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    टीएसपी क्षेत्र के के 75 शिक्षकों को पुनः नियुक्ति देने पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का जताया आभार

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने टीएसपी क्षेत्र के के 75 शिक्षकों को पुनः नियुक्ति देने पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का जताया आभार। गौरतलब है कि अनुसूचित क्षेत्र टीएसपी के अध्यापक भर्ती 2022 में लेवल वन के 75 अध्यापकों का नियम अनुसार चयन हुआ था जिन्हें सरकारी सेवा देते हुए 30 महीने हो गए थे कुछ शिक्षकों का स्थाईकरण भी हो गया था लेकिन अचानक 29/ 8 /2025 को कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दिव्यांगजन श्रेणी अंतर परिवर्तन का हवाला देकर रिजल्ट प्रत्याहारित कर दिया और शिक्षा निदेशालय लेने 28.11.25 को इन शिक्षकों को नौकरी से हटाने के‌ आदेश दिये । राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने इस मुद्दे को उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के प्रसंज्ञान लाया गया उन्होंने इस मुद्दे को लेकर शिक्षा मंत्री एवं अतिरिक्त मुख्य शासन सचिव शिक्षा से कहा कि इस मुद्दे पर सहृदयता दिखाते हुए हल किया जाए। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि 30 महीने नौकरी करने के बाद कर्मचारी चयन बोर्ड के इस तरह आदेशों से जो इन शिक्षकों को खामयाजा भुगतना पड़ा ऐसे में कर्मचारी चयन बोर्ड अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा के साथ सभाध्यक्ष शशिभूषण शर्मा, विशेष शिक्षा के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, विकास पाटीदार सहित टीएसपी क्षेत्र के शिक्षकों ने आदिवासी क्षेत्र के शिक्षकों को पुनः नौकरी में लिए जाने पर उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।  

    ऑल इंडिया आईपीएससी बास्केटबॉल अंडर-19 गर्ल्स टूर्नामेंट: महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल, जयपुर बना चैंपियन

    एमजीडी गर्ल्स स्कूल, जयपुर की मेजबानी में आयोजित चार दिवसीय 'ऑल इंडिया आईपीएससी बास्केटबॉल गर्ल्स अंडर-19 टूर्नामेंट' का खिताबी मुकाबला मेजबान टीम के नाम रहा। खेल उत्कृष्टता, अनुशासन और टीम वर्क से सजे इस राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में देश भर के 11 प्रतिष्ठित स्कूलों की टीमों ने भाग लिया। प्रारंभिक मुकाबलों से ही एमजीडी की टीम ने अपना दबदबा बनाए रखा। टूर्नामेंट के चौथे दिन खेले गए तीसरे स्थान के मुकाबले में हैदराबाद पब्लिक स्कूल, बेगमपेट ने मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल, राई को 49–36 के अंतर से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। शाम को आयोजित बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले में एमजीडी गर्ल्स स्कूल और द लॉरेंस स्कूल, लवडेल के बीच बेहद रोमांचकारी खेल देखने को मिला। अंत तक चले कड़े संघर्ष में एमजीडी की छात्राओं ने उत्कृष्ट कौशल और रणनीति का परिचय देते हुए लवडेल को 21–18 से पराजित कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। प्रतियोगिता के समापन समारोह में स्कूल डायरेक्टर श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया, प्राचार्या श्रीमती प्रमेंद्र खंगारोत, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल एस. एस. साँगवान और कॉर्डिनेटर भी उपस्थित रहे। श्रीमती मनकोटिया ने युवा खिलाड़ियों की खेल भावना, प्रतिभा और अनुशासन की सराहना की।  

    एआई एनालिटिक्स एंड यूः बिल्ड द स्किल्स एवरी फ्यूचर लीडर नीड्स’’ पर हुआ प्रेरणादायक सत्र का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के बीबीए विभाग द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन और नेतृत्व में ‘‘एआई एनालिटिक्स एंड यूः बिल्ड द स्किल्स एवरी फ्यूचर लीडर नीड्स’’ शीर्षक के साथ एक प्रेरणादायक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत व्यावसायिक प्रशासन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीतू माथुर के स्वागत भाषण से हुई, जिसने प्रतिभागियों के लिए एक उत्साहजनक और आकर्षक माहौल तैयार किया। इस सत्र का संचालन डॉ. टीना सिंह एवं आयोजन डॉ. प्रीति अग्रवाल द्वारा किया गया, जिसमें कुल 40 छात्राओं ने भाग लिया। इस सत्र में विभाग से डॉ. दमयंती सोढ़ा भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता आईआईटी खड़गपुर की प्रतिष्ठित शोधकर्ता और आईएसबीएम पुणे की शिक्षाविद् डॉ. पवित्रा गणेश थीं। अपने विशेषज्ञ व्याख्यान के दौरान, डॉ. गणेश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के व्यावहारिक अनुप्रयोगों और महत्व पर ध्यान केंद्रित किया, और इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे सटीक इनपुट फ्रेमिंग और प्रॉम्प्ट स्ट्रक्चरिंग आधुनिक डिजिटल एनालिटिक्स और भविष्य के नेतृत्व के लिए आवश्यक कौशल के रूप में कार्य करते हैं। यह इंटरैक्टिव सजत एक आकर्षक चर्चा के साथ संपन्न हुई, जिससे भाग लेने वाली छात्राओं को प्रभावी ढंग से एआई टूल्स का लाभ उठाने के लिए मूल्यवान दृष्टिकोण प्राप्त हुए।    

    लिसन, अंडरस्टैण्ड, चेंजः वाय डस लिव्ड एक्सपीरियन्स मेटर?” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवादात्मक सत्र का आयोजन किया

    दिनांक अक्टूबर, 2026 को कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के मनोविज्ञान विभाग द्वारा 9 अक्टूबर, 2026 को “लिसन, अंडरस्टैण्ड, चेंजः वाय डस लिव्ड एक्सपीरियन्स मेटर?” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. वंदना चौधरी, बाल मनोवैज्ञानिक एवं वेलनेस काउंसलर, साउथ वेस्टर्न कमांड, जयपुर मिलिट्री स्टेशन उपस्थित रहीं। विशेषज्ञ व्याख्यान से पूर्व विभाग में पॉटलक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस आयोजन ने सभी को आपसी मेल-जोल बढ़ाने, अपनेपन की भावना विकसित करने तथा आनंदमय वातावरण में एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को मानवीय अनुभवों के महत्व, भावनात्मक स्वास्थ्य तथा मनोवैज्ञानिक परामर्श में सक्रिय श्रवण और सहानुभूति की भूमिका से अवगत कराना था। वहीं संवादात्मक सत्र के माध्यम से छात्राओं को अपने विचार साझा करने और मनोविज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विशेषज्ञ के अनुभवों से महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं भावनात्मक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए विभाग को बधाई दी तथा छात्राओं को इसी लगन और जिज्ञासा के साथ आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। विभाग से प्राध्यापिका जेनिस हाशमी, सोना मिश्रा एवं शुभी शर्मा की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. शुचि चौधरी द्वारा किया गया।  

    मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना स्वस्थ समाज की पहली जरूरत - कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने अपने भाषण में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि बढ़ते शैक्षणिक दबाव, प्रतिस्पर्धा और सामाजिक चुनौतियों के दौर में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भावनाओं को समझने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों को छात्रों की मनस्थिति को समझने तथा उसे दूर करने की आवश्यकता पर जोर डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हमें अपने आसपास का वातावरण हमेशा सकारात्मक बनाए रखना चाहिए। अगर हमसे कोई आकर के बात करें,तो हमें उसकी बात को सुनना व समझना चाहिए।कई बार केवल किसी की बात सुन लेने से ही सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। हमें सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाकर चलना चाहिए। कक्षा में किताबों के अलावा भी अन्य विषयों पर बात करनी चाहिए और जब भी परेशानी हो तो हमें उसे पर खुलकर बोलना चाहिए। विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी नें कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों एवं समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े भ्रम एवं सामाजिक कलंक को दूर करने तथा जरूरत के समय मनोवैज्ञानिक सहायता लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना रहा। उन्होंने कहा कि तनाव, चिंता और भावनात्मक चुनौतियों को लेकर समाज में खुलकर संवाद होना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य को केवल बीमारी से जोड़कर देखने के बजाय इसे व्यक्ति के समग्र जीवन और कल्याण से जोड़ने की आवश्यकता है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि व पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मनिका मोहन के द्वारा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्होंने सकारात्मक जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमें हमेशा खुश रहने का प्रयास करना चाहिए। विशिष्टअतिथि व पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ए.वी.एस. मदनावत नें विद्यार्थियों से कहा कि हमें मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। हमें अच्छा भोजन व नियमित व्यायाम करना चाहिए। जिससे हमारा मन,मस्तिष्क अच्छे से काम कर सके। कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में डॉ. ज्योति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर प्रो. रामवतार शर्मा,डॉ. चन्द्राणी सेन,डॉ. तेजेंदर कौर,प्रो. रश्मि चौधरी, प्रो. उमा मित्तल, डॉ. आशिमा कट्टा, शालिनी खागारोत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, एनसीसी कैडेट्स तथा यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज, यूनिवर्सिटी महाराजा कॉलेज, यूनिवर्सिटी राजस्थान कॉलेज,यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज,सुबोध पीजी महिला महाविद्यालय , श्री भवानी निकेतन कॉलेज,कनोडिया महिला महाविद्यालय, जेवियर स्कूल , जेएनवी स्कूल पावटा से आए 250 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए मनोविज्ञान के ज्ञान को समाज के कल्याण से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, भाषण एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता रैली, साइकोड्रामा का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों एवं रचनात्मक माध्यमों से और तैयार किए गए पोस्टरों से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया व जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। जागरूकता रैली का कुलगुरु प्रो. सारस्वत, विभागाध्यक्ष प्रो. पुरी व अन्य अतिथि गणों के द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। जागरूकता रैली के माध्यम से भी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक संदेश प्रसारित किए।  

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की प्रगति को लेकर राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

    अतिरिक्त परियोजना निदेशक अशोक मीणा की अध्यक्षता में ECCE एवं FLN से संबंधित विभागवार कार्यों की प्रगति की समीक्षा जयपुर।स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर में शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त परियोजना निदेशक अशोक मीणा ने की। बैठक में उपायुक्त सहित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी एवं विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत गठित समूह-1 (Group-I) से संबंधित प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (Early Childhood Care and Education - ECCE) तथा बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy - FLN) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान अगस्त 2026 तक की प्रगति स्थिति के आधार पर विभिन्न विभागों को आवंटित कार्यों की वर्तमान स्थिति एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। समीक्षा बैठक में प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD), समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, मिड-डे मील (MDM), राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) तथा समग्र शिक्षा के सिविल, गुणवत्ता एवं ECCE प्रभागों से संबंधित कार्यों की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विशेष रूप से शिक्षा निदेशालय, बीकानेर एवं ICDS को आवंटित प्रगतिरत कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षताओं के विकास, शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने विभागवार कार्यों की प्रगति एवं क्रियान्वयन की स्थिति से संबंधित जानकारी साझा की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विभागीय समन्वय, नियमित समीक्षा एवं प्रभावी निगरानी के महत्व पर भी जोर दिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समूह-1 के अंतर्गत ECCE एवं FLN से संबंधित कार्यों की प्रगति का आकलन करना, विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना तथा प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की बुनियादी अधिगम क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्यों को गति प्रदान करना रहा।  

    जेईसीआरसी फाउंडेशन में फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन, रंगारंग प्रस्तुतियों से सजा समारोह

    जयपुर। जेईसीआरसी फाउंडेशन, जयपुर में नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, टैलेंट शो, नृत्य और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से नए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में ‘एवरी सीन काउंट्स’ पहल के तहत प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को पांच घंटे की स्वैच्छिक समाजसेवा के लिए प्रेरित करने का संदेश भी शामिल रहा। इसके अंतर्गत जरूरत क्लब के माध्यम से वंचित बच्चों को पढ़ाने, एनएसएस क्लब के साथ स्वच्छता अभियान तथा आशाएं क्लब के जरिए रक्तदान जैसी सामाजिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नए विद्यार्थियों के स्वागत के साथ हुई। निर्धारित थीम पर आधारित समारोह में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और उत्साह का परिचय दिया। आयोजन का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को कॉलेज के वातावरण से परिचित कराने के साथ उन्हें सांस्कृतिक गतिविधियों और सामूहिक सहभागिता के लिए मंच प्रदान करना रहा। समारोह में आयोजित टैलेंट शो आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नृत्य प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बनाया। विद्यार्थियों ने मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया, वहीं दर्शकों ने भी प्रस्तुतियों का आनंद लेते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान ‘फ्रेशर्स अदा’ गतिविधि के अंतर्गत अरबियन थीम पर आधारित फैशन वॉक आयोजित की गई। इसमें नए विद्यार्थियों ने अरबियन अंदाज से प्रेरित परिधानों और आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और अनूठी शैली का प्रदर्शन किया। फैशन वॉक ने समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा और विद्यार्थियों को मंच पर अपनी पहचान बनाने तथा अपनी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर दिया। इसके साथ ही फेलिसिटेशन समारोह के अंतर्गत विद्यार्थियों का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। समारोह में ‘अव्यान’ की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया। इसके बाद डीजे डिविस की प्रस्तुति के साथ आयोजन में मनोरंजन का माहौल देखने को मिला। संगीत की धुनों पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और समारोह का आनंद उठाया। फ्रेशर्स पार्टी ने नए विद्यार्थियों को एक-दूसरे से परिचित होने, अपनी प्रतिभा दिखाने और कॉलेज जीवन की शुरुआत को यादगार बनाने का अवसर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह और मनोरंजक गतिविधियों से सजे इस आयोजन ने विद्यार्थियों के बीच आपसी जुड़ाव और सहभागिता को बढ़ावा दिया।  

    वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

    जयपुर, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यापीठ द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के सहयोग से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बचत, निवेश, वित्तीय नियोजन तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार निवेश के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत आईक्यूएसी समन्वयक एवं मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यापीठ की अधिष्ठाता डॉ. रजनी माथुर के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने अतिथि एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए वित्तीय जागरूकता को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सही वित्तीय जानकारी युवाओं को भविष्य के लिए बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी एवं प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने भी अपने संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को वित्तीय अनुशासन, बचत की आदत तथा सोच-समझकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के प्रशिक्षक डॉ. गिरिश गोयल ने विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने निवेश के विभिन्न विकल्पों, जोखिम एवं प्रतिफल, वित्तीय नियोजन तथा निवेश करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रमाणित एवं विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने तथा अनधिकृत निवेश से बचने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनीषा यादव एवं जितेंद्र गोयल ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया तथा वित्तीय जागरूकता से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा तथा उन्हें अपने भविष्य के लिए जिम्मेदार वित्तीय निर्णय लेने हेतु प्रेरित किया।  

    जेईसीआरसी के तीन विद्यार्थियों का अंतरराष्ट्रीय डिजाइन सम्मेलन में चयन

    आईआईटी गुवाहाटी के इंडिस 2026 में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए अपने रिसर्च प्रोजेक्ट, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने की सराहना जयपुर। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के जयपुर स्कूल ऑफ डिजाइन (जेएसओडी) के कम्युनिकेशन डिजाइन प्रोग्राम के तीन विद्यार्थियों तनीषा टांक, उन्नति गुप्ता और ख्याति अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा और शोध कार्य से विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। तीनों विद्यार्थियों के डिजाइन रिसर्च प्रोजेक्ट्स का चयन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डिजाइन एंड इनोवेशन स्टडीज (इंडिस 2026) में प्रस्तुति के लिए किया गया। आईआईटी गुवाहाटी में मिला अंतरराष्ट्रीय मंच इंडिस 2026 का आयोजन आईआईटी गुवाहाटी द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के स्कॉलर्स, डिजाइन विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, इंडस्ट्री लीडर्स और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में डिजाइन, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, सोसाइटी और कल्चर के बीच बदलते संबंधों पर चर्चा की गई। साथ ही, भविष्य के लिए टिकाऊ, समावेशी और डिजिटल माध्यमों से जुड़े डिजाइन पर भी विचार साझा किए गए। कम्युनिकेशन डिजाइन और प्रोडक्ट डिजाइन में प्रस्तुत किया शोध विद्यार्थियों के रिसर्च प्रोजेक्ट्स का चयन कम्युनिकेशन डिजाइन तथा प्रोडक्ट एंड इंडस्ट्रियल डिजाइन ट्रैक के तहत किया गया। विद्यार्थियों ने देश-विदेश से आए शिक्षाविदों और इंडस्ट्री विशेषज्ञों के सामने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों को जयपुर स्कूल ऑफ डिजाइन के फैकल्टी सदस्य प्रांजीत सरमा और चेतन जैन का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। रिसर्च प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शनी में भी मिली जगह विद्यार्थियों के चयनित प्रोजेक्ट्स को सम्मेलन में एग्जीबिशन के लिए भी रखा गया। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर की जूरी द्वारा समीक्षा के बाद इन प्रोजेक्ट्स को इंडिस डिजाइन प्रोजेक्ट्स हैंडबुक में भी शामिल किया गया। यह विद्यार्थियों के शोध और रचनात्मक कार्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। असम के शिक्षा मंत्री भी रहे मौजूद इस सम्मेलन में असम के माननीय शिक्षा मंत्री डॉ. रानोज पेगू की भी उपस्थिति रही। उनकी मौजूदगी ने इस महत्वपूर्ण अकादमिक मंच की गरिमा को और बढ़ाया। एशिया डिजाइन वीक से जुड़ा रहा इंडिस 2026 इंडिस 2026 का एशिया डिजाइन वीक के साथ भी जुड़ाव रहा। इसके माध्यम से डिजाइन और क्रिएटिव इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को अपने विचार साझा करने, अलग-अलग संस्कृतियों को समझने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के नए अवसर प्राप्त हुए। विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम यह उपलब्धि जयपुर स्कूल ऑफ डिजाइन के विद्यार्थियों की रिसर्च क्षमता, क्रिएटिव सोच और अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़कर काम करने की क्षमता को दर्शाती है। साथ ही, यह जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में रिसर्च और नए विचारों को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी मजबूत करती है। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी परिवार की ओर से तनीषा टांक, उन्नति गुप्ता, ख्याति अग्रवाल, प्रांजीत सरमा और चेतन जैन को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी गई और भविष्य में भी इसी तरह की उपलब्धियों की उम्मीद जताई गई।  

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    72वाँ राष्ट्रीय वन्य जीव सप्ताह (2 से 8 अक्टूबर 2026) तक मनाया

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय जयुपर के प्राणीशास्त्र विभाग के द्वारा 72वाँ राष्ट्रीय वन्य जीव सप्ताह (2 से 8 अक्टूबर 2026) तक मनाया गया। इसके अन्तर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें दिनांक 3 अक्टूबर को छात्राओं ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने वन्य जीव संबंधित ‘रील्स-मेकिंग प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। 7 अक्टूबर को महाविद्यालय में मीम-मेकिंग और स्कैच-मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य वन्यजीवों के जीवन और उनके पर्यावरण पर मानव संबंधित गतिविधियों के दुष्प्रभावों के कारण उत्पन्न मनोविचारों को रचनात्मक एवं व्यग्ंयात्मक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करना था। महाविद्यालय निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अ्रग्रवाल ने छात्राओं को वन्य जीव संरक्षण के लिए प्रेरित किया तथा अपने विचार व महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उप-प्राचार्य, छात्र गतिविधि, डॉ. मनीषा माथुर एवं डॉ. सारिका कौल, विभागाध्यक्ष चित्रकला विभाग प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में उपस्थित रहीं। साथ ही उप-प्राचार्य, अकादमिक डॉ. रंजना अग्रवाल ने छात्राओं को ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढकर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इन आयोजन में प्राणीशास्त्र विभाग की प्राध्यापिकाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में लगभग 70 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  

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    वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत “कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर भूगोल विभाग द्वारा 8 अक्टूबर 2026 को वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत “कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में वन्यजीव संरक्षण, लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा, प्राकृतिक आवासों के संरक्षण तथा जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र एवं वन्यजीवों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत पोस्टर प्रस्तुतीकरण, पोस्टर निर्माण एवं फेस पेंटिंग जैसी रचनात्मक एवं जागरूकता-परक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, प्राकृतिक आवास एवं पर्यावरणीय चुनौतियों से संबंधित विषयों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों की विषयवस्तु, रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण एवं संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। फेस पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंजू सैनी (विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी), द्वितीय स्थान एंजेल शर्मा (यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज) तथा तृतीय स्थान लक्षिता दायमा (कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर) ने प्राप्त किया। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान येशा (कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर), द्वितीय स्थान मृदुला शर्मा (सेंट विल्फ्रेड्स पी.जी. कॉलेज) तथा तृतीय स्थान अनुष्का मीणा (पूर्णिमा विश्वविद्यालय) ने प्राप्त किया। अंतर-महाविद्यालय पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मुस्कान मुद्गल, द्वितीय स्थान कोमल महावर तथा तृतीय स्थान वोलिनी ओझा ने प्राप्त किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, रचनात्मकता तथा वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने छात्राओं को जैव विविधता एवं प्रकृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉ. शीताभ शर्मा, हिन्दी विभागाध्यक्ष द्वारा कवि राम नरेश त्रिपाठी के गीत ‘‘मनमोहिनी प्रकृति की जो गोद में बसा है, सुख स्वर्ग सा जहाँ है, वह देश कौन सा है?’’ पंक्तियों के साथ विशेष व्याख्यान शुभारम्भ किया गया। उन्होंने साहित्यमय प्रकृति तथा वन्यजीवों के विविध प्रसंगों के माध्यम से मनुष्य को प्रकृति का सहचर बताते हुए इसके संरक्षण एवं संवर्धन पर प्रकाश डाला। लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा जैव विविधता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आयोजित रचनात्मक एवं जागरूकता-परक प्रतियोगिताओं में उप-प्राचार्य डॉ. मनीषा माथुर एवं डॉ. रंजुला जैन ने उपस्थित होकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ. सारिका कौल, चित्रकला विभागाध्यक्ष, डॉ सुनीता शेखावत, सह-आचार्य, प्राणी विज्ञान विभाग तथा प्रीति ओझा, सहायक आचार्य, एस.एस. जैन सुबोध कॉलेज ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए उनकी रचनात्मकता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश की सराहना की। कार्यक्रम भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम बागेश्वरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया । डॉ. शीलू, डॉ. रेणु शक्तावत एवं आरती तंवर ने कार्यक्रम के आयोजन, प्रतियोगिताओं के संचालन तथा विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह सार्थक संदेश दिया गया कि “वन्यजीव एवं जैव विविधता का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही, प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।

    ई-वेस्ट के उचित प्रबंधन एवं जागरूकता के उद्देश्य से व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चारों इकाईयों द्वारा दिनांक 07 अक्टूबर को ई-वेस्ट के उचित प्रबंधन एवं जागरूकता के उद्देश्य से व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को ई-वेस्ट से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों, इसके उचित निस्तारण तथा पुनर्चक्रण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए ई-वेस्ट के संग्रहण एवं उसके पुनर्चक्रण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर न फेंकने तथा पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार नागरिक बनने की सलाह दी। उन्होंने छात्राओं से स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज में भी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में यशवर्धन शर्मा, अरबन मेटल के संस्थापक एवं अदिति त्यागी ने ई-वेस्ट के विभिन्न प्रकारों एवं इसके उचित प्रबंधन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि अनुपयोगी मोबाइल फोन, चार्जर, केबल, लैपटॉप, कैमरा तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ई-वेस्ट की श्रेणी में आते हैं। इन उपकरणों में उपस्थित विभिन्न हानिकारक पदार्थ पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। वक्ताओं ने छात्राओं को सलाह दी कि पुराने अथवा अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में न डालें और न ही उन्हें कबाड़ी/स्क्रैप डीलर को बेचें। ई-वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए इसे केवल अधिकृत ई-वेस्ट कलेक्टर अथवा अधिकृत रिसाइक्लर को ही सौंपना चाहिए साथ ही छात्राओं से आग्रह किया कि ई-वेस्ट प्रबंधन की जानकारी केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, रिश्तेदारों एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें और बताया कि ई-वेस्ट का जिम्मेदार एवं वैज्ञानिक प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं में ई-वेस्ट के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। इसी उद्देष्य से महाविद्यालय में आज से ई-वेस्ट संग्रहण के लिये दस दिन का संग्रहण अभियान चालू किया गया है। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आँचल पुरी, डॉ. विजयलक्ष्मी गुप्ता, डॉ. हर्षा शर्मा, चारूल शर्मा, डॉ. मंजरी भारद्वाज और डॉ. दीप्ति चौहान के मार्गदर्शन में हुआ.     

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