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    स्टूडेंट्स की कम्युनिकेशन स्किल्स और क्रिएटिविटी को निखारने के लिए लिट कार्निवल का आयोजन

    -यूथ की क्रिएटिविटी को मिला नया मंच: जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी -'ऐड मैड शो' और 'जैम' सेशन में दिखा स्टूडेंट्स का टैलेंट जयपुर, युवाओं के अंदर छिपी अभिव्यक्ति को एक नया और खुला मंच देते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज (एसएचएसएस) के इंग्लिश डिपार्टमेंट और क्रिएटिविटी सेल ने मिलकर 'लिट कार्निवल 2026' का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य इंटरैक्टिव एक्टिविटीज़ और वर्कशॉप्स के ज़रिए स्टूडेंट्स में कम्युनिकेशन स्किल्स, साहित्यिक समझ और कॉन्फिडेंस को बढ़ाना था। अपने इंटरैक्टिव सेशन में, चीफ़ गैस्ट डॉ. पवनदीप कौर बिंद्रा (क्निकल, बिहेवियरल और सेबी स्मार्ट ट्रेनर) ने इमोशनल इंटेलिजेंस, अलग-अलग पीढ़ियों के बीच संवाद और पर्सनल ग्रोथ पर स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया। साथ ही, युवाओं की रचनात्मकता को और निखारने के लिए सौमित्र सोमेंदर (एडिटोरियल फेलो, वर्ड्स विदाउट बॉर्डर्स व रिसर्च एसोसिएट, चिल सब्स) ने 'क्रॉफ्टिंग पोयम्स' पर वर्कशॉप ली। उन्होंने पोएट्री और क्रिएटिव राइटिंग की बारीकियों के साथ-साथ स्टूडेंट्स को कैथरीन वैगनर के "सिक्स एस" (स्पीड, साउंड, सिंटेक्स, सरप्राइज़, सेंस, स्पेस) के कॉन्सेप्ट से भी रूबरू कराया। इसी कड़ी में, डॉ. रश्मि शर्मा (एडमिशन स्ट्रेटेजिस्ट) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर रोशनी डालते हुए यूथ को निरंतर नया सीखने के लिए प्रेरित किया। और डॉ. रुचिदा बर्मन (हैड ऑफ़ डिपार्टमेंट- इंग्लिश) ने स्टेज फ़ियर को दूर कर अपनी बात को स्पष्टता से रखने के टिप्स दिए। कार्निवल में कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें 'जस्ट अ मिनट' सेशन काफी खास रहा। जहाँ छात्रों ने परीक्षा के दबाव, सामाजिक जिम्मेदारी और टाइम ट्रैवल जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही 'ऐड मैड शो' में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम और मालवीय कॉन्वेंट स्कूल के स्टूडेंट्स ने सस्टेनेबिलिटी, बायोडिग्रेडेबल उत्पादों और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर अपने रचनात्मक विज्ञापन पेश किए। इवेंट का समापन प्राइज़ डिस्ट्रीब्यूशन के साथ हुआ। कार्निवल में प्रोफ़. सुनील कुमार मिश्रा (डीन- एसएचएसएस), प्रोफ़. नरेंद्र कौशिक (डीन- जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट) के साथ अन्य सीनियर प्रोफेसर्स और फैकल्टी मेंबर्स भी मौज़ूद रहे।  

    स्टूडेंट्स की कम्युनिकेशन स्किल्स और क्रिएटिविटी को निखारने के लिए ‘लिट कार्निवल’ का आयोजन

    -यूथ की क्रिएटिविटी को मिला नया मंच: जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी -'ऐड मैड शो' और 'जैम' सेशन में दिखा स्टूडेंट्स का टैलेंट जयपुर, युवाओं के अंदर छिपी अभिव्यक्ति को एक नया और खुला मंच देते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज (एसएचएसएस) के इंग्लिश डिपार्टमेंट और क्रिएटिविटी सेल ने मिलकर 'लिट कार्निवल 2026' का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य इंटरैक्टिव एक्टिविटीज़ और वर्कशॉप्स के ज़रिए स्टूडेंट्स में कम्युनिकेशन स्किल्स, साहित्यिक समझ और कॉन्फिडेंस को बढ़ाना था। अपने इंटरैक्टिव सेशन में, चीफ़ गैस्ट डॉ. पवनदीप कौर बिंद्रा (क्निकल, बिहेवियरल और सेबी स्मार्ट ट्रेनर) ने इमोशनल इंटेलिजेंस, अलग-अलग पीढ़ियों के बीच संवाद और पर्सनल ग्रोथ पर स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया। साथ ही, युवाओं की रचनात्मकता को और निखारने के लिए सौमित्र सोमेंदर (एडिटोरियल फेलो, वर्ड्स विदाउट बॉर्डर्स व रिसर्च एसोसिएट, चिल सब्स) ने 'क्रॉफ्टिंग पोयम्स' पर वर्कशॉप ली। उन्होंने पोएट्री और क्रिएटिव राइटिंग की बारीकियों के साथ-साथ स्टूडेंट्स को कैथरीन वैगनर के "सिक्स एस" (स्पीड, साउंड, सिंटेक्स, सरप्राइज़, सेंस, स्पेस) के कॉन्सेप्ट से भी रूबरू कराया। इसी कड़ी में, डॉ. रश्मि शर्मा (एडमिशन स्ट्रेटेजिस्ट) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर रोशनी डालते हुए यूथ को निरंतर नया सीखने के लिए प्रेरित किया। और डॉ. रुचिदा बर्मन (हैड ऑफ़ डिपार्टमेंट- इंग्लिश) ने स्टेज फ़ियर को दूर कर अपनी बात को स्पष्टता से रखने के टिप्स दिए। कार्निवल में कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें 'जस्ट अ मिनट' सेशन काफी खास रहा। जहाँ छात्रों ने परीक्षा के दबाव, सामाजिक जिम्मेदारी और टाइम ट्रैवल जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही 'ऐड मैड शो' में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम और मालवीय कॉन्वेंट स्कूल के स्टूडेंट्स ने सस्टेनेबिलिटी, बायोडिग्रेडेबल उत्पादों और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर अपने रचनात्मक विज्ञापन पेश किए। इवेंट का समापन प्राइज़ डिस्ट्रीब्यूशन के साथ हुआ। कार्निवल में प्रोफ़. सुनील कुमार मिश्रा (डीन- एसएचएसएस), प्रोफ़. नरेंद्र कौशिक (डीन- जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट) के साथ अन्य सीनियर प्रोफेसर्स और फैकल्टी मेंबर्स भी मौज़ूद रहे।  

    तीन दिवसीय बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण आउटरीच कार्यक्रम का प्रतिवेदन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के बेसिक लाइफ सपोर्ट सेंटर द्वारा गैर महाविद्यालयी छात्राओं हेतु तीन दिवसीय “बेसिक लाइफ सपोर्ट (ठस्ै) प्रशिक्षण आउटरीच कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एम्स, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाएजेशन, सत्यम और परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभग के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गैर महाविद्यालय छात्राओं को आपातकालीन चिकित्सा सहायता एवं जीवन रक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सी.पी.आर. (ब्च्त्), प्राथमिक उपचार, सड़क दुर्घटनाओं के समय त्वरित सहायता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में उचित प्रतिक्रिया देने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ सरला शर्मा, डॉ. दीपा चौहान, डॉ आयुषी सोरल और डॉ. रेणु शक्तावत द्वारा किया गया। प्रशिक्षकों ने प्रदर्शन एवं व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ प्रशिक्षण में सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर सहयोगी संस्थाओं द्वारा आयोजित पोस्ट-ट्रेनिंग परीक्षण में प्रतिभागियों ने भाग लिया। परीक्षण में सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कुल 85 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सीमा अग्रवाल ने उपस्थित प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्हें प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में जागरूकता एवं सेवा भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में बेसिक लाइफ सपोर्ट सेंटर की संयोजिका डॉ. सरला शर्मा द्वारा प्रशिक्षकों, प्रशिक्षुओं एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।  

    वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए अगले सप्ताह खुलेगा पोर्टल

    -5 जून को जयपुर से रवाना होगी सोमनाथ के लिए विशेष ट्रेन -देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक जयपुर। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27' के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। बुधवार को शासन सचिवालय में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में इसके लिए अगले सप्ताह से 15 दिनों के लिए विभागीय पोर्टल खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष योजना के तहत कुल 56,000 वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा कराई जाएगी, जिसमें 50,000 को ट्रेन और 6,000 को हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बजट में की गई घोषणाओं की समयबद्ध क्रियान्विति पर चर्चा की गई। इसके साथ ही “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा” के अंतर्गत 5 जून-2026 को जयपुर से रवाना होने वाली विशेष धार्मिक पर्यटक ट्रेन की तैयारियों की समीक्षा की गई। यह ट्रेन जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से दोपहर करीब 3 बजे दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। प्रदेशभर के लगभग 1000 वरिष्ठजन द्वारका, नागेश्वर और सोमनाथ के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन से जाएंगे। इस विशेष ट्रेन में जयपुर के अलावा अजमेर व आबू रोड स्टेशन से भी वरिष्ठजन सवार होंगे। उन्होंने बताया कि अजमेर और आबू रोड स्टेशन पर करीब 20 मिनट का ठहराव रहेगा, जहां यात्रियों की बोर्डिंग और अन्य व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी। 6 जून को सुबह करीब 11:30 बजे ट्रेन सोमनाथ पहुंचेगी। यहां यात्रियों को होटल में ठहराया जाएगा। विश्राम के बाद स्थानीय धार्मिक और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। 7 जून को सोमनाथ के शेष दर्शनीय स्थलों के दर्शन करवाने के बाद रात करीब 11:30 बजे ट्रेन द्वारका के लिए रवाना होगी। 8 जून को सुबह करीब 6 बजे द्वारका पहुंचने पर यात्रियों को होटल ट्रांसफर और विश्राम की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद द्वारकाधीश मंदिर सहित स्थानीय धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। 9 जून को दिनभर भ्रमण कार्यक्रम के बाद शाम करीब 6 बजे विशेष ट्रेन जयपुर के लिए रवाना होगी। 10 जून को शाम करीब 4 बजे ट्रेन जयपुर पहुंचेगी। वापसी के दौरान अजमेर और आबू रोड स्टेशन पर भी यात्रियों के उतरने की व्यवस्था रहेगी। मंत्री कुमावत ने बताया कि ट्रेन में कुल 14 वातानुकूलित कोच, 2 पावर कार और 1 पैंट्री कार लगाई जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, होटल में ठहरने, स्थानीय परिवहन और दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की पूरी व्यवस्था देवस्थान विभाग की ओर से की जाएगी। देवस्थान विभाग ने तीर्थयात्रियों की पूरी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। ट्रेन में एक ट्रेन प्रभारी, प्रत्येक कोच में दो अनुदेशक, साथ ही एक डॉक्टर और दो नर्सिंग कर्मचारी तैनात रहेंगे। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि हमारी राजस्थान सरकार प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और उनकी आध्यात्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी ने बजट में जो घोषणाएं की हैं, उन्हें धरातल पर उतारना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।इस साल 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27' के तहत हम 56,000 बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अगले सप्ताह जब पोर्टल 15 दिनों के लिए खुले, तो ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बिल्कुल सरल हो ताकि हमारे बुजुर्गों को कोई परेशानी न आए।  कुमावत ने यह भी निर्देश दिए की आगामी 5 जून को जयपुर से गुजरात (सोमनाथ, द्वारका और नागेश्वर) के लिए विशेष ट्रेन रवाना हो रही है। इस यात्रा के दौरान बुजुर्गों की सुरक्षा, भोजन, चिकित्सा और ठहरने के इंतजाम विश्वस्तरीय होने चाहिए। देवस्थान विभाग और आईआरसीटीसी (IRCTC) के अधिकारी आपस में बेहतर समन्वय बैठाकर काम करें। हमारे बुजुर्गों को सफर में घर जैसा माहौल और सम्मान मिलना चाहिए। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" मंत्री ने सभी अधिकारियों को यात्रा व्यवस्थाओं को त्रुटिहीन और आरामदायक बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मंदिरों के जीर्णोद्धार, सिंधू दर्शन योजना, देवस्थान विभाग के कैडर रिव्यू व नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी मंत्री कुमावत ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं, ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन के कार्य की गति बढाने, लंबित कोर्ट केसेज का त्वरित गति से निपटारा करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इस बैठक में देवस्थान विभाग की शासन सचिव श्रीमती शुचि त्यागी, अतिरिक्त आयुक्त गितेश मालवीय, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त, जयपुर प्रथम रतनलाल योगी, जयपुर द्वितीय महेंद्र देवतवाल, सहित प्रदेशभर के सहायक आयुक्त वर्चुअल माध्यम से जुड़े।  

    प्रख्यात पत्रकार कल्याण दा हमारे बीच नहीं रहे....

    प्रख्यात पत्रकार कल्याण सिंह कोठारी हमारे बीच नहीं रहे! आज 18 मई को सुबह 12 बजे अपने निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली! आप अपने पीछे हंसा कोठारी- पत्नी, पुनीत कोठारी-बेटा, संजना कोठारी-बहु, पूर्वा मोहनोत्-बेटी, अभय मोहनोत् - दामाद, ईशी- पोत्री, निशिका एवं अनिकेत- दोहिता एवं दोहीती सहित भरा पुरा परिवार छोड़कर गए है! आप का चले जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति है, जिसे पूरा नहीं किया जा सकता, मगर आप के लेखन से आने वाली पीढ़िया निरंतर लाभांवित होती रहेंगी!   7 जून 1944 को जोधपुर में जन्मे देश के प्रख्यात एवं वयोवृद्ध पत्रकार कल्याणसिंह कोठारी परिचय के मोहताज नहीं है। अपने जीवन के 83 बसंत देख चुके कोठारी ने अपने बचपन से लेकर युवा अवस्था तक अध्ययन एवं अनेक कार्ययोजनाओं में कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वहीं, दूसरी ओर जीवन की परवाह किए बिना अनेक प्रकार की पत्रकारिता की है। इनमें भारत-पाकिस्तान के युद्ध के समय आप जब वॉर जर्नलिस्ट के रूप में जोधपुर से खबरें लिख रहे थे तब कुछ मीटर की दूरी पर बम के धमाकों की आवाज सुनाई देती थी, जो आज भी आप के कानों में गूंजती है। यह सब आपके संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी को बयां करती है।   इतना ही नहीं यु़द्ध के समय बंकरों में रहकर सीमित संसाधनों के चलते भूखे-प्यासे रहकर भी आपने दिन बिताए एवं जान जोखिम में डालकर पाठकों के लिए युद्ध की स्थितियों का शब्दों के माध्यम से चित्रांकन कर जो कार्य किया वह न केवल काबिले तारीफ है बल्कि प्रेरणास्पद भी है। आप के कार्यानुभव से सैकड़ों पत्रकार, मीडिया शिक्षक, मीडिया शोधार्थी एवं विद्यार्थी लाभांवित हो चुके हैं। आप पर प्रोफेसर ( डॉ) रमेश कुमार रावत द्वारा लिखी गई पुस्तक एवं बनाई गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'मीडिया मेकर्स ऑफ राजस्थान- कल्याणसिंह कोठारी' ने काफी सुर्खियां बटोरीं तो आप पर बनी फिल्म एवं पुस्तक को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्‍स एवं एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया।   इतना ही नहीं आप ने ऑल इंडिया मीडिया एज्यूकेटर्स कॉन्फ्रेंस की नींव भी आपने देश के प्रख्यात मीडिया शिक्षक डॉ. संजीव भानावत के साथ मिलकर रखी। जिसमें चार संस्करणों में करीब 1200 से अधिक मीडिया शिक्षकों, मीडिया प्रोफेशनल्स ने शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं।     कोठारी जी इं‍जीनियर बनना चाहते थे, लेकिन गणित अच्छी नहीं होने के कारण इसे जारी नहीं रख पाए और आर्ट्‍स में एडमिशन ले लिया। आगे चलकर वकालत भी की एवं पत्रकारिता में अपना करियर बनाने का निश्चय किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में युद्ध पत्रकारिता, विधि पत्रकारिता, राजनैतिक पत्रकारिता, विकासात्मक पत्रकारिता, बाल संरक्षण एवं पंचायत पत्रकारिता, यूएन बॉडीज एवं सिविक पत्रकारिता, सिटीजन जर्नलिज्म, खोजी पत्रकारिता, आर्थिक पत्रकारिता, सांस्कृतिक एवं एतिहासिक स्थल पत्रकारिता, स्वास्थ्य पत्रकारिता आदि में आपका अनूठा योगदान रहा है।   लोक संवाद संस्थान-बाल संरक्षण एवं मीडिया एडवोकेसी संस्थान में भी आप सचिव के रूप में कार्य किया है। पत्रकारिता के बाद सफल जनसंपर्ककर्मी, मीडिया सलाहकार के रूप में आपने देश-विदेश की अनेक संस्थाओं में न केवल सेवाएं दीं अपितु मार्गदर्शन भी किया है। आपको विभिन्न संस्थाओं द्वारा समय-समय पर सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने माणक अलंकरण से भी सम्मानित किया था। पत्रकारिता के क्षेत्र में रहते हुए आपने अमेरिका, यूरोप एवं दुबई की यात्राएं कीं एवं वहां के शैक्षणिक संस्थानों में भ्रमण भी किया।   आप का इस प्रकार से चले जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है! बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी जयपुर के कुलपति डॉ देव स्वरूप, इंडिया हेबिटेट सेंटर दिल्ली के निदेशक प्रो के जी सुरेश, राजस्थान विश्वविद्यालय के जन संचार केंद्र के पूर्व अध्यक्ष प्रो संजीव भानावत सहित देश के हर प्रदेश से मीडिया शिक्षकों एवं पत्रकारों ने अपनी शोक सवेदना व्यक्त की है!  

    वाहन चालक भर्ती 2024: ट्रेड टेस्ट शुरू करवाने की मांग को लेकर बेरोजगार यूनियन के नेतृत्व में अभ्यर्थी पहुंचे

    वाहन चालक भर्ती 2024: ट्रेड टेस्ट शुरू करवाने की मांग को लेकर बेरोजगार यूनियन के नेतृत्व में अभ्यर्थी पहुंचे कानून मंत्री जोगाराम पटेल के पास वाहन चालक भर्ती 2024 का लिखित परीक्षा परिणाम जारी हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक ट्रेड टेस्ट शुरू नहीं किया गया है। इस मुद्दे को लेकर बेरोजगार यूनियन के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल से मुलाकात की। बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान और संयोजक रविन्द्र चौधरी ने बताया कि अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं और परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने मंत्री जी से ट्रेड टेस्ट शीघ्र शुरू करने की मांग की। मंत्री जोगाराम पटेल ने अभ्यर्थियों की समस्या को गंभीरता से सुना और सकारात्मक वार्ता की। उन्होंने जल्द ही ट्रेड टेस्ट शुरू किए जाने को लेकर खुशखबरी मिलने का आश्वासन दिया।।  

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    उन्नत भारत अभियान के तहत बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (नर्सिंग विभाग) द्वारा ग्रामीण सर्वे एवं जागरूकता अभियान आयोजित

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता कार्यक्रम संपन्न जयपुर। बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (नर्सिंग विभाग) की टीम द्वारा भारत सरकार की ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वाकांक्षी परियोजना ‘उन्नत भारत अभियान’ के तहत ग्रामीण सर्वे एवं जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी एवं डायरेक्टर डॉ. प्रो. संजय बियानी के निर्देशन में संचालित किया गया।   इस अभियान के तहत डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने बताया कि यह कार्यक्रम ‘उन्नत भारत अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण भारत की समस्याओं, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज सेवा, व्यवहारिक ज्ञान एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत संचालित नई शिक्षा व्यवस्थाओं से जोड़ते हैं।   अभियान के अंतर्गत यू बी ए पीआई कोऑर्डिनेटर रेम्या रेंजर एवं पायल सैनी के नेतृत्व में 50 से अधिक विद्यार्थियों की टीम ने फतेहपुरा एवं हिम्मतपुरा गांवों में सर्वे कार्य किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचकर लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया।   अभियान में विद्यार्थियों ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझा तथा उन्हें आवश्यक सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की।   कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संस्थान प्रमुख लता पी.एस., विभागाध्यक्ष डॉ. जिशु बैजू एवं बियानी गर्ल्स कॉलेज के डीन व प्राचार्य डॉ. ध्यानसिंह गोठवाल ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए इस पहल को समाजहित में महत्वपूर्ण बताया।  

    राजस्थान के शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत

    देश के सभी राज्यों के शिक्षकों के संगठन टीचर फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चन्द्र शर्मा ने राजस्थान से राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा को टी एफ आई का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया है।   गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2010 से पूर्व लगे शिक्षकों की टेट की अनिवार्यता लागू की गई थी जिसके खिलाफ देश के बड़ी संख्या में शिक्षक रामलीला मैदान दिल्ली में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले इकट्ठे हुए थे, इस नियम से देश-भर के 20 लाख से अधिक शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे हैं इस प्रदर्शन में राजस्थान के शिक्षकों ने बढ़कर हिस्सा लिया इसको देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विपिन प्रकाश शर्मा को राष्ट्रीय संगठन टी एफआई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित किया गया।   नवनिर्वाचित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि देश के शिक्षकों के रामलीला प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर यह रहा की कार्यपालिका तथा न्यायपालिका ने इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के दिल्ली में प्रदर्शन के कारण दोनों का ध्यान आकर्षित हुआ तथा सबसे बड़ी सुखद ख़बर यह रही कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले पर रिव्यू पिटीशन को स्वीकार कर लिया तथा 13 मई को‌ ओपन कोर्ट में सुनवाई हुई ,जिसमें टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ़ से देश के नामी अधिवक्ताओं द्वारा पैरवी की गई।   सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा हुआ है जिससे सभी शिक्षक उम्मीद कर रहे हैं फैसला शिक्षकों के पक्ष में आएगा और 20 लाख शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी।   शर्मा ने बताया कि इसके बाद देश भर में एक राष्ट्र एक वेतन तथा पुरानी पेंशन की बहाली के मुद्दे को लेकर टीचर फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया जोर-शोर से कार्य करेगा।  

    5 जून को जयपुर से जाएगी द्वारका–नागेश्वर–सोमनाथ के लिए विशेष ट्रेन

    वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत प्रदेशभर के 1000 वरिष्ठजन करेंगे यात्रा जयपुर। देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार की ओर से “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा” के तहत विशेष धार्मिक पर्यटक ट्रेन का संचालन 5 जून-2026 को किया जाएगा। यह ट्रेन जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से दोपहर करीब 3 बजे दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। प्रदेशभर के लगभग 1000 वरिष्ठजन द्वारका, नागेश्वर और सोमनाथ के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन से जाएंगे। यह विशेष ट्रेन 5 जून को जयपुर से रवाना होंगे। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस विशेष ट्रेन में जयपुर के अलावा अजमेर व आबू रोड स्टेशन से भी वरिष्ठजन सवार होंगे। देवस्थान विभाग मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि यह यात्रा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत चयनित उन श्रद्धालुओं के लिए आयोजित की जा रही है, जो पहले किसी कारणवश यात्रा पर नहीं जा सके थे। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं। जिस जिले में जितने यात्री प्रतीक्षा लिस्ट में हैं, उसी अनुपात में उन्हें इस यात्रा में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अजमेर और आबू रोड स्टेशन पर करीब 20 मिनट का ठहराव रहेगा, जहां यात्रियों की बोर्डिंग और अन्य व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी। 6 जून को सुबह करीब 11:30 बजे ट्रेन सोमनाथ पहुंचेगी। यहां यात्रियों को होटल में ठहराया जाएगा। विश्राम के बाद स्थानीय धार्मिक और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। 7 जून को सोमनाथ के शेष दर्शनीय स्थलों के दर्शन करवाने के बाद रात करीब 11:30 बजे ट्रेन द्वारका के लिए रवाना होगी। 8 जून को सुबह करीब 6 बजे द्वारका पहुंचने पर यात्रियों को होटल ट्रांसफर और विश्राम की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद द्वारकाधीश मंदिर सहित स्थानीय धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। 9 जून को दिनभर भ्रमण कार्यक्रम के बाद शाम करीब 6 बजे विशेष ट्रेन जयपुर के लिए रवाना होगी। 10 जून को शाम करीब 4 बजे ट्रेन जयपुर पहुंचेगी। वापसी के दौरान अजमेर और आबू रोड स्टेशन पर भी यात्रियों के उतरने की व्यवस्था रहेगी। मंत्री कुमावत ने बताया कि ट्रेन में कुल 14 वातानुकूलित कोच, 2 पावर कार और 1 पैंट्री कार लगाई जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, होटल में ठहरने, स्थानीय परिवहन और दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की पूरी व्यवस्था देवस्थान विभाग की ओर से की जाएगी। देवस्थान विभाग ने तीर्थयात्रियों की पूरी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। ट्रेन में एक ट्रेन प्रभारी, प्रत्येक कोच में दो अनुदेशक, साथ ही एक डॉक्टर और दो नर्सिंग कर्मचारी तैनात रहेंगे।  

    इंद्रिय से विषयों के संबंध का आधार बनता है षड्विधसन्निकर्ष : प्रो० बीना अग्रवाल

    भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्‌ एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित सप्त दिवसीय वैशेषिकदर्शनाधारित कार्यशाला के छठे दिन विषय विशेषज्ञ के रूप में राज० वि० वि० जयपुर परिसर की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो० बीना अग्रवाल उपस्थित रहीं। आपने बताया कि जब भी किसी विषय का प्रत्यक्ष किया जाता है तो जिस विषय को द्रष्टा देखता है उस विषय के साथ उसकी नेत्रेन्द्रिय का जो संपर्क होता है उसीको वैशेषिक दर्शन में सन्निकर्ष नाम से जाना जाता है, यह सन्निकर्ष छ: प्रकार का माना गया है- संयोग,‌ संयुक्त समवाय, संयुक्त समवेत समवाय, समवाय, समवेत समवाय एवं विशेषण विशेष्य भाव‌ सन्निकर्ष। घट, घटरूप, घटरूपत्व, शब्द, शब्दत्व नीलघट आदि के लौकिक उदाहरण से आपने षड्विध सन्निकर्ष को समझाया। कार्यक्रम की सहसंयोजक डॉ० रानी दाधीच ने बताया कि प्रतिभागियों ने समझा कि पदार्थो में रहने वाले गुण अनेक संबंधों से रहते है। व्याप्य-व्यापक, धर्म-धर्मी, आदि संबंधी देशिक व कालिक व्याप्यवृत्तित्व-अव्याप्यवृत्तित्व सम्बन्ध भी प्रतिभागियों ने सूक्ष्मतया समझा। कार्यशाला के संयोजक डॉ० सच्चिदानंद स्नेही ने बताया कि किसी भी पदार्थ का जब प्रत्यक्ष करते हैं तो वहां चार प्रक्रियाएं स्वत: समकाल में ही हो जाती हैं। क्रिया, क्रिया से संयोग, पूर्वदेश से विभाग, उत्तरदेश की प्राप्ति इन चारों की प्राप्ति से ही ‘यह घट है’, ‘यह पट है’ इस प्रकार का धारावाहिक ज्ञान उत्पन्न होता है जिससे प्रत्यक्ष होता है। द्वितीय सत्र के विशेषज्ञ प्रो० श्री कृष्ण शर्मा ने बताया कि वह अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं कि पाश्चात्य तर्कशास्त्र एवं भारतीय तर्कशास्त्र के उद्भट विद्वान प्रो० पाही के साथ चर्चाओं तथा चिंतन सत्रों के माध्यम से उनका मंतव्य नजदीक से जानने तथा समझने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रो० शर्मा ने बताया कि प्रो० पाही प्रगतिशील विचारधारा के विद्वान है, आधुनिक समय में उनके भिन्न दृष्टिकोणों को समाज में प्रचारित व प्रसारित करने की दृष्टि से इस प्रकार की पद्धतिमूलक कार्यशाला अत्यंत सराहनीय कदम है। भासर्वज्ञ एवं रघुनाथ शिरोमणि के ग्रंथों का पुरजोर समर्थन प्रो० पाही के ग्रंथ में दृष्टिगोचर होता है प्रोफेसर पाही की दृष्टि से पृथकत्व, परत्व, अपरत्व आदि गुणों के अस्तित्व तथा अनस्तित्व का सू क्ष्म विवेचन आपने अपने उद्बोधन में स्पष्ट किया। कार्यशाला के संयोजक डॉ० सच्चिदानंद स्नेही ने बताया कि छठे दिन के दो सत्रों में व्याख्यान तथा दो सत्रों में प्रतिभागियों द्वारा शोधपत्रों की प्रस्तुति दी गई, कार्यशाला में सीखे गए विषयों का प्रतिपादन प्रतिभागियों द्वारा किया गया, यह आउटकम बेस्ड लर्निंग का अनुपम उदाहरण है। लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, नई दिल्ली के आचार्य महानंद झा तथा जयपुर परिसर के सह निदेशक (प्रशासन) प्रोफेसर शीशराम डॉ० चेतन कुमार, डॉ० राजेश अधिकारी सहित अनेक विद्वान उपस्थित रहे।  

    टेक्सटाइल डाइंग एवं प्रिंटिंग” कार्यशाला का सफल आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय जयपुर के गृह विज्ञान एवं जीपीईएम विभाग द्वारा दिनांक 14 से 16 मई 2026 तक तीन दिवसीय “टेक्सटाइल डाइंग एवं प्रिंटिंग” कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पारंपरिक एवं आधुनिक वस्त्र रंगाई व छपाई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। प्राचार्य डॉ सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को सक्रिय रूप से भाग लेने तथा इस अवसर का उपयोग अपनी व्यावहारिक एवं रचनात्मक क्षमताओं के विकास हेतु करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के प्रथम दिन (14ध्5ध्26) सत्र विशेषज्ञ पापिया बनर्जी, सहायक आचार्य, जीपीईएम विभाग, कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय जयपुर, ने छात्राओं को टेक्सटाइल डाइंग एंड प्रिंटिंग की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया। उन्होंने वस्त्र, फैशन एवं होम फर्निशिंग के क्षेत्र में इन तकनीकों के महत्व को समझाइए तथा विभिन्न रंगाई एवं छपाई विधियों की सैद्धांतिक जानकारी दी। कार्यशाला के दूसरे दिन (15ध्5ध्26) सत्र विशेषज्ञ निक्कू शेखावत, सहायक आचार्य, श्री भवानी निकेतन महाविद्यालय जयपुर ने लेहरिया, प्लीटिंग, बांधनी, शिबोरी एवं मार्बलिंग जैसी टाई-एंड-डाई तकनीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने कपड़े की रंगाई हेतु डाई बाथ तैयार करने की प्रक्रिया भी समझाई। कार्यषाला के तीसरे दिन (16ध्5ध्26) छात्राओं ने ब्लॉक प्रिंटिंग एवं स्क्रीन प्रिंटिंग तकनीकों, प्रिंटिंग टेबल की उचित व्यवस्था, रंगों की तैयारी, ब्लॉक एवं स्क्रीन के सही उपयोग तथा आकर्षक एवं साफ प्रिंट प्राप्त करने के उपयोगी सुझाव साझा किए। यह कार्यशाला सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं सहभागितापूर्ण रही। इसमें लगभग 60 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  

    पोद्दार संस्थान बेस्ट एनजीओ अवाॅर्ड ऑफ द ईयर 2026 से सम्मानित

    नई दिल्ली में आयोजित इंडियन सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी अवार्ड 2026 में पोद्दार संस्थान को बेस्ट एनजीओ अवाॅर्ड ऑफ द ईयर 2026 से नवाजा गया। जयपुर जयपुर के पोद्दार संस्थान को इंडियन सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी की ओर से दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बेस्ट एनजीओ अवाॅर्ड ऑफ द ईयर 2026 से सम्मानित किया गया है। संस्थान के चेयरपर्सन डॉ. आनंद पोद्दार ने इस अवार्ड को ग्रहण किया। पोद्दार संस्थान को ये अवॉर्ड उनके द्वारा सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण, कौशल विकास, उद्यामिता विकास के क्षेत्र मे विशेष योगदान के लिए बिसलेरी व एसएल बी कंपनी द्वारा प्रदान किया गया। इस आयोजन के जरिए प्रभावशाली सीएसआर प्रयासों, सस्टेनेबिलिटी-आधारित नवाचारों और समाज व आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए काम करने वाले लीडर्स को सम्मानित किया जाता है। अवार्ड से नवाजे जाने पर डाॅ. आनंद पोद्दार ने खुशी जताते हुए कहा कि इस मंच से दूरदर्शी एवं समाज के प्रति बेहतर सोच एवं सकारात्मक सोच रखने वाले एक बडे समूह के द्वारा यह सम्मान प्राप्त करना निश्चित रूप से गौरव का पल है, जो आगे और बेहतर करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इसे पोद्दार संस्थान की पूरी टीम के प्रयासों का प्रतिफल बताया। आयोजन के दौरान दिल्ली में होटल प्राइड में आयोजित कार्यक्रम में देश विदेश की कंपनीज के निदेशक, सीएसआर प्रमुख, एनजीओ प्रतिनिधि, प्रोफेशनल्स, शिक्षविद्, इंडस्ट्रियलिस्ट , सोशल एक्टिविस्ट और मीडिया सदस्य मौजूद थे। उलेखनीय है कि पोद्दार संस्थान 1998 में स्थापित एक राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त गैर-लाभकारी संस्था है, जो समावेशी विकास, सतत विकास, कौशल विकास, शिक्षा, उद्यमिता प्रोत्साहन, पर्यावरणीय स्थिरता और सामुदायिक सशक्तिकरण के प्रति दृढता से समर्पित है। प्रमुख परियोजनाओं में शिक्षा, आजीविका, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, अनुसंधान, नवाचार, गरीबी उन्मूलन योजना, पर्यावरणीय स्थिरता पहल- प्लास्टिक-मुक्त अभियान, वृक्षारोपण अभियान, कम्पोस्टेबल बैग और डिजिटल कौशल , हरित उद्यमिता को बढावा, जलवायु अनुकूलन परियोजनाएँ, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन समेत विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाती है।