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    पीएम की जनसभा के लिए प्रभारी मंत्री कुमावत ने पीले चावल देकर दिया न्यौता

    -21 अप्रेल को बालोतरा आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  -पचपदरा में तेल रिफायनरी का करेंगे उदघाटन  जयपुर/ बालोतरा। पचपदरा में तेल रिफाइनरी के 21 अप्रेल को प्रस्तावित उदघाटन समारोह व देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर जिले में तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जिला प्रभारी मंत्री व पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आमजन के बीच पहुंचकर पारंपरिक रूप से पीले चावल वितरित कर जनसभा में शामिल होने का न्यौता दिया। प्रभारी मंत्री कुमावत ने विभिन्न स्थानों पर लोगों से जनसंपर्क करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह प्रस्तावित दौरा क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि पचपदरा रिफाइनरी परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने पंचायत समिति सभागार में बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में विधायक डॉ. अरुण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत मोदी, भाजपा के प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सैनी, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हरीशचंद्र जसोल, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष जयराम प्रजापत सहित पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों से संपर्क कर उन्हें जनसभा में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा बालोतरा सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी सौगात साबित होगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी, बल्कि आधारभूत सुविधाओं में भी विस्तार होगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। लगातार जनसंपर्क और आमंत्रण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सभा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला प्रशासन और संगठन के संयुक्त प्रयासों से जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

    एलन दिवस पर हुए सेवा कार्य, भजन संध्या के साथ मनाया फागोत्सव

    कोटा. एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का स्थापना दिवस शनिवार को कोटा के साथ देशभर के केन्द्रों पर भक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। एलन दिवस पर देशभर के केन्द्रों पर कई सेवा कार्यों के साथ कई आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए।  कोटा में स्थापना दिवस का मुख्य समारोह इन्द्रविहार स्थित एलन समर्थ कैम्पस में भजन संध्या के रूप में हुआ। यहां फागोत्सव के गीतों के बीच एलन परिवार के हजारों सदस्य भजनों पर झूमे, डांडिया खेले और एक दूसरे को एलन दिवस की बधाई दी। कार्यक्रम में एलन के निदेशक डॉ. गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी एवं डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने एलन परिवार के सभी सदस्यों को एलन के गौरवशाली 38 वर्ष पूर्ण करने पर बधाई दी और इसी उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि संस्कार से सफलता तक की इस यात्रा में अब तक एलन 40 लाख परिवारों का भरोसा जीत चुका है। यह यात्रा और बेहतर तरीके से जारी रहेगी। कार्यक्रम में श्री बृज गुरुकुलम् के धु्रव शर्मा एवं स्वर्णाश्री द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने उपस्थित सभी लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। इसके साथ ही फागोत्सव और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को आनंदमय बना दिया।  इससे पूर्व ऑल स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी की ओर से दिनभर एलन दिवस के तहत कई सेवाकार्य भी किए गए। शहर और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के चयनित सरकारी स्कूलों व सड़क किनारे बालआंगन में पढ़ने वाले खानाबदोश परिवारों के बच्चों को स्कूल बैग व छाते वितरित किए गए। इसके साथ ही वृद्धाश्रमों व अनाथालयों में भी सेवाकार्य किए गए। गौवंश के लिए चारा, कबूतरों को ज्वार और अन्य परोपकारी कार्य भी किए गए।

    शिक्षकों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा

    जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) जिला शाखा जयपुर के तत्वावधान में शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट जयपुर के बाहर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद जिला कलेक्टर संदेश नायक को मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव एवं शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह कार्यक्रम प्रदेश संगठन के आह्वान पर जिलाध्यक्ष शेर सिंह धाकड़ के नेतृत्व में आयोजित हुआ। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने ग्रीष्मावकाश व अन्य अवकाशों में की गई कटौतियों का विरोध जताया तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को यथावत रखने की मांग उठाई। साथ ही, स्थायी एवं पारदर्शी स्थानान्तरण नीति लागू करने सहित 21 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश यादव एवं जिला मंत्री सुभाष विश्नोई ने बताया कि प्रदर्शन के माध्यम से राज्य सरकार का ध्यान शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया। इस अवसर पर निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष गिरीश कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष शेर सिंह धाकड़, जिला सभाध्यक्ष बृजमोहन चौधरी, बुद्दाराम प्रजापति, सतीश कुमार यादव, दिनेश यादव, सुभाष विश्नोई, महेन्द्र प्रजापति सहित कई शिक्षक नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

    विश्वविद्यालय ऑफ टेक्नोलॉजी में धूमधाम से मनाई गई बाबा साहेब की जयंती

    जयपुर। वाटिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के स्कूल ऑफ लॉ में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष शैक्षणिक सत्र एवं संगोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. रश्मि जैन ने की, जबकि कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने मुख्य संरक्षक के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने संबोधन में कुलपति डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरणादायक मिसाल है, जो विशेष रूप से विधि के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता एवं संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करने पर बल दिया। चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून की पढ़ाई का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना होना चाहिए। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के प्रसिद्ध संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समझाते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल ऑफ लॉ के छात्र-छात्राओं ने बाबा साहेब के जीवन, विचारों एवं संवैधानिक मूल्यों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही, विद्यार्थियों द्वारा बाबा साहेब के जीवन और उनके सामाजिक एवं संवैधानिक योगदान पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण किया गया, जिसका कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन (showcasing) किया गया। इस प्रस्तुति को उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। विभाग की डीन डॉ. मोनिका शर्मा ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष एवं समस्त संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विधि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र सिंह सैनी द्वारा किया गया, जिन्होंने बाबा साहेब के कानूनी एवं सामाजिक योगदान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. हिमांशी श्रीवास्तव, लतीफ़, वीरेन्द्र चौधरी एवं राज नारायण जी का विशेष योगदान रहा।

    पोद्दार बिज़नेस स्कूल में ‘क्राफ्टशाला’ का उद्घाटन, कारीगरों के कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

    जयपुर। आज शनिवार को सीतापुरा स्थित पोद्दार बिज़नेस स्कूल में भारत सरकार के उपक्रम हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल के अंतर्गत “क्राफ्टशाला” का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के.एल. रमेश (चेयरमैन, हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल) तथा विशिष्ट अतिथि गिरीश कुमार अग्रवाल (बोर्ड डायरेक्टर, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स - EPCH) एवं लेखराज माहेश्वरी (पूर्व चेयरमैन, EPCH) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें पोद्दार संस्थान के चेयरमैन डॉ. आनंद पोद्दार, वाइस चेयरपर्सन रूपल पोद्दार सहित सभी अतिथियों ने सहभागिता निभाई। इस अवसर पर बताया गया कि “क्राफ्टशाला” का मुख्य उद्देश्य हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों की रचनात्मकता को बढ़ावा देना, उनके कौशल का विकास करना तथा उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाना है। इसके साथ ही यह पहल दस्तकारों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। क्राफ्टशाला के माध्यम से राजस्थान के कारीगरों को इको-फ्रेंडली प्रिंटिंग सहित विभिन्न आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। डॉ. आनंद पोद्दार (चेयरमैन, पोद्दार संस्थान) ने अपने संबोधन में कहा कि “क्राफ्टशाला जैसी पहल न केवल कारीगरों के कौशल को निखारेगी, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। हमारा प्रयास है कि पारंपरिक कला को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर युवाओं और कारीगरों के लिए नए अवसर तैयार किए जाएं।” मुख्य अतिथि के.एल. रमेश ने अपने उद्बोधन में कहा कि “भारत की हस्तशिल्प परंपरा अत्यंत समृद्ध है और इसे आगे बढ़ाने के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। क्राफ्टशाला जैसे केंद्र कारीगरों को नई तकनीक, डिजाइन और बाजार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, कारीगर एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजकों ने इसे हस्तशिल्प क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

    शिविरा पंचांग मे ग्रीष्मावकाश यथावत रखने ,स्टाफिंग पैटर्न,वेतन विसंगति,पदोन्नति और स्थानांतरण के लिए महासंघ ने की मुलाकात

    शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों की विभिन्न मांगों के निराकरण के लिए की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), स्कूल शिक्षा से वार्ता जयपुर।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय (शिक्षा) ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने शिष्टाचार भेंट कर विभाग नवीन पदस्थापन के लिए राजेश यादव अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग को संगठन की ओर से शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा,प्रदेश उपाध्यक्ष उदयपुर संभाग अभय सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। प्रदेश महामंत्री लखारा ने बताया कि संगठन की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव को शिक्षा विभाग में पदस्थापन के अवसर पर शुभकामनाएं प्रेषित की।इस अवसर शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों से अवगत कराते हुए इन मांगों पर अब तक विभाग स्तर पर हुई वार्ताओं और हुए निर्णय से अवगत कराया। संगठन ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के अब शीघ्र निराकरण करने का आग्रह किया।शासन स्तर की प्रमुख मांगों में शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 में संशोधन कर पूर्व वर्षों में घोषित अवकाश यथावत रखने,माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न करते हुए केडर अनुसार पद सृजित कर पदस्थापन करने,तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी संवर्गों के पहले पदोन्नति पदस्थापन होने के पश्चयात स्थानांतरण अप्रैल-मई-जून में करने एवं स्पष्ट पारदर्शी तबादला नीति लागू करने की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्करणा ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव से वार्ता में संगठन ने  भाजपा के संकल्प पत्र में किये गए वादे अनुसार 33000 संविदा शिक्षकों को प्रबोधकों की भांति नियमित करने,शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने,तृतीय वेतन श्रृंखला में कार्यरत शिक्षकों एवं प्रबोधकों की वेतन विसंगति दूर करने,ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को न्यायालय निर्णय के उपरांत समस्त परिलाभ प्रथम नियुक्त तिथि से देने व विकल्प पत्र पुनः भरने की छूट देने की मांग की।इसी प्रकार संगठन ने शिक्षकों के कल्याण और आत्मगौरव के प्रतीक शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करने और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले शिक्षक संगठन को ही मान्यता प्रदान की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इससे पूर्व उक्त मांगो को लेकर शिक्षा मंत्री के साथ हुई वार्ता भी सकारात्मक रही लेकिन सभी विषयों पर सहमति के बावजूद शीघ्र परिणाम नहीं मिलने से संगठन ने नाराजगी व्यक्त की। इस अवसर पर शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, उपाध्यक्ष महिला सुषमा विश्नोई,प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह,महिला मंत्री गीता जैलिया,अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल,कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीयों ने कहा कि शासन स्तर की लगातार वार्ताओं के शीघ्र परिणाम के लिए प्रदेश के समस्त शिक्षकों में सरकार की ओर शिक्षक हित में निर्णय की अपेक्षा है।    

    आर्थोपेडिक विभाग में डॉ ओम सिंह मील को हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऑर्थोपेडिक बनाया

    सवाई मान सिंह अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग में डॉ ओम सिंह मील को हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऑर्थोपेडिक बनाया गया है। डॉ ओम सिंह मील वर्तमान में वरिष्ठ विशेषज्ञ आर्थोपेडिक सर्जन और असिस्टेंट प्रोफेसर रहे हैं। डॉ मील को ज्वाइंट सर्जरी, नी सर्जरी और विभिन्न ऑर्थोपेडिक सर्जरी करने का लगभग 12-13 साल का अनुभव रहा है। डॉ मील को एस एम एस हॉस्पिटल में हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऑर्थोपेडिक बनाया गया है।

    राजस्थान विश्वविद्यालय युवा महोत्सव 2026 का हुआ पोस्टर विमोचन

    अधिष्ठाता, छात्र कल्याण, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर द्वारा “इंटर-कॉलेज यूथ फेस्टिवल” का आयोजन दिनांक 25 एवं 27 अप्रैल 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है।   युवा महोत्सव के पोस्टर का औपचारिक विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम की संरक्षक विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने आयोजन समिति को शुभकामनाएं प्रेषित की।  कार्यक्रम की आयोजक डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. प्रवीण शर्मा ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों की सृजनात्मक एवं बहुआयामी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं कलात्मक गतिविधियों को एक समग्र मंच प्रदान करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रस्तावित है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सरिना कालिया एवं सह-संयोजक प्रो. वंदना कल्ला ने बताया कि नृत्य एवं संगीत वर्ग में लोक नृत्य, वेस्टर्न डांस, समूह लोकगीत, शास्त्रीय गायन, वाद्य संगीत (वायलिन, तबला एवं सितार) तथा शास्त्रीय नृत्य सम्मिलित हैं। फाइन आर्ट श्रेणी में फेस पेंटिंग, ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग एवं मांडना प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। साहित्य एवं रंगमंच वर्ग के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, हिंदी, अंग्रेजी एवं उर्दू काव्य-पाठ तथा हिंदी एवं अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके अतिरिक्त “मिस्टर एवं मिस यूथ” प्रतियोगिता भी इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगी।   युवा महोत्सव को लेकर विश्वविद्यालय में उत्साह का माहौल है। पोस्टर विमोचन के दौरान मुख्य कुलानुशासक प्रो राम अवतार शर्मा एवं सिंडिकेट मेंबर प्रो राजेश पूनिया भी उपस्थित रहे।

    डॉक्टर-इंजीनियर बनने में लाखों खर्च हो जाते हैं, सीएस बनने में लाख रुपए भी नहीं लगते:चांडक

    —भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जी.चांडक पहुंचे जयपुर —कंपनी सचिवों के साथ किया इंटरेक्शन   जयपुर। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जी.चांडक ने कहा कि कंपनी सेक्रेटरी  एक ऐसा प्रोफेशन है, जिसमें युवा अपना करियर आसानी से बना सकते हैं। डॉक्टर—इंजीनियर बनने के लिए जहां लोगों को लाखों रुपए खर्च करने पड़ते हैं, जबकि सीएस बनने में पूरे एक लाख का खर्च भी नहीं आता है। उन्होंने दावा किया कि आज कंपनी सेक्रेटरी की बहुत डिमांड है। इसका नतीजा यह है कि एक भी सीएस आज बेरोजगार नहीं है।   यह बात उन्होंने आईसीएसआई जयपुर चैप्टर की ओर से टोंक रोड स्थित एक होटल में आयोजित सेमिनार के दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद छात्र इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। पाठ्यक्रम तीन चरण फाउंडेशन, एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल में पूरा किया जाता है। प्रत्येक स्तर पर परीक्षा पास करने के बाद छात्र आगे बढ़ते हैं। साथ ही, प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) भी अनिवार्य होता है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलता है। इस दौरान आईसीएसआई जयपुर चैप्टर के चेयरमेन सीएस सुमित कुमार श्योराण ने कहा कि चैप्टर की ओर से कंपनी सचिवों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके तहत बैंकिंग और हेल्थ केयर सेक्टर की कंपनी के साथ अनुबंध किया गया है, जिससे आईसीएसआई के सदस्यों को कई सुविधाएं रियायती दरों पर मिलेगी। सेमिनार में गेस्ट ऑफ ऑनर आईसीएसआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष गुप्ता रहे। इस दौरान सेंट्रल काउंसिल मेंबर सीएस मनोज पुरबे, जयपुर चैप्टर के पूर्व चेयरमैन विवेक शर्मा भी मौजूद रहे।   सेमिनार में हुए विभिन्न सत्र, मिली नई जानकारियां   जयपुर चैप्टर के सचिव वरुण मेहरा ने बताया कि कार्यक्रम में आईसीएसआई अध्यक्ष के साथ इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें कंपनी सचिवों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जी.चांडक से कई सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासा शांत की। इसके बाद तकनीकी सत्रों में कंपनी अधिनियम, 2013 से जुड़े नियामकीय बदलावों और अपडेट्स पर विशेषज्ञ जानकारी दी गई। प्रथम तकनीकी सत्र में सीएस राहुल परसरामपुरिया तथा दूसरे तकनीकी सत्र में सीएस विनित चौधरी ने संबोधित किया। दूसरे सेशन में सीएस मनोज माहेश्वरी, सीएस संदीप जैन, सीएस दिवेश गोयल और सीएस जतीन सिंघल ने हिस्सा लिया। इस दौरान नॉर्थ रीजन के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि करियर की दृष्टि से कंपनी सचिव की मांग निजी कंपनियों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, सरकारी उपक्रमों और बैंकिंग क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। एक योग्य सीएस कंपनी के कानूनी मामलों का प्रबंधन, बोर्ड मीटिंग का संचालन और नियमों का पालन सुनिश्चित करता है।

    स्पोर्ट्स मैनेजमेंट डिप्लोमा हुआ शुरू, अब खेल में भी करियर के नए मौके

    जेईसीआरसी में स्पोर्ट्स लीडरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन, कृष्णा पूनिया सहित कई दिग्गज रहे मौजूद जयपुर  जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में “उत्कर्ष – स्पोर्ट्स लीडरशिप कॉन्क्लेव” का आयोजन किया गया, जिसमें खेल, शिक्षा और नेतृत्व के समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने “डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स एंड मैनेजमेंट” कोर्स शुरू करने की जानकारी दी। यह कोर्स उन छात्रों के लिए उपयोगी रहेगा, जो खेल के क्षेत्र में प्रोफेशनल करियर बनाना चाहते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत  जेईसीआरसी के वाइस चांसलर प्रो. विक्टर गंभीर के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति  के तहत अब शिक्षा के साथ खेल और योग को भी जोड़ा जा रहा है, ताकि छात्रों का समग्र विकास हो सके। विश्वविद्यालय में इसी दिशा में खेल और योग से जुड़े क्रेडिट कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। मुख्य अतिथि, कॉमनवेल्थ खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि खेलों की राह आसान नहीं होती, लेकिन मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने युवाओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेल मानसिक तनाव को कम करने में भी मददगार होते हैं। पूर्व एथलीट राम सिंह शेखावत ने कहा कि देश में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा देने की। उन्होंने युवाओं को मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रजत जांगिड़ ने खेलों के वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित खेल गतिविधियों से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्राव होता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होती है। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए सही उपचार और कोच व डॉक्टर के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। योगाचार्य नीरज ने कहा कि योग तनाव और चिंता को दूर करने का प्रभावी माध्यम है और इसे हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए “डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स एंड मैनेजमेंट” कोर्स की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से छात्रों को खेल प्रबंधन, फिटनेस, लीडरशिप और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी। यह कोर्स छात्रों को खेल के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा और उन्हें प्रोफेशनल रूप से आगे बढ़ने में मदद करेगा। कॉन्क्लेव ने छात्रों को यह संदेश दिया कि खेल अब केवल शौक नहीं, बल्कि एक मजबूत करियर विकल्प बनता जा रहा है।