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    राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती समारोह आयोजित

    जयपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी ने किया। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. उमा मित्तल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समन्वय विभाग के विद्यार्थियों द्वारा किया गया तथा संचालन स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा अग्रिमा कपूर ने किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने दोनों महान राष्ट्रीय व्यक्तित्वों के ऐतिहासिक, दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक योगदान पर विचार प्रस्तुत किए। विशिष्ट अतिथि प्रो. उमा मित्तल ने गांधीवादी दर्शन एवं उसके मनोवैज्ञानिक पक्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने गांधीवादी विचारधारा को समझने में सकारात्मक मनोविज्ञान (Positive Psychology) को एक प्रमुख दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने सत्याग्रह की अवधारणा को आत्म-नियमन, सहानुभूति, परिप्रेक्ष्य ग्रहण करने की क्षमता तथा रचनात्मक संघर्ष-समाधान से जोड़ते हुए इसकी प्रासंगिकता समझाई। उन्होंने अहिंसा, सत्य, करुणा एवं सर्वोदय (सर्वजन के कल्याण) जैसी प्रमुख गांधीवादी अवधारणाओं की व्याख्या करते हुए बताया कि ये मूल्य व्यक्तिगत कल्याण, सकारात्मक मानवीय संबंधों और अधिक सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा भी अपने विचार साझा किये गये। आशी मित्तल ने गांधीवादी दर्शन के मनोवैज्ञानिक पक्ष पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए आत्म-अनुशासन, भावनात्मक नियंत्रण, सहानुभूति, अहिंसा एवं शांतिपूर्ण संघर्ष समाधान जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। विजय कुमार अटल ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, मूल्यों एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के साथ शास्त्री जयंती मनाए जाने के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के पश्चात विभाग परिसर में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल ने स्वच्छता, अनुशासन एवं सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन प्रो. पुरी द्वारा विद्यार्थियों को गांधीजी और शास्त्री जी के आदर्शों एवं योगदान से प्रेरणा लेते हुए सत्य, अनुशासन, करुणा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के संदेश के साथ किया गया।

    गांधी जयंती पर भजन प्रस्तुति और पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

    कानेाड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में गांधी जयंती मनाई गई। इस अवसर पर भजन प्रस्तुति कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने वैष्णव जन तो तैने कहिये ...हे राम आदि सुंदर भजन सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गांधीजी के व्यक्तित्व और उनके विचारों की विशिष्टता को रेखांकित किया। उन्होंने सत्याग्रह को आत्म-संकल्प और दृढ़ निश्चय से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को गांधीजी के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के पुस्तकालय में दो दिवसीय ‘गांधी साहित्य पुस्तक प्रदर्शनी’ का भी आज शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने गांधी जयंती को गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस की भाँति भारत का राष्ट्रीय पर्व बताया और महात्मा गांधी के विचारों से सीख लेने का संदेश दिया। इस आयोजन में उप-प्राचार्य डॉ. रंजुला जैन, डॉ.मनीषा माथुर एवं डॉ. रंजना अग्रवाल सहित प्राध्यापिकाओं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही गांधी जयंती के उपलक्ष्य में ही महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाइयों द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा’(एसएचएस) 2026 अभियान के अंतर्गत दिनांक 1 अक्टूबर 2026 को स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान गतिविधि का आयोजन किया गया। इस दौरान महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता कार्य करते हुए प्लास्टिक कचरे का संग्रहण एवं उचित निस्तारण किया गया। स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त वातावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।

    मंडला आर्ट गैलरी में 'नवकृति 5' का भव्य शुभारंभ, पहले ही दिन उमड़ी कला प्रेमियों की भीड़

    जयपुर, विद्याधर नगर। मंडला आर्ट गैलरी, स्टूडियो एवं एकेडमी की संस्थापक वसुधा शर्मा द्वारा आयोजित वार्षिक कला प्रदर्शनी 'नवकृति - 5th एडिशन' का आज 2 अक्टूबर को भव्य उद्घाटन हुआ। दोपहर 12:15 बजे हुए उद्घाटन समारोह में शहर के गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड 6 की पार्षद श्रीमती स्नेह लता साबू, JECRC यूनिवर्सिटी की डीन शिवानी कौशिक और राम गोपाल ब्लू पॉटरी के संस्थापक शिल्प गुरु गोपाल सैनी ने दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। समारोह में विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार रामू रामदेव और राजस्थान विश्वविद्यालय की पूर्व HOD डॉ. रीटा प्रताप ने युवा कलाकारों की कृतियों का अवलोकन किया और उनकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। पहले दिन ही आकर्षण का केंद्र बने 8 कलेक्शन: उद्घाटन के साथ ही गैलरी में युवा कलाकारों द्वारा बनाई गई 8 थीम आधारित कलेक्शन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बन गईं। • सुरभि की 'JAG KE NATH - JAGANNATH' - कलमकारी में जगन्नाथ की करुणा • प्रिशा की 'BLOOM IN 3D' - क्ले से बने त्रि-आयामी फूल जो कहते हैं - हर बच्चा अपने समय पर खिलता है • गिरिशा की 'SHIVA & NANDI' - शिव और नंदी के विश्वास का शाश्वत बंधन • चार्वी की 'AADYA - SHE IS THE POWER' - कालिघाट शैली में नारी ही शक्ति है, सबसे ज्यादा सराही गई • अक्षिता, प्रीति, परी और आकार्षी की क्रमशः Sculpted Serenity, Eyes of the Wild, Game of Fate और Bhagavad Geeta पर आधारित The Eternal Message कलेक्शन ने भी खूब वाहवाही बटोरी। अतिथियों ने कहा कि "प्रत्येक कैनवास पर सिर्फ रंग नहीं, एक गहरा संदेश है - कहीं भक्ति है, कहीं नारी शक्ति, कहीं गीता का कर्मयोग तो कहीं वन्यजीव संरक्षण की पुकार।" संस्थापक वसुधा शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी 4 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11 से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी। आगे के कार्यक्रम: • 3 अक्टूबर को शाम 4 से 6 बजे तक - Poetry Session • 4 अक्टूबर को शाम 4 से 6 बजे तक - Jamming Session सभी कला प्रेमियों से प्रदर्शनी में आने की अपील की गई है।  

    गांधी-शास्त्री जयंती पर स्वच्छता कर्मियों का सम्मान सीएसयू में स्वच्छता अभियान के साथ डोर-टू-डोर जागरूकता, सेवा एवं श्रमदान को दिया बढ़ावा

    नई दिल्ली। महात्मा गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के समापन के बाद विश्वविद्यालय के स्वच्छता कर्मियों का सम्मान कर उनके सेवाभाव, परिश्रम एवं महत्वपूर्ण योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उनके जीवन-मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भाव एवं कर्मशीलता को प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञानयोगी एवं कर्मयोगी के रूप में विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता और सेवा के लिए किया गया श्रमदान विशेष रूप से अभिनंदनीय है। कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक वर्ग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है। स्वच्छ परिसर और स्वच्छ समाज के निर्माण में स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके निरंतर परिश्रम से ही स्वच्छता व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती है। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। गली-मोहल्लों एवं सड़कों की साफ-सफाई के साथ जनकपुरी के डी-ब्लॉक में डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान आमजन को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छ वातावरण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया तथा स्वच्छता कार्यों में सक्रिय जनभागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। विश्वविद्यालय परिवार ने स्वच्छता कर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना व्यक्त की। कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. आर.जी. मुरली कृष्ण, प्रो. रत्नमोहन झा , प्रो. गणेश पण्डित, डॉ. योगेन्द्र दीक्षित, सोनराज पाटीदार सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समग्र कार्यक्रम का सफल संयोजन जगन्नाथ झा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता कर्मियों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए उनके सेवाभाव और निरंतर परिश्रम के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।  

    लौटेगा जयपुर का वैभव, सालभर चलेंगे कार्यक्रम जयपुरवासियों ने लिया शहर को स्वच्छ, सुंदर, हरित और आधुनिक बनाने का संकल्प

    जयपुर। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा और महापौर सुनील कोठारी ने संयुक्तरूप ऐलान किया कि जयपुर की 300वीं वर्षगांठ पर पूरे साल हर दिन यहां की विरासत, संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम जनजागरण अभियान, सामाजिक गतिविधियां, सांस्कृतिकऔर पर्यावरण से जुड़े आयोजन होंगे। उद्देश्य यह है कि जयपुर की नई पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़े और देश-दुनिया के लोग जयपुर की लोक संस्कृति, कला और जीवनशैली को और करीब से जानें। जवाहर सर्किल पर आयोजित ‘एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री, सांसद और महापौर ने शहरवासियों को स्वच्छ-स्वस्थ-सुंदर, प्लास्टिकमुक्त व आधुनिक सुविधाओंयुक्त हेरिटेज सिटी बनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और महापौर सुनील कोठारी ने कहा कि जयपुर का विकास उसकी विरासत और मूल पहचान को बचाकर किया जाएगा। शहर की स्थापत्य कला, पर्यावरण, हरियाली, लोक संस्कृति, कला, परंपराएं और पर्यटन उसकी पहचान हैं। इन्हें संरक्षित करते हुए जयपुर को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना जरूरी है, ताकि शहर का वैभव फिर पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाए। इसके लिए अगले एक वर्ष तक लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिससे जयपुर की नई पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़े और देश-दुनिया के लोग जयपुर की लोक संस्कृति, कला और जीवनशैली को और करीब से जाने। ‘विश्व में फिर शीर्ष पर आए जयपुर’ सांसद मंजू शर्मा ने शहरवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि सभी मिलकर ऐसी तैयारी करें कि जयपुर फिर विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान और गौरव के साथ शीर्ष पर आए। जयपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि पीढ़ियों से मिली विरासत है। इसे सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हर जयपुरवासी की जिम्मेदारी है. उन्होंने एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ अभियान को भी इसी भावना से जोड़ते हुए लोगों से पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि पूर्वजों की स्मृति में लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वास्थ्य और पर्यावरण की विरासत बने। इसके साथ ही ट्रैफिक नियमों की पालना का आग्रह किया। आपणो जयपुर हरित संगम की अध्यक्ष नीता बूचरा और सचिव अशोक मित्तल ने कहा कि यह अभियान अब जोरशोर से चलेगा।इसके लिए महिला, युवा, विद्यर्थियों, व्यापारी सहित सभी वर्गों की टोलियां बनाई है। जयपुर की विरासत बचाने, शहर को स्वच्छ रखने और हरियाली बढ़ाने का संकल्प के साथ संस्कृति का प्रचार किया जाएगा। कार्यक्रम समरस भारत के सचिव धनंजय सिंह ने बताया कार्यक्रम में तथा जवाहर सर्किल पर आनेवालों को पौधों का वितरण किया गया।  

    रैंप वॉक, टैलेंट राउंड और बॉलीवुड डांस ने बांधा समां, गर्ल्स का दिखा टैलेंट

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में ‘आरंभ 2026’ फ्रेशर्स पार्टी का हुआ आयोजन जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में शनिवार को फ्रेशर्स पार्टी ‘आरंभ 2026’ का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। सीनियर्स ने नए विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को संस्थान के वातावरण से परिचित कराना तथा उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर फैशन डिजाइनर एवं कंटेंट क्रिएटर शनाया शर्मा एक्सटर्नल जज तथा कुसुम सैनी इंटरनल जज के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में आयोजक संस्था के निदेशक एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु डॉ. संजय बियानी तथा डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल भी मौजूद रहे।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पंजाबी, हरियाणवी एवं बॉलीवुड गानों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंगारंग माहौल बना दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक डॉ. संजय बियानी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी अकादमिक जर्नी सफल एवं सुखद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में कृतज्ञता की भावना अपनाने तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि फ्रेशर्स पार्टी जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी टैलेंट, क्रिएटिविटी और कॉन्फिडेंस को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी टैलेंट को निखारने और प्रत्येक अवसर से सीखने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में फ्रेशर्स के लिए रैंप वॉक, टैलेंट राउंड, गेम्स एवं क्वेश्चन-आंसर राउंड जैसी रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं बॉलीवुड गानों पर डांस की शानदार प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया और कार्यक्रम में उत्साह का रंग भर दिया। कार्यक्रम के अंत में बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी की कनिष्का ने मिस फ्रेशर 2026 का खिताब अपने नाम किया। दिक्षा फर्स्ट रनर-अप तथा एफडी की प्रज्ञा सेकंड रनर-अप रहीं। विजेताओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन इवेंट मैनेजर राखी खंडेलवाल द्वारा किया गया।

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में गांधी-शास्त्री जयंती पर प्रेरणादायक कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    सत्य, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाएं विद्यार्थी : डॉ. ठकराल जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, पूर्व आईएएस अधिकारी एवं राजस्थान राज्य वित्त आयोग के सदस्य सचिव डॉ. नरेश कुमार ठकराल, आयोजक डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल , बी एड प्रिंसिपल डॉ शिप्रा गुप्ता तथा फैकल्टी सदस्यों द्वारा महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक कर जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर पूर्व आईएएस अधिकारी एवं राजस्थान राज्य वित्त आयोग के सदस्य सचिव डॉ. नरेश कुमार ठकराल ने विद्यार्थियों, नव-निर्वाचित स्टूडेंट काउंसिल, आईटी एवं लॉ विभाग के विद्यार्थियों तथा फैकल्टी सदस्यों से संवाद करते हुए महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, आत्मअनुशासन एवं शांति के विचारों तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और ईमानदारी को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया। साथ ही, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्होंने किसी भी सूचना को स्वीकार करने से पहले उसकी सत्यता जांचने और तथ्यों का सत्यापन करने की सलाह दी। वहीं डॉ. संजय बियानी ने महात्मा गांधी के जीवन पर श्रीमद्भगवद्गीता के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी ने गीता के विचारों को केवल पढ़ा ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन और आचरण में आत्मसात किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी की तरह आज की युवा पीढ़ी को भी गीता के जीवन-मूल्यों से प्रेरणा लेकर उन्हें अपने व्यवहार में उतारना चाहिए। इसके बाद डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, सादगी, सत्यनिष्ठा एवं राष्ट्रसेवा के आदर्शों को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों से उनके विचारों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने गांधीजी के “मेरा जीवन ही मेरा संदेश है” विचार का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को आत्मचिंतन, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सामाजिक एवं समसामयिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. ठकराल ने सहजता से उत्तर देते हुए विद्यार्थियों के साथ सार्थक संवाद किया। इस संवाद ने विद्यार्थियों को गांधीजी एवं शास्त्रीजी के आदर्शों को वर्तमान जीवन से जोड़कर समझने का अवसर प्रदान किया। समारोह में गांधीजी एवं शास्त्रीजी के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया गया।  

    फैशन शो में ‘‘वेव्स ऑफ चेन्जे़ज” थीम के माध्यम से रचनात्मकता का प्रदर्शन

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के जीपीईएम विभाग द्वारा दिनांक 03 अक्टूबर, 2026 को छात्राओं की रचनात्मकता, डिजाइनिंग कौशल एवं फैशन की नवीन अवधारणाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से फैशन शो का आयोजन किया गया। फैशन शो की थीम ‘‘वेव्स ऑफ चेन्जे़ज” रही, जो फैशन में निरंतर बदलती प्रवृत्तियों, रचनात्मक सोच और नए विचारों को दर्शाती है। फैशन शो में कुल 11 छात्रा डिजाइनरों ने भाग लिया तथा उनके द्वारा तैयार किए गए 14 आकर्षक डिजाइनों का प्रदर्शन किया गया। प्रत्येक डिजाइन में आधुनिक फैशन के साथ रचनात्मकता, रंगों, सिल्हूट, टेक्सटाइल एवं डिजाइन तकनीकों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। थीम ‘‘वेव्स ऑफ चेन्जे़ज” के माध्यम से छात्राओं ने यह प्रदर्शित किया कि फैशन केवल परिधान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते समय, विचारों और सामाजिक परिवर्तनों को अभिव्यक्त करने का एक प्रभावशाली माध्यम भी है।यह फैशन शो जीपीईएम विभाग की शिक्षिकाओं डॉ. सुरभि माथुर एवं श्रीमती पापिया बनर्जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आयोजित किया गया। दोनों शिक्षिकाओं ने छात्रा डिजाइनरों को डिजाइन विकास, परिधान निर्माण, स्टाइलिंग एवं प्रस्तुति के विभिन्न पहलुओं में मार्गदर्शन प्रदान किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों में सतत एवं रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया। इस फैशन शो ने छात्राओं को अपनी प्रतिभा और सृजनात्मक दृष्टिकोण को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया। इस फ़ैशन शो का आयोजन हमारी नदियों और तालाबों के अपशिष्ट पदार्थों से प्रभावित जलीय जीव-जन्तुओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया। ‘वेव्स ऑफ चेन्जे़ज” के माध्यम से छात्राओं ने फ़ैशन के बदलते स्वरूप, रचनात्मकता तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक दृष्टिकोण को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।

    वार्षिक उत्सव ‘दक्ष 2026’ भव्य समापन समारोह

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग एवं नारिका इनक्यूबेेशन सेंटर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय (1 से 3 अक्टूबर, 2026) वार्षिक उत्सव ‘दक्ष 2026’ ‘अर्थ, पीपुल, फ्यूचर टूगेदर फॉर ए सस्टैबल टूॅमारो’ थीम पर आज दिनांक 3 अक्टूबर, को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन प्रेरणा एवं सहयोग से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। समापन समारोह की मुख्य अतिथि प्रो. निमाली सिंह, कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग, पूर्व प्राचार्य, महारानी कॉलेज रहीं। इस अवसर पर श्रीमती अर्चना भाटिया, ट्रेज़रर, नारायणी फ़ाउंडेशन तथा आनंद मणि शुक्ला, अमृतांश फ़ाउंडेशन भी विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि प्रो. निमाली सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों को व्यक्तित्व विकास, व्यावहारिक सीख और आत्मविश्वास निर्माण का प्रभावी माध्यम बताया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञ सत्र तथा रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। “कहानी कहने की कलाः प्रभावी संवाद का माध्यम” विषय पर डॉ. तबीना अंजुम ने पत्रकारिता, सोशल मीडिया या कहानी कहने, किसी भी क्षेत्र में प्रभावी कथावाचन और रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक गुणों की चर्चा की। सेफ़्टिपिन फाउण्डेशन की प्रज्ञा यादव एवं शिवानी सिंघल ने महिला सुरक्षा, व्यक्तिगत विकास, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और भविष्य के यारा एप के द्वारा चर्चा की। अंतर-महाविद्यालययी प्रतियोगिताओं में “फ़ास्ट फ़ैशनः क्या यह सचमुच सस्ता है?” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, फ़ेस पेंटिंग एवं जस्ट अ मिनट का आयोजन हुआ‘‘। ‘‘डॉन्ट बेन्ड यॉर स्पाइन’’ विषय पर, एर्गोनॉमिक्स केंद्रित लैंडस्केप आर्किटेक्ट जिगीशा दवे ने सत्र लिया। सत्र में दैनिक जीवन में एर्गोनॉमिक्स की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में आयोजित अंतर-महाविद्यालययी फ़ैशन शो का विषय “भारत की नारी” रहा। जीपीईएम विभाग द्वारा “वेव्स ऑफ़ चेंजेस” शीर्षक से एक विशेष फ़ैशन शो प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के अंतर्गत “यू वर्सेस अस” शीर्षक का एक नुक्कड़ नाटक तथा “हिप्नोसिस” शीर्षक पर एक नृत्य प्रस्तुति हुई। बी.एससी. कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज़ की छात्रा कनिका कुमावत और डिंपल वेदवाल को अमृतांश फ़ाउंडेशन की एक पहल के अंतर्गत किए गए प्रोजेक्ट के लिए सम्मानित किया गया। नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा लगभग 30 विद्यार्थी स्टॉल लगाए गए। इस महोत्सव को इसके प्रायोजक नारायनी फ़ाउंडेशन और अमृतांश फ़ाउंडेशन का सहयोग प्राप्त हुआ। समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी रहीं छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। “12 नोट्स” शीर्षक की ऊर्जावान बैंड प्रस्तुति के साथ हुआ।  

    गांधी जयंती पर भजन प्रस्तुति और पुस्तक प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

    कानेाड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में गांधी जयंती मनाई गई। इस अवसर पर भजन प्रस्तुति कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने वैष्णव जन तो तैने कहिए...हे राम आदि सुंदर भजन सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गांधीजी के व्यक्तित्व और उनके विचारों की विशिष्टता को रेखांकित किया। उन्होंने सत्याग्रह को आत्म-संकल्प और दृढ़ निश्चय से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को गांधीजी के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के पुस्तकालय में दो दिवसीय ‘गांधी साहित्य पुस्तक प्रदर्शनी’ का भी आज शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने गांधी जयंती को गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस की भाँति भारत का राष्ट्रीय पर्व बताया और महात्मा गांधी के विचारों से सीख लेने का संदेश दिया। इस आयोजन में उप-प्राचार्य डॉ. रंजुला जैन, डॉ.मनीषा माथुर एवं डॉ. रंजना अग्रवाल सहित प्राध्यापिकाओं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही गांधी जयंती के उपलक्ष्य में ही महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाइयों द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा’(एसएचएस) 2026 अभियान के अंतर्गत दिनांक 1 अक्टूबर 2026 को स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान गतिविधि का आयोजन किया गया। इस दौरान महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता कार्य करते हुए प्लास्टिक कचरे का संग्रहण एवं उचित निस्तारण किया गया। स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त वातावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।

    विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को मिला संबल, जयपुर में सहायक अंग-उपकरण वितरित

    जयपुर। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए संचालित समावेशी शिक्षा गतिविधियों में शनिवार को जयपुर जिले में अंग-उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सेठ आनन्दीलाल पोद्दार बधिर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर में किया गया, जिसमें जयपुर जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक अंग-उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को 60 हियरिंग एड, 50 टीएलएम किट, 16 व्हील चेयर, 10 रोलेटर, 5 ब्रेल किट, 5 सीपी चेयर तथा 2 बैसाखी वितरित की गईं। इन उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की दैनिक गतिविधियों को सुगम बनाने, उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने और शिक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में डॉ. आकाशदीप अरोड़ा, उपायुक्त समावेशी शिक्षा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ रचना तिवारी, उपनिदेशक समावेशी शिक्षा, अनिल थानवी, सहायक निदेशक, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्रीमती आशा गुप्ता तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेंद्र आचार्य सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा 25 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक राज्य के सभी जिलों में अंग-उपकरण वितरण कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में 3000 से अधिक विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों (CwSN) को ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, बैटरी आधारित ट्राईसाइकिल, टीएलएम किट, ब्रेल किट एवं स्लेट, हियरिंग एड, वॉकिंग स्टिक, रोलेटर, सुगम्य केन, स्मार्ट फोन, जयपुर फुट, क्रेचेज सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध करवाकर संबल प्रदान किया जा रहा है। समावेशी शिक्षा की दिशा में यह पहल विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को अधिक आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ शिक्षा की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ने का प्रयास है।  

    विद्यार्थियों के ज्ञान एवं व्यावसायिक दक्षताओं को नवीनतम जानकारी

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर के विशेष शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 3 अक्टूबर को एक दिवसीय ऑनलाइन सीआरई (Continuing Rehabilitation Education) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम समन्वयक गीता रानी द्वारा की गई l कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों, विशेष शिक्षकों, पुनर्वास पेशेवरों एवं विद्यार्थियों के ज्ञान एवं व्यावसायिक दक्षताओं को नवीनतम जानकारी से समृद्ध करना था। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की गईl जिसमें डॉ. वंदना सिंह ठाकुर, अधिष्ठाता, ने विचार प्रस्तुत किये।उनके पश्चात डॉ. के लक्ष्मी नारायण, हसन दीन खान तथा डॉ. पी रामाकृष्णा, सह आचार्य, जामिया मिलिया इस्लामिया ने विषय से संबंधित जानकारी प्रदान कीl ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की तथा विषय विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए अपने प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संबोधन में कहा कि सीआरई कार्यक्रम विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के क्षेत्र में ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक दक्षता को निरंतर विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। कार्यक्रम के इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने कहा कि विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के क्षेत्र में निरंतर ज्ञानवर्धन और व्यावसायिक कौशल का विकास अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय के प्रो-प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) अंकित गांधी ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर प्रदान करना और विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के जीवन को अधिक आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस कार्यक्रम के दौरान विशेष शिक्षा विभाग के सभी विद्यार्थी तथा सभी सहायक शिक्षकगण के रूप में सीमा चौधरी, मनीष मीना तथा धीरज कुमार नागर उपस्थित रहे l