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    खंडेलवाल समाज के भव्य परिचय सम्मेलन का शानदार समापन

    खंडेलवाल समाज के भव्य परिचय सम्मेलन मे कुल 300 प्रत्याशियों का परिचय व लगभग 70-75 संबंधों की सार्थक चर्चा अन्तिम दौर में है। इंदौर28 जून। अ. भा.खंडेलवाल वैश्य महासभा के तत्वावधान में अखिल भारतीय खंडेलवाल युवक युवती परिचय सम्मेलन के दूसरे दिन करीब 125 और प्रत्याशियों ने कुल 300 ने परिचय दिया जिनमें से करीब 70से 75 संबंधों पर सार्थक चर्चा अंतिम दौर में है। यह जानकारी देते हुए संस्था के दिनेश कूलवाल, कैलाश चन्द्र खंडेलवाल, सुनील माली,संगीता खंडेलवाल शुभांगी भूखमारिया, ने बताया कि आज प्रातः मुख्य अतिथि महासभा अध्यक्ष रमेश चन्द्र जी गुप्ता (तुंगा वाला) व विशिष्ट अतिथि महासभा मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा द्वारा संत सुंदर दास,संत बलरामदास कल्याण महाराज व माता सरस्वती के चित्रों पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण से कार्यक्रम शुभारंभ हुआ। आज रविवार होने से आयोजन स्थल पर जबरदस्त भीड़ हुई। आज गजब का उत्साह था। सभी अतिथियों का स्वागत किया दिनेश कूलवाल रमेश गुप्ता, कैलाश खंडेलवाल,मनोज खंडेलवाल, संगीता कूलवाल शुभांगी भूखमरिया सुनीता राजोरिया,उषा कूलवाल आदि ने । अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया की आज महासभा अध्यक्ष रमेश चन्द् गुप्ता (तुंगा वाला) ने मनीष शाहरा को महासभा का आजीवन मुख्य संरक्षक मनोनीत करने की घोषणा का पूरे सदन ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। आज खंडेलवाल सेवक के मुख्य संपादक हुकमीचंद पितलिया अमरावती, खंडेलवाल वैश्य पत्रिका के संपादक अशोक खंडेलवाल उज्जैन, हरीश विजयवर्गीय,रमेश टोडवाल, श्रीमती राखी विजयवर्गीय नरेंद्र टोडवाल खंडेलवाल परिषद के अध्यक्ष लक्ष्मण कानूनगों, धर्मेंद्र बड़गोती,अतुल भूखमारिया, आदि का भी स्वागत किया गया।आज युवक युवती प्रत्याशियों का अलग से विशेष परिचय सत्र आयोजित किया गया जिसे सभी ने बहुत सराहा जो निश्चित ही परिणाम मूलक सिद्ध होगा। सभी कार्यक्रम सहयोगियों का व समिति सदस्यों का स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया ।आज प्रभावी संचालन किया सी, ए,सुनील खंडेलवाल प्रियंका खंडेलवाल, अनिल लोहिया जयपुर, अजय प्रकाश सौंखिया मुंबई, शीतल गुप्ता ने। तथा आभार माना सुनील माली ने। जानकारी दी कैलाश चन्द्र खंडेलवाल ने।  

    जयपुर की प्रधानाचार्य कुमुद शर्मा को लगातार चौथी बार तथा शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा राज्यस्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान से सम्मानित

    जयपुर के महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय , गांधीनगर की प्रधानाचार्य कुमुद शर्मा को लगातार चौथी बार राज्य स्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान मिला। उन्होंने अभी तक लगभग 3 करोड़ के कार्य के लिए भामाशाहों को प्रेरित किया है। शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा को शिक्षा विभाग द्वारा राज्यस्तरीय समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री द्वारा भामाशाह प्ररेक सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने करीब 58 लाख के कार्य भामाशाहों को प्रेरित कर करवायें। शिक्षा विभाग का राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह कार्यक्रम बिरला सभागार जयपुर में आयोजित किया गया जिसमें उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहें।  

    जयपुर की प्रधानाचार्य कुमुद शर्मा को लगातार चौथी बार तथा शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा को कल मुख्यमंत्री करेंगे

    राज्यस्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान से सम्मानित जयपुर के महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय , गांधीनगर की प्रधानाचार्य कुमुद शर्मा को लगातार चौथी बार राज्य स्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान मिलेगा। उन्होंने अभी तक लगभग 3 करोड़ के कार्य के लिए भामाशाह को प्रेरित किया है। शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा को शिक्षा विभाग द्वारा कल राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा भामाशाह प्ररेक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह कार्यक्रम कल बिरला सभागार जयपुर में आयोजित किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे।  

    पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव टालने के विरोध में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी सत्याग्रह प्रारंभ

    टोंक से आंदोलन का आगाज़, 20 अगस्त को जयपुर में लोकतंत्र बचाओ महाप्रदर्शन होगा – डॉ. सी.बी. यादव जयपुर। राजस्थान में पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव समय पर नहीं कराए जाने तथा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों के विरोध में कांग्रेस के विभाग राजीव गांधी पंचायत राज संगठन ने आज प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.बी. यादव के नेतृत्व में टोंक से प्रदेशव्यापी “लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह” अभियान की शुरुआत की। गांधी पार्क (घंटाघर) में आयोजित सत्याग्रह में टोंक सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पंच-सरपंचों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सत्याग्रह को संबोधित करते हुए डॉ. सी.बी. यादव ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243E एवं 243U के अनुसार पंचायत एवं नगर निकायों के चुनाव समय पर कराना राज्य निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है। चुनावों में लगातार हो रही देरी लोकतांत्रिक व्यवस्था, स्थानीय स्वशासन तथा संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि आज से राजीव गांधी पंचायत राज संगठन प्रदेश के प्रत्येक जिले में लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह, जनचौपाल, संविधान संवाद, हस्ताक्षर अभियान एवं पदयात्राएँ आयोजित करेगा। आंदोलन के अगले चरण में 20 अगस्त, भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर जयपुर में विशाल लोकतंत्र बचाओ महाप्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भी यदि पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव घोषित नहीं किए गए तो पूरे राजस्थान में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। टोंक में आयोजित इस सत्याग्रह का स्थानीय नेतृत्व जिला अध्यक्ष नरेश मीणा ने किया। कार्यक्रम में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी, संगठन के राष्ट्रीय प्रशिक्षक विकास बुडानिया, संभाग प्रभारी नितेश सोनी ,सत्यनारायण सैनी सहित प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सत्याग्रह के समापन पर लोकतंत्र, संविधान एवं पंचायती राज संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा के लिए गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।  

    276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं का हुआ सम्मान, सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पणः उप मुख्यमंत्री

    - 30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 - 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं का हुआ सम्मान - भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का हुआ विमोचन जयपुर। शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 का आयोजन सोमवार को जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं को शिक्षा विभूषण, शिक्षा भूषण, प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया। इन भामाशाहों से वित्त वर्ष 2025-26 में 318 करोड़ रुपए का सहयोग प्राप्त हुआ है। इस मौके पर भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। समारोह में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भामाशाह सम्मान समारोह के दिन केवल सम्मान का दिन नहीं है बल्कि आत्मा के उत्सव का दिन है, संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पण। राजस्थान वीरों के साथ ही दानवीरों की धरती भी है। यहां तलवार के साथ ही त्याग भी देखने को मिलता है। मंच के समक्ष बैठे सभी व्यक्ति भामाशाह की परम्परा के प्रतिनिधि है। धन कमाना योग्यता हो सकती है, लेकिन धन का समाज के लिए उपयोग महानता का प्रतीक है। अब राजस्थान की पहचान केवल किलों से नहीं बल्कि हमारे विद्यालयों से, हमारी बालिकाओं की प्रगति से होगी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने संबोधन में कहा कि मेवाड़ की शौर्य गाथा महाराणा प्रताप और भामाशाह के बिना अधूरी है। उन्होंने भामाशाह पूनम चंद राठी का नाम लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी सहायता से बीकानेर के जयमलसर में राजकीय बालिका सैन्य विद्यालय बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय अब और सुरक्षित व तकनीकी रूप से समक्ष बन रहे हैं। अब श्यामपट्ट की जगह विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड आ गए हैं। भामाशाहों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए एक विशेष सेल गठित की जा रही है, जो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कार्य करेगी। विद्यालय की प्रबंधन समिति में भामाशाहों के दो प्रतिनिधि भी होंगे। ऐसे कई प्रयास है जो विभाग की ओर से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं भामाशाहों को विश्वास दिलाता हूं कि उनके द्वारा प्रदान किए गए धन को पूरा सदुपयोग शिक्षा के विकास के लिए ही होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने महाराणा प्रताप व भामाशाह के त्याग को याद करते हुए प्रदेश में शिक्षा की उन्नति के लिए आगे आने वाले भामाशाहों को धन्यवाद दिया। उन्होंने विभाग के प्रयासों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने मुख्यमंत्री विद्यादान कोष व ज्ञान संकल्प पोर्टल का जिक्र करते हुए बताया कि विभाग की ओर से भामाशाहों के लिए पूरी प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बनाई गई है। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, शिक्षामंत्री मदन दिलावर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव, मिड डे मील आयुक्त विश्वमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक एवं समग्र शिक्षा राजस्थान आयुक्त डॉ.रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट एवं निदेशक राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल राजस्थान महेंद्र सिंह खींची, सम्मानित होने वाले भामाशाह, विशिष्ठ भामाशाह, प्रेरक, समस्त विभागीय उपायुक्त एवं स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी/कार्मिक उपस्थित रहे। दानदाताओं को मिला सम्मान समारोह में राजकीय विद्यालय भवन निर्माण, अतिरिक्त निर्माण कार्य, निर्मित भवनों के विकास, भूमि उपलब्ध कराने तथा अन्य भौतिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक एवं एनआरआई दानदाताओं को सम्मानित किया जाएगा। 154 भामाशाहों में से 49 भामाशाह को शिक्षा विभूषण व 105 भामाशाहों को  शिक्षा भूषण सम्मान से नवाजा गया। 99 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में 23 एनआरआई दानदाता भी शामिल हैं।

    सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पणः उप मुख्यमंत्री

    - 30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 - 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं का हुआ सम्मान - भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का हुआ विमोचन जयपुर। शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 का आयोजन सोमवार को जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं को शिक्षा विभूषण, शिक्षा भूषण, प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया। इन भामाशाहों से वित्त वर्ष 2025-26 में 318 करोड़ रुपए का सहयोग प्राप्त हुआ है। इस मौके पर भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।   समारोह में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भामाशाह सम्मान समारोह के दिन केवल सम्मान का दिन नहीं है बल्कि आत्मा के उत्सव का दिन है, संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पण। राजस्थान वीरों के साथ ही दानवीरों की धरती भी है। यहां तलवार के साथ ही त्याग भी देखने को मिलता है। मंच के समक्ष बैठे सभी व्यक्ति भामाशाह की परम्परा के प्रतिनिधि है। धन कमाना योग्यता हो सकती है, लेकिन धन का समाज के लिए उपयोग महानता का प्रतीक है। अब राजस्थान की पहचान केवल किलों से नहीं बल्कि हमारे विद्यालयों से, हमारी बालिकाओं की प्रगति से होगी।   शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने संबोधन में कहा कि मेवाड़ की शौर्य गाथा महाराणा प्रताप और भामाशाह के बिना अधूरी है। उन्होंने भामाशाह पूनम चंद राठी का नाम लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी सहायता से बीकानेर के जयमलसर में राजकीय बालिका सैन्य विद्यालय बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय अब और सुरक्षित व तकनीकी रूप से समक्ष बन रहे हैं। अब श्यामपट्ट की जगह विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड आ गए हैं। भामाशाहों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए एक विशेष सेल गठित की जा रही है, जो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कार्य करेगी। विद्यालय की प्रबंधन समिति में भामाशाहों के दो प्रतिनिधि भी होंगे। ऐसे कई प्रयास है जो विभाग की ओर से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं भामाशाहों को विश्वास दिलाता हूं कि उनके द्वारा प्रदान किए गए धन को पूरा सदुपयोग शिक्षा के विकास के लिए ही होगा।   अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने महाराणा प्रताप व भामाशाह के त्याग को याद करते हुए प्रदेश में शिक्षा की उन्नति के लिए आगे आने वाले भामाशाहों को धन्यवाद दिया। उन्होंने विभाग के प्रयासों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने मुख्यमंत्री विद्यादान कोष व ज्ञान संकल्प पोर्टल का जिक्र करते हुए बताया कि विभाग की ओर से भामाशाहों के लिए पूरी प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बनाई गई है।   राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, शिक्षामंत्री मदन दिलावर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव, मिड डे मील आयुक्त विश्वमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक एवं समग्र शिक्षा राजस्थान आयुक्त डॉ.रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट एवं निदेशक राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल राजस्थान महेंद्र सिंह खींची, सम्मानित होने वाले भामाशाह, विशिष्ठ भामाशाह, प्रेरक, समस्त विभागीय उपायुक्त एवं स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी/कार्मिक उपस्थित रहे।   दानदाताओं को मिला सम्मान समारोह में राजकीय विद्यालय भवन निर्माण, अतिरिक्त निर्माण कार्य, निर्मित भवनों के विकास, भूमि उपलब्ध कराने तथा अन्य भौतिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक एवं एनआरआई दानदाताओं को सम्मानित किया जाएगा। 154 भामाशाहों में से 49 भामाशाह को शिक्षा विभूषण व 105 भामाशाहों को  शिक्षा भूषण सम्मान से नवाजा गया। 99 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में 23 एनआरआई दानदाता भी शामिल हैं।  

    30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2026 का आयोजन 29 जून को

    — जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में किया जा रहा सम्मान समारोह आयोजित — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि — शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक एवं एनआरआई दानदाता होंगे सम्मानित जयपुर। शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 का आयोजन 29 जून, 2026 (सोमवार) को जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षामंत्री मदन दिलावर करेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उपमुख्यमंत्री राजस्थान सरकार समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे। समारोह में राजकीय विद्यालय भवन निर्माण, अतिरिक्त निर्माण कार्य, निर्मित भवनों के विकास, भूमि उपलब्ध कराने तथा अन्य भौतिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक एवं एनआरआई दानदाताओं को सम्मानित किया जाएगा। इनमें 154 भामाशाह, 99 प्रेरक तथा 23 एनआरआई दानदाता शामिल हैं। यह आयोजन शिक्षा के विकास में समाज की सहभागिता, सहयोग और उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में उल्लेखनीय योगदान मिला है। इन भामाशाहों से वित्त वर्ष 2025-26 में 318 करोड़ रुपए का सहयोग प्राप्त हुआ है। समारोह के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सहयोगियों को सम्मानित कर समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देने के साथ जनसहयोग की भावना को और अधिक सशक्त किया जाएगा।  

    खण्डेलवाल समाज के परिचय सम्मेलन का आज शुभारंभ

    खंडेलवाल समाज सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन हेतु कटिबद्ध- रमेश,चन्द्र गुप्ता (तुंगा वाला) इंदौर। लगभग 113 वर्षों से सामाजिक उत्थान व प्रगति हेतु लगातार प्रयासरत अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा अभी भी समाज में व्याप्त अंधविश्वासों, कुरीतियों,और बुराइयों लेन देन दहेज,लिफाफा संस्कृति, तलाक प्रथा आदि के उन्मूलन हेतु लगातार संलग्न है। उक्त प्रेरक,ओजस्वी विचार अ. भा. खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्य अतिथि रमेश चंद्र गुप्ता (तुंगा वाला),जयपुर ने आज रुक्मणी देवी चिरंजीलाल गुप्ता परिसर पंजाब अरोड़ वंशीय ट्रस्ट भवन में महासभा के तत्वावधान में संत सुंदर दास पारमार्थिक ट्रस्ट व खंडेलवाल संस्कृति वुमन्स क्लब द्वारा आयोजित अ.भा खंडेलवाल वैश्य युवक युवती परिचय सम्मेलन में व्यक्त किये।विशिष्ट अतिथि महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा जयपुर ने कहा इस प्रकार के आयोजनों से सामाजिक एकता,परस्पर प्रेम व आत्मीयता बढ़ाने व सामाजिक बुराइयों को दूर करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुप्रतिष्ठित उद्योगपति रुचि ग्रुप के मनीष शाहरा ने आयोजकों को ऐसे भव्य,सार्थक आयोजन की प्रशंसा की व शुभकामनाएं देते हुए प्रत्याशियों के श्रेष्ठ जीवन साथी चयन की मंगलकामनाएं व्यक्त की।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियो द्वारा संतसुंदर दास जी, संत बलराम दास महाराज व कल्याण महाराज व माता सरस्वती जी के चित्रों पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण से हुआ। अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया कि इस अवसर पर रमेश गुप्ता ने भी विचार प्रकट करते हुए शुभकामनाएं दी ।अतिथि स्वागत किया सर्व दिनेश कूलवाल, रमेश गुप्ता, कैलाशचंद खंडेलवाल, सुनील माली, राजेंद्र कूलवाल, शुभांगी भूखमरिया, संगीता कूलवाल, सुनीता राजोरिया,उषा कूलवाल, सारिका खंडेलवाल आदि ने।इस अवसर पर प्रकाशित पुस्तक परिणय बंधन का विमोचन अतिथियों ने राजेश डंगायच,कैलाश खंडेलवाल,निर्भय खंडेलवाल संजय बड़गोती,राजेश भूखमारिया द्वारा करवाया गया। आज शुरू हुए परिचय सत्र में प्रत्याशीयों ने अपने परिचय में पढ़ी-लिखी संस्कारवान युवती व उच्च शिक्षितकार्यरत प्रत्याशियों को महत्व दिया। आज शाम 7:30 तक चले परिचय सत्र में करीब 170 प्रत्याशियों ने परिचय दिया जिनमें से करीब 40 से 45 संबंधों की चर्चा अंतिम रूप में है।कल प्रातः 10 बजे से परिचय सत्र प्रारंभ होगा।संचालन किया सी,ए,सुनील खंडेलवाल, प्रियंका खंडेलवाल शीतल गुप्ता ने तथा आभार माना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाशचन्द्र खंडेलवाल ने।  

    केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की शोधार्थी डॉ. ज्योत्सना कुमारी वर्मा को शिक्षाशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि

    जयपुर। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली की शोधार्थी ज्योत्सना कुमारी वर्मा को शिक्षाशास्त्र (Ph.D. in Education) विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की गई है। ज्योत्सना वर्मा ने "वरिष्ठमाध्यमिकविद्यार्थिनां समायोजनस्य शैक्षिकोपलब्धेश्च सन्दर्भे अभिभावकैः सह तेषां मनः-सामाजिकद्वन्द्वस्य अध्ययनम् (A Study of Psycho-Social Conflicts of Senior-Secondary Students with their Parents in the Context of Adjustment and Academic Achievement)" विषय पर अपना शोधकार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह शोधकार्य प्रो. कुलदीप शर्मा, आचार्य, शिक्षाशास्त्र विभाग, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के निर्देशन तथा डॉ. पारुल सिंह, सहायकाचार्या, एनसीईआरटी, नई दिल्ली के सह-मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। शोधप्रबन्ध का मूल्यांकन राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति की शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. के. कादम्बिनी तथा जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के शिक्षाशास्त्र विभाग के डॉ. कुलदीप सिंह ने बाह्य परीक्षक के रूप में किया। शोध में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के मध्य मनः-सामाजिक द्वन्द्व, समायोजन तथा शैक्षिक उपलब्धि के पारस्परिक सम्बन्धों का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है। पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त होने पर विश्वविद्यालय परिवार, गुरुजनों, सहकर्मियों एवं शुभचिन्तकों ने डॉ. ज्योत्सना कुमारी वर्मा को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।  

    अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) राजस्थान-ABRSM प्रदेश स्तरीय प्रभावी प्रार्थना सभा कार्यशाला संपन्न..!

    प्रार्थना सभा से बच्चों में संस्कारवान शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना हो- हनुमान सिंह राठौड़ कार्यशाला में राजस्थान के प्रत्येक जिलों के प्रतिनिधियों सहित शिक्षा जगत के अनेक पदाधिकारी और शिक्षक बंधु उपस्थित रहे। अजमेर, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के तत्वावधान में आयोजित " प्रभावी प्रार्थना सभा राज्य स्तरीय कार्यशाला' का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। विद्यालय में प्रार्थना सभा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रार्थना सभा केवल एक दैनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह वह धुरी है जिससे बच्चों में संस्कारवान शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना होती है। शिक्षकों को अपने व्यवहार एवं आचरण से बालकों के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करने चाहिए, क्योंकि शिक्षक ही बालकों के लिए अनुकरणीय होते हैं। हमारा संकल्प होना चाहिए कि 'हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ बने' और इसका प्रारंभ प्रभावी प्रार्थना सभा से ही होता है। अतः हम सभी शिक्षकों को यह प्रयास करना चाहिए कि हमारे विद्यालय की प्रार्थना सभाएं अत्यंत श्रेष्ठ, ऊर्जावान एवं प्रभावी बनें।" सत्र की अध्यक्षता करते हुए संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कहा कि "शिक्षकों का यह दायित्व है कि वे प्रार्थना सभा को केवल ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बनाएं। उन्होंने कहा कि "यदि हम प्रार्थना सभा के समय का सही एवं योजनाबद्ध उपयोग कर लें, तो हम एक अनुशासित, संवेदनशील और संस्कारित भावी पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं। हमारे संगठन का मुख्य उद्देश्य हर विद्यालय तक इस चेतना को पहुँचाना है ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति, नैतिक मूल्यों और देश की गौरवशाली जड़ों से मजबूती से जुड़ी रहे।" द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता, शिक्षाविद एवं प्रभावी प्रार्थना सभा के प्रदेश संयोजक संदीप जोशी ने अपने प्रभावी उद्बोधन में प्रार्थना सभा के माध्यम से पंचकोश विकास' (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोष) एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को व्यापक और वैज्ञानिक रूप से समझाया। उन्होंने कहा कि प्रार्थना सभा बच्चों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर को ऊंचा उठाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रार्थना सभा विद्यार्थियों में से हताश, निराशा और दुर्बलता को दूर करके उनमें उत्साह उमंग और चिंतन के स्वस्थ दृष्टिकोण का विकास कर सकती है। उन्होंने प्रभावी प्रार्थना सभा के लिए पुस्तक संस्कार सरिता के उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री कैलाश चंद कच्छावा ने कहा कि किसी भी रचनात्मक बदलाव को धरातल पर उतारने के लिए उचित प्रबंधन और शिक्षकों के सामूहिक सहयोग की आवश्यकता होती है। जब तक हर शिक्षक प्रार्थना सभा को संस्कार निर्माण की पहली सीढ़ी नहीं मानेगा, तब तक हम अपेक्षित परिणाम नहीं पा सकते।" -- व्यावहारिक सत्र: शिक्षकों के नवाचार और श्रेष्ठ प्रयोग कार्यशाला के व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) सत्र के अंतर्गत प्रदेशभर से आए प्रतिभागी शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यशाला में आए शिक्षकों ने व्यावहारिक सत्र के अंतर्गत अपने-अपने विद्यालयों में किए जा रहे प्रार्थना सभा से जुड़े श्रेष्ठ प्रयोगों, रचनात्मक गतिविधियों एवं विशेष नवाचारों की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें अन्य शिक्षकों ने भी अपने विद्यालयों में लागू करने का संकल्प लिया। -- कार्यशाला के आगामी चरण इस गरिमामयी कार्यशाला में राजस्थान के सभी जिलों के चयनित शिक्षकों ने भाग लिया। आगामी योजना के तहत प्रांतीय स्तर पर इस सफल आयोजन के बाद, संगठन द्वारा दूसरे चरण में राजस्थान के सभी जिलों में इस प्रकार की जिला स्तरीय प्रभावी प्रार्थना सभा कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा अपने-अपने जिलों के विद्यालयों की प्रार्थना सभा को प्रभावी एवं संस्कारवान बनाने की दिशा में सक्रिय, निरंतर एवं व्यावहारिक प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान और उपस्थित शिक्षकों के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन इन्द्रा शर्मा ने किया । इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष भंवर सिंह राठौड़ , जिला संगठन मंत्री सत्यनारायण शर्मा,जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नरूका,जिला मंत्री गुमान सिंह जादौन,जिला कोषाध्यक्ष नासिर काठात सहित अनेक कार्यकर्त्ता बंधु उपस्थित रहे।  

    बिट्स पिलानी में नवाचार, शोध एवं स्टार्टअप संस्कृति के लिए विश्व स्तरीय लैब्स उपलब्ध- डॉ अनिल वाॅली

    जयपुर। राजस्थान में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भामाशाह टेक्नो हब, जयपुर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला "अनलॉकिंग राजस्थान्स स्टार्टअप पोटेंशियल : बिट्स बायोसाइटीआईएच नेक्सस – नवाचार एवं उद्यमिता के अवसर" अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यशाला का आयोजन बिट्स बायोसाइटीआईएच फाउंडेशन, इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज (आईएसएलएस), लेट्स स्टार्ट तथा आईस्टार्ट द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर इस आयोजन का स्टार्टअप कैटेलिस्ट रहा। उद्घाटन सत्र में प्रो. सुधीर कुमार बराई, निदेशक, बिट्स पिलानी, प्रदीप ओझा, निदेशक, एमएसएमई, प्रो. अशोक कुमार, अध्यक्ष, आईएसएलएस तथा डॉ. अनिल वाली ने नवाचार आधारित उद्यमिता को राजस्थान के विकास का प्रमुख आधार बताया। इस अवसर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु फैकल्टी इनोवेशन एवं स्टार्टअप ट्रांसलेशन (एफआईएसटी) अनुदान कार्यक्रम का भी शुभारम्भ किया गया, जिसके अंतर्गत नवाचार आधारित परियोजनाओं को ₹75 लाख तक की सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एआईसीटीई के नवाचार प्रकोष्ठ से आये डॉ. दीपन साहू, "प्रयोगशाला से बाजार तक" विषय पर विशेष व्याख्यान दिया तथा शोध आधारित नवाचारों के व्यावसायीकरण की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। दोनों दिनों में नीति, वित्तपोषण, निवेश, शैक्षणिक सहयोग तथा स्थानीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। इनमें श्री महावीर प्रताप शर्मा (स्विशिन वेंचर्स), डॉ. शीनू झंवर (टाई राजस्थान), अनिला चोरड़िया (एमएसएमई), डॉ. अनिल वाली, प्रो. अशोक कुमार, विकास रुस्तगी, प्रो. सुमिता कच्छवाहा, डॉ. सुनील छींपा सहित अनेक विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चाओं का संचालन डॉ. अक्षय जैन तथा डॉ. जे. एम. एस. मूर्ति ने किया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस आयोजित आइडियाथॉन एवं स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता में राज्यभर से चयनित नवाचारकर्ताओं एवं स्टार्टअप संस्थापकों ने अपने अभिनव विचार एवं व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किए। निवेशकों एवं विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को व्यवहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया तथा संभावित निवेश एवं इन्क्यूबेशन अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. जे. एम. एस. मूर्ति ने बिट्स बायोसाइटीह फाउंडेशन की अत्याधुनिक अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाओं—ओमिक्स लैब, डिवाइस लैब, फैब्रिकेशन लैब, बायोसेंसर लैब तथा इन्क्यूबेशन सुविधाओं—का विस्तृत परिचय कराया और प्रतिभागियों को उपलब्ध सहयोग योजनाओं की जानकारी दी। समापन समारोह में श्री कुलदीप रांका, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने नवाचार आधारित उद्यमिता को राज्य के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए युवाओं से रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रो. सुमिता कच्छवाहा तथा प्रो. अशोक कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नवाचारकर्ताओं एवं स्टार्टअप्स को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र एवं विशेष सम्मान प्रदान किए गए। चयनित स्टार्टअप्स को निवेशकों से संवाद, इन्क्यूबेशन सहयोग तथा आगे की मेंटरशिप के अवसर भी उपलब्ध कराए गए। आयोजकों ने बताया कि कार्यशाला ने अपने सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करते हुए राजस्थान में नवाचार, अनुसंधान आधारित उद्यमिता तथा स्टार्टअप संस्कृति को नई गति प्रदान की है। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, युवा नवाचारकर्ताओं तथा स्टार्टअप संस्थापकों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम की सफलता पर आयोजकों प्रो. हेमंत पारीक, डॉ. जे. एम. एस. मूर्ति तथा डॉ. सुनील छींपा ने सभी मुख्य अतिथियों, वक्ताओं, निवेशकों, पैनल विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों, सहयोगी संस्थानों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से यह कार्यशाला राजस्थान के नवाचार एवं स्टार्टअप परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुई।  

    उत्तराखंड सीमा पर सुरक्षा बढ़ी, हेमकुंड साहिब की ओर बढ़ रहे निहंग जत्थे को लेकर प्रशासन अलर्ट

    Yugcharan News / 26 जून 2026 उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर गुरुवार देर रात उस समय सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई जब निहंग सिखों का एक बड़ा जत्था हेमकुंड साहिब की ओर बढ़ने के लिए सीमा क्षेत्र में पहुंचा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन के अनुसार सीमा क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे। हालात को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और यातायात को नियंत्रित किया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनने की सूचना मिली, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, त्वरित प्रतिक्रिया दल और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जत्थे के कुछ सदस्यों ने अपने साथियों की गिरफ्तारी को लेकर नाराज़गी जताई और उनकी रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई होने तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। हेमकुंड साहिब देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पहले से ही व्यापक तैयारियां करता है। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा स्थिति के बावजूद यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और अफवाहों से दूर रहने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्रकार की गलत जानकारी स्थिति को और जटिल बना सकती है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त बल भी तैनात किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य बातचीत और कानून के दायरे में रहकर स्थिति का समाधान निकालना है ताकि किसी भी पक्ष को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा और संवाद दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। किसी भी संवेदनशील परिस्थिति में प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच शांतिपूर्ण संवाद से समाधान निकलने की संभावना अधिक रहती है। इसी दिशा में अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल सीमा क्षेत्र में स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आने वाले दिनों में स्थिति की समीक्षा के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।