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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में धूमधाम से मना दीपावली महोत्सव:

    शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ को बोनस और मिठाई का वितरण यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर में दीपावली का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा एक भव्य दीपावली महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को त्योहार के उपहार और प्रोत्साहन के रूप में बोनस (इनाम) स्वरूप धनराशि एवं मिठाई का वितरण किया गया। समारोह की शुरुआत में विश्वविद्यालय के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने सभी को बधाई देते हुए कहा, "हमारा उद्देश्य एक ऐसा प्रगतिशील और आत्मीय वातावरण तैयार करना है जहां हर कर्मचारी खुद को परिवार का हिस्सा समझे, और यह आयोजन इसी सोच का प्रतीक है।" विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने कर्मचारियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, "संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और विकास का श्रेय हमारे समर्पित स्टाफ को जाता है, जिनकी मेहनत से विश्वविद्यालय निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।" इस अवसर पर प्रो-प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) अंकित गांधी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "दीपावली का यह बोनस और उपहार हमारे कर्मचारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है, जो उनके मनोबल और कार्य-ऊर्जा को और बढ़ाएगा।" इस गरिमामयी समारोह में विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) विश्वनाथ प्रधान विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने समस्त विश्वविद्यालय परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा, "त्योहारों पर इस तरह के आयोजन आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करते हैं और कर्मचारियों को संस्थान के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देते हैं।" कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा ने कहा, "प्रबंधन द्वारा दिया गया यह विशेष प्रोत्साहन हमारे पूरे स्टाफ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है, और हम सभी मिलकर विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" दीपावली महोत्सव के दौरान विश्वविद्यालय परिसर का माहौल अत्यंत उत्सवपूर्ण और सकारात्मक नजर आया। प्रबंधन द्वारा दिए गए इस विशेष प्रोत्साहन, सम्मान, बोनस और मिठाई के वितरण से सभी कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। कर्मचारियों ने इस सहृदयता के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन का सहदिल से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सांझा किया कि कर्मचारी ही किसी भी शिक्षण संस्थान की रीढ़ होते हैं। दीपावली जैसे पावन त्योहार पर उनके योगदान को सराहने और उनके साथ खुशियां बांटने से न केवल आपसी संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि कार्यक्षेत्र में एक सकारात्मक व ऊर्जावान माहौल का निर्माण होता है। कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग और आत्मीयता का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां सभी ने एक-दूसरे को सुरक्षित और समृद्ध दीपावली की शुभकामनाएं दीं।  

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में दिवाली स्नेह मिलन समारोह आयोजित

    जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में गुरुवार को दिवाली स्नेह मिलन समारोह-2026 का आयोजन उत्साह एवं उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात लक्ष्मी पूजन एवं आरती की गई। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राधिका बियानी डागा, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी एवं असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी और डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने कॉलेज की परंपरा के अनुसार पांच, दस, पंद्रह एवं उससे अधिक वर्षों से संस्थान में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सम्मान किया। उन्होंने सभी के समर्पण, निष्ठा एवं योगदान की सराहना करते हुए चांदी के सिक्के एवं नकद उपहार भेंट किए तथा दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। डॉ. राजीव बियानी ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें अपने रिश्तों का ख्याल रखना चाहिए और उन्हें मजबूत बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने सभी से अपने कार्यों को बेहतर और उत्कृष्ट बनाने, स्वास्थ्य का ध्यान रखने तथा दीपावली का पर्व मंगलमय एवं खुशहाल बनाने की कामना की। उन्होंने सभी से मिलकर संस्थान की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। डॉ. संजय बियानी ने सभी शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन संस्थान में रचनात्मकता, उत्साह और टीम भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। डीन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने भी सभी को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों एवं स्टाफ के बीच आपसी सहयोग, सांस्कृतिक जुड़ाव और सकारात्मकता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उपहार वितरित किए गए। साथ ही संस्थान की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली एवं समर्पित सेवाओं के लिए मार्केटिंग टीम को भी सम्मानित किया गया। पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे आयोजन में उत्सव, उमंग और आपसी सौहार्द का वातावरण रहा, जिसने दिवाली स्नेह मिलन समारोह को यादगार बना दिया।  

    आर्किटेक्ट रघुवीर सिंह कपकजा के नए अध्यक्ष और एन. राम महासचिव बनें

    खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज जयपुर एलुमनाई एसोसिएशन (KPCJAA) की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह एवं दिवाली स्नेह मिलन , होटल न्यू हवेली, जयपुर में हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में आर्किटेक्ट तुषार सोगानी, प्रेसिडेंट इलेक्ट ARCASIA, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को शपथ दिलाई। एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी में आर्किटेक्ट रघुवीर सिंह अध्यक्ष,  रघुनाथ सिंह उपाध्यक्ष, श्री एन. राम महासचिव,  नंदा राम कोषाध्यक्ष एवं  भंवर लाल यादव संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए। इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष  जी.पी. शर्मा एवं निवर्तमान महासचिव  दिनेश चंद सैनी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां साझा करते हुए सभी सदस्यों को उनके द्वारा दिये सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कपकजा के चेयरमैन एवं कॉलेज प्राचार्य श्री विनोद जांगिड ने नई टीम को शुभकामनाएं दीं। नवनिर्वाचित अध्यक्ष आर्किटेक्ट रघुवीर सिंह ने एसोसिएशन को अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने आगामी कार्ययोजना के तहत **4C Philosophy – CONNECT • CLIMB • CONTRIBUTE • CREATE LEGACY** को संगठन की प्रमुख विचारधारा के रूप में प्रस्तुत किया। नवनिर्वाचित महासचिव एन. राम ने सभी अतिथियों, सदस्यों, प्रायोजकों, स्वयंसेवकों एवं आयोजन टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एसोसिएशन कॉलेज  के विकास, नेटवर्किंग और युवा प्रतिभाओं के मार्गदर्शन के लिए निरंतर कार्य करेगा। शपथ ग्रहण समारोह के उपरान्त दिवाली स्नेह मिलन का कार्यक्रम हुआ जो आपसी मेल-मिलाप, म्यूजिकल नाईट, नेटवर्किंग एवं रात्रिभोज के साथ सम्पन्न हुआ।

    एमजीडी गर्ल्स स्कूल में तीन दिवसीय 'एमजीडी एमयूएन 2026' का सफल आयोजन

    महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल में 2 से 4 नवंबर 2026 तक 'एमजीडी एमयूएन' (मॉडल यूनाइटेड नेशंस) के 10वें संस्करण का शानदार आयोजन किया गया। "यतो धर्मः ततो जयः" के ध्येय वाक्य के साथ आयोजित इस सम्मेलन में देश भर के 11 प्रमुख स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन 2 नवंबर को स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती अर्चना एस. मानकोटिया के करकमलों से हुआ।  सम्मेलन में पारंपरिक कमेटियों से अलग दो नई कमेटियाँ मुख्य आकर्षण रहीं। 'गोलमाल मंडपम' कमेटी में प्रतिभागियों ने राष्ट्राध्यक्ष के रूप में देशों के आंतरिक संकटों पर मंथन किया, वहीं 'सिटी पंचायत' में विद्यार्थियों ने मेयर की भूमिका निभाते हुए शहर की सफाई व्यवस्था और नागरिक समस्याओं पर सार्थक विचार रखे। आयोजन में कुँवरानी अंबिका सिंह ने भी विशेष रूप से शिरकत कर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। 4 नवंबर को आयोजित समापन समारोह में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव  उपेंद्र सिंह रावत मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर डेली कॉलेज, इंदौर को 'सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधिमंडल' (बेस्ट डेलीगेशन) घोषित किया गया। इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रमेंद्र खंगारोत, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल एस. एस. सांगवान और सभी कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे। राष्ट्रगान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन का सफल समापन हुआ।

    ओपन एण्ड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) पर इंडक्शन एंड ओरिएंटेशन कार्यक्रम

    कनोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में दिनांक 4 नवंबर 2026 को केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) पर इंडक्शन एण्ड ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य वक्ता डॉ. ममता भाटिया, वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), क्षेत्रीय केंद्र, जयपुर एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान अजमेर की टीम, प्रो. ओ. पी. देवल, निदेशक, ओडीएल, डॉ. अमित कुमार, प्रबंधन विभाग,  रूपेंद्र सिंह राठौड़, कंप्यूटर साइंस विभाग एवं छाया दधवाल, अर्थशास्त्र विभाग का स्वागत करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात प्रो. ओ. पी. देवल, निदेशक, ओपन एण्ड डिस्टेंस लर्निंग ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा इस पहल के उदेश्यों, संस्थागत सहयोग एवं शैक्षणिक परामर्शदाता (एकेडमिक काउसंलर) के रूप में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. ममता भाटिया ने अपनी ज्ञानवर्धक प्रस्तुति में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की अवधारणा, विकास यात्रा, मूलभूत सिद्धांतों एवं वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसके छः प्रमुख मूल्यों-खुलापन, लचीलापन, किफायती शिक्षा, समावेशिता, आजीवन सीखना एवं उत्कृष्टता की विस्तार से व्याख्या की। कार्यक्रम में कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के लगभग 35 संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वक्तव्य के पश्चात आयोजित संवादात्मक सत्र में महाविद्यालय के संकाय सदस्यों ने शैक्षणिक परामर्शदाता की भूमिका, पाठ्यक्रम संरचना, पंजीकृत छात्राओं को सहयोग की संभावनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे। प्रो. ओ. पी. देवल ने सभी प्रश्नों का उत्तर देते हुए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं संवादपरक रहा। यह पहल गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं लचीली उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा संस्थागत शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।

    बिल गेट्स की बेटी की बेहिसाब खर्च करने की आदत से परेशान पिता, भड़के अरबपति ने दी पॉडकास्ट में चेतावनी

    बिल गेट्स की बेटी की बेहिसाब खर्च करने की आदत से परेशान पिता, भड़के अरबपति ने दी पॉडकास्ट में चेतावनी दुनिया के जाने-माने बिजनेस टाइकून और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स अपनी लाडली बेटी की पैसे उड़ाने की बेहिसाब आदत से खासे परेशान नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान बिल गेट्स ने खुद यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि उनकी 23 वर्षीय बेटी फोएबे गेट्स पानी की तरह पैसा खर्च कर रही हैं, जिससे वे बेहद नाराज हैं। महज तीन दिन में उड़ जाते हैं सारे पैसे पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बिल गेट्स ने बताया कि वे अपनी बेटी को हर हफ्ते भारी-भरकम राशि के रूप में 3,50,000 डॉलर (भारतीय मुद्रा के अनुसार लगभग 3 करोड़ रुपये) देते हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम मिलने के महज तीन दिन बाद ही उनकी बेटी और पैसों की मांग लेकर उनके सामने आ जाती है। यदि हिसाब लगाया जाए, तो वह भारतीय करंसी के अनुसार रोजाना औसतन 1 करोड़ रुपये खर्च कर रही हैं। बिल गेट्स ने दी सख्त चेतावनी बेटी की इस गैर-जिम्मेदाराना और खर्चीली आदत से खफा होकर बिल गेट्स ने उन्हें कड़ी चेतावनी दी है। अरबपति पिता ने साफ शब्दों में कह दिया है कि अगर उसने अपने पैसे खर्च करने के इस तरीके को नहीं सुधारा और फिजूलखर्ची बंद नहीं की, तो वे उसका खर्चा-पानी पूरी तरह से बंद कर देंगे। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ लोग दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार बिल गेट्स के बच्चों की जीवनशैली और वित्तीय अनुशासन पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    पुरानी यादों का मिलन, दोस्ती का जश्न और दिवाली की रौनक; जेईसीआरसी में सजा एलुमनाई गेट-टुगेदर

    वर्ष 2004 से 2025 तक के विभिन्न बैच के पूर्व विद्यार्थी हुए शामिल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों में कार्यरत प्रोफेशनल्स और तेजी से उभरते स्टार्टअप्स के संस्थापकों ने साझा किए अनुभव*\ जयपुर, पुराने दोस्तों से मुलाकात, कॉलेज के दिनों की यादें और दिवाली की खुशियां... इन सभी रंगों के साथ जेईसीआरसी में दिवाली एलुमनाई गेट-टुगेदर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2004 से 2025 तक के विभिन्न बैच के पूर्व विद्यार्थी देश के अलग-अलग हिस्सों से एकत्रित हुए। आयोजन में बड़ी संख्या में एलुमनाई ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक कंपनियों में कार्यरत प्रोफेशनल्स के साथ-साथ अपने स्टार्टअप्स के माध्यम से नई पहचान बना रहे उद्यमी और ऐसे स्टार्टअप्स के संस्थापक भी शामिल रहे, जो आने वाले समय में यूनिकॉर्न बनने की क्षमता रखते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके इन पूर्व विद्यार्थियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। इस अवसर पर पूर्व विद्यार्थियों ने अपने पुराने अनुभव साझा किए और संस्थान के साथ अपने जुड़ाव को फिर से महसूस किया। अलग-अलग बैच के दोस्तों का मिलना, पुरानी यादों को ताजा करना और एक-दूसरे की उपलब्धियों से रूबरू होना आयोजन का खास आकर्षण रहा। इसके बाद पूरे आयोजन में खेल और मनोरंजन का उत्साह देखने को मिला। क्रिकेट, पिकलबॉल, म्यूजिकल चेयर्स और डंब शराड्स जैसी गतिविधियों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। कहीं क्रिकेट के मैदान पर पुरानी टीम भावना देखने को मिली, तो कहीं खेलों के दौरान हंसी-मजाक और दोस्तों के बीच दिलचस्प मुकाबले नजर आए। साथ ही सम्मान समारोह में विजेता टीमों और शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत और दिवाली के उत्सव ने पूरे माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया। इस आयोजन में जेयू, यूडीएमएल और एमजीआईएएस से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों ने भाग लिया। अलग-अलग बैच और कैंपस के विद्यार्थियों का एक साथ आना इस बात का प्रतीक रहा कि संस्थान से जुड़ा रिश्ता पढ़ाई पूरी होने के बाद भी बना रहता है। जेईसीआरसी का यह दिवाली एलुमनाई गेट-टुगेदर केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पुरानी दोस्ती को फिर से जीने, उपलब्धियों का जश्न मनाने और संस्थान के साथ रिश्तों को नई ऊर्जा देने का खूबसूरत अवसर बना। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने कहा जेईसीआरसी का रिश्ता अपने विद्यार्थियों के साथ केवल कैंपस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनभर का जुड़ाव है। हमें गर्व है कि हमारे पूर्व विद्यार्थी आज माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों में अपनी पहचान बना रहे हैं और उद्यमिता के क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रहे हैं। एलुमनाई गेट-टुगेदर जैसे आयोजन पुराने रिश्तों को फिर से जोड़ने और आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों को इनकी उपलब्धियों से प्रेरणा देने का अवसर प्रदान करते हैं।” यह वक्तव्य संस्थान की Beyond the Campus, A Lifelong Connection वाली सोच को भी सामने लाता है।

    राजस्थान में अब तक 44 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण

    -पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने ली समीक्षा बैठक -मोबाइल वेटनरी वैन से 16.80 लाख पशुधन को मिला निःशुल्क उपचार  जयपुर । पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को शासन सचिवालय में पशुपालन विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। मोबाइल वेटनरी योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए  कुमावत ने कहा कि  इस  योजना के तहत अब तक 19 लाख 49 हजार पशुपालकों के 68 लाख 33 हजार पशुधनों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इसमें से 16 लाख 80 हजार पशुधन को '1962' टोल-फ्री नंबर पर मिली कॉल के आधार पर घर बैठे मोबाइल वेटनरी यूनिट से इलाज मिला है। लाभार्थियों से मिले फीडबैक में 98% ने सेवाओं को अच्छा बताया है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की समीक्षा करते हुए  कुमावत ने कहा कि योजना के तहत 02 नवंबर 2026 तक कुल 44 लाख 08 हजार 174 पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें से 30 लाख 29 हजार 639 पशुओं का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और 27 लाख 56 हजार 103 पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी हो चुकी है। मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को जल्द पूरा करने, लंबित दावों के तुरंत भुगतान और लापरवाही बरतने वाले संयुक्त निदेशकों को चार्जशीट देने के निर्देश दिए। सेक्स सोर्टेड सीमन योजना (कृत्रिम गर्भाधान - AI) की समीक्षा करते हुए  कुमावत ने कहा कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अव्वल बनाने के लिए गाय व भैंसों में कृत्रिम गर्भाधान (AI) को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। विगत दो वर्षों में 10 लाख 57 हजार पशुओं का एआई किया जा चुका है और आगामी वर्ष के लिए 9 लाख डोजेज खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। अकालग्रस्त क्षेत्रों के लिए राहत संबंधी समीक्षा करते हुए कुमावत ने कहा कि जोधपुर और उदयपुर संभाग के कम बारिश के कारण अकालग्रस्त घोषित जिलों में चारा डिपो खोलकर पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा बैठक में नाबार्ड या अन्य योजनाओं के बजट से पशु चिकित्सा उप केंद्रों के नए भवनों के निर्माण पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पशुपालन विभाग के डायरेक्टर डॉ. सुरेशचंद मीणा, आरएलडीबी के मैनेजर डॉ प्रीतपाल कालरा,  अतिरिक्त निदेशक हेमंत पंत, नोडल एमवीयू डॉ प्रदीप शर्मा, नोडल हेल्थ डॉ आलोक श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    राजकीय महाविद्यालय जयपुर में आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन

    छात्राओं ने किया साहसिक प्रदर्शन जयपुर: राजकीय महाविद्यालय, जयपुर में रानी लक्ष्मीबाई केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित एक महीने से अधिक लंबे आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ。यह शिविर 3 अक्टूबर से 4 नवम्बर 2026 तक आयोजित किया गया था। समारोह में पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती परमज्योति मुख्य अतिथि के रूप में तथा प्रशिक्षु आई.पी.एस. अदिति उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रविकांत शर्मा ने की। आत्मविश्वास और कला का जीवंत प्रदर्शन कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद कार्यक्रम प्रभारी डॉ. ममता चौधरी ने शिविर का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया लाइव प्रदर्शन रहा। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की प्रशिक्षक शीला और ममता कुमारी के निर्देशन में छात्राओं ने शिविर के दौरान सीखी गई आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का शानदार और आत्मविश्वासी प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया। इस दौरान छात्रा कोमल यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया। अतिथियों ने छात्राओं को दिया प्रेरणादायक संदेश मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती परमज्योति ने छात्राओं को अपने जीवन के संस्मरण सुनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक और साहसी बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं, विशिष्ट अतिथि एवं प्रशिक्षु आई.पी.एस. अदिति उपाध्याय ने छात्राओं को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से दूर रहने तथा हमेशा सबल, जागरूक एवं सुरक्षित रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागी छात्राओं और प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. ममता चौधरी ने सभी का आभार व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन डॉ. रजनी मीणा और डॉ. ललिता शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई केन्द्र समिति के सदस्य डॉ. पूर्णिमा सिंह, डॉ. अनिता सुराणा, पूनम शर्मा, श्रीमती पूनम गुप्ता सहित महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    बियानी कॉलेज में ‘स्वाद उत्सव-2026’ का भव्य आयोजन

    23 स्टॉलों पर दिखी उद्यमिता और रचनात्मकता जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में विद्यार्थियों में उद्यमिता, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिवाली कार्निवल ‘स्वाद उत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी विभागों के विद्यार्थियों ने कुल 23 स्टॉल लगाकर अपने व्यावसायिक कौशल एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ‘स्वाद उत्सव’ में विद्यार्थियों ने वड़ा पाव, पानीपुरी, भेलपुरी, इडली-सांभर सहित विभिन्न लोकप्रिय व्यंजनों के आकर्षक स्टॉल लगाए। विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने इन स्टॉलों पर विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने ज्वैलरी, हस्तनिर्मित वस्तुओं एवं क्राफ्ट्स के स्टॉल लगाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा और व्यावसायिक सोच का परिचय दिया। आयोजन के दौरान स्टॉल प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें स्वच्छता, स्वाद, रचनात्मकता एवं सजावट के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में राहुल भट्ट, जनरल मैनेजर, हॉलिडे इन तथा हेड शेफ, हॉलिडे इन शामिल रहे। निर्णायकों के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राधिका बियानी डागा, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी, सीए साक्षी बियानी एवं प्रिंसिपल एंव डीन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने भी सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थों का स्वाद चखा। उन्होंने स्वाद, गुणवत्ता, स्वच्छता, प्रस्तुति एवं रचनात्मकता के आधार पर स्टॉलों का मूल्यांकन किया तथा विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए।  मोस्ट इनोवेटिव स्टॉल का पुरस्कार स्टॉल नंबर 9 ‘मानसा बेकर्स’, *मोस्ट क्रिएटिव स्टॉल* का पुरस्कार स्टॉल नंबर 3 तथा *क्राउड फेवरेट स्टॉल* का पुरस्कार स्टॉल नंबर 19 ‘गपशप पानीपुरी’ को प्रदान किया गया। वहीं बेस्ट टेस्टिंग डिश श्रेणी में स्टॉल नंबर 20 ‘इडली विडली एंड चिली’ एवं स्टॉल नंबर 18 ‘स्वाद ए स्वैग’ को सम्मानित किया गया। मोस्ट हाइजीनिक स्टॉल का पुरस्कार स्टॉल नंबर 23 ‘स्नेक ए होलिक’ को मिला। ‘स्वाद उत्सव’ का आयोजन विद्यार्थियों को उद्यमिता के व्यावहारिक गुर सिखाने तथा उनमें टीमवर्क, प्रबंधन और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से किया गया।

    संपत्ति धोखाधड़ी मामले में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती, गायक लकी अली पहुंचे कर्नाटक हाईकोर्ट

    Yugcharan News / 04-11-2026 प्रसिद्ध गायक लकी अली ने अपने परिवार की संपत्तियों से जुड़े कथित जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने के फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका आरोप है कि इस मामले की जांच में उनके दिवंगत पिता के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी और संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की पर्याप्त जांच नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा है कि मजिस्ट्रेट ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने से पहले उन्हें उस पर आपत्ति दर्ज कराने या विरोध याचिका दाखिल करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रमनाथ हेगड़े ने नोटिस जारी किया है। लकी अली ने अदालत से 18 फरवरी 2026 को बेंगलुरु के प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (आई एसीएमएम) द्वारा पारित आदेश को रद्द करने की मांग की है। इसी आदेश के तहत येलहंका न्यू टाउन पुलिस की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की गई थी। लकी अली का कहना है कि पुलिस की जांच और उसके बाद की न्यायिक कार्यवाही के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं मिला। अब वह हाईकोर्ट से निर्देश चाहते हैं कि संबंधित मजिस्ट्रेट उन्हें क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति और विरोध याचिका दाखिल करने की अनुमति दें। क्या है लकी अली का संपत्ति विवाद मामला? यह मामला लकी अली के परिवार की अचल संपत्तियों के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़ा है। गायक ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने कथित साजिश के तहत उनके दिवंगत पिता महमूद अली और उनकी सौतेली मां ताहेरा महमूद अली के हस्ताक्षरों की जालसाजी की। याचिका के अनुसार, कथित तौर पर जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) और स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी (एसपीए) से जुड़े दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इन दस्तावेजों पर 9 नवंबर 1989 की तारीख दर्ज बताई गई है। लकी अली का आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल परिवार की अचल संपत्तियों को हस्तांतरित करने के लिए किया गया। मामले में जिन संपत्तियों का उल्लेख है, वे बेंगलुरु उत्तर तालुक के येलहंका होबली क्षेत्र के तीन गांवों में स्थित कृषि भूमि हैं। इनमें गोविंदपुरा, वासुदेवपुरा और केनचेन्नाहल्ली गांव शामिल हैं। लकी अली का दावा है कि इन जमीनों के हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल हैं। उनका आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों में उनके पिता और सौतेली मां के हस्ताक्षरों की वास्तविकता की पर्याप्त जांच नहीं की गई। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हस्ताक्षरों की जालसाजी और संपत्ति के अवैध हस्तांतरण से जुड़े आरोप अभी आरोप हैं। अदालत में इनकी सत्यता का अंतिम निर्धारण होना बाकी है। पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को क्यों दी गई चुनौती? लकी अली की याचिका का मुख्य आधार यह है कि जांच एजेंसियों ने मामले के महत्वपूर्ण पहलुओं की पर्याप्त पड़ताल नहीं की। उनके अनुसार, अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की आर्थिक अपराध शाखा ने जांच के दौरान दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता और पावर ऑफ अटॉर्नी के पंजीकरण से जुड़े सवालों को पूरी तरह नहीं परखा। गायक का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट रूप से जांचा जाना चाहिए था कि जीपीए और एसपीए दस्तावेजों पर दर्ज हस्ताक्षर वास्तविक थे या कथित रूप से जाली बनाए गए थे। इसके अलावा, दस्तावेजों के पंजीकरण की प्रक्रिया और संपत्तियों के हस्तांतरण में उनकी भूमिका की भी पर्याप्त जांच जरूरी थी। उनका आरोप है कि जांच में इन बिंदुओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया और अंततः पुलिस ने मामले को बंद करने की रिपोर्ट दाखिल कर दी। लकी अली का कहना है कि इस रिपोर्ट को स्वीकार करने से पहले उन्हें अपनी आपत्तियां रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए था। 12 मार्च 2024 को मजिस्ट्रेट ने दिए थे आगे की जांच के निर्देश इस मामले में पहले भी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 मार्च 2024 को मजिस्ट्रेट ने पुलिस को मामले की आगे जांच करने और लकी अली की आपत्तियों पर विचार करने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इस आदेश का उद्देश्य पहले दाखिल क्लोजर रिपोर्ट पर उठाई गई आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए मामले की दोबारा जांच कराना था। इसके बाद पुलिस ने आगे की जांच की, लेकिन अंततः फरवरी 2026 में क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पूरी हुई। लकी अली का कहना है कि आगे की जांच के बाद भी पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, लेकिन उन्हें इस रिपोर्ट को चुनौती देने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। इसी प्रक्रिया को लेकर उन्होंने अब हाईकोर्ट का रुख किया है। उनकी याचिका में यह सवाल भी उठाया गया है कि जब पहले मजिस्ट्रेट ने उनकी आपत्तियों पर विचार करने और आगे जांच कराने का निर्देश दिया था, तब बाद की कार्यवाही में उन्हें रिपोर्ट के खिलाफ अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं मिला। क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार होने के बाद क्या होता है? आपराधिक मामलों में पुलिस जांच पूरी करने के बाद अदालत में अपनी रिपोर्ट दाखिल करती है। यदि जांच एजेंसी को पर्याप्त सबूत नहीं मिलते या वह अपराध के संबंध में अभियोजन आगे बढ़ाने योग्य आधार नहीं पाती, तो वह क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। हालांकि, पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होना और उसका अदालत द्वारा स्वीकार किया जाना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। रिपोर्ट पर विचार करने का अधिकार संबंधित मजिस्ट्रेट के पास होता है। शिकायतकर्ता या संबंधित पक्ष को रिपोर्ट के खिलाफ अपनी आपत्तियां रखने का अवसर मिल सकता है। ऐसी आपत्तियों को सामान्यतः विरोध याचिका या प्रोटेस्ट पिटीशन के रूप में दाखिल किया जाता है। इस मामले में लकी अली की प्रमुख शिकायत भी इसी प्रक्रिया से जुड़ी है। उनका कहना है कि मजिस्ट्रेट द्वारा क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने से पहले उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। इसलिए वह चाहते हैं कि अदालत उन्हें रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराने की अनुमति दे और मामले में उनकी शिकायतों पर सुनवाई हो। हाईकोर्ट में उनकी याचिका का उद्देश्य फिलहाल क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया को चुनौती देना और अपनी आपत्तियां रखने का अवसर प्राप्त करना है। इसे संपत्ति विवाद में आरोपों के सही या गलत होने पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं माना जाना चाहिए। प्रमाणित प्रतियों और अदालती कार्यवाही में अनियमितताओं का भी आरोप लकी अली ने अपनी याचिका में केवल जांच की गुणवत्ता पर ही सवाल नहीं उठाए हैं, बल्कि क्लोजर रिपोर्ट से संबंधित प्रमाणित प्रतियों और मजिस्ट्रेट के समक्ष हुई कार्यवाही को लेकर भी कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि क्लोजर रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने और न्यायिक कार्यवाही के संचालन में भी ऐसी समस्याएं सामने आईं, जिनकी जांच आवश्यक है। किसी न्यायिक आदेश को चुनौती देते समय संबंधित दस्तावेजों की उपलब्धता और पक्षकारों को सुनवाई का अवसर मिलना महत्वपूर्ण होता है। लकी अली का तर्क है कि इन प्रक्रियात्मक पहलुओं में कथित खामियों के कारण वह समय पर और प्रभावी तरीके से अपनी आपत्तियां प्रस्तुत नहीं कर सके। हालांकि, इन कथित अनियमितताओं पर हाईकोर्ट का अंतिम रुख अभी सामने नहीं आया है। अदालत की ओर से नोटिस जारी किया जाना इस बात का संकेत है कि याचिका पर आगे सुनवाई होगी, लेकिन इससे याचिकाकर्ता के आरोपों की पुष्टि नहीं होती। लकी अली का आधिकारिक नाम मकसूद एम अली गायक लकी अली का आधिकारिक नाम मकसूद एम अली है। वह भारतीय संगीत जगत में अपनी अलग आवाज और लोकप्रिय गीतों के लिए जाने जाते हैं। इस मामले में उन्होंने अपने परिवार की संपत्तियों से जुड़े कथित दस्तावेजी फर्जीवाड़े और हस्तांतरण के आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई की है। यह विवाद मुख्य रूप से बेंगलुरु उत्तर के येलहंका क्षेत्र में स्थित कृषि भूमि और वर्ष 1989 के बताए जा रहे पावर ऑफ अटॉर्नी दस्तावेजों से संबंधित है। मामले में उनके दिवंगत पिता और सौतेली मां के हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजरें कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका पहुंचने और न्यायमूर्ति रमनाथ हेगड़े द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। अदालत को लकी अली की उन शिकायतों पर विचार करना होगा, जिनमें उन्होंने क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने से पहले पर्याप्त अवसर नहीं मिलने और जांच में महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। लकी अली चाहते हैं कि हाईकोर्ट मजिस्ट्रेट को निर्देश दे कि उन्हें पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ विरोध याचिका दाखिल करने और अपनी आपत्तियां रखने का अवसर दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने 18 फरवरी 2026 के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसके जरिए क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की गई थी। फिलहाल इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जारी किया गया है। संपत्तियों के कथित अवैध हस्तांतरण, दस्तावेजों पर हस्ताक्षरों की जालसाजी और जांच में खामियों से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। आने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकेगा कि अदालत क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ लकी अली की आपत्तियों पर आगे क्या निर्देश देती है।

    पेट्रोल-डीजल के दाम 4 नवंबर को स्थिर, दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर; जानें प्रमुख शहरों के रेट

    Yugcharan News / 04-11-2026 देश के प्रमुख शहरों में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बड़े बदलाव नहीं हुए। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता समेत कई शहरों में ईंधन के दाम लगभग स्थिर बने हुए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को समाप्त कर दिया है, जबकि डीजल के निर्यात पर शुल्क बढ़ाया गया है। इस बदलाव के बावजूद घरेलू पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को मिलने वाली कीमतों में तत्काल कोई बड़ा परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये तथा डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर मिले-जुले संकेतों तथा क्षेत्रीय तनाव के कारण तेल कारोबारियों में अनिश्चितता बनी हुई है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के बावजूद भारतीय खुदरा बाजार में फिलहाल ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। 4 नवंबर को प्रमुख शहरों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम 4 नवंबर 2026 को उपलब्ध दरों के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें इस प्रकार हैं: शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर) सीएनजी (₹/किलो) नई दिल्ली 102.12 95.20 86.98 मुंबई 111.21 97.83 89.00 चेन्नई 107.76 99.55 99.50 कोलकाता 113.51 99.82 103.00 गुरुग्राम 102.97 95.64 92.01 नोएडा 101.96 95.44 95.59 बेंगलुरु 111.68 99.56 99.00 भुवनेश्वर 108.97 100.68 93.50 लखनऊ 101.89 95.36 107.00 पटना 113.37 99.36 93.00 जयपुर 113.19 98.25 99.50 तिरुवनंतपुरम 115.49 104.40 99.00 इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतों में अंतर बना हुआ है। सूची में तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर के साथ सबसे महंगा दर्ज किया गया है, जबकि लखनऊ में इसकी कीमत 101.89 रुपये प्रति लीटर है। डीजल के मामले में भी शहरों के बीच अंतर है। तिरुवनंतपुरम में डीजल 104.40 रुपये प्रति लीटर और दिल्ली में 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। सीएनजी की कीमतें भी शहर के अनुसार अलग-अलग हैं। दिल्ली में सीएनजी 86.98 रुपये प्रति किलो है, जबकि लखनऊ में इसका भाव 107 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है। पेट्रोल के निर्यात शुल्क को शून्य किया गया केंद्र सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में कटौती करते हुए इसे शून्य कर दिया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, संशोधित शुल्क व्यवस्था 31 अक्टूबर से लागू हुई। इससे पहले पेट्रोल के निर्यात पर 2.50 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा था। नए फैसले के बाद यह शुल्क घटाकर शून्य रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी पेट्रोल के निर्यात पर अब यह अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। हालांकि, सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में वृद्धि की है। इसे पहले के 8.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 11.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल और डीजल के निर्यात शुल्क में किए गए ये बदलाव घरेलू पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले ईंधन की कीमतों में तत्काल बदलाव के रूप में सामने नहीं आए हैं। 4 नवंबर को प्रमुख शहरों में खुदरा दरें लगभग स्थिर रहीं। अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें क्यों होती हैं अलग? भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव पर निर्भर नहीं करतीं। अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय करों, वैट, परिवहन लागत और अन्य स्थानीय शुल्कों के कारण कीमतों में अंतर होता है। राज्य सरकारों की ओर से लगाया जाने वाला मूल्यवर्धित कर यानी वैट ईंधन की अंतिम कीमत को प्रभावित करता है। इसके अलावा, तेल डिपो से पेट्रोल पंप तक ईंधन पहुंचाने का खर्च भी शहर और स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम एक समान नहीं होते। यहां तक कि एक ही राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में भी परिवहन और स्थानीय करों के कारण कीमतों में अंतर संभव है। सीएनजी की कीमतें भी स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था और संबंधित लागतों के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए वाहन चालकों के लिए अपने शहर की नवीनतम दर की जानकारी लेना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मंगलवार को तेल बाजार में कारोबारियों ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर मिल रहे संकेतों का आकलन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसकी कीमतों में करीब पांच डॉलर के दायरे में उतार-चढ़ाव देखा गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 104 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बंद हुआ। तेल बाजार में हालिया हलचल का एक प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद दूर करने के लिए मध्यस्थों की ओर से नए प्रस्ताव दिए जाने की खबरें सामने आई हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एक राजनयिक के हवाले से बताया गया कि दोनों देश मध्यस्थों के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, ईरान की ओर से बातचीत की प्रगति को लेकर संतोषजनक संकेत नहीं मिले हैं। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वॉशिंगटन की प्रतिक्रिया अब तक संतोषजनक नहीं रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल आपूर्ति पर चिंता अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय हो रहे हैं, जब पश्चिम एशिया में कई सप्ताह से तनाव बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमले तेज किए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों के बाद नए हमलों की चेतावनी दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और ऊर्जा उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच में इसकी अहम भूमिका है। इस मार्ग पर तनाव बढ़ने से तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर वैश्विक बाजार में चिंता पैदा हो सकती है। सोमवार को कूटनीतिक बातचीत में प्रगति के संकेतों के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई थी। लेकिन मंगलवार को मिले-जुले संकेतों के कारण बाजार में फिर अस्थिरता दिखाई दी। रिपोर्ट के अनुसार, नौ महीने से जारी संघर्ष ने फारस की खाड़ी से होने वाली आपूर्ति को प्रभावित किया है। इसके चलते इस साल ब्रेंट क्रूड की कीमत में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। कच्चे तेल में तेजी का असर पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बाजारों पर भी पड़ा है। फिलहाल घरेलू वाहन चालकों को राहत, लेकिन वैश्विक घटनाक्रम पर नजर जरूरी 4 नवंबर को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहने से वाहन चालकों को तत्काल किसी नई मूल्यवृद्धि का सामना नहीं करना पड़ा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया के तनाव पर बाजार की नजर बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति कितनी प्रभावित होती है, ये दोनों कारक आने वाले समय में वैश्विक तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। फिलहाल पेट्रोल के निर्यात शुल्क को शून्य करने और डीजल के निर्यात शुल्क को बढ़ाकर 11.50 रुपये प्रति लीटर करने के सरकारी फैसले के बावजूद घरेलू खुदरा दरों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। उपभोक्ताओं को अपने शहर में ईंधन खरीदने से पहले स्थानीय पेट्रोल पंप या संबंधित तेल विपणन कंपनियों से नवीनतम कीमत की पुष्टि करनी चाहिए।