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    अभिनेता विक्रांत मैसी बने जेईसीआरसी का नया चेहरा

    -संघर्ष से शिखर तक के सफर को समर्पित एक नई साझेदारी  जयपुर, शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक मजबूत और अलग पहचान बना चुके जेईसीआरसी ने भारतीय सिनेमा के सशक्त हस्ताक्षर और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार एवं फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता अभिनेता विक्रांत मैसी को अपना नया चेहरा चुना है। इस नई साझेदारी के तहत, विक्रांत अब जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, जेईसीआरसी कॉलेज और जल्द ही शुरू होने वाले जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी एनसीआर कैंपस (अलवर) का प्रतिनिधित्व करेंगे। '12थ् फेल' जैसी बेमिसाल फिल्मों से दर्शकों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले विक्रांत न केवल एक बहुमुखी अभिनेता के रूप में स्थापित हैं, बल्कि टेलीविज़न से शुरू होकर आज इस मुकाम तक पहुँचने का उनका यह सफर उन अनगिनत युवाओं के सपनों का प्रतिबिंब है, जो अपनी कड़ी मेहनत के दम पर एक अलग पहचान बनाने में जुटे हुए हैं। उनका सफर, जेईसीआरसी के उस विज़न से सीधा जुड़ता है- जहाँ छात्रों को बड़े सपने देखने और उन्हें सच करने का मंच दिया जाता है। इस नई साझेदारी की नींव रखते हुए वाइस चेयरपर्सन अमित अग्रवाल ने कहा कि हर छात्र के भीतर सफलता की एक ऐसी कहानी जन्म लेने का इंतज़ार कर रही होती है, जिसे दुनिया के सामने आना ही चाहिए। उनके अनुसार, विक्रांत का ज़मीनी संघर्ष और उनकी बेजोड़ कामयाबी संस्थान के इसी उद्देश्य का जीता-जागता उदाहरण है। आने वाले समय में इस साझेदारी की झलक कई विशेष कैंपेन, फिल्मों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए देखने को मिलेगी, जो जेईसीआरसी के जीवंत माहौल को करीब से दर्शाएंगे; जहाँ करियर के साथ प्रेरणादाई कहानियाँ भी गढ़ती हैं। यह सहयोग छात्रों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों तक पहुँचने की नई दिशा दिखाएगा जिससे वे जेईसीआरसी के साथ अपनी खुद की दुनिया बनाएंगे।

    शैक्षणिक व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में जमाया रंग

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर में युवा महोत्सव कस्तूरी 2026 के दूसरे दिन की शुरुआत अंतर महाविद्यालय क्विज़ से हुई। इस प्रतियोगिता में अनेक महाविद्यालयों से प्रतिभागियों ने समसामयिक प्रश्नोत्तरी के साथ विभिन्न क्षेत्रों में अपने ज्ञान को दर्शाया। क्विज़ में लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज से ध्रुव शर्मा एवं युविका स्वामी की टीम प्रथम स्थान पर रही। फेस पेंटिंग प्रतियोगिता में कानोड़िया कॉलेज से प्रतिभा शर्मा ने प्रथम, यूनिवर्सिटी फाइव ईयर लॉ कॉलेज से सौम्या ने द्वितीय और विवेकानन्द ग्लोबल यूनिवर्सिटी से अनुज सैनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने प्रकृति पर आधारित फेस पेंटिंग कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। ’यादों के झरोखे से’ समूह नृत्य प्रतियोगिता में कानोड़िया महिला महाविद्यालय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जैम (जस्ट ए मिनट) प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिये गये विषय पर एक मिनट में विचार प्रकट कर अपनी प्रतिभा दिखाई, इसमें जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से दिव्या तेवतिया प्रथम, राजस्थान कॉलेज से अक्षय शर्मा द्वितीय एवं एस.एस.जैन सुबोध कॉलेज से मोनिका सोमानी व कानोड़िया कॉलेज से नंदिता मंगतानी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं। ‘रसरंग-फोक ऑफ इंडिया’ समूह नृत्य प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। प्रतिभागियों ने राजस्थानी, गुजराती, पंजाबी नृत्य शैलियों में प्रस्तुति दी। इसमें कानोड़िया महिला महाविद्यालय की टीम प्रथम व महाराजा कॉलेज की टीम द्वितीय स्थान पर रही।  अंतः महाविद्यालय बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता में शैली मिश्रा ने प्रथम, निमिषा सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। हेयर डू में श्रेया शर्मा एवं मनस्वी जैन प्रथम, ललिता कोठारी एवं वैदेही शुक्ला द्वितीय स्थान पर रही। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल, उप-प्राचार्य डॉ. रंजुला जैन, डॉ. मनीषा माथुर एवं डॉ. रंजना अग्रवाल के साथ महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएँ एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ इस आयोजन में उपस्थित रहीं।   कल 10 अप्रैल को अंग्रेज़ी वाद-विवाद प्रतियोगिता, डिज़ाइन मेनिया, स्नैक अटैक, मेंहदी आदि प्रतियोगिताओं के साथ कस्तूरी युवा महोत्सव का समापन होगा।   

    मेरीटोरियस विद्यार्थियों का सम्मान हुआ

    एकता नगर, धावास, हीरापुरा, अजमेर रोड, जयपुर स्थित डी.एन. पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मेरिट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड नंबर 56 के पार्षद राधेश्याम बोहरा तथा वार्ड नंबर 58 के पार्षद इंद्रप्रकाश धाभाई उपस्थित रहे। विद्यालय निदेशक बी.पी. गुर्जर एवं संतोष देवी गुर्जर ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नगद राशि, मोमेंटो तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों एवं टीचर्स का भी साफा तथा माला पहनाकर स्वागत किया गया। दसवीं बोर्ड परीक्षा में विशाल शर्मा ने 97 प्रतिशत, मानसी पटेल ने 96 प्रतिशत, लकी बावरी ने 95 प्रतिशत, शौर्य सैनी ने 92 प्रतिशत, करण जांगिड़ ने 91 प्रतिशत, जय नागर ने 90 प्रतिशत तथा यशिका नारोलिया ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने माता-पिता एवं विद्यालय का नाम रोशन किया। इसी प्रकार 12वीं विज्ञान वर्ग में ऋषित कुमावत ने 96 प्रतिशत, नचिता मीणा ने 91 प्रतिशत तथा ऋषभ कुमावत ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं 12वीं कला वर्ग में अंजली शर्मा ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।

    अरविंद कुमार शर्मा संभालेंगे अतिरिक्त कुलसचिव का दायित्व

    राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण एवं कार्यकुशलता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अरविंद कुमार शर्मा को अतिरिक्त कुलसचिव का कार्यभार सौंपा गया है। वे वर्तमान में विश्वविद्यालय में उप कुलसचिव के पद पर कार्यरत हैं।   विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेशानुसार शर्मा यह दायित्व तत्काल प्रभाव से ग्रहण करेंगे। यह व्यवस्था एक वर्ष अथवा आगामी आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।   उल्लेखनीय है कि अरविंद कुमार शर्मा को विश्वविद्यालय प्रशासन के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुभागों—शोध, योजना-परियोजना, संस्थापन, सामान्य प्रशासन तथा लेखा-वित्त—में कार्य करने का व्यापक अनुभव प्राप्त है। उनके इस बहुआयामी अनुभव से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में और अधिक दक्षता, पारदर्शिता एवं गतिशीलता आने की अपेक्षा की जा रही है।

    राजस्थान में विज्ञान और नवाचार का नया युग: राज्य स्तरीय नीति और रिसर्च हब्स पर बनी सहमति

    जयपुर |राजस्थान के शैक्षणिक और तकनीकी परिदृश्य को आधुनिक बनाने की दिशा में शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में राज्य की आगामी 'विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति' का खाका तैयार करने के साथ-साथ प्रदेश को देश के प्रमुख 'रिसर्च हब' के रूप में विकसित करने पर गहन मंथन किया गया। रिसर्च के लिए बनेगा 'नोडल सेंटर', संस्थानों का मिलेगा सहयोग बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्थान में शोध और नवाचार की बिखरी हुई कड़ियों को एक सूत्र में पिरोना रहा। इसके लिए एक केंद्रीकृत नोडल सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। यह सेंटर राज्य भर में चल रही अनुसंधान गतिविधियों की निगरानी और मार्गदर्शन करेगा। इसके अतिरिक्त, MNIT जयपुर और IIT जोधपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से विशेष 'सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस' और 'इन्क्यूबेशन सुविधाओं' को विकसित करने पर सहमति बनी। इसका उद्देश्य स्थानीय स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराना है। स्कूली स्तर पर 'साइंस क्लब्स' से पैदा होगी वैज्ञानिक चेतना केवल उच्च शिक्षा ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के लिए शिक्षा विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिलकर काम करेंगे। चर्चा के दौरान स्कूलों में नए साइंस क्लब्स स्थापित करने की योजना पर जोर दिया गया। "विद्यार्थियों में शुरुआती उम्र से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना अनिवार्य है। ये क्लब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रयोग और नवाचार के केंद्र बनेंगे।" नीति निर्धारण और क्रियान्वयन का रोडमैप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव आरुषि मलिक और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने नीतिगत पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि नई नीति केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर ठोस क्रियान्वयन पर आधारित होगी, जिसमें स्कूल से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक एक एकीकृत इकोसिस्टम बनाया जाएगा। बैठक के मुख्य प्रतिभागी इस रणनीतिक चर्चा में शासन के शीर्ष अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया: राजेश यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग  मेघेंद्र शर्मा, सचिव, विज्ञान भारती (विभा), राजस्थान  एन.पी. पाढ़ी, निदेशक, MNIT जयपुर  प्रतिनिधि, IIT जोधपुर विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस रोडमैप के लागू होने से राजस्थान न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा, बल्कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विज्ञान भारती (विभा) इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी परामर्शदाता के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएगी।  

    ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय कन्या महाविद्यालय, गंगापोल, जयपुर के नव-निर्मित भवन के शुभारंभ एवं भवन प्रवेश कार्यक्रम का भव्य आयोजन

    ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय कन्या महाविद्यालय, गंगापोल, जयपुर के नव-निर्मित भवन के शुभारंभ एवं भवन प्रवेश कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हवामहल से विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक द्वारा फीता काटकर भवन में प्रवेश कराने से हुआ। इसके पश्चात सरस्वती पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमंत पारीक ने की, जबकि संचालन श्रीमती चेतन सहल द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में विधायक ने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ खेल-कूद में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल गतिविधियाँ अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने तथा उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने छात्राओं को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यक्तित्व एवं भविष्य को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने मानवता एवं मातृभूमि के प्रति प्रेम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। महाविद्यालय के विकास हेतु विधायक ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें महाविद्यालय परिसर में बास्केटबॉल एवं वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण, टेबल टेनिस, कैरम बोर्ड एवं शतरंज जैसी इनडोर खेल सुविधाओं की व्यवस्था, तथा खेल सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन शामिल है। इसके अतिरिक्त उन्होंने पुस्तकालय के सुदृढ़ीकरण, कंप्यूटर लैब की स्थापना तथा कैंटीन प्रारंभ करने की भी सहमति प्रदान की। विधायक ने छात्राओं से सीधा संवाद किया एवं उनके बीच बैठकर फोटो खिंचवाई एवं इस शुभारंभ के अवसर पर परिसर में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राएँ, अभिभावक, क्षेत्रीय निवासी एवं शिक्षाविदों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। प्रमुख अतिथियों में महाविद्यालय विकास समिति के सदस्य मानप्रकाश गुप्ता, सुरेश महेश्वरी, राजकुमारी ब्रह्मभट्ट, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा से सहायक निदेशक प्रो. आलोक चतुर्वेदी, नोडल महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. स्निग्धा शर्मा, राजकीय महाविद्यालय कंवर नगर की प्राचार्य प्रो. सुमन भाटिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों डॉ. राजकुमार बैरवा, प्रो. निधि माथुर, अनीता कटारा, डॉ. शीबा हैदर एवं डॉ. बचन सिंह ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जहाँ सभी उपस्थितजनों ने महाविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा विधायक द्वारा की गई घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

    आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करें

    निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाए, राज. जयपुर वासुदेव मालावत (आई.ए.एस. ) ने आज अपने जोधपुर प्रवास के दौरान उपनिदेशक, मबावि, जोधपुर कार्यालय का निरीक्षण किया तथा इसके पश्चात विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु जिले के समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये गये कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल वितरण केंद्र न बनकर बच्चों के सर्वांगीण विकास के केंद्र के रूप में स्थापित होने चाहिए।           मालावत ने आंगनबाड़ी केंद्रों के ढांचागत सुधार पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि SAMSA एवं SDRF मद के अंतर्गत स्वीकृत सभी मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने ’आदर्श आंगनबाड़ी’ की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रों के सौंदर्यीकरण पर जोर दिया। निदेशक ने विशेष तौर से निर्देश दिये कि प्रत्येक केंद्र पर बिजली, स्वच्छ पेयजल और क्रियाशील शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।          बच्चों के स्वास्थ्य प्रबंधन पर चर्चा करते हुए निदेशक ने बच्चों के अति-कुपोषित एवं कुपोषित होने के मूल कारणों की पहचान कर उन्होंने कुपोषण के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए MTC (कुपोषण उपचार केंद्र) में बच्चों के रेफरल और उपचार के पश्चात उनके नियमित फॉलो-अप की सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर न्यून वजन वाले बच्चों की शत प्रतिशत ट्रैकिंग करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।          बैठक के अंत में मालावत ने सभी अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया साथ ही अतिरिक्त निदेशक प्रशासन अल्का विश्नोई ने सीडीपीओ को प्रशासनिक कुशलता से कार्य करने के निर्देश दिए। उपनिदेशक रावत राम ने बताया कि बैठक में जिले के समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी और कार्यालय के कार्मिको ने भाग लिया ।                                                                                                 

    ग्रीष्मावकाश अवकाशों कटौती के विरोध में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम से उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन दिया

    जयपुर  राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने शिविरा पंचांग 2026–27 में ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान द्वारा घोषित अवकाश में मनमानी कटौती को लेकर प्रदेश भर में शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताते हुए बुधवार जयपुर में मुख्यमंत्री के नाम,आमेर ,हवामहल, सांगानेर एवं अन्य सभी उपखण्ड अधिकारियों को  ज्ञापन सौपा गया प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने कहा की राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों व भीषण गर्मी को देखते हुए जून माह में विद्यालय खोलना पूर्णतया अव्यावहारिक है।  जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने अधिकारियों द्वारा बिना नियम के अवकाश कटौती करने को अनुचित बताया उन्होंने कहा की शिक्षा विभाग द्वारा इस प्रकार के गलत व अव्यावहारिक निर्णय लिए जाने से सरकार की छवि भी धूमिल हुई है।संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने शिक्षकों को ग़ैर शैक्षणिक कार्यो में लगाए जाने का विरोध करते हुए विभिन्न प्रकार के अवकाशों में की गई कटौती को तत्काल दूर कर शिविरा कैलेंडर में संशोधन की मांग की हैं महिला सह संगठन मंत्री सुरेखा यादव ने बताया की संगठन के आह्वान पर मंगलवार को शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर आंदोलन का बिगुल बजा दिया गया हैं  आज द्वितीय चरण में सभी उपखंड अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया है  प्रदेश पदाधिकारी राम स्वरूप वर्मा ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 20 अप्रेल को जिला स्तर पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन करते हुए विशाल शिक्षक रैली निकाली जाएगी  प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा,महिला सह संगठन मंत्री सुरेखा यादव ज़िलाध्यक्ष कुलजीत सिंह, दीपक खांडा राकेश शर्मा, बिहारी लाल मीणा, महेश मीणा राम रतन छिपा, जिला मंत्री डॉक्टर अमित मीना, लक्ष्मी यादव मामराज, अभिषेक मीणा सुरेंद्र शर्मा एवं संगठन के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे

    कस्तूरी के पहले दिन कला में ज्ञान और ज्ञान में कला का संगम

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय में बुधवार को युवाओं के बहुप्रतीक्षित ’अन्तर महाविद्यालय युवा महोत्सव कस्तूरी- 2026 (8 से 10 अप्रैल) का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. प्रेरणा अरोड़ा, प्रोफेसर एंड डायरेक्टर, रोड सेफ्टी मैनजमेंट, डिपार्टमेंट ऑफ कॉर्मस एंड मैनजमेंट निर्वाण विश्वविद्यालय, जयपुर ने किया। मुख्य अतिथि, महाविद्यालय की पूर्व छात्रा डॉ. प्रेरणा अरोड़ा के साथ निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, प्राचार्य, डॉ. सीमा अग्रवाल, उप-प्राचार्य (छात्र गतिविधि) डॉ. मनीषा माथुर एवं प्रबंध समिति सदस्य श्री विमल कुमार भाटिया ने दीप प्रज्वलन कर ’कस्तूरी-2026’ का शुभारम्भ किया। प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा ऐसे आयोजन उनके कौशल, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं के नव्य नारी ग्रुप ने स्वागत नृत्य प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि डॉ. प्रेरणा ने महाविद्यालय से जुड़े विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा किये और उन्होंने सड़क सुरक्षा के विषय में विस्तार से चर्चा की तथा समझाया कि ट्रेफिक नियमों का पालन करना क्यों आवश्यक है। महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने इस समारोह के शुभारंभ की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कस्तूरी की थीम ’’छःदशक-आत्म शक्ति का उत्सव’’ के बारे में बताते हुए आत्मशक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि वर्षों से यह उत्सव युवा छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता आ रहा है। अंत में छात्रा इशिका गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन डॉ. टीना सिंह भदौरिया एवं छात्रा कशिश गौड़ व माही असीजा ने किया। कस्तूरी के पहले दिन अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं के अतंर्गत ’मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’ विषय पर हिन्दी तर्क-वितर्क प्रतियोगिता में राजस्थान कॉलेज से इंद्रजीत सिंह प्रथम, कानोड़िया कॉलेज से पूजा राठौड़ द्वितीय और सुबोध पीजी महिला महाविद्यालय से अक्षिता शर्मा तृतीय स्थान पर रहे। नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में यूनिवर्सिटी महाराजा कॉलेज की टीम प्रथम व कानोड़िया कॉलेज की टीम द्वितीय स्थान पर रही। बीट्स-वेस्टर्न गु्रप डांस प्रतियोगिता में जईसीआरसी की टीम प्रथम व कानोड़िया कॉलेज की टीम द्वितीय रही। अतः महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में फ्लावर अरेंजमेंट में अदिती जांगिड़ व तनुश्री प्रथम, द्राक्षा असांरी व साइमून असांरी द्वितीय रही। रंगरीति के अंतर्गत रंगोली में दृष्टि मीणा प्रथम व खुशी द्वितीय स्थान पर रहीं एवं मांडना में पूनम कुमारी ने प्रथम एवं शिखा सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।  कल 9 अप्रैल को क्विज़, फेस पेंटिंग, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, हेयर डू,, जैम (जस्ट ए मिनट), यादों के झरोखे से समूह नृत्य, रसरंग लोक नृत्य प्रतियोगिताएँ होंगी। 

    विश्व स्वास्थ्य दिवस पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में योग एवं खेल गतिविधियों का आयोजन

    जयपुर. विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं योग विभाग एवं खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न स्वास्थ्य एवं फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं स्टाफ में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर “योग फॉर लाइफस्टाइल डिजीजेस” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे तनाव, मोटापा, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की रोकथाम में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। योग प्रशिक्षक डॉ. महादेव सैनी द्वारा सरल आसनों एवं प्राणायाम का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। साथ ही खेल विभाग द्वारा फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका संचालन खेल निदेशक श्री यश यादव ने किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नियमित व्यायाम एवं खेलों के महत्व के प्रति प्रेरित किया गया। यह संदेश दिया गया कि खेल शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. रजनी माथुर, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की समन्वयक द्वारा किया गया, जिसमें संकाय सदस्य डॉ. चारू दुबे, मनीषा यादव एवं खुशबू चौधरी का सक्रिय सहयोग रहा। विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम का लाभ उठाया। प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने अपने संदेश में कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए योग एवं खेल दोनों का नियमित अभ्यास आवश्यक है। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं तथा समग्र विकास में सहायक होते हैं। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को योग एवं खेलों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के संकल्प के साथ किया गया।    

    शिक्षक हितों पर कुठाराघात पर शैक्षिक महासंघ का कड़ा विरोध

    शिविरा संशोधन की मांग को लेकर एबीआरएसएम राजस्थान ने शिक्षा मंत्री से की मुलाकात जयपुर।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर से मिलकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग में त्वरित संशोधन की मांग की।प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा,प्रदेश उपाध्यक्ष उदयपुर संभाग अभय सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। संगठन के प्रदेश महामंत्री लखारा ने बताया कि महासंघ ने शिक्षा मंत्री से मिलकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी शिविरा पंचांग का कड़ा विरोध करते हुए बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा जानबूझकर शिक्षक हितों पर कुठाराघात करने का प्रयास किया जा रहा है।पहले से ही राज्य में शिक्षा विभागीय अवकाश केंद्र की तुलना में कम मिल रहे है और अब शिविरा पंचांग में नवीन संशोधन करते हुए शिक्षकों के अवकाश में कटौती कर दी।इतना ही नहीं संस्थाप्रधान द्वारा अधिकृत अवकाश में भी कटौती की गई है।इससे प्रदेश भर के शिक्षकों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त हो रहा है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्करणा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट तौर पर अवकाश कटौती का कड़ा विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री से पुनः संशोधित पंचांग जारी करने का आग्रह किया है।संगठन ने कहा है कि अगर इसी तरह अवकाश कटौती की मंशा है तो शिक्षकों को भी अन्य कार्मिकों के समान 30 पीएल दी जाए ।इस पर शिक्षा मंत्री दिलावर ने शीघ्र उचित समाधान करने की बात कही है।संगठन ने सरकार के इस प्रयास के परिणामस्वरूप उत्पन्न स्थिति पर आगामी निर्णय के लिए 9 अप्रैल को स्थाई कार्यसमिति की आपात आभासी बैठक आयोजित की है।बैठक में सरकार द्वारा संशोधन नहीं होने पर आगामी रणनीति तय की जाएगी।इस अवसर पर शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, उपाध्यक्ष महिला सुषमा विश्नोई,प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह,महिला मंत्री गीता जैलिया,अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल,कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीयों ने कहा कि सरकार के अवकाश कटौती करने पर समूचे शिक्षक समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त हो रहा है।संगठन हमेशा शिक्षकों के साथ खड़ा रहा है और इस नवीन परिस्थिति में भी शीघ्र शिविरा संशोधन करवाकर राहत दी जाएगी।

    महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में बजट घोषणाओं के समयबद्धता से क्रियान्वयन पर हुई चर्चा

    उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश जयपुर। उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।    उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शासन सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती पूनम, निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं वासुदेव मालावत की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में राज्य सरकार की बजट घोषणाओं की कियान्विति पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में महिला एवं बाल विभाग से सम्बन्धित 11 बजट घोषणाओं का समयबद्धता से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। जिनमें से एक बजट घोषणा का क्रियान्यवयन हो गया है जबकि बाकि 10 बजट घोषणाओं को भी समय पर पूरा किए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने इसके साथ ही संकल्प पत्र पर भी चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।      समीक्षा बैठक में उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एक आंगनबाड़ी केन्द्र का संचालन ज्यादा बेहतर ढंग से कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इससे आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों को बेहतर मिल सकती है। इसके साथ ही वहां आने वाली गर्भवति एवं धात्री महिलाओं, किशोरी बालिकाओं को भी बेहतर सेवाएं मिल सकती हैं।   उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग के साथ बेहतर समन्वय कर शाला पूर्व शिक्षा की गतिविधियों का सघनता से संचालन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों को राजकीय विद्यालय भवनों में संचालित करवाने हेतु कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किराए के भवनों में संचालित होने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों को बेहतर सुविधायुक्त किराए के भवनों में संचालित करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए।    आंनबाड़ी केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे विद्युत,पेय जल और क्रियाशील शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चत किया जाए और इस हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाए इस हेतु भी उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंन प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, आंगनबाडी केन्द्रों को नंदघर में विकसित किये जाने तथा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वित्तीय वर्ष में तय लक्ष्यों के समय पर पूरा किया जाए।