को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन शर्मा, संरक्षक शिवराम शर्मा, न्यायाधिकरण प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश हाटवाल, कोषाध्यक्ष हेमंत जांगिड़, प्रधानाचार्य प्रतिनिधि रामलाल मीणा, महामंत्री संस्कृत शिक्षा अमित योगी, प्रवक्ता मुकेश मीणा सहित प्रमुख शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान संगठनात्मक विषयों एवं शिक्षकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर आगामी रणनीति तय की गई। सम्मेलन में जिला संयोजक कुलजीत सिंह सहित जिला पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। मंच संचालन अन्नू वर्मा ने किया।  

    भाषा हमारे अनुभवों से बनती और बदलती है प्रेमचन्द गांधी केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में ‘भाषा, साहित्य और सिनेमा’ पर विशिष्ट व्याख्यान

    जयपुर। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार 1 से 30 सितम्बर तक आयोजित ‘हिन्दी माह-2026’ के अंतर्गत भारतीय भाषा केन्द्र के तत्वावधान में ‘भाषा, साहित्य और सिनेमा’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ कवि, कहानीकार एवं नाटककार प्रेमचन्द गांधी रहे। प्रभारी निदेशक प्रो श्रीधर मिश्र सह निदेशक शैक्षणिक प्रो विष्णुकांत पाण्डेय, सह निदेशक प्र. प्रो शीशराम उपस्थित रहें। मुख्य वक्ता प्रेमचन्द गांधी ने कहा कि “भाषा हमारे अनुभवों से बनती और बदलती है।” भाषा मनुष्य की समझ का विस्तार करती है। हिन्दी ने अपना व्यापक संसार निर्मित किया है और इसके विकास में भारत की विभिन्न बोलियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भाषा को धार्मिक खाँचों से अलग रखकर समझना चाहिए। उर्दू के विकास में विभिन्न समुदायों के लोगों का योगदान रहा है। उन्होंने भाषा के निर्माण में पशु-पक्षियों से जुड़े अनुभवों, मुहावरों और लोकोक्तियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। साहित्य और सिनेमा के संबंध पर उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा की शुरुआत मूक फिल्मों से हुई और आगे चलकर अनेक भारतीय भाषाओं के लेखकों ने सिनेमा के लिए लेखन किया। विद्यार्थियों को भारतीय सिनेमा के साथ विश्व सिनेमा से भी परिचित होना चाहिए। उन्होंने संस्कृत विद्यार्थियों से संस्कृत के साथ हिन्दी एवं रूसी साहित्य का अध्ययन करने और लेखन का निरंतर अभ्यास करने का आह्वान किया। उन्होंने अपनी कविताएँ ‘सपनों में घर’ तथा ‘अज्ञात लिपि में लिखी कविताएँ’ भी सुनाईं। प्रो. विष्णुकान्त पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी सिनेमा और गीतों ने हिन्दी भाषा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रो. शीशराम ने कहा कि भाषा को किसी परिधि में बांधने से उसका विस्तार सीमित हो जाता है। कार्यक्रम संयोजक प्रो. रेखा पाण्डेय ने स्वागत भाषण एवं विषय प्रवर्तन करते हुए हिन्दी की समृद्धि में भारतीय बोलियों और साहित्यिक परंपरा के योगदान को रेखांकित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. श्रीधर मिश्र ने कहा कि भाषा और समाज एक-दूसरे को निरंतर प्रभावित करते हैं। कार्यक्रम में प्रो कृष्णा शर्मा, सचिदानंद स्नेही, सीमा अग्रवाल, हरिओम शर्मा, वीनी शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, प्रीति शर्मा नरेश सिंह ज्योत्स्ना वर्मा दीक्षिता अजवानी सहित विश्वविद्यालय के कर्मचारी छात्र छात्राये उपस्थित थे कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं कुलगीत से हुआ। छात्रा दीपाली ने मीराबाई के पद प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुभाष चन्द्र धायल ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।  

    वित्तीय साक्षरता पर शैक्षणिक फ़िल्म ‘‘वन इडियट’’ का प्रदर्शन

    कनोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के ईएएफएम विभाग द्वारा वित्तीय साक्षरता और स्मार्ट मनी मैनेजमेंट विषय पर एक विशेष शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लघु फ़िल्म वन इडियट (व्दम प्कपवज) दिखाई गई। इस फ़िल्म के माध्यम से छात्राओं को कम उम्र में बचत करने, सही जगह निवेश करने और स्मार्ट वित्तीय योजना बनाने का व्यावहारिक महत्व समझाया गया। इस कार्यक्रम में कुल 49 छात्राओं तथा संकाय सदस्यों ने भाग लिया। सत्र के दौरान उपस्थित छात्राओं ने वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण बारीकियों को समझा और इसे अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ईएएफएम विभाग की प्राध्यापिकाएं डॉ नीता अग्रवाल, डॉ स्वाति सुल्तानिया, डॉ. भारती गोधवानी एवं डॉ. सुरभि माथुर उपस्थित रहे।  

    डिजिटल डिटॉक्स आवरः डिस्कनेक्ट टू रिकनेक्ट- लेस स्क्रीन, मोर फोकस’’ विषय पर संवादात्मक सत्र का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के टीचिंग लर्निंग सेंटर द्वारा गैर शैक्षणिक कर्मचारियों हेतु डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग, कार्यस्थल पर एकाग्रता तथा स्वस्थ डिजिटल आदतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘‘डिजिटल डिटॉक्स आवरः डिस्कनेक्ट टू रिकनेक्ट- लेस स्क्रीन, मोर फोकस’’ विषय पर संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। सत्र की मुख्य वक्ता डॉ. रीमा श्रीवास्तव एवं डॉ. दीपा चौहान रही, जिन्होंने सत्र के प्रारंभ में “फोन फ्री चैलेन्ज” के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों ने अपने मोबाइल फोन को साइलेंट मोड पर रखकर कुछ समय बिना डिजिटल व्यवधान के बिताया। इसके बाद प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित कर बिना मोबाइल के टीम का नाम रखने जैसी रचनात्मक गतिविधि कराई गई। गतिविधि के दौरान कर्मचारियों ने कार्य समय में मोबाइल फोन देखने की अपनी आदतों पर आत्मचिंतन किया और उन्हें कागज पर लिखा। “फोन हैबिट बींगो” गतिविधि के माध्यम से बार-बार फोन चेक करना, अनावश्यक रूप से स्क्रीन देखना, सोशल मीडिया/व्हाट्सअप ऐप्लिकेशन देखना तथा बिना किसी विशेष कारण फोन खोलने जैसी आदतों की पहचान की गई। इसके पश्चात “साइलेन्ट कम्युनिकेशन चैलेन्ज” आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बिना बोले और बिना मोबाइल फोन के दिए गए संदेशों को संकेतों के माध्यम से व्यक्त किया। साथ ही, प्रतिभागियों ने अपने खाली समय में किए जा सकने वाले सकारात्मक कार्य लिखे और डिजिटल डिस्ट्रैक्शन के प्रमुख कारणों पर चर्चा की। इस संपूर्ण गतिविधि का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संपन्न हुआ, जिन्होंने कर्मचारियों के समग्र मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यक्षमता में वृद्धि हेतु ऐसी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अंत में माइंडफुल ब्रेक के अंतर्गत सरल श्वसन अभ्यास एवं हल्की स्ट्रेचिंग कराई गई। अंत में प्रत्येक प्रतिभागी ने “माय डिजिटल डेटॉक्स प्लेज़” के तहत डिजिटल उपकरणों के संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए एक व्यक्तिगत संकल्प लिया। सत्र में लगभग 45 गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने भाग लिया और बार-बार फोन देखने तथा डिजिटल माध्यमों से लगातार जुड़े रहने की आदतों पर थोड़ा विराम लगाने के महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।  

    छात्राओं के लिए करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के भौतिकी विभाग द्वारा दिनांक 19 सितंबर को छात्राओं के लिए करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। सत्र के मुख्य अतिथि अतर सिंह, फाउन्डर, फिजिक्स बाय ए. सिंह रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को भौतिकी विषय में उपलब्ध विभिन्न करियर अवसरों से अवगत कराना तथा अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप करियर का चयन करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था। अपने व्याख्यान में अतर सिंह ने छात्राओं को भौतिकी के क्षेत्र में उपलब्ध विविध एवं उभरते हुए अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भौतिकी केवल अकादमिक क्षेत्र एवं शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से छात्राएँ अनुसंधान, वैज्ञानिक अधिकारी, रक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सौर ऊर्जा उद्योग, सरकारी एवं अनुसंधान संस्थानों, न्यूक्लियर मेडिसिन, रेडियोलॉजी, सेमीकंडक्टर उद्योग सहित अनेक क्षेत्रों में अपने करियर का निर्माण कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को बदलते समय और रोजगार क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल विकसित करने तथा उपलब्ध अवसरों को समझकर सही करियर विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उचित मार्गदर्शन और सही दिशा के साथ भौतिकी के विद्यार्थी विभिन्न नवीन एवं रोजगारपरक क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। सत्र के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा करियर से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। उन्होंने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान की। इस मार्गदर्शन से छात्राओं को अपने भविष्य के करियर विकल्पों के संबंध में अधिक स्पष्टता प्राप्त हुई। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के करियर-उन्मुख व्याख्यान छात्राओं को उनके भविष्य के लिए सही दिशा एवं मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में कुल 60 छात्राओं एवं विभागीय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।