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    राष्ट्रीय उर्वरक बिक्री फ्रेमवर्क से किसानों को मिलेगा पारदर्शी व सुलभ वितरण

    जयपुर। कृषि क्षेत्र में उर्वरकों की उपलब्धता को अधिक पारदर्शी, संतुलित एवं किसान-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा “राष्ट्रीय उर्वरक बिक्री फ्रेमवर्क” लागू किया जा रहा है। यह फ्रेमवर्क देशभर में उर्वरकों की बिक्री, वितरण एवं निगरानी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।   राष्ट्रीय उर्वरक बिक्री फ्रेमवर्क की बैठक मंगलवार को प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल की अध्यक्षता में पंत कृषि भवन में आयोजित हुई।   श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि इस फ्रेमवर्क के तहत उर्वरकों की बिक्री को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे प्रत्येक किसान को उसकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनों के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण के जरिए बिक्री सुनिश्चित की जा जाएगी, जिससे कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।   उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अनुसार उर्वरकों का आवंटन राज्य एवं जिलों की मांग और फसलवार आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा। इससे न केवल समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि संतुलित उर्वरक उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार द्वारा किसानों को जागरूक करने हेतु विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियाँ भी संचालित की जा रही हैं। आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने कहा कि यह फ्रेमवर्क उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने तथा किसानों को उचित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। इसके साथ ही, उर्वरकों के दुरुपयोग को रोकने और कृषि उत्पादन में गुणवत्ता सुधार लाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में विशेषाधिकारी फार्मर रजिस्ट्री, राजफैड, कृषि एवं उद्यानिकी के अधिकारी एवं उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    पंच गौरव संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए जनभागीदारी आवश्यक

    जयपुर। जयपुर जिले में चिन्हित पंच-गौरव के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र विकास को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलक्टर ने कहा कि पंच-गौरव केवल धरोहर संरक्षण की योजना नहीं, बल्कि यह स्थानीय पहचान, सांस्कृतिक गौरव एवं भावी पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसके संरक्षण एवं विकास के लिए प्रशासन, शिक्षा संस्थानों और समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।   उन्होंने पंच-गौरव की महत्ता, उपयोगिता एवं आवश्यकता को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सभी राजकीय कार्यालयों, सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा शैक्षणिक संस्थानों में पंच-गौरव का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं ताकि युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन में सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं सामाजिक धरोहरों के प्रति जागरूकता एवं संरक्षण की भावना विकसित हो।   जिला कलक्टर ने एक जिला एक खेल कबड्डी के विकास के लिए जिला खेल अधिकारी को जिले के गाँव-गाँव में खिलाड़ी एवं कोच तैयार करने के, ब्लॉक स्तर पर कबड्डी खेल को बढ़ावा देने के लिए इंडोर स्टेडियम बनवाने के निर्देश दिये।    उन्होंने विश्व पर्यटन के क्षेत्र में प्रमुख स्थान रखने वाले जयपुर के आमेर किले के विकास एवं पर्यटकों के लिए बेहतरीन सुविधाएँ सुनिश्चित करने और आमेर किले में बेहतर साफ-सफाई, शौचालय निर्माण, पर्यटकों की सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगवाने, साइनेज लगवाने के साथ-साथ रास्ते में आने वाली झाड़ियों को हटाने के निर्देश भी दिए हैं।   उन्होंने एक जिला एक उपज आँवला के विकास के लिए आमजन को इसके आयुर्वेदिक गुणों की जानकारी के संबंध में अवगत करवाने के लिए संबंधित विभाग को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा है।   वहीं उन्होंने एक जिला एक वनस्पति लिसोड़ा के पौधों के वितरण सहित लिसोड़ा के बहुउपयोग के संबंध में आमजन को प्रचार-प्रसार के माध्यम से अवगत करवाने के लिए भी उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये।    जिला कलक्टर ने एक जिला एक उत्पाद जैम्स एंड ज्वैलरी के विकास के लिए वर्कशॉप, सेमिनार, राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक भ्रमण जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है।   मुख्य आयोजन अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि कार्यक्रमों, मेलों एवं सार्वजनिक आयोजनों में पंच-गौरव से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगें जहां आमजन को पंच-गौरव स्थलों की जानकारी, उनके संरक्षण की आवश्यकता तथा उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया जाएगा।   बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम विनीता सिंह, वी. केतन कुमार, सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक बाबुलाल मीणा, उद्यानिकी विभाग के उपनिदेशक हरलाल बिजारनियां, जिला खेल अधिकारी मान सिंह एवं पर्यटन अधिकारी  बाबूलाल मीणा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    15 दिन में अधिकारियों को योजनाओं में प्रगति लाने के दिए निर्देश

    जिला कलक्टर ने की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा जयपुर। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दौरान विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की विभागवार प्रगति की स्थिति की समीक्षा की गई।   बैठक में जिला कलक्टर ने नवीन परिवारों को एनएफएसए से लाभान्वित करने की योजना के तहत जिला रसद अधिकारी (शहरी एवं ग्रामीण) को निर्देश दिए कि योजना की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपखण्ड अधिकारियों एवं नगर निगम के उपायुक्तों के साथ साझा करते हुए प्रभावी मॉनिटरिंग कर जिले की रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक को ऐसे ई-मित्रों की जाँच करने के निर्देश दिए हैं जहाँ अधिक मात्रा में आवेदन आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति न होने के कारण आवेदनकर्त्ताओं के खातों में लम्बित हैं।   मुख्य अयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि बैठक में ऊर्जा विभाग की कुसुम योजना एवं संशोधित वितरण क्षेत्र योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने तथा अंतर्विभागीय समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। महिला अधिकारिता विभाग की लाडो प्रोत्साहन योजना की रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए।   जिला कलक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में जिले की रैंकिंग सुधारने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।   प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने क्षेत्रीय उपनिदेशक, स्वायत्त शासन विभाग को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्रगति सुनिश्चित करने तथा नगरीय निकायों से संबंधित योजनाओं में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मिशन हरियालो राजस्थान में लक्ष्य के अनुरूप कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिये।   उन्होंने कम रैंकिंग वाले विभागों को 15 दिवस में अपेक्षित प्रगति लाकर रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, उप वनसंरक्षक वी. केतन कुमार अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कुमार मूंड सहित संबंधित अधिकारियों उपस्थित रहें।  

    43वीं सारस गणना कार्यक्रम— केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान हमारा गौरव- गृह राज्यमंत्री

    जयपुर। गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म मंगलवार को भरतपुर के एक दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी द्वारा केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित 43वीं सारस गणना कार्यक्रम में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। गृह राज्यमंत्री ने कहा कि पिछले 43 वर्षों से सारस गणना का यह सतत कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि भरतपुर, राजस्थान और देश की राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण, विकास और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी अध्यक्ष एड. कृष्ण कुमार अरोड़ा को बधाई देते हुए कहा कि वर्षों से पक्षियों एवं वन्यजीवों की इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित किया जा रहा है, जो हमारी संस्कृति, परंपरा और इतिहास को सहेजने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे न केवल प्रकृति का संरक्षण होता है, बल्कि मानव जीवन का संतुलन भी बना रहता है। राज्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान हमारा गौरव है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साइबेरियन सारस की संख्या में कमी एक गंभीर विषय है, जिसका मुख्य कारण ग्लोबल वार्मिंग, कम वर्षा और जल की कमी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन विकास के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। केवलादेव घना पक्षी विहार के साथ-साथ बंध बारैठा, डीग जल महल, धार्मिक स्थलों एवं अन्य धरोहरों को देखने देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, होटल और टैक्सी जैसी सेवाओं के माध्यम से रोजगार प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि वैर के सफेद महल एवं फुलवाडी के सौंदर्यकरण और जीर्णाेद्धार के कार्य जारी हैं, वहीं बंध बारैठा में बायोलॉजिकल पार्क एवं नगर वन विकसित किए जा रहे हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भरतपुर के समग्र विकास हेतु अनेक परियोजनाएं प्रगतिरत हैं। उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण जल परियोजना के अंतर्गत भरतपुर, सीकरी, बंध बारैठा बांध, धौलपुर, अलवर सहित पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को जोड़ा गया है, जिससे सिंचाई, पेयजल, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा।  पुस्तक का किया विमोचन- इस अवसर पर राज्यमंत्री ने डॉ. एमएम त्रिगुणायत एवं डॉ. कृतिका त्रिगुणायत द्वारा लिखित पुस्तक “पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण जैविकी” का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के उपरांत राज्यमंत्री ने सारस के नवजात चूजों को देखा तथा उनकी देखभाल के लिए वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। डीएफओ चेतन कुमार बीवी ने बताया कि 43वीं सारस गणना रिपोट घना पक्षी विहार में साईबेरियन सारस संख्या 22 और भरतपुर व डीग जिले के वेटलेण्ड क्षेत्र में 79 से बढ़कर 81 हो गई है।  

    सिविल सेवा दिवस पर आधारित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के लोक प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 21 अप्रैल, 2026 को सिविल सेवा दिवस के अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) पर आधारित एक प्रेरणादायक चलचित्र और सिविल सेवा दिवस पर आधारित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने सिविल सेवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक सिविल सेवक देश की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होता है। उन्होंने छात्राओं को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर चलचित्र के माध्यम से छात्राओं को सिविल सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण, अनुशासन एवं उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सिविल सेवाओं के महत्व से अवगत कराना तथा उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करना था। इसी क्रम में एक रोचक प्रश्नोत्तरी (क्विज) का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. आशु सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।   

    लोकसभा में विशेषाधिकार विवाद: कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री के बयान पर उठाए सवाल, स्पीकर को दिया नोटिस

      Yugcharan News / 21 April 2026 नई दिल्ली: संसद की कार्यवाही से जुड़े एक नए घटनाक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद K. C. Venugopal ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। यह कदम उस बयान के संदर्भ में उठाया गया है, जिसमें कथित रूप से प्रधानमंत्री ने विपक्षी सांसदों के व्यवहार और मतदान के रुख पर टिप्पणी की थी। क्या है पूरा मामला मामले की जानकारी के अनुसार, कांग्रेस सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को एक औपचारिक पत्र लिखकर यह नोटिस प्रस्तुत किया। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में दिए गए सार्वजनिक संबोधन में लोकसभा के सदस्यों के प्रति “अप्रत्यक्ष टिप्पणियां” की गईं, जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं मानी जा सकतीं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि यह नोटिस लोकसभा की कार्यवाही से संबंधित नियमों के तहत दिया गया है, जिसमें सांसदों के विशेषाधिकारों की रक्षा का प्रावधान है। ‘विशेषाधिकार हनन’ का अर्थ संसदीय प्रक्रिया में “विशेषाधिकार हनन” का तात्पर्य उन परिस्थितियों से होता है, जब किसी सांसद या सदन के अधिकारों का उल्लंघन होता है। इसमें ऐसे बयान या कार्रवाई शामिल हो सकती है, जो सदन की गरिमा या सदस्यों की स्वतंत्रता को प्रभावित करें। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है, जो यह तय करते हैं कि नोटिस को स्वीकार किया जाए या नहीं। विपक्ष का आरोप कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने अपने नोटिस में कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन में विपक्षी दलों पर विधेयक को रोकने और उसके पीछे राजनीतिक मंशा होने के आरोप लगाए गए। उनका कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियां सांसदों की निष्पक्षता पर सवाल उठाती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के बयान लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की जा सकी है। सरकार की ओर से प्रतिक्रिया इस मामले पर सरकार की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच बहस तेज हो सकती है। सरकारी पक्ष पहले भी यह कह चुका है कि संसद में पारित होने वाले विधेयकों पर चर्चा और मतदान लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, और इस पर विभिन्न दलों के अलग-अलग दृष्टिकोण हो सकते हैं। संसदीय प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई अब यह मामला लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के पास विचाराधीन है। नियमों के अनुसार, अध्यक्ष यह तय करेंगे कि क्या इस नोटिस पर आगे की कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं। यदि नोटिस को स्वीकार किया जाता है, तो यह मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा जा सकता है, जो इसकी जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। राजनीतिक माहौल पर असर इस घटनाक्रम ने संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। एक ओर विपक्ष इसे संसदीय मर्यादा का मुद्दा बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा मान सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे विवाद आमतौर पर संसद के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर तब जब महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चल रही हो। पृष्ठभूमि हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कुछ विधायी मुद्दों और राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी बात रखी थी। इसी संबोधन के कुछ हिस्सों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। विपक्षी दलों का कहना है कि इस संबोधन में उनके रुख को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जबकि सरकार का दृष्टिकोण अलग हो सकता है। निष्कर्ष लोकसभा में विशेषाधिकार नोटिस का यह मामला भारतीय राजनीति में एक और संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लोकसभा अध्यक्ष इस पर क्या निर्णय लेते हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा या फिर यह संसदीय जांच की प्रक्रिया तक पहुंचेगा। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने संसद की कार्यवाही और राजनीतिक संवाद को एक नई दिशा दे दी है।    

    जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञान विभाग को ‘आईयूसीएए (इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स)’ रेफरेंस सेंटर का दर्जा

    जयपुर, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञान विभाग को पुणे स्थित ‘आईयूसीएए (इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स)’ द्वारा ‘आईयूसीएए रेफरेंस सेंटर’ के रूप में मान्यता दी गई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और इससे राजस्थान में अंतरिक्ष विज्ञान और शोध को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।   इस मान्यता के बाद विभाग के छात्रों और शोधकर्ताओं को आईयूसीएए के विश्वस्तरीय संसाधनों, वैज्ञानिक डेटा और आधुनिक शोध सुविधाओं तक सीधी पहुँच मिलेगी। इससे वे खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान और अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों में गहराई से अध्ययन और शोध कर सकेंगे। इसका सीधा लाभ समाज को भी मिलेगा, क्योंकि ऐसे शोध भविष्य में बेहतर मौसम पूर्वानुमान, संचार प्रणाली, ऊर्जा के नए स्रोत और आपदा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। भौतिक विज्ञान विभाग पहले से ही अपनी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के लिए जाना जाता है। यहाँ स्नातकोत्तर स्तर पर छात्रों के लिए सभी आवश्यक प्रयोगों की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। विभाग में नाभिकीय भौतिकी और परमाणु भौतिकी जैसे जटिल विषयों के लिए उच्च स्तरीय उपकरण और सेटअप मौजूद हैं। इसके अलावा पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में भी विभाग लगातार अच्छा कार्य कर रहा है, जहाँ नैनो-मटेरियल और एडवांस्ड मटेरियल्स पर शोध किया जा रहा है। साथ ही सौर ऊर्जा, हाइड्रोजन स्टोरेज और माइक्रोवेव तकनीक जैसे आधुनिक विषयों पर भी शोध कार्य जारी है, जो भविष्य की तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।   आईयूसीएए की यह मान्यता मिलने के बाद जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का यह केंद्र पूरे राजस्थान के लिए खगोल विज्ञान का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। यहाँ अन्य कॉलेजों और संस्थानों के छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएँ और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को शोध के लिए प्रेरणा मिलेगी। इस पहल के माध्यम से छात्रों को देश-विदेश के वैज्ञानिकों के साथ काम करने का अवसर भी मिलेगा और वे अंतरिक्ष अभियानों से प्राप्त डेटा पर शोध कर सकेंगे। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे राजस्थान में विज्ञान, शोध और तकनीक के क्षेत्र को नई गति और मजबूती मिलेगी।

    सीएआईटी के तीसरी बार निर्विरोध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुने जाने पर विभिन्न व्यापारी संगठनों द्वारा रमेश गुप्ता का भव्य स्वागत

    कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की हाल ही मे नई देल्ही के होटल बेल ला मोंडे मे हुई एजीएम बैठक मे तीसरी बार निर्विरोध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुने जाने पर इंदौर निवासी रमेश गुप्ता का व्यापारी संगठनों द्वारा इंदौर के जंजीरवाला चौराहा स्थित हॉल में परम परागत तरीके से भव्य स्वागत किया गया। सियागंज एसोसिएशन से कार्यकारी अध्यक्ष धीरज खंडेलवाल अनाज तिलहन व्यापारी संगठन से विजय लाला वरुण मंगल पोलोग्राउंड एसोसियेशन से धीरेन्द्र पटेल विनय कालानी मावा एसोसिएशन से कैलाश खंडेलवाल कैट से ट्रस्ट चेयरमैन धर्मेंद्र खंडेलवाल एवं कटारिया जी इंदौर अध्यक्ष मनीष बिसानी के साथ एफ एम सी जी से प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।गुप्ता ने स्वागत के बाद अपने उद भो दन में कहा व्यापार जगत की समस्याओं के लिए सदैव उपलब्ध रहूंगा और स्थानीय प्रशासन से केंद्र तक आपकी आवाज उठाते रहेंगे एवं जब भी जरूरत होगी हम उपलब्ध रहेंगे! इस अवसर पर विपिन गुप्ता ने आभार जताया! गुप्ता के इंदौर पहुंचते ही खंडेलवाल समाज के व्यापारियों ने रेसीडेंसी क्लब में सम्मान किया जिसमें कबूली चना निर्यात संघ से बृजेश खंडेलवाल, दाल मिल एसोसिएशन से दिनेश कूलवाल, राजेंद्र खंडेलवाल, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से सुनील खंडेलवाल, सीए एसोशिएशन से सीए सुनील खंडेलवाल, सीए शुभम खंडेलवाल, सीए एस के खंडेलवाल, डॉ झकोठिया, डॉ एम के जैन आदि ने सम्मान किया! एजीएम की वार्षिक बैठक मे सदस्यों ने सर्व सम्मति से केट के अध्यक्ष पद पर बी सी भरतीया, लोक सभा सांसद भाजपा, प्रवीण खंडेलवाल को सेक्रेटरी जेनरल, उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता इंदौर , प्रकाश बैद तिनसुकिया, असम, चंपालाल बोथरा उपाध्यक्ष, सूरत, शंकार ठक्कर उपाध्यक्ष, मुंबई, संजय पटवारी झांसी सेक्रेटरी, गवालियर से भूपेंद्र जैन राष्ट्रीय संगठन मंत्री, सीमा सेठी जयपुर चेयरमैन महिला प्रकोष्ठ, नवनीत गोयल पूर्व सी जीएसटी कमिश्नर भोपाल को रीजनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किया गया है!   कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के तीसरी बारनिर्विरोध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुने जाने पर इंदौर निवासी रमेश गुप्ता ( खंडेलवाल ) को अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने भदाई एवं शुभकामना दी! इसके साथ ही प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने केट के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यों को हार्दिक शुभकामना एवं भदाई दी एवं अपेक्षा जताई कि सभी व्यापारियो के हितों की रक्षा एवं उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक जुट होकर निस्वार्थ भावना से काम करते हुए व्यापार जगत को नई उचाईयो पर ले जा कर देश के विकास मे अहम भागीदारी निभा कर नए आयाम स्थापित करेगे!

    एलन के कबीर छिल्लर को ऑल इंडिया रैंक-1 - जेईई-मेन में टॉप-10 में 4 आल इंडिया रैंक-1, 5, 6, 8 एलन क्लासरूम से

    - टॉप-100 में एलन क्लासरूम से 39 स्टूडेंट्स कोटा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जेईई-मेन 2026 की ऑल इंडिया रैंक व सेशन-2 का परिणाम जारी कर दिया गया। परिणामों में एक बार फिर एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने श्रेष्ठता साबित की है।  एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के सीईओ नितिन कुकरेजा ने बताया कि अभी तक देखे गए परिणामों में एलन क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। इसके साथ ही टॉप-10 में 4 स्थानों पर एलन क्लासरूम स्टूडेंट रहे हैं। इनमें अर्णव गौतम रैंक-5, शुभम कुमार रैंक-6 और ऋषि प्रेमनाथ ने आल इंडिया रैंक-8 प्राप्त की है। टॉप-20 में 9 स्टूडेंट्स एलन क्लासरूम से तथा टॉप-100 में 39 स्टूडेंट्स एलन क्लासरूम से शामिल हैं।    उन्होंने कहा कि रिजल्ट्स की ऑथेंटिसिटी एवं पारदर्शिता को बरकरार रखते हुए एलन ने अपने रिजल्ट्स को देश की बड़ी ऑडिट फर्म ई-वाई इंडिया से वैलिडेट करवाया है। पिछले दो वर्षों के रिजल्ट्स में आईआईटी में प्रवेश लेने वाला हर चौथा स्टूडेंट एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से है। जेईई मेन व एडवांस्ड में एलन क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जेईई मेन व एडवांस्ड के रिजल्ट्स में पिछले दो वर्षों से लगातार एलन से आल इंडिया रैंक-1 के साथ टॉप-100 और ओवरआल बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स क्वालीफाई कर रहे हैं।    जेईई-मेन 2026 में अब तक के सर्वाधिक 15 लाख 38 हजार 468 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। दोनों सेशन में मिलाकर 26 स्टूडेंट्स को 100 पर्सेन्टाइल घोषित किया गया। रिजल्ट में स्टेट वाइज टॉपर्स के साथ-साथ कैटेगिरी टॉपर्स की सूची भी जारी की गई है।    ----- *फैकल्टीज की गाइडेंस फॉलो करना ही सक्सेस मंत्र : कबीर छिल्लर* जेईई मेन : ऑल इंडिया रैंक 1 पिता : मोहित छिल्लर (आईआईटीयन) माता : प्रियंका छिल्लर (प्राइवेट टीचर) जन्मतिथिः 30 जुलाई 2008 एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई मेन सेशन-1 में परफेक्ट स्कोर 300 में से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। सेशन-2 की परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है। पिछले दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है। कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कबीर इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं। कबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है। क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं। हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया। मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं। नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का डीपली एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है। रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही। पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में बांटा, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया। गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था। मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है। भविष्य को लेकर मेरा लक्ष्य स्पष्ट है। आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वर्ल्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता हूं।   --- *अनुशासन, रणनीति और फोकस, यही मेरी सक्सेस का फॉर्मूला : अर्णव* जेईई मेन 2026ः ऑल इंडिया रैंक 05 पिताः डॉ. बुद्धिप्रकाश (ज्योग्राफी शिक्षक) मांः निधि गौतम (गर्वनमेन्ट टीचर) एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट अर्णव गौतम ने ऑल इंडिया रैंक 05 हासिल की है। कोटा निवासी अर्णव पिछले छह वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। इससे पहले 10वीं कक्षा 95.8 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। अर्णव ने बताया कि एलन में नेशनल व इंटरनेशनल ओलंपियाड्स की तैयारी से अकेडमिक्स मजबूत हुई। वर्ष 2023 में जूनियर साइंस ओलंपियाड के ओसीएससी, 2024 में एस्ट्रो ओलंपियाड के ओसीएससी और 2025 में फिजिक्स ओलंपियाड के ओसीएससी में भाग लिया। इसके अलावा एशियन फिजिक्स ओलंपियाड 2025 में ब्रॉन्ज मेडल मिला। मेरी इस सफलता के पीछे एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का बड़ा योगदान है। मेरा मानना है कि सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है, लेकिन सही गाइडेंस के लिए कोचिंग के सहयोग भी जरूरी है। जेईई जैसे एग्जाम की तैयारी में डाउट्स का तुरंत समाधान होना बेहद जरूरी है, जो फैकल्टीज के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाता है। मेरे दिमाग में हमेशा टारगेट रहता था कि मुझे यह हासिल करना है। अगला लक्ष्य जेईई एडवांस्ड में अच्छी रैंक हासिल कर आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करना है।   ---- *कॉन्सेप्ट क्लियर होने से सवाल हल करना आसानः शुभम कुमार* जेईई मेनः ऑल इंडिया रैंक 06 पिताः शिवकुमार (व्यवसायी) माताः कंचन देवी जन्मतिथिः 20 सितंबर 2008 एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट शुभम कुमार ने 300 में से 295 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 06 हासिल की है। बिहार के गया निवासी शुभम दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट, कोटा के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ने यह साबित किया है कि सही रणनीति और निरंतर सुधार ही बड़ी सफलता दिलाते हैं। पिता शिवकुमार व्यवसायी हैं, जबकि माता कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम इससे पहले 10वीं कक्षा में 98.5 प्रतिशत अंक हासिल कर चुके हैं। शुभम ने बताया कि एग्जाम की तैयारी के दौरान मैंने अपनी गलतियों पर सबसे ज्यादा काम किया, जो टॉपिक्स कमजोर थे, उन्हें बार-बार प्रैक्टिस करके मजबूत बनाया। मैं रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करता हूं। क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक्स का उसी दिन रिवीजन करता हूं और नियमित रूप से मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी का एनालिसिस करता हूं। कॉन्सेप्ट पर फोकस करता हूं, क्योंकि कॉन्सेप्ट क्लियर होने से सवाल सॉल्व करना आसान हो जाता है। मैंने एग्जाम के प्रेशर को पॉजिटिव तरीके से संभाला। हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान रखा और खुद पर भरोसा बनाए रखा। फिलहाल पूरा फोकस जेईई एडवांस्ड 2026 पर है। क्योंकि आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करना मेरा सपना है।   ----   *माॅक टेस्ट का मिला फायदा, उससे मिलते-जुलते प्रश्न पेपर में आएः ऋषि प्रेमनाथ*   जेईई मेनः एआईआर 8 पिताः प्रेमनाथ राघवेंद्र (व्यवसायी) माताः आरती अच्युतन (गृहिणी) जन्मतिथिः 27 फरवरी 2008   एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट हैदराबाद के छात्र ऋषि प्रेमनाथ ने जेईई मेन अप्रैल सेशन में 300 में से 295 अंक प्राप्त कर आॅल इंडिया रैंक 8 हासिल की है। इससे पूर्व जेईई मेन जनवरी सेशन में ऋषि ने 262 माक्र्स हासिल किए थे। इसके बाद उसने अपनी तैयारी पर और ज्यादा फोकस किया और अप्रैल सेशन में शानदार माक्र्स हासिल किए। पिछले दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट ऋषि ने कक्षा 10वीं में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। अपनी की-आफ-सक्सेस शेयर करते हुए ऋषि ने बताया कि सब्जेक्टवाइज टाॅपिक्स का डीप रिवीजन, विशेष रूप से फिजिक्स और केमिस्ट्री के कॉन्सेप्ट्स की क्लीयर समझ तथा केमिस्ट्री लैब मैनुअल की स्टडी से काफी फायदा मिला। मैंने मॉक टेस्ट पर विशेष फोकस किया। अप्रैल सेशन से पहले मैंने एक सप्ताह तक प्रतिदिन एक मॉक टेस्ट दिया। परीक्षा में कई प्रश्न मॉक टेस्ट से मिलते-जुलते आए, जिससे उन्हें काफी लाभ मिला। मैंने एलन हैंडबुक से पिछले वर्षों के क्वेश्चन पेपर्स का भी गहन रिवीजन किया। अपनी सक्सेस का श्रेय मैं एलन के अनुभवी फैकल्टी की गाइडेंस और अपने पेरेन्ट्स के निरंतर सहयोग को देते हैं। एलन की पढ़ाई मेरे लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

    जेईई-मेन रिजल्ट एनालिसिस: दिव्यांग कैटेगिरी में 0 पर्सेन्टाइल पर एडवांस्ड के लिए पात्रता

    गत वर्ष से ज्यादा रही जेईई-एडवांस्ड की कटऑफ कोटा. जेईई-मेन 2026 के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जेईई-मेन के आधार पर शीर्ष ढाई लाख विद्यार्थी एडवांस्ड के लिए पात्र घोषित किए गए, जिनमें सामान्य श्रेणी की कटऑफ 93.4123549, ईडब्ल्यूएस की कटऑफ 82.4164528, ओबीसी की कटऑफ 80.9232583, एससी की कटऑफ 63.9172792, एसटी की कटऑफ 52.0174712 पर्सेन्टाइल रही। वहीं दिव्यांग श्रेणी में 0.0023186 पर्सेन्टाइल पर भी विद्यार्थी एडवांस्ड एग्जाम के लिए पात्र घोषित किए गए।    एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपसर्ट अमित आहूजा ने बताया कि एनटीए द्वारा जारी किए गए आंकड़ो के अनुसार जेईई-मेन परीक्षा के दोनों सेशन मिलाकर कुल 16 लाख 04 हजार 854 कुल यूनीक कैडिंडेट पंजीकृत हुए, जिनमें 15 लाख 38 हजार 468 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। 10 लाख 34 हजार 330 विद्यार्थी ऐसे रहे, जिन्होंने दोनों सेशन की परीक्षाएं दी। कुल परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में 10 लाख 06 हजार 875 छात्र एवं 5 लाख 31 हजार 593 छात्राओं ने परीक्षा दी।  जारी परिणामों में स्पश्ट किया गया है कि दोनों सेशन में मिलाकर 150 स्टूडेंट्स को अनफेयर मींस में शामिल किया गया है। इसमें सेशन-1 के 54, सेशन-2 के 57 एवं इसके अतिरिक्त 56 स्टूडेंट्स ऐसे रहे जिनके डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन के चलते रिजल्ट रोका गया।    एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि विद्यार्थी जिनकी एआईआर 5 हजार से कम रहेगी उन्हें टॉप 5 एनआईटी तिरछी, वारंगल, सूरतकल, इलाहाबाद, जयपुर ट्रिपलआईटी इलाहाबाद की कोर ब्रांच मिलने की संभावना होगी। विद्यार्थी जिनकी आल इंडिया रैंक 5 से 10 हजार के मध्य रहेगी, उन्हें उपरोक्त टॉप 5 एनआईटी की अन्य ब्रांचों के अतिरिक्त कालीकट, सूरत, नागपुर,भोपाल,कुरूक्षेत्र, राउरकेला जैसे एनआईटी में कोर ब्रांच मिलने की संभावना है। ऐसे विद्यार्थी जिनकी एआईआर 10 से 20 हजार के मध्य आने की संभावना है, उन्हें जालंधर,जमशेदपुर, दिल्ली, गोवा,अगरतला, हमीरपुर, दुर्गापुर जैसे एनआईटी में कोर ब्रांच के साथ-साथ ट्रिपलआईटी ग्वालियर, जबलपुर, गुवाहाटी,लखनऊ, पेक चंडीगढ़, बिट्स मिसरा आईआईईएसटी शिवपुर, जेएनयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी में कोर ब्रांच मिलने की संभावना रहेगी। विद्यार्थी जिनकी ऑल इंडिया रैंक 20 से 30 हजार के मध्य रहती है उन्हें टॉप 10 एनआईटी की अन्य ब्रांचों के अतिरिक्त पटना, रायपुर, सिल्चर, उत्तराखंड, श्रीनगर, आंध्रप्रदेश, अरूणाचल प्रदेश जैसे एनआईटी की कोर ब्रांचों के साथ-साथ नए ट्रिपलआईटी जैसे तिरछी, नागपुर, पूणे, सूरत, भोपाल, वडोदरा, , रांची, आदि मिलने की संभावनाएं बन सकती है। साथ ही 30 से 60 हजार ऑल इंडिया रैंक वाले विद्यार्थियों को टॉप 20 एनआईटी की कोर ब्रांचों के अलावा अन्य ब्रांचों व नोर्थ ईस्ट के एनआईटी जैसे सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम में कोर ब्रांचों के साथ साथ नए ट्रिपलआईटी रांची, धारवाड़ ,कल्याणी, कुर्नूल, चित्तूर ,नया रायपुर, मणिपुर ऊना, कोटयम व जीएफटीआई में प्रवेश मिलने की संभावना बन सकती है। यह दी गयी एआईआर पर कॉलेज मिलने की संभावनाएं कैटेगिरी अनुसार सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी-एसटी के विद्यार्थियों के लिए बदल सकती है। --- तीन साल बाद बदले टाइ लगने से एआईआर निर्धारण के मापदण्ड आहूजा ने बताया कि विद्यार्थियों के हायर एनटीए स्कोर में टाइ लगने पर रैंक के निर्धारण में तीन साल बाद बदलाव किया है। इस वर्ष 7 मापदण्ड निर्धारित किए गए, जिसमें यदि दो विद्यार्थियों के टोटल एनटीए स्कोर समान आते हैं तो ऑल इंडिया रैंक निर्धारण में सर्वप्रथम मैथेमेटिक्स का एनटीए स्कोर देखा जाता है। यह समान होने पर फिजिक्स, इसके बाद कैमेस्ट्री का एनटीए स्कोर, फिर सही और गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात देखा जाता है। इस स्थिति में टाइ लगने पर विषयवार मैथेमेटिक्स के सही व गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात, यहां भी टाइ लगने पर फिजिक्स के सही और गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात, उसमें टाइ लगने पर कैमेस्ट्री के सही एवं गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात देखा जाता है। उपरोक्त सभी मापदण्डों में भी टाइ लगने की स्थिति में विद्यार्थियों की समान आल इंडिया रैंक जारी कर दी गई, ऐसे में इस वर्ष कई विद्यार्थी ऐसे सामने आए, जिनका 300 में से 300 परफेक्ट स्कोर रहा और उन सभी को ऑल इंडिया रैंक-1 दी गई।

    पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: रैली में केंद्रीय गृह मंत्री के बयान से सियासी माहौल गरम, समान नागरिक संहिता पर जोर

    Yugcharan News / 21 April 2026 कोलकाता/पश्चिम बर्धमान: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने की बात कही। उनके इस बयान ने राज्य की सियासत में नई बहस को जन्म दे दिया है। चुनावी रैली में बड़ा राजनीतिक संदेश पश्चिम बर्धमान जिले के कुल्टी क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यदि राज्य में उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा। उनके अनुसार, इस कदम का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून सुनिश्चित करना है। हालांकि, उन्होंने जिस संदर्भ में “एक समुदाय” का उल्लेख किया, उस पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस बयान को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की है। औद्योगिक विकास और रोजगार पर फोकस अपने संबोधन में Amit Shah ने राज्य के औद्योगिक हालात पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि कुल्टी और आसपास के इलाके कभी देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल थे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह क्षेत्र पिछड़ गया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी को मौका मिलता है, तो इस क्षेत्र को फिर से औद्योगिक रूप से विकसित किया जाएगा। साथ ही अवैध खनन पर रोक लगाने, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर नियंत्रण और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी वादा किया। ‘घुसपैठ मुक्त बंगाल’ का वादा चुनावी सभा के दौरान गृह मंत्री ने राज्य को “घुसपैठ मुक्त” बनाने की भी बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि सीमा सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। यह मुद्दा पहले भी राज्य की राजनीति में प्रमुख रहा है, जहां विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। इस बार भी यह विषय चुनावी एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। विपक्ष की प्रतिक्रिया राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों को चुनावी लाभ के लिए उठाया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि बाहरी मुद्दों को राज्य की राजनीति में लाकर असली समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि राज्य में सामाजिक सद्भाव बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की बयानबाजी से तनाव बढ़ सकता है। चुनावी परिदृश्य और मुख्य मुद्दे पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। मतदान 23 और 29 अप्रैल को निर्धारित है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। राज्य की 294 सीटों पर मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव में विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और पहचान की राजनीति जैसे मुद्दे प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। मतदाता सूची को लेकर विवाद चुनाव से पहले मतदाता सूची में कथित बदलाव को लेकर भी विवाद सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है। चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है, हालांकि आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराने की बात दोहराई है। पिछले चुनावों का संदर्भ वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में Mamata Banerjee के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने सत्ता बरकरार रखी थी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार करते हुए सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की थी। इस बार दोनों प्रमुख दल पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं, और चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे। सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव विशेषज्ञों का मानना है कि समान नागरिक संहिता और बहुविवाह जैसे मुद्दे संवेदनशील हैं और इन पर संतुलित दृष्टिकोण जरूरी है। ऐसे विषयों पर सार्वजनिक चर्चा अक्सर समाज के विभिन्न वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करती है। चुनावी माहौल में इस तरह के बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इनके सामाजिक प्रभावों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आगे की स्थिति जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। सभी दल अपने-अपने मुद्दों और वादों के साथ मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, चुनाव आयोग और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। निष्कर्ष पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 केवल सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि विभिन्न विचारधाराओं और नीतियों के बीच मुकाबला भी बन गया है।   केंद्रीय गृह मंत्री के हालिया बयान ने चुनावी बहस को नया मोड़ दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मतदाता इन मुद्दों को किस नजर से देखते हैं और चुनाव परिणाम किस दिशा में जाते हैं।

    होर्मुज में जब्त जहाज को लेकर बढ़ा विवाद: ‘मिसाइल से जुड़े रसायनों’ के आरोपों के बीच अमेरिका-ईरान तनाव तेज

    Yugcharan News / 21 April 2026 वॉशिंगटन/तेहरान: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक ईरानी झंडे वाले जहाज की जब्ती ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास की गई इस कार्रवाई को लेकर जहां वॉशिंगटन की ओर से सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया जा रहा है, वहीं तेहरान ने इसे गंभीर उकसावे की कार्रवाई बताया है। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित वार्ता प्रक्रिया को भी प्रभावित किया है। जहाज जब्ती पर नए आरोप अमेरिका की एक वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती निक्की हेली ने दावा किया है कि हाल ही में जब्त किया गया ईरानी जहाज कथित रूप से चीन से आ रहा था और उसमें ऐसे रासायनिक पदार्थ मौजूद हो सकते थे, जिनका उपयोग मिसाइल कार्यक्रमों में किया जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि यह घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी इस विषय पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। कुछ सुरक्षा सूत्रों ने संकेत दिया है कि प्रारंभिक जांच में जहाज पर ऐसे सामान होने की आशंका जताई गई है, जिन्हें “ड्यूल-यूज” यानी नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया ईरान ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। ईरानी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, जहाज एक नियमित व्यापारिक यात्रा पर था और उसे रोका जाना अनुचित था। तेहरान ने इस घटना को “आक्रामक कदम” करार देते हुए कहा है कि इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती हैं। ईरानी पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक इस कथित नाकेबंदी को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक वह अमेरिका के साथ प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता में भाग नहीं लेगा। यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने की संभावना थी, लेकिन मौजूदा हालात के चलते उस पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। ‘टॉस्का’ जहाज बना विवाद का केंद्र रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस जहाज को जब्त किया गया है, वह “टॉस्का” नामक एक कंटेनर पोत बताया जा रहा है, जो ईरान की एक शिपिंग कंपनी से जुड़ा हुआ है। इस कंपनी पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं। जहाज को ओमान की खाड़ी के पास ईरान के चाबहार बंदरगाह के नजदीक रोका गया। जहाज की गतिविधियों को ट्रैक करने वाले अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, यह पोत एशियाई मार्ग से होकर आ रहा था। हालांकि, उसमें मौजूद सामान की प्रकृति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक और विस्तृत पुष्टि सामने नहीं आई है। ड्यूल-यूज सामग्री को लेकर चिंता अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के कुछ सूत्रों का कहना है कि जहाज पर मौजूद सामग्री “ड्यूल-यूज” श्रेणी में आ सकती है। इसमें धातु, पाइप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे सामान शामिल हो सकते हैं, जिनका उपयोग औद्योगिक कार्यों के साथ-साथ सैन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सामानों की पहचान और उनके अंतिम उपयोग का निर्धारण करना अक्सर जटिल होता है। यही कारण है कि इस प्रकार के मामलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। चीन की भूमिका पर उठे सवाल निक्की हेली के बयान में चीन का उल्लेख भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि बीजिंग कथित रूप से ईरान को समर्थन दे सकता है। हालांकि, इस दावे पर चीन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि इस तरह के आरोप वैश्विक राजनीति में नए तनाव पैदा कर सकते हैं, खासकर तब जब पहले से ही कई मोर्चों पर प्रतिस्पर्धा और असहमति बनी हुई है। वार्ता प्रक्रिया पर असर इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता पर पड़ा है। दोनों देशों के बीच हाल ही में एक अस्थायी संघर्षविराम लागू किया गया था, जिसके तहत बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन जहाज जब्ती और उसके बाद के बयानों ने विश्वास की कमी को उजागर कर दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों में वह वार्ता में शामिल होने के लिए तैयार नहीं है। क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां किसी भी प्रकार का सैन्य या राजनीतिक तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा फिलहाल, इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। कई देश और संगठन स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील कर सकते हैं। हालांकि, अब तक कोई ठोस मध्यस्थता पहल सामने नहीं आई है। विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए पारदर्शिता, संवाद और संयम बेहद जरूरी होंगे। यदि दोनों पक्ष अपने रुख में नरमी लाते हैं, तो स्थिति को संभाला जा सकता है। निष्कर्ष ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गया है। जहाज जब्ती, कथित रासायनिक सामग्री के आरोप और कड़े बयानों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।   आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों देश कूटनीतिक रास्ता अपनाते हैं या फिर यह विवाद और गहराता है। फिलहाल, क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए सभी की निगाहें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।