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    खंडेलवाल वेश्य धाम जागरण रथ यात्रा का खंडेलवाल सेवा समिति अलवर ने किया भव्य स्वागत

    जयपुर. खंडेलवाल सेवा समिति अलवर के तत्त्ववधान मे खंडेला धाम से प्रारंभ हुई खंडेलवाल वेश्य धाम जागरण रथ यात्रा का अलवर पहुॅचने पर भव्य एवं हर्षोलास के साथ स्वागत किया गया! इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किये गए! इसमें खंडेलवाल समाज की अनेक संस्था एवं समाज के सदस्यों ने भागीदारी निभाई! आगंतुक अतिथियों का समाज के लोगों की और से गर्म जोशी के साथ जगह जगह पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया! कार्यक्रम मे खण्डेला धाम के संस्थापक एवं आजीवन मैनेजिंग ट्रस्टी - पुरुषोत्तम गुप्ता, अध्यक्ष - आर सी गुप्ता (झालाणी) एवं महामंत्री - रमेशचन्द्र खण्डेलवाल, जोधपुर,गोविन्द खारवाल, गिर्राज केदावत, अनिल लोहिया,सुभाष घिया, रजनी कांत गुप्ता, रंजना गुप्ता, राजरानी गुप्ता, रानी खंडेलवाल, अदिति गुप्ता, अनिल तमोलिया, सुभाष ताम्बी, संजय खंडेलवाल, प्रेम खंडेलवाल सहित समाज के अनेक सम्मानित सदस्य मौजूद थे! इस दोरान एक एक लाख रुपये के सहयोग से सात नए ट्रस्ट सदस्यो का मानोनयन किया गया! इस अवसर पर समाज के लोगों ने अपनी अपनी कुलदेवी एवं विभिन्न गोत्रों की देवियों की विधि वत पूजा अर्चना कर महा आरती की! कार्यक्रम की जानकारी खंडेलवाल सेवा समिति के अलवर के अध्यक्ष किशन गुप्ता ने दी !इस यात्रा को लेकर अखिल भारत वर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी तथा चोमु की अशोक विहार कॉलोनी के निवासी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने खुशी व्यक्त करते हुए एक सराहनीय कदम बताया एवं फोन पर गैंगटोक से खण्डेला धाम के संस्थापक एवं आजीवन मैनेजिंग ट्रस्टी - पुरुषोत्तम गुप्ता, अध्यक्ष - आर सी गुप्ता (झालाणी) एवं महामंत्री - रमेशचन्द्र खण्डेलवाल, जोधपुर को शुभ कामना, भदाई एवं साधुवाद दिया! साथ ही इस जागरण भारत यात्रा को समाज के विकास मे भी महत्व पूर्ण भागीदारी निभाने मे सहायक बताया!

    विकसित राजस्थान@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में गुड गवर्नेंस और सिटीजन सेंट्रिक प्रशासन मुख्य कारक है: मुख्य सचिव

      राज्य में नागरिक-केंद्रित शासन, समावेशी विकास, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और सतत् विकास 'विकसित भारत@2047' की प्राप्ति में दे रहे अपना योगदान— वी. श्रीनिवास   जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि रिफॉर्म को अपने साधन के रूप में, लचीलेपन को अपनी ताकत के रूप में, चुनौतियों को अवसरों के रूप में और परिणामों को अपने मापदंड के रूप में अपनाते हुए राजस्थान राष्ट्र के लिए एक आदर्श विकास मॉडल बनता जा रहा है।   आरआईसी में "विकसित राजस्थान@2047: गवर्नेंस ट्रांसफॉर्मड" विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान 'विकसित भारत@2047' की यात्रा में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए एक अद्वितीय स्थिति में है। उसे अपने प्राकृतिक संसाधनों, स्वच्छ ऊर्जा की क्षमता, पर्यटन, कृषि और रणनीतिक स्थिति से ताकत मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास का मार्ग समावेश, समानता, स्थिरता और सुशासन पर आधारित है, जो 2047 तक एक विकसित, समृद्ध, समतामूलक और भविष्य-तैयार भारत बनाने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जुड़ा हुआ है। 'अमृत काल' (2022–2047) उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक परिवर्तनकारी चरण के रूप में कार्य कर रहा है।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत@2047' लक्ष्य के अनुरूप अगले 25 वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी, परिणाम-उन्मुख सुशासन एजेंडे की आवश्यकता है, जो नागरिकों को सशक्त बनाए, अन्त्योदय की भावना के अनुरूप सबसे गरीब, सबसे वंचित को सबसे पहले सेवा दे। राज्य सरकार सुशासन के इस एजेंडे को सफलतापूर्वक लागू कर रही है, 'पंच प्रण' के अनुरूप इनिशिएटिव्स को लागू करने के लिए संकल्पबद्ध है।     वी. श्रीनिवास ने कहा कि इस परिवर्तन का मार्गदर्शक ढांचा 'GYAN' — गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति — पर आधारित है। राज्य का सुधार एजेंडा समावेशी विकास, बेहतर सेवा वितरण और अवसरों तक व्यापक पहुंच के माध्यम से इन चार स्तंभों के लिए मापने योग्य परिणाम देने के लिए तैयार किया गया है।    मुख्य सचिव ने कहा कि'विकसित राजस्थान@2047' विज़न डॉक्यूमेंट अक्टूबर, 2025 में लॉन्च किया गया। यह राज्य विज़न महज़ एक आकांक्षा नहीं बल्कि 2047 तक राजस्थान को एक समृद्ध राज्य और समावेशी विकास का आदर्श मॉडल बनाने का एक व्यावहारिक रोडमैप है। लॉन्च के समय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा कहा था कि यह विज़न डॉक्यूमेंट एक समृद्ध, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार राजस्थान बनाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है और राज्य सरकार इस प्रतिबद्धता को धरातल पर उतार रही है।    उन्होंने कहा कि यह रोडमैप चार-सूत्रीय दृष्टिकोण पर आधारित है: लोगों का पोषण, समाज को मज़बूत बनाना, बुनियादी ढाँचा और स्थिरता का निर्माण, तथा नीति, वित्त और शासन सुधारों को आगे बढ़ाना। यह 100% साक्षरता और शिक्षा कवरेज, कौशल-आधारित शिक्षा, सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच, सतत जल प्रबंधन, स्मार्ट शहरीकरण, पर्यावरण संरक्षण, तथा युवाओं और महिलाओं के लिए बेहतर अवसरों को प्राथमिकता देता है।   मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान का लक्ष्य 2028-29 तक $350 अरब और 2047 तक $4.3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना है, जो कृषि और कृषि-नवाचार, औद्योगिक विकास, पर्यटन, हरित ऊर्जा, बुनियादी ढाँचे और डिजिटल शासन द्वारा संचालित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य की रणनीति न केवल तेज़ विकास पर बल्कि बेहतर नागरिक सुविधाओं, अबाधित कनेक्टिविटी, सामाजिक सुरक्षा और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार पर भी केंद्रित है। एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य 'राज-उन्नति' , एआई-सक्षम सेवा वितरण, डिजिटलीकृत भूमि रेकार्ड, परियोजना निगरानी और शिकायत निवारण जैसे सुधारों के माध्यम से नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशासन की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी, 2026 में लॉन्च 'राज-उन्नति' केन्द्र सरकार के 'प्रगति' प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह राजस्थान को पहला राज्य बनाता है जिसने 'प्रगति' की तर्ज़ पर सुशासन की इस प्रणाली को लागू किया है, जो केवल निगरानी से हटकर रियल टाइम मापने योग्य परिणामों की ओर एक बदलाव का प्रतीक है।   उन्होंने आगे कहा कि राज्य के सुधारों की गति 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' डीरिगुलेशन के क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। राजस्थान ने 2024 में 350 से अधिक BRAP सुधारों को लागू किया, चार व्यावसायिक सुधार क्षेत्रों में टॉप अचीवर के रूप में पहचान बनाई, और डी​रेगुलेशन फेज-I के तहत सभी 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पूरा किया, जिससे यह देश के शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल हो गया। राज्य अब दूसरे चरण के सुधारों को आगे बढ़ा रहा है, साथ ही 'राजस्थान जन विश्वास अध्यादेश 2025' के माध्यम से 11 राज्य अधिनियमों के तहत अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर और उन्हें तर्कसंगत बनाकर अनुपालन के बोझ को कम कर रहा है ताकि निवेशकों के अनुकूल माहौल को बढ़ावा दिया जा सके।   राज्य की मज़बूत कार्यान्वयन क्षमता का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 'राइजिंग राजस्थान 2024' के तहत 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। अब तक 8.15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएँ धरातल पर उतर चुकी हैं। 

    महाराव शेखाजी के बलिदान दिवस पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा एवं मातृशक्ति मर्यादा रक्षा शौर्य पथ संचलन का आयोजन

    जयपुर। महाराव शेखा संस्थान के सचिव सम्पत सिंह धमोरा ने बताया कि शेखावाटी के संस्थापक, इतिहास पुरूष, नारी सम्मान के रक्षार्थ प्राणोत्सर्ग कर स्वर्गारोहण करने वाले, धार्मिक सहिष्णुता के प्रतीक पूज्य महाराव शेखाजी का 538वाँ बलिदान दिवस समारोह अक्षय तृतीया रविवार 19 अप्रैल, 2026 को श्री भवानी निकेतन पी.जी. महाविद्यालय में मनाया गया। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा एवं मातृशक्ति मर्यादा रक्षा शौर्य पथ संचलन का आयोजन फतेह निवास झोटवाड़ा से भवानी निकेतन तक किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति द्वारा केसरिया वस्त्र धारण कर हाथों में तलवार लेकर पथ संचलन एवं तलवार बाजी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा में धर्मगुरू पण्डित शिवशंकर शर्मा, इमाम मुफ्ती अब्दुल वासित साहब, मोहम्मदी मस्जिद, फादर विजयपाल ने अपने-अपने धर्म का उपदेश राष्ट्रनिर्माण एवं धार्मिक साम्प्रदायिक सद्भाव के संदर्भ में दिया। पण्डित जी ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे भवन्तु निरामया’ का उपदेश देते हुए समग्र विश्व के सुख एवं मानव मात्र के कल्याण की कामना करते हुए सनातन धर्म की व्याख्या प्रस्तुत की। इमाम मुफ्ती अब्दुल वासित साहब ने कुरान के संदेश के माध्यम से आपसी भाईचारा बनाये रखते शेखाजी से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। फादर विजयपाल ने बाईबिल में ईश्वर का सभी से प्रेम एवं भाईचारे का सन्देश दिया। समारोह में भवानी निकेतन से नगेन्द्र सिंह बगड़, अध्यक्ष, महेन्द्रसिंह जैसलाण, उपाध्यक्ष, सुदर्शनसिंह सुरपुरा, सचिव, श्यामसिंह मण्ढ़ा, कोषाध्यक्ष, जालिमसिंह हुडि़ल, संयुक्त सचिव, दिलीपसिंह छापोली, महेन्द्रसिंह बनेठी, प्रताप फाउण्डेशन से महावीरसिंह सरवड़ी, श्री राजपूत सभा से धीरसिंह शेखावत, महामंत्री, लोकेन्द्रसिंह लोटवाड़ा, प्रघुम्नसिंह, राजेन्द्रसिंह जेरठी सहित, संस्था प्रधान, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों आदि शेखावाटी के संस्थापक पूज्य महाराव शेखाजी को श्रद्धासुमन अर्पित करने हेतु उपस्थित हुए। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि शेखावाटी के भूभाग पर घाटवा के युद्ध में महाराव शेखाजी ने अपने दो सपुतों दुर्गाजी एवं पूरणजी के साथ नारी के सम्मान को कायम रखने के लिए अपने निकटत्तम संबंधियों से युद्ध कर बलिदान दिया तथा शेखाजी विश्व के इतिहास में धार्मिक सहिष्णुता के अनुकरणीय उदाहरण है। जिस वंश परम्परा को शेखावाटी के सपूतों ने न केवल आगे बढ़ाया बल्कि आज भी शेखावाटी को गर्व है कि भारतीय सेना में शेखावाटी के नौजवानों का जो प्रतिनिधित्व है, उसको देश भूला नहीं सकता। युद्ध कौशल के धनी देश और धर्म के लिए मर मिटने वाले भारतीय सेना के सर्वोच्च सम्मान परम वीर चक्र विजेता हवलदार पीरू सिंह शेखावत तथा महावीर चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र और सेना मैडल प्राप्त करने वाले योद्धाओं की बहुत लम्बी सूची शेखावाटी को गौरवान्वित करती है।

    पीएम की जनसभा के लिए प्रभारी मंत्री कुमावत ने पीले चावल देकर दिया न्यौता

    -21 अप्रेल को बालोतरा आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  -पचपदरा में तेल रिफायनरी का करेंगे उदघाटन  जयपुर/ बालोतरा। पचपदरा में तेल रिफाइनरी के 21 अप्रेल को प्रस्तावित उदघाटन समारोह व देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर जिले में तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जिला प्रभारी मंत्री व पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आमजन के बीच पहुंचकर पारंपरिक रूप से पीले चावल वितरित कर जनसभा में शामिल होने का न्यौता दिया। प्रभारी मंत्री कुमावत ने विभिन्न स्थानों पर लोगों से जनसंपर्क करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह प्रस्तावित दौरा क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि पचपदरा रिफाइनरी परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने पंचायत समिति सभागार में बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में विधायक डॉ. अरुण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत मोदी, भाजपा के प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सैनी, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हरीशचंद्र जसोल, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष जयराम प्रजापत सहित पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों से संपर्क कर उन्हें जनसभा में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा बालोतरा सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी सौगात साबित होगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी, बल्कि आधारभूत सुविधाओं में भी विस्तार होगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। लगातार जनसंपर्क और आमंत्रण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सभा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला प्रशासन और संगठन के संयुक्त प्रयासों से जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

    एलन दिवस पर हुए सेवा कार्य, भजन संध्या के साथ मनाया फागोत्सव

    कोटा. एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का स्थापना दिवस शनिवार को कोटा के साथ देशभर के केन्द्रों पर भक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। एलन दिवस पर देशभर के केन्द्रों पर कई सेवा कार्यों के साथ कई आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए।  कोटा में स्थापना दिवस का मुख्य समारोह इन्द्रविहार स्थित एलन समर्थ कैम्पस में भजन संध्या के रूप में हुआ। यहां फागोत्सव के गीतों के बीच एलन परिवार के हजारों सदस्य भजनों पर झूमे, डांडिया खेले और एक दूसरे को एलन दिवस की बधाई दी। कार्यक्रम में एलन के निदेशक डॉ. गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी एवं डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने एलन परिवार के सभी सदस्यों को एलन के गौरवशाली 38 वर्ष पूर्ण करने पर बधाई दी और इसी उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि संस्कार से सफलता तक की इस यात्रा में अब तक एलन 40 लाख परिवारों का भरोसा जीत चुका है। यह यात्रा और बेहतर तरीके से जारी रहेगी। कार्यक्रम में श्री बृज गुरुकुलम् के धु्रव शर्मा एवं स्वर्णाश्री द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने उपस्थित सभी लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। इसके साथ ही फागोत्सव और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को आनंदमय बना दिया।  इससे पूर्व ऑल स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी की ओर से दिनभर एलन दिवस के तहत कई सेवाकार्य भी किए गए। शहर और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के चयनित सरकारी स्कूलों व सड़क किनारे बालआंगन में पढ़ने वाले खानाबदोश परिवारों के बच्चों को स्कूल बैग व छाते वितरित किए गए। इसके साथ ही वृद्धाश्रमों व अनाथालयों में भी सेवाकार्य किए गए। गौवंश के लिए चारा, कबूतरों को ज्वार और अन्य परोपकारी कार्य भी किए गए।

    शिक्षकों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा

    जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) जिला शाखा जयपुर के तत्वावधान में शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट जयपुर के बाहर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद जिला कलेक्टर संदेश नायक को मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव एवं शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह कार्यक्रम प्रदेश संगठन के आह्वान पर जिलाध्यक्ष शेर सिंह धाकड़ के नेतृत्व में आयोजित हुआ। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने ग्रीष्मावकाश व अन्य अवकाशों में की गई कटौतियों का विरोध जताया तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को यथावत रखने की मांग उठाई। साथ ही, स्थायी एवं पारदर्शी स्थानान्तरण नीति लागू करने सहित 21 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश यादव एवं जिला मंत्री सुभाष विश्नोई ने बताया कि प्रदर्शन के माध्यम से राज्य सरकार का ध्यान शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया। इस अवसर पर निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष गिरीश कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष शेर सिंह धाकड़, जिला सभाध्यक्ष बृजमोहन चौधरी, बुद्दाराम प्रजापति, सतीश कुमार यादव, दिनेश यादव, सुभाष विश्नोई, महेन्द्र प्रजापति सहित कई शिक्षक नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

    विश्वविद्यालय ऑफ टेक्नोलॉजी में धूमधाम से मनाई गई बाबा साहेब की जयंती

    जयपुर। वाटिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के स्कूल ऑफ लॉ में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष शैक्षणिक सत्र एवं संगोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. रश्मि जैन ने की, जबकि कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने मुख्य संरक्षक के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने संबोधन में कुलपति डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरणादायक मिसाल है, जो विशेष रूप से विधि के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता एवं संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करने पर बल दिया। चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून की पढ़ाई का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना होना चाहिए। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के प्रसिद्ध संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समझाते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल ऑफ लॉ के छात्र-छात्राओं ने बाबा साहेब के जीवन, विचारों एवं संवैधानिक मूल्यों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही, विद्यार्थियों द्वारा बाबा साहेब के जीवन और उनके सामाजिक एवं संवैधानिक योगदान पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण किया गया, जिसका कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन (showcasing) किया गया। इस प्रस्तुति को उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। विभाग की डीन डॉ. मोनिका शर्मा ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष एवं समस्त संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विधि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र सिंह सैनी द्वारा किया गया, जिन्होंने बाबा साहेब के कानूनी एवं सामाजिक योगदान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. हिमांशी श्रीवास्तव, लतीफ़, वीरेन्द्र चौधरी एवं राज नारायण जी का विशेष योगदान रहा।

    पोद्दार बिज़नेस स्कूल में ‘क्राफ्टशाला’ का उद्घाटन, कारीगरों के कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

    जयपुर। आज शनिवार को सीतापुरा स्थित पोद्दार बिज़नेस स्कूल में भारत सरकार के उपक्रम हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल के अंतर्गत “क्राफ्टशाला” का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के.एल. रमेश (चेयरमैन, हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल) तथा विशिष्ट अतिथि गिरीश कुमार अग्रवाल (बोर्ड डायरेक्टर, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स - EPCH) एवं लेखराज माहेश्वरी (पूर्व चेयरमैन, EPCH) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें पोद्दार संस्थान के चेयरमैन डॉ. आनंद पोद्दार, वाइस चेयरपर्सन रूपल पोद्दार सहित सभी अतिथियों ने सहभागिता निभाई। इस अवसर पर बताया गया कि “क्राफ्टशाला” का मुख्य उद्देश्य हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों की रचनात्मकता को बढ़ावा देना, उनके कौशल का विकास करना तथा उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाना है। इसके साथ ही यह पहल दस्तकारों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। क्राफ्टशाला के माध्यम से राजस्थान के कारीगरों को इको-फ्रेंडली प्रिंटिंग सहित विभिन्न आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। डॉ. आनंद पोद्दार (चेयरमैन, पोद्दार संस्थान) ने अपने संबोधन में कहा कि “क्राफ्टशाला जैसी पहल न केवल कारीगरों के कौशल को निखारेगी, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। हमारा प्रयास है कि पारंपरिक कला को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर युवाओं और कारीगरों के लिए नए अवसर तैयार किए जाएं।” मुख्य अतिथि के.एल. रमेश ने अपने उद्बोधन में कहा कि “भारत की हस्तशिल्प परंपरा अत्यंत समृद्ध है और इसे आगे बढ़ाने के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। क्राफ्टशाला जैसे केंद्र कारीगरों को नई तकनीक, डिजाइन और बाजार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, कारीगर एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजकों ने इसे हस्तशिल्प क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

    शिविरा पंचांग मे ग्रीष्मावकाश यथावत रखने ,स्टाफिंग पैटर्न,वेतन विसंगति,पदोन्नति और स्थानांतरण के लिए महासंघ ने की मुलाकात

    शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों की विभिन्न मांगों के निराकरण के लिए की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), स्कूल शिक्षा से वार्ता जयपुर।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय (शिक्षा) ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने शिष्टाचार भेंट कर विभाग नवीन पदस्थापन के लिए राजेश यादव अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग को संगठन की ओर से शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा,प्रदेश उपाध्यक्ष उदयपुर संभाग अभय सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। प्रदेश महामंत्री लखारा ने बताया कि संगठन की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव को शिक्षा विभाग में पदस्थापन के अवसर पर शुभकामनाएं प्रेषित की।इस अवसर शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों से अवगत कराते हुए इन मांगों पर अब तक विभाग स्तर पर हुई वार्ताओं और हुए निर्णय से अवगत कराया। संगठन ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के अब शीघ्र निराकरण करने का आग्रह किया।शासन स्तर की प्रमुख मांगों में शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 में संशोधन कर पूर्व वर्षों में घोषित अवकाश यथावत रखने,माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न करते हुए केडर अनुसार पद सृजित कर पदस्थापन करने,तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी संवर्गों के पहले पदोन्नति पदस्थापन होने के पश्चयात स्थानांतरण अप्रैल-मई-जून में करने एवं स्पष्ट पारदर्शी तबादला नीति लागू करने की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्करणा ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव से वार्ता में संगठन ने  भाजपा के संकल्प पत्र में किये गए वादे अनुसार 33000 संविदा शिक्षकों को प्रबोधकों की भांति नियमित करने,शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने,तृतीय वेतन श्रृंखला में कार्यरत शिक्षकों एवं प्रबोधकों की वेतन विसंगति दूर करने,ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को न्यायालय निर्णय के उपरांत समस्त परिलाभ प्रथम नियुक्त तिथि से देने व विकल्प पत्र पुनः भरने की छूट देने की मांग की।इसी प्रकार संगठन ने शिक्षकों के कल्याण और आत्मगौरव के प्रतीक शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करने और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले शिक्षक संगठन को ही मान्यता प्रदान की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इससे पूर्व उक्त मांगो को लेकर शिक्षा मंत्री के साथ हुई वार्ता भी सकारात्मक रही लेकिन सभी विषयों पर सहमति के बावजूद शीघ्र परिणाम नहीं मिलने से संगठन ने नाराजगी व्यक्त की। इस अवसर पर शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, उपाध्यक्ष महिला सुषमा विश्नोई,प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह,महिला मंत्री गीता जैलिया,अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल,कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीयों ने कहा कि शासन स्तर की लगातार वार्ताओं के शीघ्र परिणाम के लिए प्रदेश के समस्त शिक्षकों में सरकार की ओर शिक्षक हित में निर्णय की अपेक्षा है।    

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    आर्थोपेडिक विभाग में डॉ ओम सिंह मील को हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऑर्थोपेडिक बनाया

    सवाई मान सिंह अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग में डॉ ओम सिंह मील को हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऑर्थोपेडिक बनाया गया है। डॉ ओम सिंह मील वर्तमान में वरिष्ठ विशेषज्ञ आर्थोपेडिक सर्जन और असिस्टेंट प्रोफेसर रहे हैं। डॉ मील को ज्वाइंट सर्जरी, नी सर्जरी और विभिन्न ऑर्थोपेडिक सर्जरी करने का लगभग 12-13 साल का अनुभव रहा है। डॉ मील को एस एम एस हॉस्पिटल में हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऑर्थोपेडिक बनाया गया है।