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    टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय बैठक लखनऊ में सम्पन्न संसद के शीतकलीन सत्र में पुनः दिल्ली में धरना प्रदर्शन किया जाएगा

    टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय बैठक लखनऊ में सोमवार को सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रतिनिधित्व के रूप में उनके पुत्र नीरज सिंह विशिष्ट अतिथि थे। दोनों अतिथि नेताओं ने टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को आश्वास्त किया , टीएफआई के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से कराई जाएगी और शिक्षकों की समस्याओं का हल निकाला जाएगा। टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि बैठक में 2011 से पूर्व लगे शिक्षकों की टेट की अनिवार्यता छूट, पूरे देश में पुरानी पेंशन व्यवस्था, आठवें वेतन आयोग में पूरे देश मे सभी शिक्षकों के लिए केन्द्रीय विद्यालय अनुसार समान वेतन एवं भत्ते लागू किया जाए, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए, आदि मुद्दों पर चर्चा हुई! टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि शीघ्र ही टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से वार्ता करेगा अगर सकारात्मक समाधान नहीं निकलता है तो संसद के आगामी दिसंबर माह में शीतकालीन सत्र में एक बार पुनः शिक्षकों का धरना प्रदर्शन दिल्ली में किया जाएगा। टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव राममूर्ति ठाकुर ने बताया कि बैठक में देश के 17 राज्यों के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।  

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई पर सेमिनार आयोजित

    जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन की ओर से ‘जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई’ विषय पर व्यावहारिक प्रशिक्षण आधारित सेमिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम एडुनेट फाउंडेशन एवं आईबीएम के सहयोग से आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना तथा उनके तकनीकी कौशल को विकसित करना था। कार्यक्रम में एडुनेट फाउंडेशन के मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, आईटी विभागाध्यक्ष सचिन बगोरिया, एसोसिएट प्रोफेसर राहुल अग्रवाल सहित आईटी विभाग के फैकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा ने प्रतिभागियों को विभिन्न एजेंटिक एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई की सहायता से दैनिक कार्यों को किस प्रकार आसान बनाया जा सकता है तथा जनरेटिव एआई का प्रभावी उपयोग कैसे किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने विभिन्न जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई टूल्स का स्वयं प्रयोग कर उनके व्यावहारिक उपयोग को समझा। संवादात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि एआई को दैनिक जीवन में प्रभावी, जिम्मेदार एवं उद्देश्यपूर्ण तरीके से किस प्रकार शामिल किया जा सकता है। डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी के विजन के अनुरूप विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाता है। इसी दिशा में प्रतिभागियों को एआई के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। सेमिनार के माध्यम से प्रतिभागियों को एआई के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिली तथा उन्हें उपयुक्त एआई टूल्स को प्रभावी एवं जिम्मेदारी के साथ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।  

    “रिक्रूटर की नज़र से—अंक एवं सीवी से परे रिक्रूटर्स वास्तव में क्या देखते हैं?” विषयक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट द्वारा जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर के सहयोग से दिनांक 6 अक्टूबर 2026 को “Inside the Recruiter’s Room – What Do Recruiters Actually Look for Beyond Marks and CVs?” विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान रोजगार परिदृश्य एवं भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक आवश्यकताओं से अवगत कराना था। सत्र के दौरान जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमांशी पांडे ने छात्राओं को बताया गया कि रोजगार के लिए केवल अच्छे अंक एवं प्रभावी सीवी ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि संवाद कौशल, आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, समस्या-समाधान क्षमता, टीम भावना, अनुकूलनशीलता एवं समग्र व्यक्तित्व जैसे कौशल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की ही प्रोफेसर डॉ. स्वाति सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक विचार साझा किए। उनके प्रेरक शब्दों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की उप-प्राचार्य डॉ. रंजना अग्रवाल ने भी छात्राओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, अपने कौशल को विकसित करने तथा बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। सत्र के पश्चात Jaipuria Quiz League (JQL) 2026 के अंतर्गत विषय से संबंधित एक रोचक एवं ज्ञानवर्धक क्विज का आयोजन किया गया। क्विज में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता के साथ भाग लिया। क्विज के माध्यम से विद्यार्थियों के विषयगत ज्ञान, त्वरित सोच एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को परखा गया। क्विज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम तीन विजेताओं के नाम की अभी घोषणा होनी बाकी है। कार्यक्रम में कुल 54 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सेंटर की संयोजिका डॉ. आकांक्षा गंडा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।  

    एलएनएमआईआईटी के 20वें दीक्षांत समारोह में 501 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान

    पद्मश्री प्रो. संघमित्रा बंद्योपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई जयपुर: युवा इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों की नई पीढ़ी ने आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ाया, जब द एलएनएम इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एलएनएमआईआईटी), जयपुर ने मंगलवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में अपना 20वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। अकादमिक उपलब्धियों, महत्वाकांक्षाओं और राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प से परिपूर्ण इस अवसर पर 501 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. संघमित्रा बंद्योपाध्याय रहीं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कंप्यूटर वैज्ञानिक तथा भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) की पूर्व दो-कार्यकालीन निदेशक हैं। वर्ष 2015 से 2025 तक इस पद पर रहते हुए वे आईएसआई की पहली महिला निदेशक बनीं। प्रो. बंद्योपाध्याय ने आईएसआई कोलकाता से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है और वर्ष 1999 से संस्थान की मशीन इंटेलिजेंस यूनिट में संकाय सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। अपने संबोधन में, मुख्य अतिथि ने इस बात पर खुशी जताई कि संस्थान रिसर्च और स्टार्टअप्स पर ज़ोर दे रहा है, जिससे नए प्रोडक्ट तैयार हो रहे हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग के ज्ञान और कौशल को मिलाकर ऐसे प्रोडक्ट बनाने के महत्व पर ज़ोर दिया जो आज की चुनौतियों का समाधान कर सकें और भविष्य की समस्याओं को रोकने में मदद कर सकें। उन्होंने ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।  कार्यक्रम में गवर्निंग काउंसिल के सदस्य डॉ. जे. पी. शर्मा का अध्यक्षीय संबोधन भी हुआ। उन्होंने इस बात को समझने के महत्व पर ज़ोर दिया कि किसी समस्या को हल करने की ज़रूरत क्यों है और उसका समाधान समाज को कैसे फ़ायदा पहुँचा सकता है। उन्होंने ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को अपने प्रोफेशनल और पर्सनल जीवन में इन्हीं सिद्धांतों को अपनाने, लगातार अपने कौशल को विकसित करने और समाज की उन्नति में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। एलएनएमआईआईटी के निदेशक प्रो. राहुल बनर्जी ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता, उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता के साथ विद्यार्थियों को उद्योग और समाज में सार्थक योगदान के लिए तैयार करने के प्रयासों को रेखांकित किया। समारोह में कुल 503 विद्यार्थियों ने उपाधियां प्राप्त कीं। इनमें 466 बीटेक, 12 इंटीग्रेटेड बीटेक–एमटेक, 10 एमटेक और 8 एमएससी विद्यार्थी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 6 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उत्कृष्ट अकादमिक उपलब्धियों और सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं अन्य पुरस्कार प्रदान किए गए। चेयरमैन गोल्ड मेडल  अशर एजाज को प्रदान किया गया। डायरेक्टर गोल्ड मेडल (यूजी) सानिध्य मंगलूनिया को मिला, जबकि इंटीग्रेटेड बीटेक–एमटेक कार्यक्रम के लिए डायरेक्टर गोल्ड मेडल शिवानी पाठक को प्रदान किया गया। सर्वश्रेष्ठ बीटीपी पुरस्कार पार्थ बंसल, सानिध्य गुप्ता और श्रेयांश अग्रवाल को प्रदान किया गया। उन्होंने यह प्रोजेक्ट डॉ. प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में पूरा किया। समारोह में गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों, डीन, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों ने भाग लिया। संस्थान के कुलसचिव डॉ. पवन कुमार पारस ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की अकादमिक यात्रा का समापन भर नहीं, बल्कि एक व्यापक दायित्व की शुरुआत भी बना—ज्ञान का उद्देश्यपूर्ण उपयोग करने, दीर्घकालिक महत्व वाली प्रौद्योगिकियां विकसित करने और अधिक आत्मनिर्भर एवं समावेशी भारत के निर्माण में योगदान देने का दायित्व। अपने 20वें स्नातक समूह को भविष्य की ओर अग्रसर करते हुए एलएनएमआईआईटी ने सक्षम पेशेवरों, शोधकर्ताओं और भावी नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सुदृढ़ किया।  

    2020 सरपंच चुनाव हार के बाद यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव का चुनाव 29,877 हजार वोटों से जीते: एडवोकेट जितेन्द्र कुमार मीणा का करीब 13 साल का चुनावी सफर

    2013 में लॉ कॉलेज उपाध्यक्ष चुनाव में 16 वोट और 2019 में यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज चुनाव 20 वोट से हारे; अब यूथ कांग्रेस चुनाव में 29, 877 वोट लेकर चुनाव जीते जयपुर। राजनीति में हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं। राजस्थान युवा कांग्रेस के चुनाव में एडवोकेट जितेन्द्र कुमार मीणा को मिली जीत के बाद उनके समर्थकों के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि छात्र राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति तक के सफर में उन्हें कई चुनावी झटकों का सामना करना पड़ा। एडवोकेट जितेन्द्र कुमार मीणा ने 2023 में कांग्रेस के अग्रिम संगठन में NSUI राजस्थान प्रदेश महासचिव बने और उसके बाद भरतपुर संभाग के प्रभारी बने। राजस्थान युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव चुनाव में एडवोकेट जितेन्द्र कुमार मीणा को 29,877 वोट मिले। चुनावी सफर 2013 — कॉमर्स कॉलेज छात्रसंघ उपाध्यक्ष : हार 2019 — राजस्थान यूनिवर्सिटी विधि महाविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष: हार 2020— सरपंच चुनाव: हार 2023 — NSUI राजस्थान प्रदेश महासचिव बने 2026 — राजस्थान युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव चुनाव : जीते 29,877 वोट  

    इफेक्टिव एआई टूल्स फॉर टीचिंग पर हैंड्स-ऑन सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन किया

    जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन की ओर से ‘इफेक्टिव एआई टूल्स फॉर टीचिंग’ विषय पर हैंड्स-ऑन सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम एडुनेट फाउंडेशन एवं आईबीएम के सहयोग से आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों को शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना तथा उनके तकनीकी कौशल को विकसित करना था। कार्यक्रम में एडुनेट फाउंडेशन के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर राकेश वर्मा, मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, बी.एड. कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शिप्रा गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर राहुल अग्रवाल सहित एजुकेशन डिपार्टमेंट के फैकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा ने प्रतिभागियों को विभिन्न एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई की सहायता से लेसन प्लान, टीचिंग-लर्निंग मटेरियल, असेसमेंट, क्विज़ एवं असाइनमेंट तैयार करने के साथ-साथ क्लासरूम टीचिंग को अधिक प्रभावी, रोचक एवं इंटरैक्टिव बनाया जा सकता है। वर्कशॉप के दौरान फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने विभिन्न एआई टूल्स का स्वयं प्रयोग कर उनके व्यावहारिक उपयोग को समझा। इंटरैक्टिव एवं हैंड्स-ऑन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि एआई को शिक्षण प्रक्रिया में प्रभावी, जिम्मेदार एवं उद्देश्यपूर्ण तरीके से किस प्रकार शामिल किया जा सकता है। डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी के विजन के अनुरूप विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। इसी दिशा में प्रतिभागियों को एआई के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। सेमिनार के माध्यम से प्रतिभागियों को शिक्षा के क्षेत्र में एआई के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिली तथा उन्हें शिक्षण एवं अधिगम प्रक्रिया में उपयुक्त एआई टूल्स को प्रभावी एवं जिम्मेदारी के साथ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    राजस्थान के पंचायत राज और निकाय चुनावों एवं SIR की वोटर लिस्टों में विरोधावास से उठा बड़ा सवाल कौनसी वोटर लिस्ट सही है ?

    राजस्थान के पंचायत राज और निकाय चुनावों एवं SIR की वोटर लिस्टों में विरोधावास से उठा बड़ा सवाल कौनसी वोटर लिस्ट सही है ? ECI और SEC की सूचियों में लगभग 30 लाख नामों का अंतर SIR में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटने पर गंभीर सवाल, राजस्थान से उपजा जनता द्वारा वोटर लिस्ट की गहन सोशल ऑडिट ही असली समाधान SEC द्वारा स्वच्छ पंचायतीराज राज चुनाव कराने में जन निगरानी की व्यवस्था नामंजूर जयपुर, देश भर में SIR पर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच राजस्थान में राजस्थान चुनाव आयोग द्वारा निकाय चुनावों में उपयोग में ले गई एवं ली जा रही मतदाता सूचियों में मतदाताओं की संख्या में बहुत बड़ा अंतर है जो गंभीर सवाल खड़े करता है. राजस्थान में SIR समाप्त होने के बाद और उसके मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं राजस्थान सरकार द्वारा गुणगान किये जाने के बाद, शहरी निकाय एवं पंचायती राज चुनाव में पुरानी 2025 की मतदाता सोची काम में ली गई है. उस सूची को SIR से अलग प्रक्रिया से अपडेट किया गया है, इसके परिणामस्वरूप राज्य चुनाव आयोग द्वारा लिए गए वोटर लिस्ट और SIR वोटर लिस्ट में कम से कम 45 लाख का अंतर है. राज्य सरकार को चुनाव आयोग को एवं राज्य चुनाव आयुक्त को स्पष्ट करना चाहिए कि कौनसी लिस्ट को वो सही मानते हैं और किस वजह से? जनता के सामने दोंनों ही लिस्ट संदिग्ध लगती है और लिस्टों को तैयार करने वाली एजेंसियों एवं उनकी प्रक्रियाओं पर सवाल उठते हैं जो लोकतंत्र की नींव को कमजोर करते हैं. हमारा मानना है कि हर वोटर का वोट डालने का मूल अधिकार है जिसे प्रक्रियाओं द्वारा चीन जा रहा है और यह उसके जीने के अधिकार के साथ जुड़ा हुआ है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उपलब्ध दस्तावेजों, जमीनी सत्यापन और विभिन्न राज्यों के अनुभवों से यह स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। राजस्थान में 2002–03 के SIR के दौरान अपनाई गई घर-घर सत्यापन, ग्राम सभा, वार्ड सभा और सार्वजनिक रूप से मतदाता सूची पढ़ने की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप लगभग 16 लाख नाम मतदाता सूची में जोड़े गए थे। वर्तमान SIR के संदर्भ में इसी प्रभावी प्रक्रिया को दोबारा लागू करने की मांग की जा रही है। 2002–03 की प्रक्रिया और RTI से प्राप्त दस्तावेज 2002 में राजस्थान सहित कई राज्यों में SIR के दौरान बड़ी संख्या में सही मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जबकि कई अपात्र नाम भी सूची में बने रहे। नागरिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त जेम्स लिंडो के समक्ष इसकी शिकायत की। इसके बाद वे राजस्थान आए और जयपुर स्थित हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (OTS) में विभिन्न समूहों के साथ बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि मतदाता सूची की गलतियों को दूर करने के लिए लोगों के बीच जाकर सूची का वाचन किया जाए और ग्राम सभा, वार्ड सभा तथा नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से लोगों को सूची दिखाई जाए। 6 अगस्त 2003 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए और इसके परिणामस्वरूप राजस्थान में लगभग 16 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए। इसी अनुभव के आधार पर 2002–03 की प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज RTI के माध्यम से मांगे गए। नवंबर 2025 में RTI दाखिल होने से लेकर जून 2026 तक प्रथम अपील, द्वितीय अपील, राज्य सूचना आयोग की सुनवाई, पुरानी फाइलों का निरीक्षण और लगभग 1,800 पन्नों से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया चली। मंगोलपुरी( दिल्ली) और कर्नाटक ने दिखाया जनभागीदारी से संभव है सही सत्यापन दिल्ली के मंगोलपुरी Y ब्लॉक में 5 सितंबर 2026 को हुई जन सुनवाई में SIR की जमीनी प्रक्रिया की गंभीर कमियां सामने आईं। आठ बूथों के 1,516 घरों में से 1,448 घरों का सत्यापन नागरिक स्वयंसेवकों ने किया। जनवरी 2025 की सूची में दर्ज 9,838 मतदाताओं में से केवल 5,639 नाम प्रारूप SIR सूची में आए, जबकि 2,781 नाम ASDD सूची में और 1,328 नाम किसी भी सूची में नहीं मिले। घर-घर सत्यापन में 450 से अधिक ऐसे लोग मिले जो ASDD में डाले जाने के बावजूद उसी पते पर रह रहे थे और 500 से अधिक लोग ऐसे मिले जिनका नाम किसी भी सूची में नहीं था। कई लोग 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डाल चुके थे। इसके विपरीत कर्नाटक के मैसूरु जिले की हिरेहल्ली ग्राम पंचायत में नागरिक संगठनों और प्रशासन ने मिलकर घर-घर सत्यापन और जन सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई। 16 मई 2026 को छह बूथों के 5,367 मतदाताओं में से 4,370 यानी 81.4 प्रतिशत का एक ही दिन में भौतिक सत्यापन किया गया। अगले दिन जन सुनवाई में 96 निवासी तथा संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इस प्रक्रिया में नए नाम जोड़ने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने तथा जन्मतिथि और पारिवारिक विवरण सुधारने की बड़ी संख्या में मांगें सामने आईं। यह अनुभव बताता है कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से मतदाता सूची का प्रभावी सत्यापन संभव है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और राजस्थान चुनाव आयोग (SEC) की सूचियों में लगभग 30 लाख नामों का गंभीर अंतर ECI की SIR अंतिम सूची और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की स्थानीय निकाय मतदाता सूचियों के तुलनात्मक अध्ययन में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। ECI की SIR अंतिम सूची और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की स्थानीय निकाय मतदाता सूचियों के तुलनात्मक अध्ययन में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। ECI की SIR अंतिम सूची, विलोपन सूची और SEC की लगभग 1.47 लाख सूची-फाइलों का EPIC नंबर के आधार पर मिलान किया गया। अध्ययन के अनुसार SIR में हटाए गए 26.63 लाख मतदाता अभी भी SEC की 2026 की नगरीय और पंचायत मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। यह ECI की मसौदा सूची से बाहर किए गए 41.85 लाख नामों का लगभग 64 प्रतिशत है। SIR में कुल 44.28 लाख नाम हटाए गए और 12.91 लाख जोड़े गए, जिससे ECI की मतदाता संख्या 5.47 करोड़ से घटकर 5.15 करोड़ रह गई; उन्हीं 199 विधानसभा क्षेत्रों में SEC की सूची में लगभग 5.45 करोड़ मतदाता हैं। इन 26.63 लाख नामों में 17.57 लाख लोगों को "स्थायी रूप से स्थानांतरित", 3.68 लाख को "अनुपस्थित/अप्राप्य" और 1.86 लाख को "पहले से नामांकित (डुप्लीकेट)" बताकर हटाया गया। 3.52 लाख नाम मृत्यु के आधार पर हटाए गए, जिनमें 40 वर्ष से कम उम्र के 42,293 नामों की विशेष जांच आवश्यक है। इन 26.63 लाख मतदाताओं में 58 प्रतिशत महिलाएं हैं और 81 प्रतिशत की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच है। जयपुर सहित कई शहरी क्षेत्रों में भी अंतर उल्लेखनीय है। जयपुर की सिविल लाइन्स, विद्याधर नगर, सांगानेर, किशनपोल और हवामहल सीटों में नगरीय मतदाता सूची के 10 प्रतिशत से अधिक मतदाता ऐसे हैं जिन्हें SIR में हटाया गया था। दूसरी ओर ECI की अंतिम सूची के अधिकतम 15.52 लाख मतदाता किसी स्थानीय निकाय सूची में नहीं हैं, जिनमें 55 प्रतिशत 18–25 वर्ष की आयु के हैं। हमारी मांगें:- सत्यापन में जनता की भागीदारी और स्वतंत्र निगरानी हो 2 अक्टूबर 2026 को सामने आए चुनाव आयोग के आदेश में SIR पूरा कर चुके राज्यों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान के लिए BLO को घर-घर जाकर सत्यापन करने और Form-6 लेने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश स्वयं इस आवश्यकता को रेखांकित करता है कि SIR के बाद भी बड़ी संख्या में छूटे मतदाताओं की पहचान करनी पड़ रही है. इसका मतलब है कि SIR में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। हमारी प्रमुख मांगें हैं— 1. छूटे हुए प्रत्येक नाम और उसके हटने का कारण वार्ड एवं ग्राम स्तर पर सार्वजनिक किया जाए। 2. सत्यापन के परिणाम ग्राम सभा और वार्ड सभा में पढ़े जाएं तथा आपत्तियों पर वहीं कार्रवाई शुरू हो। 3. सत्यापन केवल उसी BLO के भरोसे न छोड़ा जाए जिसने पहले नाम हटाए थे; नागरिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों की स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित की जाए। 4. जिन मतदाताओं के नाम प्रशासनिक गलती से हटे हैं, उन्हें नए मतदाता की तरह Form-6 भरने के लिए बाध्य न किया जाए; उनके नाम सीधे बहाल किए जाएं। 5. राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूचियों में आवश्यक सुधार समय रहते पूरा किया जाए। 6. राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों की जो घोषणा की गई है उसमें सरपंच और वार्ड पंच को सिम्बल आवंटन के बाद चुनाव चिन्ह के प्रचार के लिए कुछ घंटे ही दिए हैं जिसमें पूर्व में बनाई गई व्यवस्था को ख़त्म कर दिया गया है जिसमें पंच और सरपंच के आवेदन पहले लिए जाते थे और उनको चुनाव चिन्ह आवंटन कर दिया जाता था उसी व्यवस्था को राजस्थान में बहाल किया जाये. मतदाता सूची केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार का आधार है। इसलिए इसका निर्माण और संशोधन जनता की भागीदारी, पारदर्शिता और स्वतंत्र निगरानी के साथ होना चाहिए। 2002–03 का राजस्थान अनुभव, कर्नाटक का हिरेहल्ली मॉडल और मंगोलपुरी की जमीनी जांच, तीनों हमें यही रास्ता दिखाते हैं।

    ईश्वर मेटल्स का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में छात्राओं हेतु आयोजित विभागीय गतिविधियों के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशासन (बीबीए) विभाग द्वारा जयपुर के वीकेआई क्षेत्र स्थित ईश्वर मेटल्स का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण की रूपरेखा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन में डॉ. दमयंती सोढा द्वारा तैयार की गई। इस शैक्षणिक भ्रमण में बीबीए की 45 छात्राओं ने भाग लिया, जिनके साथ संकाय सदस्य डॉ. प्रीति अग्रवाल एवं डॉ. टीना सिंह मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे। कारखाने में भ्रमण के दौरान छात्राओं को तांबे एवं अन्य धातुओं से बनने वाले तारों के निर्माण की व्यावहारिक प्रक्रिया को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। उद्योग के विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को विभिन्न श्रेणियों, आकारों और आवश्यकताओं के अनुसार तार तैयार करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया बताई गई साथ ही यह भी बताया कि सुरक्षा एवं इन्सुलेशन मानकों को पूरा करने के लिए उन पर पीवीसी की कोटिंग किस तरह चढ़ाई जाती है। यह औद्योगिक भ्रमण छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और समृद्ध अनुभव सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान को औद्योगिक संचालन की व्यावहारिक प्रक्रियाओं से जोड़कर समझने में सहायता मिली। भ्रमण के सफल एवं शिक्षाप्रद समापन के पश्चात सभी विद्यार्थियों तथा प्राध्यापिकाओं ने “आपणो राजस्थान” में दोपहर के भोजन का आनंद लिया और दिनभर के अनुभव साझा किए।  

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में कैलीग्राफी कार्यशाला का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के अंग्रेजी विभाग द्वारा कैलीग्राफी कार्यशाला का आयोजन किया गया। विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में सुप्रसिद्ध कैलीग्राफी कलाकार हरिशंकर बालोठिया विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला में 60 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा कैलीग्राफी की विविध तकनीकों का प्रायोगिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। बालोठिया ने कार्यशाला के दौरान छात्राओं को कैलीग्राफी की विभिन्न शैलियों का व्यावहारिक प्रदर्शन करवाया। उन्होंने फाउंडेशनल हैंड, अनसियल स्क्रिप्ट और रोमन कैपिटल लेटर्स सहित लोअर केस, अपर केस और न्यूमेरिकल्स (0 से 9) की विभिन्न फॉन्ट शैलियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे अक्षरों की बनावट, स्ट्रोक और अनुपात पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया तथा अपने प्रेरक विचार प्रस्तुत किए। दिनांक 25 सितंबर 2026 को आयोजित कैलीग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं कार्यशाला के अंत में प्रमाण-पत्र दिये गये। विजेताओं में प्रथम स्थान पर रुद्राक्षी तोशनीवाल (बी.कॉम सेमेस्टर प्रथम), द्वितीय स्थान पर पायल मीना (बी.ए. इंग्लिश ऑनर्स सेमेस्टर प्रथम) और तृतीय स्थान पर हर्षिता रत्नावत (बी.ए. सेमेस्टर तृतीय) ने पुरस्कार प्राप्त किया।  

    ‘‘युवाओं के लिए रोजगार क्षमता संवर्धन’’ विषयक 14 दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ने नांदी फाउंडेशन के महिंद्रा प्राइड क्लासरूम के सहयोग से आयोजित ‘‘युवाओं के लिए रोजगार क्षमता संवर्धन’’ विषयक 14 दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यशाला 22 सितम्बर, 2026 से 5 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित की गई, जिसका प्रमुख उद्देश्य अंतिम वर्ष की छात्राओं में रोजगारपरक दक्षताओं, आत्मविश्वास, व्यावसायिक व्यवहार तथा कार्यस्थल की अपेक्षाओं के अनुरूप आवश्यक कौशलों का विकास करना था। कार्यशाला प्रारंभतः 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में नियोजित थी, किंतु छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता, निरंतर सीखने की अभिरुचि तथा प्रशिक्षण गतिविधियों के प्रति उनकी सक्रिय प्रतिक्रिया को देखते हुए इसे अतिरिक्त चार दिनों के लिए विस्तारित किया गया। नांदी फाउंडेशन के ट्रेनर श्री संजय शर्मा के नेतृत्व में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में प्रभावी संचार कौशल, जीवन कौशल, व्यावसायिक शिष्टाचार, आत्मविश्वास निर्माण, टीमवर्क, समस्या-समाधान तथा साक्षात्कार कौशल जैसे रोजगार के लिए आवश्यक प्रमुख आयामों पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण को व्यावहारिक एवं सहभागिता पूर्ण बनाने के लिए इंटरैक्टिव गतिविधियों, अनुभवात्मक शिक्षण, समूह-चर्चाओं तथा करियर-केंद्रित अभ्यासों को शामिल किया गया। कार्यशाला में 58 छात्राओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को न केवल रोजगार के लिए आवश्यक तकनीकी एवं सॉफ्ट स्किल्स से परिचित कराया गया, बल्कि उन्हें अपने व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने, आत्मविश्वास के साथ संवाद करने तथा कार्यस्थल की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। समापन सत्र में छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास, संचार क्षमता, साक्षात्कार कौशल तथा रोजगार के प्रति दृष्टिकोण को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया। छात्राओं ने कार्यक्रम को अपने व्यावसायिक भविष्य की तैयारी की दिशा में उपयोगी एवं मार्गदर्शक पहल बताते हुए आयोजकों और प्रशिक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को कार्यशाला के सफल समापन पर बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास का वास्तविक जीवन में प्रभावी उपयोग करने तथा उपलब्ध रोजगार अवसरों के लिए निरंतर स्वयं को तैयार करते रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट की संयोजिका डॉ. आकांक्षा गंडा ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षक एवं सहयोगी संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं की रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने तथा उन्हें उद्योग एवं कार्यस्थल की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने के लिए सेंटर द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की कौशल-विकास एवं करियर-उन्मुख गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यशाला के सफल समापन के अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।  

    राजकीय रामचंद्र खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज में 'EV सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का प्रदर्शन, पोर्टेबल EV चार्जिंग टेक्नोलॉजी का हुआ अनावरण

    राजकीय रामचंद्र खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज में 'EV सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का प्रदर्शन, पोर्टेबल EV चार्जिंग टेक्नोलॉजी का हुआ अनावरण जयपुर: राजकीय रामचंद्र खेतान पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जयपुर में एचवीआरडीसी (HVRDC) द्वारा स्थापित 'एचवीआरडीसी सेंटर फॉर एडवांस इलेक्ट्रिकल मोबिलिटी सिस्टम' का राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने प्रदर्शन किया गया। स्वदेशी पोर्टेबल EV चार्जिंग तकनीक का हुआ अनावरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, राजस्थान सरकार के उद्योग आयुक्त  नीलाभ सक्सेना द्वारा एचवीआरडीसी की पेटेंटेड पोर्टेबल EV चार्जिंग टेक्नोलॉजी का अनावरण किया गया। यह स्वदेशी तकनीक इलेक्ट्रिक वाहन को चार्जिंग स्टेशन तक ले जाने के बजाय, 'चार्जिंग को वाहन तक पहुँचाने' की अवधारणा पर आधारित है। इसे भविष्य के EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। तीन प्रमुख तकनीकों का प्रदर्शन और व्यावहारिक अनुभव कार्यक्रम में एचवीआरडीसी द्वारा तीन प्रमुख तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें हाथों से सीखने वाली EV लैब, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक पर आधारित व्यावहारिक मॉडल और पेटेंटेड पोर्टेबल चार्जिंग यूनिट शामिल रहे। हब मोटर, बैटरी पैक, कंट्रोलर और थ्रॉटल जैसे कंपोनेंट्स के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन के संचालन और ऊर्जा प्रवाह की कार्यप्रणाली को समझाया गया। इससे विद्यार्थियों को हार्डवेयर के माध्यम से प्रैक्टिकल लर्निंग और रिसर्च का अवसर मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा विभाग के उप सचिव सुरजानी शर्मा, सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस के निदेशक डॉ. अविनाश पवार, एचवीआरडीसी के फाउंडर एवं CEO आकाश कुमार किरोड़ी, मेंटर संजय कुमार झा (सेवानिवृत्त IPS), मेंटर आनंद कुमार किरोड़ी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शिवांश झा, ओएसडी कुंजी लाल स्वामी, खेतान पॉलिटेक्निक प्रधानाचार्य  विनोद कुमार जांगिड़ और खेतान एलुमिनाई के अध्यक्ष जी. पी. शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश शेडवाल थे।  

    एमजीडी में ऑल इंडिया आईपीएससी गर्ल्स बास्केटबॉल टूर्नामेंट शुरू, देशभर के 11 प्रतिष्ठित स्कूलों की टीमें आमने-सामने

    महारानी गायत्री देवी (एमजीडी) गर्ल्स स्कूल में ऑल इंडिया आईपीएससी अंडर-19 गर्ल्स बास्केटबॉल टूर्नामेंट का भव्य आगाज हुआ। प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान व कोच शीबा मैग्गोन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह की शुरुआत में स्कूल बैंड और एनसीसी कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद सभी प्रतिभागी टीमों के आकर्षक मार्च पास्ट के साथ मुख्य अतिथि ने विधिवत रूप से टूर्नामेंट के शुरू होने की घोषणा की। खिलाड़ियों ने एमजीडी टीम कैप्टन नंदिनी चौधरी के साथ खेल भावना और अनुशासन के साथ खेलने की शपथ ली। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न सिर्फ फिटनेस बढ़ाते हैं बल्कि जीवन में नेतृत्व और टीम भावना भी सिखाते हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस नेशनल टूर्नामेंट में मेजबान एमजीडी गर्ल्स स्कूल सहित देशभर के 11 प्रमुख स्कूलों की टीमें भाग ले रही हैं। इनमें द डेली कॉलेज (इंदौर), द एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल (इंदौर), मॉडर्न स्कूल (बाराखंभा रोड, नई दिल्ली), डीपीएस (मथुरा रोड, नई दिल्ली), यादवेन्द्र पब्लिक स्कूल (मोहाली), मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल (राई), हैदराबाद पब्लिक स्कूल (बेगमपेट), द लॉरेंस स्कूल (लवडेल) और राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल (जोधपुर) की टीमें कोर्ट पर अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगी। स्कूल डायरेक्टर श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया एवं प्राचार्या श्रीमती प्रमेंद्र खंगारोत ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उद्घाटन के तुरंत बाद पहले दिन के रोमांचक लीग मुकाबलों की शुरुआत हुई जिनके परिणाम कुछ इस प्रकार रहे :- मैच 1 (पूल बी): एचपीएस, बेगमपेट ने मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली को 34-09 के बड़े अंतर से मात देकर जीत दर्ज की।  ​मैच 2 (पूल ए): द लॉरेंस स्कूल, लवडेल ने वाईपीएस, मोहाली को 44-24 के स्कोर से हराया।  ​मैच 3 (पूल बी): डीपीएस, मथुरा रोड ने एकतरफा मुकाबले में वाईपीएस, पटियाला को 23-04 से शिकस्त दी।  ​मैच 4 (पूल ए): मेजबान एमजीडी गर्ल्स स्कूल, जयपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डेली कॉलेज, इंदौर को 48-11 से पराजित किया।