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    राष्ट्रीय स्कूल गेम्स- एसजीएफआई में ओजस्व गजराज ने जीता रजत पदक

    ओजस्व गजराज ने 15 से 22 अप्रैल 2026 तक त्यागराज स्टेडियम दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल खेल,एसजीएफआई, में रजत पदक हासिल किया, जिससे वह सीबीएसई बोर्ड से राजस्थान से एकमात्र पदक विजेता बन गए। ओजस्व गजराज ने मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू में रजत पदक जीतकर एक बार फिर राजस्थान का नाम रोशन किया और एक इतिहास रचा।ओजस्व गजराज ने खेलो इंडिया नेशनल कलारीपेयट्टू चैम्पियनशिप मे रजत पदक जीत चुके है। दक्षिण भारत के एकाधिकार वाले खेल कलारीपेयट्टू में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले जयपुर के ओजस्व गजराज ने खेलो इंडिया नेशनल कलारीपेयट्टू लीग में रजत पदक जीतकर एक बार फिर राजस्थान का परचम लहराया । राजस्थान से ओजस्व गजराज एकमात्र खिलाड़ी है जिन्होंने पदक जीतकर इतिहास रचा। इससे पूर्व बिहार के गया में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में ओजस्व गजराज ने रजत पदक जीतकर राजस्थान का गौरव बढ़ाया । भारत सरकार के खेल एवं युवा मामलात मंत्रालय और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित खेलो इंडिया 2026 मार्शल आर्ट्स कलारीपेयट्टू में जयपुर के ओजस्व गजराज ने रजत पदक जीता है। जिसमें मदर ऑफ मार्शल आर्ट के नाम से जानी जाने वाली खेल *कलारीपेयट्टू* के चुवाडुगल प्रतिस्पर्धा में ओजस्व गजराज ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है ।ओजस्व 14 वर्ष के हैं तथा जूनियर ब्वॉयज कैटेगरी में उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। इस स्वर्णिम और ऐतिहासिक जीत का श्रेय ओजस्व गजराज ने अपने गुरु अशोक पारीक (अशोक स्पोर्ट्स अकादमी) तथा अपने माता-पिता डॉ सुमन मौर्य (प्रोफेसर, राजस्थान विश्वविद्यालय) तथा डॉ.जगदीश प्रसाद (उपनिदेशक, महिला अधिकारिता) को दिया ओजस्व गजराज पूर्व में भी कराटे एवं कलारीपेयट्टू की विभिन्न अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्पर्धा में 50 से अधिक पदक जीत कर देश व प्रदेश का गौरव बढ़ा चुके हैं। ओजस्व गजराज वॉरेन एकेडमी स्कूल के दसवीं छात्र हैं एवं कराटे में ब्लैक बेल्ट है ।

    ग्रीष्मावकाश अवकाशों कटौती के विरोध में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया

    जयपुर:/राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने शिविरा पंचांग 2026–27 में ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान द्वारा घोषित अवकाश में मनमानी कटौती को लेकर प्रदेश भर में शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताते हुए सोमवार जयपुर में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टरों जयपुर को ज्ञापन सौपा गया प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्म ने कहा की राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों व भीषण गर्मी को देखते हुए जून माह में विद्यालय खोलना पूर्णतया अव्यावहारिक है।  जिला महिला मंत्री रचना राठौड़ ने बताया की अधिकारियों द्वारा बिना नियम के अवकाश कटौती करने को अनुचित बताया उन्होंने कहा की शिक्षा विभाग द्वारा इस प्रकार के गलत व अव्यावहारिक निर्णय लिए जाने से सरकार की छवि भी धूमिल हुई है।संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने शिक्षकों को ग़ैर शैक्षणिक कार्यो में लगाए जाने का विरोध करते हुए विभिन्न प्रकार के अवकाशों में की गई कटौती को तत्काल दूर कर शिविरा कैलेंडर में संशोधन की मांग की हैं महिला सह संगठन मंत्री सुरेखा यादव ने बताया की संगठन के आह्वान पर मंगलवार को शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर आंदोलन का बिगुल बजा दिया गया हैं   द्वितीय चरण में सभी उपखंड अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया है   जिलाध्यक्ष कुलजीत सिंह एवं जिला मंत्री अमित मीणा ने बताया कि आज तृतीय चरण में 20 अप्रेल को जिला स्तर पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया । अगले चतुर्थ चरण में 18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन करते हुए विशाल शिक्षक रैली निकाली जाएगी    कलेक्ट्रेट सर्किल पर रैली निकालकर ज्ञापन में सम्मलित पदाधिकारी , सियाराम शर्मा नवीन कुमार शर्मा मुकेश कुमार मीणा राजेंद्र पारीक शिवराम शर्मा अमित कुमार मीणा ,दीपक खांडा , विभा शर्मा, मंजू मीणा, सुरेखा यादव, लक्ष्मी यादव,संगीता जैन,ओमकला राजबाला, सुनीता फुलवरिया सु,मन देवी राजेंद्र पारीक,क कुशाल तिवाड़ी, रामअवतार मीना, बृजेश शर्मा ,राजकुमारी शर्मा, दुलीचंद शर्मा, नेहा मीना, अनीता मीणा कल्पना शर्मा ,डेजी तिवाड़ी ,मंजू यादव, शशि वर्मा ,कल्पना मीणा अंजू मेहरा , सुमीता यादव, रेनू माहुर ,रंजन रहारिया ,महेश चंद्र मीणा ,राकेश कुमार शर्मा ,राधेश्याम मीणा, सत्यनारायण शर्मा ,वी एस राठौड़,कैलाश नारायण ,रामकुमार सांगवा ,कल्याण सिंह मीणा कोमल शर्मा ,महेश गोठवाल ,प्रताप सिंह चौहान, रामचंद्र सिंह, शिव शर्मा ,सचिन शर्मा ,रेखा बजाज, प्रियंका कपूर ,हेमंत कुमार जांगिड़ एवं संगठन के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा ग्राम तीतरिया में दवाओं के सही उपयोग पर जागरूकता अभियान आयोजित

    आज ग्राम तीतरिया पंचायत में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के फार्मेसी विभाग द्वारा दवाओं के प्रभाव एवं दुष्प्रभाव के संबंध में एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को दवाओं के सही उपयोग, उनके लाभ एवं संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान गाँव की महिलाओं, आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं तथा अन्य ग्रामीणों को एकत्रित कर उन्हें दवाओं के सेवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तारपूर्वक प्रदान की गईं। उपस्थित लोगों को बताया गया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है तथा इससे गंभीर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। साथ ही, दवाओं की निर्धारित मात्रा, समय एवं अवधि का पालन करने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।   यूनिवर्सिटी की ओर से इस अभियान में फार्मेसी विभाग के डीन डॉ राम गर्ग, अखिलेश गोयल एवं नरेंद्र कुमावत उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत तीतरिया के सरपंच महोदय एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।   डॉ राम गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि दवाओं का सेवन हमेशा योग्य चिकित्सक की सलाह से ही किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग के प्रति लोगों को सचेत करते हुए बताया कि अधूरी दवा लेने से रोग पूरी तरह ठीक नहीं होता और भविष्य में दवाओं का असर कम हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं दवा लेने से बचें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।   प्रेसिडेंट डॉ रश्मि जैन ने अपने संदेश में कहा कि दवाओं का सुरक्षित एवं सही उपयोग प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिना उचित जानकारी के दवा लेने से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए जागरूकता ही बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।   प्रो प्रेसिडेंट डॉ अंकित गांधी ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि सही जानकारी के अभाव में लोग अक्सर दवाओं का गलत उपयोग कर लेते हैं, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा। प्रो चेयरपर्सन डॉ अंशु सुराना ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सही जानकारी ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे दवाओं का उपयोग सोच-समझकर करें तथा किसी भी दवा के सेवन से पूर्व विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

    राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में हिप्नोथेरेपी पर कार्यशाला का आयोजन

    जयपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में सोमवार को हिप्नोथेरेपी पर प्रो. राकेष कुमार जैन, विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग, गुरूकुल कांगड़ी विष्वविद्यालय, हरिद्वार द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को हिप्नोथेरेपी तथा आधुनिक मनोवैज्ञानिक अभ्यास में उसकी बढ़ती उपयोगिता से परिचित कराना था। यह कार्यक्रम मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी द्वारा आयोजित किया गया था तथा इसमें उनके संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं षामिल हुए। उनके साथ प्रो. संध्या मोहंती, प्रो. एस.सी. प्रसाद, प्रो. मन्जु मेहता और प्रो. तजेंद्र कौर भी उपस्थित रहे।  सत्र के दौरान हिप्नोथेरेपी को एक प्रभावी उपचार पद्धति के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो एकाग्रता और सुझाव के माध्यम से व्यवहार और संज्ञानात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होती है। वक्ता ने इसके सैद्धांतिक आधार को पावलोवियन कंडीशनिंग, ऑपेरेंट कंडीशनिंग और अवॉयडेंस व्यवहार जैसे सिद्धांतों के माध्यम से समझाया, विशेष रूप से चिंता और फोबिया के संदर्भ में। कार्यशाला में फ्लडिंग, रैपिड एक्सपोजर, सिस्टेमैटिक डीसेंसिटाइजेशन और ग्रेजुएटेड एक्सपोजर जैसी तकनीकों को उदाहरणों सहित समझाया गया, जिनमें सामान्य फोबिया से जुड़ी प्रतिक्रियाएं शामिल थीं। वक्ता ने यह भी बताया कि कई मामलों में चिंता वास्तविक उत्तेजना से अधिक उसके संभावित परिणामों के कारण उत्पन्न होती है। इसलिए सफल उपचार के लिए व्यक्ति की संज्ञानात्मक व्याख्या (कॉग्निटिव एप्रेज़ल) में बदलाव आवश्यक है। सत्र में इवान पावलोव के योगदान, गेस्टाल्ट सिद्धांत जैसे क्लोजर, तथा थेरेपी में नियमित अभ्यास और फॉलो-अप के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। यह कार्यशाला छात्रों के लिए हिप्नोथेरेपी को पारंपरिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के साथ जोड़कर समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई। अंत में प्रो. प्रेरणा पुरी ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को धन्यवाद दिया।

    खंडेलवाल वेश्य धाम जागरण रथ यात्रा का खंडेलवाल सेवा समिति अलवर ने किया भव्य स्वागत

    जयपुर. खंडेलवाल सेवा समिति अलवर के तत्त्ववधान मे खंडेला धाम से प्रारंभ हुई खंडेलवाल वेश्य धाम जागरण रथ यात्रा का अलवर पहुॅचने पर भव्य एवं हर्षोलास के साथ स्वागत किया गया! इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किये गए! इसमें खंडेलवाल समाज की अनेक संस्था एवं समाज के सदस्यों ने भागीदारी निभाई! आगंतुक अतिथियों का समाज के लोगों की और से गर्म जोशी के साथ जगह जगह पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया! कार्यक्रम मे खण्डेला धाम के संस्थापक एवं आजीवन मैनेजिंग ट्रस्टी - पुरुषोत्तम गुप्ता, अध्यक्ष - आर सी गुप्ता (झालाणी) एवं महामंत्री - रमेशचन्द्र खण्डेलवाल, जोधपुर,गोविन्द खारवाल, गिर्राज केदावत, अनिल लोहिया,सुभाष घिया, रजनी कांत गुप्ता, रंजना गुप्ता, राजरानी गुप्ता, रानी खंडेलवाल, अदिति गुप्ता, अनिल तमोलिया, सुभाष ताम्बी, संजय खंडेलवाल, प्रेम खंडेलवाल सहित समाज के अनेक सम्मानित सदस्य मौजूद थे! इस दोरान एक एक लाख रुपये के सहयोग से सात नए ट्रस्ट सदस्यो का मानोनयन किया गया! इस अवसर पर समाज के लोगों ने अपनी अपनी कुलदेवी एवं विभिन्न गोत्रों की देवियों की विधि वत पूजा अर्चना कर महा आरती की! कार्यक्रम की जानकारी खंडेलवाल सेवा समिति के अलवर के अध्यक्ष किशन गुप्ता ने दी !इस यात्रा को लेकर अखिल भारत वर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी तथा चोमु की अशोक विहार कॉलोनी के निवासी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने खुशी व्यक्त करते हुए एक सराहनीय कदम बताया एवं फोन पर गैंगटोक से खण्डेला धाम के संस्थापक एवं आजीवन मैनेजिंग ट्रस्टी - पुरुषोत्तम गुप्ता, अध्यक्ष - आर सी गुप्ता (झालाणी) एवं महामंत्री - रमेशचन्द्र खण्डेलवाल, जोधपुर को शुभ कामना, भदाई एवं साधुवाद दिया! साथ ही इस जागरण भारत यात्रा को समाज के विकास मे भी महत्व पूर्ण भागीदारी निभाने मे सहायक बताया!

    विकसित राजस्थान@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में गुड गवर्नेंस और सिटीजन सेंट्रिक प्रशासन मुख्य कारक है: मुख्य सचिव

      राज्य में नागरिक-केंद्रित शासन, समावेशी विकास, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और सतत् विकास 'विकसित भारत@2047' की प्राप्ति में दे रहे अपना योगदान— वी. श्रीनिवास   जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि रिफॉर्म को अपने साधन के रूप में, लचीलेपन को अपनी ताकत के रूप में, चुनौतियों को अवसरों के रूप में और परिणामों को अपने मापदंड के रूप में अपनाते हुए राजस्थान राष्ट्र के लिए एक आदर्श विकास मॉडल बनता जा रहा है।   आरआईसी में "विकसित राजस्थान@2047: गवर्नेंस ट्रांसफॉर्मड" विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान 'विकसित भारत@2047' की यात्रा में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए एक अद्वितीय स्थिति में है। उसे अपने प्राकृतिक संसाधनों, स्वच्छ ऊर्जा की क्षमता, पर्यटन, कृषि और रणनीतिक स्थिति से ताकत मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास का मार्ग समावेश, समानता, स्थिरता और सुशासन पर आधारित है, जो 2047 तक एक विकसित, समृद्ध, समतामूलक और भविष्य-तैयार भारत बनाने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जुड़ा हुआ है। 'अमृत काल' (2022–2047) उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक परिवर्तनकारी चरण के रूप में कार्य कर रहा है।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत@2047' लक्ष्य के अनुरूप अगले 25 वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी, परिणाम-उन्मुख सुशासन एजेंडे की आवश्यकता है, जो नागरिकों को सशक्त बनाए, अन्त्योदय की भावना के अनुरूप सबसे गरीब, सबसे वंचित को सबसे पहले सेवा दे। राज्य सरकार सुशासन के इस एजेंडे को सफलतापूर्वक लागू कर रही है, 'पंच प्रण' के अनुरूप इनिशिएटिव्स को लागू करने के लिए संकल्पबद्ध है।     वी. श्रीनिवास ने कहा कि इस परिवर्तन का मार्गदर्शक ढांचा 'GYAN' — गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति — पर आधारित है। राज्य का सुधार एजेंडा समावेशी विकास, बेहतर सेवा वितरण और अवसरों तक व्यापक पहुंच के माध्यम से इन चार स्तंभों के लिए मापने योग्य परिणाम देने के लिए तैयार किया गया है।    मुख्य सचिव ने कहा कि'विकसित राजस्थान@2047' विज़न डॉक्यूमेंट अक्टूबर, 2025 में लॉन्च किया गया। यह राज्य विज़न महज़ एक आकांक्षा नहीं बल्कि 2047 तक राजस्थान को एक समृद्ध राज्य और समावेशी विकास का आदर्श मॉडल बनाने का एक व्यावहारिक रोडमैप है। लॉन्च के समय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा कहा था कि यह विज़न डॉक्यूमेंट एक समृद्ध, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार राजस्थान बनाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है और राज्य सरकार इस प्रतिबद्धता को धरातल पर उतार रही है।    उन्होंने कहा कि यह रोडमैप चार-सूत्रीय दृष्टिकोण पर आधारित है: लोगों का पोषण, समाज को मज़बूत बनाना, बुनियादी ढाँचा और स्थिरता का निर्माण, तथा नीति, वित्त और शासन सुधारों को आगे बढ़ाना। यह 100% साक्षरता और शिक्षा कवरेज, कौशल-आधारित शिक्षा, सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच, सतत जल प्रबंधन, स्मार्ट शहरीकरण, पर्यावरण संरक्षण, तथा युवाओं और महिलाओं के लिए बेहतर अवसरों को प्राथमिकता देता है।   मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान का लक्ष्य 2028-29 तक $350 अरब और 2047 तक $4.3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना है, जो कृषि और कृषि-नवाचार, औद्योगिक विकास, पर्यटन, हरित ऊर्जा, बुनियादी ढाँचे और डिजिटल शासन द्वारा संचालित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य की रणनीति न केवल तेज़ विकास पर बल्कि बेहतर नागरिक सुविधाओं, अबाधित कनेक्टिविटी, सामाजिक सुरक्षा और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार पर भी केंद्रित है। एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य 'राज-उन्नति' , एआई-सक्षम सेवा वितरण, डिजिटलीकृत भूमि रेकार्ड, परियोजना निगरानी और शिकायत निवारण जैसे सुधारों के माध्यम से नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशासन की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी, 2026 में लॉन्च 'राज-उन्नति' केन्द्र सरकार के 'प्रगति' प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह राजस्थान को पहला राज्य बनाता है जिसने 'प्रगति' की तर्ज़ पर सुशासन की इस प्रणाली को लागू किया है, जो केवल निगरानी से हटकर रियल टाइम मापने योग्य परिणामों की ओर एक बदलाव का प्रतीक है।   उन्होंने आगे कहा कि राज्य के सुधारों की गति 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' डीरिगुलेशन के क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। राजस्थान ने 2024 में 350 से अधिक BRAP सुधारों को लागू किया, चार व्यावसायिक सुधार क्षेत्रों में टॉप अचीवर के रूप में पहचान बनाई, और डी​रेगुलेशन फेज-I के तहत सभी 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पूरा किया, जिससे यह देश के शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल हो गया। राज्य अब दूसरे चरण के सुधारों को आगे बढ़ा रहा है, साथ ही 'राजस्थान जन विश्वास अध्यादेश 2025' के माध्यम से 11 राज्य अधिनियमों के तहत अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर और उन्हें तर्कसंगत बनाकर अनुपालन के बोझ को कम कर रहा है ताकि निवेशकों के अनुकूल माहौल को बढ़ावा दिया जा सके।   राज्य की मज़बूत कार्यान्वयन क्षमता का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 'राइजिंग राजस्थान 2024' के तहत 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। अब तक 8.15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएँ धरातल पर उतर चुकी हैं। 

    महाराव शेखाजी के बलिदान दिवस पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा एवं मातृशक्ति मर्यादा रक्षा शौर्य पथ संचलन का आयोजन

    जयपुर। महाराव शेखा संस्थान के सचिव सम्पत सिंह धमोरा ने बताया कि शेखावाटी के संस्थापक, इतिहास पुरूष, नारी सम्मान के रक्षार्थ प्राणोत्सर्ग कर स्वर्गारोहण करने वाले, धार्मिक सहिष्णुता के प्रतीक पूज्य महाराव शेखाजी का 538वाँ बलिदान दिवस समारोह अक्षय तृतीया रविवार 19 अप्रैल, 2026 को श्री भवानी निकेतन पी.जी. महाविद्यालय में मनाया गया। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा एवं मातृशक्ति मर्यादा रक्षा शौर्य पथ संचलन का आयोजन फतेह निवास झोटवाड़ा से भवानी निकेतन तक किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति द्वारा केसरिया वस्त्र धारण कर हाथों में तलवार लेकर पथ संचलन एवं तलवार बाजी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा में धर्मगुरू पण्डित शिवशंकर शर्मा, इमाम मुफ्ती अब्दुल वासित साहब, मोहम्मदी मस्जिद, फादर विजयपाल ने अपने-अपने धर्म का उपदेश राष्ट्रनिर्माण एवं धार्मिक साम्प्रदायिक सद्भाव के संदर्भ में दिया। पण्डित जी ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे भवन्तु निरामया’ का उपदेश देते हुए समग्र विश्व के सुख एवं मानव मात्र के कल्याण की कामना करते हुए सनातन धर्म की व्याख्या प्रस्तुत की। इमाम मुफ्ती अब्दुल वासित साहब ने कुरान के संदेश के माध्यम से आपसी भाईचारा बनाये रखते शेखाजी से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। फादर विजयपाल ने बाईबिल में ईश्वर का सभी से प्रेम एवं भाईचारे का सन्देश दिया। समारोह में भवानी निकेतन से नगेन्द्र सिंह बगड़, अध्यक्ष, महेन्द्रसिंह जैसलाण, उपाध्यक्ष, सुदर्शनसिंह सुरपुरा, सचिव, श्यामसिंह मण्ढ़ा, कोषाध्यक्ष, जालिमसिंह हुडि़ल, संयुक्त सचिव, दिलीपसिंह छापोली, महेन्द्रसिंह बनेठी, प्रताप फाउण्डेशन से महावीरसिंह सरवड़ी, श्री राजपूत सभा से धीरसिंह शेखावत, महामंत्री, लोकेन्द्रसिंह लोटवाड़ा, प्रघुम्नसिंह, राजेन्द्रसिंह जेरठी सहित, संस्था प्रधान, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों आदि शेखावाटी के संस्थापक पूज्य महाराव शेखाजी को श्रद्धासुमन अर्पित करने हेतु उपस्थित हुए। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि शेखावाटी के भूभाग पर घाटवा के युद्ध में महाराव शेखाजी ने अपने दो सपुतों दुर्गाजी एवं पूरणजी के साथ नारी के सम्मान को कायम रखने के लिए अपने निकटत्तम संबंधियों से युद्ध कर बलिदान दिया तथा शेखाजी विश्व के इतिहास में धार्मिक सहिष्णुता के अनुकरणीय उदाहरण है। जिस वंश परम्परा को शेखावाटी के सपूतों ने न केवल आगे बढ़ाया बल्कि आज भी शेखावाटी को गर्व है कि भारतीय सेना में शेखावाटी के नौजवानों का जो प्रतिनिधित्व है, उसको देश भूला नहीं सकता। युद्ध कौशल के धनी देश और धर्म के लिए मर मिटने वाले भारतीय सेना के सर्वोच्च सम्मान परम वीर चक्र विजेता हवलदार पीरू सिंह शेखावत तथा महावीर चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र और सेना मैडल प्राप्त करने वाले योद्धाओं की बहुत लम्बी सूची शेखावाटी को गौरवान्वित करती है।

    पीएम की जनसभा के लिए प्रभारी मंत्री कुमावत ने पीले चावल देकर दिया न्यौता

    -21 अप्रेल को बालोतरा आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  -पचपदरा में तेल रिफायनरी का करेंगे उदघाटन  जयपुर/ बालोतरा। पचपदरा में तेल रिफाइनरी के 21 अप्रेल को प्रस्तावित उदघाटन समारोह व देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर जिले में तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जिला प्रभारी मंत्री व पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आमजन के बीच पहुंचकर पारंपरिक रूप से पीले चावल वितरित कर जनसभा में शामिल होने का न्यौता दिया। प्रभारी मंत्री कुमावत ने विभिन्न स्थानों पर लोगों से जनसंपर्क करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह प्रस्तावित दौरा क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि पचपदरा रिफाइनरी परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने पंचायत समिति सभागार में बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में विधायक डॉ. अरुण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत मोदी, भाजपा के प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सैनी, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हरीशचंद्र जसोल, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष जयराम प्रजापत सहित पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों से संपर्क कर उन्हें जनसभा में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा बालोतरा सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी सौगात साबित होगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी, बल्कि आधारभूत सुविधाओं में भी विस्तार होगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। लगातार जनसंपर्क और आमंत्रण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सभा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला प्रशासन और संगठन के संयुक्त प्रयासों से जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

    एलन दिवस पर हुए सेवा कार्य, भजन संध्या के साथ मनाया फागोत्सव

    कोटा. एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का स्थापना दिवस शनिवार को कोटा के साथ देशभर के केन्द्रों पर भक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। एलन दिवस पर देशभर के केन्द्रों पर कई सेवा कार्यों के साथ कई आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए।  कोटा में स्थापना दिवस का मुख्य समारोह इन्द्रविहार स्थित एलन समर्थ कैम्पस में भजन संध्या के रूप में हुआ। यहां फागोत्सव के गीतों के बीच एलन परिवार के हजारों सदस्य भजनों पर झूमे, डांडिया खेले और एक दूसरे को एलन दिवस की बधाई दी। कार्यक्रम में एलन के निदेशक डॉ. गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी एवं डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने एलन परिवार के सभी सदस्यों को एलन के गौरवशाली 38 वर्ष पूर्ण करने पर बधाई दी और इसी उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि संस्कार से सफलता तक की इस यात्रा में अब तक एलन 40 लाख परिवारों का भरोसा जीत चुका है। यह यात्रा और बेहतर तरीके से जारी रहेगी। कार्यक्रम में श्री बृज गुरुकुलम् के धु्रव शर्मा एवं स्वर्णाश्री द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने उपस्थित सभी लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। इसके साथ ही फागोत्सव और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को आनंदमय बना दिया।  इससे पूर्व ऑल स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी की ओर से दिनभर एलन दिवस के तहत कई सेवाकार्य भी किए गए। शहर और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के चयनित सरकारी स्कूलों व सड़क किनारे बालआंगन में पढ़ने वाले खानाबदोश परिवारों के बच्चों को स्कूल बैग व छाते वितरित किए गए। इसके साथ ही वृद्धाश्रमों व अनाथालयों में भी सेवाकार्य किए गए। गौवंश के लिए चारा, कबूतरों को ज्वार और अन्य परोपकारी कार्य भी किए गए।