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    खंडेलवाल समाज ने किया सभापति आशीष दुसाद का भव्य स्वागत

    खंडेलवाल समाज चोमू की ओर से नव-निर्वाचित सभापति आशीष दुसाद, उपसभापति बाबूलाल सैनी, पार्षद मातादीन अग्रवाल का सफलतापूर्वक भव्य अभिनंदन एक समारोह में, भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक भाजपा रामलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में खंडेलवाल धर्मशाला, चोमू में समाज के संरक्षक, अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने सभी समाज बंधुओं की उपस्थिति में किया! ​समाज के संरक्षक अमरचंद रावत, ओमप्रकाश कासलीवाल, कैलाश सेठी, मूलचंद दुसाद, महेंद्र तंबोलिया, अध्यक्ष मुकेश खुटेटा, उपाध्यक्ष गोविंद झालानी, मंत्री वीरेंद्र खंडेलवाल, संयुक्त मंत्री रमेश डगायच, कोषाध्यक्ष नवीन कासलीवाल ने अतिथियों को साफा एवं माला पहनाई एवं संत सुंदरदास महाराज का चित्र भेंट किया! इस अवसर पर सभी अतिथियों ने सामाजिक समरसता की बात कही! इसके साथ ही समाज के विकास पर जोर दिया! अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी एवं सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने आयोजन पर खुशी व्यक्त करते हुए खंडेलवाल समाज चोमू के अध्यक्ष मुकेश खुटेटा एवं उनकी टीम एवं सभी संरक्षक गण को बहुत-बहुत बधाई, शुभकामनाएं, धन्यवाद एवं साधुवाद दिया है! ​कार्यक्रम में समाज के पूर्व अध्यक्ष जुगल डगायच, गोविंद दुसाद, राम अवतार दुसाद, राम कृष्ण दुसाद, नवल किशोर रावत, रणछोर मोदी, राम रतन रावत, मनोज मेठी, बंटी दुसाद, चंद्र प्रकाश झालानी, महेश कासलीवाल, गोविंद झालानी, दामोदर प्रसाद रावत, जयेश रावत, नाथू ताम्बी, महेश नानका, राधेश्याम नानका, राकेश सेठी, विपिन खुटेटा, रामबाबू झालानी, द्वारका झालानी, महेश ताम्बी, अनिल ताम्बी, दिनेश ताम्बी, अरविंद ताम्बी, नवल साकुनिया, राधेश्याम खुटेटा, राम अवतार डगायच, उत्तम झालानी, अशोक सेठी, श्रवण झालानी, उत्तम झालानी, सौरभ झालानी, विनोद झालानी, प्रेम तम्बोलिया, माखन झालानी, राजेश नातानी, अनिल दुसाद, राजेंद्र ताम्बी, श्याम दुसाद, हितेश कानुनगो, कैलाश ताम्बी, सुशील डगायच, जयेश खुटेटा, रामबाबू रावत, नमन झालानी, राजू मोदी, सोनू झालानी, चंद्र प्रकाश ताम्बी, चिंटू झालानी, गोलू तमोलिया, अवनीश ताम्बी, निखिल तमोलिया सहित अनेक समाज बंधु उपस्थित थे!

    अग्रवाल पी.जी. कॉलेज में एससी/एसटी शिकायत निवारण समिति का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    जयपुर। अग्रवाल पी.जी. कॉलेज, जयपुर में एससी/एसटी शिकायत निवारण समिति के तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए “SC/ST Grievance Redressal Mechanism and Student Support System” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिकायत निवारण प्रक्रिया, छात्र सहायता व्यवस्था तथा समान अवसरों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.एल. देवन्दा ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक एवं सहायता सुविधाओं का लाभ उठाने तथा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित माध्यम अपनाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन एससी/एसटी शिकायत निवारण समिति की समन्वयक डॉ. शोभा चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को समिति की भूमिका और छात्र सहायता व्यवस्था से परिचित कराया। समिति के सदस्य डॉ. राजेश वर्मा ने विद्यार्थियों को समिति की कार्यप्रणाली, शिकायत निवारण की प्रक्रिया तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान में समिति की भूमिका के संबंध में जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी समस्याएँ उचित माध्यम से समिति तक पहुँचाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में समिति के सदस्य डॉ. शोभा चतुर्वेदी, डॉ. राजेश वर्मा, मनीष कुमार शर्मा, राजेन्द्र चौधरी, प्रवीण गुप्ता एवं श्री अक्षय शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की तथा अपनी जिज्ञासाएँ और विचार साझा किए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को शिकायत निवारण व्यवस्था, छात्र सहायता एवं समान अवसरों के महत्व के बारे में जानकारी मिली। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों की सहभागिता और सकारात्मक संवाद के साथ हुआ।  

    The Echoes of Silence' (ख़ामोशी की गूंज) के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया

    आज शिक्षा संकुल, जयपुर में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा, समाध्यक्ष शशि भूषण शर्मा एवं पदाधिकारी पवन कुमार शर्मा द्वारा ज्ञानसंजीवनी (ट्रस्ट) द्वारा प्रस्तुत फिल्म 'The Echoes of Silence' (ख़ामोशी की गूंज) के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया गया। यह फिल्म वर्तमान समय की बेहद संवेदनशील और ज्वलंत समस्याओं — मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) एवं नशामुक्ति पर आधारित है। पोस्टर विमोचन के अवसर पर ज्ञानसंजीवनी की निदेशक डॉ. साधना एवं फिल्म निर्देशक माधव शर्मा ने फिल्म के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह फिल्म समाज और युवाओं को जागरूक करने का एक प्रयास है। 20 अक्टूबर (दशहरा) को होगी रिलीज़: फिल्म मेकर्स ने इस दौरान फिल्म की रिलीज़ डेट की भी घोषणा की। यह फिल्म आगामी 20 अक्टूबर को दशहरा के पावन अवसर पर रिलीज़ की जाएगी। दशहरे के दिन इसे रिलीज़ करने का उद्देश्य समाज से मानसिक अवसाद और नशे जैसी बुराइयों के अंत का संदेश देना है। इस अवसर पर शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने फिल्म की थीम की सराहना की और पूरी टीम को इसकी सफलता के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं!  

    निर्मला ऑडिटोरियम में पुरुलिया छऊ नृत्य की शानदार प्रस्तुति, विद्यार्थियों ने सीखी भारतीय लोक संस्कृति की बारीकियाँ

    जयपुर। रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर के तत्वावधान में स्पिक मैके (SPIC MACAY) के सहयोग से जयपुर स्थित निर्मला ऑडिटोरियम में पुरुलिया छऊ नृत्य की भव्य एवं आकर्षक प्रस्तुति का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक लोक कलाओं और शास्त्रीय अभिव्यक्तियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ रावत एजुकेशनल ग्रुप के निदेशक नरेंद्र सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की विविधता और लोक कलाओं की जीवंत परंपरा का अनुभव किया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध लोकनृत्य शैली पुरुलिया छऊ का शानदार प्रदर्शन किया गया। कलाकारों ने महिषासुर मर्दिनी की कथा को प्रभावशाली नृत्य, पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक मुखौटों और ऊर्जावान शारीरिक मुद्राओं के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में देवी दुर्गा की शक्ति और महिषासुर पर उनकी विजय को जीवंत रूप में दर्शाया गया। इसके साथ ही बंगाली नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। रावत एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन बी एस रावत ने सभी कलाकारों के अद्भुत प्रदर्शन पर बधाई दी। इस आयोजन में रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर के मिडिल विंग के 800 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने न केवल भारतीय लोकनृत्य की अनूठी शैली को करीब से देखा, बल्कि कलाकारों से नृत्य के कुछ चरण सीखकर इस अनुभव को और भी यादगार बनाया। इस प्रकार कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अनुभव भी बना। रावत पब्लिक स्कूल एवं स्पिक मैके के बीच भारतीय कला, संगीत और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। इसी क्रम में निर्मला ऑडिटोरियम में समय-समय पर स्पिक मैके के सहयोग से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि विद्यार्थियों को देश की पारंपरिक कलाओं से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का अवसर मिल सके। कार्यक्रम में स्पिक मैके की स्वयंसेविका वंदना शर्मा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मैत्रेयी शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कलाकारों, स्पिक मैके की टीम तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों की महत्ता पर प्रकाश डाला। यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने तथा विद्यार्थियों में अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान और जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल रहा।  

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में क्लब गतिविधियों का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के वेलनेस क्लब एवं स्वरांचल म्यूजिक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में अंताक्षरी गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में संगीत के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन एवं तनाव मुक्ति को प्रोत्साहित करना था। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस गतिविधि की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं मनोरंजक आयोजन छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उप-प्राचार्य डॉ. मनीषा माथुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस गतिविधि में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंताक्षरी के माध्यम से छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आपसी सहयोग एवं टीम भावना विकसित करने तथा दैनिक शैक्षणिक व्यस्तताओं से कुछ समय निकालकर तनाव मुक्त वातावरण में आनंद लेने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने छात्राओं में आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं पारस्परिक सौहार्द को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में वेलनेस क्लब की सदस्य डॉ. स्वाति धनवानी, डॉ. मृणाली कांकर, डॉ. चेतना शर्मा एवं डॉ. रेणु शक्तावत , स्वरांचल म्यूजिक क्लब एवं संगीत विभाग से वर्षा विजय भूमिका रही। इसमें कुल 27 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रचनात्मक लेखन क्लब के तत्वावधान में ‘नयन से सृजन तक’ चित्र देखो, कविता/कहानी लिखो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मक लेखन, कल्पनाशीलता एवं साहित्यिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिए गए चित्र के आधार पर हिंदी एवं अंग्रेजी में स्वरचित कविताओं और कहानियों की रचना कर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। हिंदी कविता लेखन प्रतियोगिता में बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (सेमेस्टर तृतीय) की छात्रा स्वालिया सुल्ताना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.एससी. बायोलॉजी (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा स्नेहा शर्मा द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.ए. (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा अंकिता मीणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिंदी कहानी लेखन प्रतियोगिता में बी.एस.सी. बायोलॉजी (सेमेस्टर तृतीय) की छात्रा शैल्ली मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.ए. (सेमेस्टर तृतीय) की छात्रा मनजीत कौर द्वितीय स्थान पर रहीं। बी.ए. (सेमेस्टर प्रथम) की छात्राएँ अर्पिता गुर्जर एवं चेतना शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। अंग्रेजी कविता लेखन प्रतियोगिता में बी.ए. मनोविज्ञान (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा नित्या जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.ए. मनोविज्ञान ऑनर्स (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा नंदिनी अहीर द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.ए. अंग्रेजी (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा शिवानी मीणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंग्रेजी कहानी लेखन प्रतियोगिता में बी.ए. अंग्रेजी (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा अनुषा सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि इसी कक्षा की छात्रा पायल मीणा द्वितीय स्थान पर रहीं। साक्षी चौधरी, बी.ए. अंग्रेजी (सेमेस्टर प्रथम), एवं गरिमा शर्मा, बी.एस.सी. बायोलॉजी (सेमेस्टर प्रथम), भी कहानी लेखन प्रतियोगिता की विजेता सूची में शामिल रहीं। इस आयोजन के माध्यम से महाविद्यालय में रचनात्मक लेखन एवं साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल की गई।  

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में हुआ क्लब गतिविधियों का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के वेलनेस क्लब एवं स्वरांचल म्यूजिक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में अंताक्षरी गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में संगीत के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन एवं तनाव मुक्ति को प्रोत्साहित करना था। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस गतिविधि की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं मनोरंजक आयोजन छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उप-प्राचार्य डॉ. मनीषा माथुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस गतिविधि में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंताक्षरी के माध्यम से छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आपसी सहयोग एवं टीम भावना विकसित करने तथा दैनिक शैक्षणिक व्यस्तताओं से कुछ समय निकालकर तनाव मुक्त वातावरण में आनंद लेने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने छात्राओं में आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं पारस्परिक सौहार्द को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में वेलनेस क्लब की सदस्य डॉ. स्वाति धनवानी, डॉ. मृणाली कांकर, डॉ. चेतना शर्मा एवं डॉ. रेणु शक्तावत , स्वरांचल म्यूजिक क्लब एवं संगीत विभाग से वर्षा विजय भूमिका रही। इसमें कुल 27 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रचनात्मक लेखन क्लब के तत्वावधान में ‘नयन से सृजन तक’ चित्र देखो, कविता/कहानी लिखो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मक लेखन, कल्पनाशीलता एवं साहित्यिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिए गए चित्र के आधार पर हिंदी एवं अंग्रेजी में स्वरचित कविताओं और कहानियों की रचना कर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। हिंदी कविता लेखन प्रतियोगिता में बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (सेमेस्टर तृतीय) की छात्रा स्वालिया सुल्ताना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.एससी. बायोलॉजी (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा स्नेहा शर्मा द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.ए. (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा अंकिता मीणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिंदी कहानी लेखन प्रतियोगिता में बी.एस.सी. बायोलॉजी (सेमेस्टर तृतीय) की छात्रा शैल्ली मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.ए. (सेमेस्टर तृतीय) की छात्रा मनजीत कौर द्वितीय स्थान पर रहीं। बी.ए. (सेमेस्टर प्रथम) की छात्राएँ अर्पिता गुर्जर एवं चेतना शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। अंग्रेजी कविता लेखन प्रतियोगिता में बी.ए. मनोविज्ञान (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा नित्या जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.ए. मनोविज्ञान ऑनर्स (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा नंदिनी अहीर द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.ए. अंग्रेजी (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा शिवानी मीणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंग्रेजी कहानी लेखन प्रतियोगिता में बी.ए. अंग्रेजी (सेमेस्टर प्रथम) की छात्रा अनुषा सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि इसी कक्षा की छात्रा पायल मीणा द्वितीय स्थान पर रहीं। साक्षी चौधरी, बी.ए. अंग्रेजी (सेमेस्टर प्रथम), एवं गरिमा शर्मा, बी.एस.सी. बायोलॉजी (सेमेस्टर प्रथम), भी कहानी लेखन प्रतियोगिता की विजेता सूची में शामिल रहीं। इस आयोजन के माध्यम से महाविद्यालय में रचनात्मक लेखन एवं साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल की गई।

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में इंस्टीटृयूशंस इनोवेशन डे एवं डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर अंतर-महाविद्यालयीय वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता आयोजित

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स, रीजनल काउंसिल-6 के सहयोग से 15 अक्टूबर को इंस्टीटृयूशंस इनोवेशन डे एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर अंतर-महाविद्यालयीय वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मकता एवं प्रयोगात्मक ज्ञान को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों की कुल 13 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपने अभिनव वर्किंग मॉडल प्रस्तुत कर वैज्ञानिक सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रीजनल काउंसिल-6 के अध्यक्ष डॉ. के. एस. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने, नए विचारों को विकसित करने तथा विज्ञान के माध्यम से समाज की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के निर्णायक डॉ. रितु जैन, प्रोफेसर, भौतिक विज्ञान विभाग, आईआईएस यूनिवर्सिटी, जयपुर तथा डॉ. जी.एस. मनेरिया, संस्थापक, फिजिक्स धाम रहे। साथ ही डॉ. जी.एस. मनेरिया ने रोचक एवं ज्ञानवर्धक प्रयोगों के माध्यम से भौतिक विज्ञान की विभिन्न अवधारणाओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने बर्नौली सिद्धांत एवं तरंगों से संबंधित प्रयोगों द्वारा जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया। इन प्रयोगों ने विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाई और उन्हें प्रयोगों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया। अंतर-महाविद्यालयीय वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली, वैज्ञानिक आधार एवं उपयोगिता प्रस्तुत की। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, नए विचार साझा करने तथा वैज्ञानिक एवं तकनीकी कौशल विकसित करने का अवसर मिला। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय की भौतिक विभाग की छात्राऐं आकांक्षा असवाल, अंजली मीणा एवं अक्षिता चौहान प्रथम स्थान पर रहीं। द्वितिय स्थान पर सुबोध महिला महाविद्यालय, सांगानेर की छात्राऐं नेहा सैनी, महिमा शर्मा एवं मीनाक्षी सोनी तथा तृतीय स्थान पर आनंद इंटानेशनल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, जयपुर के लक्ष्य जैन, कैलाश महावर, अनुशिका, कीर्ति, देवांशु मीणा एवं पायल मेहता रहे। कार्यक्रम के अंत में भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सरला शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में भौतिक शास्त्र विभाग की डॉ. सुमिता शेखावत, डॉ. दीप्ति चौहान, डॉ. मनीषा कुमारी एवं डॉ. हर्षा शर्मा की सक्रिय भूमिका रहीं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स, रीजनल काउंसिल-6 की तरफ से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान की विजेता टीम को राशि पुरस्कार ₹2500/-, ₹1500/- एवं ₹1000/- के नकद पुरस्कार, दिये गये। महाविद्यालय की ओर से विजेता टीम को ट्रॉफी एवं सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। यह आयोजन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के विचारों को समर्पित रहा।  

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण सत्र का आयोजनः आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षा और सीपीआर की दी गई ट्रेनिंग

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के बेसिक लाइफ सपोर्ट सेंटर द्वारा महाविद्यालय परिसर में 14 अक्टूबर, 2026 को परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग राजस्थान, आपातकालीन चिकित्सा विभाग-अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली तथा आपातकालीन और ट्रॉमा केयर हेतु डब्ल्यूएचओ सहयोग केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा के गुर सिखाना और एक सुरक्षित समाज के निर्माण में योगदान देना था। इस विशेष सत्र का संचालन बेसिक लाइफ सपोर्ट सेंटर की सदस्य एवं सह-आचार्य डॉ. आंचल पुरी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. पुरी ने उपस्थित सदस्यों और छात्राओं को व्यावहारिक रूप से समझाया कि किसी आपातकालीन चिकित्सा स्थिति या दुर्घटना के समय एम्ब्यूलेंस आने से पहले के शुरुआती कुछ मिनट कितने कीमती होते हैं। उन्होंने सीपीआर की तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया और बताया किदिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने जैसी गंभीर स्थिति में सही तरीके से सीपीआर देकर किसी व्यक्ति की जान कैसे बचाई जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने चोकिंग (गले में कुछ फंसना), बेहोशी और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। सत्र में कॉलेज की छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और मानव पुतलों पर सीपीआर देने का व्यावहारिक अभ्यास भी किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस पहल की प्रशंसा की और कहा,ऐसे जीवन रक्षक प्रशिक्षण सत्र आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता हैं। प्रत्येक नागरिक, विशेषकर हमारी छात्राओं को यह बुनियादी हुनर आना चाहिए ताकि वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज में भी किसी भी आपातकालीन स्थिति में साहसपूर्वक मदद के लिए आगे आ सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं ने पोस्ट टेस्ट में भाग लिया और छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गए।  

    युवा पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य के लिए परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज को मिलकर करना होगा प्रयास”—प्रो. बी. पी. सारस्वत , कुलगुरु राजस्थान विश्वविद्यालय

    मानसिक स्वास्थ्य से आत्मविश्वास तक—महारानी महाविद्यालय में ‘मन उत्सव 2026’ का आयोजन “सामूहिकता, आत्मीयता और परस्पर सहयोग से ही मानसिक तनाव की चुनौतियों का सामना संभव”—प्रो. बी. पी. सारस्वत , कुलगुरू राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय के महारानी महाविद्यालय में गुरुवार को ‘मन उत्सव 2026 – मानसिक स्वास्थ्य से आत्मविश्वास तक’ का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस उत्सव में विभिन्न जागरूकतापरक, रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी. पी. सरस्वत ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य, युवा पीढ़ी के समक्ष उपस्थित चुनौतियों तथा छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बेटियाँ हमारी संस्कृति की संवाहक और शक्तिस्वरूपा हैं। उनका मानसिक अवसाद से ग्रस्त होना चिंताजनक है। इस चुनौती से निपटने के लिए हमें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी पारंपरिक भारतीय दृष्टि और जीवन-पद्धति की ओर लौटना होगा। भारतीय संस्कृति सामूहिकता, आत्मीयता और परस्पर सहयोग में विश्वास करती है। इसी सामूहिक चेतना और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से भावी पीढ़ी को मानसिक तनाव एवं अवसाद जैसी चुनौतियों से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती सरिता बडगुजर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, आत्मरक्षा तथा वर्तमान समय में महिलाओं के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छात्राओं का सशक्तीकरण केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाना आवश्यक है। जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं। मुख्य वक्ता डॉ. सुनील शर्मा, प्रिंसिपल स्पेशलिस्ट, मनोचिकित्सा केंद्र, जयपुर ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक सहायता प्राप्त करने के महत्त्व पर प्रकाश डाला। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. नूपुर माथुर ने अपने स्वागत उद्बोधन में महारानी महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा छात्राओं के सर्वांगीण विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का महत्त्वपूर्ण आधार है। ‘मन उत्सव’ जैसी पहल छात्राओं को अपनी भावनाओं को समझने, तनाव का सामना करने तथा स्वयं के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित करती है। कार्यक्रम संयोजक एवं उप-प्राचार्या डॉ. चन्द्राणी सेन ने उत्सव की संकल्पना और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ‘मन उत्सव’ का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को केवल समस्या अथवा उपचार तक सीमित न रखते हुए इसे आत्म-अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, आनंद और समग्र कल्याण से जोड़ना है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, संकाय सदस्यों एवं छात्राओं के योगदान की सराहना की। उत्सव के अंतर्गत ट्रेजर हंट, फ्लैश मॉब, साइकोड्रामा प्रतियोगिता, एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता, मानसिक स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी तथा मार्शल आर्ट्स जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को टीम भावना, निर्णय क्षमता, आत्म-अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में महारानी महाविद्यालय की पूर्व छात्रा परिषद के दानदाताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, राजस्थान विश्वविद्यालय के अन्य संघटक महाविद्यालयों की प्राचार्याओं का भी सम्मान किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह, उमंग और सकारात्मकता का संचार किया। ‘मन उत्सव 2026’ ने यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर संवाद करना, अपनी भावनाओं को समझना और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्राप्त करना स्वस्थ जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह आयोजन छात्राओं को शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महाविद्यालय का एक सार्थक प्रयास रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति, संकाय सदस्यों एवं छात्राओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयासों से उत्सव की विभिन्न गतिविधियाँ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। कार्यक्रम का समापन सकारात्मकता, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संदेश के साथ हुआ।  

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर द्वारा बाजडोली गांव में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित

    220 लोगों ने उठाया लाभ, जरूरतमंद ग्रामीणों को निःशुल्क चश्मे वितरित; मोतियाबिंद के मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन की पहल जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर द्वारा सहाय हॉस्पिटल, जयपुर एवं लॉज ज़ेवियर्स 459 जीएलआई (Lodge Xavier’s 459 GLI) के सहयोग से बाजडोली गांव में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 220 लोगों ने लाभ प्राप्त किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, आंखों से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करना था। शिविर के दौरान ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई तथा जरूरतमंद लोगों को पास की नजर के चश्मे निःशुल्क वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की गई। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर की प्रेजिडेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि जैन, लॉज ज़ेवियर्स 459 जीएलआई से अमरदीप सोनी एवं पंकज जैन, सहाय हॉस्पिटल, जयपुर से रामाकांत तथा वाटिका नगर पालिका की चेयरमैन कमल देवी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और समाज के जरूरतमंद वर्गों तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराणा ने संयुक्त प्रयासों को बताया महत्वपूर्ण यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराणा ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षण संस्थानों का दायित्व शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं के समाधान में योगदान देना और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। समय पर आंखों की जांच, उचित चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक चश्मे उपलब्ध होने से लोगों को दैनिक गतिविधियों में काफी सहायता मिल सकती है। बाजडोली गांव में आयोजित शिविर में 220 लोगों को लाभ पहुंचाना तथा जरूरतमंद ग्रामीणों को निःशुल्क चश्मे वितरित करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रेजिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने सामाजिक उत्तरदायित्व पर दिया जोर इस अवसर पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसके योगदान और सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन से भी होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान एवं कौशल प्रदान करने के साथ-साथ उनमें मानवीय संवेदनाएं, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि आंखों की रोशनी प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर नेत्र जांच और उचित उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। बाजडोली गांव में आयोजित इस शिविर के माध्यम से 220 लोगों को लाभ पहुंचाना संतोषजनक है। जरूरतमंद ग्रामीणों को निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराना और मोतियाबिंद के मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन की दिशा में पहल करना समाज सेवा की भावना को दर्शाता है। डॉ. जैन ने इस जनकल्याणकारी पहल में सहयोग देने वाले अस्पताल, सामाजिक संगठन, चिकित्सकीय टीम तथा विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के उत्थान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा। डॉ. सुराणा ने सहाय हॉस्पिटल, जयपुर, लॉज ज़ेवियर्स 459 जीएलआई के प्रतिनिधियों, चिकित्सकीय टीम और विश्वविद्यालय के सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और ग्रामीण उत्थान से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। ग्रामीणों को मिला नेत्र जांच और उपचार का लाभ शिविर में ग्रामीणों की आंखों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। पास की नजर में परेशानी का सामना कर रहे जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए, जिससे उन्हें पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में सुविधा मिल सके। मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए मरीजों के आगे के उपचार एवं निःशुल्क ऑपरेशन की सुविधा के लिए भी पहल की गई। इस आयोजन में सहाय हॉस्पिटल, जयपुर ने चिकित्सा सेवाओं के लिए सहयोग प्रदान किया, जबकि लॉज ज़ेवियर्स 459 जीएलआई के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। वाटिका नगर पालिका की चेयरमैन श्रीमती कमल देवी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सा संस्थानों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा सकता है। आयोजन में सहयोग देने वाले विश्वविद्यालय के सदस्य शिविर के सफल आयोजन में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के निम्नलिखित सदस्यों ने सहयोग प्रदान किया: 1. यश यादव 2. वीरेंद्र चौधरी 3. लतीफ 4. हसन 5. आशुतोष 6. नीलम यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर समाज सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और ग्रामीण कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण समुदायों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।  

    श्लोककण्ठस्थीकरण शास्त्र संरक्षण की मौखिक परम्परा के संवाहक- प्रो.मदनमोहन झा

    जयपुर। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के परिसर स्थित साहित्य विभाग में गुरुवार 15 अक्टूबर 2026 को संस्कृत श्लोकपाठ प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया ।विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर मदनमोहन झा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में शैक्षणिक परिसर के निदेशक प्रो.विनोदकुमार शर्मा ने कुलगुरु का स्वागत किया।साहित्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्नेहलता शर्मा ,सहायक आचार्य, डॉ. मधुबाला शर्मा, डॉ. शशी कुमार शर्मा, डॉ कुलदीप सिंह पालावत, व्याकरण पीठ के पीठाध्यक्ष प्रो.अशोक कुमार तिवारी एवं अन्य शिक्षक ,छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा ,मौखिक शास्त्रीय परंपरा एवं संस्कृत साहित्य के प्रति अभिरुचि को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर कुलगुरु महोदय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का संस्कृत में बोलना ,श्लोक कंठस्थीकरण करना वर्तमान समय की महती आवश्यकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं के साक्षात्कार में श्लोक का शुद्ध उच्चारण मुख्य भूमिका निभाता है। पीठाध्यक्ष महोदय ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान किया । विभागाध्यक्षा डॉ. स्नेहलता शर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि श्लोक केवल कुछ संस्कृत शब्दों का समूह नहीं है बल्कि यह हमारी भारतीय संस्कृति, ज्ञान और जीवन मूल्यों का अमूल्य भंडार है ।श्लोक हमारी संस्कृति का आधार और ज्ञान का केंद्र है ।प्रतियोगिता के अंत में निर्णायकों ने प्रतिभागियों के उच्चारण ,श्लोक की शुद्धता ,स्वर,लय,स्मरणशक्ति तथा भावाभिव्यक्ति के आधार पर मूल्यांकन किया गया ।प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वर्षा जांगिड़ (ज्योतिष विभाग), द्वितीय स्थान पिंकी जाट ( साहित्य विभाग) एवं तृतीय स्थान वंशिता जांगिड़ (व्याकरण विभाग) ने प्राप्त किया ।सांत्वना पुरस्कार हिना वर्मा (साहित्य विभाग), नेपाक रंजन (शिक्षा विभाग) ने प्राप्त किया सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।  

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में आयोजित हुई एआई सॉन्ग प्रतियोगिता, गर्ल्स को किया सम्मान

    जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, में एआई क्लब की ओर से एआई सॉन्ग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता 9 अक्टूबर को आयोजित हुई लगभग 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के रचनात्मक उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना तथा तकनीक के माध्यम से उनकी प्रतिभा को निखारना था। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने एआई तकनीक की सहायता से विभिन्न गानों का निर्माण कर अपनी रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में बीएससी बायोलॉजी की छात्रा राशि राठौड़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। BSc Bio technology की छात्रा इशिका जैन द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बीसीए की छात्रा ज़ारा ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीक के साथ प्रयोग करने और अपनी रचनात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। यह प्रतियोगिता एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल तथा AI क्लब हेड राहुल अग्रवाल एवं एचओडी आईटी सचिन बागोरिया के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आयोजित की गई।