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    राजस्थान में बढ़ेगा उन्नत नस्ल की बकरियों का दुग्ध उत्पादन

    रामसर में स्थापित होगी देश की सबसे बड़ी व अत्याधुनिक 'गोट सीमन लैब'  जयपुर। प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने और उन्नत नस्ल के छोटे जुगाली करने वाले पशुओं (विशेषकर बकरियों) की उत्पादकता में वृद्धि करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राजस्थान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय प्रवर्तित योजना-नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) के तहत अजमेर के रामसर स्थित राजकीय पशु प्रजनन फार्म में संभंवत देश की सबसे बड़ी एवं अत्याधुनिक 'गोट सीमन उत्पादन प्रयोगशाला' की स्थापना की जाएगी। यह भारत की सबसे बड़ी लैब होगी, जिसमें सालाना दो लाख डोजेज तैयार की जाएंगी। इस आधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस पर ₹875 लाख रुपए खर्च होंगे, जिसमें 60 फीसदी हिस्सेदारी केंद्र व 40 फीसदी हिस्सेदारी राजस्थान सरकार की है। इस लैब का मुख्य उद्देश्य उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले बकरों के सीमन से कृत्रिम गर्भाधान (एआई) को बढ़ावा देना है। यूपी की 'डीयूवीएएसयू' यूनिवर्सिटी से मिलाया हाथ प्रयोगशाला को विश्वस्तरीय तकनीकी और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप संचालित करने के लिए राजस्थान सरकार ने उत्तर प्रदेश के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी की है। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को एमओयू की प्रति सौंपी गई है। यह तकनीकी सहयोग उत्तर प्रदेश सरकार के 'उप्र. पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान 'डीयूवीएएसयू', मथुरा' के साथ किया गया है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा, "यह समझौता राजस्थान के पशुपालन क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। मथुरा विश्वविद्यालय की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर हम रामसर (अजमेर) फार्म को देश के बेहतरीन गोट सीमन सेंटर्स में से एक के रूप में विकसित करेंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थान में करीब दो करोड़ बकरियां हैं, जो पूरे भारत का 16 फीसदी है। बकरियों की संख्या के आधार पर राजस्थान देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य भी है। राज्य की पारंपरिक और प्रसिद्ध बकरी नस्लों जैसे- सिरोही, मारवाड़ी व जखराना प्रजाति के आनुवंशिक सुधार में मदद मिलेगी। दो लाख डोजेज की मदद से राज्यभर के सुदूर गांवों में पशुपालकों के द्वार तक बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा पहुंचेगी। वैज्ञानिक पद्धति से तैयार सीमन के इस्तेमाल से बकरियों में फैलने वाली कई संक्रामक और आनुवंशिक बीमारियों पर लगाम लगेगी। अजमेर का यह राजकीय फार्म अब एक नेशनल हब के रूप में उभरेगा। इस परियोजना के शुरू होने से न केवल राजस्थान, बल्कि पड़ोसी राज्यों के पशुपालक भी लाभान्वित हो सकेंगे। सरकार का लक्ष्य इस लैब को दिसंबर-2026 तक पूरी तरह क्रियाशील करने का है। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार मीना, राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के प्रबंधक डॉ. प्रीतपाल सिंह कालरा, 'उप्र. पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अभिजीत मित्रा, मथुरा लैब गोट सीमन लैब के प्रभारी डॉ. मुकुल आनंद की मौजूदगी में एमओयू किया गया।  

    अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा ने किया आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर विद्यालय का निरीक्षण

    - शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की होगी नियमित मॉनिटरिंग, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा राजेश यादव ने गुरुवार को त्रिमूर्ति सर्किल स्थित आनंदीलाल पोद्दार राजकीय मूक-बधिर विद्यालय का औचक निरीक्षण कर संस्थान की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालय के समग्र संचालन की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान यादव ने छात्र एवं छात्राओं के छात्रावासों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कक्षा कक्षों, शौचालय, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं के स्तर पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों, वार्डनों एवं विद्यालय प्रबंधन से संवाद कर शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों की प्रगति, अनुशासन, नियमित उपस्थिति तथा खेल एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ एवं प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक शिक्षण संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।  यादव ने विद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं, शिक्षण संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के साथ सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण अथवा समीक्षा के दौरान अनियमितता या कार्य संपादन में उदासीनता पाए जाने पर संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिए । प्रति माह बदलेगी वार्डन की ड्यूटी निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने छोटे बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए परिसर में बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के लिए सांकेतिक भाषा सीखने हेतु स्क्रीन स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि वे बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर सकें। इसके अलावा, छात्रावासों में वार्डनों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर प्रत्येक माह बदलने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जिम्मेदारी संबंधित वार्डन की होगी, और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

    अग्रवाल कॉलेज जयपुर में "Campus Clickathon-2025" का सफल आयोजन

    जयपुर. अग्रवाल कॉलेज जयपुर के फोटोग्राफी क्लब द्वारा "Campus Clickathon-2026" का भव्य आयोजन कॉलेज परिसर में किया गया। फोटोग्राफी क्लब द्वारा कॉलेज में विद्यार्थियों ने विभिन्न श्रेणियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न तरह की फोटोज खींची एवं वीडियो बनाकर अपने टैलेंट का प्रदर्शन किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवंदा ने की। इस अवसर पर कार्यक्रम फोटोग्राफी क्लब से कॉर्डिनेटर डॉ. सोनू गुप्ता, श्रीमती स्वाति मित्तल, के.एम. चतुर्वेदी, एवं डॉ. उमेश सिंह आदि उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवंदा ने कहा कि "इस प्रकार के आयोजन छात्रों में सृजनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। फोटोग्राफी क्लब द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है।"

    आस्था और पर्यावरण की बड़ी जीत: भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको इंडस्ट्रियल एरिया का आवंटन निरस्त

    संतों और ग्रामीणों के लंबे संघर्ष का हुआ सुखद अंत दूदू (जयपुर)। दादू पंथ की लगभग 500 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक एवं पवित्र तपोस्थली भैराणा धाम (बिचून) में प्रस्तावित रीको (RIICO) औद्योगिक क्षेत्र की परियोजना को आखिरकार निरस्त कर दिया गया है। राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा 21 खसरों की लगभग 206.98 हेक्टेयर (करीब 800 बीघा) जमीन के आवंटन को निरस्त किए जाने के बाद संत समाज, श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है।  क्या था पूरा मामला जयपुर ग्रामीण के बिचून/दूदू क्षेत्र स्थित संत दादू दयाल जी की तपोस्थली भैराणा धाम की 800 बीघा जमीन पर राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) द्वारा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इस परियोजना के विरोध में संत समाज, स्थानीय ग्रामीण और 'भैराणा धाम बचाओ संघर्ष समिति' पिछले कई महीनों से अनिश्चितकालीन आंदोलनरत थे। संतों और ग्रामीणों का कहना था कि औद्योगिक क्षेत्र बनने से धाम की आध्यात्मिक पवित्रता, हजारों पेड़-पौधों से समृद्ध प्राकृतिक ग्रीन बेत और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचता। संतों का 'अग्नि-तप' और जयपुर कूच का अल्टीमेटम आंदोलन के दौरान विरोध प्रदर्शन बेहद तीखा हो गया था: • संतों का तप: कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी के बीच साधु-संतों ने धूणियों के पास बैठकर 'अग्नि-तप' किया और धरना दिया। • जनसमर्थन व सियासत: आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों का खुलकर समर्थन मिला। • जयपुर कूच का अल्टीमेटम: 27 मई को आयोजित विशाल महापंचायत के दौरान सरकार को अल्टीमेटम देते हुए जयपुर कूच का ऐलान किया गया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। • प्रशासनिक वार्ता और ऐतिहासिक फैसला आंदोलन के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने वार्ता का दौर शुरू किया। जयपुर रेंज आईजी और जयपुर जिला कलेक्टर ने संघर्ष समिति तथा जन-प्रतिनिधियों के साथ लंबी दौर की वार्ताएँ कीं। जाँच और समीक्षा के बाद अंततः सरकार ने जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और पर्यावरणीय संतुलन को सर्वोपरि मानते हुए 800 बीघा जमीन पर प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के आवंटन को पूरी तरह निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।  फैसले के मायने और खुशी का माहौल • ग्रीन बेल्ट और तपोस्थली सुरक्षित: आवंटन रद्द होने से अब इस क्षेत्र में किसी भी तरह की फैक्ट्रियां या औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित नहीं होंगी, जिससे भैराणा धाम का आध्यात्मिक वातावरण और ग्रीन एरिया पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। • संतों और जनता में उत्सव: निर्णय की जानकारी मिलते ही भैराणा धाम परिसर में संतों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाई दी और इसे सत्य, धर्म व पर्यावरण की ऐतिहासिक जीत बताया।

    गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, मुकेश भाकर व अन्य वरिष्ठ नेताओं की समझाइश के बाद अनशनकारी छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने तोड़ा अनशन

    जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की मांग को लेकर 15 दिन से एसएमएस अस्पताल में अनशनरत छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया है। आज शाम पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक मुकेश भाकर व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर शुभम रेवाड़ से मुलाकात की और समझाइश कर जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। मुलाकात के दौरान नेताओं ने शुभम के गिरते स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र हितों की लड़ाई के लिए उनका स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है और इस मुद्दे को उठाने के कई अन्य लोकतांत्रिक तरीके मौजूद हैं। वरिष्ठ नेताओं के आग्रह को स्वीकार करते हुए शुभम रेवाड़ ने अनशन समाप्त किया, लेकिन साथ ही स्पष्ट कर दिया कि छात्रसंघ चुनाव कराने और अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि इस 15 दिवसीय भूख हड़ताल और आंदोलन का सरकार पर भारी दबाव देखने को मिला। सरकार, जिसने शुरुआत में राजस्थानी भाषा विभाग खोलने को लेकर अड़ियल रुख अपनाया हुआ था, उसे छात्र शक्ति के आगे झुकना पड़ा और विश्वविद्यालय में 'राजस्थानी भाषा विभाग' स्थापित करने की मंजूरी देनी पड़ी। इसके साथ ही छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर भी प्रशासन द्वारा जल्द ही एक कमेटी का गठन कर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया है।  

    नामांकन वृद्धि और शैक्षणिक सुधार के लिए शिक्षा विभाग तैयार कर रहा एक्शन प्लान, जारी किए निर्देश

    - मुख्यमंत्री शिक्षा राजस्थान अभियान को गति देने हेतु जिलों की समीक्षा बैठक जयपुर। मुख्यमंत्री शिक्षा राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार एवं प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने बुधवार को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में मिशन पढ़ो राजस्थान, नामांकन वृद्धि, ड्रॉपआउट नियंत्रण, विद्यालय सुधार, सुरक्षा एवं मासिक रैंकिंग सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अति. मुख्य सचिव ने मिशन पढ़ो राजस्थान के अंतर्गत संचालित रीडिंग प्रमोशन कैम्पेन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के तहत आयोजित रीड-ए-थॉन में लगभग 68 लाख लोगों की भागीदारी पर सभी जिलों एवं विद्यालयों को बधाई देते हुए प्रत्येक विद्यालय को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मिशन पढ़ो राजस्थान अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 29 जुलाई को भरतपुर से किया था। एक शिक्षक-एक बच्चा' से मजबूत होगा नामांकन अभियान  यादव ने रेड स्कूलों के लिए शिक्षा सेतु अभियान (स्कूल इम्प्रूवमेंट प्लान) को प्रभावी रूप से लागू करने पर बल देते हुए 'एक शिक्षक-एक बच्चा' अवधारणा को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रधानाचार्य प्रत्येक शिक्षक को एक बच्चे की जिम्मेदारी सौंपे, शिक्षक उसके परिवार से संपर्क कर नामांकन सुनिश्चित करे तथा इसकी जानकारी शाला दर्पण पर अपलोड की जाए। जिला स्तर पर प्रगति की समीक्षा जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी तथा प्रत्येक नामांकन की निगरानी डैशबोर्ड के माध्यम से होगी। उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर नामांकन एवं बच्चों के विद्यालय में ठहराव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए असुरक्षित एवं जर्जर घोषित विद्यालय भवनों को तत्काल ध्वस्त कराने तथा सभी संबलन टिकटों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। श्रेष्ठ शिक्षकों और विद्यालयों का होगा सम्मान बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों एवं विद्यालयों को चरणबद्ध रूप से सम्मानित किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) तथा द्वितीय चरण में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर राज्य स्तर के शीर्ष-5, जिला स्तर के शीर्ष-3 तथा ब्लॉक एवं जिला स्तर के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक माह इनोवेटिव क्लासरूम वीडियो एवं सीबीए आधारित टॉप परफॉर्मिंग विद्यालयों के आधार पर 50 शिक्षकों को स्टार टीचर स्पॉटलाइट तथा 20 शिक्षकों को लीडरशिप डायलॉग के लिए चयनित किया जाएगा। साथ ही एक नई पहल के तहत विशेष अवसरों पर सभी शिक्षकों को आभार संदेश भी प्रेषित किए जाएंगे। ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर बैठक में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 73 लाख नामांकन होने पर सभी विद्यालयों एवं शिक्षा अधिकारियों को बधाई देते हुए यादव ने कहा कि यह पिछले सत्र की तुलना में 50 हजार से अधिक की वृद्धि है। उन्होंने नामांकन वृद्धि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बांसवाड़ा, उदयपुर, जालोर, बाड़मेर और सिरोही जिलों की सराहना की तथा सभी जिलों को ड्रॉपआउट कम करने, शिक्षा से वंचित प्रत्येक बच्चे को मुख्यधारा से जोड़ने और आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आगामी दो से तीन दिनों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण कर उसकी प्रविष्टि शिक्षक संबलन ऐप पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए। हर माह जारी होगी जिलों की रैंकिंग अति. मुख्य सचिव ने बताया कि अगस्त माह से प्रत्येक माह 6 मापदंडों के आधार पर जिलों की रैंकिंग जारी की जाएगी, जिसे प्रत्येक माह की 5 तारीख को शाला दर्पण पर लाइव किया जाएगा। कुल 100 अंकों की इस रैंकिंग में शैक्षणिक गुणवत्ता के 45 अंक, गवर्नेंस के 45 अंक तथा आधारभूत संरचना के 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक माह जिला कलेक्टर इसकी समीक्षा करेंगे, जिससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से शैक्षणिक परिणामों में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

    नामांकन वृद्धि और शैक्षणिक सुधार के लिए शिक्षा विभाग तैयार कर रहा एक्शन प्लान

    - मुख्यमंत्री शिक्षा राजस्थान अभियान को गति देने हेतु जिलों की समीक्षा बैठक जयपुर। मुख्यमंत्री शिक्षा राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार एवं प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने बुधवार को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में मिशन पढ़ो राजस्थान, नामांकन वृद्धि, ड्रॉपआउट नियंत्रण, विद्यालय सुधार, सुरक्षा एवं मासिक रैंकिंग सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अति. मुख्य सचिव ने मिशन पढ़ो राजस्थान के अंतर्गत संचालित रीडिंग प्रमोशन कैम्पेन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के तहत आयोजित रीड-ए-थॉन में लगभग 68 लाख लोगों की भागीदारी पर सभी जिलों एवं विद्यालयों को बधाई देते हुए प्रत्येक विद्यालय को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मिशन पढ़ो राजस्थान अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 29 जुलाई को भरतपुर से किया था। एक शिक्षक-एक बच्चा' से मजबूत होगा नामांकन अभियान  यादव ने रेड स्कूलों के लिए शिक्षा सेतु अभियान (स्कूल इम्प्रूवमेंट प्लान) को प्रभावी रूप से लागू करने पर बल देते हुए 'एक शिक्षक-एक बच्चा' अवधारणा को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रधानाचार्य प्रत्येक शिक्षक को एक बच्चे की जिम्मेदारी सौंपे, शिक्षक उसके परिवार से संपर्क कर नामांकन सुनिश्चित करे तथा इसकी जानकारी शाला दर्पण पर अपलोड की जाए। जिला स्तर पर प्रगति की समीक्षा जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी तथा प्रत्येक नामांकन की निगरानी डैशबोर्ड के माध्यम से होगी। उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर नामांकन एवं बच्चों के विद्यालय में ठहराव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए असुरक्षित एवं जर्जर घोषित विद्यालय भवनों को तत्काल ध्वस्त कराने तथा सभी संबलन टिकटों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। श्रेष्ठ शिक्षकों और विद्यालयों का होगा सम्मान बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों एवं विद्यालयों को चरणबद्ध रूप से सम्मानित किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) तथा द्वितीय चरण में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर राज्य स्तर के शीर्ष-5, जिला स्तर के शीर्ष-3 तथा ब्लॉक एवं जिला स्तर के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक माह इनोवेटिव क्लासरूम वीडियो एवं सीबीए आधारित टॉप परफॉर्मिंग विद्यालयों के आधार पर 50 शिक्षकों को स्टार टीचर स्पॉटलाइट तथा 20 शिक्षकों को लीडरशिप डायलॉग के लिए चयनित किया जाएगा। साथ ही एक नई पहल के तहत विशेष अवसरों पर सभी शिक्षकों को आभार संदेश भी प्रेषित किए जाएंगे। ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर बैठक में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 73 लाख नामांकन होने पर सभी विद्यालयों एवं शिक्षा अधिकारियों को बधाई देते हुए यादव ने कहा कि यह पिछले सत्र की तुलना में 50 हजार से अधिक की वृद्धि है। उन्होंने नामांकन वृद्धि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बांसवाड़ा, उदयपुर, जालोर, बाड़मेर और सिरोही जिलों की सराहना की तथा सभी जिलों को ड्रॉपआउट कम करने, शिक्षा से वंचित प्रत्येक बच्चे को मुख्यधारा से जोड़ने और आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आगामी दो से तीन दिनों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण कर उसकी प्रविष्टि शिक्षक संबलन ऐप पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए। हर माह जारी होगी जिलों की रैंकिंग अति. मुख्य सचिव ने बताया कि अगस्त माह से प्रत्येक माह 6 मापदंडों के आधार पर जिलों की रैंकिंग जारी की जाएगी, जिसे प्रत्येक माह की 5 तारीख को शाला दर्पण पर लाइव किया जाएगा। कुल 100 अंकों की इस रैंकिंग में शैक्षणिक गुणवत्ता के 45 अंक, गवर्नेंस के 45 अंक तथा आधारभूत संरचना के 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक माह जिला कलेक्टर इसकी समीक्षा करेंगे, जिससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से शैक्षणिक परिणामों में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।  

    भाजपा किसान मोर्चा की हुई पहली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक

    -भाजपा के संगठन महामंत्री अजेय कुमार की उपस्थिति में मंथन • मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने आगामी एक साल की पेश की रूपरेखा जयपुर। भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान की नवनियुक्त प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक बुधवार को जयपुर स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक के मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार थे। इस महत्वपूर्ण बैठक में मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री शैलाराम चौधरी, प्रदेश प्रभारी जसवंत विश्नोई, प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी सहित नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री बद्रीराम जाट व श्रवण सिंह राव और प्रदेश उपाध्यक्ष रेवंतराम राजपुरोहित मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बदलाव के दौर में सोशल मीडिया से लाएँ जन-जागरण : अजेय कुमार भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री अजेय कुमार ने अपने संबोधन में किसान मोर्चा की नवनियुक्त प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों को बधाई और उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी। उन्होंने नई जिम्मेदारी को संभाल रहे पदाधिकारियों को संगठन के मूलमंत्र को दोहराते हुए कहा कि "संगठन में कोई भी काम छोटा या कम महत्व का नहीं होता और न ही कोई दायित्व बिना महत्व का होता है।" संगठन एक माला की तरह है, जहां हर मोती की अपनी कीमत है। आपकी सक्रियता और निष्ठा ही इस मोर्चे को मजबूत बनाएगी। हमारा अंतिम लक्ष्य एक ही है-'समृद्ध किसान, विकसित किसान' की संकल्पना को धरातल पर साकार करना और इस महायज्ञ में आप सभी को अपनी महत्ती भूमिका निभानी है। संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कहा कि आज का युग बदलाव का युग है। आज केंद्र और राज्य की हमारी सरकारें प्राकृतिक खेती के माध्यम से आमजन और अन्नदाता का जीवन बदलने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से प्रयास कर रही हैं। मैं जानता हूं, और आप भी समझते हैं कि प्राकृतिक खेती की राह आसान नहीं है; यह एक तपस्या है। लेकिन मेरा यह पूर्ण विश्वास है कि यदि हमारे किसानों को सही मार्गदर्शन, सही तकनीक और उनकी कड़ी मेहनत का साथ मिले, तो वे न सिर्फ अपनी धरती मां की सेहत सुधारेंगे बल्कि अपनी आमदनी को भी कई गुना बढ़ाएंगे। इस संदेश को राजस्थान के हर खेत और हर ढाणी तक पहुंचाना अब आप सबकी जिम्मेदारी है। अजेय कुमार ने कहा कि बदलते हुए इस आधुनिक दौर में हमें अपनी बात कहने के तरीकों को भी बदलना होगा, आज सोशल मीडिया और आईटी केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जन-जागरण का सबसे बड़ा हथियार हैं। हमारी सरकारों की नीतियां, किसानों के हित की योजनाएं और मोर्चे के कार्य जन-जन तक तभी पहुंचेंगे जब हम सोशल मीडिया विंग का अधिकाधिक और सकारात्मक सदुपयोग करेंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से हमें हर उस किसान से सीधे जुड़ना है जो गांव में बैठकर देश को सींच रहा है। अजेय कुमार ने कहा कि आइए, आज इस पहली ऐतिहासिक बैठक से हम यह संकल्प लेकर निकलें कि हम हर बूथ, हर गांव तक जाएंगे। सरकार की कल्याणकारी नीतियों को किसानों तक पहुंचाएंगे और प्राकृतिक खेती के इस नए दौर में राजस्थान के अन्नदाता को देश में सबसे अग्रणी बनाएंगे।   खेती में खुशहाली का नया रोडमैप भाजपा किसान मोर्चा, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ने बैठक में संबोधित करते हुए कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हमारी राज्य सरकार लगातार किसानों के कल्याण के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है। हमारा एकमात्र लक्ष्य है-किसान को आत्मनिर्भर बनाना और उसकी आय को दोगुना करना। कैलाश चौधरी ने कहा कि इसी संकल्प को गति देने के लिए भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान की आगामी कार्ययोजना और दूरदर्शी विजन को साझा कर रहा हूँ। हर जिले में बनेगा एक 'मॉडल गाँव' कैलाश चौधरी ने कहा कि हम केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखते हैं। इसके तहत भाजपा किसान मोर्चा ने संकल्प लिया है कि राजस्थान के हर जिले में एक 'मॉडल गाँव' विकसित किया जाएगा। यह मॉडल गाँव हमारे पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का एक बेजोड़ संगम होगा, जो पूरे जिले के किसानों के लिए प्रेरणा केंद्र बनेगा। इन मॉडल गाँवों में हम किसानों को पूरी तरह से प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि कम लागत में उत्तम और स्वास्थ्यवर्धक फसल तैयार हो सके। चौधरी ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय को माता माना गया है और कृषि में उसका स्थान सर्वोपरि है। इन गाँवों में गौ-आधारित कृषि को पुनर्जीवित किया जाएगा। गोपालन के माध्यम से न सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व जैविक खाद तैयार कर खेती की लागत को शून्य पर लाने का प्रयास होगा। कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान फसल तो उगा लेता है, लेकिन सही मूल्य न मिलने के कारण नुकसान उठाता है। इन मॉडल गाँवों में हम वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) पर ध्यान केंद्रित करेंगे। स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाई जाएंगी, जिससे टमाटर से सॉस, सरसों से तेल और बाजरे से पौष्टिक उत्पाद बनाकर किसान सीधे बाजार में बेच सकें। उन्होंने कहा कि ये सभी मॉडल गाँव और विकास कार्य एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) और सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। आगामी 100 दिनों का रोडमैप  संगठन को सक्रिय रखने और किसानों के बीच पैठ मजबूत करने के लिए किसान मोर्चा आगामी 100 दिनों में एक व्यापक जन-जागरण और जन-कल्याण अभियान चलाने जा रहा है। इन 100 दिनों में मोर्चा के कार्यकर्ता राजस्थान के हर गाँव और ढाणी में जाकर किसान चौपाल लगाएंगे, जहाँ केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं (जैसे पीएम-किसान, फसल बीमा, सॉयल हेल्थ कार्ड) की जानकारी दी जाएगी। हर ब्लॉक स्तर पर विशेषज्ञों के माध्यम से प्राकृतिक खेती और गौ-आधारित कृषि के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे। मोर्चा के पदाधिकारी सीधे खेतों में जाकर अन्नदाताओं से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और प्रशासन के सहयोग से उनका तुरंत निस्तारण करवाएंगे।  

    जयपुर से रामेश्वरम के लिए रवाना हुई वरिष्ठ नागरिकों की दूसरी विशेष ट्रेन

    उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने दिखाई हरी झंडी जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाने के उद्देश्य से चलाई जा रही 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026' के तहत मंगलवार को राजधानी जयपुर के ढेहर का बालाजी रेलवे स्टेशन से रामेश्वरम के लिए दूसरी विशेष ट्रेन रवाना हुई। इस पावन यात्रा को प्रदेश की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन के रवाना होते ही पूरा स्टेशन 'जय श्री राम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा। जयपुर संभाग के 970 बुजुर्ग कर रहे हैं यात्रा इस विशेष ट्रेन के जरिए जयपुर संभाग के कुल 970 वरिष्ठ नागरिक रामेश्वरम और मदुरई के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल के लिए ट्रेन प्रभारी, अनुदेशक और मेडिकल स्टाफ सहित 30 अधिकारियों-कर्मचारियों का दल भी साथ गया है। इस प्रकार कुल 1000 यात्री इस सफर का हिस्सा बने हैं। देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस ट्रेन में सबसे अधिक दौसा जिला के 528 तीर्थयात्री रवाना हुए हैं। इसके अलावा खैरथल-तिजारा जिले से 316 वरिष्ठ नागरिक यात्रा पर गए हैं। वहीं, जयपुर जिले के 126 बुजुर्ग इस पावन सफर का लाभ उठा रहे हैं। "बुजुर्गों के सपनों को साकार कर रही है सरकार" इस अवसर पर देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा, "हमारी सरकार प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। यह यात्रा केवल एक सफर नहीं है, बल्कि हमारे बुजुर्गों की जीवनभर की आस्था और इच्छा को पूरा करने का एक पवित्र प्रयास है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप देवस्थान विभाग यात्रियों की सुरक्षा, भोजन और ठहरने के विश्वस्तरीय इंतजाम सुनिश्चित कर रहा है, ताकि हमारे अभिभावक स्वरूप बुजुर्गों को पूरी यात्रा में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी यात्रियों को मंगलमय और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं। ऐसा रहेगा 8 दिवसीय यात्रा का पूरा शेड्यूल ढेहर का बालाजी स्टेशन से मंगलवार को रवाना हुई यह विशेष ट्रेन दक्षिण भारत के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग और धामों का दर्शन कराएगी। 06 अगस्त को ट्रेन रामेश्वरम पहुंचेगी, जहाँ तीर्थयात्री भगवान रामेश्वरम के दर्शन करेंगे। रामेश्वरम में यात्रियों के लिए एक दिन का विशेष ठहराव रखा गया है। अगले दिन सभी यात्रियों को ट्रेन से मदुरई ले जाया जाएगा, जहाँ वे विश्व प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद यह ट्रेन 11 जुलाई को वापस जयपुर लौटेगी। स्टेशन पर मौजूद बुजुर्गों के चेहरे पर तीर्थ यात्रा पर जाने की खुशी और सरकार के प्रति आभार साफ नजर आ रहा था। विदाई के समय देवस्थान विभाग द्वारा यात्रियों का माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त जयपुर प्रथम रतनलाल योगी, जयपुर द्वितीय महेंद्र देवतवाल, आईआरसीटीसी के केके शर्मा, सहकारिता प्रकोष्ठ के सुनील कुमावत, मन की बात कार्यक्रम के पाली जिला संयोजक शिवराज सिंह बिठिया, पार्षद सुरेश जांगिड़, भवानी निकेतन शिक्षा समिति के अध्यक्ष नगेंद्र सिंह, सचिव सुदर्शन सिंह, विधानगर के मण्डल अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, जयंत कुमावत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।  

    राजकीय महाविद्यालय जयपुर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ व्यास पूजन समारोह

    जयपुर. राजकीय महाविद्यालय जयपुर में भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में गुरु-शिष्य परंपरा के प्रतीक व्यास पूजन समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रविकांत शर्मा ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विमल प्रसाद अग्रवाल उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन से शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि वेदव्यास और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात भारतीय शिक्षण मंडल के ध्येय श्लोक व ध्येय वाक्य का सामूहिक वाचन किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. ओमप्रकाश पारीक ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सनातन काल से सर्वोच्च रहा है बिना गुरु के ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र ईशान अवस्थी ने भारतीय शिक्षण मंडल का प्रेरणादायी गीत प्रस्तुत किया। सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है गुरु-शिष्य संबंध: डॉ. विमल प्रसाद अग्रवाल अपने प्रेरक उद्बोधन में मुख्य वक्ता डॉ. विमल प्रसाद अग्रवाल ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की कालजयी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु और शिष्य के मध्य आत्मीय संबंध ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज ऐसे गुरु और शिष्यों की आवश्यकता है जो भारत को पुनः 'विश्वगुरु' के गौरवपूर्ण स्थान पर प्रतिष्ठित करने का संकल्प लेकर कार्य करें। वर्तमान समय में सोशल मीडिया और सूचनाओं की अत्यधिक उपलब्धता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु वही है जो विद्यार्थियों को सही व सार्थक ज्ञान का विवेकपूर्ण चयन करना सिखाए तथा उनके चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास में मार्गदर्शक की भूमिका निभाए। गुरु जीवन का पथप्रदर्शक और प्रेरणास्रोत: प्रो. रविकांत शर्मा अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. रविकांत शर्मा ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान का प्रदाता ही नहीं बल्कि जीवन का पथप्रदर्शक और प्रेरणास्रोत भी होता है। गुरु-शिष्य का आत्मीय संबंध युवा पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराते हुए उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। गुरु मार्गदर्शन से होता है व्यक्तित्व का समग्र विकास महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रणजीत सिंह राठौड़ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी के व्यक्तित्व एवं चरित्र का समग्र विकास होता है। गुरु विपरीत परिस्थितियों, मानसिक तनाव और अवसाद से शिष्य को उबारकर उसे जीवन की मुख्यधारा से जोड़ते हुए सफलता एवं उन्नति के पथ पर अग्रसर करता है। धन्यवाद ज्ञापन और समापन भारतीय शिक्षण मंडल जयपुर प्रांत के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. जयदीप ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल का मूल ध्येय शिक्षा में भारतीयता का समावेश एवं उसके मूल्यों का संवर्धन करना है। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन अंग्रेजी विभाग की सह-आचार्या डॉ. ललिता शर्मा ने किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ। इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल के करौली जिला संयोजक, जयपुर प्रांत के पदाधिकारी, महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य, मंत्रालयिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

    ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिष्ठित RIDS Award 2026–29 से सम्मानित हुआ रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर

    जयपुर। शिक्षा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर को ब्रिटिश काउंसिल द्वारा वर्ष 2026–29 के लिए प्रतिष्ठित RIDS (Recognition for International Dimension in Schools) Award से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विद्यालय द्वारा वैश्विक दृष्टिकोण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा नवाचारपूर्ण शिक्षण गतिविधियों के उत्कृष्ट संचालन के लिए प्रदान किया गया। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन नई दिल्ली स्थित ले मेरिडियन होटल में किया गया, जहाँ देश-विदेश के चयनित विद्यालयों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रावत एजुकेशनल ग्रुप के निदेशक नरेंद्र सिंह रावत एवं रावत पब्लिक स्कूल, भांकरोटा की डायरेक्टर डॉ. अक्षिता रावत ने विद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। इस सम्मान को प्राप्त करने के लिए विद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं वैश्विक नागरिकता की भावना को ध्यान में रखते हुए कुल सात अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। इनमें से तीन गतिविधियाँ नेपाल एवं अर्जेंटीना के विद्यालयों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग (Collaboration) के माध्यम से आयोजित की गईं। नेपाल के साथ आयोजित गतिविधियों में भारत, नेपाल एवं रूस की सांस्कृतिक विरासत एवं लोकनृत्यों का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों (South Asian Countries) से जुड़े समसामयिक विषयों, सामाजिक चुनौतियों एवं आपसी सहयोग पर विद्यार्थियों के बीच विचार-विमर्श एवं संवाद आयोजित किए गए, जिससे विद्यार्थियों में वैश्विक दृष्टिकोण, सांस्कृतिक समझ तथा नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ। अर्जेंटीना के साथ आयोजित गतिविधि में भारत एवं अर्जेंटीना के पारंपरिक खेलों का विस्तृत अध्ययन, प्रदर्शन एवं तुलनात्मक विश्लेषण कराया गया। विद्यार्थियों ने दोनों देशों की खेल संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक महत्व को समझते हुए एक-दूसरे के खेलों का अनुभव भी प्राप्त किया। विद्यालय में आयोजित अन्य इन-हाउस गतिविधियों में कोरोना महामारी के वैश्विक प्रभाव (Global Impact of COVID-19) पर शोध एवं प्रस्तुतीकरण, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली (Environment Friendly Transport System) पर नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तथा कुलिनरी आर्ट (Culinary Art) के अंतर्गत विभिन्न देशों के पारंपरिक व्यंजन तैयार करने एवं उनकी सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रस्तुत करने जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल थीं। इन सभी गतिविधियों में विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। विशेष बात यह रही कि अभिभावकों ने भी दर्शक एवं सहभागी के रूप में उत्साहपूर्वक भाग लेकर इन कार्यक्रमों की गरिमा को बढ़ाया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में वैश्विक नागरिकता (Global Citizenship), सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान, टीमवर्क, संवाद कौशल तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को सुदृढ़ किया। उल्लेखनीय है कि रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर इससे पूर्व भी वर्ष 2019–2022 के लिए ब्रिटिश काउंसिल इंटरनेशनल स्कूल अवॉर्ड प्राप्त कर चुका है। एक बार पुनः यह सम्मान प्राप्त होना विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचारपूर्ण कार्यशैली एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर रावत एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन बी. एस. रावत ने रावत पब्लिक स्कूल,प्रताप नगर की प्राचार्या मैत्रेयी शुक्ला,कोर्डिनेटर्स एवम समस्त विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल विद्यालय ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण रावत एजुकेशनल ग्रुप के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि समूह सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करता रहेगा। विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे पूरे विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण एवं उत्कृष्ट टीमवर्क का परिणाम बताया।  

    नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 19 अगस्त से 'इंडियन डीजे एक्सपो-2026' का आगाज़

    500+ ग्लोबल ब्रांड्स और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से रूबरू होंगे इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स  नई दिल्ली। इंडियन एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री का लीडिंग ब्रांडमेकर्स शो 'इंडियन डीजे एक्सपो' इस बार 19-21 अगस्त तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में हो रहा है। यह डीजे एक्सपो का 11वां एडिशन है। इस सालाना एक्सपो ने प्रोफेशनल ऑडियो, लाइटिंग, एवी, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स, डीजे टेक्नोलॉजी, एलईडी डिस्प्ले सॉल्यूशंस और स्पेशल इफेक्ट्स के लिए भारत के सबसे बड़े मार्केटप्लेस के तौर पर पहचान बनाई है, जो मैन्युफैक्चरर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स, सिस्टम इंटीग्रेटर्स, रेंटल कंपनियों, कंसल्टेंट्स, वेन्यू ओनर्स, इवेंट प्रोफेशनल्स और टेक्नोलॉजी बायर्स को एक ही छत के नीचे लाता है। इस साल एक्सपो में 500 से ज़्यादा लीडिंग नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स के आने की संभावना है। लेटेस्ट इनोवेशन, ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी और फ्यूचर-रेडी सॉल्यूशंस के जरिये देखने को मिलेगा कि भारत के एंटरटेनमेंट और इंटीग्रेशन सेक्टर्स कितनी तेजी से बदल रहे हैं। डीजे एक्सपो के साथ ही, प्रो एवी सिस्टम्स इंटीग्रेशन एक्सपो 2026 बढ़ते इंस्टॉलेशन और सिस्टम इंटीग्रेशन मार्केटप्लेस पर फोकस करेगा, जिसमें कमर्शियल ऑडियो, इंस्टॉल्ड साउंड, साउंड रीइन्फोर्समेंट, कॉन्फ्रेंसिंग, डिजिटल साइनेज, एलईडी डिस्प्ले टेक्नोलॉजी, इंटेलिजेंट लाइटिंग, इनडोर और आउटडोर एंटरटेनमेंट वेन्यू, कॉर्पोरेट स्पेस, हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स और पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए इंटीग्रेटेड एवी सिस्टम्स के सॉल्यूशंस पेश किए जाएंगे। डीजे एक्सपो के संयोजक, मैनुअल डायस ने कहा, "इस साल एक बड़ा फोकस सिस्टम्स इंटीग्रेशन मार्केटप्लेस है। जैसे-जैसे भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर, हॉस्पिटैलिटी, एजुकेशन और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में तेज़ी से ग्रोथ देख रहा है, ये टेक्नोलॉजीज़ इंडस्ट्री के भविष्य को बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।" दस वर्षों के अनुभव को आगे बढ़ाते हुए इस बार विज़िटर्स नए प्रोडक्ट लॉन्च, लाइव डेमोस्ट्रेशन, हैंड्स-ऑन टेक्नोलॉजी अनुभव, इंडस्ट्री नेटवर्किंग के अवसर, टेक्निकल वर्कशॉप, नॉलेज सेशन और एक्सपर्ट पैनल, बिज़नेस डेवलपमेंट के अवसर, नई टेक्नोलॉजी शोकेस के साथ एक शानदार अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं।