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    ग्रुप केप्टिन अशोक कुमार को पीएचडी

    ग्रुप केप्टिन अशोक कुमार को पीएचडी मोदी विश्वविद्यालय लक्ष्मणगढ़ के स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के शोधार्थी अशोक कुमार ने अपनी पीएचडी (डाक्टरेट ऑफ फिलॉस्फी) का कार्य पूरा किया, उन्होंने अपना शोधकार्य ''एन्हान्सिंग एंटरप्राइज़ सिक्योरिटी : इनसाइड थ्रेट प्रेडिक्शन यूसिंग मशीन लर्निंग '' विषय पर पूर्ण किया है। यह शोध कार्य उन्होंने विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा संजीव पटवा एवं विस्फ्ल्क्स प्राइवेट लिमिटेड जयपुर के सीनियर मैनेजर डा सुनील कुमार जांगिड़ के निर्देशन में पूर्ण किया है । बाह्य परीक्षक के रूप में जम्मू विश्वविद्यालय से पधारे प्रो विनोद शर्मा ने थीसिस का परिक्षण किया , 23 फरवरी , 2026 को विश्वविद्यालय ने पीएचडी अवार्ड का नोटिफिकेशन जारी किया गया । अशोक कुमार ने यह उपलब्धि अपने इंडियन एयरफोर्स से ग्रुप केप्टिन के पद से रिटायर होने के पश्चात् प्राप्त की, इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट प्रो आशुतोष भारद्वाज तथा संकाय डीन प्रो प्रतीक भांति ने उनकी इस उपलब्धि को सराहा ।

    वन्देमातरम गान के साथ विराट हिन्दू सम्मेलन और भव्य कलश यात्रा का आयोजन, उमड़ी महिलाओं की भीड़

    महेश नगर स्थित मधुबन बस्ती में आज विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत *वंदे मातरम्* गीत के साथ हुई, जिसके पश्चात तीन मंदिरों से लगभग *500 माताओं-बहनों द्वारा विशाल कलश यात्रा* निकाली गई। इस आयोजन में कुल *1200 से अधिक श्रद्धालुओं* ने भाग लिया, जिनमें लगभग *700 मातृशक्ति का विशेष प्रतिनिधित्व* रहा।     समारोह में *बृंदावन धाम के परम श्रद्धेय रामानंद प्रभु जी महाराज* का संत सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रवचन में *सनातन धर्म की महत्ता* और ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की *निरंतरता की आवश्यकता* पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता *डॉ. एस. एन. शर्मा * ने की, वहीं * बीरेंद्र पांडेय * ने अपने उद्बोधन में समाज जीवन में *पंच परिवर्तन* की आवश्यकता और उससे होने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रेरक विचार रखे।     सम्मेलन में *स्वच्छता योद्धाओं, बाल प्रतिभाओं* तथा *पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों* का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन *भारत माता की आरती* के साथ हुआ।     अंत में, समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आनंद प्रदान करने हेतु *डॉ. राजू बृजवासी* द्वारा *भव्य फागोत्सव और फूलों की होली* का रंगारंग आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की।

    वन्देमातरम गान के साथ विराट हिन्दू सम्मेलन और भव्य कलश यात्रा का आयोजन

    महेश नगर स्थित मधुबन बस्ती में आज विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत *वंदे मातरम्* गीत के साथ हुई, जिसके पश्चात तीन मंदिरों से लगभग *500 माताओं-बहनों द्वारा विशाल कलश यात्रा* निकाली गई। इस आयोजन में कुल *1200 से अधिक श्रद्धालुओं* ने भाग लिया, जिनमें लगभग *700 मातृशक्ति का विशेष प्रतिनिधित्व* रहा।     समारोह में *बृंदावन धाम के परम श्रद्धेय रामानंद प्रभु जी महाराज* का संत सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रवचन में *सनातन धर्म की महत्ता* और ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की *निरंतरता की आवश्यकता* पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता *डॉ. एस. एन. शर्मा * ने की, वहीं * बीरेंद्र पांडेय * ने अपने उद्बोधन में समाज जीवन में *पंच परिवर्तन* की आवश्यकता और उससे होने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रेरक विचार रखे।     सम्मेलन में *स्वच्छता योद्धाओं, बाल प्रतिभाओं* तथा *पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों* का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन *भारत माता की आरती* के साथ हुआ।     अंत में, समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आनंद प्रदान करने हेतु *डॉ. राजू बृजवासी* द्वारा *भव्य फागोत्सव और फूलों की होली* का रंगारंग आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की।

    वक्ताओं ने दिया हिंदू चेतना ओर पंच परिवर्तन पर बल

    मालवीय नगर ऊषा बस्ती सेक्टर 1 व 2 ऊषा कॉलोनी में आज विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें मंच पर साध्वी समदर्शी गिरी, साध्वी तरुणा दीदी और कथावाचक कनुप्रिया, मुख्य वक्ता राकेश विश्व हिंदू परिषद जयपुर महानगर मंत्री तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष विश्वंभर दयाल, सचिव नवल किशोर गुरनानी उपस्थित रहे। साध्वी समदर्शी गिरी ने हिंदू चेतना और भारत की प्राचीन वैभवशाली परंपरा को बताते हुए वर्तमान परिदृश्य में सभी बंधुओं को अपने बच्चों को सोशल मीडिया के प्रति सजग रहने के लिए कहा तथा जिहाद जैसी स्थिति से समाज को कैसे सुरक्षित रखें इसका उल्लेख करते हुए हिंदू चेतना के जागरण पर बल दिया।    मुख्य वक्ता राकेश ने पंच परिवर्तन पर जोर देते हुए कहा जात पात को छोड़कर एक यानि हिंदू समाज के नाते राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना जरूरी है तथा नारी की महत्वता को समझाते हुए नारी सशक्तिकरण पर बल दिया   कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अलग अलग वेशभूषा पहने घोड़ों पर सवार महापुरुष , रानियां व झाकियां, तथा अलग अलग जगह से कलश यात्रा का संगम कर 1100 महिला कलश यात्रा में शामिल हुई    अलग अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमो ने जनता का मन मोह लिया विशेष आकर्षण सर्व समाज की बहिनों ने तलवार बाजी का प्रदर्शन कर नारी शक्ति का परिचय दिया.

    वन्देमातरम गान के साथ विराट हिन्दू सम्मेलन एवं भव्य कलश यात्रा का आयोजन

    महेश नगर स्थित मधुबन बस्ती में आज विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत *वंदे मातरम्* गीत के साथ हुई, जिसके पश्चात तीन मंदिरों से लगभग *500 माताओं-बहनों द्वारा विशाल कलश यात्रा* निकाली गई। इस आयोजन में कुल *1200 से अधिक श्रद्धालुओं* ने भाग लिया, जिनमें लगभग *700 मातृशक्ति का विशेष प्रतिनिधित्व* रहा।     समारोह में *बृंदावन धाम के परम श्रद्धेय रामानंद प्रभु जी महाराज* का संत सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रवचन में *सनातन धर्म की महत्ता* और ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की *निरंतरता की आवश्यकता* पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता *डॉ. एस. एन. शर्मा ज* ने की, वहीं * बीरेंद्र पांडेय * ने अपने उद्बोधन में समाज जीवन में *पंच परिवर्तन* की आवश्यकता और उससे होने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रेरक विचार रखे।     सम्मेलन में *स्वच्छता योद्धाओं, बाल प्रतिभाओं* तथा *पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों* का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन *भारत माता की आरती* के साथ हुआ।     अंत में, समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आनंद प्रदान करने हेतु *डॉ. राजू बृजवासी जी* द्वारा *भव्य फागोत्सव और फूलों की होली* का रंगारंग आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की।

    विराट हिन्दू सम्मेलन, देश भक्ति गीत गाए

    जयपुर। महावीर बस्ती। तेजाजी नगर। महावीर बस्ती स्थित सकल हिन्दू समाज आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्री श्री 1008 विष्णु दास जी महाराज मुख्य अतिथि थे और राजेश जयपुर प्रांत सह शारीरिक प्रमुख और बबीता ने मंच साझा किया। कार्यक्रम के संयोजक मनोहर सरोलिया थे और सह संयोजक राम अवतार थे । मंच संचालन ऋतुराज द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विजय ने देश भक्ति गीत गाए । राजेश प्रांत सह शारीरिक प्रमुख द्वारा सभी को पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और स्व के बोध की जानकारी दी गई।   कार्यक्रम में लगभग 1000 लोगों की उपस्थिति रही । सम्मेलन का समापन फागोत्सव से हुआ। कार्यक्रम के अंत में भोजन प्रसादी से हुआ

    योग, आभार और खुशियों का पिटारा से बढ़ेगा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

    — परीक्षा तनाव कम करने को शिक्षा विभाग की नई पहल जयपुर। बोर्ड परीक्षाओं का दौर चल रहा है और परीक्षा का दबाव, अपेक्षाओं का बोझ तथा बेहतर प्रदर्शन की चिंता कई विद्यार्थियों में तनाव और घबराहट बढ़ा रही है। ऐसे समय में विद्यार्थियों की मेंटल हेल्थ एक महत्वपूर्ण विषय बनकर उभर रही है। विद्यार्थियों में परीक्षा एवं अन्य परिस्थितिजन्य अनावश्यक तनाव को कम करने तथा उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के संचार के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में सहयोगात्मक, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।   इस दिशा में शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यालयों में योग गतिविधियां, 'आभार व्यक्त' सत्र और 'खुशियों का पिटारा' जैसे नवाचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य कक्षा से कार्यस्थल तक तनाव को नियंत्रित रखते हुए ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट बनें, बल्कि मानसिक रूप से भी संतुलित, आत्मविश्वासी और सशक्त बन सकें।   *6-10 और 11-17 वर्ष के लिए अलग अलग प्रबंधन -*   प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों (6 से 10 वर्ष) की सोचने और समझने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से उन्हें कहानी, केस स्टडी और कविताओं के माध्यम से चिंतन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों में विश्लेषणात्मक सोच, संवेदनशीलता और आत्म-अभिव्यक्ति का विकास हो रहा है। प्राथमिक विद्यार्थियों को 'जादुई पिटारा' के जरिए संज्ञानात्मक, भाषाई और सामाजिक विकास को मज़ेदार तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है।    इसी प्रकार, किशोर अवस्था में आ रहे परिवर्तन एवं जीवन कौशल के विकास हेतु विद्यालय स्तर पर कैंप, कम्प्युटर लैब में प्रेरणादायी वीडियो, भावनात्मक चित्रों द्वारा अभिव्यक्ति, संगीत बेहतर साधन बन रहे हैं। सामुहिक सहयोग की भावना व अनुशासन के साथ शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए विद्यालयों में कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो जैसे खेल पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।    प्रार्थना सभा में प्रतिदिन अखबार पठन सहित चिंतन के लिए प्रोत्साहन जैसे मानसिक प्रबंधन के अहम नवाचार भी किए जा रहे हैं।   *आईसीटी लैब से मिल रही तनाव प्रबंधन की सीख -*   तनाव प्रबंधन की प्रभावी सीख के लिए विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब और स्मार्ट टीवी पर मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रेरणादायक वीडियो प्रदर्शित किए जा रहे हैं। साथ ही रिकॉर्डेड पाठ्य सामग्री भी दिखाए जा रहे हैं जिससे विद्यार्थी संबंधित विषयों का दोहरान भी कर सके।    भावनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए चित्रांकन, रचनात्मक गतिविधियां और संगीत जैसे माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों में चिंतनशीलता विकसित हो सकें।     विद्यार्थियों को तनाव से दूर रखने के लिए विद्यालयों में नियमित योग सत्र, ‘आभार व्यक्त’ गतिविधि जैसे दैनिक नवाचारों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी भावनाएं साझा करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और मानसिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना है।   *संवाद स्थापित कर दिया जा रहा समाधान -*   विद्यार्थियों में मानसिक बदलाव को पहचानते हुए उनसे संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि समय रहते समन्वय और परामर्श के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके। साथ ही विद्यालय परिसर में सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण भी विद्यार्थियों के सकारात्मक कार्य समावेश में मदद कर रहा है। विशेष लक्षण समझ आने पर अभिभावकों से भी संवाद किया जा रहा है।   बच्चे अपनी भावनाओं को इमोजी के माध्यम से चित्रित भी करते हैं। यह गतिविधि उन्हें अपनी मन:स्थिति को पहचानने और सहज रूप से अभिव्यक्त करने में सहायता करती है। इस अभ्यास से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, संतोष और आत्मविश्वास की भावना निरंतर विकसित हो रही है।   *दिखने लगे सकारात्मक परिणाम -*   इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से सामने आ रहा है।   * विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। * परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है। * भावनात्मक संतुलन में सुधार हुआ है। * विद्यालय का वातावरण अधिक सौहार्दपूर्ण बन गया है।     *इनका कहना है -*   परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, अंतिम लक्ष्य नहीं। इसके लिए ​शिक्षा विभाग द्वारा मेंटल हैल्थ को लेकर किए जा रहे नवाचार विद्यार्थी के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त और संवेदनशील कदम है।    — कृष्ण कुणाल, शासन सचिव, स्कूल शिक्षा।

    रीजनल कॉलेज, सीतापुरा में वार्षिक उत्सव ‘प्रशस्त 2026’ का भव्य आयोजन

    सीतापुरा (जयपुर)। रीजनल कॉलेज फॉर एजुकेशन, रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, सीतापुरा में वार्षिक उत्सव ‘प्रशस्त 2026’ का भव्य आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुआ, जिससे पूरे परिसर में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया।   समारोह के मुख्य अतिथि दीपशिखा समूह के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराणा एवं वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराणा ने ‘प्रशस्त 2026’ का विधिवत उद्घाटन करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं नवाचार की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।   कॉलेज के निदेशक एवं प्रख्यात मोटिवेटर प्रो. (डॉ.) अशोक सिंह शेखावत ने अपने संबोधन में आयोजन समिति, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इसी कर्मठता और समर्पण के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।   राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं   ‘प्रशस्त 2026’ के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शतरंज, डिबेट एवं क्विज प्रमुख रहे। विभिन्न संस्थानों से आए खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिताओं को रोमांचक बना दिया।   सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां   सांस्कृतिक संध्या के दौरान ‘कुर्जल बैंड’ की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देशभक्ति, लोक एवं आधुनिक गीतों की प्रस्तुति पर छात्र-छात्राओं ने डीजे पर जमकर नृत्य किया और उत्सव का भरपूर आनंद लिया।   विजेताओं का सम्मान   ‘प्रशस्त 2026’ के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक, तकनीकी एवं खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को निदेशक एवं प्रख्यात मोटिवेटर प्रो. (डॉ.) अशोक सिंह शेखावत द्वारा नकद पुरस्कार, स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।   इसके अतिरिक्त राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को उप-प्राचार्य डॉ. केदार नारायण बैरवा एवं सभी विभागाध्यक्षों द्वारा स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।   गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति   समारोह में इंजीनियरिंग के प्राचार्य डॉ. प्रमोद शर्मा, उप-प्राचार्य डॉ. केदार नारायण बैरवा, फिजियोथेरेपी विभाग के हेड डॉ. केसर चौधरी, डिप्लोमा प्राचार्य इ. सौरभ पाटनी, मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित शर्मा, सिविल विभागाध्यक्ष इ. महेंद्र सैनी, कंप्यूटर विभागाध्यक्ष इ. चेतन कुमार, इलेक्ट्रिकल विभागाध्यक्ष इ. अश्विनी कुमारी, एम.टेक. कोऑर्डिनेटर इ. अनिल बोयल सहित सभी शिक्षकगण, खेल टीम के सदस्य एवं कोच उपस्थित रहे।   कार्यक्रम के समापन पर ‘प्रशस्त 2026’ के संयोजक डॉ. धर्मेंद्र सक्सेना ने सभी अतिथियों, विभिन्न विश्विविद्यालयों - महाविद्यालयों से पधारे विद्यार्थियों, शिक्षकों, कॉलेज प्रबंधन समिति एवं स्टूडेंट कॉर्डिनेटर्स (हर्ष एंड शक्ति टीम) के प्रति आभार व्यक्त किया।   ‘प्रशस्त 2026’ ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को नई पहचान दी, बल्कि रीजनल कॉलेज की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उत्कृष्टता को भी एक नई ऊंचाई प्रदान की।

    108 श्री विनम्र सागर जी महाराज का विराट हिन्दू सम्मेलन को सम्बोधन

    फाल्गुन शुक्ला पंचमी के पावन अवसर पर पूज्यपाद गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागर जी के परम आज्ञानुवर्ती शिष्य पूज्य 108 विनम्र सागर जी महाराज ससंघ ने महावीर पार्क में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में विशाल जनसमूह को संबोधित किया।   प्रातः बेला में पूज्य गुरुदेव भट्टारक जी की नसिया से पारसनाथ भवन पधारे। पारसनाथ भवन में गुरुदेव की आहारचर्या सम्पन्न हुई। आहारचर्या उपरांत पूज्य गुरुदेव विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करने हेतु महावीर पार्क पधारे, जहाँ विशाल जनमेदिनी ने उनकी भावभीनी अगवानी की। महावीर बस्ती शाखा और मुरली मनोहर बस्ती अधिकारी अशोक शर्मा ने बालक बालिकाओं को धर्म संस्कृति से जोड़ने पर बल दिया।मंच संचालन डा. माधुरी जैन और रमेश गंगवाल ने किया।   अपने ओजस्वी उद्बोधन में पूज्य १०८श्री विनम्र सागर महाराज ने समाज को आत्मचिंतन का संदेश देते हुए कहा कि भारत में सनातन धर्म को मानने वालों की संख्या अत्यधिक है, परंतु उनमें से लगभग ३५ करोड़ लोग गुटखा आदि व्यसनों के आदी हैं। उन्होंने कहा कि यदि ये ३५ करोड़ लोग केवल एक संकल्प कर लें कि वे आज से गुटखा त्याग देंगे, तो हर महीने एक नए राम मंदिर के निर्माण की क्षमता उत्पन्न हो सकती है। यह उदाहरण देते हुए गुरुदेव ने व्यसनमुक्त समाज और सकारात्मक संकल्प की शक्ति पर बल दिया। इसी क्रम में गुरुदेव ने गोसंरक्षण का विषय उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश में लगभग १४ लाख गोवंश भेजा गया। यदि प्रत्येक मंदिर एक-एक गौ माता को अपने संरक्षण में ले और उसके चारे व पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभाए, तो गोवंश की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। गुरुदेव ने समाज से आह्वान किया कि केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि संगठित और उत्तरदायी प्रयास आवश्यक हैं। इस अवसर पर संजय राहुल, ललिता पार्षद, नवनीत ,श्याम शर्मा, प्रदीप झालानी, संदेश जैन, अमित जैन, कृष्ण मुरारी, पारस सौगाणी, प्रमोद गोयल बाण वाले एवं समस्त कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।   सभा के अंत में विराट हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष भगवानदास रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। रोहित शर्मा ,अनूप खण्डेलवाल ने सभी आगंतुक महानुभावों एवं पूज्य गुरुदेव ससंघ का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के संदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

    अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमले भारत की कड़ी प्रतिक्रिया, नागरिक हताहतों पर गहरी चिंता

      अफगानिस्तान की सीमा के भीतर पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों को लेकर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों के मारे जाने की खबरों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान हुई इस सैन्य कार्रवाई को भारत ने न केवल अमानवीय बताया है, बल्कि इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा करार दिया है। भारत का मानना है कि ऐसे कदम हिंसा के चक्र को और गहरा करते हैं और आम लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है।   भारत का आधिकारिक बयान क्या संकेत देता है विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने मीडिया के सवालों के जवाब में स्पष्ट किया कि पाकिस्तान बार-बार अपनी आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए बाहरी दुश्मन गढ़ने की कोशिश करता रहा है। भारत के अनुसार, अफगानिस्तान पर हवाई हमले इसी नीति का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य घरेलू असंतोष से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान हटाना है। भारत ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी देश की संप्रभु सीमा का उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय नियमों और कूटनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है।   अफगान नागरिकों पर बढ़ता मानवीय संकट इन हवाई हमलों का सबसे गंभीर असर अफगान नागरिकों पर पड़ा है। पहले से ही आर्थिक संकट, विस्थापन और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे Afghanistan में इस तरह की सैन्य कार्रवाई मानवीय हालात को और बदतर बना रही है। जानकारों के अनुसार, जब सैन्य टकराव आबादी वाले इलाकों तक पहुंचता है, तो उसका सीधा असर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ता है। भारत ने इस पहलू को खास तौर पर उठाते हुए कहा है कि आतंकवाद या सुरक्षा के नाम पर निर्दोष लोगों की जान लेना किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता।   भारत–अफगानिस्तान संबंध और रणनीतिक संदेश भारत लंबे समय से अफगान जनता का समर्थन करता आया है, चाहे वह विकास परियोजनाएं हों, मानवीय सहायता हो या कूटनीतिक सहयोग। भारत का यह बयान इस बात को दोहराता है कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के पक्ष में मजबूती से खड़ा है। यह रुख पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश भी है कि भारत न केवल सीमा पार आतंकवाद का विरोध करता है, बल्कि क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य आक्रामकता को अस्वीकार्य मानता है।   क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमले पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। पहले से ही भारत-पाकिस्तान तनाव, आतंकवादी गतिविधियों और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे इस क्षेत्र में ऐसी घटनाएं असंतुलन को और बढ़ाती हैं। भारत का रुख यह संकेत देता है कि वह क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से चाहता है।   पाकिस्तान पर परोक्ष लेकिन सख्त संकेत हालांकि भारत ने अपने बयान में सीधे तौर पर कड़े आरोपों से परहेज किया, लेकिन “आंतरिक विफलताओं को बाहरी मुद्दों से ढकने” की टिप्पणी काफी मायने रखती है। जानकारों के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह याद दिलाने की कोशिश है कि पाकिस्तान को पहले अपनी घरेलू सुरक्षा चुनौतियों और आतंक से जुड़े ढांचे पर ध्यान देना चाहिए, न कि पड़ोसी देशों पर कार्रवाई करके स्थिति को और बिगाड़ना चाहिए।   आगे की स्थिति पर नजर फिलहाल India ने साफ कर दिया है कि वह अफगानिस्तान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का विरोध करता रहेगा और क्षेत्रीय शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को लेकर क्या रुख अपनाया जाता है और क्या इससे दक्षिण एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में कोई ठोस पहल होती है।

    मोस्ट-वॉन्टेड कार्टेल सरगना की मौत के बाद बिगड़े हालात मेक्सिको में

    मेक्सिको में हाल के दिनों में सुरक्षा स्थिति अचानक अस्थिर हो गई है। सरकार द्वारा देश के सबसे वांछित ड्रग कार्टेल सरगना Nemesio Oseguera Cervantes, जिसे ‘El Mencho’ कहा जाता था, के मारे जाने के बाद कई राज्यों में हिंसक घटनाएं सामने आईं। आगजनी, सड़क जाम और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान जैसी घटनाओं ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।   घटनाक्रम: क्या-क्या हुआ, कब हुआ रविवार को मेक्सिको की सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिमी राज्य जलिस्को के तपालपा इलाके में एक विशेष अभियान चलाया। इस ऑपरेशन का लक्ष्य Jalisco New Generation Cartel के प्रमुख ‘एल मेन्चो’ को पकड़ना था। कार्रवाई के दौरान वह घायल हो गया और इलाज के लिए राजधानी ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसके कुछ ही घंटों बाद कार्टेल से जुड़े सशस्त्र समूहों ने प्रतिक्रिया दिखानी शुरू कर दी। कई राज्यों में सड़कों को जाम किया गया, वाहनों में आग लगाई गई और बाजारों व बैंकों जैसी जगहों को निशाना बनाया गया। हालात को देखते हुए सरकार ने तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई।   ‘एल मेन्चो’ और उसका कार्टेल नेटवर्क ‘एल मेन्चो’ Jalisco New Generation Cartel का संस्थापक और प्रमुख था। यह कार्टेल पिछले एक दशक में मेक्सिको के सबसे ताकतवर आपराधिक संगठनों में शामिल हो गया। ड्रग तस्करी के साथ-साथ यह गिरोह स्थानीय कारोबारियों से वसूली और इलाकों पर जबरन नियंत्रण के लिए जाना जाता था। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे संगठनों का नेतृत्व जब अचानक खत्म होता है, तो अंदरूनी संघर्ष और हिंसा की आशंका बढ़ जाती है।    सरकार की रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था मेक्सिको सरकार ने हिंसा को देखते हुए देश भर में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ड्रग कार्टेलों के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे संगठित अपराध की ताकत कमजोर होगी, हालांकि अल्पकाल में हिंसक प्रतिक्रिया का खतरा बना रह सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऑपरेशन पूरी तरह मेक्सिको का था, हालांकि इसमें अमेरिका से खुफिया सहयोग मिला।   ‘एल मेन्चो’ की मौत के बाद कार्टेल ने बदले की कार्रवाई शुरू कर दी। कई राज्यों में सशस्त्र समूहों ने सड़कें जाम कीं, वाहनों को आग लगा दी और सुपरमार्केट व बैंकों जैसी इमारतों को निशाना बनाया। हाल के वर्षों में यह देश भर में फैली सबसे व्यापक हिंसक घटनाओं में से एक मानी जा रही है।   अमेरिका से जुड़ा पहलू   मेक्सिकन सरकार ने बताया कि इस कार्रवाई में अमेरिका से खुफिया जानकारी मिली थी। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह मेक्सिको की कार्रवाई थी और इसमें किसी भी अमेरिकी सैनिक की भागीदारी नहीं थी। माना जा रहा है कि यह ऑपरेशन अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से कार्टेलों पर कार्रवाई को लेकर बने दबाव को भी कुछ हद तक कम कर सकता है। फिलहाल Mexico में हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एल मेन्चो’ की मौत कार्टेल की संरचना को झटका जरूर देगी, लेकिन नए नेतृत्व के उभरने और गुटबाजी के कारण हिंसा पूरी तरह खत्म होने में समय लग सकता है। आने वाले हफ्तों में यह साफ होगा कि यह कार्रवाई देश में स्थिरता लाती है या चुनौतियों को और बढ़ाती है।