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    प्रो. जनक सिंह मीना राजस्थान अम्बेडकर अवार्ड से सम्मानित

    आनन्दश्री चेतना केन्द्र उदयपुरवाटी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जन्म जयन्ती के अवसर पर एक राष्ट्रीय विचार गोष्ठी का आयोजन स्वामी लोकेश्वरानन्द महाराज के सानिध्य में किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलगुरू प्रो. गोविन्द शुक्ला, अध्यक्षता अटल बिहारी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल के कुलगुरू प्रो.मोहनलाल छीपा, मुख्यवक्ता गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय वडोदरा के प्रोफेसर डॉ. जनक सिंह मीना एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रीति जोशी एवं बिजेन्द्र सिंह इन्द्रपुरा रहे । कार्यक्रम का शुभारम्भ बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया । इस अवसर पर प्रो. जनक सिंह ने अपना उदबोधन में डॉ. भीमराव अम्बेडकर का सामाजिक समरसता की स्थापना में योगदान विषय पर देते हुए कहा कि भारत एक बहुस्तरीयए बहुजातीयए बहुधार्मिक और बहुभाषिक समाज है । ऐसी विविधता में सामाजिक समरसता केवल एक नैतिक आदर्श नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता है । भारतीय समाज में जाति आधारित विभाजन, अस्पृश्यता, सामाजिक बहिष्कार और असमानता जैसी समस्याएँ रही हैं, जिन्होंने समरसता को कमजोर किया । डॉ. अंबेडकर का सामाजिक चिंतन पारंपरिक सुधारवाद से अलग था। वे केवल सुधार नहींए बल्कि संपूर्ण सामाजिक पुनर्निर्माण के पक्षधर थे । बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने अपने भाषण में कहा था कि - भारत शताब्दियों के बाद स्वाधीन हुआ है। अब इस स्वराज की रक्षा हमारा प्रथम कर्तव्य है। अपने समाज में किसी प्रकार की फूट पुनः हमसे स्वराज छीन लेगी। शताब्दियों ही गुलामी के परिणामस्वरूप हममें कुछ विकृतियां, ऊंच-नीच भेद,आर्थिक विषमता,पिछडापन, जातिवाद आदि उत्पन्न हुए होंगे। परन्तु इसे अपना हथियार बनाकर कोई विदेशी हमारे स्वत्वों का अपहरण करना चाहेंगे तो हम उसे सहन नहीं करेंगे। हम उनकी यह आकांक्षा मिट्टी में मिला देंगें। डॉ. बी.आर.अम्बेडकर ने संविधान के माध्यम से सामाजिक समरसता को संस्थागत रूप दिया । डॉ. बी.आर.अम्बेडकर ने सामाजिक समरसता को केवल एक आदर्श नहींए बल्कि एक संघर्ष, चेतना और संस्थागत निर्माण की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया। अंबेडकर का दर्शन आज भी एक न्यायपूर्णए समावेशी और समरस समाज के निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। इस अवसर पर प्रो. जनक सिंह मीना को राजस्थान अम्बेडकर अवार्ड से सम्मानित किया गया ।

    “द बिग ब्रेन बैटल” शीर्षक पर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के करियर गाईडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेंटर द्वारा इमार्टिक्स लर्निंग, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सहयोग से दिनांक 16 अप्रैल 2026 को “द बिग ब्रेन बैटल” शीर्षक पर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “क्या डिजिटल उपकरण आज की शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग होने चाहिए?” रहा। इस प्रतियोगिता में सभी संकायों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं पक्ष-विपक्ष में अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। चर्चा के दौरान डिजिटल उपकरणों की शिक्षा में उपयोगिता, पहुंच एवं नवाचार को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया, साथ ही इन पर अत्यधिक निर्भरता तथा पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों के कमजोर पड़ने जैसी चिंताओं को भी उजागर किया गया। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ. टीना सिंह और डॉ स्वाति सुल्तानिया रहीं, जिन्होंने प्रतिभागियों का विभिन्न मापदंडों पर मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में विजेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस वाद-विवाद प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्रा प्रिया मीणा प्रथम, जयश्री शर्मा द्वितीय एवं मुस्कान भगतानी तृतीय स्थान पर रहीं। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई दी तथा उन्हें भविष्य में भी ऐसे बौद्धिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में इमार्टिकस लर्निंग द्वारा चयनित महाविद्यालय परिसर के ब्रांड एम्बेसडरों को ऑफर लेटर एवं पहचान पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में डॉ आकांक्षा गंडा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। यह प्रतियोगिता छात्राओं के लिए संवाद कौशल, आलोचनात्मक चिंतन एवं आत्मविश्वास के विकास का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध हुई। प्रतिभागियों ने पूरे सत्र के दौरान गहन अध्ययन, सशक्त तर्क एवं प्रभावी प्रस्तुति कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में लगभग 40 छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और सभी के लिए यह वाद विवाद प्रतियोगिता एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव सिद्ध हुई।

    प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा संचालित दो प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों ‘‘इंस्ट्रुमेंटल टेक्नीक्स फॉर केमिकल एनालिसिस तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एंड क्लाइमेट चेंज’’ के सफल समापन उपरांत दिनांक 16 अप्रैल, 2026 को प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं को प्रमाणपत्र के साथ पुरस्कार भी प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल एवं उप-प्राचार्य डॉ. रंजना अग्रवाल (अकादमिक) की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्राचार्य ने अपने संबोधन में कौशल आधारित शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। रसायन विज्ञान विभाग द्वारा संचालित इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण एवं व्यावहारिक ज्ञान से समृद्ध करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों की संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. निधि गुप्ता के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    बियानी कॉलेज में डेटा साइंस पर 12 दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप सम्पन्न

    जयपुर। विद्याधर नगर स्थित बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा बीसीए छात्रों के लिए ‘डेटा साइंस टेक्नोलॉजी’ विषय पर 12 दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को डेटा साइंस के तेजी से विकसित होते क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव और उद्योग से जुड़ा ज्ञान प्रदान करना रहा। वर्कशॉप के सत्रों का संचालन एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी के अनुभवी डेटा साइंटिस्ट एवं ट्रेनर राहुल सैन द्वारा किया गया। उन्होंने वर्तमान उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी साझा की, जिससे छात्रों को वास्तविक कार्यक्षेत्र की समझ विकसित हुई। संस्थान के निदेशक डॉ. संजय बियानी ने अपने संबोधन में अकादमिक शिक्षा और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री की अपेक्षाओं को पूरी करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि उनके मार्गदर्शन में कंप्यूटर साइंस विभाग प्रत्येक सेमेस्टर में इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन करता है, ताकि छात्र आईटी इंडस्ट्री के लिए पूरी तरह तैयार और प्रतिस्पर्धी बन सकें। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने पायथन प्रोग्रामिंग के माध्यम से डेटा साइंस की प्रमुख अवधारणाओं को प्रायोगिक रूप से समझा। इन सत्रों ने छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में लागू करने का आत्मविश्वास प्रदान किया। कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी छात्रों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे, जो उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भविष्य के करियर अवसरों में भी सहायक होंगे। समापन समारोह में सहायक निदेशक सीए अभिषेक बियानी एवं कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष सचिन बागोरिया ने प्रशिक्षक राहुल सैन को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।

    सामुदाय आधारित पुनर्वास (CBR) कार्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान केवल दिव्यांगता से संबंधित ही नहीं

     6 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 तक विशेष शिक्षा विभाग द्वारा सामुदाय आधारित पुनर्वास (CBR - Community Based Rehabilitation) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन अधिष्ठाता डॉ. वंदना सिंह ठाकुर के निर्देशन में किया गया। आज दिनांक 11 अप्रैल को डॉ. वंदना सिंह ठाकुर ने वाटिका गांव का भ्रमण कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि सामुदाय आधारित पुनर्वास (CBR) कार्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान केवल दिव्यांगता से संबंधित ही नहीं, बल्कि अनेक सामाजिक एवं बुनियादी समस्याएं भी सामने आती हैं। इनमें स्वच्छता एवं पेयजल की कमी, बच्चों का विद्यालय न जाना, आधार कार्ड बनवाने में कठिनाई तथा दिव्यांगजनों के विकलांगता प्रमाण पत्र न बन पाना जैसी प्रमुख समस्याएं शामिल हैं।  उन्होंने विद्यार्थियों को इन चुनौतियों के प्रति संवेदनशील रहते हुए समग्र एवं समाधानात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को तितारिया, टूंटोली, कुम्हारियावास एवं वाटिका क्षेत्रों में भेजा गया, जहाँ उन्होंने समुदाय के साथ संवाद स्थापित कर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्थिति एवं आवश्यकताओं का अध्ययन किया।  इस दौरान कुल 55 विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांगजन चिन्हित किए गए, जिनमें तितारिया से 21, टूंटोली से 4, कुम्हारियावास से 6 एवं वाटिका से 24 दिव्यांगजन शामिल हैं। क्षेत्रवार समन्वयक के रूप में तितारिया में हसनदीन खान, कुम्हारियावास में राघवेंद्र यादव, टूंटोली में मनीष कुमार मीणा तथा वाटिका में भावना रावत ने अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इनके अतिरिक्त धीरज कुमार नगर, श्रीमती सीमा चौधरी एवं गीता रानी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि CBR कार्यक्रम शिक्षा और समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है। इससे विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता एवं व्यावहारिक समझ का विकास होता है। रजिस्ट्रार डॉ. अनूप शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। यह न केवल जागरूकता फैलाते हैं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी सहायक होते हैं। प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि सामुदाय आधारित पुनर्वास (CBR) समाज में समावेशिता को सशक्त करने का एक प्रभावी माध्यम है। यह पहल विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराणा ने कहा कि CBR के माध्यम से हम समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाकर समावेशी विकास को सुनिश्चित कर सकते हैं। यह पहल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के अधिकारों को मजबूत करती है। चेयरपर्सन डॉ. प्रेम सुराणा ने कहा कि सामुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रम समाज को जोड़ने और समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इसमें सभी की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

    रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वार्षिक महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न

    रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वार्षिक महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न  रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वार्षिक महोत्सव का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी जयपुर की प्रेसिडेंट,डॉ रश्मि जैन तथा विष्णु सिंघल, गवर्नमेंट फार्मासिस्ट (सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में समर्पण भाव से कार्य करते हुए समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।  संस्थान के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना एवं वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है तथा विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। प्रिंसिपल डॉ. ताराचंद तथा अन्य स्टाफ सदस्यों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्लेसमेंट के क्षेत्र में की जा रही मेहनत की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्किट, नृत्य एवं गायन जैसी आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा और तालियों की गूंज से उनका उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उनके आत्मविश्वास, मनोबल और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध हुआ।

    खण्डेलवाल वैश्य धाम (खण्डेला-धाम) जागरण भारत यात्रा आपके द्वार का तीसरे चरण का आगाज

    खण्डेलवाल वैश्य समाज के उद्गम स्थल ग्राम खण्डेला,जिला- सीकर (राज.) में बने खण्डेलवाल वैश्य समाज के तीर्थस्थान "खण्डेलवाल वैश्य धाम" (खण्डेला-धाम) के प्रति समाज में जागृति हेतु "खण्डेलवाल वैश्य धाम जागरण भारत रथ यात्रा बुधवार,15 अप्रैल, 2026 को दोपहर 12:15 बजे गणेश मंदिर,खण्डेला धाम,खण्डेला से संस्थापक एवं आजीवन मैनेजिंग ट्रस्टी - पुरुषोत्तम गुप्ता, अध्यक्ष - आर सी गुप्ता (झालाणी) एवं महामंत्री - रमेशचन्द्र खण्डेलवाल, जोधपुर के नेतृत्व में प्रारंभ होकर सम्पूर्ण देश के लिए तीसरे चरण का आगाज हुआ! इस यात्रा को लेकर अखिल भारत वर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी तथा चोमु की अशोक विहार कॉलोनी के निवासी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने खुशी व्यक्त करते हुए एक सराहनीय कदम बताया एवं फोन पर गैंगटोक से खण्डेला धाम के संस्थापक एवं आजीवन मैनेजिंग ट्रस्टी - पुरुषोत्तम गुप्ता, अध्यक्ष - आर सी गुप्ता (झालाणी) एवं महामंत्री - रमेशचन्द्र खण्डेलवाल, जोधपुर को शुभ कामना, भदाई एवं साधुवाद दिया! साथ ही इस जागरण भारत यात्रा को समाज के विकास मे भी महत्व पूर्ण भागीदारी निभाने मे सहायक बताया!   इसी क्रम मे यह यात्रा 16 अप्रल को चोमू खंडेलवाल धर्म शाला पहुँची! धर्म शाला मे खंडेलवाल समाज चोमू के अध्यक्ष मुकेश खुटेटा, उपाध्यक्ष गोविन्द झालानी, मंत्री वीरेंद्र खंडेलवाल, संयुक्त मंत्री रमेश डगायच, कोषाध्यक्ष नवीन कासलीवाल, संरक्षक अमरचंद रावत, ओमप्रकाश कासलीवाल, मूलचंद दुसाद, कैलाश सेठी, महेंद्र तंबोलिया, चोमू खंडेलवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष जुगल डगायच, समाज के पुरषोत्तम झलानी, राकेश सेठी, राकेश झलानी, कैलाश झलानी, मनोज मेठी, अशोक सेठी, गजानंद मेठी, सुरेश ताम्बी, रणछोर मोदी, विनोद झलानी,  वीरेंद्र सकुनिय रामबाबू रावत, कैलाश खुटेटा एवं समाज बंधुओ ने एवं समाज की अनेक महिलाओ ने यात्रा का भव्य स्वागत किया! इस यात्रा के द्वारा समाज के तीर्थस्थान एवं कुलदेवी माता के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। यात्रा रथ में विराजमान समाज के 72 गौत्रों की सभी 37 कुलदेवी माताओं, भगवान गणेश, शिवजी, हनुमानजी, कालभैरव, गंगा माता, सरस्वती माता, समाज के संत सुंदरदास जी एवं बलरामदास जी महाराज की आरती की गई एवं भोग लगाया गया। यात्रा के पहले एवं दूसरे चरण मे गुजरात, महारास्ट्र एवं राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर, अजमेर, किशनगढ़, बालोतरा, सिरोही एवं पाली जिलों सहित अनेक नगर तक पहुँच चुकी है!

    रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर में विद्यार्थी सम्मान समारोह "प्रोत्साहन" का आयोजन

    जयपुर. रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर के विद्यार्थियों ने सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया ,। विद्यार्थियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों ने विद्यालय में हर्ष और उत्साह का वातावरण बना दिया । इस अवसर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों को "प्रोत्साहन" नामक समारोह के रूप में निर्मला ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ रावत एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन बी एस रावत द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। विद्यालय की छात्रा संजना मीना ने 97.4% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं यश अग्रवाल ने 96.6% तथा पीयूष शर्मा ने 96.4% अंक प्राप्त कर विद्यालय की टॉप रैंक में अपना स्थान सुनिश्चित किया। विशेष गौरव की बात यह रही कि 50 से अधिक विद्यार्थियों ने 85% से अधिक अंक प्राप्त कर शानदार सफलता अर्जित की, जो विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के समर्पण का प्रमाण है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों एवम उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। रावत एजुकेशनल ग्रुप के निदेशक नरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि “यह सफलता विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के अथक परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।” विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मैत्रेयी शुक्ला एवम एकेडमिक हेड राजेश कंथारिया ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभाशीष देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग की भी सराहना की।

    संविधान की गूँज और मशालों की रोशनी से जगमगाया राजस्थान विश्वविद्यालय

     ABVP ने बाबा साहेब को दी भव्य भावांजलि "हम भारत के लोग..." जब सैकड़ों कंठों से निकला संविधान की प्रस्तावना का यह सामूहिक स्वर राजस्थान विश्वविद्यालय की फिजाओं में गूँजा, तो हर चेहरा गर्व और संकल्प से दीप्त हो उठा। अवसर था अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) राजस्थान विश्वविधालय इकाई द्वारा डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल 'मशाल रैली' का प्रस्तावना से हुआ शंखनाद: रैली का विधिवत शुभारंभ विधि कॉलेज के प्रांगण में हुआ, जहाँ उपस्थित विद्यार्थियों ने बाबा साहेब के प्रतिमा पर के समक्ष माल्यार्पण कर किया और पूर्ण निष्ठा के साथ भारतीय संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। इस पावन शुरुआत के साथ ही पूरा परिसर 'जय भीम' और 'वंदे मातरम' के नारों से एकाकार हो गया। अंधकार को चीरती मशालों का कारवां: शाम ढलते ही जैसे ही सैकड़ों मशालें एक साथ जलीं, दृश्य अत्यंत विहंगम हो गया। 'ज्ञान, सम्मान और अधिकारों की रोशनी' का संदेश लेकर यह कारवां विधि कॉलेज से निकलकर विश्वविद्यालय के मुख्य मार्गों से होते हुए अम्बेडकर लाइब्रेरी पहुँचा। हाथों में मशालें थामे युवा विद्यार्थियों का उत्साह यह बता रहा था कि बाबा साहेब के विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक हैं। वैचारिक क्रांति का आह्वान: इस अवसर पर अखिल भारतीय राज्य विश्वविधालय संयोजक भारत भूषण यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, "बाबा साहेब ने जिस समतामूलक समाज का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी हम युवाओं की है। शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वो दहाड़ेगा—इसी मंत्र को आत्मसात कर हमें राष्ट्र निर्माण में जुटना है।" इकाई अध्यक्ष अभिषेक मीणा कहा कि कि संविधान केवल अधिकारों की बात नहीं करता, बल्कि हमें हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। अम्बेडकर लाइब्रेरी पर ऐतिहासिक रैली का समापन अम्बेडकर लाइब्रेरी पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। यहाँ सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने तथा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने का संकल्प लिया इस मसाल रैली में इकाई मंत्री मीनाक्षी गोड,राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विष्णु कुमार मीणा, इकाई उपाध्यक्ष विशाल उज्जैननिया,विपुल भदौरिया, कुनाल सारासर,रिषभ देव, पल्लव तिवारी , महानगर मंत्री केशव पारीक सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे

    “कॉरपोरेट्स एवं स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय प्रबंधन कौशल” विषय पर एक व्याख्यान का सफल आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में बुधवार को आर्थिक प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन (ई.ए.एफ.एम.) विभाग द्वारा संस्थान के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के सहयोग से “कॉरपोरेट्स एवं स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय प्रबंधन कौशल” विषय पर एक व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महाविद्यालय की पूर्व छात्रा सुश्री सुरभि सिंघल रहीं, जो एक डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ एवं डीब्रांडकैंप की संस्थापक हैं। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर छात्राओं को वित्तीय प्रबंधन के व्यावहारिक एवं समकालीन पहलुओं से अवगत कराया। अपने व्याख्यान में सुश्री सिंघल ने ईयूएसपैनप मॉडल को विस्तार से समझाते हुए बताया कि ई का आशय एक्सेल से है, यू का अर्थ व्यावसायिक समझ, एस का अर्थ वित्तीय विवरण, पी का आशय वित्तीय विवरण प्रस्तुतीकरण, ए का अर्थ वित्तीय विश्लेषण, एन का अर्थ वित्तीय मॉडलिंग अथवा व्यवसाय मॉडलिंग तथा पी का आशय वित्तीय प्रवीणता से है। इस मॉडल के माध्यम से उन्होंने छात्राओं को आधुनिक व्यावसायिक परिवेश में आवश्यक वित्तीय दक्षताओं की स्पष्ट समझ प्रदान की। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने व्याख्यान की सराहना करते हुए छात्राओं को इसी प्रकार मेहनत करके आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया। आयोजित व्याख्यान के माध्यम से छात्राओं में व्यावहारिक वित्तीय जागरूकता, वास्तविक व्यावसायिक समझ, उद्यमशीलता की सोच तथा जोखिम मूल्यांकन क्षमता का विकास हुआ। डॉ. रागिनी शर्मा, विभागाध्यक्ष, आर्थिक प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन (ई.ए.एफ.एम.) विभाग के नेतृत्व में इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 57 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं इसे अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को कॉरपोरेट एवं स्टार्टअप क्षेत्र के लिए आवश्यक वित्तीय कौशल से सशक्त बनाना था, जिसमें महाविद्यालय पूर्णतः सफल रहा।

    अंबेडकर जयंती पर संविधान की चुनौतियों पर मंथन, युवाओं को जागरूक रहने का दिया संदेश

    जयपुर। राजीव गांधी स्टडी सर्कल, भारत सेवा संस्थान एवं बियानी लॉ कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “वर्तमान में संविधान व संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष चुनौतियां एवं संभावनाएं” रहा।  कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथि स्वागत के साथ हुई। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज के प्रोफेसर एवं मुख्य वक्ता प्रो. रतनलाल, विशिष्ट अतिथि जी.एस. बाफना (पूर्व महामंत्री, भारत सेवा संस्थान), पूर्व अध्यक्ष राजस्थान लोक सेवा आयोग बी.एम. शर्मा तथा सह-समन्वयक, राजीव गांधी स्टडी सर्कल के डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल उपस्थित रहे। इसके साथ ही बियानी कॉलेज के चेयरमेन डॉ. राजीव बियानी, निदेशक डॉ. संजय बियानी सहित कई गणमान्य सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वागत भाषण के दौरान विशिष्ट अतिथि जी.एस. बाफना (पूर्व महामंत्री, भारत सेवा संस्थान) ने संविधान के मूल्यों को समाज में स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने अनुच्छेद 14 और 19 का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीमाएं देखने को मिल रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने के लिए संस्थाओं का मजबूत और निष्पक्ष होना जरूरी है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, राज्यों के अधिकार, और सार्वजनिक सेवकों की भूमिका पर चिंता जताई तथा कहा कि शिक्षा का अधिकार होने के बावजूद इसकी पूर्ण प्राप्ति के लिए संघर्ष जारी है। अंत में उन्होंने अहिंसा के माध्यम से बदलाव लाने की बात कही। वहीं हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में मुख्य वक्ता प्रो. रतनलाल ने संविधान के सामने वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर विचारों में जीवित हैं, केवल मूर्तियों में नहीं, और  उन्होंने बताया कि संविधान के लिए सबसे बड़ी चुनौती तब पैदा होती है जब कानून और प्रशासन दोनों स्तरों पर समानता लागू नहीं होती।  साथ ही, उन्होंने कुछ संगठनों, विचारधाराओं, निजीकरण और कॉरपोरेट प्रभाव को भी संवैधानिक मूल्यों के लिए चुनौती बताया। अंत में उन्होंने जोर दिया कि संविधान के प्रभावी संचालन के लिए उसके सिद्धांतों को ईमानदारी से लागू करना आवश्यक है।  इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने उद्बोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि संविधान उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण और समानता के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि संविधान में सभी प्रावधान निर्धारित हैं, लेकिन वर्तमान समय में उसके सामने कई गंभीर चुनौतियाँ खड़ी हैं और देश में तानाशाही जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने थे, तब रोजगार के अवसर बढ़ने की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने डॉलर और रुपये के अंतर को कम करने के वादों का भी उल्लेख किया, जो अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। टीकाराम जूली ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे कथनी और करनी के अंतर को समझें। उन्होंने कहा कि आज समाज में मेहनत और विकास के साथ-साथ जाति और धर्म की राजनीति भी हावी हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारा देश आज भी एकजुट है तो उसका मुख्य कारण हमारा संविधान है। इसलिए वर्तमान समय में संविधान की रक्षा करना और उसके सिद्धांतों का पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। अध्यक्षीय उद्बोधन पूर्व अध्यक्ष, राजस्थान लोक सेवा आयोग बी.एम. शर्मा ने दिया, जिसमें उन्होंने युवाओं को संविधान के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी।साथ ही यह भी कहा कि जब सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र मजबूत होगा, तभी राजनीतिक लोकतंत्र स्वतः सुदृढ़ होगा। अंत में उन्होंने कहा कि संविधान की सफलता उसे लागू करने वालों पर निर्भर करती है। अंत में धन्यवाद ज्ञापन सह-समन्वयक, राजीव गांधी स्टडी सर्कल, राजस्थान, डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल द्वारा किया गया, जिसमें उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोनम वांगचुक का उदाहरण देते हुए कहा कि विरोध करने पर कई बार लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज ऐसी स्थिति बन रही है, जहाँ न्यायपालिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अंत में सभी से अपील की कि देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह संविधान की रक्षा करे और उसे मजबूत बनाए। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।