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    वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

    जयपुर, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यापीठ द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के सहयोग से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बचत, निवेश, वित्तीय नियोजन तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार निवेश के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत आईक्यूएसी समन्वयक एवं मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यापीठ की अधिष्ठाता डॉ. रजनी माथुर के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने अतिथि एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए वित्तीय जागरूकता को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सही वित्तीय जानकारी युवाओं को भविष्य के लिए बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी एवं प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने भी अपने संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को वित्तीय अनुशासन, बचत की आदत तथा सोच-समझकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के प्रशिक्षक डॉ. गिरिश गोयल ने विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने निवेश के विभिन्न विकल्पों, जोखिम एवं प्रतिफल, वित्तीय नियोजन तथा निवेश करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रमाणित एवं विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने तथा अनधिकृत निवेश से बचने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनीषा यादव एवं जितेंद्र गोयल ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया तथा वित्तीय जागरूकता से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा तथा उन्हें अपने भविष्य के लिए जिम्मेदार वित्तीय निर्णय लेने हेतु प्रेरित किया।  

    जेईसीआरसी के तीन विद्यार्थियों का अंतरराष्ट्रीय डिजाइन सम्मेलन में चयन

    आईआईटी गुवाहाटी के इंडिस 2026 में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए अपने रिसर्च प्रोजेक्ट, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने की सराहना जयपुर। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के जयपुर स्कूल ऑफ डिजाइन (जेएसओडी) के कम्युनिकेशन डिजाइन प्रोग्राम के तीन विद्यार्थियों तनीषा टांक, उन्नति गुप्ता और ख्याति अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा और शोध कार्य से विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। तीनों विद्यार्थियों के डिजाइन रिसर्च प्रोजेक्ट्स का चयन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डिजाइन एंड इनोवेशन स्टडीज (इंडिस 2026) में प्रस्तुति के लिए किया गया। आईआईटी गुवाहाटी में मिला अंतरराष्ट्रीय मंच इंडिस 2026 का आयोजन आईआईटी गुवाहाटी द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के स्कॉलर्स, डिजाइन विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, इंडस्ट्री लीडर्स और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में डिजाइन, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, सोसाइटी और कल्चर के बीच बदलते संबंधों पर चर्चा की गई। साथ ही, भविष्य के लिए टिकाऊ, समावेशी और डिजिटल माध्यमों से जुड़े डिजाइन पर भी विचार साझा किए गए। कम्युनिकेशन डिजाइन और प्रोडक्ट डिजाइन में प्रस्तुत किया शोध विद्यार्थियों के रिसर्च प्रोजेक्ट्स का चयन कम्युनिकेशन डिजाइन तथा प्रोडक्ट एंड इंडस्ट्रियल डिजाइन ट्रैक के तहत किया गया। विद्यार्थियों ने देश-विदेश से आए शिक्षाविदों और इंडस्ट्री विशेषज्ञों के सामने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों को जयपुर स्कूल ऑफ डिजाइन के फैकल्टी सदस्य प्रांजीत सरमा और चेतन जैन का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। रिसर्च प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शनी में भी मिली जगह विद्यार्थियों के चयनित प्रोजेक्ट्स को सम्मेलन में एग्जीबिशन के लिए भी रखा गया। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर की जूरी द्वारा समीक्षा के बाद इन प्रोजेक्ट्स को इंडिस डिजाइन प्रोजेक्ट्स हैंडबुक में भी शामिल किया गया। यह विद्यार्थियों के शोध और रचनात्मक कार्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। असम के शिक्षा मंत्री भी रहे मौजूद इस सम्मेलन में असम के माननीय शिक्षा मंत्री डॉ. रानोज पेगू की भी उपस्थिति रही। उनकी मौजूदगी ने इस महत्वपूर्ण अकादमिक मंच की गरिमा को और बढ़ाया। एशिया डिजाइन वीक से जुड़ा रहा इंडिस 2026 इंडिस 2026 का एशिया डिजाइन वीक के साथ भी जुड़ाव रहा। इसके माध्यम से डिजाइन और क्रिएटिव इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को अपने विचार साझा करने, अलग-अलग संस्कृतियों को समझने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के नए अवसर प्राप्त हुए। विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम यह उपलब्धि जयपुर स्कूल ऑफ डिजाइन के विद्यार्थियों की रिसर्च क्षमता, क्रिएटिव सोच और अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़कर काम करने की क्षमता को दर्शाती है। साथ ही, यह जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में रिसर्च और नए विचारों को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी मजबूत करती है। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी परिवार की ओर से तनीषा टांक, उन्नति गुप्ता, ख्याति अग्रवाल, प्रांजीत सरमा और चेतन जैन को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी गई और भविष्य में भी इसी तरह की उपलब्धियों की उम्मीद जताई गई।  

    72वाँ राष्ट्रीय वन्य जीव सप्ताह (2 से 8 अक्टूबर 2026) तक मनाया

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय जयुपर के प्राणीशास्त्र विभाग के द्वारा 72वाँ राष्ट्रीय वन्य जीव सप्ताह (2 से 8 अक्टूबर 2026) तक मनाया गया। इसके अन्तर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें दिनांक 3 अक्टूबर को छात्राओं ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने वन्य जीव संबंधित ‘रील्स-मेकिंग प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। 7 अक्टूबर को महाविद्यालय में मीम-मेकिंग और स्कैच-मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य वन्यजीवों के जीवन और उनके पर्यावरण पर मानव संबंधित गतिविधियों के दुष्प्रभावों के कारण उत्पन्न मनोविचारों को रचनात्मक एवं व्यग्ंयात्मक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करना था। महाविद्यालय निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अ्रग्रवाल ने छात्राओं को वन्य जीव संरक्षण के लिए प्रेरित किया तथा अपने विचार व महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उप-प्राचार्य, छात्र गतिविधि, डॉ. मनीषा माथुर एवं डॉ. सारिका कौल, विभागाध्यक्ष चित्रकला विभाग प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में उपस्थित रहीं। साथ ही उप-प्राचार्य, अकादमिक डॉ. रंजना अग्रवाल ने छात्राओं को ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढकर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इन आयोजन में प्राणीशास्त्र विभाग की प्राध्यापिकाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में लगभग 70 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  

    वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत “कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर भूगोल विभाग द्वारा 8 अक्टूबर 2026 को वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत “कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में वन्यजीव संरक्षण, लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा, प्राकृतिक आवासों के संरक्षण तथा जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र एवं वन्यजीवों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत पोस्टर प्रस्तुतीकरण, पोस्टर निर्माण एवं फेस पेंटिंग जैसी रचनात्मक एवं जागरूकता-परक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, प्राकृतिक आवास एवं पर्यावरणीय चुनौतियों से संबंधित विषयों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों की विषयवस्तु, रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण एवं संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। फेस पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंजू सैनी (विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी), द्वितीय स्थान एंजेल शर्मा (यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज) तथा तृतीय स्थान लक्षिता दायमा (कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर) ने प्राप्त किया। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान येशा (कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर), द्वितीय स्थान मृदुला शर्मा (सेंट विल्फ्रेड्स पी.जी. कॉलेज) तथा तृतीय स्थान अनुष्का मीणा (पूर्णिमा विश्वविद्यालय) ने प्राप्त किया। अंतर-महाविद्यालय पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मुस्कान मुद्गल, द्वितीय स्थान कोमल महावर तथा तृतीय स्थान वोलिनी ओझा ने प्राप्त किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, रचनात्मकता तथा वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने छात्राओं को जैव विविधता एवं प्रकृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉ. शीताभ शर्मा, हिन्दी विभागाध्यक्ष द्वारा कवि राम नरेश त्रिपाठी के गीत ‘‘मनमोहिनी प्रकृति की जो गोद में बसा है, सुख स्वर्ग सा जहाँ है, वह देश कौन सा है?’’ पंक्तियों के साथ विशेष व्याख्यान शुभारम्भ किया गया। उन्होंने साहित्यमय प्रकृति तथा वन्यजीवों के विविध प्रसंगों के माध्यम से मनुष्य को प्रकृति का सहचर बताते हुए इसके संरक्षण एवं संवर्धन पर प्रकाश डाला। लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा जैव विविधता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आयोजित रचनात्मक एवं जागरूकता-परक प्रतियोगिताओं में उप-प्राचार्य डॉ. मनीषा माथुर एवं डॉ. रंजुला जैन ने उपस्थित होकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ. सारिका कौल, चित्रकला विभागाध्यक्ष, डॉ सुनीता शेखावत, सह-आचार्य, प्राणी विज्ञान विभाग तथा प्रीति ओझा, सहायक आचार्य, एस.एस. जैन सुबोध कॉलेज ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए उनकी रचनात्मकता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश की सराहना की। कार्यक्रम भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम बागेश्वरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया । डॉ. शीलू, डॉ. रेणु शक्तावत एवं आरती तंवर ने कार्यक्रम के आयोजन, प्रतियोगिताओं के संचालन तथा विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह सार्थक संदेश दिया गया कि “वन्यजीव एवं जैव विविधता का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही, प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।

    ई-वेस्ट के उचित प्रबंधन एवं जागरूकता के उद्देश्य से व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चारों इकाईयों द्वारा दिनांक 07 अक्टूबर को ई-वेस्ट के उचित प्रबंधन एवं जागरूकता के उद्देश्य से व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को ई-वेस्ट से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों, इसके उचित निस्तारण तथा पुनर्चक्रण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए ई-वेस्ट के संग्रहण एवं उसके पुनर्चक्रण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर न फेंकने तथा पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार नागरिक बनने की सलाह दी। उन्होंने छात्राओं से स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज में भी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में यशवर्धन शर्मा, अरबन मेटल के संस्थापक एवं अदिति त्यागी ने ई-वेस्ट के विभिन्न प्रकारों एवं इसके उचित प्रबंधन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि अनुपयोगी मोबाइल फोन, चार्जर, केबल, लैपटॉप, कैमरा तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ई-वेस्ट की श्रेणी में आते हैं। इन उपकरणों में उपस्थित विभिन्न हानिकारक पदार्थ पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। वक्ताओं ने छात्राओं को सलाह दी कि पुराने अथवा अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में न डालें और न ही उन्हें कबाड़ी/स्क्रैप डीलर को बेचें। ई-वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए इसे केवल अधिकृत ई-वेस्ट कलेक्टर अथवा अधिकृत रिसाइक्लर को ही सौंपना चाहिए साथ ही छात्राओं से आग्रह किया कि ई-वेस्ट प्रबंधन की जानकारी केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, रिश्तेदारों एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें और बताया कि ई-वेस्ट का जिम्मेदार एवं वैज्ञानिक प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं में ई-वेस्ट के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। इसी उद्देष्य से महाविद्यालय में आज से ई-वेस्ट संग्रहण के लिये दस दिन का संग्रहण अभियान चालू किया गया है। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आँचल पुरी, डॉ. विजयलक्ष्मी गुप्ता, डॉ. हर्षा शर्मा, चारूल शर्मा, डॉ. मंजरी भारद्वाज और डॉ. दीप्ति चौहान के मार्गदर्शन में हुआ.     

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में मेगा प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित

    सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर, के द्वारा दिनांक 7 अक्टूबर को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “मेगा प्लेसमेंट ड्राइव” का आयोजन किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों से संवाद करने तथा अपनी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर प्राप्त करने का मंच मिला। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने प्लेसमेंट ड्राइव में साक्षात्कार हेतु आए सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपने कौशल एवं दक्षताओं का निरंतर विकास करने और प्राप्त रोजगार अवसरों का पूर्ण लगन, निष्ठा एवं समर्पण के साथ लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। प्लेसमेंट ड्राइव में एक्सपैंड होटल्स, अर्बन मेटल्स एवं द वेलनेस शॉप द्वारा विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई। छात्राओं ने प्लेसमेंट ड्राइव के विभिन्न चरणों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा उद्योग जगत की अपेक्षाओं, कार्य संस्कृति एवं भर्ती प्रक्रिया को समझने का अवसर प्राप्त किया। मेगा प्लेसमेंट ड्राइव छात्राओं की रोजगार क्षमता संवर्धन तथा उन्हें शैक्षणिक जीवन से व्यावसायिक जीवन की ओर सफलतापूर्वक अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। इस दौरान छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करियर विकल्पों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई और उन्हें नियोक्ताओं की अपेक्षाओं एवं वर्तमान भर्ती प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ भी मिली। इस मेगा प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 51 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट की संयोजिका डॉ. आकांक्षा गंडा ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले कंपनी प्रतिनिधियों, छात्राओं एवं सेंटर की सभी शिक्षिकाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। यह मेगा प्लेसमेंट ड्राइव छात्राओं को प्रत्यक्ष रोजगार अवसर उपलब्ध कराने, उद्योग जगत से उनका जुड़ाव मजबूत करने तथा उनके व्यावसायिक भविष्य को नई दिशा प्रदान करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा।

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में हुआ विभिन्न क्लब गतिविधियों का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सुकृति आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब द्वारा ‘फेस्टिव स्पार्क’ दिवाली डेकोरेशन वर्कशॉप का आयोजन दिनांक 7 अक्टूबर 2026 को दिवाली में रचनात्मकता, भारतीय परंपरा एवं कलात्मक साज-सज्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। कार्यशाला का संचालन प्रमाणित लिप्पन आर्ट विशेषज्ञ सुश्री अनुराधा माथुर तथा राइनस्टोन आर्ट विशेषज्ञ सुश्री भव्या एवं सुश्री श्रेया द्वारा किया गया। कार्यशाला के दौरान छात्राओं को क्ले, रंगीन शीशों (मिरर) आदि के रचनात्मक उपयोग से लिप्पन आर्ट तैयार करने तथा राइनस्टोन के माध्यम से कैनवास को आकर्षक रूप देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं हस्त कौशल को विकसित करने के साथ-साथ लिप्पन आर्ट और राइनस्टोन वर्क जैसी पारंपरिक एवं आधुनिक कला तकनीकों में व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना था। साथ ही, इस पहल के माध्यम से छात्राओं को त्योहारों के अवसर पर स्वयं हस्तनिर्मित सजावटी उत्पाद तैयार करने तथा रचनात्मकता को उद्यमिता से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में कुल 40 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।‘नेचर क्लब’ के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का मुख्य विषय “संरचना के रूप में प्रकृतिः टिकाऊ परिसरों के लिए पौधों पर आधारित समाधान“ रहा। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। सत्र के दौरान मुख्य वक्ता डॉ. रीमा श्रीवास्तव ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पौधों को केवल परिसर की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम न मानकर प्राकृतिक अवसंरचना के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, छात्राओं को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे पर्यावरण-अनुकूल कदम अपनाने तथा परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की 25 छात्राओं के साथ विभिन्न संकायों के फैकल्टी सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सत्र ने छात्राओं में पर्यावरणीय चेतना, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा सतत विकास के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। अभिव्यक्ति क्लब के अंतर्गत ‘आओ अनुभव से सीखें‘ संवाद सत्र का आयोजन किया गया । इसमें वाद विवाद और मंच संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली क्लब की सदस्य छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए वाक् कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया। इस गतिविधि में वक्ता के रूप में छात्रा कशिश गौड़ ने बताया कि प्रभावी मंच संचालन करने के लिए भाषा का ज्ञान और आत्मविश्वास जरूरी है तथा छात्रा हर्षिता शर्मा ने वाद विवाद प्रतियोगिताओं में ध्यान रखने योग्य बातें बताई और सही तर्क के साथ अपना पक्ष रखना सिखाया। वहीं छात्रा याशिका लालवानी ने बताया कि अभ्यास से ही आत्मविश्वास आता है और साथी छात्राओं को प्रेरित किया कि हार कर रुक जाने से कभी सफलता नहीं मिलती। इस संवाद सत्र में छात्राओं ने कुछ प्रश्न भी पूछे जिनका समाधान वरिष्ठ छात्राओं ने किया और भविष्य में क्लब की गतिविधियों में सक्रिय रहने के लिए प्प्रोत्साहित किया ।मंच संचालन छात्रा स्वालिया सुल्ताना ने किया। क्लब संयोजक (अंग्रेजी) डॉ स्वाति धनवानी एवं संयोजक (हिंदी)डॉ धर्मा यादव के साथ सदस्य प्राध्यापिका डॉ स्वाति सुलतानिया, डॉ सुरभि शर्मा, डॉ निमिषा गौड़ ,डॉ शिप्रा गोयल और डॉ स्वाति सिंह की भी इस आयोजन में सक्रिय सहभागिता रही।

    भारती शर्मा को मिली विद्यावारिधि पीएचड़ी उपाधि

    जयपुर। किशनगढ़ निवासी भारती शर्मा ने नई दिल्ली स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में विद्यावारिधि पीएचड़ी की उपाधि प्रदान की। उन्होंने अपना शोधकार्य डॉ. मनोज कुमार मीणा के मार्गदर्शन में पूर्ण किया। दीक्षान्त समारोह उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के मुख्यातिथि में केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। समारोह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मुरलीमनोहर पाठक, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी, महर्षि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो शिवशंकर मिश्र उपस्थित थे। भारती शर्मा ने “उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि, सामाजिक व्यवहार एवं मानसिक स्वास्थ्य पर इंटरनेट के प्रयोग की प्रभावशीलता का अध्ययन” विषय पर अपना शोधकार्य पूर्ण किया। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय प्रो. मीनाक्षी मिश्रा, डॉ. प्रेम सिंह सिकरवार तथा डॉ. कुलदीप सिंह पालावत अपने माता-पिता उमेश चंद्र शर्मा एवं हेमलता शर्मा तथा अनुज भारत शर्मा के स्नेह, आशीर्वाद एवं शुभकामनाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके निरंतर आशीर्वाद एवं प्रोत्साहन ने उनकी शैक्षिक यात्रा में सदैव संबल प्रदान किया।  

    विभागीय शिखर सम्मेलन में शामिल हुईं दिया, महिला एवं बाल सशक्तिकरण के प्रयासों को किया प्रस्तुत

    नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण, बालिका शिक्षा, पोषण एवं आंगनवाड़ी सेवाओं के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को साझा किया।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मातृशक्ति को सशक्त बनाने, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश की हर बेटी को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है। साथ ही प्रत्येक महिला और बच्चे के लिए सुरक्षित, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। शिखर सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों, योजनाओं, नवाचारों और राज्यों में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा हुई।

    विभागीय शिखर सम्मेलन में शामिल हुईं डिप्टी सीएम दिया कुमारी, महिला एवं बाल सशक्तिकरण के प्रयासों को किया प्रस्तुत

    नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण, बालिका शिक्षा, पोषण एवं आंगनवाड़ी सेवाओं के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को साझा किया।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मातृशक्ति को सशक्त बनाने, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश की हर बेटी को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है। साथ ही प्रत्येक महिला और बच्चे के लिए सुरक्षित, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। शिखर सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों, योजनाओं, नवाचारों और राज्यों में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा हुई।

    मानवता की मिसाल बने 'रक्तवीर' मोहित इन्सां

     -लीवर ट्रांसप्लांट के मरीज के लिए दान की प्लेटलेट्स जयपुर। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए जयपुर में मानवता भलाई की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। समाज सेवा के इसी जज्बे को दोहराते हुए मानसरोवर (जयपुर ब्लॉक) के एमएसजी आई-टी विंग के सेवादार मोहित इन्सां ने मानवता के प्रति अपना फर्ज निभाया। श्रीगंगानगर जिले के जैतसर के रहने वाले मरीज इंद्र प्रकाश शर्मा वर्तमान में जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका लीवर ट्रांसप्लांट होना है। इलाज के दौरान उन्हें अतिशीघ्र प्लेटलेट्स की सख्त जरूरत थी। जैसे ही इस बात की जानकारी एमएसजी आई-टी विंग के सेवादार मोहित इन्सां को मिली, उन्होंने अपने ऑफिस से छुट्टी ली और तुरंत अस्पताल पहुँच गए। मोहित ने अस्पताल पहुँचकर इंद्र प्रकाश शर्मा के सफल लीवर ट्रांसप्लांट के लिए अपनी अनमोल प्लेटलेट्स दान कीं। उनके इस त्वरित और निस्वार्थ प्रयास से न केवल मरीज के परिजनों को एक बहुत बड़ा संबल मिला, बल्कि समय पर इलाज की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकी। अस्पताल प्रशासन और मरीज के परिजनों ने मोहित के इस सेवा भाव की दिल से सराहना की और पूज्य गुरु जी व डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों का आभार व्यक्त किया।  

    TCS Dividend 2026: शेयरधारकों को ₹12 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम लाभांश, 14 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट; 30 अक्टूबर को होगा भुगतान

    Yugcharan News / 08-10-2026 टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने शेयरधारकों को बड़ी राहत देते हुए दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। कंपनी के निदेशक मंडल ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में ₹1 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹12 के दूसरे अंतरिम लाभांश को मंजूरी दी। कंपनी की ओर से की गई यह घोषणा उसके सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजों के साथ सामने आई है। TCS के अनुसार, लाभांश के लिए रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर 2026 तय की गई है। पात्र शेयरधारकों को घोषित लाभांश का भुगतान 30 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। कंपनी ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में कहा है कि भुगतान उन शेयरधारकों को किया जाएगा, जिनके नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रजिस्टर ऑफ मेंबर्स या डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड में लाभकारी स्वामी के रूप में दर्ज होंगे। TCS की आधिकारिक लाभांश जानकारी भी कंपनी की लगातार अंतरिम लाभांश देने की नीति को दर्शाती है। TCS ने दूसरी बार ₹12 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया वित्त वर्ष 2026-27 में यह TCS की ओर से घोषित दूसरा अंतरिम लाभांश है। इससे पहले जुलाई 2026 में कंपनी ने ₹12 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश की घोषणा की थी। अब अक्टूबर में एक बार फिर ₹12 प्रति शेयर के भुगतान को मंजूरी दी गई है। कंपनी के इस फैसले से उन निवेशकों को सीधा लाभ मिलेगा, जो निर्धारित रिकॉर्ड डेट पर TCS के पात्र शेयरधारक होंगे। हालांकि, लाभांश की पात्रता के लिए केवल घोषणा के समय शेयर रखना पर्याप्त नहीं है; रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में शेयरधारक के रूप में दर्ज होना जरूरी है। TCS की आधिकारिक लाभांश तालिका के अनुसार, कंपनी लंबे समय से अंतरिम और अंतिम लाभांश के जरिए शेयरधारकों को नकद रिटर्न देती रही है। 14 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट, 30 अक्टूबर को मिलेगा पैसा TCS ने दूसरे अंतरिम लाभांश के लिए बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब है कि कंपनी इसी तारीख के आधार पर यह निर्धारित करेगी कि किन निवेशकों को ₹12 प्रति शेयर के लाभांश का भुगतान किया जाना है। कंपनी के मुताबिक, पात्र शेयरधारकों के बैंक खातों में लाभांश का भुगतान शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। निवेशकों के लिए रिकॉर्ड डेट महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी तारीख को कंपनी अपने पात्र शेयरधारकों की सूची निर्धारित करेगी। जिन निवेशकों के नाम संबंधित रिकॉर्ड में पात्र लाभार्थी के तौर पर दर्ज होंगे, उन्हें घोषित अंतरिम लाभांश मिलेगा। सितंबर तिमाही में TCS का मुनाफा बढ़ा लाभांश की घोषणा ऐसे समय हुई है जब TCS ने सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत बढ़कर ₹13,884 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹12,075 करोड़ था। कंपनी का समेकित राजस्व दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 11.2 प्रतिशत बढ़कर ₹73,188 करोड़ हो गया। Reuters के अनुसार, यह आंकड़ा विश्लेषकों के औसत अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। TCS के प्रदर्शन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सितंबर तिमाही में कंपनी का वार्षिकीकृत AI राजस्व बढ़कर 3.1 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 2.6 अरब डॉलर था। AI कारोबार और डील विनिंग में भी बढ़ोतरी TCS ने दूसरी तिमाही के दौरान AI से जुड़े कारोबार में लगातार विस्तार दर्ज किया। कंपनी का वार्षिकीकृत AI राजस्व 3.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह संकेत देता है कि वैश्विक स्तर पर कंपनियों द्वारा AI सेवाओं और तकनीकी समाधान पर खर्च बढ़ाए जाने का लाभ TCS को मिल रहा है। दूसरी तिमाही में TCS की कुल डील विनिंग करीब 9.6 अरब डॉलर रही। Reuters के अनुसार, यह पिछली तिमाही के 9.5 अरब डॉलर से अधिक है, हालांकि पिछले वर्ष की समान अवधि के 10 अरब डॉलर के मुकाबले कम है। कंपनी के मजबूत नकदी प्रवाह और लाभप्रदता को देखते हुए लाभांश घोषणा को भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। TCS लंबे समय से शेयरधारकों को नियमित अंतरिम लाभांश देने वाली प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों में शामिल रही है। TCS शेयर में सालभर में बड़ी गिरावट लाभांश और बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद TCS के शेयर में पिछले एक साल के दौरान उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई है। 8 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान शेयर ने बढ़त के साथ शुरुआत की, लेकिन बाद में बाजार के कमजोर रुख के बीच बढ़त सीमित रही। Reuters के मुताबिक, TCS के शेयर गुरुवार को करीब 0.1 प्रतिशत नीचे बंद हुए। इससे पहले उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, शेयर ने पिछले एक वर्ष में लगभग 31 प्रतिशत और दो वर्षों में लगभग 51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की थी। ऐसे में ₹12 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश उन निवेशकों के लिए अतिरिक्त नकद रिटर्न का अवसर है, जो रिकॉर्ड डेट पर पात्र होंगे। निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है? TCS की दूसरी अंतरिम लाभांश घोषणा निवेशकों के लिए दो महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाती है। पहला, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में एक बार फिर ₹12 प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश के जरिए शेयरधारकों को नकद वितरण जारी रखा है। दूसरा, कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों में AI कारोबार, राजस्व और मुनाफे में वृद्धि दिखाई दी है। हालांकि, केवल लाभांश की घोषणा के आधार पर किसी शेयर में निवेश या खरीद-बिक्री का फैसला नहीं किया जाना चाहिए। शेयर बाजार में कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन, वैल्यूएशन, आईटी सेक्टर की मांग, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, मुद्रा विनिमय दर और तकनीकी बदलावों समेत कई कारक शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।   फिलहाल TCS के शेयरधारकों के लिए प्रमुख तारीखें स्पष्ट हैं—₹12 प्रति शेयर दूसरा अंतरिम लाभांश, 14 अक्टूबर 2026 रिकॉर्ड डेट और 30 अक्टूबर 2026 भुगतान की तारीख। कंपनी के ताजा तिमाही नतीजों में भी मुनाफे और AI कारोबार में वृद्धि दर्ज हुई है, जिससे लाभांश घोषणा के साथ-साथ कंपनी के परिचालन प्रदर्शन पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।