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    फ्रॉम डेटा टू डिस्कवरीः रिसर्च एंड इनोवेशन इन एक्चुरियल साइंस” विषय पर ऑनलाइन सत्र का आयोजन

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल के तत्वावधान में सांख्यिकी विभाग द्वारा में दिनांक 1 अक्टूबर 2026 को “फ्रॉम डेटा टू डिस्कवरीः रिसर्च एंड इनोवेशन इन एक्चुरियल साइंस” विषय पर ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए, सीपीए अंकित पटवारी, संस्थापक, बालाजी एजुकेटर रहे। उन्होंने छात्राओं को एक्चुरियल साइंस के क्षेत्र में डेटा, सांख्यिकीय मॉडलिंग, जोखिम विश्लेषण, अनुसंधान एवं नवाचार के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों एवं केस स्टडी के माध्यम से बताया कि किस प्रकार डेटा का विश्लेषण कर उपयोगी निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं और उन्हें व्यावहारिक निर्णयों में उपयोग किया जा सकता है। सत्र के दौरान उन्होंने एक्चुरियल साइंस में उपलब्ध करियर के अवसरों और विभिन्न करियर पाथ पर भी प्रकाश डाला तथा इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल के बारे में जानकारी प्रदान की। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को इस प्रकार की गतिविधियों में भाग लेने के लिये प्रेरित किया। यह सत्र छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा तथा उन्हें सांख्यिकी के व्यावहारिक उपयोग, डेटा-आधारित अनुसंधान और एक्चुरियल साइंस में उभरते करियर अवसरों को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में 56 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वक्ता से एक्चुरियल साइंस, अनुसंधान, व्यावसायिक संभावनाओं तथा करियर से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।  

    वार्षिक उत्सव ‘दक्ष 2026’ का आज

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय के कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग एवं नारिका इनक्यूबेेशन सेंटर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय (1 से 3 अक्टूबर, 2026) वार्षिक उत्सव ‘दक्ष 2026’ का आज दिनांक 1 अक्टूबर, 2026 को ‘अर्थ, पीपुल, फ्यूचर टूगेदर फॉर ए सस्टैबल टूॅमारो’ थीम के साथ शुभारंभ हुआ। यह आयोजन महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया।  महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने स्वागत संबोधन करते हुए सभी का स्वागत किया। विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में पृथ्वी, प्रकृति और समाज के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रो. शुभा दुबे विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि ने विषय की महत्ता एवं वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं के लिए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विषय के प्रति जागरूकता, व्यावहारिक समझ एवं जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्राओं ने ‘जनरेशन गैप’ विषय पर नुक्कड़ नाटक द्वारा बदलती पीढ़ियों के बीच संवाद, सोच और समझ के अंतर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रथम सत्र में हैल्दी डाइट विषय के अंतर्गत टीम लोकल रेवेरंस के सदस्यों डॉ. वंदना गर्ग, डॉ. दीपिका शर्मा एवं डॉ. अर्पणा इंदौरिया ने छात्राओं को स्वस्थ एवं संतुलित आहार, पोषण संबंधी जागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने दैनिक जीवन में सही खान-पान को अपनाने तथा पोषण को लेकर जागरूक रहने का संदेश दिया। दूसरे सत्र में डॉ. ऋचा चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग द्वारा “मीट आरोही न्यूट्रीशियन प्रिवेशन एडं मेनेजमैंट ऑफ पीसीओएस विषय पर जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। सत्र में पीसीओएस की रोकथाम एवं प्रबंधन में पोषण और जीवनशैली की भूमिका पर प्रकाश डाला गया तथा छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाली “ फॉरएवर ग्रीन” नामक एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई। फिल्म के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य की आवश्यकता को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में ‘टेस्ट ऑफ ट्रेडिशन’ प्रतियोगिता भी रही। इसमें छात्राओं ने विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों को प्रस्तुत कर भारतीय खान-पान की समृद्ध परंपरा एवं क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता ने पारंपरिक व्यंजनों के संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी खाद्य संस्कृति से जोड़ने का सुंदर संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की छात्राओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। स्टॉल्स पर छात्राओं की रचनात्मकता, उद्यमिता एवं प्रबंधन कौशल देखने को मिला।    

    छात्राओं में आलोचनात्मक चिंतन एवं अनुसंधानपरक दृष्टिकोण विकसित करने की पहल

    कानोड़िया पी. जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सेंटर फॉर रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट द्वारा छात्राओं में आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, तार्किक क्षमता एवं अनुसंधानपरक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से “सोचें, जुड़ें और प्रश्न करें” शीर्षक से एक मस्तिष्क को सक्रिय करने वाली विशेष गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को परंपरागत सोच से आगे बढ़कर स्वतंत्र रूप से विचार करने, विभिन्न अवधारणाओं के बीच संबंध स्थापित करने तथा अपने आसपास की परिस्थितियों और समस्याओं के प्रति जिज्ञासु एवं विशेष विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना था। गतिविधि के दौरान छात्राओं को विभिन्न शब्द एवं विषय दिए गए, जिनके आधार पर उन्होंने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए। इस प्रक्रिया ने उन्हें किसी भी विषय को अनेक दृष्टिकोण से देखने और विचारों के बीच तार्किक संबंध स्थापित करने का अवसर प्रदान किया। इस गतिविधि में छात्राओं को अपने दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि दैनिक जीवन में देखी जाने वाली सामान्य परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण शोध-विषयों और अनुसंधान प्रश्नों का आधार बन सकती हैं। इस गतिविधि में लगभग 40 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया 

    महाविद्यालय में हुआ विभिन्न क्लब गतिविधियों का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के रचनात्मक लेखन क्लब (हिन्दी-अंग्रेजी) द्वारा छात्राओं में रचनात्मकता, लेखन-कौशल एवं साहित्यिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से द्विभाषी लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की मुख्य वक्ता एवं साहित्यकार डॉ. ज्योत्सना सक्सेना ने हिन्दी रचनात्मक लेखन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से छंद एवं दोहा लेखन की प्रक्रिया को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया। उन्होंने छात्राओं को छंद की संरचना, लय, मात्रा तथा दोहा लेखन की प्रमुख विशेषताओं से अवगत कराया और रचनात्मक लेखन के माध्यम से अपनी भावनाओं एवं विचारों को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. शीताभ शर्मा ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि लेखन हमारे दृष्टिकोण और विचारों को बदलने की क्षमता रखता है। डॉ. ऋषिता शर्मा ने अंग्रेजी लेखन को प्रभावी बनाने के लिए उपयोगी एवं व्यावहारिक इंग्लिश राइटिंग टिप्स साझा करने के साथ भाषा की स्पष्टता, शब्द चयन, तथा प्रभावी अभिव्यक्ति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में रचनात्मक लेखन से संबंधित विभिन्न पहलुओं को समझा। कार्यक्रम में रचनात्मक लेखन क्लब के सभी सदस्यों की उपस्थिति रही। डॉ. सुमन धनाका, डॉ. अपर्णा राठौड़ एवं डॉ. शिल्पा पारीक सहित क्लब के सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दामयंती सोढ़ा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने विशेषज्ञ वक्ताओं, महाविद्यालय प्रशासन, क्लब के सदस्यों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यशाला को रचनात्मक लेखन की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। वेलनेस क्लब द्वारा छात्राओं के स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से फ्यूल योर फ्यूचरः छात्र जीवन में पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली की शक्ति विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. मेधावी गौतम, सीनियर कंसल्टेंट डायटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट तथा क्लिनिकल न्यूट्रिशन एक्सपर्ट, रहीं। डॉ. मेधावी गौतम ने छात्राओं को दैनिक आहार में आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करने, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन लेने तथा अनियमित खान-पान से बचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, विटामिन एवं खनिजों के सेवन के साथ-साथ पर्याप्त जल, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्राओं ने मुख्य वक्ता से पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। डॉ. मेधावी गौतम ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें अपने दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्राओं के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनका शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में वेलनेस क्लब की संयोजिका डॉ. पालू जोशी, डॉ. मृणाली कांकर, डॉ. चेतना शर्मा एवं डॉ. रेणु शक्तावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में डॉ. पालू जोशी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में कुल 27 छात्राओं ने भाग लिया। फोटोग्राफी क्लब द्वारा ‘फोटोज टू मेमोरी ए क्रिएटिव एमएलबम मेकिंग वर्कशॉप’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को डिजिटल फोटोग्राफी फोटो संग्रह एवं रचनात्मक डिजिटल एल्बम निर्माण की आधुनिक तकनीक से परिचित कराना था । इस अवसर पर छात्राओं को एमएलबम सॉफ्टवेयर के माध्यम से तस्वीरों को व्यवस्थित, आकर्षक तथा रचनात्मक रूप से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कार्यशाला के मुख्य वक्ता श्री नमन सुराणा, मार्केटिंग हेड, एमएलबम-बिनट्री सॉफ्टवेयर, जयपुर ने एमएलबम सॉफ्टवेयर की विभिन्न विशेषताओं एवं व्यावहारिक उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फोटो चयन, एल्बम डिजाइन, तस्वीरों को व्यवस्थित करने, तथा डिजिटल माध्यम से यादों को सुरक्षित एवं सुंदर रूप से संजोने के तरीको का प्रदर्शन किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने डिजिटल एल्बम निर्माण की तकनीक को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बताया एवं कार्यक्रम की सराहना की। सभी क्लब के सदस्यों ने कार्यक्रम में उपस्थिति प्रकट कर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस कार्यशाला में 22 छात्राओं ने भाग लेकर डिजिटल एल्बम निर्माण की तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझा।

    ‘मूव बेटर। फील बेटर। लिव बेटर।’ के संदेश के साथ जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में मनाया गया फिजियो फेस्ट 2026

    स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक खुशहाली के रंग में रंगा विश्वविद्यालय परिसर, विद्यार्थियों ने उत्साह से लिया भाग जयपुर। जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य, फिटनेस और बेहतर जीवनशैली के संदेश को केंद्र में रखते हुए फिजियो फेस्ट 2026 का आयोजन किया गया। “मूव बेटर। फील बेटर। लिव बेटर।” थीम पर आयोजित इस उत्सव में विद्यार्थियों ने विभिन्न स्वास्थ्य, फिटनेस, जागरूकता और मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज के डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोथेरेपी द्वारा डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलॉजी, एम-पावर सेल, एनएसएस, एनसीसी और स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर में ऊर्जा, उत्साह और सहभागिता का माहौल बनाया। फिटनेस से मनोरंजन तक, विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह फिजियो फेस्ट के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें फिटनेस चुनौतियां, जुंबा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, फिटनेस अभ्यास तथा संगीत और नृत्य आधारित गतिविधियां प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित फिजियो मेला भी विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में 15 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, फिजियोथेरेपी और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी जानकारी के साथ मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियां भी शामिल थीं। स्वास्थ्य जांच और सही जीवनशैली पर रहा विशेष जोर ‘नरिश टू फ्लरिश’ स्टॉल के माध्यम से विद्यार्थियों को संतुलित खान-पान और पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। वहीं ‘आरोग्य 2.0’ के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं फिजियोथेरेपी शिविर आयोजित किया गया, जिसमें रक्तचाप जांच, बीएमआई जांच, सर्वाइकोजेनिक सिरदर्द की जांच और फिजियोथेरेपी परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। एर्गोनॉमिक स्टेशन में विद्यार्थियों को सही तरीके से बैठने, खड़े होने और काम करने के महत्व के बारे में बताया गया तथा गलत शारीरिक मुद्रा से होने वाली समस्याओं से बचाव के उपाय समझाए गए। वहीं ‘न्यूरोसंतुलन’ केंद्र पर आधुनिक तकनीक के माध्यम से शरीर की मुद्रा की जांच की गई। इसके अलावा एम-पावर सेल और डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलॉजी के स्टॉल के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और मनोवैज्ञानिक खुशहाली के प्रति भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। जेईसीआरसी हॉस्पिटल–इनफिनिट केयर से स्वास्थ्य शिक्षा को मिलेगा नया आयाम जेईसीआरसी विश्वविद्यालय की यात्रा में जेईसीआरसी हॉस्पिटल–इनफिनिट केयर की शुरुआत स्वास्थ्य शिक्षा और संस्थागत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य शिक्षा को केवल कक्षा, प्रयोगशाला और चिकित्सकीय प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक कल्याण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। फिजियो फेस्ट इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा, जहां विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य को केवल बीमारी के उपचार के रूप में नहीं, बल्कि बेहतर और संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा समझा। स्वास्थ्य को कैंपस संस्कृति का हिस्सा बनाना जरूरी : अर्पित अग्रवाल जेईसीआरसी विश्वविद्यालय के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने फिजियो फेस्ट की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की आदतों, मूल्यों और जीवनशैली को आकार देने वाली जगह भी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और फिटनेस को विद्यार्थियों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जेईसीआरसी हॉस्पिटल–इनफिनिट केयर के साथ विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य, शिक्षा, निवारक देखभाल, मानसिक एवं व्यवहारिक स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता को एक-दूसरे से जोड़ने की दिशा में नए अवसर तैयार हो रहे हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए भी प्रेरित करते हैं। डॉ. विशाल जैन, डीन एवं प्रोफेसर, स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने कहा कि फिजियो फेस्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को केवल पाठ्यक्रम के माध्यम से समझाना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव और दैनिक जीवन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में शारीरिक सक्रियता, सही शारीरिक मुद्रा, स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति समझ विकसित करते हैं। उन्होंने आयोजन में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के भावी पेशेवरों के लिए स्वयं स्वस्थ रहना और समाज को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।  

    मंडला आर्ट गैलरी में नवकृति का पांचवां संस्करण शुरू - उभरते कलाकारों की रचनात्मकता का उत्सव

    जयपुर, विद्याधर नगर। मंडला आर्ट गैलरी, स्टूडियो और एकेडमी की संस्थापक वसुधा शर्मा द्वारा आयोजित वार्षिक कला प्रदर्शनी 'नवकृति - 5th एडिशन' का भव्य शुभारंभ 2 अक्टूबर को होने जा रहा है। यह प्रदर्शनी 2, 3 और 4 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक मंडला आर्ट गैलरी, विद्याधर नगर में आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी। तीन दिवसीय इस कला उत्सव का उद्देश्य उभरते हुए युवा कलाकारों को एक मंच प्रदान करना है। इस वर्ष प्रदर्शनी का विषय है - Art • Emerging Voices • Creative Expression तीन दिवसीय कार्यक्रम: • 2 अक्टूबर - उद्घाटन समारोह - दोपहर 12:15 बजे • 3 अक्टूबर - कविता सत्र (Poetry Session) - शाम 4 से 6 बजे • 4 अक्टूबर - जैमिंग सत्र (Jamming Session) - शाम 4 से 6 बजे गरिमामय अतिथि: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती स्नेह लता साबू (पार्षद, वार्ड 6, विद्याधर नगर, जयपुर), शिवानी कौशिक (डीन, जयपुर स्कूल ऑफ डिजाइन, JECRC यूनिवर्सिटी) और शिल्प गुरु गोपाल सैनी (संस्थापक, राम गोपाल ब्लू पॉटरी) उपस्थित रहेंगे। विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार रामू रामदेव और राजस्थान विश्वविद्यालय की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रीटा प्रताप (कलाविद) युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन करेंगे। इस बार के विशेष कलेक्शन्स - हर कलाकृति में एक संदेश: इस वर्ष नवकृति में युवा कलाकारों ने 8 विशेष थीम पर अपनी कल्पना को कैनवास पर उतारा है: 1. JAG KE NATH - JAGANNATH (कलाकार - सुरभि): कलमकारी आर्ट फॉर्म में एक्रेलिक ऑन शीट पर बनी यह कलेक्शन महाप्रभु जगन्नाथ की प्रेम, करुणा और समावेशिता को दर्शाती है। संदेश है - जगत का नाथ ही जगन्नाथ है। 2. BLOOM IN 3D (कलाकार - प्रिशा): क्ले और एक्रेलिक से बनी 3D फ्लोरल स्कल्पचर आर्ट। संदेश - हर बच्चा एक फूल की तरह अपने समय पर खिलता है। 3. SCULPTED SERENITY (कलाकार - अक्षिता): मॉडर्न एब्सट्रैक्ट 3D रिलीफ आर्ट जो मन की शांति और स्थिरता को दर्शाती है। 4. SHIVA & NANDI - THE ETERNAL BOND (कलाकार - गिरिशा): एक्रेलिक ऑन कैनवास पर भगवान शिव और नंदी के अटूट विश्वास और भक्ति के बंधन को दर्शाती कलाकृति। संदेश - जहाँ नंदी जैसी आस्था है, वहाँ शिव का वास है। 5. EYES OF THE WILD (कलाकार - प्रीति): पोस्टर कलर्स से बनी वाइल्डलाइफ पोस्टर आर्ट जो तेंदुए की सुनहरी आँखों के जरिए वन्यजीव संरक्षण का संदेश देती है। 6. THE GAME OF FATE (कलाकार - परी): पॉप आर्ट स्टाइल में ताश के पत्तों पर आधारित कलेक्शन जो बताती है - जिंदगी पोकर के खेल जैसी है, अपने पत्ते समझदारी से खेलो। 7. THE ETERNAL MESSAGE (कलाकार - आकार्षी): श्रीमद भगवद गीता के श्लोकों पर आधारित आध्यात्मिक कला। संदेश - कर्मण्येवाधिकारस्ते। 8. AADYA - SHE IS THE POWER (कलाकार - चार्वी): कालिघाट आर्ट में नवदुर्गा को हर नारी की 9 शक्तियों के रूप में दर्शाया गया है। संदेश - उसे पूजो मत, उसका सम्मान करो। वह सिर्फ देवी नहीं, शक्ति है। मंडला आर्ट एकेडमी की निदेशक वसुधा शर्मा ने बताया कि "नवकृति सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उन सभी रचनात्मक आत्माओं के लिए एक उत्सव है जो कला के जरिए अपनी बात कहना चाहते हैं।"

    विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया

    जयपुर। परमार्थम संस्था (रमेश शिक्षा फाउंडेशन) की ओर से महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, गांधी नगर, जयपुर में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। संस्था की टीम ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों को समय प्रबंधन के महत्व तथा मोबाइल और टेलीविजन के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों को जीवन में टालमटोल की आदत छोड़कर लगन और निरंतर प्रयास के गुण को अपनाने की सीख भी दी गई। कार्यक्रम से लगभग 400 विद्यार्थी लाभान्वित हुए, जिन्होंने समय का सदुपयोग करने तथा मोबाइल और टेलीविजन का नियंत्रित उपयोग करने का प्रण लिया। संस्था के संस्थापक अंकुश तांबी ने बताया कि आज के समय में बच्चों का अधिकांश समय मोबाइल और टेलीविजन की स्क्रीन पर व्यतीत हो रहा है, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी कम उम्र से ही समय का मूल्य समझ लें और अनुशासन के साथ निरंतर प्रयास करें, तो वे जीवन में हर लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत संस्था ने सरकारी विद्यालयों में विशेष जागरूकता सत्रों का दायित्व लिया है। इसी क्रम में संस्था अपने शिक्षा शाला कार्यक्रम के माध्यम से पूर्व में भी अत्यधिक शुगर सेवन सहित विभिन्न विषयों पर सैकड़ों बालक-बालिकाओं को जागरूक कर चुकी है।  

    इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर में मनाया हिंदी पखवाड़ा- 2026

    इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर कार्यालय द्वारा दिनांक 01.09.2026 से 30.09.2026 तक हिंदी पखवाड़ा मनाया गया, जिसके तहत अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। आयोजित की गई प्रतियोगिताओं में कार्यालय के सभी अधिकारी व कर्मचारियों ने भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरूस्कार भी दिये गये। दिनांक 01.10.2026 को हिन्दी पखवाड़ा समापन समारोह भी मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो॰ रेखा कुमारी, भारती भाषा विद्या शाखा, केन्द्रीय संस्कृत विष्वविद्यालय जयपुर को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने एक संक्षिप्त व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि भाषा का महत्व व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण होता है क्योंकि भाषा एक संपे्रशण का माध्यम होती है। उन्होंने कहा कि कार्यालय के राजकार्यों में टिप्पण्यिां, पत्र लेखन करते समय अधिक से अधिक हिन्दी भाषा का उपयोग करना चाहिए और इसके अलावा उन्होंने हिन्दी भाषा की महत्वत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि भारत के अधिकांश राज्यों में हिन्दी भाषा बोली व पढ़ी जाती है और रोजगार के क्षेत्र में भी हिन्दी भाषा का अत्यधिक महत्व है, यहां तक कि हिन्दी भाषा का चिकित्सा क्षेत्र में भी अध्ययन व अध्यापन में भी उपयोग किया जाने लगा है और बताया कि हिन्दी भाषा को हमें हमारा गौरव मानना चाहिए। स्कूल स्तर पर हिन्दी भाषा के गिरते स्तर पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज के बच्चे अंग्रेजी के प्रभाव से हिन्दी भाषा से विमुख हो गये है, जो एक चिंतनीय विषय है। इस अवसर पर इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डाॅ॰ ममता भाटिया ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बताया कि हमारे भारत देश की प्रमुख भाषा हिंदी है, जिसे सबसे अधिक बोला, पढ़ा व समझा जाता है। राजभाषा अधिकारी डाॅ॰ राममूर्ति मीना (सहायक क्षेत्रीय निदेशक) ने इस अवसर पर क्षेत्रीय केन्द्र में सभी अनुभागों में कार्यरत कर्मचारियों को अधिक से अधिक हिन्दी भाषा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया और आगे यह भी बताया कि संविधान के अनुच्छेद 343 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत हिंदी को देश की राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदण्डों के आधार पर पूरे वर्ष को राजभाषा के प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन की दृष्टि से कुल चार तिमाहियों (अप्रैल-जून, जुलाई-सितम्बर, अक्तूबर-दिसंबर, जनवरी-मार्च) में वर्गीकृत किया है। डाॅ॰ मीना ने यह भी बताया कि सभी अधिकारी व कर्मचारियों को अपना समस्त सरकारी कामकाज नियमानुसार हिंदी में करें और अन्त में उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों से राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए राजभाषा विभाग द्वारा जारी निर्धारित दिशा-निर्देशों और लक्ष्यों को प्राप्त करने के सम्बन्ध में चर्चा की। इस कार्यक्रम में इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अन्त में हिन्दी पखवाडे़ के तहत आयाजित प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कार व प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। समापन समारोह में डाॅ॰ पवन कुमार सहायक कुलसचिव ने मुख्य अतिथि व उपस्थित सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।  

    अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारीनी की 35 वे सत्र की चतुर्थ मीटिंग का आगाज 4 अक्टुबर को भरतपुर मे

    देश के विभिन्न प्रदेशों एवं शहरो से जुटेगे खंडेलवाल बंधु • मीटिंग मे होगा समाज के विकास के लिए विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श एवं लिए जाएगे महतवपूर्ण निर्णय अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा, गंगा मन्दिर, जयपुर की राष्ट्रीय कार्यकारीनी की 35 वे बनारस, उत्तर प्रदेश, महा अधिवेशन सत्र की द्वितीय रास्ट्रीय महासमिति व रास्ट्रीय कार्यकारीनी की चतुर्थ मीटिंग का आयोजन रविवार 4 अक्टुबर 2026 को होटल ज्वाला रीसोर्ट, नीयर सूर्या सिटी, नागल चाँदमारी, मुखिया ढाबा के पास, भरतपुर, राजस्थान, मे अयोजीत की जाएगी! मीटिंग का आयोजन आयोजन समिति खंडेलवाल युवा वेश्य समिति, जिला, भरतपुर, डीग की और से किया जा रहा है! अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूँगा वाले), महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कुमार कट्टा, महासभा के प्रधानमंत्री चंद्र प्रकाश खंडेलवाल, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल एडवोकेट मथुरा, कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारीलाल खंडेलवाल (डीग) जयपुर महासभा के कार्यालय मंत्री रामकिशोर खुटेटा, कोषाअध्यक्ष गंगाराम खंडेलवाल, महासभा के पूर्व प्रधानमंत्री राकेश रावत दिल्ली,पूर्व प्रधानमंत्री नरेश खंडेलवाल मंडी गोविंदगढ़, महासभा पत्रिका के मुख्य संपादक राम निरंजन खुटेटा भी मौजूद रहेगे! महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूँगा वाले) ने बताया कि मीटिंग मे समाज के विकास के लिए विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श कर महतवपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे! इसके साथ ही उन्होंने समाज बंधुओ से मीटिंग मे अधिक से अधिक संख्या मे भाग लेने का आहवान किया है! इस अवसर पर सभी को सिक्किम का ओरिजनल रुद्राकश भी वितरित किया जाएगा! अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया कि मीटिंग की आयोजन समिति मे सयुक्त मंत्री, खंडेलवाल वेश्य महासभा व जिला अध्यक्ष खंडेलवाल युवा वेश्य समिति, जिला भरतपुर-डीग, निखिल खंडेलवाल, विपुल तमोलिया, शिप्रा खंडेलवाल, खुशी खंडेलवाल, श्याम तमोलिया (कामां), जिलाध्यक्ष खंडेलवाल वैश्य महासमिति भरतपुर डीग, CA अंकुर खंडेलवाल भरतपुर, खेमराज मातूकी वाले कामां, मुनेश खंडेलवाल युवा अध्यक्ष सीकरी, लोकेश खंडेलवाल सीकरी, टोनू मातुकी वाले कामां जिला युवा कार्यकारी अध्यक्ष, दीपक तमोलिया कामां जिला महामंत्री शुभम खंडेलवाल युवा महामंत्री नदबई, जितेंद्र खंडेलवाल युवा अध्यक्ष नदबई, अमित खंडेलवाल युवा अध्यक्ष जुरहरा, पवन खंडेलवाल पहाड़ी, प्रेमचंद खंडेलवाल गोपालगढ़, संजय खंडेलवाल युवा अध्यक्ष डीग, मनोज खंडेलवाल युवा अध्यक्ष कुम्हेर, राजेश खंडेलवाल युवा अध्यक्ष जनूथर, वेद प्रकाश खंडेलवाल युवा अध्यक्ष नगर, मनोज सितारे वाले कुम्हेर, शंभू आकड़ महामंत्री खंडेलवाल वैश्य समाज कामां, महासभा मीटिंग को सफल बनाने के लिए समाज बंधुओ के साथ मिलकर कार्य कर रहे है! इनके साथ उनकी सारी युवा टीम इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्य कर रही है! मीटिंग मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, राजनंद गाव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, आजीवन सदस्य भाग लेंगे!  

    वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने हेतु विज्ञान प्रयोगों का प्रदर्शन

    जयपुर, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यापीठ द्वारा 30 सितंबर 2026 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारियावास में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान प्रयोगों के प्रदर्शन एवं विस्तार गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयी विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि, जिज्ञासा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा उन्हें प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना था। कार्यक्रम का आयोजन मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रजनी माथुर के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर भौतिक विज्ञान की सहायक आचार्य डॉ. चारु दुबे तथा रसायन विज्ञान की सहायक आचार्य मनीषा यादव ने विद्यार्थियों को विभिन्न सरल, रोचक एवं दैनिक जीवन से संबंधित विज्ञान प्रयोगों का प्रदर्शन किया। प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों रिहान अफरीन एवं यतेन्द्र मीणा ने भी विभिन्न प्रयोगों को अत्यंत रोचक एवं सरल तरीके से समझाते हुए विद्यालयी विद्यार्थियों को उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रयोगों को देखा, उनमें रुचि दिखाई तथा अपनी जिज्ञासाओं से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को “करके सीखने” का अवसर प्रदान किया। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय स्तर पर इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से इसे अधिक प्रभावी ढंग से समझा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और नई चीजें सीखने के प्रेरित किया। यूनिवर्सिटी के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विश्वविद्यालय एवं विद्यालयों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यालय द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विज्ञान प्रयोगों के प्रत्यक्ष प्रदर्शन से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने के साथ-साथ उनके व्यावहारिक उपयोग को जानने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की टीम का आभार व्यक्त किया गया। जिज्ञासा जगाएँ, युवा मस्तिष्कों को प्रेरित करें की भावना के साथ आयोजित यह गतिविधि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, तार्किक सोच एवं व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल रही।  

    कल्पना पब्लिक विद्यालय, टूटोली में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास हेतु कैरियर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    जयपुर.  विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के साथ उन्हें भविष्य में उपलब्ध विभिन्न कैरियर अवसरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ की ओर से बुधवार को कल्पना पब्लिक विद्यालय, टूटोली में विद्यार्थी विकास एवं कैरियर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता एवं योग्यता के अनुरूप कैरियर के विभिन्न विकल्पों की जानकारी देना तथा उन्हें उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराणा ने कहा कि- “जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सही दिशा और उचित मार्गदर्शन आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य को निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।” विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि- “जीवन में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छे मार्गदर्शन के साथ योजनाबद्ध तरीके से मेहनत करना जरूरी है।” विश्वविद्यालय के प्रो-प्रेसीडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) अंकित गांधी ने कहा कि- “विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करने के लिए उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय समय-समय पर ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को शिक्षा एवं कैरियर के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।” मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि- “वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि, प्रतिभा, कौशल एवं क्षमता को पहचानकर उसी के अनुरूप अपने कैरियर का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने समय का सदुपयोग करने, नियमित अध्ययन करने तथा निरंतर नई जानकारी और कौशल अर्जित करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।” इस अवसर पर कल्पना पब्लिक विद्यालय, टूटोली के प्रबंधक सुनील स्वामी ने विद्यार्थियों को कैरियर चयन के संबंध में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि कैरियर का चुनाव दूसरों की देखा-देखी करने के बजाय अपनी रुचि और क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। उन्होंने आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास को सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्रोफेसर खुशबू चौधरी ने विद्यालय की कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के मध्य कुछ शैक्षणिक क्विज एवं लघु प्रतियोगिताएँ भी करवाई गईं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सभी विद्यार्थियों को चॉकलेट और मैगी मसाला पैकेट वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में कल्पना पब्लिक विद्यालय के प्राचार्य राजेन्द्र कुमार की ओर से यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर से पधारे सभी स्टाफ़ सदस्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी रहा।  

    कृषि विद्यापीठ, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के विद्यार्थियों की सरस डेयरी जयपुर में शैक्षणिक भ्रमण

    जयपुर. यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर की कृषि विद्यापीठ ने बीएससी कृषि (ऑनर्स) के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने जयपुर स्थित सरस डेयरी प्लांट का एक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को दूध एकत्रित करने, गुणवत्ता जाँचने, प्रोसेसिंग, पाश्चराइजेशन, पैकेजिंग, स्टोरेज, वैल्यू एडिशन और डेयरी प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग के बारे में व्यवहारिक जानकारी देना था। छात्रों ने डेयरी प्रोसेसिंग से जुड़ी अलग-अलग प्रक्रियाओं को देखा और आधुनिक डेयरी टेक्नोलॉजी और क्वालिटी-कंट्रोल के तरीकों को समझने के लिए सरस डेयरी के टेक्निकल स्टाफ़ ने उपयोगी जानकारी दी। इस भ्रमण से छात्रों को अपनी कक्षाओं की जानकारी को व्यवहारिक कामों से जोड़ने में मदद मिली और डेयरी प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, वैल्यू एडिशन और एग्रीबिज़नेस के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त हुई। इस अवसर पर विश्विद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इंडस्ट्रियल एक्सपोज़र विज़िट से छात्रों को प्रैक्टिकल जानकारी मिलती है और इससे क्लासरूम की पढ़ाई और असल दुनिया में खेती और डेयरी सेक्टर के कामों के बीच का अंतर कम करने में मदद मिलती है। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने मॉडर्न डेयरी प्रोसेसिंग, क्वालिटी कंट्रोल, पैकेजिंग, मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन को समझने के महत्व पर ज़ोर दिया और छात्रों को इंडस्ट्री से जुड़ी स्किल्स और एंटरप्रेन्योर वाली सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. जीपी मीणा अधिष्ठाता, कृषि विद्यापीठ ने इस भ्रमण को सीखने का एक अहम अनुभव बताया और छात्रों को डेयरी प्रबंधन, दूध की प्रोसेसिंग, साफ़-सफ़ाई, क्वालिटी एश्योरेंस, वेस्ट मैनेजमेंट और सप्लाई-चेन ऑपरेशन्स को बारीकी से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। इस भ्रमण में सभी कृषि विद्यापीठ के सदस्यों ने भाग लिया और विद्यार्थियों को डेयरी के महत्वपूर्ण उपयोग की जानकारी दी।