Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    Long Island City

    -0.79°C

    Stormy
    4.12 km/h
    60%
    0.2h

    Latest

    रमेश चंद्र गुप्ता ( तुंगा वाला) अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन, राजस्थान के 'वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष' पद पर नियुक्त

    अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता ( तुंगा वाला) को अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन, राजस्थान के 'वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष' के गरिमामय पद पर नियुक्त किये जाने पर खंडेलवाल समाज बंधुओ ने खुशी वयक्त कर हार्दिक शुभकामना दी है! इसके साथ ही समाज बंधुओ ने कहा है कि वैश्य समाज की एकता और सशक्तिकरण के प्रति आपकी अटूट निष्ठा सर्वविदित है। आपका लंबा अनुभव, संगठन के प्रति आपकी दूरदर्शिता और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की आपकी अद्भुत क्षमता न केवल इस फेडरेशन के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा, कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारी लाल खंडेलवाल, कार्यालय मंत्री रामकिशोर खूंटेटा, आजीवन संरक्षकगण हनुमान सहाय ओढ, कृष्ण मोहन खंडेलवाल, ललित खंडेलवाल, राकेश कूलवाल, पत्रिका प्रभारी राम स्वरूप ताम्बी, उपप्रभारी राम बाबू गुप्ता, भवन संयोजक रमेश चंद्र सौखिया व संयुक्त मंत्री नितिन खंडेलवाल भरतपुर, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्यमहासभा के प्रधानमंत्री चंद्र प्रकाश खंडेलवाल, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय युवा सयोजक, शरद फरसोईया, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा पत्रिका के मुख्य संपादक राम निरंजन खुटेटा, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर रमेश कुमार रावत, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल एडवोकेट मथुरा, कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारीलाल खंडेलवाल (डीग), महासभा के पूर्व प्रधानमंत्री राकेश रावत दिल्ली,पूर्व प्रधानमंत्री नरेश खंडेलवाल मंडी गोविंदगढ़, सुमरूधरा सखी सहेली की प्रमुख मधु खंडेलवाल सहित अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, राजनंद गाव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, आजीवन सदस्यों ने अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता (तूंगावाला) को हार्दिक बधाई दी है!

    महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारियों अपने ज़िले की आवश्यकता के अनुसार विशेष नवाचार करने के साथ ही गृह संपर्क की गुणवत्ता भी सुधारने हेतु कार्य करें :- शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास

    जयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग शासन सचिव श्रीमती पूनम द्वारा सोमवार को अजमेर ज़िले का दौरा कर आंगनबाड़ी केंद्र बांदरसिंदरी का निरीक्षण किया गया।   शासन सचिव ने केन्द्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व उपस्थित कार्मिकों को लाभार्थियों का पंजीकरण बढ़ाने एवं बच्चों की सही ग्रोथ मॉनिटरिंग करने , बच्चों को नियमित गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा उपलब्ध करवाने के निर्देश प्रदान किए ।   शासन सचिव द्वारा इसके पश्चात जिला परिषद सभागार में अजमेर संभाग के समस्त अधिकारीउपनिदेशकों ,बाल विकास परियोजना अधिकारी ,महिला पर्यवेक्षक और महिला अधिकारिता के उपनिदेशक आदि की समीक्षा बैठक ली गई।  बैठक में उन्होने आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों का सर्वे कर अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों तक आँगनबाड़ी केंद्र की सेवाएँ पहुँचाने के निर्देश दिए । इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की सही वृद्धि निगरानी करने , आंगनबाड़ी केंद्रों को यथासंभव विद्यालयों से कोलोकेट करने , लाभार्थियों को FRS से ही पूरक पोषाहार का वितरण किए जाने ,केन्द्र पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं -पेयजल ,शौचालय ,बिजली आदि की सही सूचना पोषण ट्रैक्टर पर दर्ज करने ,प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण करने एवं वेरिफ़िकेशन करने के निर्देश प्रदान किए।  इसके साथ ही सभी अधिकारियों को अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार निरीक्षण करने ,निरीक्षण के दौरान ज़्यादा से ज़्यादा कम्यूनिटी से संपर्क करने और विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए आईसीडीएस तथा महिला अधिकारिता द्वारा परस्पर योजनाओं की जानकारी का आदान प्रदान कर अधिक से अधिक समुदाय तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के निर्देश प्रदान किए साथ ही योजनाओं एंव बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीक़े से क्रियान्वित करने के भी निर्देश प्रदान किए। शासन सचिव श्रीमती पूनम ने निर्देश दिए कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी अपने ज़िले की आवश्यकता के अनुसार विशेष नवाचार का कार्य करने के साथ ही गृह संपर्क की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी काम करें। समीक्षा बैठक में आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत एवं महिला अधिकारिता के अतिरिक्त निदेशक श्रीमती नीतू राजेश्वर सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे बैठक के पश्चात शासन सचिव द्वारा महिला अधिकारिता विभाग के राजकीय बालिका छात्रावास के भवन में संचालित सखी - वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया गया एवं केंद्र की SOP की पालना सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया।

    70 प्रतिशत दिव्यांग सावन ने जेईई-मेन में हासिल किया 99 पर्सेंटाइल

    - दो वर्ष की उम्र में हो गया था पोलियो - एलन ने फीस में 80 प्रतिशत रियायत दी कोटा. शिक्षा की काशी कोटा संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानियों का गढ़ है। यहां स्टूडेंट जो सीखता है वो जीवनभर काम आता है और आगे बढ़ाता है। इसी क्रम में एक और कहानी सामने आई है। ये है एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव 19 वर्षीय सावन कुमार की। सावन के संघर्ष व प्रतिभा को पहचानते हुए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने उन्हें कोचिंग फीस में 80 प्रतिशत की छूट प्रदान की।   पैरों से कमजोर लेकिन इरादों से मजबूत सावन कुमार ने साबित कर दिया कि हौसले से हर बाधा पर पार पाई जा सकती है। आर्थिक तंगी और शारीरिक विकलांगता जैसी चुनौतियों के बावजूद सावन अपने पैरों पर खड़े होने को लेकर संघर्षरत है। सावन ने जेईई मेन 2026 में 99.1473246 पर्सेंटाइल स्कोर किया है और अब जेईई-एडवांस्ड के लिए तैयारी कर रहा है। सावन ने बताया कि जब मात्र दो वर्ष का था तब पोलियो से ग्रस्त हो गया था। इसके कारण दोनों पैरों में लगभग 70 प्रतिशत लोकोमोटर डिसएबिलिटी विकसित हो गई, जिससे चलने में कठिनाई होती है, अभी भी चलने में परेशानी होती है। इस शारीरिक स्थिति को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया।    सावन एक साधारण किसान परिवार से है। पिता प्रभु राय के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और वे बटाई पर खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सावन की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही एक स्कूल में हुई। बाद में प्रवेश परीक्षा में श्रेष्ठता साबित करते हुए बिहार के सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई में कक्षा 6 से 10 तक निशुल्क शिक्षा प्राप्त की। कक्षा 10 की बिहार बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल करने के बाद परिजनों ने इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा भेजने का निर्णय लिया।    आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस लक्ष्य सावन का कहना है कि यह सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। यदि यह सहायता नहीं मिलती, तो उनके लिए उच्च स्तर की तैयारी करना संभव नहीं होता। किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी को अपनी कमजोरी न बनने दें। शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं और अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। जेईई मेन में प्रदर्शन के बाद अब सावन का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस्ड 2026 में सफलता हासिल करना है। वे देश के शीर्ष संस्थानों, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली या आईआईटी मद्रास में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं। भविष्य में वे सिविल सेवा में जाकर समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना चाहते हैं।   परिवार ने किया मोटिवे सावन ने बताया कि उनके जीवन में परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। परिवार ने भी हमेशा सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वे किसी तरह से पीछे हैं। चलने-फिरने में दिक्कत होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया, जिससे सावन ने शिक्षा को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।   हर प्रतिभा के साथ है एलन  एलन के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि एलन हमेशा प्रतिभाशाली और जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए तत्पर रहता है। सावन की लगन, प्रतिभा और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें विशेष रियायत दी गई, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।

    राजस्थान विश्वविद्यालय में युवा महोत्सव का भव्य आयोजन संपन्न

    जयपुर। आरयू की छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रवीण शर्मा ने बताया कि तीन वर्ष के लंबे अंतराल के बाद राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर युवा ऊर्जा, उत्साह और रचनात्मकता से सराबोर नजर आया। 25 एवं 27 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय अंतर-महाविद्यालय युवा महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ। महोत्सव में जयपुर एवं दौसा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने एकल एवं समूह प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप डांस, फोक ग्रुप डांस तथा मिस्टर एंड मिस यूथ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इन आयोजनों में प्रतिभागियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों का उत्साह भी देखने लायक रहा—पूरे समय पंडाल खचाखच भरा रहा और हर प्रस्तुति पर जोरदार तालियों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। दूसरे दिन चार स्थलों पर समानांतर आयोजन महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताएं विश्वविद्यालय के चार अलग-अलग स्थलों पर आयोजित की गईं, जिससे पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। नाट्य विभाग में सामाजिक सरोकारों पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से समकालीन मुद्दों को उजागर किया। डिपार्टमेंट ऑफ लाइफ लॉन्ग लर्निंग में हिंदी, अंग्रेजी एवं उर्दू काव्य पाठ तथा हिंदी एवं अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जहां प्रतिभागियों ने अपनी अभिव्यक्ति क्षमता, तर्कशक्ति और भाषा कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। संगीत विभाग में शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य और सामूहिक लोकगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। वहीं दृश्य कला विभाग में फेस पेंटिंग, मांडना एवं आशु पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कलात्मक दृष्टि देखने को मिली। महोत्सव में जयपुर एवं दौसा के अनेक महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहा। कुल 248 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन किया, वहीं 72 प्रतिभागियों ने आयोजन स्थल पर ही पंजीकरण करवाकर प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिससे कुल भागीदारी और भी प्रभावशाली रही। सभी प्रतियोगिताओं में अनुभवी एवं विशेषज्ञ निर्णायकों द्वारा निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रवीण शर्मा ने बताया कि इस महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच प्रदान किया। महोत्सव में सभी गतिविधियों में उल्लेखनीय उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    राजस्थान विश्वविद्यालय के 'लाइफलाँग लर्निंग विभाग' में आपदा प्रबंधन एवं जीवन रक्षा कौशल पर कार्यशाला आयोजित; विद्यार्थियों ने सीखे सीपीआर के गुर

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के लाइफलाँग लर्निंग विभाग द्वारा "बेसिक लाइफ सेविंग ट्रेनिंग" विषय पर दिनांक 27 अप्रैल 2026 को एक विशेष ट्रेनिंग सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस ट्रेनिंग सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के समय त्वरित निर्णय लेने और जीवन रक्षा तकनीकों के प्रति शिक्षित करना था।   डॉ. अमित शर्मा ने युवाओं को दी सामाजिक जिम्मेदारी की सीख लाइफलाँग लर्निंग विभाग के निदेशक डॉ. अमित शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जीवन कौशल है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे आपात स्थिति में घबराने के बजाय एक 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभा सकें।   मनीष संचेती ने साझा किए आपदा प्रबंधन के सूत्र मुख्य वक्ता श्री मनीष संचेती ने अपने व्याख्यान में लाइफ सेविंग की दिशा में आपदा प्रबंधन के विविध पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्राकृतिक आपदा के समय 'ड्रॉप, कवर और होल्ड' की तकनीक और आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों के बारे में बताया । उन्होंने रोड एक्सीडेंट मैनेजमेंट में दुर्घटना के बाद के 'गोल्डन ऑवर' का महत्व समझाया और घायल की सुरक्षित सहायता हेतु विभिन्न तरीकों को समझाया । उन्होंने आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास और प्राथमिक उपचार के तरीकों पर भी प्रकाश डाला । इसके अतिरिक्त हार्ट अटैक मैनेजमेंट में दिल का दौरा पड़ने के लक्षणों को पहचानना और अस्पताल पहुँचने से पूर्व किए जाने वाले जरूरी उपायों के बारे में समझाया ।   कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन का लाइव प्रदर्शन कार्यक्रम के विशेष आकर्षण में मेडिकल एक्सपर्ट कनक वर्मा द्वारा कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन का लाइव प्रदर्शन दिया गया। उन्होंने डमी के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि यदि किसी व्यक्ति की सांसें रुक जाएं या दिल धड़कना बंद कर दे, तो सही तरीके से चेस्ट कंप्रेशन देकर उसकी जान कैसे बचाई जा सकती है। विद्यार्थियों ने इस तकनीक को न केवल देखा बल्कि इसकी बारीकियों को भी समझा।   कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। विभाग के निदेशक डॉ. अमित शर्मा द्वारा सभी शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को आपदा के समय धैर्य बनाए रखने और समाज में इन जीवन रक्षक तकनीकों का प्रसार करने का संकल्प दिलाया गया। इस विशेष सत्र में डॉ. जयसिंह, डॉ. ज्योति जैन, डॉ. प्रियंका मीणा एवं डॉ. सुचित्रा यादव भी उपस्थित रहे ।

    ‘‘क्रिएटिविटी एक्रॉस आर्ट एण्ड लिटरेचरः द पल्स ऑफ मोर्डन क्रिएटिविटी’’ विषय पर एक विचार संवाद सत्र

    यंग ऑथर्स क्लब ऑफ इंडिया के सहयोग से कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में ‘‘क्रिएटिविटी एक्रॉस आर्ट एण्ड लिटरेचरः द पल्स ऑफ मोर्डन क्रिएटिविटी’’ विषय पर एक विचार संवाद सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रख्यात कलाकार एवं बनस्थली विद्यापीठ के पूर्व डीन (फाइन आर्ट्स) प्रोफेसर देवकी नंदन शर्मा की स्मृति में आयोजित स्मृति व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत संपन्न हुआ। यह सत्र महाविद्यालय के आंतरिक मूल्यांकन आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कला-प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस संवाद सत्र का उद्देश्य आधुनिक समय में कला एवं साहित्य के बदलते स्वरूप और रचनात्मकता की भूमिका पर विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत करते हुए रचनात्मकता को शिक्षा का अभिन्न अंग बताया तथा विद्यार्थियों को कला और साहित्य के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हेमंत शेष ने अपने उद्बोधन में कला और साहित्य के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए रचनात्मकता के महत्व को रेखांकित किया। विशिष्ट वक्ताओं में प्रो. भवानी शंकर शर्मा, प्रो. रेखा भटनागर तथा प्रो. अमिता राज गोयल शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने कला, संस्कृति और शिक्षा के माध्यम से रचनात्मकता के विकास पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी संयोजक डॉ. सारिका कौल के मार्गदर्शन में किया गया। अंत में महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने सत्र का समापन करते हुए सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन श्रोताओं एवं वक्ताओं के बीच एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से अपने जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। यह आयोजन न केवल प्रो. देवकी नंदन शर्मा की स्मृति को सम्मानित करने वाला रहा, बल्कि विद्यार्थियों को रचनात्मकता के विविध आयामों से भी प्रेरित करने में सफल रहा।

    "फ्रॉम आइडियाज़ टू रिसर्च : क्राफ्टिंग पावरफुल डिसर्टेशन्स एंड रिसर्च पेपर्स” विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन"

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय , जयपुर के अंग्रेजी विभाग द्वारा महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुवेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के निर्दशन में “फ्रॉम आइडियाज़ टू रिसर्च : क्राफ्टिंग पावरफुल डिसर्टेशन्स एंड रिसर्च पेपर्स” विषय पर एक विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रो. मिनी नंदा (पूर्व विभागाध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय) ने शोध की विभिन्न पद्धतियों, शोध की प्रक्रिया तथा संभावित शोध क्षेत्रों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने सुकरात, प्लेटो और अरस्तू के उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि शोध केवल तथयों का संकलन नहीं, बल्कि विचार, विश्लेषण और तार्किक दृष्टिकोण की एक सृजनात्मक प्रक्रिया है। उन्होंने छात्राओं को प्रभावी डिसर्टेशन और शोध-पत्र लेखन के लिए आवश्यक बिंदुओं से भी अवगत कराया। यह व्याख्यान अंग्रेजी साहित्य की छात्राओं के लिए आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 25 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।  

    बाड़मेर भाजपा जिला कार्यालय के नए भवन का भव्य लोकार्पण

    -राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया वर्चुअली उदघाटन  -जिला प्रभारी मंत्री ने लोकार्पण पटिटका का किया अनावरण  बाड़मेर । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोमवार को बाड़मेर बीजेपी कार्यालय का वर्चुअल लोकार्पण किया। इससे पूर्व भाजपा जिला कार्यालय परिसर में हवान हुआ। इसमें भाजपा जिला अध्यक्ष अनंतराम विश्नोई और उनकी पत्नी ने आहूतियां दी। इस कार्यक्रम में बाड़मेर के जिला प्रभारी मंत्री व पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत भी शामिल हुए। उन्होंने मौजूद अतिथियों के साथ लोकार्पण पटि्टका का अनावरण किया। इस दौरान प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने अपने संबोधन में कहा कि इस ऑफिस से अगली पीढ़ी के कार्यकर्ताओं का निर्माण होगा। यह निश्चित रूप से हम सबके लिए नई सौगात है। यहां कार्यालय प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जब भी बाड़मेर आऊंगा तब एक घंटे यहां आकर जनसुनवाई करूंगा। अधिकारी साथ होंगे तो कार्यकर्ताओं की निश्चित तौर पर सुनवाई होगी। इससे पहले रविवार रात को जिला कार्यालय में सुंदरकांड का आयोजन किया गया। इस दौरान लोकतंत्र सेनानियों को श्रीफल भेंट कर व दुप्पटा पहनाकर बहुमान किया गया। लोकार्पण समारोह में चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह, बायतू से भाजपा प्रत्याशी बालाराम मूंड, भाजपा जिला महामंत्री देवीलाल कुमावत, चनणाराम बेरड़ व महावीर चूरी, भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा, दीपक कड़वासरा, जिला उपाध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा, रमेश सिंह इंदा व मनीषा मेघवाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गणपत बांठिया, पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप पालीवाल समेत भाजपा पदाधिकारी समेत कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    बियानी गर्ल्स कॉलेज में “एप्लिकेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” पर पावर सेमिनार आयोजित

    जयपुर: बियानी गर्ल्स कॉलेज के आईटी विभाग द्वारा आईसीटी अकादमी के सहयोग से “एप्लिकेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)” विषय पर एक पावर सेमिनार का सफल आयोजन किया गया।   इस सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एडवांस टेक्नोलॉजी एवं उनके व्यावहारिक उपयोगों से अवगत कराना था।   इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में एआई विशेषज्ञ निशांत भारद्वाज ((संस्थापक एवं एआई कोच, स्किलगोरिद्म) उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में एआई के बढ़ते उपयोग और भविष्य में इसके करियर अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।   कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक एवं सक्रिय रूप से भाग लिया। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ते हुए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई, जिससे उनकी समझ और रुचि दोनों में वृद्धि हुई।   कार्यक्रम का आयोजन डॉ. संजय बियानी (डायरेक्टर एकेडमिक्स) के मार्गदर्शन में किया गया । जिसमें सीए अभिषेक बियानी (असिस्टेंट डायरेक्टर) एवं डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल (प्राचार्य व डीन) और आईटी विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन बागोरिया का विशेष सहयोग रहा।   यह सेमिनार विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

    जीआईटीबी का 15वां संस्करण 28 अप्रैल तक

    - एग्जीबिशन का सोमवार, 27 अप्रैल को जेईसीसी में सुबह 11 बजे होगा उद्घाटन - एग्जीबिशन में 50 से अधिक देशों के विदेशी टूर ऑपरेटर्स बायर्स के रूप में करेंगे शिरकत*  - भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, राजस्थान टूरिज्म (मेजबान राज्य), स्टेट टूरिज्म बोर्ड्स, होटल एंड रिसॉर्ट्स, तथा पूरे भारत से डीएमसी होंगे शामिल राजस्थान को एक वर्ल्ड-क्लास पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना हमारा लक्ष्य- दिया कुमारी, उप मुख्यमंत्री*  जयपुर, 26 अप्रैल। द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार (जीआईटीबी) के माध्यम से निवेश, रोजगार और वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देते हुए प्रदेश सरकार राजस्थान को एक वर्ल्ड-क्लास टूरिज़्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जीआईटीबी केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि साझेदारी, विस्तार और वैश्विक अवसरों के लिए उपयुक्त मंच है। इसके 15वें संस्करण के साथ राजस्थान की पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती नेतृत्व क्षमता और भारत की वैश्विक भागीदारी और मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के अनुरूप पर्यटन आज विकास, रोजगार और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रमुख आधार बन चुका है, और राजस्थान में यह लाखों लोगों की आजीविका से जुड़कर समावेशी आर्थिक विकास को गति दे रहा है। यह बात आज राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार के 15वें संस्करण के होटल जय महल पैलेस में आयोजित उद्घाटन सत्र में संबोधन के दौरान कही।    उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आगे कहा कि "मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी के नेतृत्व में पर्यटन को ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें पारदर्शी प्रशासन, निजी निवेश और सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता दी गई है। उदयपुर की झीलों, थार के रेगिस्तान, जयपुर और चित्तौड़गढ़ के किलों, प्रमुख यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स, वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन्स और 660 से अधिक हवेलियों के संरक्षण जैसे प्रयासों के साथ राजस्थान अनुभव-आधारित पर्यटन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, MICE, फिल्म और स्पिरिचुअल टूरिज़्म के विस्तार के साथ राज्य को वर्षभर सक्रिय पर्यटन गंतव्य बनाया जा रहा है।     इस अवसर पर मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार, वी. श्रीनिवास ने कहा कि "राजस्थान आज केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत के कारण ही नहीं, बल्कि निवेश-अनुकूल नीतियों, सरल प्रक्रियाओं, समयबद्ध निर्णय व्यवस्था और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण एक आकर्षक, वर्षभर सक्रिय पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। हेरिटेज टूरिज़्म, डेज़र्ट सर्किट्स, वाइल्डलाइफ एक्सपीरियंस, वेलनेस, फेथ-बेस्ड ट्रैवल, रूरल और इको-टूरिज़्म जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग और निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। बेहतर रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी, पीपीपी-आधारित पहल और डिजिटल सिस्टम्स के माध्यम से पर्यटन प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। हमारा उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यटन को रोज़गार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाना है।"   अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, सुमन बिल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि " प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के तहत भारत का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में पर्यटन के जीडीपी में योगदान को 5.2% से बढ़ाकर 10% तक ले जाने का है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, और देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 से हवाई अड्डों की संख्या 75 से बढ़कर 150 हो गई है और रेल नेटवर्क में भी उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। 2014 से 2025 के बीच घरेलू पर्यटकों के आगमन की संख्या 1.5 बिलियन से बढ़कर 4 बिलियन तक पहुंच गई हैं, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या भी दोगुनी वृद्धि के साथ 10 मिलियन से 20 मिलियन तक पहुंची है। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने होटल क्षमता को दोगुना करने, विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के विकास और उच्च मूल्य वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही, उन्होंने कहा कि जीआईटीबी छोटे हितधारकों को बड़े वैश्विक भागीदारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।"   शासन सचिव, पर्यटन, राजस्थान सरकार, शुचि त्यागी ने कहा कि "राजस्थान सरकार ने पर्यटन को ‘ग्रोथ इंजन सेक्टर’ के रूप में प्राथमिकता दी है, जिससे नीति, निवेश और स्थानीय सहभागिता एक साथ आगे बढ़ें। इसी दृष्टि के अनुरूप जीआईटीबी के मंच से राजस्थान को एक समेकित, अनुभव-आधारित और निवेश-उन्मुख पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। जीआईटीबी का उद्देश्य राज्य की विविध पर्यटन क्षमताओं को वैश्विक ट्रैवल बाजार से जोड़ना है तथा नीति और बाजार के बीच की दूरी को समाप्त करते हुए पर्यटन नीतियों को सीधे टूर ऑपरेटर्स, निवेशकों और ट्रैवल इंडस्ट्री के हितधारकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके। इस आयोजन में स्थानीय गाइड्स, कार रेंटल ऑपरेटर्स, स्वयं सहायता समूहों और ईको-टूरिज़्म पहलों को विशेष रूप से जोड़ा गया है। यह पहल पर्यटन, संरक्षण और आजीविका के बीच संतुलन स्थापित करने वाले मॉडल को आगे बढ़ाती है।"    इससे पूर्व, पूर्व अध्यक्ष, फिक्की; मेंटर, फिक्की पर्यटन समिति और सीएमडी, द ललित सूरी हॉस्पिटैलिटी ग्रुप, डॉ. ज्योत्सना सूरी ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि "पिछले 15 वर्षों में जीआईटीबी ने पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप की शक्ति का एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसमें राजस्थान सरकार, फिक्की और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के बीच मजबूत समन्वय तथा पर्यटन उद्योग के हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल ट्रेड और अन्य हितधारकों की निरंतर भागीदारी इसकी सफलता का आधार रही है। आज जीआईटीबी एक वैश्विक इनबाउंड टूरिज़्म मार्केटप्लेस के रूप में स्थापित है, जो अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और भारतीय विक्रेताओं के बीच महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है और भारत को विविधता एवं समृद्ध पर्यटन गंतव्य के रूप में मजबूत करता है। आगे भी जीआईटीबी भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने, नई साझेदारियां बनाने और नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।"   सेक्रेटरी जनरल, फिक्की, अनंत स्वरूप ने अपने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जीआईटीबी के 15वें संस्करण में 50 से अधिक देशों से आए 185 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स की भागीदारी हो रही है, साथ ही भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, मेज़बान राज्य राजस्थान, विभिन्न राज्य पर्यटन बोर्ड्स, होटल्स, रिसॉर्ट्स और देशभर के डीएमसी की विविध प्रदर्शनी भी शामिल है। अगले दो दिनों में यह मंच 10,000 से अधिक प्री-शेड्यूल्ड बीटूबी मीटिंग्स को सुगम बनाएगा, जिससे यह 2008 में अपनी स्थापना के बाद से भारत के प्रमुख इनबाउंड टूरिज़्म प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करता है।    उद्घाटन सत्र के दौरान अतिथियों द्वारा 'रीइमेजनिंग इनबाउंड टूरिज्म इन इंडिया - ट्रैंड्स, टेक्नोलॉजी एंड ट्रांस्फॉर्मेशनल अपॉर्च्यूनिटीज टूवर्ड्स इन्क्रेडिबल इंडिया 4.0' थीम पर फिक्की-ईवाय नॉलेज पेपर का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार, पर्यटन, कमिश्नर, रुक्मणी रियार और फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल के को-चेयरमैन श्री सुरेंद्र सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे।    वहीं, एग्जीबिशन का उद्घाटन 27 अप्रैल को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी द्वारा सुबह 11 बजे किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जीआईटीबी का आयोजन राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा संयु्क्त रूप से किया जा रहा है। इस आयोजन को राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (राटो), इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए) और होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (एचआरएआर) जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और क्षेत्रीय एसोसिशंस का सहयोग प्राप्त है।   द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार के उद्घाटन समारोह में 'एकम – द स्पिरिट ऑफ वननैस' ने बांधा समां   द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार (जीआईटीबी) के उद्घाटन समारोह में 'एकम – एकता की भावना' थीम पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता में छिपी एकता का अद्भुत संदेश दिया। कार्यक्रम में राजस्थान की शाश्वत विरासत, शाही भव्यता और नाथद्वारा की पवित्र भक्ति से प्रेरित इस प्रस्तुति में भारत की समृद्ध शास्त्रीय नृत्य परंपराएं जैसे कथक और मणिपुरी में लोक नृत्य शैलियां घूमर, चारी, ढोल चोलोम और छऊ का सुंदर समन्वय देखने को मिला।   यह प्रस्तुति विविध भाव-भंगिमाओं और ऊर्जाओं के माध्यम से आगे बढ़ी और अपने चरम पर पहुंचकर एक भावनात्मक दृश्य प्रस्तुत किया, जहाँ भगवान श्री कृष्ण को शाश्वत सारथी के रूप में दर्शाया गया, जो सभी मार्गों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें एक ही सामंजस्यपूर्ण एकता में पिरोते हैं। इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा और उद्घाटन समारोह को एक सांस्कृतिक भव्यता प्रदान की।

    जयपुर में मनाई संत सूरदास जयंती; सक्षम संगठन ने किया आयोजन

    संकल्प और निरंतरता ही सफलता की कुंजी: डॉ. कुलदीप मिश्रा जयपुर में मनाई संत सूरदास जयंती; सक्षम संगठन ने किया आयोजन जयपुर।'सक्षम' (समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल) द्वारा रविवार को मोती डूंगरी स्थित दिव्यांग सेवा केंद्र में भक्त शिरोमणि संत सूरदास जी की जयंती उत्साह और उमंग के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने संत सूरदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन दर्शन को याद किया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रदेश सचिव डॉ. कुलदीप मिश्रा ने संत सूरदास जी के जीवन और उनके साहित्यिक योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सूरदास जी ने शारीरिक बाधाओं के बावजूद अपनी भक्ति और जिजीविषा से समाज को एक नई दिशा दी। डॉ. मिश्रा ने युवाओं और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा, "हमें संत सूरदास जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहते हुए और निश्चय को बिना छोड़े जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहना ही सच्ची सफलता है।" सक्षम के वार्षिक कार्यक्रमों का हुआ शंखनाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सचिव डॉ. राम भजन कुमावत ने संगठन की आगामी कार्ययोजना साझा की। उन्होंने बताया कि सूरदास जयंती के साथ ही सक्षम संगठन के इस वर्ष के कार्यक्रमों की विधिवत शुरुआत हो गई है। आगामी महीनों में दिव्यांगजनों के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर और संगठनात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि 'सक्षम भारत, समर्थ भारत' के ध्येय को प्राप्त किया जा सके। इस गौरवमयी आयोजन में संगठन के कई वरिष्ठ चेहरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में प्रदेश संगठन मंत्री कमल कुमार, जयपुर जिले की उपाध्यक्ष प्रोफेसर प्रमिला दुबे, और प्रांत सचिव राजेंद्र धाकड़ सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में दिव्यांगजनों के प्रति समाज के दृष्टिकोण को और अधिक समावेशी बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में शिक्षक नरेंद्र कुमार, अद्वितीय गोड हैप्पी ब्रह्म भट्ट ने गानों की रंगारंग प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया. कार्यक्रम के अंत में जिला उपाध्यक्ष प्रोफेसर प्रमिला दुबे ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया.