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    पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: रैली में केंद्रीय गृह मंत्री के बयान से सियासी माहौल गरम, समान नागरिक संहिता पर जोर

    Yugcharan News / 21 April 2026 कोलकाता/पश्चिम बर्धमान: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने की बात कही। उनके इस बयान ने राज्य की सियासत में नई बहस को जन्म दे दिया है। चुनावी रैली में बड़ा राजनीतिक संदेश पश्चिम बर्धमान जिले के कुल्टी क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यदि राज्य में उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा। उनके अनुसार, इस कदम का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून सुनिश्चित करना है। हालांकि, उन्होंने जिस संदर्भ में “एक समुदाय” का उल्लेख किया, उस पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस बयान को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की है। औद्योगिक विकास और रोजगार पर फोकस अपने संबोधन में Amit Shah ने राज्य के औद्योगिक हालात पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि कुल्टी और आसपास के इलाके कभी देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल थे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह क्षेत्र पिछड़ गया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी को मौका मिलता है, तो इस क्षेत्र को फिर से औद्योगिक रूप से विकसित किया जाएगा। साथ ही अवैध खनन पर रोक लगाने, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर नियंत्रण और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी वादा किया। ‘घुसपैठ मुक्त बंगाल’ का वादा चुनावी सभा के दौरान गृह मंत्री ने राज्य को “घुसपैठ मुक्त” बनाने की भी बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि सीमा सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। यह मुद्दा पहले भी राज्य की राजनीति में प्रमुख रहा है, जहां विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। इस बार भी यह विषय चुनावी एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। विपक्ष की प्रतिक्रिया राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों को चुनावी लाभ के लिए उठाया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि बाहरी मुद्दों को राज्य की राजनीति में लाकर असली समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि राज्य में सामाजिक सद्भाव बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की बयानबाजी से तनाव बढ़ सकता है। चुनावी परिदृश्य और मुख्य मुद्दे पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। मतदान 23 और 29 अप्रैल को निर्धारित है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। राज्य की 294 सीटों पर मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव में विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और पहचान की राजनीति जैसे मुद्दे प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। मतदाता सूची को लेकर विवाद चुनाव से पहले मतदाता सूची में कथित बदलाव को लेकर भी विवाद सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है। चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है, हालांकि आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराने की बात दोहराई है। पिछले चुनावों का संदर्भ वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में Mamata Banerjee के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने सत्ता बरकरार रखी थी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार करते हुए सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की थी। इस बार दोनों प्रमुख दल पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं, और चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे। सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव विशेषज्ञों का मानना है कि समान नागरिक संहिता और बहुविवाह जैसे मुद्दे संवेदनशील हैं और इन पर संतुलित दृष्टिकोण जरूरी है। ऐसे विषयों पर सार्वजनिक चर्चा अक्सर समाज के विभिन्न वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करती है। चुनावी माहौल में इस तरह के बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इनके सामाजिक प्रभावों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आगे की स्थिति जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। सभी दल अपने-अपने मुद्दों और वादों के साथ मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, चुनाव आयोग और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। निष्कर्ष पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 केवल सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि विभिन्न विचारधाराओं और नीतियों के बीच मुकाबला भी बन गया है।   केंद्रीय गृह मंत्री के हालिया बयान ने चुनावी बहस को नया मोड़ दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मतदाता इन मुद्दों को किस नजर से देखते हैं और चुनाव परिणाम किस दिशा में जाते हैं।

    होर्मुज में जब्त जहाज को लेकर बढ़ा विवाद: ‘मिसाइल से जुड़े रसायनों’ के आरोपों के बीच अमेरिका-ईरान तनाव तेज

    Yugcharan News / 21 April 2026 वॉशिंगटन/तेहरान: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक ईरानी झंडे वाले जहाज की जब्ती ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास की गई इस कार्रवाई को लेकर जहां वॉशिंगटन की ओर से सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया जा रहा है, वहीं तेहरान ने इसे गंभीर उकसावे की कार्रवाई बताया है। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित वार्ता प्रक्रिया को भी प्रभावित किया है। जहाज जब्ती पर नए आरोप अमेरिका की एक वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती निक्की हेली ने दावा किया है कि हाल ही में जब्त किया गया ईरानी जहाज कथित रूप से चीन से आ रहा था और उसमें ऐसे रासायनिक पदार्थ मौजूद हो सकते थे, जिनका उपयोग मिसाइल कार्यक्रमों में किया जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि यह घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी इस विषय पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। कुछ सुरक्षा सूत्रों ने संकेत दिया है कि प्रारंभिक जांच में जहाज पर ऐसे सामान होने की आशंका जताई गई है, जिन्हें “ड्यूल-यूज” यानी नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया ईरान ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। ईरानी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, जहाज एक नियमित व्यापारिक यात्रा पर था और उसे रोका जाना अनुचित था। तेहरान ने इस घटना को “आक्रामक कदम” करार देते हुए कहा है कि इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती हैं। ईरानी पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक इस कथित नाकेबंदी को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक वह अमेरिका के साथ प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता में भाग नहीं लेगा। यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने की संभावना थी, लेकिन मौजूदा हालात के चलते उस पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। ‘टॉस्का’ जहाज बना विवाद का केंद्र रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस जहाज को जब्त किया गया है, वह “टॉस्का” नामक एक कंटेनर पोत बताया जा रहा है, जो ईरान की एक शिपिंग कंपनी से जुड़ा हुआ है। इस कंपनी पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं। जहाज को ओमान की खाड़ी के पास ईरान के चाबहार बंदरगाह के नजदीक रोका गया। जहाज की गतिविधियों को ट्रैक करने वाले अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, यह पोत एशियाई मार्ग से होकर आ रहा था। हालांकि, उसमें मौजूद सामान की प्रकृति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक और विस्तृत पुष्टि सामने नहीं आई है। ड्यूल-यूज सामग्री को लेकर चिंता अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के कुछ सूत्रों का कहना है कि जहाज पर मौजूद सामग्री “ड्यूल-यूज” श्रेणी में आ सकती है। इसमें धातु, पाइप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे सामान शामिल हो सकते हैं, जिनका उपयोग औद्योगिक कार्यों के साथ-साथ सैन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सामानों की पहचान और उनके अंतिम उपयोग का निर्धारण करना अक्सर जटिल होता है। यही कारण है कि इस प्रकार के मामलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। चीन की भूमिका पर उठे सवाल निक्की हेली के बयान में चीन का उल्लेख भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि बीजिंग कथित रूप से ईरान को समर्थन दे सकता है। हालांकि, इस दावे पर चीन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि इस तरह के आरोप वैश्विक राजनीति में नए तनाव पैदा कर सकते हैं, खासकर तब जब पहले से ही कई मोर्चों पर प्रतिस्पर्धा और असहमति बनी हुई है। वार्ता प्रक्रिया पर असर इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता पर पड़ा है। दोनों देशों के बीच हाल ही में एक अस्थायी संघर्षविराम लागू किया गया था, जिसके तहत बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन जहाज जब्ती और उसके बाद के बयानों ने विश्वास की कमी को उजागर कर दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों में वह वार्ता में शामिल होने के लिए तैयार नहीं है। क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां किसी भी प्रकार का सैन्य या राजनीतिक तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा फिलहाल, इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। कई देश और संगठन स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील कर सकते हैं। हालांकि, अब तक कोई ठोस मध्यस्थता पहल सामने नहीं आई है। विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए पारदर्शिता, संवाद और संयम बेहद जरूरी होंगे। यदि दोनों पक्ष अपने रुख में नरमी लाते हैं, तो स्थिति को संभाला जा सकता है। निष्कर्ष ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गया है। जहाज जब्ती, कथित रासायनिक सामग्री के आरोप और कड़े बयानों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।   आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों देश कूटनीतिक रास्ता अपनाते हैं या फिर यह विवाद और गहराता है। फिलहाल, क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए सभी की निगाहें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

    ईरान-अमेरिका वार्ता पर अनिश्चितता: कड़े बयानों के बीच बढ़ा तनाव, समझौते की राह मुश्किल

      Yugcharan News / 21 April 2026 वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता गहराती नजर आ रही है। इस सप्ताह पाकिस्तान में होने वाली वार्ता से पहले दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण बयानबाजी और हालिया घटनाक्रम ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में हुई एक कार्रवाई और उसके बाद के राजनीतिक संकेतों ने वार्ता प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वार्ता पर संकट के बादल सूत्रों के अनुसार, ईरान ने संकेत दिया है कि वह प्रस्तावित बातचीत में भाग लेने को लेकर पुनर्विचार कर सकता है। यह प्रतिक्रिया उस घटना के बाद सामने आई, जिसमें कथित रूप से अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ईरानी झंडे वाले जहाज को जब्त किया। इस घटनाक्रम को लेकर तेहरान ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे युद्धविराम के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच दो सप्ताह का अस्थायी संघर्षविराम लागू था, जिसकी अवधि समाप्त होने वाली है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस संघर्षविराम को आगे बढ़ाया जाएगा या फिर क्षेत्र में तनाव दोबारा बढ़ सकता है। कड़े बयानों से बढ़ा तनाव अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि यदि कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि संघर्षविराम समाप्त होने के बाद हालात बिगड़ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वार्ता के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल तैयार है। दूसरी ओर, ईरान के वरिष्ठ नेता और वार्ता से जुड़े प्रमुख अधिकारी मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनका देश दबाव या धमकी के माहौल में बातचीत स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि परिस्थितियां बिगड़ती हैं, तो ईरान के पास भी अपने विकल्प मौजूद हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य बना मुख्य मुद्दा विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे विवाद का केंद्र बन चुका है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां किसी भी प्रकार का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। हाल के घटनाक्रम ने इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ा दिया है। दोनों देशों ने सार्वजनिक रूप से बातचीत के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन जमीनी स्तर पर बढ़ती गतिविधियां और बयानबाजी इस प्रक्रिया को कमजोर कर रही हैं। अमेरिका की तैयारी और प्रतिनिधिमंडल रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसका प्रतिनिधिमंडल निर्धारित समय पर पाकिस्तान पहुंचने के लिए तैयार है। इस टीम में वरिष्ठ अधिकारी और विशेष दूत शामिल हैं, जिनका उद्देश्य तनाव कम करने और किसी संभावित समझौते की दिशा में बातचीत करना है। हालांकि, बातचीत की तारीख और एजेंडा को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि वार्ता की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है। पर्दे के पीछे की चिंताएं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि अमेरिकी बयानों की तीव्रता और क्षेत्र में जारी गतिविधियां वार्ता में सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं। उनका कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के कुछ बिंदुओं पर सहमति बनने की संभावना थी, लेकिन सार्वजनिक बयानबाजी से यह प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसी तरह, पाकिस्तान में मध्यस्थता कर रहे सूत्रों ने भी कथित तौर पर अमेरिका को सलाह दी है कि वह अपने सार्वजनिक रुख को संतुलित रखे, ताकि वार्ता का माहौल सकारात्मक बना रह सके। क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह वार्ता विफल होती है, तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य-पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार, व्यापार मार्ग और कूटनीतिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, इस स्थिति का असर उन देशों पर भी पड़ सकता है जो इस क्षेत्र में रणनीतिक हित रखते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस वार्ता पर बनी हुई है। आगे की राह फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान वार्ता में शामिल होगा या नहीं। हालांकि, दोनों देशों के बयानों से यह संकेत जरूर मिलता है कि कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष अपने सार्वजनिक रुख में नरमी लाते हैं और विश्वास बहाली के कदम उठाते हैं, तो वार्ता को सफल बनाया जा सकता है। अन्यथा, बढ़ती बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां स्थिति को और अधिक जटिल बना सकती हैं। निष्कर्ष ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति नाजुक मोड़ पर खड़ी है। एक ओर बातचीत की संभावना है, तो दूसरी ओर तनाव और अविश्वास भी गहरा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या दोनों देश कूटनीतिक रास्ता अपनाते हैं या फिर स्थिति और गंभीर रूप लेती है। फिलहाल, वैश्विक समुदाय शांति और स्थिरता की उम्मीद कर रहा है, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को संतुलित और जिम्मेदार रुख अपनाना होगा।    

    ALLEN Tops Again... ALL India Rank 1 फैकल्टीज की गाइडेंस फॉलो करना ही सक्सेस मंत्र : कबीर छिल्लर

    जेईई मेन : ऑल इंडिया रैंक 1 पिता : मोहित छिल्लर (आईआईटीयन) माता : प्रियंका छिल्लर (प्राइवेट टीचर) जन्मतिथिः 30 जुलाई 2008 एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई मेन सेशन-1 में परफेक्ट स्कोर 300 में से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। सेशन-2 की परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है। पिछले दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है। कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कबीर इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं। कबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है। क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं। हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया। मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं। नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का डीपली एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है। रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही। पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में बांटा, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया। गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था। मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है। भविष्य को लेकर मेरा लक्ष्य स्पष्ट है। आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वर्ल्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता हूं।

    लापरवाही की शिकायत पर दो ग्राम विकास अधिकारियों को 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश’

    पंचायती राज विभाग के शासन सचिव ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण- जयपुर। पंचायती राज विभाग के शासन सचिव डॉ.जोगाराम ने सोमवार को सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) स्टेट कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर आमजन से सीधे संवाद किया तथा शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।    निरीक्षण के दौरान शासन सचिव ने हेल्पलाइन पर परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने उनके समक्ष प्रस्तुत 24 शिकायतों में से 11 शिकायतों पर सीधे परिवादियों से संवाद किया। इन शिकायतों में 2 में परिवादियों ने संतुष्टि जाहिर की। शेष शिकायतों को उन्होंने रिओपन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।    सीकर के फतेहपुर पंचायत समिति के नबीपुरा गांव के परिवादी श्री राम प्रताप ने साफ सफाई के संबंध में परिवाद दर्ज करवाया था, लेकिन गांव में नियमित साफ सफाई न होने और परिवादी के संतुष्ट न होने के कारण शासन सचिव ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश प्रदान किए।   इसी प्रकार टोंक जिले की उनियारा पंचायत समिति के सेदरी गुजरान, मोहम्मद पुरा गांव के किशन लाल को उनके मकान का पट्टा एक साल पूर्व आवेदन करने के उपरांत भी जारी नहीं करने के कारण संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश प्रदान किए गए।   संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में विभाग से संबंधित कुल 2,93,802 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 2,80,996 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जो 95.64 प्रतिशत है।    निरीक्षण के दौरान डॉ.जोगाराम ने हेल्पलाइन 181 में कार्यरत अधिकारियों को लंबित व क्रिटिकल फेस वाली शिकायतों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को एसएमएस/ व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने के निर्देश भी दिए ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के शासन सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर विभाग के राज्य नोडल अधिकारी श्री राम चंद्र सैनी, सहायक आयुक्त भी उपस्थित रहे।  

    बजट सहित विभिन्न योजनाओं का कार्य तय समयावधि में हो पूर्ण -निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग

    जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग निदेशक ललित कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा सहित विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाएं तय समयावधि और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ पूर्ण हों। उन्होंने लंबित कार्यों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए।    ललित कुमार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुख्यालय 'अम्बेडकर भवन' के सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ बजट घोषणा वर्ष 24-25, 25-26 और 26-27 की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने 24 से 26 अप्रेल को चंडीगढ़ में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित चिंतन शिविर से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की।   निदेशक ने कहा कि वर्ष 2024-25 की कुल 26 बजट घोषणाओं में से 14 पूर्ण हो चुकी हैं, 12 प्रगतिरत हैं। वर्ष 25-26 की 15 घोषणाओं में से 9 पूर्ण हो चुकी हैं, 6 प्रगतिरत है। वर्ष 2026-27 की 9 घोषणाओं में से 1 पूर्ण हो चुकी है, जबकि 8 प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।    बैठक में अतिरिक्त निदेशक श्रीमती नसीम खान, रामेश्वर लाल परसोया, ओपी मीणा, सुण्डाराम मीना, श्रीमती रीना शर्मा, अशोक कुमार जांगिड़, अरविन्द कुमार सैनी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

    सदाचार व टीम भावना करें कार्य - आबकारी आयुक्त राजस्थान आबकारी सेवा संघ ने आबकारी आयुक्त से की शिष्टाचार भेंट

    जयपुर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि कार्य के प्रति सदाचार रखते हुए विभागीय वित्तिय, निरोधात्मक लक्ष्यों को टीम भावना से पूर्ण किया जाना चाहिए। प्रदेश में प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाहियों करते हुए इनकी संख्या में वृद्धि की जानी चाहिए। आबकारी आयुक्त मेहता सोमवार को आबकारी सभागार में राजस्थान आबकारी सेवा संघ के पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राजस्थान आबकारी सेवा संघ का स्वागत व अभिनन्दन करने पर आभार प्रकट किया।   इससे पूर्व राजस्थान आबकारी सेवा संघ के पदाधिकारियों ने आबकारी आयुक्त नमित मेहता से शिष्टाचार भेंट करते हुए उनको आबकारी आयुक्त का पदभार ग्रहण करने की शुभकामनाएं प्रदान की। राजस्थान आबकारी सेवा संघ के पदाधिकारियों ने आबकारी आयुक्त को भरोसा दिलाया कि वे सभी एकजुट होकर समस्त विभागीय लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस मौके पर संघ के पदाधिकारियों ने आबकारी आयुक्त को विभागीय डीपीसी, पदोन्नति, ग्रेड पे सहित मांगों का मांग पत्र भी सौंपा। इस पर आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने समस्त मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। इस अवसर पर राजस्थान आबकारी सेवा संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार, महासचिव अशोक कुमार डिडेल, सहित पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

    पुष्कर घाटी बस हादसा- विधानसभा अध्यक्ष ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से की मुलाकात, राहत एवं उपचार के दिए निर्देश

    जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पुष्कर घाटी में रविवार को हुए दर्दनाक बस हादसे पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से दूरभाष पर चर्चा कर हादसे की स्थिति, घायलों की संख्या, उपचार व्यवस्थाओं तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।    देवनानी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को तत्काल, समुचित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इस दौरान देवनानी ने घायलों के परिजनों से भी मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों के साथ खड़ा है।    

    लोकसभा अध्यक्ष ने किए जोगणिया माता के दर्शन, विवाह सम्मेलन में नवदम्पत्तियों को दिया आशीर्वाद

    जयपुर। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चित्तौड़गढ़ जिले के प्रवास के दौरान सोमवार को प्रख्यात धार्मिक स्थल जोगणिया माता मंदिर में पहुंचकर दर्शन किए एवं विधिवत पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। लोकसभा अध्यक्ष ने आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सहभागिता करते हुए नवविवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने नवदम्पत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए समाज में एकता, संस्कार एवं पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया।

    मंडियों से गेहूं का समय पर उठाव सुनिश्चित करें— एफसीआई कोटा संभाग में रोटेशन के आधार पर रेक लगाएं-ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

    जयपुर। ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने कोटा की भामाशाह मंडी में एफसीआई द्वारा 80 हजार कट्टे प्रतिदिन एमएसपी पर गेहूं की तुलाई की व्यवस्था करने करने के निर्देश दिए हैं।  उन्होंने गेहूं खरीद की गति बढ़ाने और समय पर उठाव भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि रजिस्ट्रेशन कर चुके सभी किसानों से खरीद की जा सके। उन्होंने गेहूं का उठाव बढ़ाने के लिए रेक लगाने का कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।  नागर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की वर्तमान स्थिति की सोमवार को कोटा सर्किट हाउस में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बार बुआई अधिक होने से गेहूं का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। ऐसे में कोटा संभाग में लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीद की तैयारियां अभी से रखी जाएं। उन्होंने एफसीआई के गोदामों में गाड़ियां खाली करने की गति बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि मंडियों से समय पर गेहूं का उठाव हो सके। ऊर्जा राज्य मंत्री ने बैठक के दौरान ही एफसीआई के जीएम राजेश चौधरी से वार्ता कर गोदामों में गाड़ियां अनलोड करने की गति बढ़ाने, अतिरिक्त मजदूरों की व्यवस्था करने और बड़ी मंडियों से गेहूं के उठाव के लिए कोटा संभाग में रोटेशन के आधार पर रेक लगाने को कहा ताकि खरीद केन्द्रों पर गेहूं के ढेर न लगें। उन्होंने कहा कि स्टोरेज पर्याप्त नहीं होने पर मंडियों एवं क्रय केन्द्रों पर गेहूं की खरीद प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बैठक में उपस्थित एफसीआई अधिकारियों से गोदामों में प्रतिदिन खाली होने वाली गाड़ियों की संख्या के बारे में जानकारी ली। ऊर्जा राज्य मंत्री ने राजफैड, तिलम संघ एवं अन्य खरीद एजेंसियों द्वारा अब तक की गई समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के बारे में जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने भुगतान व्यवस्था के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि किसानों को रजिस्ट्रेशन के अनुपात में कूपन जारी किए जाएं ताकि वे समय पर तुलाई के लिए क्रय केन्द्रों एवं मंडियों में पहुंच सकें। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर सहकारिता विभाग के गोदामों को भी किराए पर लेने के निर्देश दिए।  नागर ने एफसीआई द्वारा क्रय केन्द्रों पर भेजे गए बारदाना की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया, एडीएम प्रशासन वीरेन्द्र सिंह यादव, सांगोद प्रधान जयवीर सिंह, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, डीएसओ कुशाल बिलाला, सहकारिता विभाग से बलविंदर सिंह गिल सहित एफसीआई, राजफैड, तिलमसंघ के अधिकारी उपस्थित थे।

    सुबोध कॉलेज में रेड रिबन क्लब की एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित

    एस. एस. जैन सुबोध पी.जी. कॉलेज, एवं एस एस जैन सुबोध कॉमर्स एंड आर्ट्स महाविद्यालय जयपुर के तत्वाधान में सोमवार को राजस्थान राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (RSACS) के सहयोग से Creating Awareness, Inspiring Charge, Saving Lives विषय पर एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के परियोजना निदेशक डॉ. सुशील कुमार परमार रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आरआरसी के संयुक्त निदेशक श्री प्रदीप चौधरी, आरआरसी की सहायक निदेशक सुश्री गरिमा उपस्थित रहीं। महाविद्यालय प्राचार्या प्रो.(डाॅ.) रेणु जोशी ने स्वागत उद्बोधन दिया और ऐसे कार्यक्रमों की प्रासंगिकता का उल्लेख किया। वर्तमान में इस ज्वलंत विषय पर सबको जागरूक होने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्राचार्या जी ने HIV AIDS जागरूकता हेतु महाविद्यालय में संपन्न किए गए कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एचआईवी,एड्स, रक्तदान एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव का वाहक बनने के लिए प्रशिक्षित करना था। डॉ. सुशील कुमार परमार ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति ही देश को एड्स मुक्त बना सकती है। उन्होंने सभी संकाय सदस्यों से भ्रांतियों को दूर कर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। श्री प्रदीप कुमार जी ने रेड रिबन क्लब की भूमिका एवं पीयर एजुकेटर के महत्व पर प्रकाश डाला।सुश्री गरिमा ने भी रेड रिबन प्रभारियों को संबोधित कर रक्तदान एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यशाला में जयपुर जिले के लगभग 75 महाविद्यालयों के नवनियुक्त रेड रिबन प्रभारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा एचआईवी एड्स के कारण, बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। आरआरसी जयपुर के डिप्टी डायरेक्टर सीताराम यादव ने भी रेड रिबन क्लब के गठन से संबंधित बारीकियां को प्रस्तुत किया। मोटिवेशनल और पॉजिटिव स्पीकर बृजेश दुबे ने एड्स संक्रमण से होने वाली भ्रांतियां को दूर कर इस संबंध में सकारात्मक उद्बोधन दिया। कार्यक्रम कार्यक्रम के अंत में आरसी कोऑर्डिनेटर डॉ यशोदा सैनी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

    भारतीय कम्पनी सचिव संस्थान अजमेर चैप्टर ने “आरोहन – उदय, सुधार और नेतृत्व” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया

    इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के एनआईआरसी के अजमेर चैप्टर ने सोमवार, 20 अप्रैल, 2026 को अजमेर के होटल रॉयल मेलेंज में “आरोहन – उदय, सुधार और नेतृत्व” विषय पर सफलतापूर्वक सेमिनार का आयोजन किया। संस्थान के सचिव प्रिंस शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता अजमेर चैप्टर के अध्यक्ष सीएस सुनील कुमार शर्मा ने की l अजमेर चैप्टर के अध्यक्ष सीएस सुनील कुमार शर्मा ने सभी अतिथ्यों का गरमजोशी से स्वागत किया l इस कार्यक्रम में आईसीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएस पवन जी चांडक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अजमेर दौरे के दौरान उन्होंने पूर्व अध्यक्षों, समिति सदस्यों और पेशेवरों से बातचीत की और अजमेर चैप्टर का दौरा भी किया। अपने संबोधन में सीएस चांडक ने आईसीएसआई के भविष्य के रोडमैप पर अंतर्दृष्टिपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी के एकीकरण और आगामी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेष जोर दिया गया। उन्होंने सदस्यों को बदलते पेशेवर परिदृश्य में प्रासंगिक बने रहने के लिए अपने ज्ञान को निरंतर अद्यतन करने और तकनीकी प्रगति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। सेमिनार में केंद्रीय परिषद सदस्य सीएस मनोज पुरबे और एनआईआरसी के सचिव सीएस राहुल शर्मा की उपस्थिति से शोभा बढ़ी, जिन्होंने प्रतिभागियों के साथ अपने बहुमूल्य विचार और मार्गदर्शन साझा किए। कार्यक्रम का संचालन अजमेर चैप्टर के अध्यक्ष सीएस सुनील कुमार शर्मा और अजमेर चैप्टर के सचिव सीएस प्रिंस शर्मा के नेतृत्व में प्रबंध समिति के सदस्यों के सक्रिय सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अध्यक्ष के साथ संवादात्मक सत्र था, जहां सदस्यों और छात्रों को सीधे बातचीत करने और जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। तकनीकी सत्र कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सीएस अमृता ओझा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने "अनुपालन से परे: अंतर्दृष्टि, प्रभाव और परिणाम के साथ नेतृत्व" विषय पर बात की और कंपनी सचिवों की पारंपरिक अनुपालन कार्यों से परे विकसित हो रही भूमिका पर बहुमूल्य दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। सेमिनार में वरिष्ठ सदस्यों, पेशेवरों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का सफल समापन हुआ और इसने ज्ञान साझा करने, पेशेवर विकास और नेटवर्किंग के लिए एक मंच प्रदान किया। कार्यक्रम में अजमेर चैप्टर से कमेटी सदस्य के साथ सहित अन्य सदस्य एवं छात्र उपस्थित रहें।