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    926 रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों की पुनर्नियुक्ति के विरोध में युवा आयुर्वेद चिकित्सकों ने उठाई आवाज

    जयपुर।डॉ. भंवर चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवा आयुर्वेद चिकित्सकों ने राजस्थान आयुर्वेद विभाग द्वारा 926 रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों की पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश का विरोध करते हुए उपमुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य के हजारों बेरोजगार आयुर्वेद चिकित्सकों के हितों की रक्षा हेतु सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। डॉ. भंवर चौधरी ने कहा कि राजस्थान में लगभग 10,000 आयुर्वेद स्नातक, एम.डी. एवं पीएच.डी. योग्यताधारी युवा चिकित्सक रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद 926 रिक्त पदों पर नई भर्ती करने के स्थान पर सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों की पुनर्नियुक्ति किया जाना युवाओं के साथ अन्याय है। युवा आयुर्वेद चिकित्सकों की प्रमुख मांगें: 1. आयुर्वेद विभाग द्वारा जारी सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों की पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए। 2. विभाग में रिक्त 926 पदों सहित सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। 3. सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) एवं मेडिकल आफिसर्स तथा अन्य शैक्षणिक पदों पर केवल NCISM मानकों के अनुरूप योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए तथा शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय पदों का पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए। जो कि 2021 से 6 साल से राजस्थान की 8 राजकिय आयुर्वेद महाविद्यालयों में सेवारत चिकित्सको को डेपुटेशन पर रख कर काम चला रहे हैं। 4. बेरोजगार आयुर्वेद चिकित्सकों को संविदा, अस्थायी एवं पुनर्नियुक्ति आधारित व्यवस्था के स्थान पर नियमित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। डॉ. चौधरी ने कहा कि युवा चिकित्सक सरकार से केवल न्यायसंगत अवसर और नियमित भर्ती की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो राज्यभर के युवा आयुर्वेद चिकित्सक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

    छात्र हितों की लड़ाई में अडिग: राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र नेता शुभम रेवाड़ की भूख हड़ताल 11वें दिन भी जारी, SMS अस्पताल से भी संघर्ष जारी

    छात्र हितों की लड़ाई में अडिग: राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र नेता शुभम रेवाड़ की भूख हड़ताल 11वें दिन भी जारी, SMS अस्पताल से भी संघर्ष जारी जयपुर/राजस्थान: राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ का आमरण अनशन आज 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। पिछले दिनों स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड़ने पर उन्हें सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी और अस्पताल में इलाज के बावजूद उनका हौसला और इरादे अडिग हैं—भूख हड़ताल अस्पताल के बेड से भी पूरी मजबूती के साथ जारी है। छात्र नेता शुभम रेवाड़ और आंदोलनरत छात्र समुदाय निम्नलिखित मुख्य मांगों को लेकर डटे हुए हैं: प्रदेश में छात्र संघ चुनावों की बहाली : छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए छात्र संघ चुनाव तुरंत कराए जाएं। राजस्थानी भाषा विभाग (Department ) की स्थापन : राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रदेश की मातृभाषा 'राजस्थानी' के लिए पृथक विभाग का गठन किया जाए। विभिन्न नेताओं और छात्र संगठनों का भारी समर्थन शुभम रेवाड़ के इस संघर्ष को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है: लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने अस्पताल पहुंचकर शुभम रेवाड़ का हाल-चाल जाना और उनकी मांगों को पूरी तरह जायज ठहराते हुए अपना सीधा समर्थन व्यक्त किया। इसके साथ ही सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) अध्यक्ष रौनक खत्री सहित कई प्रमुख नेताओं व छात्र प्रतिनिधियों ने शुभम रेवाड़ की मांगों का समर्थन किया है तथा सरकार से तुरंत वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है। "सांसें भले ही कमजोर हों, लेकिन इरादे बुलंद हैं" अस्पताल के बेड से अपने संदेश में शुभम रेवाड़ ने स्पष्ट किया है कि जब तक राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक यह अनशन समाप्त नहीं होगा। छात्र समुदाय ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन न्यायसंगत मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।  

    प्रो.मोहन लाल शर्मा, डॉ. विनोद बिहारी शर्मा ने किया पीठाध्यक्ष के पद पर कार्यभार विश्वविद्यालय के कुलगुरु से की शिष्टाचार भेंट

    शोध एवं विश्वविद्यालय के विकास की भावी योजनाओं पर हुई चर्चा जयपुर। जगतगुरु रामान्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद् की 76वीं बैठक (दिनांक 18 जुलाई 2026) में लिए गए निर्णय के क्रम में विश्वविद्यालय की विभिन्न शोध पीठों पर पीठाध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को दो पीठाध्यक्षों ने विधिवत पदभार ग्रहण किया। विश्वविद्यालय के अनुसन्धान केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में भट्टमथुरानाथ शास्त्री साहित्यपीठ के पीठाध्यक्ष के रूप में प्रो. विनोद बिहारी शर्मा तथा पद्मभूषण पट्टाभिराम शास्त्री मीमांसा एवं धर्मपीठ के पीठाध्यक्ष के रूप में प्रो. मोहन लाल शर्मा ने अनुसन्धान केन्द्र के निदेशक प्रो. राजधर मिश्र की उपस्थिति में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के उपरांत दोनों विद्वानों ने विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मदनमोहन झा से शिष्टाचार भेंट कर संबंधित पीठों के माध्यम से संचालित किए जाने वाले अनुसंधान कार्यों, भावी योजनाओं तथा विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक, शोध एवं संस्थागत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। कुलगुरु ने दोनों पीठाध्यक्षों से भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत वाङ्मय तथा भारतीय दर्शन के विविध आयामों पर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, प्रकाशन एवं अकादमिक गतिविधियों को गति देने का आह्वान किया। इस अवसर पर दोनों पीठाध्यक्षों ने विश्वविद्यालय के छात्रावास में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के सहयोग से निःशुल्क भोजन व्यवस्था प्रारम्भ कराने तथा छात्र भोजन व्यवस्था के लिए ₹21 लाख का सहयोग उपलब्ध कराने हेतु कुलगुरु प्रो. मदनमोहन झा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। उल्लेखनीय है कि कार्यपरिषद् के निर्णयानुसार महाकविज्ञानसागर जैनदर्शनपीठ, सवाई जयसिंह ज्योतिर्विज्ञानपीठ, भट्टमथुरानाथ शास्त्री साहित्यपीठ, पं. नित्यानन्द शास्त्री आधुनिक संस्कृतपीठ तथा पद्मभूषण पट्टाभिराम शास्त्री मीमांसा एवं धर्मपीठ सहित विश्वविद्यालय के अनुसन्धान केन्द्र की सभी आठ रिक्त शोध पीठों पर पीठाध्यक्षों का चयन पूर्ण हो चुका है। कुलगुरु प्रो. मदनमोहन झा के मार्गदर्शन में इन शोध पीठों के माध्यम से व्यापक, उच्चस्तरीय एवं परिणामोन्मुख अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार के लिए विभिन्न कार्ययोजनाएँ तैयार की जा रही हैं।  

    शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं, दिल्ली कूच करेंगे हजारों शिक्षक

    शिक्षक संघ (सियाराम) की स्थाई समिति की बैठक में लिए कई अहम निर्णय जयपुर : राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के संरक्षक मंडल एवं स्थाई समिति के सदस्यों की संयुक्त बैठक आज संगठन के प्रांतीय कार्यालय में मुख्य संरक्षक व प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा के सानिध्य एवं प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा के अनुसार बैठक में शिक्षकों की विभिन्न मांगों व समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर संगठन पिछले एक वर्ष से आंदोलनरत है।आंदोलन के तहत संगठन द्वारा उप शाखा व जिला स्तर पर प्रदर्शन व ज्ञापन, जिला मुख्यालयों पर सद्बुद्धि यज्ञ व रामगंजमंडी में विशाल शिक्षक रैली का आयोजन किया गया लेकिन शिक्षा मंत्री व विभाग द्वारा मांग पत्र पर अब तक कोई सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया गया। संघर्ष समिति के संयोजक उम्मेद सिंह डूडी ने बताया कि शिक्षा, शिक्षार्थियों व शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के उदासीन व तानाशाहीपूर्ण रवैये के विरोध में संगठन आगामी दिनों में हजारों शिक्षकों के साथ दिल्ली कूच कर आंदोलन करेगा।साथ ही बैठक में तृतीय वेतन श्रंखला शिक्षक संघर्ष समिति द्वारा स्थानांतरण की मांग को लेकर 5 अगस्त को जयपुर में आयोजित आंदोलन को राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा भी की गई। पीईईओ सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रति माह चार रात्रि विश्राम गाँवों में करने के हाल ही में जारी आदेशों को पूर्णतया अव्यावहारिक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। बैठक में संगठन के सदस्यता अभियान,कार्यकर्ताओं के अभ्यास वर्ग, प्रवास कार्यक्रम व संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की गई।  

    पुरस्कृत शिक्षक फोरम राजस्थान की राज्य स्तरीय चिंतन बैठक में कहीं

    जयपुर। शिक्षा विभाग प्रदेश के पुरस्कृत शिक्षकों को सामान्य से विशिष्ट शिक्षक का दर्जा देता आया है। स्थानांतरण में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कृत शिक्षकों को प्राथमिकता देने के आदेश जारी कर रखे हैं। भविष्य में स्थानांतरण नीति में भी पुरस्कृत शिक्षकों को प्राथमिकता देने पर विचार किया गया है। यह बात स्कूल शिक्षा विभाग के विशेषाधिकारी एवं सलाहकार बी. के गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में उद्बोधन में पुरस्कृत शिक्षक फोरम राजस्थान की राज्य स्तरीय चिंतन बैठक में कहीं। सुभाष चौक स्थित सेंट माइकल स्कूल में आयोजित चिंतन बैठक में प्रदेश के 26 जिलों के 70 प्रतिनिधियों ने भाग लिया । चिंतन बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने सर्वसहमति से निर्णय लिया कि राज्य सरकार से विशेष वेतन वृद्धि देने के लंबित प्रस्ताव की स्वीकृति वित्त विभाग जारी करने के लिए दबाव बनाया जाएगा। पुरस्कृत शिक्षक फोरम के महासचिव रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता फोरम अध्यक्ष निर्मल ग्रोवर ने की बैठक में लगभग सभी जिलों के प्रतिनिधियों ने विचार रखें ।फोरम कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा कार्यालय सचिव महेश बाबू शर्मा तथा विष्णु दत्त शर्मा ने मंच संचालन किया स्कूल प्रधानाचार्य एन डी सिल्वा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

    सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के दो साल पुरे होने पर सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रो. रमेश कुमार रावत ने शिष्टाचार भेट कर शुभकामना दी

    सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के 31 जुलाई को दो साल पुरे होने पर सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गैंगटोक, सिक्किम के कुलसचिव एवं राजस्थान प्रदेश के जयपुर जिले की चोमू तहसील के अशोक विहार कॉलोनी के निवासी प्रो. (डॉ) रमेश कुमार रावत ने रविवार 2 अगस्त को लोक भवन मे सिक्किम के महामहिम राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से शिष्टाचार भेट कर शुभकामना दी एवं उनसे आशीर्वाद लिया! इस अवसर पर प्रो. (डॉ) रमेश कुमार रावत ने सिक्किम के महामहिम राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम का प्रचलित पटका, शॉल पहनाया, गुलदस्ते भेट किये एवं रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रीय गान का फोटो फ्रेम प्रदान किया! गौरतलब है कि सिक्किम प्रदेश के अब तक के सभी राज्यपाल मे से सिक्किम के महामहिम राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर एक मात्र ऐसे राज्यपाल है जिन्होंने 75 साल की उम्र मे एक युवा का जोश एवं दम खम रखते हुए, बिना थके निरंतर, मोसम की बिना परवाह किये सर्दी, बारिश, बर्फ बारी, लैंड स्लाईड को दरकिनार करते हुए एक साहसी एवं सच्चे सिपाही एवं सैनिक की तरह सर्वाधिक बार भारत चीन सीमा पर गैंगटोक से 5500 फीट की उचाई से लेकर सबसे अधिक उचाई करीब 19000 फीट की उचाई तक सेना की विभिन्न पोस्ट, पड़ाव, सेना स्थल पर अनेक बार यहाँ जाकर अनेक बार सेना के जवानों से मुलाकात कर नित नए कीर्तिमान स्थापित कर देश दुनिया भर मे अपार देश भक्ति का संदेश आम जनता को दिया! आप ने उनकी आवश्यकता को जाना, सेना का मनो बल बढाया, अनेक सुविधा आप के प्रयासों से उनको उपलब्ध करवाई, सेना के शहीद जवानों की स्मृति मे उनकी मूर्ति स्थापना, इसमारक बनवाए! यह आप की देश की सुरक्षा, सेना की मजबूती के प्रति दूरदर्शिता को तो दिखाती ही हैं, इसके साथ ही आप के नेतृत्व मे सिक्किम की जनता ही नहीं देश की जनता भी भारत चीन सीमा से खुद को सुरक्षित महसूस करती है! आप ने इन दो सालों मे सिक्किम लोक भवन के कर्मचारियों के लिए वेल्फेयर के अनेक कार्य, सिक्किम की जनता से सीधा संवाद, सिक्किम के लघु उद्योग को बढावा, सिक्किम की विश्व प्रसिद्ध ओर्गनिक खेती के मॉडल को देश भर मे प्रचलन मे लाने की बार बार अपील एवं प्रयासों की पुर जोर समर्थन की बात विभिन्न मंचों से करना, एक महीने मे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रास्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, उप राष्ट्रपति सी. पी. राधा कृष्णनं का आप के सार्थक प्रयासों से सिक्किम मे आना, सिक्किम की जनता जनार्धन से रू ब रू होना आप का सिक्किम की जनता के प्रति अपार प्रेम को दर्शता है! आप के अनेक जनहित, रचनात्मक के कार्यो, कुशल कार्य शैली के कारण आप इन दो वर्षों मे ही सिक्किम की जनता के बीच आप " ओम जी भाई साहब " के नाम से बहुत लोक प्रिय हो चुके है कि, आप से किसी भी समय सिक्किम की जनता मुलाकात कर अपने विचार सांझा कर सकती है!  

    जयपुर के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, IMS ACE कॉमर्स एवं ह्यूमैनिटीज़ ओलंपियाड का सफल आयोजन

    जयपुर। IMS जयपुर द्वारा आयोजित IMS ACE कॉमर्स एवं ह्यूमैनिटीज़ ओलंपियाड 2026 का सफल आयोजन रविवार को ज्ञान आश्रम स्कूल, जयपुर में किया गया। इस परीक्षा में जयपुर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह ओलंपियाड विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था जो 12वीं के बाद IPMAT, CUET, CLAT तथा देश के अन्य शीर्ष कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं। परीक्षा का प्रश्न-पत्र इन्हीं प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक प्रवेश परीक्षा के स्तर और प्रश्नों की प्रकृति का अनुभव मिल सके। IMS जयपुर के निदेशक उज्ज्वल नागर के अनुसार इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलता है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में किस प्रकार के एप्टीट्यूड, लॉजिकल रीजनिंग, क्वांटिटेटिव एबिलिटी और इंग्लिश आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। इससे उन्हें अपनी तैयारी का सही मूल्यांकन करने और आगे की रणनीति बनाने में सहायता मिलती है। 200 से अधिक विद्यार्थियों ने दी IMS ACE कॉमर्स एवं ह्यूमैनिटीज़ ओलंपियाड परीक्षा ओलंपियाड का परिणाम 5 अगस्त 2026 को घोषित किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ₹6 लाख तक की छात्रवृत्ति एवं आकर्षक नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही शहर एवं विद्यालय स्तर पर भी मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर IMS जयपुर ने घोषणा की कि IPMAT 2027 का नया बैच 8 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने जा रहा है। संस्थान के अनुसार यह बैच उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा जो IIM Indore, IIM Rohtak, IIM Jammu, IIFT, NALSAR, DU तथा अन्य प्रमुख संस्थानों में प्रवेश का लक्ष्य रखते हैं।  

    महाराजा सवाई मान सिंह विद्यालय में दो दिवसीय यूथ कॉन्क्लेव "Push the Envelope" आयोजित: युवाओं ने वैश्विक एवं समसामयिक मुद्दों पर रखी बेबाक राय

    जयपुर। महाराजा सवाई मान सिंह विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय युवा संवाद कार्यक्रम (Youth Conclave - "Push the Envelope") में विभिन्न प्रांतों से आए लगभग 70 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और ज्वलंत सामाजिक, राजनैतिक तथा वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार प्रखरता से व्यक्त किए। नई शिक्षा नीति (NEP) पर सवाल और सुझाव संवाद के प्रथम सत्र में 'नई शिक्षा नीति (NEP) ने सुधारों की अपेक्षा अधिक भ्रम उत्पन्न किया है' विषय पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने कहा कि एनईपी एक अच्छी मार्गदर्शिका है, लेकिन धरातल पर इसका समुचित क्रियान्वयन दिखाई नहीं दे रहा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पाठ्यक्रम में से उपयोगी विषयों को हटाकर सरकार की मंशा के अनुसार सामग्री जोड़ी जा रही है। उन्होंने शिक्षा नीति के निर्माण में शिक्षाविदों को शामिल करने की मांग की। इस सत्र का संचालन विद्याआश्रम स्कूल की प्राचार्या प्रीति संगवान ने किया। संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की प्रासंगिकता 'संयुक्त राष्ट्र संगठन अपनी प्रासंगिकता खो चुका है' विषयक सत्र में प्रतिभागियों ने वैश्विक युद्धों को रोकने में संयुक्त राष्ट्र की नाकामी पर चिंता जताई। कुछ वक्ताओं ने सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी देशों के विशेषाधिकार (Veto Power) को यूएनओ की असफलता का मुख्य कारण बताया और कहा कि अब विभिन्न राष्ट्रों को अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी। हालांकि, UNICEF, UNESCO तथा अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय जैसे अंगों के कार्यों की सराहना भी की गई। इस सत्र का संचालन सतगुरु स्कूल अजमेर के प्राचार्य संजय दत्ता ने किया। सशक्त लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष की भूमिका 'मजबूत विपक्ष की अनिवार्यता' पर बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि मजबूत विपक्ष के अभाव में सरकार के निरंकुश होने का खतरा बढ़ जाता है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केवल विरोध के लिए विरोध करना अनुचित है, बल्कि सकारात्मक भूमिका आवश्यक है। इस सत्र का संचालन जहा्नवी शर्मा ने किया। मुफ़्त की रेवड़ियां या जनकल्याण? चौथे सत्र में अर्थव्यवस्था पर 'मुफ़्त की रेवड़ियों' (Freebies) के प्रभाव पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने माना कि असहाय व पिछड़े वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं संविधान के अनुरूप हैं, लेकिन केवल वोट हासिल करने के लिए बांटी जाने वाली मुफ्त योजनाएं अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाती हैं। इस सत्र का संचालन पत्रकार अर्चना शर्मा ने किया। एआई (AI), धर्म और पाखंड पर मंथन • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): हेमतिका राठौड़ द्वारा संचालित सत्र में छात्रों ने बताया कि एआई ने कार्यों को सुगम बनाया है, परंतु यह मानवीय बुद्धिमत्ता के विकास में रुकावट भी पैदा कर सकता है। • धार्मिक उपदेशक व अंधविश्वास: रुचिता माथुर द्वारा संचालित सत्र में वक्ताओं ने ढोंगी बाबाओं और अंधविश्वास पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ढोंग और अनैतिक कृत्यों के बावजूद राजनैतिक संरक्षण के कारण ऐसे बाबा बच निकलते हैं, जो कि चिंताजनक है। कार्यक्रम के अंत में रंजीता माथुर ने जानकारी दी कि प्रत्येक सत्र से एक-एक श्रेष्ठ प्रतिभागी को पुरस्कृत किया जाएगा। अन्य शेष सत्रों में भी विभिन्न ज्वलंत विषयों पर चर्चा जारी है।  

    दिल्ली कैंट पर ट्रेनों के बंद ठहराव के विकल्प के रूप में पालम स्टेशन पर ठहराव की उठी मांग रेल मंत्री,

    उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक एवं दिल्ली मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन, 13 ट्रेनों के पालम स्टेशन पर अस्थायी ठहराव की मांग जयपुर। दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के चलते 1 अगस्त से 13 अक्टूबर 2026 तक 13 महत्वपूर्ण ट्रेनों का दिल्ली कैंट स्टेशन पर अस्थायी ठहराव बंद किए जाने के निर्णय के बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इसको लेकर समस्त दैनिक यात्रीगण, जयपुर–दौसा– बाँदीकुई राजगढ़ अलवर–खैरथल–रेवाड़ी–दिल्ली कैंट रेल यात्री संघ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, महाप्रबंधक, उत्तर पश्चिम रेलवे (जयपुर) तथा दिल्ली मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन भेजकर सभी प्रभावित ट्रेनों का पालम रेलवे स्टेशन पर अस्थायी ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन प्रतिदिन हजारों यात्रियों की जीवनरेखा है। राजस्थान के जयपुर, दौसा, अलवर, खैरथल, रेवाड़ी सहित विभिन्न स्टेशनों से बड़ी संख्या में यात्री भारतीय सेना, वायुसेना, पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, केंद्रीय एवं राज्य सरकारी विभागों, निजी कंपनियों तथा शैक्षणिक संस्थानों में सेवाएं देने के लिए प्रतिदिन दिल्ली कैंट क्षेत्र पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश कर्मचारी सुबह ट्रेन से दिल्ली पहुंचकर शाम को वापस अपने गृह नगर लौटते हैं। यात्री संघ ने बताया कि ट्रेन संख्या 12985 जयपुर–दिल्ली सराय रोहिल्ला डबल डेकर एक्सप्रेस सहित 13 ट्रेनों का दिल्ली कैंट पर ठहराव बंद होने से यात्रियों को अब दिल्ली सराय रोहिल्ला स्टेशन पर उतरना पड़ रहा है। वहां से दिल्ली कैंट और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने में करीब दो घंटे अतिरिक्त समय तथा अतिरिक्त परिवहन व्यय वहन करना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर दैनिक यात्रियों, महिलाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। संघ ने अपने ज्ञापन में सुझाव दिया है कि जब तक दिल्ली कैंट स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य जारी है, तब तक इन ट्रेनों का निकटवर्ती पालम रेलवे स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया जाए। पालम स्टेशन दिल्ली कैंट क्षेत्र के सबसे निकट होने के कारण लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी तथा समय और धन दोनों की बचत होगी। यात्री संघ ने जिन ट्रेनों के पालम स्टेशन पर अस्थायी ठहराव की मांग की है, उनमें 22481 जोधपुर–दिल्ली सराय रोहिल्ला, 12985 जयपुर–दिल्ली सराय रोहिल्ला डबल डेकर, 12065 अजमेर–दिल्ली सराय रोहिल्ला जनशताब्दी, 22949 बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला, 20487 बाड़मेर–दिल्ली सराय रोहिल्ला, 20983 भुज–दिल्ली सराय रोहिल्ला, 15013 जैसलमेर–काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस, 20963 साबरमती–वाराणसी, 19601 उदयपुर सिटी–न्यू जलपाईगुड़ी, 12372 बीकानेर–हावड़ा, 20984 दिल्ली सराय रोहिल्ला–भुज, 12066 दिल्ली सराय रोहिल्ला–अजमेर जनशताब्दी तथा 22950 दिल्ली सराय रोहिल्ला–बांद्रा टर्मिनस शामिल हैं। यात्री संघ ने कहा कि रेलवे द्वारा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यदि निर्माण कार्य की अवधि तक पालम स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया जाता है तो इससे प्रतिदिन हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। संघ ने रेल प्रशासन से इस जनहित से जुड़े विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।  

    प्लास्टिक कचरा संग्रहण अभियान का आयोजन किया

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में 1 अगस्त को प्लास्टिक कचरा संग्रहण अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के तहत 130 किलो प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर बिसलेरी इंडिया लिमिटेड को पुनर्नवीनीकरण एवं पुनर्चक्रण के लिए दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और उसे पुनः उपयोग के लिए एकत्रित करना था व समाज को यह संदेश देना था कि “यूज्ड प्लास्टिक कचरा नहीं है, यह पुनः उपयोग योग्य है।“ इस पहल से यह स्पष्ट किया गया कि प्लास्टिक कचरे को सही तरीके से पुनर्नवीनीकरण किया जाए तो यह पर्यावरण के लिए हानिकारक होने के बजाय उपयोगी बन सकता है। छात्राओं और स्टाफ़ को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने घरों से उपयोग की हुई प्लास्टिक की बोतलें और अन्य प्लास्टिक सामग्री इस अभियान में जमा करें। स्वयंसेविकाओं ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से प्लास्टिक के पुनर्चक्रण के महत्व को समझाया। “यूज्ड प्लास्टिक को कचरे में न फेंके, उसे पुनः उपयोग में लाएं” जैसे नारे लगाए गए। एकत्रित प्लास्टिक सामग्री को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया ताकि इसे सही तरीके से पुनर्नवीनीकरण के लिए भेजा जा सके। बड़ी मात्रा में प्लास्टिक बोतलें, पॉलिथीन और अन्य प्लास्टिक सामग्री एकत्र की गई। इन सामग्रियों को आगे पुनर्चक्रण केंद्र भेजने की व्यवस्था की गई। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया इस अभियान ने छात्राओं और स्टाफ़ को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से जोड़ा और प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया एवं इस पहल से न केवल प्लास्टिक कचरा कम हुआ, बल्कि पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी उठाया गया। महाविद्यालय की यह पहल अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और पर्यावरण संरक्षण में सहायक सिद्ध होगी। आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. सारिका कौल ने कहा कि यह गतिविधि स्वच्छता एवं सतत विकास सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लक्ष्यों की दिशा में छात्राओं के योगदान को और मजबूत करेगी। इस अभियान में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आंचल पुरी, डाॅ. विजय लक्ष्मी गुप्ता एवं चारुल शर्मा की सक्रिय भूमिका रही ।  

    सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने वृक्षारोपण कर सादगी से मनाया जन्मदिन

    जयपुर। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन के इस दौर में श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति के सचिव सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने अपने जन्मदिवस के शुभ अवसर पर वृक्षारोपण कर जीवन के नववर्ष की शुरूआत की। उन्होंने किसी भी तड़क-भड़क वाले आयोजन की जगह वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। उन्होंने अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर भवानी निकेतन परिसर में फलदार और छायादार पौधे रोपे। इस अवसर पर उपस्थित छात्र/छात्राओं, शिक्षाविद् और समाजसेवियों ने बताया कि विकास की अंधी दौड़ में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जिससे धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है, ऐसे संकट के समय में हर व्यक्ति को अपने जन्मदिन, परिजनों की याद में व बच्चों के जन्मदिन व खास मौके पर पौधारोपण कर उसके बड़े होने तक उसकी जिम्मेदारी लेते हुए पर्यावरण को स्वस्थ बनाने में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने कहा कि आज लगाया गया एक छोटा सा पौधा आने वाली पीढि़यों को शुद्ध हवा, अॉक्सीजन और जीवन देगा, यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे सुंदर तरीका है। हर वर्ष इस पौधे को बढ़ते देखना मुझे एक अलग ही अलौकिक आनंद की अनुभूति कराएगा। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए अपने-अपने जन्मदिन पर अनिवार्य रूप से ’एक पेड़’ लगाने और उसकी देखरेख करने का संकल्प लिया।  

    महंत श्री नरेश पुरी जी महाराज ने संस्कृत विश्वविद्यालय को दी ₹21 लाख की सहायता एवं राशन सामग्री कुलगुरु एवं कुलसचिव के प्रयासों से छात्रावास के विद्यार्थियों के भोजन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम की ओर से विद्यार्थियों के हित में

    जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर में अध्ययनरत छात्रावास के विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत हर्षद एवं प्रेरणादायी समाचार आया है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों की उत्तम भोजन व्यवस्था हेतु श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम के पीठाधीश्वर महंत 1008 श्री डॉ.नरेश पुरी जी महाराज ने ₹21 लाख (इक्कीस लाख रुपये) की आर्थिक सहायता के साथ-साथ राशन सामग्री प्रदान करने की सहर्ष स्वीकृति दी है। यह ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी निर्णय विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो मदन मोहन झा एवं कुलसचिव डॉ गुंजन सोनी के निरंतर परिश्रम, दूरगामी सोच और विद्यार्थियों के कल्याण के प्रति उनके अनवरत प्रयासों का सुखद परिणाम है। विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार इस प्रयास में जुटा था कि दूर-दराज के ग्रामीण व संस्कृत अनुरागी परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ भोजन-आवास की सुविधा मिल सके। कुलगुरु प्रो मदन मोहन झा एवं कुलसचिव डॉ गुंजन सोनी ने संस्कृत शिक्षा के संवर्धन और विद्यार्थियों के पोषण एवं स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए इस संदर्भ में महंत डॉ.श्री नरेश पुरी जी महाराज से संपर्क एवं संवाद स्थापित किया था। अधिकारियों की इस छात्र-हितैषी भावना और समर्पण से प्रभावित होकर पूज्य महंत जी ने यह उदार आर्थिक एवं भौतिक सहयोग प्रदान करने की घोषणा की। महंत 1008 श्री नरेश पुरी जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि "संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा है। संस्कृत के अध्येताओं एवं शोधार्थियों की सेवा करना वस्तुतः देव-सेवा के समान है। श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम सदैव जनकल्याण और धर्म-शिक्षा के संवर्धन में अग्रणी रहा है।" विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं कुलसचिव ने परम पूज्य महंत श्री नरेश पुरी जी महाराज का इस पावन सहयोग एवं संबल के लिए संपूर्ण विश्वविद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूज्य महाराज श्री का यह योगदान न केवल विद्यार्थियों के दैनिक जीवन को सुगम बनाएगा, बल्कि उन्हें चिंतामुक्त होकर अपनी शिक्षा एवं अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने की ऊर्जा भी प्रदान करेगा। इस अभूतपूर्व सहयोग पर विश्वविद्यालय के अध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्रावास के विद्यार्थियों में अपार हर्ष की लहर है और सभी ने परम पूज्य महंत जी तथा विश्वविद्यालय नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है। इस अवसर पर डॉ कुलदीप सिंह पालावत,डॉ शत्रुघन सिंह श्री रामेष्ट वेद गुरुकुल के डॉ घनश्याम हरनेदिया उपस्थित थे