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    ज्ञानविहार स्कूल में 22वें 'श्री सुरेश शर्मा मेमोरियल इंटर-स्कूल प्रतियोगिता जागृति-2026' का भव्य आयोजन

    मालवीय नगर डी-ब्लॉक स्थित ज्ञानविहार स्कूल में 22वें 'श्री सुरेश शर्मा मेमोरियल इंटर-स्कूल प्रतियोगिता जागृति-2026' का भव्य आयोजन हर्षोल्लास से किया गया। इस महाकुंभ में जयपुर शहर के प्रतिष्ठित 21 विद्यालयों के 400 से अधिक प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर अपनी रचनात्मक, सृजनात्मक एवं विभिन्न कलात्मक कौशलों का शानदार प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि निदेशक कनिष्क शर्मा, विशिष्ट अतिथि रीटा तनेजा तथा डॉ. ऋत्विक गौड़ ने सुरेश शर्मा को पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि कनिष्क शर्मा ने सभी निर्णायकों का स्वागत करते हुए उन्हें मेमेंटो भेंट किए तथा अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में ज्ञानविहार के इस भव्य आयोजन को विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को उजागर करने और उन्हें एक सशक्त मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 'जागृति' जैसे आयोजन बच्चों में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक के प्रति गहरी जागरूकता पैदा करते हैं।  प्रिंसिपल डॉ.ऋत्विज गौड़ ने भी अपने संबोधन में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धाएं छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अतिआवश्यक हैं, जो उनके अंदर छिपी नेतृत्व क्षमता को बाहर लाती हैं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में झलकी बच्चों की अनूठी प्रतिभा मीडिया कोऑर्डिनेटर रेनू शब्दमुखर ने बताया कि 'जागृति' के तहत आयोजित सभी 11 प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था: संगीत एवं नृत्य ग्रुप सॉन्ग 'स्वर्ण भारत' और संस्कृत गीत 'भारतम मम गौरवम' के माध्यम से प्रतिभागियों ने देश की महिमा की संगीतमय उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, डेजर्ट बीट्स में राजस्थान के प्रसिद्ध लोक नृत्य 'तेरहताली' की बेहद खूबसूरत और उत्कृष्ट प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। कला और वाद-विवाद 'क्रिएटिव कांक्लेव' (आर्ट)में कला की उत्कृष्टता ने सबका मन मोहा, तो वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता ('द स्विचारू') में प्रतिभागियों की वाकपटुता और तार्किकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। काव्य एवं आशुभाषण: 'काव्य शौर्य' में विद्यार्थियों ने देशभक्ति और वीर रस से ओत-प्रोत कविताओं का शानदार पाठ किया। आशुभाषण के जरिए समसामयिक विषयों पर बच्चों ने अपने विचार बेबाकी से पटल पर रखे। डिजिटल और तकनीकी कला: *ग्राफिक डिजाइन प्रतियोगिता ('डिजाइन डैजल') में प्रतिभागियों ने डिजिटल कलाकृतियों के माध्यम से राजस्थान की संस्कृति, इतिहास और शाही विरासत को जीवंत कर दिया। फोटोग्राफी प्रतियोगिता ('फ्रेम्स ऑफ माइंड') में बच्चों का उत्साह चरम पर था। नाटक और रोबोटिक्स 'कर्टन-कॉल क्रू' नाटक के माध्यम से राजस्थान की वीर गाथाओं को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया वहीं 'रोबोटैक चैलेंज' में रोबोटिक मॉडलों के वर्किंग डेमो और हार्डवेयर डिजाइनिंग ने विज्ञान प्रेमियों को हैरान कर दिया। चल वैजयंती शील्ड और समापन लगभग 4 घंटे चली इन सभी प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष निर्णय के आधार पर, यद्यपि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान ज्ञान विहार स्कूल का रहा, परंतु मेजबान (Host) स्कूल होने के नाते ज्ञान विहार ने 'चल वैजयंती शील्ड' उपविजेता स्कूल कैंब्रिज कोर्ट हाई स्कूल को प्रदान की। विजेता प्रतिभागियों को प्रिंसिपल डॉ. ऋत्विज गौड़ द्वारा ट्रॉफी, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ इस भव्य कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

    जगतपुरा को मिली एक और हरित सौगात, जेईसीआरसी सस्टेनेबल प्लाज़ा की शुरुआत

    जयपुर के सबसे बड़े ग्रीन बेल्ट/मीडियन के रूप में विकसित करने की पहल, 20 हजार पौधों का वितरण एवं पौधरोपण जयपुर। जगतपुरा को हरियाली की एक नई सौगात देते हुए जेईसीआरसी ने सस्टेनेबल प्लाज़ा की शुरुआत की है। इसे जयपुर के सबसे बड़े ग्रीन बेल्ट/मीडियन के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इस पहल के तहत 20,000 पौधों का वितरण एवं पौधरोपण किया गया। इसका उद्देश्य शहर में हरियाली को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सतत विकास की सोच को मजबूत करना है। तेजी से विकसित होते जयपुर में हरित क्षेत्रों का विस्तार शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। जेईसीआरसी सस्टेनेबल प्लाज़ा इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है। जयपुर के सबसे बड़े ग्रीन बेल्ट/मीडियन के रूप में इसके विकास की परिकल्पना जगतपुरा की पहचान को एक नई हरित दिशा देने के साथ शहर के पर्यावरणीय विकास में भी योगदान दे सकती है। जगतपुरा के हरित विकास की दिशा में पहल इस पहल के आयोजन एवं संचालन में जेईसीआरसी और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनएसएस टीम ने पौधों के वितरण एवं पौधरोपण गतिविधियों में सक्रिय योगदान दिया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय समुदाय को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने तथा हरित विकास के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। पौधरोपण के साथ पौधों की नियमित देखभाल पर भी जोर दिया गया। किसी भी हरित क्षेत्र की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित विकास और लंबे समय तक संरक्षण से तय होती है। ऐसे प्रयास जगतपुरा को अधिक हरा-भरा बनाने के साथ जयपुर के पर्यावरणीय विकास में भी योगदान दे सकते हैं। जेईसीआरसी और रीको के प्रतिनिधियों की रही सहभागिता कार्यक्रम में जेईसीआरसी के वाइस चेयरपर्सन अमित अग्रवाल एवं अर्पित अग्रवाल, रजिस्ट्रार एस. एल. अग्रवाल, निदेशक (डिजिटल स्ट्रैटेजीज़ एंड स्टूडेंट अफेयर्स) धीमंत अग्रवाल तथा निदेशक (पीपल एंड कल्चर) ध्रुवी अग्रवाल उपस्थित रहे। इनके साथ चैतन्य गर्ग, प्रोजेक्ट हेड, जेएचएमएस तथा कविता केडावत, डिज़ाइन एंड आर्किटेक्चर ने भी सहभागिता की। रीको की ओर से असिस्टेंट जनरल मैनेजर के. के. कोठारी, सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर विमलेश कुमार गुप्ता तथा सीनियर आर.एम. आर. एस. धारिवाल सहित अन्य विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। सभी की सहभागिता ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। हरित भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संकल्प कार्यक्रम के दौरान जेईसीआरसी के निदेशक धीमंत अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा, “पर्यावरण को बचाना और पेड़ लगाना किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। हमें आने वाली पीढ़ियों  

    वाद विवाद प्रतियोगिता तथा आत्मनिर्भर भारत पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया

    अग्रवाल पी. जी. महा विद्यालय में वुमन सेल शक्ति द्वारा आयोजित कार्यक्रम उत्साह में 'डिजिटल युग ने युवाओं को स्वतंत्रता प्रदान की है या उनका सामाजिक दवाब बढ़ाया है विषय पर 'वाद विवाद प्रतियोगिता तथा आत्मनिर्भर भारत पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्र छात्राओं ने अपने पोस्टर व वाद विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से आपने विचार प्रस्तुत किए । पोस्टर प्रतियोगिता तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व मेडल दिए गए तथा सभी सहभागी प्रतिभागियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए । कॉलेज के प्राचार्य डॉ बी. एल. देवन्दा ने अपने आशीर्वचनों द्वारा छात्र छात्राओं का उत्साहवर्द्धन किया । विमेन सेल कॉर्डिनेटर डॉ नीतू अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया कार्यक्रम में विमेन सेल से डॉ रेखा शर्मा, रेनू जांगिड़, डॉ मेघा गोयल, डॉ मनीषा, श्रीमती संतोष की सहभागिता रहीं ।  

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया डांडिया उत्सव 2026

    जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में आज डांडिया उत्सव 2026 का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास, उमंग एवं पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्सव का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना तथा विश्वविद्यालय परिवार में आपसी सद्भाव, एकता और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा की आरती के साथ हुआ। आरती के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए सुख, समृद्धि एवं मंगल की कामना की। इसके पश्चात पारंपरिक गरबा एवं डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और उल्लास से भर दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना, प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन, प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी एवं कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा ने विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सामूहिक सहभागिता, सांस्कृतिक मूल्यों तथा आपसी समन्वय की भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डांडिया उत्सव में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने पारंपरिक वेशभूषा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगीत की मधुर धुनों पर डांडिया एवं गरबा की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक और यादगार बना दिया। इस आयोजन ने विभिन्न संकायों के सदस्यों को एक साथ आकर भारतीय संस्कृति और परंपराओं का उत्सव मनाने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का आयोजन डांडिया उत्सव समिति के समन्वय एवं विभिन्न संकायों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों के सहयोग से किया गया। उत्सव ने विश्वविद्यालय परिसर में उल्लास, सांस्कृतिक एकता और सामूहिक सहभागिता का सुंदर वातावरण निर्मित किया। इस प्रकार डांडिया उत्सव 2026 उत्साह, उमंग एवं सांस्कृतिक सौहार्द के साथ संपन्न हुआ।  

    फार्मेसी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का महत्त्व विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर के फार्मेसी विभाग द्वारा आज फार्मेसी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का महत्त्व विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ. मनीष गुप्ता, प्रोफेसर, ज्ञान विहार विश्वविद्यालय, जयपुर रहे। डॉ. गुप्ता ने समस्त छात्र-छात्राओं को विस्तार से समझाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है, इसका फार्मेसी सहित अन्य क्षेत्रों में क्या उपयोग है और भविष्य में यह किस प्रकार उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) किस प्रकार ड्रग डिस्कवरी, फॉर्मूलेशन डेवलपमेंट, क्वालिटी कंट्रोल, क्लिनिकल रिसर्च और पेशेंट केयर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय प्रो चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एक आधुनिक तकनीक है जो कंप्यूटर और मशीनों को अधिक से अधिक डेटा एकत्र करने, प्रॉब्लम सॉल्व करने और डिसीजन मेकिंग में सहायता करती है। विश्वविद्यालय की माननीय प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य को बदलने वाली तकनीक है जो विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और फार्मासिस्ट की कार्यक्षमता व दक्षता को बढ़ाती है। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी, कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. कमल किशोर जांगिड़ ने भी संगोष्ठी में उपस्थित रहकर छात्र-छात्राओं एवं फैकल्टी मेंबर्स को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के महत्व के बारे में संबोधित किया। कार्यक्रम में फार्मेसी विभाग के प्राचार्य डॉ. राम गर्ग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के फार्मेसी क्षेत्र में महत्व पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी को सफल बनाने में फार्मेसी विभाग के डॉ. गजेंद्र त्यागी, अखिलेश गोयल एवं समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं फैकल्टी मेंबर्स उपस्थित रहे।  

    जीवन में पंच-सूत्रों का पालन करें नागरिक, राष्ट्र निर्माण ही शिक्षा का मुख्य उद्देश्य: विक्रांत खंडेलवाल

    -शिक्षण संस्थाओं में व्याख्यानमाला आयोजित करने का आह्वान -एस. एस. जी. पारीक पी.जी. कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, जयपुर में ‘आरोहण’ समारोह, पत्रिका ‘पीयूष’ का विमोचन, पुरस्कार वितरण एवं ‘डांडिया धूम’ का भव्य आयोजन -नवागंतुक विद्यार्थियों का हुआ स्वागत जयपुर। भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल ने समाज, शिक्षा और नागरिक कर्तव्यों को लेकर विचार व्यक्त करते कहा कि चाहे वह सामाजिकता का विषय हो, कुटुंबिता का विषय हो, शिक्षा का विषय हो, पर्यावरण की चुनौतियां हों या फिर नागरिकों के कर्तव्य—इन सभी क्षेत्रों में हर व्यक्ति को अपने जीवन में मुख्य पंच-सूत्रों का ध्यान रखना होगा। वे शनिवार एस. एस. जी. पारीक पी.जी. कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, जयपुर में नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागतार्थ ‘आरोहण ’, पुरस्कार वितरण कार्यक्रम, महाविद्यालय की पत्रिका ‘पीयूष’ का विमोचन तथा डांडिया महोत्सव ‘डांडिया धूम’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. समारोह में शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और प्रतिभा का अनूठा संगम देखने को मिला। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक शिक्षण संस्था को अनिवार्य रूप से प्रति माह एक व्याख्यानमाला आयोजित करनी चाहिए। इसमें ऐसे व्यक्तियों को संबोधन के लिए बुलाया जाना चाहिए, जिन्होंने अपने सीमित साधनों के बावजूद समाज सेवा के क्षेत्र में ठोस उदाहरण पेश किए हों। इससे विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी और वे राष्ट्रहित में काम करने के लिए उत्साहित होंगे।   शिक्षक का उद्देश्य केवल जीविकोपार्जन नहीं, राष्ट्र निर्माण है   विक्रांत खंडेलवाल ने विद्यार्थियों व शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षण और प्रशिक्षण की उपाधि का उद्देश्य यदि केवल जीविकोपार्जन (आजीविका कमाना) है, तो लक्ष्य अधूरा रह जाता है। शिक्षक का वास्तविक उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के लिए सुयोग्य और संस्कारवान पौध (भावी पीढ़ी) तैयार करना होना चाहिए। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार के राज्यपाल के ओएसडी डॉ. कुलदीप मिश्रा ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान अर्जित ज्ञान, नैतिक मूल्य और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना ही भविष्य में एक योग्य नागरिक एवं संवेदनशील शिक्षक बनने का आधार तैयार करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और समाजहित में उसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री राज्य सरकार के ओएसडी गोविंद पारीक ने शिक्षा को व्यक्ति एवं समाज के विकास का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं, इसलिए भावी शिक्षकों में ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का होना अत्यंत आवश्यक है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं सम्मान के साथ किया गया।   मानवीय मूल्यों को भी जीवन में प्राथमिकता दे   एसएससी पारीक कॉलेज एवं शब्द शिक्षण संस्था के सचिव लक्ष्मीकांत पारीक ने स्वागत उद्बोधन देते हुए सर्वांगीण विकास में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों एवं सांस्कृतिक आयोजनों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समरसता का विकास करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी जीवन में प्राथमिकता देने का संदेश दिया। संस्था अध्यक्ष बजरंग लाल पारीक, उपाध्यक्ष नंदकिशोर पारीक, कोषाध्यक्ष बुद्धि प्रकाश पारीक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे. महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) प्रमिला दुबे ने नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘आरोहण’ एक नई शुरुआत, नई संभावनाओं और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होने का प्रतीक है। महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि भावी शिक्षक राष्ट्र की भावी पीढ़ी के निर्माता हैं। इसलिए उनमें विषयगत दक्षता के साथ संवेदनशीलता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और मानवीय दृष्टिकोण का होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने व्यक्तित्व को बहुआयामी बनाएं। समारोह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण महाविद्यालय की पत्रिका ‘पीयूष’ का विमोचन रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।   ‘डांडिया धूम’ में सांस्कृतिक रंगों की छटा   समारोह का विशेष आकर्षण डांडिया महोत्सव ‘डांडिया धूम’ रहा। पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक सजावट और डांडिया की मधुर धुनों ने महाविद्यालय परिसर को उत्सवमय बना दिया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक डांडिया नृत्य में भाग लेकर भारतीय लोक-संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की। संगीत, नृत्य और उल्लास से परिपूर्ण वातावरण ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। इस आयोजन ने नवागंतुक विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिवार से जुड़ने, अपने सहपाठियों के साथ आत्मीय संबंध स्थापित करने तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया।  

    राजकीय महाविद्यालय जयपुर के बॉक्सर्स ने जीते 04 पदक

    जयपुर. 16 व 17 अक्टूबर 2026 को परिष्कार महाविद्यालय द्वारा आयोजित राजस्थान विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय बॉक्सिंग (महिला/ पुरुष) प्रतियोगिता में राजकीय महाविद्यालय जयपुर की छात्रा अक्षिमा शर्मा व शुभम ने रजत पदक , आशु टॉक व प्रियांशु सैनी ने कांस्य पदक जीता । डॉ. जगदीश नारायण सैनी, खेल अधिकारी, राजकीय महाविद्यालय जयपुर ने बताया कि महाविद्यालय की इस उपलब्धि प्राचार्य डॉ. रविकांत शर्मा व महाविद्यालय परिवार ने पदक विजेता खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाईयां एवं शुभकामनाएं दी।  

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय में डांडिया की धूम, 2000 छात्राओं ने गरबा-डांडिया से बांधा समां

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय में शनिवार को डांडिया उत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी लगभग 2,000 छात्राओं ने उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया और डांडिया की खनक से माहौल को जीवंत बना दिया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने प्राध्यापिकाओं के साथ डांडिया उत्सव में भाग लिया और छात्राओं को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध गायिका मधु भाट ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से समां बांध दिया। लाइव म्यूजिक की धुनों पर छात्राओं ने जमकर डांडिया किया। इस आयोजन के लिए नृत्यम डांस क्लब द्वारा 10 दिवसीय डांडिया कार्यशाला आयोजित की गई थी। कार्यशाला में छात्रा एवं नृत्य निर्देशक पलक वाधवा ने छात्राओं को डांडिया नृत्य का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षित छात्राओं ने ‘ढोली रा’, ‘गरबे की रात’ और ‘चौगाड़ा तारा’ सहित विभिन्न गुजराती एवं बॉलीवुड गीतों पर मनमोहक प्रस्तुति दी। उत्सव के दौरान विभिन्न श्रेणियों में छात्राओं का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया। माही सोनी को ‘डांडिया क्वीन’ और पलक अग्रवाल को ‘बेस्ट डांसर’ चुना गया। वहीं, शरनजीत कौर को ‘बेस्ट अटायर’, नेहा शर्मा को ‘बेस्ट हेयर-डू’ और प्राची राठी को ‘बेस्ट ज्वैलरी’ का पुरस्कार दिया गया। प्राध्यापिकाओं में डॉ. दमयंती सोढ़ा, डॉ. रीमा श्रीवास्तव, डॉ. हर्षा शर्मा, भव्या पुरी एवं शुभी शर्मा को ‘बेस्ट अटायर’ श्रेणी में सम्मानित किया गया और अशैक्षणिक कर्मचारियों में नीलू कंवर, बसंती कंवर, कविता शर्मा एवं प्रकाश कंवर को भी इस श्रेणी में पुरस्कार प्रदान किए गए। विजेताओं को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल, उप-प्राचार्य डॉ. रंजुला जैन, डॉ. मनीषा माथुर एवं डॉ. रंजना अग्रवाल ने पुरस्कृत किया। आयोजन के प्रायोजक डाइट विक्चुअल्स के साथ आरवी एसेंशियल्स, राधे गोविंद हैंडीक्राफ्ट्स, इम्पीरियल सेल्स एजेंसीज और भाग्योदय प्रकाशन ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए ।कार्यक्रम का मंच संचालन छात्राओं कशिश गौड़, हुदा एजाज़ एवं श्रेया माथुर ने किया। उत्सव के दौरान हस्तनिर्मित उत्पादों, सजावटी वस्तुओं और खान-पान से संबंधित कुल 24 स्टॉल भी लगाई गईं, जहां छात्राओं एवं अन्य उपस्थित लोगों ने खरीदारी और खान-पान का आनंद लिया।

    यूआई/यूएक्स डिज़ाइन एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ पर कार्यशाला आयोजित

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा यूआई/यूएक्स डिज़ाइन एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को यूज़र इंटरफेस (यूआई), यूज़र एक्सपीरियंस (यूएक्स) डिज़ाइन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स के प्रभावी उपयोग के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित कराना था। कार्यशाला में कुल 89 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला में ग्रेस सॉल्यूशंस के यूआई/यूएक्स डिज़ाइनर धनराज सिंह एवं तृप्ति मोदी ने विषय विशेषज्ञ के रूप में छात्राओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने उपयोगकर्ता-अनुकूल डिजिटल इंटरफेस तैयार करने, बेहतर यूज़र एक्सपीरियंस विकसित करने तथा प्रभावी प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के माध्यम से एआई टूल्स से उपयोगी परिणाम प्राप्त करने के तरीकों पर प्रकाश डाला। सत्र में रचनात्मक समस्या-समाधान और डिजिटल क्षेत्र में उभरते करियर अवसरों पर भी चर्चा की गई। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कार्यशाला की सराहना करते हुए छात्राओं को नई तकनीकों को अपनाने, रचनात्मक सोच विकसित करने और एआई आधारित टूल्स का प्रभावी उपयोग करके नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष डॉ. जयन्ती गोयल ने कंप्यूटर साइंस शिक्षा में उभरती तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का मंच संचालन छात्रा वालिनी ओझा ने किया। अंत में प्राध्यापिका स्वाति शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विभाग की प्राध्यापिकाओं दीपा चौहान, डॉ. शिल्पा पारीक, स्वाति शर्मा, कोमल शर्मा एवं हर्षिता वर्मा की सक्रिय भूमिका रहीं।

    विधिक साक्षरता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की दिशा में सार्थक पहल

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा “कानून की समझ से सशक्त जीवन” विषय पर विधिक साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना तथा एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और समानतापूर्ण समाज के निर्माण को प्रोत्साहित करना था। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस आयोजन की सराहना की और विधिक जागरूकता को छात्राओं के सशक्तीकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फॉर विमेन, जयपुर की प्राचार्य डॉ. वर्तिका अरोड़ा ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्राओं को संबोधित किया। डॉ. वर्तिका अरोड़ा ने संवैधानिक अधिकारों, कानूनी जागरूकता तथा न्याय तक पहुँच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, बाल संरक्षण, उत्तराधिकार अधिकारए साइबर सुरक्षा एवं निःशुल्क कानूनी सहायता से संबंधित प्रमुख कानूनों की जानकारी दी। कार्यक्रम में उप-प्राचार्य डॉ. रंजुला जैन एवं डॉ. मनीषा माथुर ने भी छात्राओं को उनके विधिक अधिकारों को जानने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में 138 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभागाध्यक्ष (यूजी) डॉ. प्रेरणा सिंह लवानिया ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम संचालन में सहायक आचार्य डॉ. आशु सिन्हा की सक्रिय भागीदारी रही।

    नारीवादी आलोचना विषय पर दो दिवसीय शोध पत्र प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम आयोजित

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा एम.ए. सेमेस्टर तृतीय की छात्राओं के लिए नारीवादी आलोचना विषय पर दो दिवसीय शोध पत्र प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आलोचनात्मक चिंतन, शोधपरक दृष्टिकोण तथा साहित्यिक कृतियों के नारीवादी विश्लेषण की समझ विकसित करना था। कार्यक्रम में महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा शोध एवं अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने छात्राओं को नारीवादी आलोचना के प्रमुख सिद्धांतकारों और महत्वपूर्ण पुस्तकों से परिचित कराया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विभिन्न साहित्यिक कृतियों का नारीवादी दृष्टिकोण से विश्लेषण प्रस्तुत किया। इनमें चित्रा बनर्जी की द पैलेस ऑफ इल्यूजन्स, एलिस वॉकर की द कलर पर्पल तथा बामा की आत्मकथात्मक कृति करुक्कु प्रमुख रहीं। प्रस्तुतियों में स्त्री अस्मिता, पितृसत्तात्मक संरचनाओं, लैंगिक भेदभाव, सामाजिक असमानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। छात्राओं ने साहित्यिक पाठों के माध्यम से स्त्री के संघर्ष, प्रतिरोध और स्वतंत्रता के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में कुल 30 छात्राओं ने सहभागिता की। शोध पत्र प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं को साहित्यिक सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझने, अपने विचारों को अकादमिक रूप में प्रस्तुत करने तथा समकालीन सामाजिक एवं लैंगिक प्रश्नों पर आलोचनात्मक दृष्टि विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ।  

    राम भक्ति और भारतीय संस्कृति के रंगों से सजी बियानी कॉलेज की रामलीला ‘मेरे राम’

    उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने की शिरकत, विद्यार्थियों को आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति से जोड़ने की पहल को सराहा  जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा शनिवार को कॉलेज के उत्सव सभागार में ‘मेरे राम’ रामलीला का भव्य लाइव मंचन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान की माननीय उपमुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी ने शिरकत की। भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों, आदर्शों और भारतीय संस्कृति पर आधारित इस नाट्य प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी ने कहा कि आज जहां अधिकांश कॉलेजों में तकनीक और आधुनिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाता है, वहीं बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज विद्यार्थियों को आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ संस्कार, आध्यात्मिक समझ और जीवन मूल्यों का होना भी आवश्यक है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने के साथ जीवन में सही दिशा चुनने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि भारतीय सनातन गौ सेवा संघ के राष्ट्र अध्यक्ष ताराचंद कोठारी आयोजक कॉलेज की चेयरपर्सन श्रीमती पुष्पा बियानी, चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, निदेशक डॉ. संजय बियानी, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राधिका बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी और असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रामलीला की सराहना की और भारतीय संस्कृति, परंपराओं तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के इस प्रयास को महत्वपूर्ण बताया। कॉलेज के निदेशक डॉ. संजय बियानी ने कहा कि ‘मेरे राम’ रामलीला का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना है। उन्होंने 58 विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके अभिनय, मेहनत और समर्पण की प्रशंसा की। रामलीला के दौरान विद्यार्थियों ने प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत किया। ‘मेरे राम’ ने सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा के आदर्शों का संदेश देते हुए विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा दी।