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    रैंप वॉक, टैलेंट राउंड और बॉलीवुड डांस ने बांधा समां, दिखी प्रतिभा

    बियानी नर्सिंग कॉलेज में फ्रेशर्स पार्टी ‘बॉलीवुड बैश’ का हुआ आयोजन जयपुर। बियानी नर्सिंग कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए फ्रेशर्स पार्टी ‘बॉलीवुड बैश’ का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। सीनियर्स ने नए विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया । कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत कर उनमें आत्मविश्वास और प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा। बॉलीवुड थीम पर विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर एजुकेशन डिपार्टमेंट की डॉ. तृप्ति सैनी एवं डॉ. सुनीता शर्मा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में आयोजक संस्था के निदेशक एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु डॉ. संजय बियानी, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, अस्सिटेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी तथा नर्सिंग प्रिंसिपल डॉ. जीशू जॉर्ज भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और बॉलीवुड डांस ने समारोह में उत्साह एवं मनोरंजन का माहौल बना दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु डॉ. संजय बियानी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी अकादमिक जर्नी सफल एवं सुखद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में कृतज्ञता की भावना अपनाने तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि फ्रेशर्स पार्टी जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी टैलेंट, क्रिएटिविटी और कॉन्फिडेंस को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी टैलेंट को निखारने और प्रत्येक अवसर से सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में फ्रेशर्स के लिए रैंप वॉक, टैलेंट राउंड, गेम्स एवं क्वेश्चन-आंसर राउंड जैसी रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैंप वॉक के दौरान विद्यार्थियों ने अपने आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का प्रदर्शन किया, वहीं टैलेंट राउंड में गायन, नृत्य सहित विभिन्न प्रतिभाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। इस अवसर पर बी.एससी. नर्सिंग में मिस फ्रेशर का खिताब पूर्वा ने अपने नाम किया वहीं तनू श्री फर्स्ट रनर-अप तथा अंकिता सेकंड रनर-अप रहीं। वहीं जीएनएम नर्सिंग वर्ग में प्रियांशी सोनी को मिस फ्रेशर चुना गया। मुस्कान फर्स्ट रनर-अप तथा हिमानी सेकंड रनर-अप रहीं। विजेताओं एवं रनर-अप विद्यार्थियों को निर्णायकों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बॉलीवुड गानों पर विद्यार्थियों की शानदार डांस प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला और बॉलीवुड थीम ने फ्रेशर्स पार्टी को यादगार बना दिया।

    चोमू नगर के सभा पति आशीष दुसाद का का भव्य सम्मान

    चोमू के दुसाद परिवार के रत्न, चोमू नगर वासियों के चहेते, जन जन के लाडले, हस मुख, हर दिल अजीज, जनप्रिय, चोमू नगर परिषद के प्रथम नागरिक एवं प्रथम पूर्ण कालिक सभापति आशीष दुसाद का अशोक विहार मे रावत परिवार के निवास पर आयोजित एक सम्मान समारोह मे अगरवाल वेश्य समाज के अध्यक्ष एवं समाज बंधुओ, खंडेलवाल वेश्य समाज चोमू के सभी पदाधिकारी एवं समाज बंधुओ, महेश्वरी समाज एवं ब्राहमन समाज के समाज बंधुओ ने, अशोक विहार एवं चोमू नगर के अन्य निवासीयो ने भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया! इसके साथ ही सभी ने सभापति आशीष दुसाद के उज्जवल भविष्य की कामना की! इससे पहले भी आशीष दुसाद एक बार नगरपालिका के चेयरमेन रह चुके है! कार्यक्रम का शुभ आरंभ सभी आगन्तुक अतिथियों का अखिल भारत वर्षीय खंडेलवाल वेश्य महा सभा के राष्ट्रिय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी एवं सिक्किम प्रोफेरेशनल यूनिवर्सिटी, गैंगटोक सिक्किम के कुलसचिव प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने सिक्किम की राजधानी गैंगटोक से आकर सिक्किम प्रदेश का रुद्राक्ष के पेड से टुटा हुआ एवं पक्षी की चोच से रुद्राक्ष के पेड से गिरा कर प्राप्त किया हुआ सिक्किम के ओरिजिनल ओम से एवं अन्य शिव परिवार से अंकित एकल रुद्राक्ष की कंठी पहनाकर किया! इस अवसर पर रावत परिवार की और से दामोदर प्रसाद रावत ने सभापति आशीष दुसाद का माला, साफा, हनुमान जी का आशीर्वाद का फोटो भेट कर स्वागत किया! इस अवसर पर अभिनंदन समारोह मे अगरवाल समाज चोमू के अध्यक्ष राजेंद्र अगरवाल, खंडेलवाल समाज चोमू के संरक्षक- अमरचंद रावत, ओमप्रकाश कासलीवाल, कैलाश जी सेठी, मूलचंद दुसाद, अध्यक्ष मुकेश खुटेटा, उपाध्यक्ष गोविन्द झालानी, संयुक्त मंत्री रमेश डगायच एवं कोषाध्यक्ष नवीन कासलीवाल, पूर्व अध्यक्ष खंडेलवाल समाज चोमू जुगल डँगायच, अशोक विहार एवं चोमू के निवासी राजेंद्र धमोड, नवल किशोर रावत, दिनेश अगरवाल (खेमावाला), एडवोकेट बनवारी लाल शर्मा, नारायण महेश्वरी, पवन कामदार, प्रशांत खाण्डल, मनोज दीक्षित, जयेश रावत, मेहुल् अगरवाल, बिशन रावत, देव की नंदन अगरवाल, राकेश सेठी, महेश ताम्बी ने सभापति आशीष दुसाद का माला पहना कर स्वागत किया एवं भदाई दी! कार्यक्रम मे आशीष दुसाद के पिता गोविंद दुसाद, उनके चाचा रामअवतार दुसाद, मूल चंद दुसाद राम कृष्ण दुसाद, पपू दुसाद, राम मनोहर दुसाद एवं अपने भाई सोनू दुसाद सहित अशोक विहार चोमू के निवासी भी मौजूद थे! इसके साथ ही चोमू के भाजपा से पूर्व विधायक एवं राजस्थान प्रदेश के भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, अशोक बंसल, सुरेश रावत, हरीश रावत, रामबाबू रावत, मनीष गोयल, रमेश बजाज, गोविंद झालानी, दीपक जोशी ने भी स्वागत कार्यक्रम पर खुशी व्यक्त करते हुए सभापति आशीष दुसाद को शुभकामना प्रेषित की है!  

    हीरापुरा के राजकीय विद्यालय में समग्र शिक्षा अभियान के तहत सोशल ऑडिट एवं जनसुनवाई आयोजित

    प्रदेश के 4 हजार विद्यालयों में प्रस्तावित सोशल ऑडिट के पायलट प्रोजेक्ट हेतु चयनित 20 विद्यालयों में श्रीमती कमला देवी बुधिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हीरापुरा का चयन जयपुर। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और योजनाओं के प्रभाव का आकलन करने के उद्देश्य से राजस्थान के 4 हजार विद्यालयों का सोशल ऑडिट किया जाना है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित 20 विद्यालयों की सूची में से श्रीमती कमला देवी बुधिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हीरापुरा, जयपुर का सोशल ऑडिट करने हेतु चयन किया गया है। इसी क्रम में बुधवार को विद्यालय में सोशल ऑडिट के तहत विद्यालय सभा एवं जनसुनवाई का आयोजन किया गया। सोशल ऑडिट का कार्य सामाजिक लेखा परीक्षा, जवाबदेही एवं पारदर्शिता सोसाइटी, राजस्थान (SSAAT) द्वारा किया गया। इस दौरान समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यालय में किए गए विभिन्न कार्यों, संचालित योजनाओं एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। विद्यालय सभा एवं जनसुनवाई के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों से भी संवाद किया गया। इसमें यह जानने का प्रयास किया गया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत किए गए कार्यों एवं संचालित योजनाओं का विद्यार्थियों, अभिभावकों और समुदाय पर क्या प्रभाव पड़ा है। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्ध सुविधाओं और उनके उपयोग से संबंधित समस्याओं एवं कमियों के बारे में भी जानकारी ली गई। सोशल ऑडिट के दौरान विद्यालय स्तर पर समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत उपलब्ध संसाधनों एवं सुविधाओं की स्थिति, योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया गया। जनसुनवाई के माध्यम से संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने और सुझाव साझा करने का अवसर भी मिला। कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावक, SDMC एवं विद्यालय समिति के सदस्य, CBEO कार्यालय एवं ADPC कार्यालय के कार्मिक, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के अधिकारी तथा विद्यालय के शिक्षक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित विद्यालयों में सोशल ऑडिट की प्रक्रिया से प्राप्त अनुभवों एवं निष्कर्षों के आधार पर प्रदेश के 4 हजार विद्यालयों में प्रस्तावित सोशल ऑडिट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत आयोजित यह सोशल ऑडिट विद्यालय स्तर पर संचालित योजनाओं एवं कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के साथ ही विद्यार्थियों, अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।  

    टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय बैठक लखनऊ में सम्पन्न संसद के शीतकलीन सत्र में पुनः दिल्ली में धरना प्रदर्शन किया जाएगा

    टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय बैठक लखनऊ में सोमवार को सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रतिनिधित्व के रूप में उनके पुत्र नीरज सिंह विशिष्ट अतिथि थे। दोनों अतिथि नेताओं ने टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को आश्वास्त किया , टीएफआई के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से कराई जाएगी और शिक्षकों की समस्याओं का हल निकाला जाएगा। टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि बैठक में 2011 से पूर्व लगे शिक्षकों की टेट की अनिवार्यता छूट, पूरे देश में पुरानी पेंशन व्यवस्था, आठवें वेतन आयोग में पूरे देश मे सभी शिक्षकों के लिए केन्द्रीय विद्यालय अनुसार समान वेतन एवं भत्ते लागू किया जाए, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए, आदि मुद्दों पर चर्चा हुई! टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि शीघ्र ही टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से वार्ता करेगा अगर सकारात्मक समाधान नहीं निकलता है तो संसद के आगामी दिसंबर माह में शीतकालीन सत्र में एक बार पुनः शिक्षकों का धरना प्रदर्शन दिल्ली में किया जाएगा। टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव राममूर्ति ठाकुर ने बताया कि बैठक में देश के 17 राज्यों के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।  

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई पर सेमिनार आयोजित

    जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन की ओर से ‘जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई’ विषय पर व्यावहारिक प्रशिक्षण आधारित सेमिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम एडुनेट फाउंडेशन एवं आईबीएम के सहयोग से आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना तथा उनके तकनीकी कौशल को विकसित करना था। कार्यक्रम में एडुनेट फाउंडेशन के मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, आईटी विभागाध्यक्ष सचिन बगोरिया, एसोसिएट प्रोफेसर राहुल अग्रवाल सहित आईटी विभाग के फैकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा ने प्रतिभागियों को विभिन्न एजेंटिक एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई की सहायता से दैनिक कार्यों को किस प्रकार आसान बनाया जा सकता है तथा जनरेटिव एआई का प्रभावी उपयोग कैसे किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने विभिन्न जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई टूल्स का स्वयं प्रयोग कर उनके व्यावहारिक उपयोग को समझा। संवादात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि एआई को दैनिक जीवन में प्रभावी, जिम्मेदार एवं उद्देश्यपूर्ण तरीके से किस प्रकार शामिल किया जा सकता है। डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी के विजन के अनुरूप विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाता है। इसी दिशा में प्रतिभागियों को एआई के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। सेमिनार के माध्यम से प्रतिभागियों को एआई के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिली तथा उन्हें उपयुक्त एआई टूल्स को प्रभावी एवं जिम्मेदारी के साथ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।  

    “रिक्रूटर की नज़र से—अंक एवं सीवी से परे रिक्रूटर्स वास्तव में क्या देखते हैं?” विषयक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट द्वारा जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर के सहयोग से दिनांक 6 अक्टूबर 2026 को “Inside the Recruiter’s Room – What Do Recruiters Actually Look for Beyond Marks and CVs?” विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान रोजगार परिदृश्य एवं भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक आवश्यकताओं से अवगत कराना था। सत्र के दौरान जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमांशी पांडे ने छात्राओं को बताया गया कि रोजगार के लिए केवल अच्छे अंक एवं प्रभावी सीवी ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि संवाद कौशल, आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, समस्या-समाधान क्षमता, टीम भावना, अनुकूलनशीलता एवं समग्र व्यक्तित्व जैसे कौशल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की ही प्रोफेसर डॉ. स्वाति सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक विचार साझा किए। उनके प्रेरक शब्दों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की उप-प्राचार्य डॉ. रंजना अग्रवाल ने भी छात्राओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, अपने कौशल को विकसित करने तथा बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। सत्र के पश्चात Jaipuria Quiz League (JQL) 2026 के अंतर्गत विषय से संबंधित एक रोचक एवं ज्ञानवर्धक क्विज का आयोजन किया गया। क्विज में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता के साथ भाग लिया। क्विज के माध्यम से विद्यार्थियों के विषयगत ज्ञान, त्वरित सोच एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को परखा गया। क्विज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम तीन विजेताओं के नाम की अभी घोषणा होनी बाकी है। कार्यक्रम में कुल 54 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सेंटर की संयोजिका डॉ. आकांक्षा गंडा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।  

    एलएनएमआईआईटी के 20वें दीक्षांत समारोह में 501 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान

    पद्मश्री प्रो. संघमित्रा बंद्योपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई जयपुर: युवा इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों की नई पीढ़ी ने आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ाया, जब द एलएनएम इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एलएनएमआईआईटी), जयपुर ने मंगलवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में अपना 20वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। अकादमिक उपलब्धियों, महत्वाकांक्षाओं और राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प से परिपूर्ण इस अवसर पर 501 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. संघमित्रा बंद्योपाध्याय रहीं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कंप्यूटर वैज्ञानिक तथा भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) की पूर्व दो-कार्यकालीन निदेशक हैं। वर्ष 2015 से 2025 तक इस पद पर रहते हुए वे आईएसआई की पहली महिला निदेशक बनीं। प्रो. बंद्योपाध्याय ने आईएसआई कोलकाता से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है और वर्ष 1999 से संस्थान की मशीन इंटेलिजेंस यूनिट में संकाय सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। अपने संबोधन में, मुख्य अतिथि ने इस बात पर खुशी जताई कि संस्थान रिसर्च और स्टार्टअप्स पर ज़ोर दे रहा है, जिससे नए प्रोडक्ट तैयार हो रहे हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग के ज्ञान और कौशल को मिलाकर ऐसे प्रोडक्ट बनाने के महत्व पर ज़ोर दिया जो आज की चुनौतियों का समाधान कर सकें और भविष्य की समस्याओं को रोकने में मदद कर सकें। उन्होंने ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।  कार्यक्रम में गवर्निंग काउंसिल के सदस्य डॉ. जे. पी. शर्मा का अध्यक्षीय संबोधन भी हुआ। उन्होंने इस बात को समझने के महत्व पर ज़ोर दिया कि किसी समस्या को हल करने की ज़रूरत क्यों है और उसका समाधान समाज को कैसे फ़ायदा पहुँचा सकता है। उन्होंने ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को अपने प्रोफेशनल और पर्सनल जीवन में इन्हीं सिद्धांतों को अपनाने, लगातार अपने कौशल को विकसित करने और समाज की उन्नति में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। एलएनएमआईआईटी के निदेशक प्रो. राहुल बनर्जी ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता, उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता के साथ विद्यार्थियों को उद्योग और समाज में सार्थक योगदान के लिए तैयार करने के प्रयासों को रेखांकित किया। समारोह में कुल 503 विद्यार्थियों ने उपाधियां प्राप्त कीं। इनमें 466 बीटेक, 12 इंटीग्रेटेड बीटेक–एमटेक, 10 एमटेक और 8 एमएससी विद्यार्थी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 6 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उत्कृष्ट अकादमिक उपलब्धियों और सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं अन्य पुरस्कार प्रदान किए गए। चेयरमैन गोल्ड मेडल  अशर एजाज को प्रदान किया गया। डायरेक्टर गोल्ड मेडल (यूजी) सानिध्य मंगलूनिया को मिला, जबकि इंटीग्रेटेड बीटेक–एमटेक कार्यक्रम के लिए डायरेक्टर गोल्ड मेडल शिवानी पाठक को प्रदान किया गया। सर्वश्रेष्ठ बीटीपी पुरस्कार पार्थ बंसल, सानिध्य गुप्ता और श्रेयांश अग्रवाल को प्रदान किया गया। उन्होंने यह प्रोजेक्ट डॉ. प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में पूरा किया। समारोह में गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों, डीन, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों ने भाग लिया। संस्थान के कुलसचिव डॉ. पवन कुमार पारस ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की अकादमिक यात्रा का समापन भर नहीं, बल्कि एक व्यापक दायित्व की शुरुआत भी बना—ज्ञान का उद्देश्यपूर्ण उपयोग करने, दीर्घकालिक महत्व वाली प्रौद्योगिकियां विकसित करने और अधिक आत्मनिर्भर एवं समावेशी भारत के निर्माण में योगदान देने का दायित्व। अपने 20वें स्नातक समूह को भविष्य की ओर अग्रसर करते हुए एलएनएमआईआईटी ने सक्षम पेशेवरों, शोधकर्ताओं और भावी नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सुदृढ़ किया।  

    2020 सरपंच चुनाव हार के बाद यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव का चुनाव 29,877 हजार वोटों से जीते: एडवोकेट जितेन्द्र कुमार मीणा का करीब 13 साल का चुनावी सफर

    2013 में लॉ कॉलेज उपाध्यक्ष चुनाव में 16 वोट और 2019 में यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज चुनाव 20 वोट से हारे; अब यूथ कांग्रेस चुनाव में 29, 877 वोट लेकर चुनाव जीते जयपुर। राजनीति में हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं। राजस्थान युवा कांग्रेस के चुनाव में एडवोकेट जितेन्द्र कुमार मीणा को मिली जीत के बाद उनके समर्थकों के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि छात्र राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति तक के सफर में उन्हें कई चुनावी झटकों का सामना करना पड़ा। एडवोकेट जितेन्द्र कुमार मीणा ने 2023 में कांग्रेस के अग्रिम संगठन में NSUI राजस्थान प्रदेश महासचिव बने और उसके बाद भरतपुर संभाग के प्रभारी बने। राजस्थान युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव चुनाव में एडवोकेट जितेन्द्र कुमार मीणा को 29,877 वोट मिले। चुनावी सफर 2013 — कॉमर्स कॉलेज छात्रसंघ उपाध्यक्ष : हार 2019 — राजस्थान यूनिवर्सिटी विधि महाविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष: हार 2020— सरपंच चुनाव: हार 2023 — NSUI राजस्थान प्रदेश महासचिव बने 2026 — राजस्थान युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव चुनाव : जीते 29,877 वोट  

    इफेक्टिव एआई टूल्स फॉर टीचिंग पर हैंड्स-ऑन सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन किया

    जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन की ओर से ‘इफेक्टिव एआई टूल्स फॉर टीचिंग’ विषय पर हैंड्स-ऑन सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम एडुनेट फाउंडेशन एवं आईबीएम के सहयोग से आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों को शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना तथा उनके तकनीकी कौशल को विकसित करना था। कार्यक्रम में एडुनेट फाउंडेशन के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर राकेश वर्मा, मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, बी.एड. कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शिप्रा गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर राहुल अग्रवाल सहित एजुकेशन डिपार्टमेंट के फैकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा ने प्रतिभागियों को विभिन्न एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई की सहायता से लेसन प्लान, टीचिंग-लर्निंग मटेरियल, असेसमेंट, क्विज़ एवं असाइनमेंट तैयार करने के साथ-साथ क्लासरूम टीचिंग को अधिक प्रभावी, रोचक एवं इंटरैक्टिव बनाया जा सकता है। वर्कशॉप के दौरान फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने विभिन्न एआई टूल्स का स्वयं प्रयोग कर उनके व्यावहारिक उपयोग को समझा। इंटरैक्टिव एवं हैंड्स-ऑन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि एआई को शिक्षण प्रक्रिया में प्रभावी, जिम्मेदार एवं उद्देश्यपूर्ण तरीके से किस प्रकार शामिल किया जा सकता है। डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी के विजन के अनुरूप विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। इसी दिशा में प्रतिभागियों को एआई के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। सेमिनार के माध्यम से प्रतिभागियों को शिक्षा के क्षेत्र में एआई के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिली तथा उन्हें शिक्षण एवं अधिगम प्रक्रिया में उपयुक्त एआई टूल्स को प्रभावी एवं जिम्मेदारी के साथ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    राजस्थान के पंचायत राज और निकाय चुनावों एवं SIR की वोटर लिस्टों में विरोधावास से उठा बड़ा सवाल कौनसी वोटर लिस्ट सही है ?

    राजस्थान के पंचायत राज और निकाय चुनावों एवं SIR की वोटर लिस्टों में विरोधावास से उठा बड़ा सवाल कौनसी वोटर लिस्ट सही है ? ECI और SEC की सूचियों में लगभग 30 लाख नामों का अंतर SIR में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटने पर गंभीर सवाल, राजस्थान से उपजा जनता द्वारा वोटर लिस्ट की गहन सोशल ऑडिट ही असली समाधान SEC द्वारा स्वच्छ पंचायतीराज राज चुनाव कराने में जन निगरानी की व्यवस्था नामंजूर जयपुर, देश भर में SIR पर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच राजस्थान में राजस्थान चुनाव आयोग द्वारा निकाय चुनावों में उपयोग में ले गई एवं ली जा रही मतदाता सूचियों में मतदाताओं की संख्या में बहुत बड़ा अंतर है जो गंभीर सवाल खड़े करता है. राजस्थान में SIR समाप्त होने के बाद और उसके मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं राजस्थान सरकार द्वारा गुणगान किये जाने के बाद, शहरी निकाय एवं पंचायती राज चुनाव में पुरानी 2025 की मतदाता सोची काम में ली गई है. उस सूची को SIR से अलग प्रक्रिया से अपडेट किया गया है, इसके परिणामस्वरूप राज्य चुनाव आयोग द्वारा लिए गए वोटर लिस्ट और SIR वोटर लिस्ट में कम से कम 45 लाख का अंतर है. राज्य सरकार को चुनाव आयोग को एवं राज्य चुनाव आयुक्त को स्पष्ट करना चाहिए कि कौनसी लिस्ट को वो सही मानते हैं और किस वजह से? जनता के सामने दोंनों ही लिस्ट संदिग्ध लगती है और लिस्टों को तैयार करने वाली एजेंसियों एवं उनकी प्रक्रियाओं पर सवाल उठते हैं जो लोकतंत्र की नींव को कमजोर करते हैं. हमारा मानना है कि हर वोटर का वोट डालने का मूल अधिकार है जिसे प्रक्रियाओं द्वारा चीन जा रहा है और यह उसके जीने के अधिकार के साथ जुड़ा हुआ है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उपलब्ध दस्तावेजों, जमीनी सत्यापन और विभिन्न राज्यों के अनुभवों से यह स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। राजस्थान में 2002–03 के SIR के दौरान अपनाई गई घर-घर सत्यापन, ग्राम सभा, वार्ड सभा और सार्वजनिक रूप से मतदाता सूची पढ़ने की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप लगभग 16 लाख नाम मतदाता सूची में जोड़े गए थे। वर्तमान SIR के संदर्भ में इसी प्रभावी प्रक्रिया को दोबारा लागू करने की मांग की जा रही है। 2002–03 की प्रक्रिया और RTI से प्राप्त दस्तावेज 2002 में राजस्थान सहित कई राज्यों में SIR के दौरान बड़ी संख्या में सही मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जबकि कई अपात्र नाम भी सूची में बने रहे। नागरिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त जेम्स लिंडो के समक्ष इसकी शिकायत की। इसके बाद वे राजस्थान आए और जयपुर स्थित हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (OTS) में विभिन्न समूहों के साथ बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि मतदाता सूची की गलतियों को दूर करने के लिए लोगों के बीच जाकर सूची का वाचन किया जाए और ग्राम सभा, वार्ड सभा तथा नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से लोगों को सूची दिखाई जाए। 6 अगस्त 2003 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए और इसके परिणामस्वरूप राजस्थान में लगभग 16 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए। इसी अनुभव के आधार पर 2002–03 की प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज RTI के माध्यम से मांगे गए। नवंबर 2025 में RTI दाखिल होने से लेकर जून 2026 तक प्रथम अपील, द्वितीय अपील, राज्य सूचना आयोग की सुनवाई, पुरानी फाइलों का निरीक्षण और लगभग 1,800 पन्नों से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया चली। मंगोलपुरी( दिल्ली) और कर्नाटक ने दिखाया जनभागीदारी से संभव है सही सत्यापन दिल्ली के मंगोलपुरी Y ब्लॉक में 5 सितंबर 2026 को हुई जन सुनवाई में SIR की जमीनी प्रक्रिया की गंभीर कमियां सामने आईं। आठ बूथों के 1,516 घरों में से 1,448 घरों का सत्यापन नागरिक स्वयंसेवकों ने किया। जनवरी 2025 की सूची में दर्ज 9,838 मतदाताओं में से केवल 5,639 नाम प्रारूप SIR सूची में आए, जबकि 2,781 नाम ASDD सूची में और 1,328 नाम किसी भी सूची में नहीं मिले। घर-घर सत्यापन में 450 से अधिक ऐसे लोग मिले जो ASDD में डाले जाने के बावजूद उसी पते पर रह रहे थे और 500 से अधिक लोग ऐसे मिले जिनका नाम किसी भी सूची में नहीं था। कई लोग 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डाल चुके थे। इसके विपरीत कर्नाटक के मैसूरु जिले की हिरेहल्ली ग्राम पंचायत में नागरिक संगठनों और प्रशासन ने मिलकर घर-घर सत्यापन और जन सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई। 16 मई 2026 को छह बूथों के 5,367 मतदाताओं में से 4,370 यानी 81.4 प्रतिशत का एक ही दिन में भौतिक सत्यापन किया गया। अगले दिन जन सुनवाई में 96 निवासी तथा संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इस प्रक्रिया में नए नाम जोड़ने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने तथा जन्मतिथि और पारिवारिक विवरण सुधारने की बड़ी संख्या में मांगें सामने आईं। यह अनुभव बताता है कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से मतदाता सूची का प्रभावी सत्यापन संभव है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और राजस्थान चुनाव आयोग (SEC) की सूचियों में लगभग 30 लाख नामों का गंभीर अंतर ECI की SIR अंतिम सूची और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की स्थानीय निकाय मतदाता सूचियों के तुलनात्मक अध्ययन में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। ECI की SIR अंतिम सूची और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की स्थानीय निकाय मतदाता सूचियों के तुलनात्मक अध्ययन में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। ECI की SIR अंतिम सूची, विलोपन सूची और SEC की लगभग 1.47 लाख सूची-फाइलों का EPIC नंबर के आधार पर मिलान किया गया। अध्ययन के अनुसार SIR में हटाए गए 26.63 लाख मतदाता अभी भी SEC की 2026 की नगरीय और पंचायत मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। यह ECI की मसौदा सूची से बाहर किए गए 41.85 लाख नामों का लगभग 64 प्रतिशत है। SIR में कुल 44.28 लाख नाम हटाए गए और 12.91 लाख जोड़े गए, जिससे ECI की मतदाता संख्या 5.47 करोड़ से घटकर 5.15 करोड़ रह गई; उन्हीं 199 विधानसभा क्षेत्रों में SEC की सूची में लगभग 5.45 करोड़ मतदाता हैं। इन 26.63 लाख नामों में 17.57 लाख लोगों को "स्थायी रूप से स्थानांतरित", 3.68 लाख को "अनुपस्थित/अप्राप्य" और 1.86 लाख को "पहले से नामांकित (डुप्लीकेट)" बताकर हटाया गया। 3.52 लाख नाम मृत्यु के आधार पर हटाए गए, जिनमें 40 वर्ष से कम उम्र के 42,293 नामों की विशेष जांच आवश्यक है। इन 26.63 लाख मतदाताओं में 58 प्रतिशत महिलाएं हैं और 81 प्रतिशत की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच है। जयपुर सहित कई शहरी क्षेत्रों में भी अंतर उल्लेखनीय है। जयपुर की सिविल लाइन्स, विद्याधर नगर, सांगानेर, किशनपोल और हवामहल सीटों में नगरीय मतदाता सूची के 10 प्रतिशत से अधिक मतदाता ऐसे हैं जिन्हें SIR में हटाया गया था। दूसरी ओर ECI की अंतिम सूची के अधिकतम 15.52 लाख मतदाता किसी स्थानीय निकाय सूची में नहीं हैं, जिनमें 55 प्रतिशत 18–25 वर्ष की आयु के हैं। हमारी मांगें:- सत्यापन में जनता की भागीदारी और स्वतंत्र निगरानी हो 2 अक्टूबर 2026 को सामने आए चुनाव आयोग के आदेश में SIR पूरा कर चुके राज्यों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान के लिए BLO को घर-घर जाकर सत्यापन करने और Form-6 लेने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश स्वयं इस आवश्यकता को रेखांकित करता है कि SIR के बाद भी बड़ी संख्या में छूटे मतदाताओं की पहचान करनी पड़ रही है. इसका मतलब है कि SIR में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। हमारी प्रमुख मांगें हैं— 1. छूटे हुए प्रत्येक नाम और उसके हटने का कारण वार्ड एवं ग्राम स्तर पर सार्वजनिक किया जाए। 2. सत्यापन के परिणाम ग्राम सभा और वार्ड सभा में पढ़े जाएं तथा आपत्तियों पर वहीं कार्रवाई शुरू हो। 3. सत्यापन केवल उसी BLO के भरोसे न छोड़ा जाए जिसने पहले नाम हटाए थे; नागरिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों की स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित की जाए। 4. जिन मतदाताओं के नाम प्रशासनिक गलती से हटे हैं, उन्हें नए मतदाता की तरह Form-6 भरने के लिए बाध्य न किया जाए; उनके नाम सीधे बहाल किए जाएं। 5. राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूचियों में आवश्यक सुधार समय रहते पूरा किया जाए। 6. राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों की जो घोषणा की गई है उसमें सरपंच और वार्ड पंच को सिम्बल आवंटन के बाद चुनाव चिन्ह के प्रचार के लिए कुछ घंटे ही दिए हैं जिसमें पूर्व में बनाई गई व्यवस्था को ख़त्म कर दिया गया है जिसमें पंच और सरपंच के आवेदन पहले लिए जाते थे और उनको चुनाव चिन्ह आवंटन कर दिया जाता था उसी व्यवस्था को राजस्थान में बहाल किया जाये. मतदाता सूची केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार का आधार है। इसलिए इसका निर्माण और संशोधन जनता की भागीदारी, पारदर्शिता और स्वतंत्र निगरानी के साथ होना चाहिए। 2002–03 का राजस्थान अनुभव, कर्नाटक का हिरेहल्ली मॉडल और मंगोलपुरी की जमीनी जांच, तीनों हमें यही रास्ता दिखाते हैं।

    ईश्वर मेटल्स का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में छात्राओं हेतु आयोजित विभागीय गतिविधियों के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशासन (बीबीए) विभाग द्वारा जयपुर के वीकेआई क्षेत्र स्थित ईश्वर मेटल्स का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण की रूपरेखा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन में डॉ. दमयंती सोढा द्वारा तैयार की गई। इस शैक्षणिक भ्रमण में बीबीए की 45 छात्राओं ने भाग लिया, जिनके साथ संकाय सदस्य डॉ. प्रीति अग्रवाल एवं डॉ. टीना सिंह मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे। कारखाने में भ्रमण के दौरान छात्राओं को तांबे एवं अन्य धातुओं से बनने वाले तारों के निर्माण की व्यावहारिक प्रक्रिया को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। उद्योग के विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को विभिन्न श्रेणियों, आकारों और आवश्यकताओं के अनुसार तार तैयार करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया बताई गई साथ ही यह भी बताया कि सुरक्षा एवं इन्सुलेशन मानकों को पूरा करने के लिए उन पर पीवीसी की कोटिंग किस तरह चढ़ाई जाती है। यह औद्योगिक भ्रमण छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और समृद्ध अनुभव सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान को औद्योगिक संचालन की व्यावहारिक प्रक्रियाओं से जोड़कर समझने में सहायता मिली। भ्रमण के सफल एवं शिक्षाप्रद समापन के पश्चात सभी विद्यार्थियों तथा प्राध्यापिकाओं ने “आपणो राजस्थान” में दोपहर के भोजन का आनंद लिया और दिनभर के अनुभव साझा किए।  

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में कैलीग्राफी कार्यशाला का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के अंग्रेजी विभाग द्वारा कैलीग्राफी कार्यशाला का आयोजन किया गया। विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में सुप्रसिद्ध कैलीग्राफी कलाकार हरिशंकर बालोठिया विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला में 60 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा कैलीग्राफी की विविध तकनीकों का प्रायोगिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। बालोठिया ने कार्यशाला के दौरान छात्राओं को कैलीग्राफी की विभिन्न शैलियों का व्यावहारिक प्रदर्शन करवाया। उन्होंने फाउंडेशनल हैंड, अनसियल स्क्रिप्ट और रोमन कैपिटल लेटर्स सहित लोअर केस, अपर केस और न्यूमेरिकल्स (0 से 9) की विभिन्न फॉन्ट शैलियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे अक्षरों की बनावट, स्ट्रोक और अनुपात पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया तथा अपने प्रेरक विचार प्रस्तुत किए। दिनांक 25 सितंबर 2026 को आयोजित कैलीग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं कार्यशाला के अंत में प्रमाण-पत्र दिये गये। विजेताओं में प्रथम स्थान पर रुद्राक्षी तोशनीवाल (बी.कॉम सेमेस्टर प्रथम), द्वितीय स्थान पर पायल मीना (बी.ए. इंग्लिश ऑनर्स सेमेस्टर प्रथम) और तृतीय स्थान पर हर्षिता रत्नावत (बी.ए. सेमेस्टर तृतीय) ने पुरस्कार प्राप्त किया।