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    एमजीडी वार्षिकोत्सव : 'माई' में दिखी नारी शक्ति

    लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन रहे मुख्य अतिथि ; मंच पर जीवंत हुए प्रेरक किरदार महारानी गायत्री देवी (एमजीडी) गर्ल्स स्कूल में विद्यालय का 83वाँ वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि बिहार के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (से.नि.) रहे, जिनका विद्यालय परिसर में पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरपर्सन महाराज जय सिंह, डायरेक्टर श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया और प्राचार्या श्रीमती प्रमेन्द्र खंगारोत सहित शिक्षक, अभिभावक एवं छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यालय के चेयरपर्सन महाराज जय सिंह ने छात्राओं को अनुशासन, सतत परिश्रम और जीवन-मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। निदेशिका श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया ने विद्यालय का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए छात्राओं की अकादमिक व पाठ्येतर गतिविधियों की उपलब्धियों को साझा किया। समारोह का मुख्य आकर्षण नवदुर्गा की थीम पर आधारित विशेष सांस्कृतिक नाट्य प्रस्तुति 'माई' रही। इसमें यह प्रभावशाली संदेश दिया गया कि माँ दुर्गा के जिन नौ रूपों की हम पूजा करते हैं और वे जो शक्तियाँ प्रदान करती हैं, वे अलौकिक होने के साथ-साथ हमारे समाज की आम महिलाओं के भीतर भी जीवंत रूप में विद्यमान हैं। छात्राओं ने अपने सजीव अभिनय से दिखाया कि मातृत्व और करुणा की यह देवीय शक्ति अनाथों का सहारा बनीं सिंधुताई सपकाल, प्रकृति संरक्षण के लिए जीवन न्योछावर करने वाली खेजड़ली की अमृता देवी, पर्यावरण संवर्धन में जुटीं कोल्लम की देवकी अम्मा और एसिड अटैक के दर्द को मात देकर दूसरों की आवाज़ बनीं लक्ष्मी अग्रवाल जैसी वीरांगनाओं में स्पष्ट दिखाई देती है। समाज को नई दिशा देने वाली इन महिलाओं के प्रेरक किरदारों के माध्यम से यह रेखांकित किया गया कि विपरीत परिस्थितियों से लड़कर बदलाव लाने की शक्ति हर नारी में निहित है। इस प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित सभी दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही छात्राओं ने शास्त्रीय और पाश्चात्य संगीत के संगम से सजी सुमधुर ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति भी दी। समारोह के दौरान उच्च शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों—वाणिज्य, मानविकी, विज्ञान, विधि और सीए में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पूर्व व वर्तमान मेधावी छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने छात्राओं की प्रतिभा और लगन की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।  

    ताकत और तकनीक से स्ट्रांग मैन और स्ट्रांग वुमैन बनने की जंग

    24 साल बाद जयपुर में शुरू हुई इक्विप्ड बैंच प्रेस प्रतियोगिता जयपुर। भारी वजन उठाने की चुनौती, तकनीक का प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाने का लक्ष्य। जयपुर के रेलवे इंस्टीट्यूट में शनिवार को शुरू हुई 31वीं राज्यस्तरीय इक्विप्ड बेंच प्रेस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के खिलाड़ी इन्हीं लक्ष्यों के साथ मैदान में उतरे हैं। राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए महिला और पुरुष खिलाड़ी सब-जूनियर, जूनियर, सीनियर और मास्टर्स वर्ग में अपनी शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। जयपुर जिला पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन की मेजबानी में करीब 24 साल बाद जयपुर में हो रही इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी जनवरी 2027 में दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। ताकत और तकनीक का इम्तिहान बेंच प्रेस में भारी वजन उठाने के साथ सही तकनीक, नियंत्रण और संतुलन बनाए रखना भी अहम है। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को इन सभी मानकों पर अपना कौशल साबित करना होगा। सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग की विजेता टीमों को टीम चैंपियनशिप से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, प्रत्येक वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला और पुरुष खिलाड़ियों को स्ट्रॉन्ग वुमैन और स्ट्रॉन्ग मैन के खिताब से नवाजा जाएगा। खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह प्रतियोगिता का उद्घाटन उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के मंडल अध्यक्ष सौरभ दीक्षित ने किया। साई कोच पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ और पावरलिफ्टिंग इंडिया के उपाध्यक्ष विनोद साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जयपुर जिला पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह राठौड़, सचिव अश्विनी खण्डेलवाल और कोषाध्यक्ष पवन कुमावत और संयुक्त सचिव नीतू चौहान भी मौजूद रहे। दीक्षित ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और खेल भावना के प्रति प्रेरित करती हैं। प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह रविवार को होगा।  

    राजस्थान विश्वविद्यालय: डॉ. सुरेंद्र सिंह चौहान ने संभाला मुख्य कुलानुशासक का पदभार

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के नए मुख्य कुलानुशासक (चीफ प्रॉक्टर) के रूप में डॉ. सुरेंद्र सिंह चौहान ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। कुलपति प्रो. बी. पी. सारस्वत ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. चौहान, प्रो. आर. ए. शर्मा का स्थान ले रहे हैं, जिनका कार्यकाल 20 अक्टूबर को पूरा हो गया था। इसके बाद से ही चीफ प्रॉक्टर का पद रिक्त चल रहा था।लंबा शैक्षणिक व प्रशासनिक अनुभव डॉ. चौहान के पास विश्वविद्यालय में शिक्षण और प्रशासनिक कार्यों का वृहद अनुभव है। वे वर्ष 1996 से राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही, उन्हें लगभग 15 वर्षों तक एसोसिएट प्रॉक्टर के रूप में कार्य करने का भी अनुभव प्राप्त है। छात्रावास प्रबंधन में भी उनका लंबा अनुभव रहा है; वे अरावली छात्रावास और विवेकानंद छात्रावास के वार्डन रह चुके हैं तथा वर्तमान में जे. सी. बोस छात्रावास के वार्डन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। विभिन्न शैक्षणिक निकायों में सक्रिय भूमिका वर्तमान में डॉ. चौहान राजस्थान विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में निदेशक तथा 'बोर्ड ऑफ स्टडीज' (BOS) के संयोजक हैं। इस भूमिका के तहत वे पाठ्यक्रम निर्माण और शैक्षणिक विषयों से जुड़े कार्यों का दायित्व निभाते हैं। वे अन्य विश्वविद्यालयों के बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य भी हैं। इसके अतिरिक्त, डॉ. चौहान वर्ष 2013 से लगातार राजस्थान विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल के सदस्य हैं और विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य भी रह चुके हैं। उन्हें विभिन्न विश्वविद्यालयों की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में यूजीसी (UGC) नॉमिनी के रूप में भी जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला है।मुख्य कुलानुशासक के सामने प्रमुख प्राथमिकताएं मुख्य कुलानुशासक के रूप में डॉ. चौहान के समक्ष विश्वविद्यालय परिसर में शांति व अनुशासन बनाए रखने, विद्यार्थियों से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों की निगरानी करने और छात्र-छात्राओं की समस्याओं एवं मुद्दों के त्वरित व उचित प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी होगी।  

    जयकारों और पुष्पवर्षा के साथ आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ का भांकरोटा जैन मंदिर में मंगल प्रवेश, 48 दीपों से भक्तामर स्तोत्र की दीप अर्चना, श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से की आराधना

    - रविवार को आर्यिका संघ के सानिध्य में होगा कलशाभिषेक, शांतिधारा एवं विधान पूजन, सामूहिक गोठ के साथ वार्षिक मेले का होगा समापन जयपुर। अजमेर रोड स्थित भांकरोटा के अति प्राचीन एवं अतिशय क्षेत्र दिगंबर जैन मंदिर में दो दिवसीय वार्षिक मेले का शुभारंभ शनिवार को आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ के मंगल प्रवेश के साथ हुआ। इस अवसर पर बैंड-बाजों, जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच श्रद्धालुओं ने आर्यिका संघ का भव्य स्वागत किया। इससे पूर्व आर्यिका संघ ने प्रातः 6:15 बजे कमला नेहरू नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर से विहार प्रारंभ किया। अजमेर रोड एवं भांकरोटा बस स्टैंड होते हुए संघ ने अतिशय क्षेत्र जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया। मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों एवं महिला मंडल की सदस्याओं ने आर्यिका संघ के पाद प्रक्षालन एवं आरती कर अगवानी की। इसके पश्चात मंदिर में विराजमान मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की अति प्राचीन प्रतिमा का कलशाभिषेक किया गया तथा आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी के मुखारविंद से भव्य शांतिधारा संपन्न हुई। अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि मेले के प्रथम दिन प्रातः 9 बजे आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ के मंगल प्रवचन हुए। इसके बाद प्रातः 10 बजे आर्यिका संघ की आहारचर्या प्रारंभ हुई। संध्याकालीन सत्र में शाम 6:15 बजे श्रीजी की महामंगल आरती की गई। इसके पश्चात ब्रह्मचारिणी शैली दीदी के प्रवचन हुए। शाम 7 बजे भांकरोटा जैन समाज की ओर से 48 दीपों के अर्घ समर्पित करते हुए भक्तामर स्तोत्र मंडल पर भव्य दीप अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। मेला मुख्य संयोजक नगेन्द्र सेठी ने बताया कि रविवार को वार्षिक मेले के दूसरे दिन आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। प्रातः 7 बजे श्रीजी का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा होगी। प्रातः 8 बजे आर्यिका श्री विष्णुप्रभा माताजी के मंगल प्रवचन होंगे तथा प्रातः 9:30 बजे आर्यिका संघ की आहारचर्या संपन्न होगी। इसके पश्चात प्रातः 11:15 बजे आर्यिका संघ के सानिध्य में विधान पूजन प्रारंभ होगा। इस दौरान आयोजन के सहयोगियों एवं आमंत्रित अतिथियों का सम्मान-अभिनंदन किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात जैन समाज की सामूहिक गोठ आयोजित होगी। संध्याकालीन सत्र में श्रीजी की महामंगल आरती के साथ दो दिवसीय वार्षिक मेले का समापन होगा।

    रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर ने शिक्षा जगत में रचा नया कीर्तिमान

    एजुकेशनवर्ल्ड स्कूल रैंकिंग 2026–27 में राजस्थान एवं जयपुर में प्रथम तथा भारत में छठा स्थान प्राप्त किया गौरव और सम्मान के ऐतिहासिक क्षण में रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर, जयपुर ने EducationWorld Grand Jury India School Rankings 2026–27 में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करते हुए जयपुर में प्रथम, राजस्थान में प्रथम तथा भारत में छठा स्थान प्राप्त किया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार, प्रभावी नेतृत्व एवं समग्र शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह प्रतिष्ठित सम्मान विद्यालय द्वारा निरंतर विकसित किए जा रहे प्रगतिशील शिक्षण वातावरण का परिणाम है, जहाँ विद्यार्थियों में शैक्षणिक प्रतिभा के साथ-साथ रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, नवाचार और सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित किया जाता है। यह उपलब्धि विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों, समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ विद्यालय को EducationWorld द्वारा Academic Innovation Leadership Award (शैक्षणिक नवाचार एवं नेतृत्व पुरस्कार) से भी सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार एवं रैंकिंग प्रमाणपत्र को दिल्ली में नरेंद्र सिंह रावत, निदेशक, रावत एजुकेशनल ग्रुप ने प्राप्त किया, जिससे संस्थान की प्रतिष्ठा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। विद्यालय की उपलब्धियों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि रावत पब्लिक स्कूल को ब्रिटिश काउंसिल का RIDS सम्मान दो बार प्राप्त हो चुका है। यह विद्यार्थियों में पठन-पाठन की आदतों, वैश्विक दृष्टिकोण तथा सार्थक एवं अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय के निरंतर प्रयासों को प्रतिबिंबित करता है। इस शानदार सफलता पर बी. एस. रावत, चेयरमैन, रावत एजुकेशनल ग्रुप ने संपूर्ण विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई देते हुए सभी के समर्पण, टीमवर्क और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने प्राचार्या मैत्रेयी शुक्ला,शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को इस प्रतिष्ठित उपलब्धि में योगदान देने के लिए बधाई दी तथा शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए मानक स्थापित करने हेतु प्रेरित किया। यह उपलब्धि रावत पब्लिक स्कूल की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शैक्षणिक नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है। साथ ही, यह संस्थान के प्रबंधन की दूरदर्शी सोच, मार्गदर्शन तथा निरंतर सुधार, सहयोग और उत्कृष्टता की संस्कृति विकसित करने के प्रयासों को भी रेखांकित करती है। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पहचान के साथ रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर, नई ऊर्जा, उत्साह और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार, संवेदनशील एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार नागरिक बनाना है, जो राष्ट्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।  

    विशाल उज्जैनिया बने इकाई अध्यक्ष एवं हर्षवर्धन सिंह खर्रा को मिली इकाई मंत्री की जिम्मेदारी

    राजस्थान विश्वविद्यालय में ABVP की सत्र 2026–27 की इकाई घोषित जयपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर की सत्र 2026–27 की नवीन इकाई की घोषणा की गई। इकाई घोषणा कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्विनी शर्मा, प्रांत संगठन मंत्री अरविंद चौधरी एवं प्रांत मंत्री शुभेंद्र सिंह निर्वाण की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को संगठन के उद्देश्यों, कार्यपद्धति तथा राष्ट्र और छात्रहित में किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र के पुनर्निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य करने वाला राष्ट्रव्यापी छात्र संगठन है। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं रचनात्मक कार्यों के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना है। इकाई घोषणा के अंतर्गत विशाल उज्जैनिया को राजस्थान विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष तथा हर्षवर्धन सिंह खर्रा को इकाई मंत्री का दायित्व सौंपा गया। इसके साथ ही संगठन की कार्यपद्धति को प्रभावी बनाने एवं परिसर में छात्रहित के कार्यों को गति देने के लिए अन्य कार्यकर्ताओं को भी विभिन्न दायित्व प्रदान किए गए। नवमनोनीत इकाई अध्यक्ष विशाल उज्जैनिया ने भारत माता के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की समस्याएं ही विद्यार्थी परिषद की समस्याएं हैं और प्रत्येक विद्यार्थी की आवाज को मजबूती से उठाना संगठन की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता विद्यार्थियों के अधिकारों, शैक्षणिक सुविधाओं, छात्रावासों की व्यवस्थाओं, परीक्षा संबंधी समस्याओं तथा विश्वविद्यालय परिसर में व्याप्त अन्य छात्रहित के मुद्दों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। समस्या छोटी हो या बड़ी, विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सामूहिक प्रयासों और सकारात्मक संवाद के माध्यम से उसके समाधान का प्रयास करेंगे।  विशाल उज्जैनिया ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 24 घंटे, 365 दिन परिसर में विद्यार्थियों के हितों के लिए सक्रिय रहने के संकल्प के साथ कार्य करेगी। संगठन का प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी समस्या रखने के लिए एक सशक्त मंच मिले और उसकी आवाज संबंधित प्रशासन तक पहुंचे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग, समर्पण और एकजुटता से राजस्थान विश्वविद्यालय में विद्यार्थी परिषद की गतिविधियों को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन के मूल मंत्र “ज्ञान, शील और एकता” को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखें तथा शिक्षा, राष्ट्रहित और समाजहित से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाएं। नई इकाई की घोषणा के साथ ही राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रहित, शैक्षणिक वातावरण में सुधार, विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत करने के लिए संगठनात्मक कार्यों को नई दिशा देने का संकल्प व्यक्त किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नवीन इकाई ने यह संदेश दिया कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्येक विद्यार्थी की समस्या को प्राथमिकता देते हुए छात्रहित, राष्ट्रहित और समाजहित के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।  

    राजस्थान विश्वविद्यालय में 8वें विश्व सम्मेलन LAECS-2026 का भव्य शुभारंभ

    भारत सहित अनेक देशों के शोधकर्ता प्रस्तुत करेंगे शोधपत्र, 822 से अधिक शोध सारांश प्राप्त जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के यूजीसी-एमएमटीटीसी सभागार में शनिवार को 8वें विश्व सम्मेलन ‘लाइफ साइंसेज, एग्रीकल्चर, एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट सॉल्यूशंस (LAECS-2026)’ का भव्य शुभारंभ हुआ। 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर, वनस्पति विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय तथा AETDS सोसायटी द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन में भारत सहित अमेरिका, तुर्किये, कोरिया, जापान, यूरोप, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, नाइजीरिया, नाइजर, जिम्बाब्वे तथा अन्य देशों के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं की भागीदारी है। सम्मेलन के लिए 822 से अधिक शोध सारांश (Abstracts) प्राप्त हुए हैं। सम्मेलन के दौरान भारत तथा नाइजीरिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल सहित विभिन्न देशों के शोधकर्ता अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवन विज्ञान, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास से जुड़े नवीन शोध निष्कर्षों और वैज्ञानिक नवाचारों पर विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रो. एस.एल. कोठारी ने नवाचार एवं अनुसंधान के व्यावहारिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अकादमिक शोध को औद्योगिक उत्पादों में परिवर्तित करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के परिणामों को प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित न रखकर उद्योग एवं समाज तक पहुंचाना चाहिए। इससे नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और शोध के माध्यम से विकसित तकनीकों का व्यावहारिक उपयोग संभव होगा। प्रो. संतोष मराठा, निदेशक, पीजीएस, एएफयू, नेपाल ने प्राकृतिक जलवायु परिवर्तन तथा उसके पर्यावरण, कृषि एवं मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्यावरणीय जागरूकता तथा सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।  सम्मेलन की अध्यक्ष प्रो. सुमिता कच्छवाहा ने सम्मेलन की अवधारणा, उद्देश्यों एवं वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन विज्ञान, कृषि, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन परस्पर जुड़े हुए क्षेत्र हैं। इन विषयों पर अंतर्विषयक अनुसंधान और वैज्ञानिक सहयोग के माध्यम से ही प्रभावी एवं दीर्घकालिक समाधान विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने सम्मेलन को देश-विदेश के शोधकर्ताओं के लिए अपने अनुभवों और शोध निष्कर्षों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बताया। सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. वाजिद हसन ने सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा कृषि और समाज के परस्पर संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने सम्मेलन के आयोजन, इसके प्रमुख उद्देश्यों और विभिन्न तकनीकी सत्रों की रूपरेखा से भी अवगत कराया। इस अवसर पर AETDS के अध्यक्ष प्रो. सी.पी. सिंह ने सोसायटी के उद्देश्यों एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान, अकादमिक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने में सोसायटी की भूमिका को रेखांकित किया। उद्घाटन समारोह में प्रो. अश्विनी कुमार, डॉ. सुनील छिम्पा एवं दीपक कुमार शर्मा सहित अनेक शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, शोधार्थी और सम्मेलन के प्रतिभागी उपस्थित रहे। तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें विशेषज्ञ एवं शोधकर्ता अपने नवीन शोध निष्कर्ष प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में मौखिक शोध प्रस्तुतियों (Oral Presentations) तथा पोस्टर प्रस्तुतियों (Poster Presentations) के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने अनुसंधान कार्य साझा करने का अवसर मिलेगा। विभिन्न देशों से आए शोधकर्ताओं की सहभागिता से वैज्ञानिक विचारों, नवीन तकनीकों और अनुसंधान आधारित समाधानों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य जीवन विज्ञान, कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के समाधान के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करना है। इसके साथ ही अकादमिक अनुसंधान को नवाचार, तकनीकी हस्तांतरण और औद्योगिक अनुप्रयोगों से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि शोध के परिणामों का लाभ समाज, कृषि और उद्योग तक पहुंच सके। इस प्रकार LAECS-2026 वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और नवाचारकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है, जहां वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से सतत विकास तथा वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

    विश्वविद्यालय महारानी महाविद्यालय में ‘ANANTA FRESHERS 2026’ का भव्य आयोजन

    जयपुर। विश्वविद्यालय महारानी महाविद्यालय, जयपुर में 24 अक्टूबर, 2026 को नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं उनकी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से सावित्री भारतीय सभागार में ‘ANANTA FRESHERS 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति से हुआ। इसके पश्चात् राजस्थानी लोकनृत्य घूमर की मनमोहक प्रस्तुति ने समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिए। प्राचार्या प्रो. नूपुर माथुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनकी प्रतिभाओं को निखारने और आत्मविश्वास विकसित करने के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने छात्राओं को अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं निरंतर प्रयासों से अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। समारोह में श्रीमती नीता बूचरा, डॉ. सुनीता पेरिवाल तथा गेस्ट ऑफ ऑनर श्रीमती कीर्ति राठौड़ उपस्थित रहीं। श्रीमती नीता बूचरा ने छात्राओं को आत्मनिर्भर, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया तथा छात्राओं को हमेसा साकारात्मक रहने के लिए प्रेरित किया। डॉ. सुनीता पेरिवाल ने छात्राओं को अपनी क्षमताओं पहचानने और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। श्रीमती कीर्ति राठौड़ ने आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच को सफलता का आधार बताया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रैंप वॉक प्रतियोगिता रही, जिसमें छात्राओं ने आकर्षक वेशभूषा एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की। प्रतियोगिता में मिस फ्रेशर्स 2026, प्रथम रनर-अप एवं द्वितीय रनर-अप का चयन कर विजेताओं को सम्मानित किया गया। सायंकाल आयोजित डांडिया नाइट में भी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर नवीन शैक्षणिक सत्र की महाविद्यालयीन काउंसिल के पदाधिकारियों को बैज लगाकर सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व एवं संगठनात्मक कौशल विकसित करना रहा। ‘ANANTA FRESHERS 2026’ नवप्रवेशित छात्राओं के लिए महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक परिवेश से जुड़ने का महत्त्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ।  

    तकनीक, रोमांच और रचनात्मकता के संग जेयू टेकफेस्ट के दूसरे दिन युवाओं ने जमकर दिखाया दमखम

    हैकाथॉन के विजेताओं को किया गया सम्मानित; कोडिंग, रोबो वॉर और गेमिंग मुकाबलों में दिखा उत्साह, डीजे की धुनों पर झूमे विद्यार्थी जयपुर। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में आयोजित तीन दिवसीय ‘जेयू टेकफेस्ट 2026’ के दूसरे दिन तकनीक, नवाचार, रोमांच और मनोरंजन का शानदार संगम देखने को मिला। दिनभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान की क्षमता, रणनीतिक सोच और टीमवर्क का प्रदर्शन किया। दिन का प्रमुख आकर्षण हैकाथॉन के विजेताओं का सम्मान रहा, जहाँ वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान विकसित करने वाली प्रतिभाशाली टीमों को उनके नवाचार और प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया गया। ‘बिल्ड, क्रिएट, इनोवेट’ थीम पर आधारित टेकफेस्ट में देशभर से आए विद्यार्थी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने और तकनीकी कौशल को परखने में जुटे रहे। हैकाथॉन के विजेताओं को किया गया सम्मानित हैकाथॉन में प्रतिभागियों ने ऑनलाइन ठगी से बचाव, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, मेडिकल रिपोर्ट को सरल भाषा में समझने और अन्य वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक आधारित प्रोटोटाइप तैयार किए। निर्धारित समय में उपयोगी और व्यावहारिक समाधान विकसित करने वाली टीमों ने अपनी रचनात्मकता, तकनीकी समझ और टीमवर्क का परिचय दिया। समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान हैकाथॉन के विजेताओं को सम्मानित किया गया। हैकाथॉन विजेता: नागपुर के सुरधा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के छात्र यथार्थ डोनार और अथर्व ठाकरे ने 24 घंटे के हैकाथॉन में ओपन इनोवेशन थीम के तहत हेल्थकेयर एवं असिस्टेंस श्रेणी में काम किया। उन्होंने एक डिजिटल पुनर्वास प्लेटफॉर्म तैयार किया, जिसका उद्देश्य दुर्घटनाओं या सर्जरी के बाद बच्चों के लिए पुनर्वास की प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाना है। उनके इस नवाचार को हैकाथॉन में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।   कोडिंग, रोबोटिक्स और गेमिंग मुकाबलों में दिखा उत्साह टेकफेस्ट के दूसरे दिन कोडिंग, रोबोटिक्स, रिमोट-कंट्रोल गतिविधियों, डिजिटल गेमिंग और रचनात्मक तकनीकी चुनौतियों ने विद्यार्थियों को उत्साहित रखा। कोड हंट और प्रॉम्प्टिफाई जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने तार्किक सोच, कोडिंग कौशल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। वहीं, बीजीएमआई, फीफा, रियल क्रिकेट, माइनक्राफ्ट और वैलोरेंट जैसे गेमिंग मुकाबलों में प्रतिभागियों ने रणनीति, एकाग्रता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का परिचय दिया। रोबोटिक्स और इंजीनियरिंग से जुड़ी प्रतियोगिताएँ भी आकर्षण का केंद्र रहीं। 8 किलोग्राम, 15 किलोग्राम और 3 एलबीएस रोबो वॉर, रोबो सूमो, आरसी बैशर और आरसी हर्डल जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने रोबोट डिजाइन, इंजीनियरिंग और नियंत्रण कौशल का प्रदर्शन किया। गो-कार्टिंग ने भी प्रतिभागियों में खास उत्साह पैदा किया। इन प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी क्षमताओं को परखने, नए विचारों को आजमाने और प्रतिस्पर्धा के साथ एक-दूसरे से सीखने का अवसर दिया। कल्चरल नाइट में डीजे की धुनों पर झूमे विद्यार्थी दिनभर तकनीकी मुकाबलों और रोमांचक गतिविधियों के बाद आयोजित कल्चरल नाइट में टेकफेस्ट का माहौल संगीत और मस्ती से सराबोर हो गया। डीजे की धुनों पर विद्यार्थियों ने जमकर डांस किया और गाने गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। उत्साह और उमंग से भरी इस शाम में विद्यार्थियों ने अपने दोस्तों के साथ यादगार पल बिताए। नवाचार, प्रतिस्पर्धा और मनोरंजन का संगम जेयू टेकफेस्ट 2026 का दूसरा दिन विद्यार्थियों के लिए तकनीकी प्रयोग, प्रतिस्पर्धा और सहयोग का महत्वपूर्ण अवसर रहा। हैकाथॉन के विजेताओं का सम्मान इस आयोजन का प्रमुख पड़ाव रहा, जबकि कोडिंग, रोबोटिक्स और गेमिंग प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच दिया। वहीं, कल्चरल नाइट ने आयोजन में मनोरंजन और उत्साह के रंग भर दिए। तीन दिवसीय टेकफेस्ट के माध्यम से जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने, वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसरों की पहचान करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

    विद्यालय परिसर में माध्यमिक कक्षाओं का वार्षिकोत्सव 'दिव्यता से नियति तक' धूमधाम से संपन्न

    जयपुर. आज नीरजा मोदी विद्यालय परिसर में माध्यमिक कक्षाओं का वार्षिक उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। "दिव्यता से नियति तक" थीम पर आधारित इस विशेष कार्यक्रम में पौराणिक कथाओं, संगीत, नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियों का अद्भुत और अप्रतिम संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। इसमें लगभग 722 विद्यार्थियों को शिक्षा, खेलकूद, नेतृत्व क्षमता एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों (Co-curricular activities) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत और सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात भव्य 'त्रिदेवी' मंचन किया गया। इस प्रस्तुति ने समृद्धि, शक्ति और ज्ञान का सुंदर संदेश दिया। मंच प्रस्तुति में महाभारत के महान पात्रों—एकलव्य, अभिमन्यु और अर्जुन के प्रेरणादायक जीवन प्रसंगों का सजीव चित्रण किया गया, जो साहस, समर्पण और दृढ़ता की भावना से ओत-प्रोत थे। इसी श्रृंखला में पश्चात्य संगीत एवं नृत्य खंड के अंतर्गत "गुड मॉर्निंग", "नाइसेस्ट किड्स इन टाउन", "वेल्मा एंड इंट्रो", "रन एंड टेल", और "दैट यू कांट स्टॉप द बीट" जैसी ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा 'द ग्रेटेस्ट शोमैन' की प्रस्तुति में "मिलियन ड्रीम्स", "दिस इज मी" एवं "द ग्रेटेस्ट शो" को शामिल किया गया। इनके माध्यम से विद्यार्थियों ने सभी को अपनी विशिष्टता को पहचानने और निडरता से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। शानदार समापन कार्यक्रम के अंत में आयोजित भव्य फिनाले (Grand Finale) में विद्यार्थियों की ऊर्जा, उत्साह और प्रतिभा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मानवीय मूल्यों, रचनात्मकता, कलात्मकता और टीम भावना से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम ने सभी के दिलों पर अविस्मरणीय और मधुर क्षणों की छाप छोड़ी।  

    प्रशिक्षणार्थियों ने सीखें लोकवाद्यों के हुनर

    सप्त दिवसीय लोकवाद्य कार्यशाला संपन्न कला साहित्य संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग जयपुर और राजस्थान शिक्षक प्रशिक्षण विद्यापीठ शाहपुरा बाग के संयुक्त तत्वावधान में लोकवाद्यों के संरक्षण हेतु चल रही सप्त दिवसीय कार्यशाला का समापन बुधवार को हुआ । इस अवसर पर बृजकिशोर शर्मा व डॉ. राजकुमार जोशी ने उद्बोधन में कहा कि संगीत का जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है ।लोकवाद्यो के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों में सृजनात्मकता, सौंदर्यबोध एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास किया जा सकता है।लोक वाद्य विशेषज्ञ आर डी गौड़ तथा वीरेंद्र जैन ने विद्यापीठ के प्रशिक्षणार्थियों के साथ अलगोजा, बांसुरी, मोरचंग, ढोलक द्वारा महारा छेल भंवर सा अलगोजा जैसे लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी । लोकवाद्य कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्राचार्य डॉ. मनीषा शर्मा ने कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि संगीत आराधना और औषधि दोनों का काम करता है।लोक संगीत और लोक वाद्ययंत्रों से जुड़ी कार्यशालाएँ संस्कृति और संगीत प्रेमियों के लिए पारंपरिक वाद्ययंत्रों को सीखने, समझने और संरक्षित करने का बेहतरीन माध्यम हैं कार्यक्रम समन्वयक अरुणा शर्मा ने उपस्थित पदाधिकारियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम संचालन डॉ. कविता भारद्वाज ने किया  

    सीनियर महिला टी-20 ट्रॉफी के लिए राजस्थान टीम चंडीगढ़ रवाना

    राजस्थान का पहला मुकाबला 26 को हरियाणा से जयपुर। बीसीसीआई की सीनियर महिला टी-20 लीग में हिस्सा लेने के लिए राजस्थान की महिला टीम सुमन मीणा की कप्तानी में आज चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गई। टूर्नामेंट में राजस्थान टीम अपने अभियान की शुरुआत 26 अक्टूबर को पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के न्यू चंडीगढ़ ग्राउंड पर हरियाणा के खिलाफ मुकाबले से करेगी। इसके बाद राजस्थान टीम 27 अक्टूबर को सौराष्ट्र, 29 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, 31 अक्टूबर को मध्य प्रदेश, 2 नवम्बर को बड़ौदा, 4 नवम्बर को आंध्र प्रदेश और 6 नवम्बर को ओडिशा के खिलाफ अपने लीग मुकाबले खेलेगी। सभी मैच न्यू चंडीगढ़ में खेले जाएंगे। राजस्थान टीम : सीजे भाटी (विकेट कीपर), डिम्पल कंवर, हैप्पी कुमारी, ज्योति चौधरी, मेघा सैनी, रिंकू, संगीता कुमावत, शानु सेन, श्रेया जोशी, सिद्धि शर्मा, सोनल कलाल, सुमन मीणा (कप्तान), सुमित्रा जाट, तनिका शर्मा, तनुजा वैष्णव।