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    दो दिवसीय मूट कोर्ट प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

    कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फॉर विमेन, जयपुर द्वारा दो दिवसीय वर्चुअल मूट कोर्ट प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र, प्रथम सत्र एवं द्वितीय सत्र का आयोजन दिनांक 2 नवम्बर, 2026 को किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ न्यायालयीन प्रक्रिया, विधिक शोध, प्रभावी ड्राफ्टिंग और मौखिक पैरवी के व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना है। यह कार्यशाला का चौथा संस्करण है, जो संस्थान की विधिक शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्राचार्या डॉ. वर्तिका अरोड़ा ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने विशिष्ठ अतिथि, प्रतिभागियों एवं विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के प्रथम संस्करण से लेकर चौथे संस्करण तक के सफर पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रो. निष्ठा जायसवाल, कुलपति, डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर के संदेश को साझा करते हुए प्राचार्य डॉ. वर्तिका अरोड़ा ने कहा कि मूट कोर्ट विधि शिक्षा का अभिन्न अंग है। यह विद्यार्थियों को विधिक शोध, प्रारूप लेखन, विधियों की व्याख्या, तर्कों के निर्माण और प्रभावी पैरवी जैसे व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रभावी पैरवी केवल तर्क जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय और सत्य की खोज में न्यायालय की सहायता करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।  कार्यशाला की समन्वयक एवं सहायक प्राध्यापक रोशन अली ने अवधारणा पत्र प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा तथा विभिन्न सत्रों के उद्देश्यों की जानकारी दी। विशिष्ठ अतिथि प्रो. सरोज शर्मा (बोहरा), डीन, स्कूल ऑफ लॉ, प्रसिडेन्सी यूनिवर्सिटी, बैंगलोर ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप विधि विद्यार्थियों को अपने कौशल में निरंतर सुधार करना चाहिए। उन्होंने विधिक शोध, प्रभावी ड्राफ्टिंग, मौखिक पैरवी तथा न्यायालयीन शिष्टाचार को एक सफल अधिवक्ता की चार प्रमुख दक्षताएं बताया। उन्होंने कहा कि प्रभावी वकालत का अर्थ अधिक समय तक बोलना नहीं, बल्कि कम समय में सबसे मजबूत और तार्किक कानूनी तर्क प्रस्तुत करना है। एक अच्छा अधिवक्ता वही होता है, जो धैर्यपूर्वक सुनता है और न्यायपीठ के प्रश्नों का सटीक एवं तार्किक उत्तर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मूट कोर्ट को भविष्य के अधिवक्ताओं की प्रयोगशाला के रूप में अपनाने तथा इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में देशभर के विभिन्न विधि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से लगभग 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र का संचालन विद्यार्थियों भाव्या शर्मा एवं कशिश गुप्ता ने किया। अंत में सहायक आचार्य मिस प्रज्ञा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र का विषय ‘‘Fundamentals of Mooting’ रहा, जिसमें वक्ता में डॉ. शोरदीप रक्षित, सहायक आचार्य, स्कूल ऑफ लॉ, क्राइस्ट (डीम्ड् विश्वविद्यालय), बैंगलोर रहे। उन्होंने प्रतियोगिता की अवधारणा, संरचना एवं मूलभूत पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मूटिंग का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता में भाग लेना या जीत हासिल करना नहीं है, बल्कि अनुभव प्राप्त करना, विधिक समझ विकसित करना और अपनी प्रस्तुति क्षमता को बेहतर बनाना भी है। उन्होंने मूट कोर्ट को एक ऐसी व्यवस्थित प्रक्रिया बताया, जिसमें विद्यार्थी काल्पनिक विधिक विवाद पर न्यायाधीश या न्यायाधीशों के पैनल के समक्ष लिखित एवं मौखिक तर्क प्रस्तुत करते हैं। कार्यशाला के द्वितीय तकनीकी सत्र का विषय ‘‘Argumentation Skills and Courtroom Etiquette’’ रहा जिसमें वक्ता में मिस मिताली खत्री, लीगर रिसर्चर, राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर रही। इस सत्र में विधिक तर्क-वितर्क की कला पर चर्चा की गई। वक्ता ने बताया कि तथ्यों, विधिक सिद्धांतों, वैधानिक प्रावधानों और न्यायिक दृष्टांतों को तार्किक एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना प्रभावी विधिक तर्क-वितर्क का आधार है। सत्र में मजबूत कानूनी तर्क तैयार करने, प्रासंगिक विधिक शोध करने तथा न्यायिक निर्णयों और अन्य विधिक प्राधिकारों का उचित उपयोग करने के महत्व को समझाया गया। 

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने खेल प्रतियोगिताओं में रचा इतिहास, पाँच चैंपियनशिप में जीते 42 पदक

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर की छात्राओं ने राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सत्र 2026-27 की विभिन्न अंतर महाविद्यालयी महिला खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। छात्राओं ने बास्केटबॉल, तैराकी, शतरंज, बॉक्सिंग एवं जूडो की प्रतियोगिताओं में अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन और उत्कृष्ट टीम भावना का परिचय देते हुए कुल 42 पदक अर्जित किए। इनमें तैराकी एवं जूडो में महाविद्यालय ने विजेता चैंपियनशिप प्राप्त की, जबकि बास्केटबॉल, शतरंज एवं बॉक्सिंग में उपविजेता का स्थान हासिल किया। अंतर महाविद्यालयी महिला तैराकी प्रतियोगिता में दिनांक 1 अक्टूबर 2026 को महाविद्यालय की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण, 3 रजत एवं 1 कांस्य सहित कुल 11 पदक जीतकर विजेता का खिताब प्राप्त किया। वहीं दिनांक 30 अक्टूबर 2026 को आयोजित महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता में टीम ने उपविजेता रहते हुए 12 रजत पदक अर्जित किए। दिनांक 28-29 सितंबर 2026 को आयोजित महिला शतरंज प्रतियोगिता में छात्राओं ने उपविजेता का स्थान प्राप्त करते हुए 5 रजत पदक हासिल किए। इसी क्रम में दिनांक 16-17 अक्टूबर 2026 को आयोजित महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 2 स्वर्ण, 2 रजत एवं 4 कांस्य सहित कुल 8 पदक जीतकर उपविजेता का खिताब प्राप्त किया। 26-27 अक्टूबर 2026 को आयोजित महिला जूडो प्रतियोगिता में छात्राओं ने 3 स्वर्ण, 1 रजत एवं 2 कांस्य सहित कुल 6 पदक अर्जित कर विजेता चैंपियनशिप अपने नाम की। प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धियाँ छात्राओं की मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम हैं। उन्होंने खेल प्रशिक्षकों एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी समान महत्त्व देता है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि छात्राएँ भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाती रहेंगी।  

    रावत पब्लिक स्कूल, भांकरोटा में सातवाँ वार्षिकोत्सव ‘नवोन्मेष’ हर्षोल्लास के साथ आयोजित

    जयपुर। रावत पब्लिक स्कूल, भांकरोटा में विद्यालय का सातवाँ वार्षिकोत्सव ‘नवोन्मेष–2026’ अत्यंत भव्यता, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ रावत एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन  बी.एस. रावत, निदेशक  हेमेन्द्र सिंह रावत,  नरेन्द्र सिंह रावत एवं रावत पब्लिक स्कूल, भांकरोटा की निदेशक डॉ. अक्षिता रावत द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जयपुर की उप महापौर श्रीमती सरोज कंवर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस मुख्यालय, जयपुर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम)  विपिन पाण्डेय, IPS उपस्थित रहे। अतिथियों का विद्यालय परिवार द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। वार्षिकोत्सव का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। संगीत, नृत्य, योग एवं विविध विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं, अनुशासन एवं सामाजिक मूल्यों का सुंदर संदेश दिया। विशेष रूप से विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत योग प्रदर्शन ने दर्शकों को अत्यंत प्रभावित किया। योग के विभिन्न आसनों, संतुलन, लयबद्धता एवं सामूहिक समन्वय का उत्कृष्ट प्रदर्शन विद्यार्थियों की नियमित साधना और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन को दर्शाता था। वहीं खाटू श्याम जी पर आधारित भक्तिमय प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। भावपूर्ण अभिनय, आकर्षक वेशभूषा एवं मनमोहक नृत्य ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का विशेष आकर्षण प्राप्त किया। इन दोनों प्रस्तुतियों की अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनकी मेहनत, लगन एवं शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए ‘रावत गौरव’ एवं ‘रावत प्रतिभा पुरस्कार’ प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास एवं उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका बोस ने सभी अतिथियों, रावत एजुकेशनल ग्रुप के पदाधिकारियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने वार्षिकोत्सव को सफल बनाने में योगदान देने वाले प्रत्येक सदस्य की सराहना की। ‘नवोन्मेष–2026’ विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना एवं सामूहिक प्रयासों का यादगार उत्सव बनकर संपन्न हुआ।

    गोबर और मिट्टी के दीयों से रोशन होगी दीपावली

     देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने किया 'वोकल फॉर लोकल' का आह्वान" जयपुर। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वॉकल फॉर लोकल' के संकल्प को साकार करने की दिशा में राजस्थान सरकार ने एक बड़ी पहल की है। प्रदेश के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने आमजन से अपील की है कि इस बार दीपावली पर अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए गाय के गोबर और मिट्टी से बने दीयों व कलाकृतियों का ही उपयोग करें।  मंत्री कुमावत ने कहा कि गो-उत्पादों और पारंपरिक मिट्टी के दीयों को अपनाकर हम न केवल अपनी संस्कृति को सहेजेंगे, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और गरीब तबके को सीधा आर्थिक संबल मिलेगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंदिरों के लिए विशेष बजट इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार दीपावली पर देवस्थान विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मंदिरों की विशेष साज-सज्जा और लाइटिंग के लिए राज्य सरकार द्वारा बजट जारी किया गया है। धार्मिक पर्यटन और आस्था को मिल रहा बढ़ावा पिछले कुछ वर्षों का उल्लेख करते हुए  कुमावत ने प्रसन्नता जताई कि राज्य सरकार द्वारा हर साल प्रदेश के आराध्य देवों और प्रमुख मंदिरों की सजावट के लिए निरंतर योगदान दिया जा रहा है। सरकार के इन प्रयासों से न केवल त्योहारों की रौनक बढ़ी है, बल्कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक पर्यटन को भी एक नया विस्तार मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार की दीपावली प्रदेश में समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता का नया संदेश लेकर आएगी।

    पीसीएम मसाला ने लॉन्च की ऐतिहासिक ‘धनवर्षा योजना 2026-27’: खुदरा विक्रेताओं के लिए दिवाली से पहले दिवाली का तोहफ़ा

     डबल धमाका ऑफ़र के तहत रिटेलर्स को मिलेगा ₹7 लाख और ₹4 लाख से अधिक का अतिरिक्त नकद इनाम व कूपन कैशबैक   20 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी ऐतिहासिक रिटेलर समृद्धि योजना जयपुर, राजस्थान: राजस्थान की प्रतिष्ठित एवं देश की अग्रणी मसाला निर्माण कंपनी पिंक सिटी मिल्स (पीसीएम मसाला) ने अपने नेटवर्क से जुड़े समस्त खुदरा विक्रेताओं (Retailers) के व्यापार में वृद्धि और उनकी समृद्धि के लिए ऐतिहासिक ‘पीसीएम धनवर्षा योजना 2026-27’ (दिवाली से पहले दिवाली ऑफर) का आधिकारिक शुभारंभ किया है। यह योजना 20 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। कंपनी नेतृत्व एवं प्रबंधन के वक्तव्य: एल. एल. गुप्ता एवं कृष्ण अवतार खंडेलवाल (प्रबंध निदेशक, पीसीएम मसाला) पीसीएम मसाला की 58 से अधिक वर्षों की गौरवशाली विरासत में हमारे खुदरा विक्रेताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। 'पीसीएम धनवर्षा योजना' हमारे रिटेलर भाइयों के प्रति आभार व्यक्त करने और उनके व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की एक अनूठी पहल है। इस 'डबल धमाका योजना' से हर छोटा-बड़ा रिटेलर त्योहारों के इस मौसम में लखपति बनने का सपना साकार कर सकेगा।" अमित खंडेलवाल एवं अंकित खंडेलवाल (निदेशक, पीसीएम मसाला): "तकनीक और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए इस बार योजना का लाभ उठाना बेहद आसान बनाया गया है। रिटेलर्स को केवल उत्पाद पैकेट में दिए गए QR कोड को स्कैन करना है और कूपन का कैशबैक लाभ सीधे उनके बैंक खाते में तुरंत प्राप्त हो जाएगा। हम पारंपरिक गुणवत्ता के साथ आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं।" *श्रीमती द्रौपदी देवी खंडेलवाल एवं श्रीमती माया देवी खंडेलवाल (सह-अध्यक्ष / Co-Chairpersons):"पीसीएम परिवार हमेशा से अपने विक्रेताओं और उपभोक्ताओं की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध रहा है। 'दिवाली से पहले दिवाली' का यह ऑफर हमारे पूरे रिटेलर नेटवर्क में नई ऊर्जा, उमंग और समृद्धि का संचार करेगा।" 'पीसीएम धनवर्षा योजना 2026-27' के प्रमुख आकर्षण एवं मुख्य बिंदु: * पहला पक्का धमाका (QR कोड कूपन ऑन-द-स्पॉट कैशबैक):    * थोक/नियमित पैक (प्रति 10 किग्रा खरीद पर): ₹30 से लेकर ₹1,000 तक का QR कोड कूपन।    * प्रति 30 किग्रा खरीद पर: ₹90 से लेकर ₹1,500 तक का QR कोड कूपन।    * फैंसी बॉक्स पैक (प्रति 10 बॉक्स खरीद पर): ₹20 से लेकर ₹250 तक का कूपन।  * दूसरा पक्का धमाका (स्लैब अनुसार अतिरिक्त गारंटीड इनामी राशि):    * 14 लेवल्स (थोक खरीद): 100 किग्रा से 55,000 किग्रा तक की खरीद पर 14 अलग-अलग लेवल्स पूरे करने पर ₹7 लाख से भी अधिक का अतिरिक्त इनाम।    * 17 लेवल्स (फैंसी बॉक्स खरीद): 100 बॉक्स से 75,000 बॉक्स तक की खरीद पर 17 लेवल्स पूरे करने पर ₹4 लाख से अधिक का अतिरिक्त इनाम।  

    रूवास जोबनेर: विक्रम राठौड़ विश्वविद्यालय के जनसंपर्क सलाहकार मनोनीत

    कुलगुरु के निर्देशन में संभालेंगे जनसंपर्क व मीडिया प्रचार की जिम्मेदारी पूरी तरह से स्वैच्छिक और मानदेय-मुक्त होंगी सेवाएं जयपुर: राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (रूवास), जोबनेर, जयपुर के कुलसचिव कार्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इसके तहत, राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ को विश्वविद्यालय में आगामी आदेशों तक 'जनसंपर्क सलाहकार' के रूप में मनोनीत किया गया है। शैक्षणिक नीतियों और कार्यक्रमों का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, विक्रम राठौड़ विश्वविद्यालय के कुलगुरु के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे। उनका मुख्य दायित्व विश्वविद्यालय की शैक्षणिक नीतियों, विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा अन्य हितधारकों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करना होगा। इसके साथ ही वे विश्वविद्यालय को जनसंपर्क से जुड़े मामलों में अपनी परामर्श सेवाएं भी प्रदान करेंगे। स्वैच्छिक और अवैतनिक सेवा विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विक्रम राठौड़ द्वारा दी जाने वाली ये सेवाएं पूरी तरह से स्वैच्छिक और परामर्श प्रकृति की हैं। इन सेवाओं के एवज में उन्हें किसी भी प्रकार का मानदेय या भत्ता देय नहीं होगा। यह आदेश सक्षम स्तर के अनुमोदन के पश्चात कुलसचिव सावन कुमार चायल द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है, जिसकी प्रतिलिपि विश्वविद्यालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों, वित्त नियंत्रक, परीक्षा नियंत्रक और संबंधित विभागों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है।  

    शिक्षक संघ (सियाराम) के पदाधिकारियों ने की शिक्षा मंत्री से भेंट

    शिक्षकों की मांगों व समस्याओं पर हुई सकारात्मक चर्चा कोटा/ राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा के नेतृत्व में राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से कोटा स्थित उनके निज आवास पर मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न मांगों एवं समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा व प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा ने संगठन के 31 सूत्रीय मांग पत्र के प्रमुख मुद्दों को शिक्षा मंत्री के समक्ष विस्तार से रखते हुए चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य महामंत्री उम्मेद सिंह डूडी, प्रदेश संरक्षक शिवराम शर्मा ,संयुक्त महामंत्री राजेंद्र पारीक, प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र जैन,माध्यमिक शिक्षा के प्रदेश महामंत्री मोहनलाल धाकड़, प्रदेश सह संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राठौड़,प्रदेश महिला मंत्री मंजू डोरिया,प्रदेश मंत्री राज सिंह, जिला अध्यक्ष कोटा हरिओम प्रजापति एवं जिला मंत्री राम सिंह मीणा, राजेंद्र कुमार शर्मा शिवराज जावर ,अजय कुमार जैन ,पवन कुमार धाकड़, जगदीश प्रसाद राय सहित प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश कुमार मीणा ने बताया की शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षक संघ (सियाराम) के पदाधिकारियों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनकी जायज मांगों का शीघ्र ही समाधान किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री को साफा बदवा कर एवं बुके भेंटकर उनका सम्मान किया।दोपहर में श्रीनाथपुरम स्टेडियम में संगठन के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।  

    पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का सामाजिक कर्तव्य : मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास

    'साइक्लोथॉन फॉर ऑल': जयपुर में 300 से अधिक साइकलिस्ट्स ने दिया स्वस्थ और हरित पर्यावरण का संदेश पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का सामाजिक कर्तव्य : मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास जयपुर। राजस्थान को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से रविवार को राजधानी जयपुर में राज्य-स्तरीय 'साइक्लोथॉन फॉर ऑल' का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राज्य सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) के तत्वावधान में, 'इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज' (आईएसएसएस) के सहयोग से आयोजित इस साइक्लोथॉन में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित 300 से अधिक उत्साही प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह आयोजन वैश्विक अभियान 'ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक' (1-7 नवंबर 2026) के अंतर्गत नागरिकों में पर्यावरण चेतना विकसित करने और जीवनशैली में सुधार लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना झालाना डूंगरी स्थित राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय से रविवार प्रातः 6:15 बजे राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने हरी झंडी दिखाकर साइक्लोथॉन का विधिवत फ्लैग-ऑफ किया। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि"पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का सामाजिक कर्तव्य है। साइकिल चलाना न केवल हमारे व्यक्तिगत शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करके हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित ग्रह का निर्माण करता है। " इस मौके पर विशिष्ट अतिथि आनंद कुमार (अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) ने कहा कि"जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए हमें दैनिक जीवन में 'सस्टेनेबल लाइफस्टाइल' (सतत जीवनशैली) को अपनाना होगा। सिंगल-यूज प्लास्टिक का बहिष्कार, पेड़ों की रक्षा और जीवाश्म ईंधन की खपत में कमी लाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।" श्रीमती शैलजा देवल (संयुक्त शासन सचिव, पर्यावरण विभाग) ने कहा कि"साइक्लोथॉन जैसे आयोजन समाज के हर वर्ग को एकजुट करते हैं। जब आम नागरिक सड़कों पर आकर हरित राजस्थान का संदेश देते हैं, तो इसका प्रभाव बहुत दूरगामी और सकारात्मक होता है।" प्रोफेसर जी.सी. जैन (उपाध्यक्ष, इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज) ने कहा कि"मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण का सीधा संबंध है। लाइफ साइंसेज के दृष्टिकोण से, हमारी दैनिक आदतें ही पर्यावरण की सेहत तय करती हैं। साइकिल चलाने से स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ प्रकृति के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव भी स्थापित होता है।" कपिल चंद्रवाल (सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल) ने कहा कि राज्य में प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ जन-जागरूकता कार्यक्रमों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। 300 से अधिक साइकलिस्ट्स की भागीदारी यह साबित करती है कि जयपुर के नागरिक स्वच्छ वायु और हरित पर्यावरण के प्रति अत्यंत संवेदनशील और सजग हैं।"  प्रतिभागियों का उत्साह आयोजन समिति के मुख्य सदस्य डॉ. सुनील छिम्पा, डॉ. राम भजन कुमावत और डॉ. रितु जैन ने बताया कि 'साइक्लोथॉन फॉर ऑल' को लेकर समाज के सभी वर्गों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। उन्होंने बताया कि साइक्लोथॉन में समाज के सभी आयु वर्गों—विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी पंजीकृत साइकलिस्ट्स को आयोजकों की ओर से कैप, टी-शर्ट, पर्यावरण-अनुकूल बैग, सर्टिफिकेट, रिफ्रेशमेंट और पेयजल निःशुल्क वितरित किए गए।प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी साइकिलों पर 'ग्रीन राजस्थान-क्लीन राजस्थान' और 'पर्यावरण बचाओ' के पोस्टर लगाकर पूरा मार्ग तय किया। समारोह का समापन झालाना डूंगरी से शुरू हुई यह साइकिल रैली प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परिसर पहुँची। समापन समारोह में सभी 300+ प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। आयोजकों ने सभी सहयोगियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन की बधाई दी। इस कार्यक्रम में अकादमिक पार्टनर के रूप में यूनिवर्सिटी आफ टेक्नोलॉजी जयपुर, कनोडिया पीजी कॉलेज, एपीजे अब्दुल कलाम गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज, एलबीएस कॉलेज जयपुर, एसएस जैन सुबोध शिक्षा समिति और एसएसजी पारीक कॉलेज एवं सम्बध्द शिक्षण संस्थाएं रहीं.       

    राजस्थान में स्वस्थ और हरित पर्यावरण के संदेश के साथ आज आयोजित होगी 'साइक्लोथॉन फॉर ऑल'

    जयपुर. राज्य सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) के तत्वावधान में, 'इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज' (आईएसएसएस) के सहयोग से आगामी 1 नवंबर 2026 को एक राज्य-स्तरीय साइक्लोथॉन का आयोजन किया जा रहा है। 'ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक' (1-7 नवंबर 2026) के अंतर्गत आयोजित होने वाली इस ' साइक्लोथॉन फॉर ऑल' का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और एक स्वच्छ, हरित व स्वस्थ राजस्थान का संदेश देना है। ये आयोजन रविवार को सुबह 6:15 बजे (फ्लैग-ऑफ ) राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झालाना डूंगरी, जयपुर से किया जाएगा जिसमें सभी प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क एंट्री रहेगी। साइकिल चलाने वालों को फ्री में यह दिए जाएंगे आयोजक डॉ. सुनील छिम्पा, डॉ. राम भजन कुमावत और डॉ. रितु जैन ने बताया कि साइक्लोथॉन को अधिक आकर्षक और उत्साहवर्धक बनाने के लिए पंजीकृत साइकिल चलाने वालों को आयोजकों की ओर से कैप, टी-शर्ट, पर्यावरण बैग, सर्टिफिकेट , रिफ्रेशमेंट और पेयजल की व्यवस्था रहेगी. कोई भी ले सकता है भाग इस आयोजन में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों के लोग हिस्सा ले सकते हैं। आयोजन समिति के अनुसार, प्रतिभागियों को अपनी साइकिल स्वयं लानी होगी। पंजीकरण की ये रहेगी प्रक्रिया इस साइकिल रैली में भाग लेने के लिए इच्छुक नागरिक पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।  

    मुख्य सचिव ने दिये आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने के दिए निर्देश

    जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को जयपुर के गांधीनगर स्थित समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) निदेशालय में पोषण 2.0 तथा आँगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों की मुख्य गतिविधियों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा की। बैठक में विभाग की ओर से सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग एवं निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं द्वारा विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियों के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्य सचिव ने ली आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी एवं अधिकारियों को दिए नियमित भ्रमण के निर्देश :- मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी पर शाला पूर्व शिक्षा की दैनिक समय सारणी पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य सचिव द्वारा उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आंगनबाड़ी केदो के संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त की तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा केंद्र पर प्रतिदिन बच्चों की शाला पूर्व शिक्षा एवं देखभाल गतिविधियो का संचालन, अल्पाहार एवं गर्म पका हुआ भोजन, पोषण ट्रैकर पर गतिविधियों को अपडेट करने इत्यादि कार्यो के साथ साथ प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना एवं मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना योजनांतर्गत लाभार्थियों का पंजीकरण, बच्चों की वृद्धि निगरानी,परिवार सर्वेक्षण कार्य, तथा प्रतिदिन लक्षित गृह भ्रमण के बारे में अवगत कराया गया । मासिक गतिविधियों के अंतर्गत महीने में 2 बार समुदाय आधारित कार्यक्रम, महीने में एक बार MCHN दिवस, आंगनबाड़ी प्रबंधन समिति (AMC) एवं कार्यकर्ता-अभिभावक बैठक का आयोजन किया जाता हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन संचालन समय मे 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए सत्रवार शाला पूर्व शिक्षा की विभिन्न गतिविधियां प्रदान की जाती है। मुख्य सचिव ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित किये जाने हेतु निर्देशित किया, साथ ही निर्देशित किया कि आईसीडीएस के सभी अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर,आंगनबाड़ी की दैनिक संचालन का अवलोकन करना चाहिए,वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्धारित कलेंडर अनुसार कार्य करने हेतु प्रेरित करे, संचालन में आ रही कठिनाइयों एवं कमियों को समझ कर उनमें अपेक्षित सुधार करावे,ताकि लाभार्थियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के कार्यो का होगा संकलन:- मुख्य सचिव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है , इनमें से 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की पहचान की जाए जिन्होंने राजस्थान की आंगनबाड़ियों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया है तथा उनके कार्यो को संकलन कर प्रकाशित किया जाए ताकि अन्य कार्यकर्ता भी प्रेरित हो सके। विभाग द्वारा किये गए नवाचारों की सराहना:- मुख्य सचिव द्वारा विभाग द्वारा, शाला पूर्व गतिविधियों तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों की भी सराहना की। विशेष रूप से प्रदेश में संचालित 'कैश प्लस मॉडल' की प्रशंसा की गई, जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) एवं मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना (MMMPY) के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के साथ-साथ व्यवहार परिवर्तन संचार (SBCC) गतिविधियों से जोड़ा गया है। बच्चों के विकासात्मक विलंब की पहचान एवं प्रबंधन:- मुख्य सचिव ने बच्चों में विकासात्मक विलंब (developmental delay) के लक्षणों की शीघ्र पहचान करने के लिए फील्ड कार्यकर्ता के क्षमता वर्धन पर निर्देश प्रदान किये तथा सभी संबंधित विभागों में समन्वय पर जोर दिया,ताकि बच्चों में विकासात्मक विलंब (developmental delay) के लक्षणों की शीघ्र पहचान कर प्रबंधन किया जा सके। इसके लिए यूनिसेफ तथा विभाग को डिजिटल प्रबंधन पर कार्य करने के निर्देश भी प्रदान किये। AAA कन्वर्जेंस को बेहतर करने के दिये निर्देश:- मुख्य सचिव ने ए.एन.एम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी (AAA) के मध्य कन्वर्जेंस को और बेहतर करने के लिए निर्देश प्रदान किये ताकि महिला एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर में अपेक्षित सुधार लाया जा सके। लौह पुरुष श्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को अर्पित की पुष्पांजलि एवं निदेशालय में किया पौधरोपण:- मुख्य सचिव ने "राष्ट्रीय एकता दिवस" के अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जन्म तिथि के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने निदेशालय का निरीक्षण भी किया तथा परिसर में पौधरोपण भी किया।मुख्य सचिव द्वारा विभाग के विभिन्न कार्मिको के साथ भी वार्ता की गई तथा उनके साथ समूह फ़ोटो भी लिया गया। बैठक में शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास श्रीमती पूनम, निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत, वित्तीय सलाहकार मनोज शांडिल्य, अतिरिक्त निदेशक पोषाहार दीनानाथ बब्बल, अतिरिक्त निदेशक श्रीमती अलका विश्नोई, अतिरिक्त निदेशक महिला अधिकारिता श्रीमती नीतू राजेश्वर, उपनिदेशक विखाका श्रीमती सरोज ढाका सहित विभाग के समस्त अधिकारियो के साथ यूनिसेफ तथा IPE ग्लोबल के विभिन्न प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।  

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

    जयपुर. यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर विभिन्न गतिविधियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान, राष्ट्रीय एकता, अखंडता, भाईचारे एवं देशभक्ति के महत्व से अवगत कराना तथा उनमें सामाजिक समरसता की भावना विकसित करना था। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना, प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) रश्मि जैन, प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) अंकित गांधी एवं कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के संदेश को विद्यार्थियों तक पहुँचाने के महत्व पर बल दिया। प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने अपने संदेश में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। प्रो-प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) अंकित गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है तथा सरदार पटेल का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दूरदर्शिता एवं दृढ़ नेतृत्व से देश की एकता को मजबूत आधार प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीताराम माली ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर डॉ. कुलदीप शर्मा ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता दिवस एवं सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती की ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक एकता में विविधता विषय पर आधारित ड्रेस थीम प्रतियोगिता में भाग लिया। इसके साथ ही राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर तैयार कर पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में एक छात्रा द्वारा राष्ट्रीय एकता की भावना पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रजनी खंडेलवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन खुशबू चौधरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे और सभी ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों, राष्ट्रीय एकता, अखंडता, आपसी सद्भाव तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का संदेश दिया गया। कार्यक्रम सकारात्मक, प्रेरणादायक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।  

    विश्वविद्यालय महारानी महाविद्यालय में अंतर महाविद्यालय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता का समापन

    जयपुर। विश्वविद्यालय महारानी महाविद्यालय, जयपुर में आयोजित विश्वविद्यालय राजस्थान की अंतर महाविद्यालय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता 2026-27 का दो दिवसीय आयोजन उत्साह एवं खेल भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों की कुल 7 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्घाटन 30 अक्टूबर को फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के निदेशक वीरेंद्र चौधरी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. नूपुर माथुर भी उपस्थित रहीं। श्री चौधरी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं टीम भावना का विकास होता है। प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि श्री राम कुमार, ध्यानचंद पुरस्कार, महाराणा प्रताप पुरस्कार एवं रेल मंत्री पुरस्कार से सम्मानित तथा भारतीय रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी, उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय महारानी महाविद्यालय, जयपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कनोडिया गर्ल्स कॉलेज ने द्वितीय स्थान हासिल किया। विजेता एवं उपविजेता टीमों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. नूपुर माथुर एवं खेल समन्वयक डॉ. जितेंद्र सिंह के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन की सराहना की गई। प्रतियोगिता की आयोजन सचिव डॉ. चेतना चौधरी ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी प्रशिक्षकों, टीम मैनेजरों, तकनीकी अधिकारियों, निर्णायकों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं सहयोगी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता ने महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा खेल भावना, अनुशासन एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। समारोह का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।