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    सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष

    विश्व हिंदू परिषद में नई दायित्व घोषणा जयपुर। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19 एवं 20 जुलाई, 2026 को तेरापंथ भवन, छतरपुर (नई दिल्ली) में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई। सुभद्र पापड़ीवाल को विश्व हिंदू परिषद के जयपुर प्रांत का प्रांत अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पापड़ीवाल पूर्व में जयपुर प्रांत के प्रांत उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे हैं। वे उद्यमी पृष्ठभूमि से जुड़े हैं तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ सीतापुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं यूकोरी के संस्थापक संरक्षक भी हैं। इसी क्रम मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक आनंद कुमार को विश्व हिंदू परिषद के जयपुर क्षेत्र (राजस्थान) का क्षेत्रीय संगठन मंत्री नियुक्त किया गया है। आनंद कुमार इससे पूर्व पटना क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री के दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। संगठनात्मक जीवन में अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने के उपरांत अब वे जयपुर क्षेत्र में संगठनात्मक कार्यों का नेतृत्व करेंगे।

    निजी विद्यालयों की मान्यता एवं लंबित आवेदनों के निस्तारण के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित

    31 जुलाई से खुलेंगे निजी विद्यालयों की नवीन मान्यता के आवेदन निजी विद्यालयों को नियमों की पालना अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : शिक्षा मंत्री बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मान्यता प्रक्रिया में होंगे आवश्यक संशोधन जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि राजस्थान में निजी विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सरल बनाया जाएगा। नवीन मान्यता के लिए आवेदन 31 जुलाई से आमंत्रित किए जाएंगे तथा प्रत्येक स्तर पर निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निजी विद्यालयों को सरकारी नियमों की पूर्ण पालना करनी होगी, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री सोमवार को शिक्षा संकुल में निजी विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया के सरलीकरण तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक में निर्देश दे रहे थे। दिलावर ने नवीन मान्यता आवेदनों की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रथम स्तर पर गठित समिति 7 दिवस के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट का परीक्षण कर उसे अग्रेषित करेंगे। अंतिम निर्णय निदेशक स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी होगी। समिति के गठन तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने की संपूर्ण प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के अनुरूप होगी। यदि कोई जांच अधिकारी अनावश्यक विलंब करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में पाई गई प्रत्येक कमी का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा तथा आवेदन निर्धारित प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही बच्चों की सुरक्षा एवं नियमों के सरलीकरण के लिए आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में छात्रों के बैठने की समुचित व्यवस्था, प्रार्थना सभा, भवन, कक्षों, आवागमन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा विद्यालय यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को विद्यालय परिसर के बाहर वाहन से न उतारा जाए, बल्कि सुरक्षित रूप से परिसर के भीतर ही उतारा जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निजी विद्यालयों की मान्यता से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो विद्यालय निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता होने पर उनकी मान्यता भी निरस्त की जा सकेगी।  दिलावर ने कहा कि जिन विद्यालयों में डमी विद्यार्थियों की प्रवृत्ति पाई जाएगी अथवा विद्यालय समय में विद्यार्थी कोचिंग संस्थानों में अध्ययन करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना मान्यता के विद्यालय संचालन अथवा अन्य आवश्यक नियमों के उल्लंघन पर भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी छात्र की फीस बकाया होने के कारण उसकी स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) अथवा अन्य आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज नहीं रोके जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अतिक्ति मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव ने कहा कि राज्य सरकार निजी विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा में सभी स्तरों पर जांच एवं प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रभावी बनाते हुए प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण परीक्षण किया जाए तथा बच्चों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र संस्थाओं को समय पर मान्यता प्रदान की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बैठक में विशिष्ट शासन सचिव विश्व मोहन शर्मा माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

    पशुपतिनाथ दर्शन का सपना सच : नेपाल के लिए पहली हवाई तीर्थ यात्रा रवाना

    जयपुर। राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत हवाई यात्रा का सोमवार को भव्य आगाज हो गया। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने 43 वरिष्ठ नागरिकों के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल जयपुर के सिंधी कैंप स्थित होटल महादेव विला से बस द्वारा नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ, जहां से वे हवाई जहाज से काठमांडू (नेपाल) पहुंचेंगे। सभी वरिष्ठ तीर्थयात्री काठमांडू में स्थित प्रसिद्ध बाबा पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करेंगे। पशुपतिनाथ जी के साथ-साथ काठमांडू के अन्य प्रमुख दर्शनीय धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण कराया जाएगा। 3-स्टार होटल में ठहराव और सुरक्षा देवस्थान मंत्री कुमावत ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय हमारे बुजुर्गों के जीवन को सुगम और भक्तिमय बनाना है। उन्होंने कहा कि जो बुजुर्ग कभी हवाई जहाज में बैठने का सपना देखते थे, आज सरकार उन्हें सीधे बाबा पशुपतिनाथ के द्वार पहुंचा रही है। मंत्री कुमावत ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा में कई सुधार किए गए हैं । श्री कुमावत ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय हवाई यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को धर्मशाला में ठहराया जाता था लेकिन अब उनके लिए 3 स्टार होटलों में ठहरने की व्यवस्था की जा रही है । उन्होंने बताया कि तत्कालीन सरकार के समय काठमांडू में यात्रियों की एक दिन ठहराया जाता था मगर अब 2 दिन ठहराया जाता है । अब यात्री पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन के साथ-साथ बुढ़ानीलकंठ मंदिर व बोधनाथ स्तूप के भी दर्शन कर सकते हैं । तीर्थयात्रियों के आराम के लिए काठमांडू में 3-स्टार होटल में रुकने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सहायता, सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए 01 सरकारी अनुरक्षक और 01 आईआरसीटीसी का स्टाफ पूरी यात्रा में साथ रहेगा। यह पहला दल अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करके 22 जुलाई-2026 को वापस जयपुर लौटेगा। 22 सितंबर तक 2860 बुजुर्ग करेंगे हवाई यात्रा देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने आगामी शेड्यूल को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई से 22 सितंबर-2026 तक हर दिन काठमांडू के लिए हवाई यात्रा का संचालन किया जाएगा। 22 सितंबर तक कुल 2,860 वरिष्ठ नागरिकों को पशुपतिनाथ जी के दर्शन करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसमें बीकानेर व चूरू जिले से 28 जूलाई तक कुल 382 यात्री पशुपति नाथ जी के दर्शन कर सकेंगे। इनमे बीकानेर जिले के 205 व चूरू जिले के 177 यात्री शामिल हैं । अक्टूबर और नवंबर के महीनों में त्योहारों (दीपावली आदि) के कारण हवाई यात्राएं स्थगित रहेंगी। बचे हुए हवाई तीर्थयात्रियों को दिसंबर महीने से दोबारा काठमांडू दर्शन के लिए भेजा जाएगा। राजस्थान सरकार की इस पहल से बुजुर्गों में भारी उत्साह है और पहले दल के यात्रियों को विदा करते समय पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस मोके पर भाजपा नेता सुनील कुमावत, आइआरसीटीसी के अपर महाप्रबंधक कृष्ण कुमार सिंह, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त जयपुर प्रथम रतन लाल योगी व जयपुर सकिंड महेंद्र देवतवाल, बीकानेर के सहायक आयुक्त गौरव सोनी सहित अनेक लोग मौजूद रहे ।  

    स्वामी विवेकानंद खेल महोत्सव का उत्साहपूर्ण समापन, 252 प्रतिभागियों एवं 49 टीमों की सहभागिता

    जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पौंड्रिक नगर, जयपुर महानगर द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय "स्वामी विवेकानंद खेल महोत्सव" का रविवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। महोत्सव में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों एवं युवाओं ने सहभागिता कर खेल भावना, अनुशासन और संगठनात्मक एकता का प्रभावशाली परिचय दिया। खेल महोत्सव का शुभारंभ जयपुर महानगर के सह कार्यवाह रूपसिंह के सान्निध्य में हुआ। वहीं दूसरे दिवस आयोजित टीम प्रतियोगितियों का संचालन एवं मार्गदर्शन जयपुर महानगर के सह महानगर कार्यवाह अशोक शर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ। समापन समारोह की मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी जाह्नवी मेहरा रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता के विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और राष्ट्रभाव का भी निर्माण करते हैं। स्वस्थ, सशक्त और संगठित समाज के निर्माण में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।   दो दिवसीय खेल महोत्सव में आयोजित एकल प्रतियोगिताओं में 252 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि दूसरे दिन आयोजित टीम प्रतियोगिताओं में 49 टीमों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं में कबड्डी, चक्रिका छू, रस्सा-कस्सी, वलय गोल सहित विभिन्न पारंपरिक भारतीय खेलों का आयोजन किया गया। खेल महोत्सव की विशेषता यह रही कि पौंड्रिक नगर की सभी बस्तियों से खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय सहभागिता रही। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण, सौहार्द एवं उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए प्रतियोगिताओं को गरिमापूर्ण बनाया। महोत्सव का संयोजन पुष्पेंद्र राठौड़ ने किया, जबकि संपूर्ण व्यवस्थाओं का दायित्व नगर संघचालक वैद्य केदारनाथ शर्मा ने संभाला। उनके कुशल नेतृत्व तथा कार्यकर्ताओं के समर्पित सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। आयोजन के अंत में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों, खिलाड़ियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।  

    मेहनत को मिली मंजिल” — रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के विद्यार्थी का प्रतिष्ठित फार्मा कंपनी में चयन

    जयपुर। रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सीतापुरा, जयपुर के बी. फार्मा अंतिम वर्ष के छात्र अनूप सिंह गौड़ का चयन सन फार्मा प्राइवेट लिमिटेड में सेल्स एग्जीक्यूटिव पद पर हुआ है। इस उपलब्धि से संस्थान में हर्ष का माहौल है तथा विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने चयनित छात्र को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्लेसमेंट सेल अधिकारी डॉ. वैभव सक्सेना ने बताया कि महाविद्यालय का प्लेसमेंट सेल विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियों, अस्पतालों तथा शैक्षणिक संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्किल डेवलपमेंट, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। संस्थान के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना ने छात्र की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि "हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। विद्यार्थियों की यह सफलता संस्थान की उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण व्यवस्था का परिणाम है।" वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि "विद्यार्थियों की उपलब्धियां संस्थान के लिए गर्व का विषय हैं। हम उन्हें केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि सफल करियर के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास भी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" प्राचार्य प्रो. डॉ. ताराचंद एवं महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्यों ने चयनित छात्र अनूप सिंह गौड़ को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गौरवान्वित करेगा।  

    कोटा के कार्तिक का कोविड में बदला मन

    कार्तिक चैधरी, कोटा (राजस्थान) नीट एआईआरः 16 जेईई मेनः 99.06 पर्सेन्टाइल पिताः सुरेन्द्र चैधरी (एइएन, आरवीपीएन, मोड़क) मांः प्रियंका चैधरी (प्रिंसिपल, गर्वनमेन्ट स्कूल) जन्मतिथिः 6 मार्च 2009 कोटा निवासी कार्तिक चैधरी ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2026 में आॅल इंडिया रैंक 16 हासिल की है। चार वर्ष से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट कार्तिक ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 में भी शानदार प्रदर्शन कर 99.06 पर्सेन्टाइल स्कोर किए थे। आॅल इंडिया रैंक 15008 थी। कार्तिक ने 10वीं कक्षा 94.2 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा 93.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। कार्तिक ने बताया कि कोविड के समय मैंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों और डॉक्टरों के संघर्ष को करीब से देखा था। तभी मैंने तय कर लिया था कि मुझे डॉक्टर बनना है और लोगों की सेवा करनी है। पिछले चार वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट रहने के दौरान मुझे लगातार बेहतर गाइडेंस, अनुशासित माहौल और एक्सपीरियंस्ड फैकल्टीज का सपोर्ट मिला। इसी का परिणाम है कि मेरा डॉक्टर बनने का सपना अब साकार होने जा रहा है। मैंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 भी दी थी, जिसमें 99.06 पर्सेंटाइल हासिल किए और मेरी ऑल इंडिया रैंक 15008 रही। मेरे लिए जेईई मेन में शामिल होने की वजह नेशनल लेवल के एग्जाम में खुद का एनालिसिस करना था। इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि मेरी तैयारी किस लेवल की है और किन टाॅपिक्स में सुधार की आवश्यकता है। मैं रोजाना लगभग 6 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। डेली रिवीजन, टेस्ट और अपनी गलतियों का एनालिसिस मेरी तैयारी का अहम हिस्सा रहे। मैं अपनी सफलता का बड़ा श्रेय एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट को देना चाहता हूं। जब भी किसी टाॅपिक में डाउट आए तो फैकल्टीज ने उसे सरल तरीके से समझाया और काॅन्फिडेंस बनाए रखने के लिए मोटिवेट किया। मेरे परिवार में शुरुआत से ही पढ़ाई का अच्छा माहौल रहा है। मेरे पिता सुरेंद्र चैधरी भी एलन के छात्र रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1997 में एलन से इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा आरपीईटी की तैयारी की थी और वर्तमान में राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम, मोड़क में एईएन के पद पर कार्यरत हैं। मेरी बुआ ज्योति ने भी वर्ष 1999 में एलन से आरपीईटी की तैयारी की थी और वे वर्तमान में गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, अलवर में लेक्चरर हैं। सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।   ───   बारां का प्रखर आल इंडिया रैंक-31 पर   प्रखर बंसल, बारां (राजस्थान) नीटः आॅल इंडिया रैंक 31 पिताः डाॅ. सत्यप्रकाश गुप्ता (गाइनोलाॅजिस्ट) मांः डाॅ. मोनिशा गुप्ता (गाइनोलाॅजिस्ट) जन्मतिथिः 29 जून 2009 राजस्थान के हाड़ौती संभाग के बारां जिले के निवासी प्रखर बंसल ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 में 720 में से 700 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 31 प्राप्त कर जिले एवं क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। प्रखर पिछले चार वर्षों से एलन कॅरियर इस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट रहे हैं। उसनेे राजस्थान बोर्ड से 10वीं कक्षा में 96.3 प्रतिशत तथा 12वीं कक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। पिता डॉ. सत्यप्रकाश गुप्ता एवं माता डॉ. मोनिशा, दोनों गाइनोलॉजिस्ट हैं और बारां में अपना नर्सिंग होम संचालित करते हैं। अपनी सफलता का श्रेय प्रखर ने अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा एलन के अनुशासित एकेडमिक एनवायरमेंट वातावरण को दिया। प्रखर ने बताया, नीट जैसे नेशनल लेवल के एग्जाम में सक्सेस केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, डेली प्रेक्टिस और एनालिसिस से मिलती है। एलनमें मुझे अनुभवी फैकल्टी, कॉन्सेप्ट आधारित स्टडी, समय-समय पर होने वाले टेस्ट, एनालिसिस और हर सक्जेक्ट में डाउट सॉल्विंग का बेहतरीन सिस्टम मिला। यही कारण रहा कि मेरी तैयारी लगातार सही दिशा में आगे बढ़ती रही। एलन में सिर्फ पढ़ाई नहीं होती, बल्कि हर स्टूडेंट की प्रोग्रेस पर लगातार नजर रखी जाती है। फैकल्टी हमेशा मोटिवेट करती है और कमजोर टाॅपिक्स पर विशेष फोकस कराया जाता है। इसी वजह से मैं अपनी कमियों को समय रहते सुधार पाया और बेहतर प्रदर्शन कर सका।   ───   बच्चे के साथ रहती है मां, नीट के दो दिन पहले मां का एक्सीडेंट, सिर में आये थे टांके   रणवीर कुमार नीटः आॅल इंडिया रैंक 39 जेईई मेनः 99.37 परसेन्टाइल पिताः रणधीर नारायण सिंह (व्यापारी) मांः निशी सिंह जन्मतिथिः 18 जुलाई 2008 बिहार के पटना जिले में पालीगंज निवासी रणवीर कुमार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में आॅल इंडिया रैंक 39 हासिल की है। रणवीर ने 10वीं कक्षा 94 एवं 12वीं कक्षा 94.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। पिता रणधीर नारायण सिंह व्यापारी एवं मां निशी गृहिणी है। एक छोटी बहिन तनुश्री अभी 11वीं कक्षा में है और एलन कोटा से नीट की तैयारी कर रही है। अपना की-आॅफ सक्सेस शेयर करते हुए रणवीर ने बताया कि एलन में नीट की तैयारी के लिए काफी अनुभवी फैकल्टीज हैं और वे हमेशा स्टूडेंट्स के सपोर्ट के लिए तैयार रहती हैं। मैंने फैकल्टीज की गाइडेंस को फाॅलो किया। मैं रोजाना क्लासरुम स्टडी के अलावा 6-7 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। मेरी प्रतिदिन की स्ट्रेटेजी थी कि 50 प्रतिशत क्वेश्चंस की पेक्टिस करता था तो 50 प्रतिशत रिवीजन करता था। कोटा में मम्मी और बहिन भी रहते हैं लेकिन मैं उनसे अलग हाॅस्टल में रहता था। क्योंकि फैमिली के साथ रहकर पढ़ाई नहीं हो पाती। ये मेरा नीट का दूसरा अटैम्प्ट था। फस्र्ट अटैम्प्ट में 510 माक्र्स एवं आॅल इंडिया रैंक 42 हजार आई थी। नीट के दो दिन पहले मां का एक्सीडेंट रणवीर ने बताया कि नीट की परीक्षा के दो दिन पहले मैं काफी परेशान हो गया था। मेरी मम्मी आॅटो से मेरा एग्जाम सेंटर देखने जा रही थी लेकिन रास्ते में आॅटो पलट गया था। इस वजह से उनके सिर में चोट आई थी। हाॅस्पिटल लेकर गया जहां उनको सिर में टांके आए थे। मम्मी ने उसी दिन शाम को बोला कि एग्जाम पर फोकस करो। इतना ही नहीं, पेपर वाले दिन मम्मी खुद मुझे एग्जाम सेंटर तक छोड़ने गई थी। .....  

    नीट में एलन के टाॅप-10 में 5 और टाॅप-100 में 46 स्टूडेंट्स

    690 एवं अधिक अंक वाले टाॅप-138 स्टूडेंट्स में 63 एलन स्टूडेंट्स   कोटा. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया। परिणामों में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स ने एक बार फिर श्रेष्ठता साबित की है। एलन के टाॅप-10 में 5 स्टूडेंट्स शामिल है। परिणामों में टाॅप-100 में 46 स्टूडेंट्स एलन से हैं।   रिजल्ट जारी होने के साथ ही उत्सव जैसा माहौल रहा। एलन सत्यार्थ कैम्पस के बाहर डायरेक्टर्स, फैकल्टीज और स्टूडेंट्स रिजल्ट की खुशी में झूमे। परिणामों में आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल ने संयुक्त रूप से 720 में से 715 अंक हासिल किए हैं। टाइब्रेकर रूल की प्राथमिकता के आधार पर आर्यन गुप्ता को आल इंडिया रैंक-1 और पंशुल बंसल को आॅल इंडिया रैंक-2 घोषित किया गया है। पंशुल बंसल एलन के दो साल से रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट हैं तथा आर्यन गुप्ता एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से डिस्टेंस लर्निंग से जुड़े हैं। इसके साथ ही एलन क्लासरूम स्टूडंेट आयुष भालोटिया ने 710 अंक प्राप्त कर आल इंिडया रैंक-4 हासिल की है। एलन आॅनलाइन टेस्ट सीरीज के स्टूडेंट आर्यन दुबे ने एआईआर-7, वहीं एलन क्लासरूम स्टूडेंट गौरव सिंह आल इंडिया रैंक-9 हासिल की है।   एलन के सीईओ नितिन कुकरेजा ने बेहतर परिणामों पर सभी स्टूडेंट्स और उनके परिवारजनों को बधाई दी है। परिणामों में एलन ने श्रेष्ठता साबित की है। अब तक देखे गए परिणामों में टाॅप-10 में 5, टाॅप-20 में 10, टाॅप-50 में 23 और टाॅप-100 में 46 स्टूडेंट्स एलन से हैं। इसमें 36 स्टूडेंट्स क्लासरूम हैं, इनमें से एक आॅनलाइन लाइव क्लास से तथा 10 स्टूडेंट्स डिस्टेंस लर्निंग व आॅनलाइन टेस्ट सीरीज से हैं। एनटीए ने 690 एवं अधिक अंक वाले टाॅप-138 स्टूडेंट्स की लिस्ट प्रेस रिलीज में जारी की है, इसमें 63 स्टूडेंट्स एलन से हैं। इसमें 50 क्लासरूम प्रोग्राम है, जिनमें एक आॅनलाइन लाइव क्लासरूम से तथा 13 डिस्टेंस लर्निंग व आॅनलाइन टेस्ट सीरीज से है।  

    सफलता के लिए पेशन होना जरूरी है: पंशुल

    पंशुल बंसल, फरीदाबाद (हरियाणा) नीटः आॅल इंडिया रैंक-2 माक्र्सः 720 में से 715 संजीव कुमार बंसल (व्यापारी) मोनिका बंसल (सीएस, इंडियन एक्सप्रेस) जन्मतिथिः 23 मार्च 2008   देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2026 में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरुम स्टूडेंट पंशुल बंसल ने आॅल इंडिया रैंक-2 हासिल की है। हरियाणा में फरीदाबाद निवासी पंशुल ने नीट में 720 में से 715 माक्र्स हासिल किए हैं। पंशुल का शुरुआत से लक्ष्य निर्धारित था कि नीट क्रेक कर डाॅक्टर बनना है। उसने 10वीं एवं 12वी कक्षा दोनों में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इसके अलावा वो जेईई मेन 2026 में भी शामिल हुआ था। जिसमें उसने 99.5 परसेन्टाइल स्कोर किए थे। अंशुल के पिता ने नेवल इंजीनियरिंग की हुई है लेकिन फिलहाल बिजनेसमैन हैं। जबकि मां मोनिका कंपनी सैकेट्री है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में दो साल से रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट पंशुल ने बताया कि मैंने यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की है। मेरे पेरेन्ट्स ने कॅरियर के मामले में मुझे कभी प्रेशराइज नहीं किया। कक्षा 10वीं के बाद मेरे सामने कई सारे आॅप्शंस थे। यहां तक कि यदि मैं आॅर्ट्स भी ले सकता था लेकिन, मुझे शुरुआत से बाॅयोलाॅजी में रुचि थी और मैंने कक्षा 7वीं में आते-आते डिसीजन ले लिया था कि मुझे साइंस लेनी है और डाॅक्टर बनना है। छोटी कक्षा में लाइफ का गोल सेट करना मेरे लिए काफी फायदेमंद सबित हुआ। क्योंकि मेरा माइंड सेट वैसा बन चुका था और इससे मुझे मेरे टारगेट को हसिल करने में काफी मदद मिली। इससे आपकी फाउंडेशन और कंसेप्ट्स दोनों मजबूत होते हैं। मैं स्टूडेंट्स से कहना चाहूंगा कि आपमें आपके कॅरियर के प्रति पैशन है तो ही उसमें आगे बढ़ो। नीट की तैयारी के लिए एलन में एडमिशन लिया तो पता चला कि कम्पीटिशन क्या होता है। क्योंकि देशभर से टैलेंटेड स्टूडेंट्स अपने सपनों को साकार करने एलन में आते है और ऐसे स्टूडेंट्स को देखकर ही आप मोटिवेट होते हो। यही मोटिवेशन आपको बेस्ट बनाता चला जाता है। फैकल्टीज का सपोर्ट काफी मिलता था। हमें एडवांस् लेवल पर पढ़ाया जाता था ताकि नीट जैसे एग्जाम के लेवल का हम आसानी से सामना कर सकें। मैं ज्यादा टाइम पढ़ाई नही करता था लेकिन जितना भी पढ़ता था वो क्वालिटी स्टडी होती थी। सामान्यतया स्टूडेंट्स थ्योरी पर ज्यादा फोकस करते हैं लेकिन मैं थ्यारी पर उतना ज्यादा फोकस नहीं करता था। मैं क्वेंश्चंस की प्रेक्टिस पर ज्यादा ध्यान देता था। रीक्रिएशन के लिए म्यूजिक सुनता हूं। मैंने पियानो बजाने की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पास की हैं। राॅक स्कूल में ग्रेड 4 और ट्रिनिटी काॅलेज आॅफ लंदन में ग्रेड 2 का सर्टिफिकेट हासिल कियार हुआ है।       ───     ───   डेली रिवीजन और मॉक टेस्ट मेरा की-ऑफ-सक्सेस- आयुष आयुष भालोटिया, नवादा (बिहार) नीटः एआईआर 4 पिताः सुनील कुमार भोलोटिया (व्यापारी) मांः किरण देवी जन्मतिथिः 11 मई 2008 मोबाइलः 9304863259 बिहार के नवादा जिले में वरीसालीगंज निवासी आयुष भालोटिया ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2026 में 710 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल की है। दो साल से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट आयुष अपने परिवार ही नहीं बल्कि अपने गांव का भी पहला डॉक्टर बनने जा रहा है। आयुष ने 10वीं में 96.2 एवं 12वीं कक्षा में 93.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। आयुष की उपलब्धि से उनके परिवार सहिज पूरे वरीसालीगंज में खुशी का माहौल है। आयुष ने बताया कि बचपन से ही मेरा सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने की था और इस सपने को साकार करने में एलन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एलन में नियमित पढ़ाई, नीट की गहन तैयारी, लगातार रिवीजन और नियमित टेस्ट मेरी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे। मेरा मानना है कि हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना और उन्हें सुधारना बेहद जरूरी है। मेरे बड़े भाई अर्पित भालोटिया की गाइडेंस भी काफी काम आई। वे आईआईटी दिल्ली से पास आउट हैं और फिलहाल यूएसए से पीएचडी कर रहे हैं। नीट की तैयारी के दौरान कई बार मेंटल प्रेशर भी महसूस हुआ, लेकिन परिवार और एलन की फैकल्टीज के सपोर्ट ने हमेशा मुझे पॉजिटिव बनाए रखा। क्लासरुम के अलावा 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। रीक्रिएशन के लिए चैस खेलता था। पिता सुनील कुमार सीमेंट और स्टील व्यवसायी हैं और उन्होंने मेरी पढ़ाई के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई, जबकि मेरी मां किरण देवी ने हर परिस्थिति में मेरा हौसला बढ़ाया। यह सफलता जितनी मेरी है, उतनी ही मेरी फैमिली और फैकल्टीज की भी है। मैं चाहता हूं कि मेरी सफलता से गांव और छोटे शहरों के अन्य स्टूडेंट्स भी मोटिवेट हों और बड़े टारगेट तय करने का साहस जुटाएं। मैं नीट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स से कहना चाहूंगा कि स्टूडेंट्स को एनसीईआरटी पर मजबूत पकड़ बनानी चाहिए, नियमित रिवीजन करना चाहिए और मॉक टेस्ट को सीरियसली देना चाहिए। धैर्य, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही किसी भी बड़े एग्जाम की की-ऑफ-सक्सेस हैं।   ───     ───   सिर्फ वो किया जो फैकल्टीज ने कहा: गौरव   गौरव सिंह, अलवर (राजस्थान) इंस्टीट्यूट - एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट नीट एआईआर: 09 पिता: राजेश कुमार (भारतीय सेना, पश्चिम बंगाल) मां: सीमा देवी जन्मतिथि: 1 अक्टूबर 2008   राजस्थान में अलवर जिले की मुंडावर तहसील स्थित गाडुवास गांव निवासी राजेश कुमार के घर एवं गांव में इन दिनों उल्लास छाया हुआ है। राजेश कुमार की बेटी अनुजा के बाद उनका बेटा गौरव भी डाॅक्टर बनने जा रहा है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट गौरव ने नीट 2026 में 720 में से 705 अंक हासिल कर आॅल इंडिया रैंक 09 हासिल की है। गौरव ने 10वीं कक्षा 92 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। गौरव ने कहा कि मैं पिछले सात वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट, कोटा का रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट रहा हूं। मुझसे पहले मेरी बड़ी बहन अनुजा ने भी एलन कोटा से 2022-23 में नीट की तैयारी की थी। आज वह ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, अलवर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। उनके हार्डवर्क, कंसिस्टेंसी, डिसिप्लिन और सक्सेस को देखकर मुझे हमेशा मोटिवेशन मिला और मैंने भी डॉक्टर बनने का सपना देखा। मेरी सफलता में मेरे परिवार का भी सबसे बड़ा योगदान रहा है। मेरी मां सीमा देवी मेरे और मेरी बहन के साथ कोटा में रहकर हमारी पढ़ाई का पूरा ध्यान रखती थीं। उन्होंने हर परिस्थिति में हमारा हौसला बढ़ाया। नीट की तैयारी के दौरान मैंने डेली क्लास अटेंड की, एनसीईआरटी को कई बार पढ़ा। कंटीन्यू रिवीजन किया और टेस्ट को पूरी गंभीरता से दिया। स्मार्ट फोन यूज करता था लेकिन उसका मिसयूज नहीं करता था। क्लासरूम के अलावा 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। रीक्रिएशन के लिए क्रिकेट खेलता था। मेरा मानना है कि हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस करना और उन्हें सुधारना ही की-आॅफ-सक्सेस है।  

    62वाँ स्थापना दिवस मनाया

    19 जुलाई 1965 में स्वर्गीय भागीरथ जी कानोड़िया द्वारा स्थापित, महिला शिक्षा एवं महिला सशक्तीकरण के लिए राजस्थान में अग्रणी कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय ने आज 18 जुलाई 2026 को 62वाँ स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम में एडिशनल डीसीपी साउथ, कालिका इन्चार्ज रानू शर्मा मुख्य अतिथि रहीं। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में महाविद्यालय की छः दशकों की उपलब्धियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय आज भी छात्राओं के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। महाविद्यालय निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने महाविद्यालय के ध्येय वाक्य ‘आत्म दीपो भव’ का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, आत्मबोध और आत्मप्रेरणा ही व्यक्ति की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्राओं को अपनी कल्पनाओं को उड़ान देने, शिक्षा के महत्व को समझने और स्वयं के व्यक्तित्व का निरंतर विकास करने हेतु प्रेरित किया। मुख्य अतिथि रानू शर्मा ने कहा कि समाज और मन दोनों के बनाये बंधनों को तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में छात्राओं को आत्मविश्वास, साहस और निरंतर प्रयास का संदेश दिया। साथ ही अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि उनकी प्रत्येक उपलब्धि में शिक्षकों का अमूल्य योगदान रहा है और कहा कि सफलता किसी एक बड़े प्रयास का परिणाम नहीं होती, बल्कि छोटे-छोटे निरंतर कदम ही व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुँचाते हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इसके अतिरिक्त छात्राओं के लिए विभिन्न मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं एवं खेलों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. आँचल पुरी ने किया। इस आयोजन में महाविद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं समस्त प्राध्यापिकाओं सहित लगभग 600 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक उपस्थिति दर्ज की।  

    राजस्थान विश्वविद्यालय में दो दिवसीय ‘संगम 2026’ का सफल आयोजन

    , 40 महाविद्यालयों के 100 से अधिक प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा राजस्थान विश्वविद्यालय में श्री गुरु गोविंद सिंह चेयर फॉर नेशनल इंटीग्रेशन एंड सिख स्टडीज़, व्यंजना : द एक्सप्रेशन सोसाइटी, राजस्थान स्टडीज सेंटर एवं प्रज्ञा प्रवाह-जयपुर प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय ‘संगम 2026’ का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन ‘लोकमंथन’ के प्री-इवेंट के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें जयपुर के लगभग 40 महाविद्यालयों से आए 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र भारती, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय संस्कार भारती ने भारतीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और युवाओं की सृजनात्मक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम की समन्वयक एवं श्री गुरु गोविंद सिंह चेयर फॉर नेशनल इंटीग्रेशन एंड सिख स्टडीज़ की चेयरपर्सन डॉ. मीना रानी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति क्षमता और सांस्कृतिक चेतना को विकसित करने का प्रभावी मंच प्रदान करते हैं। दो दिवसीय आयोजन के दौरान हिंदी पोएट्री, इंग्लिश पोएट्री, डेविल्स एडवोकेट, आर्ट फ्यूजन, मास्क डिजाइनिंग, ट्विस्टेड टेल्स तथा हिंदी एवं इंग्लिश क्रिएटिव राइटिंग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके साथ ही एक विशेष आर्ट एग्जीबिशन भी लगाई गई, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन के समापन समारोह में प्रज्ञा प्रवाह से देवेश जी बंसल, मेरठ से कला की प्रोफेसर वंदना जी वर्मा तथा अर्थ एसोसिएशन की प्रमुख डॉ. हेमलता शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह में प्रतिभागियों की प्रतिभा और रचनात्मकता की सराहना की गई। छात्र समन्वयक आदित्य परमार ने बताया कि ‘संगम 2026’ ने विद्यार्थियों को साहित्य, कला, अभिव्यक्ति और संस्कृति से जुड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह, ऊर्जा और रचनात्मकता का विशेष वातावरण देखने को मिला।  

    राजस्थान विश्वविद्यालय में मराठी भाषा थोपने के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा: छात्र नेता शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में फूंका राज्यपाल का पुतला

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र नेता शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में आज विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने राज्यपाल के उस फैसले के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया, जिसके तहत राजस्थान की यूनिवर्सिटीज में मराठी भाषा से जुड़े केंद्र/प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जा रही है। आक्रोशित छात्रों ने राजभवन के इस पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राज्यपाल का पुतला दहन किया। मीडिया को संबोधित करते हुए छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने कहा, "महामहिम स्वयं महाराष्ट्र से आते हैं, हमें उनकी मातृभाषा से कोई आपत्ति नहीं है। भारत की सभी भाषाएं हमारे लिए पूजनीय हैं। लेकिन महामहिम को यह याद रखना होगा कि वे महाराष्ट्र के नहीं, बल्कि राजस्थान के राज्यपाल हैं। राजस्थानी भाषा को दरकिनार करके मराठी भाषा को प्राथमिकता देना राजस्थान के करोड़ों युवाओं और छात्र शक्ति के स्वाभिमान पर सीधा प्रहार है।" शुभम रेवाड़ ने राजभवन और सरकार की दोहरी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सुप्रीम कोर्ट स्कूलों में राजस्थानी भाषा को अनिवार्य करने की बात कह रहा है, प्रदेश का युवा सालों से हर यूनिवर्सिटी में राजस्थानी विभाग खोलने की मांग कर रहा है—तब तो राजभवन की फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। लेकिन जैसे ही महाराष्ट्र सरकार से प्रस्ताव आता है, राज्यपाल महोदय तुरंत सक्रिय होकर उसे लागू करने का आदेश दे देते हैं। छात्र शक्ति की मुख्य मांगें: राजस्थान की किसी भी यूनिवर्सिटी में अन्य भाषा का केंद्र खोलने से पहले, प्रदेश की हर एक यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा का पूर्ण विभाग अनिवार्य रूप से खोला जाए। 'पहले मायड़ भाषा का सम्मान करो, फिर किसी और भाषा की बात करो!' की नीति पर काम हो।

    अब गांव-गांव तक पहुंचेगी करियर की सही राह, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी और मोइनी फाउंडेशन के बीच एमओयू

    -मनोविज्ञान और तकनीक की जुगलबंदी से बनेगा देशभर के छात्रों के लिए डिजिटल गाइडेंस प्लेटफॉर्म -आठवीं-नौवीं कक्षा से ही एप्टीट्यूड टेस्ट पर जोर, समय रहते पहचानी जाएगी बच्चों की असली क्षमता -ग्रामीण और वंचित तबके के छात्रों तक पहुंच बनाने की तैयारी, स्कूली स्तर पर होगी करियर काउंसलिंग जयपुर, करियर के चुनाव में भटकाव आज भी लाखों स्टूडेंट्स और उनकी फैमिली की सबसे बड़ी चिंता है, और इसी भटकाव को कम करने के मकसद से जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की करियर डेवलपमेंट एंड गाइडेंस सेल (सीडीजीसी) और मोइनी फाउंडेशन के बीच एक एमओयू साइन किया गया, जिसके तहत रूरल और गवर्नमेंट स्कूलों के स्टूडेंट्स को साइंटिफिक करियर गाइडेंस दी जाएगी। इस पार्टनरशिप में यूनिवर्सिटी की साइकोलॉजिकल एक्सपर्टीज़ और फाउंडेशन की टेक्निकल स्ट्रेंथ मिलकर एक नया मॉडल तैयार करेंगी। मोइनी फाउंडेशन पिछले कुछ वर्षों से करियर अवेयरनेस और डिजिटल एजुकेशन के फील्ड में काम कर रहा है। सीडीजीसी के साथ यह कोलैबोरेशन इसी काम को एक बड़ा प्लेटफॉर्म देने की कोशिश है। यह कदम नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) 2020 की उस सोच से भी मेल खाता है, जिसमें हर बच्चे की अपनी क्षमता और रुचि को समझकर उसे एक से ज़्यादा विषयों में आगे बढ़ने का मौका देने पर जोर दिया गया है। मोइनी फाउंडेशन के फाउंडर और चीफ मेंटर अरविंद थानवी का कहना है कि ज्यादातर बच्चे बड़ी क्लासेस में आकर जल्दबाजी में करियर डिसीजन ले लेते हैं, इसलिए अवेयरनेस अर्ली स्टेज से ही जरूरी है और करियर को लेकर बातचीत स्कूल के शुरुआती सालों से ही शुरू हो जानी चाहिए। उनकी टीम ऐसे टेक टूल्स डेवलप कर रही है जिनकी मदद से लिमिटेड मैनपावर के बावजूद यह कैंपेन सैकड़ों स्कूलों तक बड़े स्केल पर पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने यूनिवर्सिटी के यंगस्टर्स को भी इस प्रोजेक्ट से जुड़कर अपने स्किल्स शार्पन करने के लिए प्रेरित किया। आज के कॉम्पिटिटिव दौर में सही करियर चुनना बच्चों और पैरेंट्स, दोनों के लिए एक बड़ी चैलेंज बताते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रोफ. विक्टर गंभीर ने कहा कि 11वीं में सब्जेक्ट चुनने से पहले, यानी 8वीं-9वीं क्लास में ही एप्टीट्यूड टेस्ट हो जाना चाहिए, ताकि बच्चे अपनी रियल पोटेंशियल को टाइम रहते पहचान सकें। उन्होंने मोइनी फाउंडेशन के नेटवर्क को रूरल और अंडरप्रिविलेज्ड स्टूडेंट्स तक पहुंच बनाने में एक अहम कड़ी बताया, साथ ही जेईसीआरसी के प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग मॉड्यूल को स्टूडेंट्स के लिए बेहद यूज़फुल इनिशिएटिव बताया। सीडीजीसी की हेड डॉ. कृति काला जैन ने बताया कि यह सेल 2023 से अब तक 5000 से अधिक साइकोमेट्रिक असेसमेंट कर चुकी है। इस एमओयू के बाद दोनों संस्थाएं मिलकर एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करेंगी, जिससे देशभर के स्कूलों तक करियर काउंसलिंग और असेसमेंट की सुविधा डायरेक्ट पहुंच सकेगी। इस पार्टनरशिप का गोल एक ऐसा स्ट्रॉन्ग और स्केलेबल इकोसिस्टम खड़ा करना है, जो सोसाइटी के हर तबके के स्टूडेंट्स तक पहुंच सके। टेक्नोलॉजी और साइंटिफिक करियर गाइडेंस के इस मेल से आने वाली जनरेशन अपने फ्यूचर से जुड़े डिसीजन अब ज्यादा समझदारी और कॉन्फिडेंस के साथ ले सकेगी।