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    एक महीने के प्ररेणा अभियान 2.0 के अंतर्गत आंगनबाड़ी में आने वाली धात्री माताओं, प्रेग्नेंट महिलाओं, 0 से 6 माह के बच्चों

    3 months ago

    6 माह से 3 वर्ष के बच्चों, 3 से 6 वर्ष के बच्चों और किशोरी बालिकाओं के पंजीयन में 2 लाख 47 हजार 114 लाभार्थियों की वृद्धि हुई दर्ज: निदेशक आईसीडीएस

    जयपुर। उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के निर्देशन एवं प्रेरणा से निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) की ओर से 19 जनवरी 2026 से 19 फरवरी 2026 तक चलाये जा रहे प्रेरणा अभियान 2.0 के अंतर्गत पोषण ट्रेकर पर धात्री माताओं, प्रेग्नेंट महिलाओं, 0 से 6 माह के बच्चों, 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों, 3 से 6 वर्ष के बच्चों और किशोरी बालिकाओं के पंजीयन में 2 लाख 47 हजार 114 लाभार्थियों की वृद्धि दर्ज हुई है।आभा आईडी के सत्यापन संख्या में 12 लाख 17 हजार 393 की वृद्धि दर्ज हुई है। 

     

    निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि मातृ एवं शिशु पोषण एवं आईसीडीएस सेवाओं से वंचित सभी पात्र लाभार्थियों गर्भवती व धात्री महिलाएं, 0 से 6 वर्ष तक के बच्चें के स्वास्थ्य के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर संचालित प्ररेणा अभियान 2.0 के प्रारम्भ होने से पहले और अभियान के समापन के दौरान लाभार्थियों की संख्या में उक्त उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। 

     

    निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा के मार्गदर्शन में निदेशालय आईसीडी एस की ओर से संचालित प्ररेणा अभियान 2.0 को सफल बनानें में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला पर्यवेक्षकों, सीडीपीओ, जिला उपनिदेशकों और समस्त विभागीय अधिकारियों द्वारा समर्पित भाव से किये गए योगदान के आधार पर ही सफलता अर्जित हुई है। 

     

    अभियान प्रारम्भ होने से पहले पोषण ट्रैकर पर 2 लाख 91 हजार 696 धात्री माताएं पंजीकृत थी, 19 जनवरी 2026 को अभियान आरम्भ होने के बाद 19 फरवरी 2026 तक पंजीकृत धात्री माताओं की संख्या 3 लाख 5 हजार 246 हो गई है। प्रेरणा अभियान के दौरान 13 हजार 550 पंजीयन की वृद्धि दर्ज हुई है। 

     

    पोषण ट्रैकर पर 2 लाख 91 हजार 610 गर्भवती माताएं पंजीकृत थी जो 19 फरवरी 2026 को 3 लाख 21 हजार 448 हो गई है अभियान में प्रेग्नेंट महिला लाभार्थियों के पंजीयन संख्या में 29 हजार 838 की वृद्धि दर्ज हुई है। 

     

    इसी प्रकार अभियान में 0 से 6 माह के बच्चों, 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों, 3 से 6 वर्ष के बच्चों और किशोरी बालिकाओं के पंजीयन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।

     

    0 से 6 माह के बच्चों की पंजीयन संख्या 2 लाख 88 हजार 601 थी जो 19 फरवरी 2026 को बढ़कर 3 लाख 5 हजार 32 हो गई है। इस प्रकार 0 से 6 माह के बच्चों के पंजीयन में 16 हजार 431 की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

     

    6 माह से 3 वर्ष के बच्चों की संख्या 16 लाख 05 हजार 526 थी जो उक्त अभियान में बढ़कर 16 लाख 76 हजार 798 हो गईं। उक्त श्रेणी में अभियान के दौरान 71 हजार 272 की वृद्धि हुई है । 

     

    3 से 6 वर्ष के बच्चों की पंजीयन संख्या 11 लाख 93 हजार 190 थी जो 19 फरवरी 2026 तक 13 लाख 8 हजार 401 हो गईं, अभियान के दौरान इस श्रेणी में सर्वाधिक 1 लाख 15 हजार 211 की बढ़ोतरी हुई है। 

     

    किशोरी बालिकाओं की संख्या 16 जनवरी 2026 तक 27 हजार 996 थी जो 19 फरवरी 2026 तक बढ़कर 28 हजार 808 हो गई हैं, जो कि करीब 812 किशोरी बालिकाओं के पंजीयन बढ़ोतरी को दर्शाता है। 

     

    आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि 16 जनवरी 2026 को पोषण ट्रैकर पर 36 लाख 98 हजार 619 लाभार्थी थे जो कि 19 फरवरी 2026 को 39 लाख 45 हजार 733 हो गए हैं अर्थात 2 लाख 47 हजार 114 लाभार्थियों की वृद्धि को दर्शाता है। 

     

    अभियान से पूर्व पोषण ट्रैकर पर 10 लाख 19 हजार 640 लाभार्थियों की आभा आई डी सत्यापित थी जो कि 19 फरवरी 2026 को बढकर 22 लाख 37 हजार 33 हो गई है, जो कि 12 लाख 17 हजार 393 की वृद्धि को दर्शाता है। आभा आईडी का सत्यापन प्रतिशत 28 से बढ़कर 57 प्रतिशत हो गया है जो कि 29 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। 

     

     

    पोषण ट्रैकर पर आपार आईडी पर कुल सक्रिय बच्चों की संख्या जहाँ 16 जनवरी 2026 तक 11 लाख 93 हजार 190 थी वह 19 फरवरी तक 13 लाख 8 हजार 401 हो गई। इस श्रेणी में 1 लाख 15 हजार 211 नवीन बच्चों को जोड़ा गया है। स्व-आधार वाले बच्चों की संख्या 16 जनवरी 2026 तक 2 लाख 99 हजार 422 से बढ़कर 19 फरवरी 2026 तक 4 लाख 14 हजार 308 हो गई है, जो कि 1 लाख 14 हजार 886 की वृद्धि दर्शाती है। 

     

     

    अपार आईडी वाले बच्चों की संख्या जहाँ 2 लाख 29 हजार 966 थी वह 19 फरवरी 2026 को बढ़कर 3 लाख 41 हजार 466 हो गई। इस प्रकार 16 जनवरी 2026 की अपेक्षा 19 फरवरी 2026 तक अपार आईडी वाले बच्चों की संख्या में 1 लाख 11 हजार 500 की वृद्धि दर्ज की गई। 16 जनवरी 2026 को पोषण ट्रैकर पर 19.2 प्रतिशत बच्चों की अपार आई डी दर्ज थी जो 19 फरवरी 2026 तक बढ़कर 26 प्रतिशत हो गई है, इसमें 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

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