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    सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने वृक्षारोपण कर सादगी से मनाया जन्मदिन

    जयपुर। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन के इस दौर में श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति के सचिव सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने अपने जन्मदिवस के शुभ अवसर पर वृक्षारोपण कर जीवन के नववर्ष की शुरूआत की। उन्होंने किसी भी तड़क-भड़क वाले आयोजन की जगह वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। उन्होंने अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर भवानी निकेतन परिसर में फलदार और छायादार पौधे रोपे। इस अवसर पर उपस्थित छात्र/छात्राओं, शिक्षाविद् और समाजसेवियों ने बताया कि विकास की अंधी दौड़ में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जिससे धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है, ऐसे संकट के समय में हर व्यक्ति को अपने जन्मदिन, परिजनों की याद में व बच्चों के जन्मदिन व खास मौके पर पौधारोपण कर उसके बड़े होने तक उसकी जिम्मेदारी लेते हुए पर्यावरण को स्वस्थ बनाने में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने कहा कि आज लगाया गया एक छोटा सा पौधा आने वाली पीढि़यों को शुद्ध हवा, अॉक्सीजन और जीवन देगा, यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे सुंदर तरीका है। हर वर्ष इस पौधे को बढ़ते देखना मुझे एक अलग ही अलौकिक आनंद की अनुभूति कराएगा। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए अपने-अपने जन्मदिन पर अनिवार्य रूप से ’एक पेड़’ लगाने और उसकी देखरेख करने का संकल्प लिया।  

    महंत श्री नरेश पुरी जी महाराज ने संस्कृत विश्वविद्यालय को दी ₹21 लाख की सहायता एवं राशन सामग्री कुलगुरु एवं कुलसचिव के प्रयासों से छात्रावास के विद्यार्थियों के भोजन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम की ओर से विद्यार्थियों के हित में

    जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर में अध्ययनरत छात्रावास के विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत हर्षद एवं प्रेरणादायी समाचार आया है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों की उत्तम भोजन व्यवस्था हेतु श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम के पीठाधीश्वर महंत 1008 श्री डॉ.नरेश पुरी जी महाराज ने ₹21 लाख (इक्कीस लाख रुपये) की आर्थिक सहायता के साथ-साथ राशन सामग्री प्रदान करने की सहर्ष स्वीकृति दी है। यह ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी निर्णय विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो मदन मोहन झा एवं कुलसचिव डॉ गुंजन सोनी के निरंतर परिश्रम, दूरगामी सोच और विद्यार्थियों के कल्याण के प्रति उनके अनवरत प्रयासों का सुखद परिणाम है। विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार इस प्रयास में जुटा था कि दूर-दराज के ग्रामीण व संस्कृत अनुरागी परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ भोजन-आवास की सुविधा मिल सके। कुलगुरु प्रो मदन मोहन झा एवं कुलसचिव डॉ गुंजन सोनी ने संस्कृत शिक्षा के संवर्धन और विद्यार्थियों के पोषण एवं स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए इस संदर्भ में महंत डॉ.श्री नरेश पुरी जी महाराज से संपर्क एवं संवाद स्थापित किया था। अधिकारियों की इस छात्र-हितैषी भावना और समर्पण से प्रभावित होकर पूज्य महंत जी ने यह उदार आर्थिक एवं भौतिक सहयोग प्रदान करने की घोषणा की। महंत 1008 श्री नरेश पुरी जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि "संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा है। संस्कृत के अध्येताओं एवं शोधार्थियों की सेवा करना वस्तुतः देव-सेवा के समान है। श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम सदैव जनकल्याण और धर्म-शिक्षा के संवर्धन में अग्रणी रहा है।" विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं कुलसचिव ने परम पूज्य महंत श्री नरेश पुरी जी महाराज का इस पावन सहयोग एवं संबल के लिए संपूर्ण विश्वविद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूज्य महाराज श्री का यह योगदान न केवल विद्यार्थियों के दैनिक जीवन को सुगम बनाएगा, बल्कि उन्हें चिंतामुक्त होकर अपनी शिक्षा एवं अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने की ऊर्जा भी प्रदान करेगा। इस अभूतपूर्व सहयोग पर विश्वविद्यालय के अध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्रावास के विद्यार्थियों में अपार हर्ष की लहर है और सभी ने परम पूज्य महंत जी तथा विश्वविद्यालय नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है। इस अवसर पर डॉ कुलदीप सिंह पालावत,डॉ शत्रुघन सिंह श्री रामेष्ट वेद गुरुकुल के डॉ घनश्याम हरनेदिया उपस्थित थे  

    एआई के इस दौर में पीयर-लर्निंग और व्यावहारिक ज्ञान ही है सबसे बड़ा एसेट- सार्थक अहूजा, जेईसीआरसी ओरिएंट

    -एंटरप्रेन्योर्स ने 'बिल्डर्स माइंडसेट' पर की चर्चा, कॉलेज के पहले साल से ही समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने की दी सलाह जयपुर, "सफलता कभी उपहार में नहीं मिलती, बल्कि वह तो लगातार की गई मेहनत से गढ़ी जाती है।" इसी विचार के साथ जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के 'ओरिएंट 2026' के आखरी दिन छात्रों को 'ओवरनाइट सक्सेस' के भ्रम को तोड़कर असली 'ग्राइंड' की अहमियत समझाई गई। इस एआई और डिजिटल एरा की डायनामिक दुनिया में टिके रहने के लिए निरंतर खुद को 'अपस्किल' करना, नया सीखना और अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर प्रयोग करने को असली गेम-चेंजर बताया गया। जेईसीआरसी के डिजिटल स्ट्रेटजीज डायरेक्टर धीमांत अग्रवाल और विख्यात फाइनेंशियल एजुकेटर, इन्वेस्टमेंट बैंकर एवं ऑथर सार्थक अहूजा के बीच स्टूडेंट लाइफ, इकोनॉमी और करियर डेवलपमेंट पर चर्चा हुई। सत्र का आगाज़ करते हुए धीमांत अग्रवाल ने 28 राज्यों से आए छात्रों की व्यावहारिक समस्याओं को रेखांकित करते हुए पूछा कि ₹5,000 जैसी सीमित पॉकेट मनी में छात्र अपना वित्तीय संतुलन कैसे बनाएं। इस पर सार्थक आहूजा ने स्पष्ट किया कि छात्र जीवन में बचत से अधिक प्राथमिकता खुद पर निवेश को दी जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इस राशि का 20 प्रतिशत भाग (तकरीबन ₹1,000) हर महीने अपनी लर्निंग, स्किल डेवलपमेंट और नए अनुभवों में लगाना चाहिए, क्योंकि एआई के इस दौर में पीयर-लर्निंग और व्यावहारिक ज्ञान ही सबसे बड़ा एसेट है। वहीं, मेट्रोपोलिटन शहरों के मुकाबले टियर 2-टियर 3 सिटीज़ में करियर और प्लेसमेंट की संभावनाओं पर बात करते हुए सार्थक ने जयपुर को देश का सबसे तेज़ी से उभरता टियर-2 शहर करार दिया। उन्होंने बहती नदी का उदाहरण देते हुए समझाया कि दिल्ली या मुंबई जैसे मैच्योर शहरों में अत्यधिक महंगाई के कारण वास्तविक बचत कम रह जाती है। इसके विपरीत, जयपुर वर्तमान में एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ आगामी तीन वर्षों में रोजगार के अवसर दोगुनी रफ्तार से बढ़ेंगे, जिससे कम लागत में बेहतर लाइफस्टाइल और तेज़ करियर ग्रोथ मिलना तय है। इसी कड़ी में, धीमांत अग्रवाल ने छात्रों की दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए रोज़ाना खुद को अपडेट रखने और सीखने के प्रभावी माध्यमों पर मार्गदर्शन दिया। डिग्रियां या परीक्षा के अंकों को सफलता का वास्तविक मापदंड नहीं मानते हुए सार्थक ने स्टूडेंट्स को प्रेरित किया कि वे प्रतिदिन सीखी गई किसी एक नई बात को रिकॉर्ड करें, सबस्टैक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आर्टिकल्स पढ़ें और अपनी जिज्ञासा को आदत बनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि निरंतरता और कंपाउंडिंग की शक्ति से अर्जित की गई स्किल्स ही भविष्य में एआई की चुनौतियों का मुकाबला कर सकती हैं। इसी तरह, 'बिल्डर्स माइंडसेट' और जनरेटिव एआई के भविष्य पर चर्चा करते हुए अर्जुन वैद्य (फ़ाउंडर व इन्वेस्टर) और निवेदन राठी (एआई स्ट्रेटेजिस्ट व एंटरप्रिन्योर) ने छात्रों को समस्याओं की पहचान कर उनका व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई जैसी आधुनिक तकनीकों से डरने के बजाय इन्हें काम को आसान बनाने और नया सीखने के सशक्त माध्यम के रूप में अपनाना चाहिए- हालांकि इसके इस्तेमाल में डेटा गोपनीयता के प्रति सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। अपने निजी व्यावसायिक अनुभवों को साझा करते हुए, उन्होंने ने स्टूडेंट्स को कॉलेज के पहले साल से ही प्रॉब्लम-सॉल्विंग अप्रोच, नवाचार और सही तकनीकों का इस्तेमाल कर आगे बढ़ने की सलाह दी। अपने सत्र में पूर्व आईएस अधिकारी, लेखक और लीडरशिप एक्सपर्ट विवेक अत्रे ने छात्रों को जीवन में स्पष्टता, इमोशनल इंटेलिजेंस और मजबूत जीवन मूल्यों की अहमियत समझाई। उन्होंने कहा कि असली सफलता केवल तकनीकी ज्ञान से नहीं, बल्कि सही एटीट्यूड, अनुशासन और शांत मन से हासिल होती है। साथ ही छात्रों को तनावमुक्त रहकर सीखने, अपनी लीडरशिप स्किल्स को निखारने और करियर के साथ एक बेहतर इंसान बनने का मूलमंत्र दिया। युवाओं में नया जोश भरते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने कॉलेज को बिना किसी झिझक के सीखने, नए प्रयोग करने और स्वयं को बेहतर बनाने का सबसे उपयुक्त मंच बताया। उन्होंने छात्रों को नए रास्ते चुनने, अपनी रुचि के क्षेत्र में निडर होकर आगे बढ़ने तथा डिजिटल सुरक्षा और सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं की यही साहसी और जिम्मेदार सोच आगे चलकर एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण का आधार बनती है। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षकों के योगदान पर भी विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का जीवन जितना दिखाई देता है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। शिक्षक घर की जिम्मेदारियां निभाने के साथ विश्वविद्यालय आकर विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं, उनकी शंकाओं का समाधान करते हैं, असाइनमेंट्स का मूल्यांकन करते हैं और फिर घर लौटकर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। इसके बावजूद वे पूरे समर्पण और धैर्य के साथ समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं। अर्पित अग्रवाल ने कहा कि शिक्षण केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने का सबसे श्रेष्ठ और सबसे सम्मानित पेशा है। जो व्यक्ति अध्यापन को चुनता है, वह केवल अपना करियर नहीं बनाता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारने का संकल्प लेकर इस क्षेत्र में आता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करें, उनसे अधिक से अधिक सीखें और उनके अनुभवों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के आने वाले वर्षों में आपके शिक्षक ही आपके सबसे बड़े मार्गदर्शक होंगे, जो आपको सही दिशा दिखाएंगे और जीवन के हर महत्वपूर्ण निर्णय में आपका साथ देंगे। ज्ञान और प्रेरणा से भरे इस दिन का समापन लाइव बैंड परफॉर्मेंस के साथ हुआ, जिसने छात्रों को ऊर्जा और अमिट यादों से सराबोर किया।  

    हॉस्पिटल आईसीयू से भी सत्याग्रह जारी: अनशन के 9वें दिन एसएमएस अस्पताल के MICU 7 (बेड नं. 4) से छात्र नेता शुभम रेवाड़ की बिगड़ी तबीयत के बीच ललकार

    जयपुर | राजस्थान विश्वविद्यालय में अपनी मातृभाषा राजस्थानी के मान-सम्मान ('राजस्थानी भाषा विभाग' के गठन) और छात्र लोकतंत्र की बहाली ('छात्रसंघ चुनाव') की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ का सत्याग्रह आज 9वें दिन भी जारी है। पुलिस द्वारा विश्वविद्यालय परिसर से जबरन उठाए जाने के बाद सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती कराए गए शुभम रेवाड़ की तबीयत में लगातार गिरावट आई है। लगातार 9 दिनों के अन्न-त्याग के कारण शरीर में शर्करा (शुगर) और ब्लड प्रेशर के खतरनाक स्तर तक गिरने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें तत्काल आईसीयू (MICU 7, बेड नंबर 4) में शिफ्ट किया है। गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों और आईसीयू की मॉनिटरिंग के बावजूद छात्र नेता शुभम रेवाड़ अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग हैं। उन्होंने एसएमएस अस्पताल के MICU 7 (बेड नं. 4) से ही अपना कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा: "प्रशासन और सरकार चाहे मुझे अनशन स्थल से उठाकर आईसीयू के बेड पर लिटा दे, ड्रिप चढ़ा दे या पुलिस का पहरा बिठा दे, लेकिन मेरी रूह और राजस्थान के युवाओं का स्वाभिमान झुकने वाला नहीं है। शरीर में सांस चलने तक मेरा यह अन्न-त्याग और सत्याग्रह अनवरत जारी रहेगा। जब तक सरकार 'राजस्थानी भाषा विभाग' और 'छात्रसंघ चुनाव' का लिखित आदेश जारी नहीं करती, अस्पताल का बेड ही मेरा मोर्चा रहेगा।" हमारी 2 स्पष्ट एवं गैर-समझौतावादी मांगें: राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना: राजस्थान विश्वविद्यालय में पृथक 'राजस्थानी भाषा विभाग' का अविलंब गठन कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाए। छात्रसंघ चुनाव की बहाली: प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया (छात्रसंघ चुनाव) तुरंत बहाल की जाए।  

    विदेसी भाषा सीखजो, पण मायड़ भासा कदे मत छोड़जो- निवृत्ति कुमारी मेवाड़, जेईसीआरसी ओरिएंट 2026

    -एक्सपेरिमेंट, स्किल्स और पेशेंस से बनता है सक्सेसफुल करियर- जयंत मुंधड़ा, जेयू ओरिएंट 2026 जयपुर, किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन की सीख, नए अवसरों और प्रेरणादायी अनुभवों से रूबरू होते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने सीखने के एक नए आयाम का अनुभव किया। विभिन्न संवादात्मक सेशंस के माध्यम से उन्हें जेईसीआरसी की पहल, स्टूडेंट सोसायटीज़ और कैंपस में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराया गया, वहीं विविध क्षेत्रों की हस्तियों ने अपने अनुभव साझा कर उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी। विद्यार्थियों को करियर के साथ जीवन के व्यापक दृष्टिकोण पर सोचने के लिए प्रेरित करते हुए मेवाड़ राजघराने की निवृत्ति कुमारी और जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर– पीपल एंड कल्चर ध्रुवी अग्रवाल नें बातचीत के दौरान नेतृत्व, चरित्र निर्माण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, एआई व मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर विचार साझा किए। सफलता और चरित्र के अंतर को रेखांकित करते हुए ध्रुवी अग्रवाल ने बताया कि डिग्री करियर बना सकती है, लेकिन मजबूत व्यक्तित्व ही स्थायी पहचान व लेगेसी दिलाता है। उनके प्रश्नों के उत्तर में निवृत्ति कुमारी ने मेवाड़ की सेवा, साहस और त्याग की परंपरा का उल्लेख करते हुए छात्रों से परिवार से मिले संस्कार, वैल्यूज़ और एथिक्स को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन केवल स्वतंत्रता का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी पड़ाव है, जहाँ सही और गलत के बीच निर्णय स्वयं लेने होते हैं। सच्चे लीडरशीप की परिभाषा देते हुए उन्होंने सेल्फ़लेस सर्विस और सैक्रिफाइस को सबसे बड़ा आधार बताया। अपने छात्र जीवन, स्विट्ज़रलैंड में शिक्षा एवं उद्यमिता की यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने संघर्ष, निरंतर सीखने, मानसिक स्वास्थ्य, अच्छे मित्रों के चयन, मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने के महत्व पर बल दिया। एआई पर उन्होंने कहा कि टेक्नॉलजी चाहे कितनी भी आगे बढ़ जाए, मानवीय स्पर्श, इमोशन्स और एम्पैथी का कोई विकल्प नहीं हो सकता। वहीं ध्रुवी अग्रवाल ने स्टूडेंट्स को संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सफल प्रोफ़ेशनल्स तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे संवेदनशील, जिम्मेदार और मूल्यनिष्ठ नागरिक तैयार करना है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन कर सकें। इसी कड़ी में, यूथ को करियर प्लानिंग, स्किल डेवलपमेंट और बदलती प्रोफेशनल दुनिया के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित करते हुए फाइनेंशियल एजुकेटर व कंटेंट क्रिएटर जयंत मुंधरा ने कहा कि करियर की शुरुआत में खुद को किसी एक विकल्प तक सीमित करने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में एक्सप्लोर करना, नई स्किल्स सीखना और लगातार खुद को बेहतर बनाना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने स्टूडेंट्स को एआई का प्रभावी उपयोग करने, समय और एनर्जी का सही निवेश करने, फेल्योर से सीखने तथा धैर्य और स्पष्ट विज़न के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया। लिंक्डइन स्ट्रैटेजिस्ट एवं पर्सनल ब्रांडिंग एक्सपर्ट मीती शाह तथा एआई कंटेंट क्रिएटर एवं मार्केटिंग प्रोफेशनल यशिका साधवानी ने डिजिटल युग में उभरते अवसरों, पर्सनल ब्रांडिंग और कंटेंट क्रिएशन की बदलती दुनिया पर संवाद किया। उन्होंने बताया कि आज प्रभावशाली पहचान केवल ऑनलाइन मौजूदगी से नहीं, बल्कि मौलिक सोच, निरंतर सीखने और सार्थक कंटेंट के माध्यम से बनती है। दोनों वक्ताओं ने युवाओं को तकनीक के साथ कदम मिलाते हुए अपनी रचनात्मकता और कौशल को आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने रखने का संदेश दिया। वहीं, एलुमनाई इंट्रैक्शन के दौरान पूर्व स्टूडेंट्स ने कैंपस जीवन से लेकर ग्रेजुएशन के बाद की पेशेवर यात्रा तक के अपने अनुभव साझा करते हुए करियर विकल्पों, हायर एजुकेशन, इंडस्ट्री की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। संवाद के माध्यम से उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूनिवर्सिटी का हर अनुभव भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  

    कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने तख्तगढ़ सीएचसी का किया निरीक्षण

    आरएमआरएस की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश तख्तगढ़। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने अपने सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान तखतगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी ) का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं आमजन को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुलभ व प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (आरएमआरएस) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने चिकित्सालय की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य रूप से अस्पताल में मरीजों को सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही अस्पताल में प्रस्तावित नए निर्माण कार्यों, परिसर की नियमित स्वच्छता व्यवस्था, मरीजों व उनके परिजनों के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, मौसमी बीमारियों से बचाव तथा अन्य आवश्यक जनसुविधाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न अहम विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश कैबिनेट मंत्री ने बैठक में उपस्थित संबंधित प्रशासनिक और चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों (परिजनों) को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए। अस्पताल परिसर का किया जमीनी निरीक्षण बैठक के समापन के पश्चात मंत्री कुमावत ने स्वयं अस्पताल के विभिन्न वार्डों और परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों के लिए उपलब्ध बेड की स्थिति देखी, इनडोर व आउटडोर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और राज्य सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क दवा वितरण केंद्र (डीडीडब्लयू) का भी निरीक्षण कर दवाइयों की उपलब्धता की जांच की। मंत्री ने वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल की सेवाओं, डॉक्टरों की उपलब्धता और मिलने वाली मुफ्त दवाओं के बारे में फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने की हिदायत दी। निर्माणाधीन पशु चिकित्सालय भवन का निरीक्षण पशुपालन विभाग के कैबिनेट मंत्री होने के नाते जोराराम कुमावत ने अपने मूल विभाग की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तखतगढ़ स्थित राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय के निर्माणाधीन भवन का मुख्य रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता को देखा और उपस्थित अधिकारियों व ठेकेदार को निर्देशित किया कि भवन का निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के पशुपालकों और मूक पशुओं को जल्द से जल्द आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। तखतगढ़ प्रवास और निरीक्षण के दौरान सुमेरपुर उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार, ललित रांकावत निवर्तमान अध्यक्ष नगर पालिका तखतगढ़, पूनम सिंह परमार जिला उपाध्यक्ष, मनोज नामा निवर्तमान उपाध्यक्ष नगरपालिका तखतगढ़, देवाराम चौधरी निवर्तमान पार्षद, दिनेश कुमावत पूर्व महामंत्री तखतगढ़ मंडल, श्री राम सिंह कांबवत उपाध्यक्ष तखतगढ़ मंडल मौजूद रहे।  

    कैबिनेट मंत्री कुमावत ने ली समीक्षा बैठक, लाभार्थियों को बांटे पट्टे और चेक

    सुमेरपुर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को सुमेरपुर नगरपालिका परिसर में विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री कुमावत ने आमजन की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को बेहद गंभीरता से लिया और उनके त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश मंत्री जोराराम कुमावत ने आमजन को राहत पहुंचाने के लिए शहर में जलापूर्ति को पूरी तरह सुचारू बनाने और हर घर तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने पीडब्लयूडी के अधिकारियों को शहर की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का तत्काल रख-रखाव और मरम्मत कार्य शुरू करने को कहा। नगर पालिका क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए। मानसून को लेकर विशेष सतर्कता : फोगिंग के आदेश मानसून सत्र के मद्देनजर मंत्री कुमावत ने मौसमी बीमारियों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने क्षेत्र में मच्छरों के पनपने से होने वाले संभावित रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया) की रोकथाम के लिए पूरे सुमेरपुर शहर में नियमित रूप से फोगिंग करवाने के सख्त निर्देश नगर पालिका प्रशासन को दिए। समीक्षा बैठक में मानसून के दौरान आमजन को राहत देने और शहरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मंत्री कुमावत ने कहा- शहर के सभी प्रमुख नालों की नियमित सफाई की जाए। 'कचरा पॉइंट्स' से समय पर कचरा उठाया जाए और घर-घर कचरा संग्रहण (डूर-टू-डोर कलेक्शन) व्यवस्था को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाया जाए। श्री कुमावत ने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में पानी का भराव न होने पाए। इसके लिए जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और सीवरेज लाइनों की निरंतर सफाई सुनिश्चित की जाए। श्री कुमावत ने कहा कि बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई और टूटी सड़कों की तुरंत पहचान कर उनकी युद्धस्तर पर मरम्मत (पैच वर्क) कराई जाए ताकि आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने कहा-सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों में सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जाए। मंत्री ने कहा कि सफाई और विकास कार्यों की पारदर्शिता तथा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग (कंट्रोल रूम द्वारा निगरानी) को मजबूत किया जाए। मंत्री श्री कुमावत ने अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए ताकि धरातल पर परिणाम नजर आएं। शहरी सेवा शिविर का अवलोकन बैठक के पश्चात कैबिनेट मंत्री ने नगरपालिका परिसर में ही संचालित हो रहे 'शहरी सेवा शिविर' का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मंत्री के हाथों विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनोप सिंह, एसडीएम कालूराम कुम्हार, ईओ नरपतसिंह राजपुरोहित, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष चतुर्भुज शर्मा, नगर मण्डल अध्यक्ष रविकांत रावल, पूर्व मण्डल अध्यक्ष महेंद्र माली, मांगीलाल सुथार, पशुधन प्रकोष्ठ के जिला संयोजक लालाराम देवासी, साण्डेराव मण्डल के महामंत्री मुकेश मोदी, पूर्व पार्षद पर्बत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

    राजस्थान विश्वविद्यालय गेट पर एबीवीपी का जैसलमेर के कोतवाली थाना अधिकारी को निलंबन करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन

    राष्ट्र विरोधी विचार रखने वाले थाना अधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए शुभेन्द्र सिंह निर्वाण ( प्रदेश मंत्री जयपुर प्रांत) जयपुर. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा जैसलमेर के कोतवाला थाना अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया गया। कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष में तिरंगा रैली की परमिशन लेने गए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को परमिशन न देकर उनके साथ अभद्रता का व्यवहार किया गया।तथा उनका डिटेल करके थाने में बिठाया गया। राजस्थान वह प्रदेश है जिसमें सबसे ज्यादा वीर और वीरांगनय पैदा हुए हैं। सेना में सर्वाधिक सेवा देने वाले युवा राजस्थान प्रदेश से आते हैं। सेना के हौसला अफजाई और मनोबल को बढ़ाने के लिए कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष में संपूर्ण जोधपुर प्रांत में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। लेकिन जैसलमेर के कोतवाला थाने इलाके के थाना अधिकारी ने तिरंगा रैली की परमिशन नहीं तथा कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया तथा परमिशन लेने गए कार्यकर्ताओं को डिटेल कर लिया गया। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना को लेकर 365 दिन देश हित के काम करते हैं। जब कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़ा गया तो वहां के कार्यकर्ताओं द्वारा थाने का घेराव किया गया तथा ऐसा कृत्य करने वाले थाना अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग रखी गई। मांग पूरी नहीं होने के कारण थाने का घेराव जारी रखा गया।   पिछले तीन दिनों से दो कार्यकर्ता अनशन पर भी बैठे हुए हैं लेकिन सरकार और परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच सहमति नहीं बनी है परिषद के कार्यकर्ताओं का मानना है ऐसा करते करने वाले थाना अधिकारी को निलंबित किया जाए। प्रदेश मंत्री शुभेन्द्र सिंह निर्वाण ने बताया की उसी मांग को लेकर आज राजस्थान विश्वविद्यालय में सैकड़ो कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया गया।जिसके बाद एडिशनल डीसीपी से मिलकर हमारी मांग सरकार तक पहुंचाई गई।यदि सकारात्मक निर्णय सरकार विद्यार्थियों के हित में नहीं लेती है,तो विद्यार्थी परिषद यह आंदोलन और उग्र करेगी।  

    ऑनलाइन कोर्सेज के लिए कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में लर्नर सपोर्ट सेंटर की स्थापना करने के लिये दिनांक 30 जुलाई को एमओयू पर हस्ताक्षर किये

    राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, किशनगढ़ ने अपने ऑनलाइन कोर्सेज के लिए कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में लर्नर सपोर्ट सेंटर की स्थापना करने के लिये दिनांक 30 जुलाई को एमओयू पर हस्ताक्षर किये। एनईपी-2020 के प्रावधानों के तहत विद्यार्थी एक साथ दो डिग्री (जिसमें से एक डिग्री ऑनलाइन होंगी) भी ले सकते है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के ऑनलाइन कोर्सस (ODL) में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, अध्ययन सहयोग एवं विद्यार्थी-केंद्रित सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय का प्रथम लर्नर सपोर्ट सेंटर की स्थापना की जाएगी। एमओयू पर श्री अमरदीप शर्मा, रजिस्ट्रार, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान तथा डॉ. सीमा अग्रवाल, प्राचार्या, कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर ने हस्ताक्षर किए। यह कार्यक्रम प्रो. आनंद भालेराव, माननीय कुलपति, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान एवम् डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, निदेशक, कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर की प्रेरणादायी मार्गदर्शक भूमिका के साथ संपन्न हुआ। यह लर्नर सपोर्ट सेंटर विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, मेंटरिंग, अध्ययन सहयोग तथा अन्य विद्यार्थी-केंद्रित सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि जयपुर में यह प्रथम लर्नर सपोर्ट सेंटर स्थापित किया गया है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर प्रो. ओम प्रकाश देवल, निदेशक (ODL)सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान, प्रो. डी.सी. शर्मा, डीन अकादमिक्स, प्रो. परवीन साहू, डीन, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, तथा डॉ. जयंती गोयल, समन्वयक सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रो. आनंद भालेराव, माननीय कुलपति के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं दूरदर्शी सोच ने इस पहल को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही प्रो. ओम प्रकाश देवल एवं डॉ. रश्मि चतुर्वेदी के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के लिए भी आभार व्यक्त किया गया। कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के मध्य यह सहयोग विद्यार्थियों के सशक्तिकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समावेशी अधिगम एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल है  

    महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों में खोले जाए राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र

    —राजस्थान कल्चरल एंड हिस्टोरिकल फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने की प्रेसवार्ता जयपुर। राजभवन की ओर से मराठी भाषा का प्रदेश का विश्वविद्यालयों में सेंटर खोलने संबंधी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भले ही राजभवन ने अब सभी वित्त पोषित यूनिवर्सिटी को यह आदेश जारी कर दिया है कि वह राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र भी खोले, लेकिन प्रदेश के युवा इससे संतुष्ट नहीं है। उनका तर्क है कि कई विश्वविद्यालयों में तो आज भी राजस्थानी भाषा के डिपार्टमेंट चल रहे हैं, ऐसे में सेंटर खोलने का आदेश तार्किक नहीं है। राजस्थान कल्चरल एंड हिस्टोरिकल फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ.शिव सिंह पालावत ने जयपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि राजभवन का राजस्थानी संबंधी आदेश इसलिए जारी हुआ है ताकि मराठी केंद्र को लेकर चल रहा विवाद थम जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मराठी भाषा का केंद्र प्रदेश के विश्वविद्यालयों में खोलने का आदेश जारी हुआ है, वैसा ही आदेश राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र खोलने का महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों के लिए जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजभवन और राज्य सरकार को इस संबंध में तत्काल एक पत्र महाराष्ट्र सरकार को लिखना चाहिए। इस दौरान उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार मराठी भाषा का केंद्र खोलने संबंधी आदेश निरस्त नहीं करती है या फिर राजस्थानी भाषा का केंद्र महाराष्ट्र में खोलने के लिए पत्र नहीं लिखती है तो इसका परिणाम उन्हें आगामी निकाय और पंचायती राज चुनाव में देखने को मिलेगा। प्रेसवार्ता के दौरान संस्थान के वरिष्ठ सदस्य डॉ.घनश्याम सिंह बेनीवाल, डॉ.शिवराज सिंह तंवर, एडवोकेट पुष्पेंद्र सिंह, डॉ.योगेंद्र अग्रवाल और सौरभ सिंह चारण मौजूद रहे। यह हमारी मातृभाषा के साथ कुठाराघात डॉ.शिवराज सिंह ने कहा कि सिर्फ राजस्थान पर मराठी भाषा के विभाग को थोपना हमारी मातृभाषा की अस्मिता पर एक कुठाराघात है। राजभवन और राज्य सरकार ने आनन—फानन में मराठी के लिए तुरंत निर्णय लिया है, जो कई तरह के प्रश्न भी खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संस्था जल्द ही प्रदेशभर के गांव-गांव तक जनजागरण अभियान चलाएगी।  

    महारानी महाविद्यालय में ओरिएंटेशन और महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    जयपुर। विश्वविद्यालय महारानी महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की नवप्रवेशित छात्राओं के लिए सावित्री भारतीय सभागार में 'अभिमूखीकरण' (Orientation) कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही राजस्थान पुलिस के सहयोग से महिला सुरक्षा हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी संपन्न हुआ। ​कार्यक्रम का शुभारंभ एवं स्वागत ​कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और कुलगीत के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. नूपुर माथुर ने नवप्रवेशित छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें कॉलेज के गौरवशाली इतिहास, उद्देश्यों और कार्यप्रणाली से अवगत कराया। ​अपने संबोधन में प्राचार्या ने: ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। ​एनसीसी (NCC) एवं एनएसएस (NSS) इकाइयों के बारे में बताया। ​विभिन्न सांस्कृतिक व साहित्यिक समितियों और छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु उपलब्ध शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक अवसरों पर विस्तृत प्रकाश डाला। ​अकादमिक मार्गदर्शन ​उप-प्राचार्या डॉ. चंद्राणी सेन ने छात्राओं को महाविद्यालयी जीवन, सेमेस्टर प्रणाली, परीक्षा व्यवस्था, उपस्थिति नियम, इंटर्नशिप तथा स्नातक अध्ययन के दौरान उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। ​महिला सुरक्षा जागरूकता एवं हेल्पलाइन ​ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान राजस्थान पुलिस की ओर से सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) श्री आदित्य पूनिया ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने 'राजकॉप सिटीजन ऐप' और 'कालिका यूनिट' के बारे में विस्तार से समझाया। ​इसके अतिरिक्त: ​ज्योति नगर थानाधिकारी गुंजन सोनी ने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए और किसी भी आपात स्थिति में इनका उपयोग करने का सुझाव दिया। ​कार्यक्रम में अशोक नगर थानाधिकारी श्री मुरारी लाल शर्मा भी उपस्थित रहे। ​प्रमुख उपस्थितियाँ ​इस अवसर पर उप-प्राचार्या डॉ. चंद्राणी सेन, डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. नीतू कच्छवा, डॉ. रश्मि बुंदेल, चीफ रेक्टर डॉ. तारावती मीना, चीफ प्रॉक्टर डॉ. भारती चौहान, डॉ. लक्ष्मी सहित विभिन्न विषयों के स्थानीय प्रभारी, रेक्टर, प्रॉक्टर, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में नवप्रवेशित छात्राएं उपस्थित रहीं।

    राजकीय महाविद्यालय जयपुर में 'गुरु वंदन' कार्यक्रम का भव्य आयोजन

    जयपुर, राजकीय महाविद्यालय, जयपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) की महाविद्यालय इकाई के तत्वावधान में 'गुरु वंदन' कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. रविकांत शर्मा की अध्यक्षता और मुख्य अतिथि प्रोफेसर ओमप्रकाश पारीक के आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। गुरु-शिष्य परंपरा ही भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा: डॉ. रविकांत शर्मा स्वागत उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविकांत शर्मा ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों में निहित गुरु-शिष्य परंपरा और ज्ञान की महिमा सदियों से प्रासंगिक रही है और समाज को सही दिशा देने का कार्य करती है। वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत विषय प्रवर्तन करते हुए प्रोफेसर रणजीत सिंह राठौड़ ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गुरु वंदन कार्यक्रम की सार्थकता रेखांकित की। साथ ही उन्होंने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा वर्ष भर आयोजित किए जाने वाले विविध रचनात्मक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। रामचरितमानस व भगवद्गीता के उदाहरणों से समझाया गुरु का स्थान मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओमप्रकाश पारीक ने अपने संबोधन में रामचरितमानस और भगवद्गीता के कई प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुरु-शिष्य संबंधों की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि एक श्रेष्ठ शिष्य बनने के लिए प्रपन्नता (समर्पण), शरणागति और जिज्ञासु प्रवृत्ति का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जीवन की प्रकृति के अनुसार चार पुरुषार्थों की शिक्षा के माध्यम से गुरु द्वारा जीवन के परम उद्देश्य को प्राप्त करने का मार्ग स्पष्ट किया। विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की रही सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम में छात्रा निकिता चौधरी और माही ने भी अपने विचार व्यक्त किए और गुरुजनों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. ललिता शर्मा द्वारा किया गया। अंत में स्थानीय महाविद्यालय इकाई सचिव डॉ. रजनी मीणा ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।