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    सेकंड ऑल इंडिया आईपीएससी अंडर-14 गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह उत्साह के साथ आयोजित

    एमजीडी गर्ल्स स्कूल, जयपुर में 22 अप्रैल 2026 को सेकंड ऑल इंडिया आईपीएससी अंडर-14 गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एमजीडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सदस्य राजकुँवरानी अंबिका सिंह जी थीं। उनके आगमन पर बैंड और एन सी सी दल द्वारा उनका स्वागत किया गया। स्कूल की हेड गर्ल अपूर्वा रावत ने अपने स्वागत भाषण से अतिथियों का अभिवादन किया। इसके बाद मार्च पास्ट हुआ, जिसमें सभी टीमों ने भाग लिया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने टूर्नामेंट के शुरू होने की आधिकारिक घोषणा की। इसके बाद खिलाड़ियों ने खेल भावना की शपथ ली। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने सभी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और खेल को अनुशासन व टीम भावना के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया।  कार्यक्रम के दौरान एक सुंदर नृत्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसने सभी का मन मोह लिया। इसके बाद टूर्नामेंट में भाग लेने वाली चार प्रमुख टीमों, एमजीडी गर्ल्स स्कूल जयपुर, मॉडर्न स्कूल नई दिल्ली, मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल अजमेर और डीपीएस आरकेपुरम नई दिल्ली का परिचय कराया गया। सुबह नौ बजकर पाँच मिनट पर पहली गेंद फेंककर मैच का रोमांचक आगाज़ हुआ। विद्यालय की गेम्स एंड स्पोर्ट्स कैप्टन नाम्या बग्गा ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।   यह टूर्नामेंट विद्यालय निदेशिका श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया, प्राचार्या श्रीमती प्रमेंद्र खंगारोत एवं खेल समन्वयक डॉ. मोनिका माथुर के मार्गदर्शन में छात्राओं को खेलों में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। टूर्नामेंट का पहला मैच एम जी डी गर्ल्स स्कूल जयपुर और मॉडर्न स्कूल नई दिल्ली के बीच खेला गया जिसे टीम एम जी डी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 138 रन से जीता। श्रेयान्वी शर्मा 3 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ दि मैच रहीं।

    डॉ. अमित वर्मा को ‘वरिष्ठ जन संचार शिक्षण उत्कृष्टता सम्मान’ से सम्मानित

    जयपुर। पिंक सिटी प्रेस क्लब, जयपुर में आयोजित 58वें राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस एवं सम्मान समारोह में जनसंचार एवं मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. अमित वर्मा को ‘वरिष्ठ जन संचार शिक्षण उत्कृष्टता सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह समारोह पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI), जयपुर चैप्टर द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें जनसंपर्क, मीडिया और संचार के क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पवन अरोड़ा (सेवानिवृत्त आईएएस), मैनेजिंग एडिटर, फर्स्ट इंडिया ग्रुप; अध्यक्ष प्रो. एन. के. पांडेय, कुलपति, हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, जयपुर; तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. लालचंद भारती, वरिष्ठ शिक्षाविद, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व सदस्य, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी प्रेरक उपस्थिति एवं मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को विशेष रूप से समृद्ध किया।   डॉ. अमित वर्मा को यह सम्मान जनसंचार शिक्षा, शोध एवं सामुदायिक मीडिया के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने मीडिया साक्षरता के प्रसार, डिजिटल संचार के प्रभावी उपयोग तथा विद्यार्थियों को व्यवहारिक एवं शोध-आधारित शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कार्यों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। डॉ. अमित वर्मा मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र में सहायक रजिस्ट्रार एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वे जर्नल ऑफ कम्युनिकेशन एंड मैनेजमेंट तथा हेल्थ एंड ह्यूमैनिटीज के संपादक-इन-चीफ हैं तथा IAMCR के पार्टिसिपेटरी कम्युनिकेशन रिसर्च सेक्शन के वाइस चेयर के रूप में भी कार्यरत हैं।    सम्मान प्राप्त करने के उपरांत डॉ. वर्मा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे भविष्य में भी मीडिया शिक्षा, शोध तथा समाजोन्मुखी संचार के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहेंगे।

    पृथ्वी दिवस के अवसर पर ‘द ट्रिपल प्लेनेटरी क्राइसिस’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन

     कानोड़िया पी जी महिला महाविद्यालय, जयपुर के भूगोल विभाग द्वारा बुधवार को पृथ्वी दिवस के अवसर पर ‘द ट्रिपल प्लेनेटरी क्राइसिस’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में एम.ए/ एम.एस.सी भूगोल सेमेस्टर प्रथम एवं चतुर्थ की छात्राओं द्वारा सेमिनार के विषय पर प्रदूषण, जैव विविधता का हास, ट्रिपल प्लेनेटरी क्राइसिस को समझने एवं डिजिटल एंथ्रोपोसीन, ब्लू कार्बन ब्लैक फ्यूचर, हरित क्रांति से लेकर प्लेनेटरी क्राइसिस तक एवं जैव भूगोल प्रभाव और कोरल ब्लीचिंग आदि विषयों पर पत्र पढ़े गये। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को कहा कि अपना कचरा अपनी जिम्मेदारी, और कचरे का निस्तारण समुचित तरीके से किया जाना चाहिए। विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम बागेश्वरी ने सेमिनार के विषय पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह विषय आज बहुत ही महत्वपूर्ण है और पृथ्वी दिवस पर इसकी महत्वता और भी बढ़ जाती है। ट्रिपल प्लेनेटरी क्राइसिस के परिणाम स्वरूप जूनोटिक बीमारियां बढ़ रही है और जिसका समाधान है संतुलित विकास करना जिससे कि पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके। इस अवसर पर विभाग की प्राध्यापिकाएँ डॉ. शीलू, डॉ. रेनू शक्तावत एवं आरती तंवर भी उपस्थित रही। कार्यक्रम के अंत में प्राध्यापिकाओं सहित छात्राओं ने इस अवसर पर शपथ ली की ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण धरती माता और आने वाली पीढियों के हित के लिए आवश्यक है और अपने दैनिक जीवन में सतत प्रथाओं को अपनाने का प्रण लिया।

    रावत पब्लिक स्कूल द्वारा वर्ल्ड अर्थ डे पर भव्य आयोजन

      पृथ्वी के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का अद्भुत संदेश देते हुए रावत पब्लिक स्कूल ने वर्ल्ड अर्थ डे के अवसर पर एक प्रेरणादायी एवं भव्य आयोजन का सफल संचालन किया। रावत पब्लिक स्कूल, अक्षेंद्र वेलफेयर सोसायटी एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें नगर निगम के कर्मियों, विद्यालय के विद्यार्थियों तथा सोसायटी के समर्पित वॉलंटियर्स सहित 700 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।  एन.आर.आई. सर्किल पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश जन-जन तक पहुँचाया और उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।  रैली के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने पृथ्वी संरक्षण का संकल्प लेकर एक हरित और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का वचन दिया।  रावत एजुकेशनल ग्रुप के निदेशक एवं अक्षेंद्र वेलफेयर सोसायटी के सचिव नरेंद्र सिंह रावत ने हर वर्ष की परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी परिंडा अभियान की शुरुआत करते हुए परिंदों के लिए पानी के पात्र (परेंडे) स्थापित किए, जो जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण है।  इसी क्रम में निर्मला ऑडिटोरियम में आयोजित “हरी-भरी वसुधा” कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने वेस्ट मैटेरियल से निर्मित आकर्षक परिधानों के साथ एक अनूठा फैशन शो प्रस्तुत किया, जिसने ‘रीयूज़ और रीसायकल’ की भावना को सजीव कर दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, नगर निगम की उप आयुक्त ममता नागर ने विद्यार्थियों की सृजनात्मकता और पर्यावरण के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर ऐसे प्रयासों के लिए प्रेरित किया।  सेव अर्थ थीम पर आधारित नृत्य, प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक तथा “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक एवं संदेशपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर अक्षेंद्र वेलफेयर सोसायटी के सक्रिय कार्यकर्ता अमित शर्मा एवं सुशील कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्राचार्या मैत्रेयी शुक्ला एवं एकेडमिक हेड राजेश कंथारिया ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस सफल आयोजन को सामूहिक प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

    पृथ्वी दिवस का आयोजन : आने वाली पीढ़ी के लिए छोड़ें 'प्लास्टिक मुक्त धरती'

    रामबाग स्थित सुबोध महिला महाविद्यालय में छात्राओं ने स्लोगन लेखन, पर्यावरण जागरूकता रैली, ग्राफ़िटी वॉल डिज़ाइनिंग एवं जागरूकता प्रश्नोत्तरी के माध्यम से पृथ्वी दिवस मनाया गया l प्राचार्या डॉ . स्वाती जैन ने पृथ्वी के सभी घटको जैसे मृदा, जलसंसाधन के साथ पर्यावरण के सभी घटको के भी संरक्षण की महत्वता को रेखांकित करते हुए बताया की प्लास्टिक मुक्त भूमि ही हम सब का लक्ष्य होना चाहिए अन्यथा इसके दुष्परिणाम आने वाली पीड़ियों को भुगतने पड़ेंगे ! महाविद्यालय के संयोजक डॉ राकेश हीरावत ने पृथ्वी को इसका मूल स्वरुप लौटाने पर बल दिय और इसके लिए स्वस्तर पर कृत संकल्पित होकर कार्य करने करने की बात दोहराई l इस अवसर पर एन एस एस, एनसीसी की विभिन्न इकाईयो एवं स्टॉफ सादस्यों ने पर्यावरण जागरूकता बैनरों के साथ मुख्य मार्गो से रैली निकालकर जागरूकता का संकल्प लिया l कार्य क्रम का सफल क्रियान्वयन डॉ सुनिता गजावत,डॉ रचना नागर,डॉ विजय लक्ष्मी गुप्ता एवं वर्षा शर्मा ने कियाl

    विश्व पृथ्वी दिवस पर हुई कार्यशाला में राजकीय काॅलेज गंगापोल, जयपुर की सैकड़ों छात्राओं ने पृथ्वी संरक्षण की प्रतिज्ञा ली

    जयपुर। एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय कन्या महाविद्यालय, गंगापोल, जयपुर में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर नेचर क्लब के तत्वावधान में एक विशेष कार्यशाला एवं पृथ्वी संरक्षण शपथ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य व्याख्यान में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमन्त पारीक ने “पृथ्वी पर बेहतर जीवन के लिए पर्यावरण संरक्षण” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण हेतु जागरूक रहना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा— “आज हम सब यहाँ केवल एक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि अपनी पृथ्वी के प्रति अपने कर्तव्य को समझने और निभाने के लिए एकत्रित हुए हैं…” मुख्य व्याख्यान के पश्चात आयोजित खुली चर्चा सत्र में छात्राओं ने पौधारोपण एवं अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित अपनी जिज्ञासाएँ एवं समस्याएँ प्रस्तुत कीं, जिनका समाधान विशेषज्ञों एवं प्राध्यापकों द्वारा किया गया। इस सत्र में श्रीमती चेतना सहल, प्रो. निधि माथुर, डॉ. दिलीप पंवार एवं डॉ. शीबा हैदर ने अपने विचार साझा करते हुए छात्राओं के प्रश्नों के उत्तर दिए। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के संकाय सदस्यों, स्टाफ एवं छात्राओं ने सामूहिक रूप से पृथ्वी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु शपथ ली और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने का संकल्प व्यक्त किया। इस कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती अनीता कटारा एवं समन्वयक डॉ. बचन सिंह रहे। कार्यशाला का सफल संचालन डॉ. राज कुमार बैरवा द्वारा किया गया।

    जागरूकता समारोह का आयोजन, पर्यावरण के प्रति किया जागरूक

    विश्व पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन जयपुर। बियानी गर्ल्स कॉलेज की एनएसएस इकाइयों तथा बिसलेरी इन्टरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बियानी कैंपस में पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक रीसाइक्लिंग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी, सीए साक्षी बियानी सहित सभी फैकल्टी सदस्यों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर पर्यावरण एवं प्रकृति विषय पर भाषण प्रतियोगिता तथा “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बिसलेरी संस्था की प्रतिनिधि मिस विनी ने प्लास्टिक रीसाइक्लिंग पर एक जानकारीपूर्ण सत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में मिस मालती सक्सेना, डॉ. कनुप्रिया शर्मा, मिस राखी तथा डॉ. रमाकांत गौतम ने विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए। साथ ही सभी को पर्यावरण एवं पृथ्वी संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई गई।

    जागरूकता समारोह का आयोजन

    विश्व पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन   जयपुर। बियानी गर्ल्स कॉलेज की एनएसएस इकाइयों तथा बिसलेरी इन्टरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बियानी कैंपस में पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक रीसाइक्लिंग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।   कार्यक्रम में असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी, सीए साक्षी बियानी सहित सभी फैकल्टी सदस्यों की उपस्थिति रही।   इस अवसर पर पर्यावरण एवं प्रकृति विषय पर भाषण प्रतियोगिता तथा “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बिसलेरी संस्था की प्रतिनिधि मिस विनी ने प्लास्टिक रीसाइक्लिंग पर एक जानकारीपूर्ण सत्र प्रस्तुत किया।   कार्यक्रम के अंत में मिस मालती सक्सेना, डॉ. कनुप्रिया शर्मा, मिस राखी तथा डॉ. रमाकांत गौतम ने विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए। साथ ही सभी को पर्यावरण एवं पृथ्वी संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई गई।

    शिक्षा और टेक्नोलॉजी के संगम पर केंद्रित कॉलेज का शोर सबमिट का हुआ आयोजन

    शिक्षा और टेक्नोलॉजी के संगम पर केंद्रित कॉलेज फॉर श्योर समिट का हुआ सफल आयोजन   30+ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की भागीदारी, वैश्विक अवसरों, नई पहल और तकनीक आधारित करियर मार्गदर्शन पर रहा फोकस   जयपुर। शिक्षा और करियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में उभरते नए आयामों के बीच, श्योरपाथ एडटेक द्वारा आयोजित ‘कॉलेज फॉर श्योर’ समिट 2026 जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जयपुर के प्रतिष्ठित जयपुर मैरियट होटल में आयोजित इस समिट ने छात्रों और अभिभावकों को एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहाँ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों, विशेषज्ञों और करियर मार्गदर्शकों से सीधे संवाद संभव हो सका। 30 से अधिक प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक और प्रभावशाली बनाया।   समिट के दौरान छात्रों को इंजीनियरिंग, लॉ, मैनेजमेंट, डिज़ाइन सहित विभिन्न क्षेत्रों के पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने छात्रों और अभिभावकों से सीधे संवाद करते हुए प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति, करियर संभावनाओं और शैक्षणिक उत्कृष्टता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।   समिट की एक प्रमुख विशेषता अमेरिका के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ सैन डिएगो सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की सक्रिय भागीदारी रही। इन संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विदेशी शिक्षा से जुड़े अवसरों, छात्रवृत्तियों, आवेदन प्रक्रिया और छात्र वीज़ा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। इस वैश्विक उपस्थिति ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया और स्थानीय छात्रों को अपने ही शहर में विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थानों से जुड़ने का अवसर मिला।   कार्यक्रम के दौरान आईआईएम उदयपुर द्वारा एक नए प्रोग्राम का औपचारिक अनावरण भी किया गया, जिसने छात्रों के बीच विशेष उत्साह पैदा किया। आईआईएम उदयपुर के प्रतिनिधि श्री सौरभ गुप्ता ने इस प्रोग्राम की विशेषताओं और इससे मिलने वाले करियर अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी।   समिट की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि एक अभिनव, निःशुल्क एआई-आधारित करियर काउंसलिंग टूल ‘क्लेरियो’ का शुभारंभ रहा। यह टूल विशेष रूप से कक्षा 10, 12 एवं स्नातक के बाद अपने करियर को लेकर स्पष्टता प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए विकसित किया गया है। इस संदर्भ में डॉ. कॉलिन रोज़, डायरेक्टर, सिम्बायोसिस स्किल यूनिवर्सिटी, पुणे ने पैनल चर्चा के दौरान बताया कि इस प्रकार के तकनीक-आधारित समाधान करियर मार्गदर्शन को अधिक सुलभ और समावेशी बनाते हैं, जिससे हर छात्र को उसकी रुचि, योग्यता और आकांक्षाओं के अनुरूप व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिल सके।   समिट का एक प्रमुख आकर्षण पैनल चर्चा रही, जिसका विषय ‘रीडिफाइनिंग एजुकेशन थ्रू टेक्नोलॉजी: ऑपर्च्युनिटीज एंड चैलेंजेज’ रहा। इस सत्र का संचालन श्योरपाथ एडटेक के संस्थापक  कपिल दीक्षित ने किया। पैनल में  सौरभ गुप्ता (आईआईएम उदयपुर),  राहुल गुप्ता (टाइम जयपुर), प्रोफेसर अनिरुद्ध (मुंजाल यूनिवर्सिटी), डॉ. निरज मंके (डीन, बेनेट यूनिवर्सिटी) एवं डॉ. कैल्विन रोज़ (सिम्बायोसिस स्किल यूनिवर्सिटी, पुणे) शामिल रहे। चर्चा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लर्निंग, उद्योग और शिक्षा के बीच अंतराल तथा भविष्य की कौशल आवश्यकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पैनलिस्ट्स ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि तकनीक शिक्षा को अधिक सुलभ और व्यक्तिगत बनाने में सक्षम है, हालांकि शिक्षक की मानवीय भूमिका का कोई विकल्प नहीं हो सकता।   कार्यक्रम में काउंसलिंग सत्रों के साथ-साथ क्विज़ प्रतियोगिता और स्पिन-ए-व्हील जैसी इंटरैक्टिव गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसने छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की और पूरे आयोजन को ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ रोचक भी बनाया।   *‘श्योरपाथ एडटेक’ के बारे में:*   ‘श्योरपाथ एडटेक’ एक अग्रणी शिक्षा परामर्श एवं करियर गाइडिंग संस्था है, जो विद्यार्थियों को उनके एजुकेशनल और प्रोफेशनल लक्ष्य पाने में सहायता करती है। कपिल दीक्षित के नेतृत्व में संस्था द्वारा निरंतर ऐसे आयोजन किए जाते हैं जहाँ छात्र और शैक्षणिक संस्थान एक-दूसरे से प्रभावी रूप से जुड़ सकें। ‘कॉलेज फॉर श्योर’ इसी विज़न का एक सशक्त उदाहरण है।

    सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, एकाग्र अध्ययन ही प्रगति का आधार: डॉ. आर.एस. बारेठ

    इग्नू का एसएसजी पारीक पीजी कॉलेज आफ एजुकेशन के अध्ययन केंद्र 23198 पर अंबेडकर को लेकर व्याख्यान का आयोजन जयपुर। बनीपार्क स्थित एसएसजी पारीक पीजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के इग्नू अध्ययन केंद्र 23198 पर एक विशेष व्याख्यान हुआ. जिसका विषय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन दर्शन और आधुनिक युग में शिक्षा की महत्ता पर गंभीर चर्चा था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर के पूर्व कुलपति डॉ. आर.एस. बारेठ ने विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने के मूल मंत्र दिए। पुस्तकों से दूरी और टेक्नोलॉजी पर निर्भरता चिंताजनक अपने संबोधन में आर.एस. बारेठ ने वर्तमान पीढ़ी की अध्ययन आदतों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी पुस्तकालयों और मौलिक अध्ययन से दूर होकर पूरी तरह टेक्नोलॉजी पर निर्भर होता जा रहा है। बारेठ के अनुसार, "तकनीक से सूचनाएं तो प्राप्त की जा सकती हैं, लेकिन बौद्धिक विकास और ज्ञान की गहराई केवल पुस्तकों के गहन अध्ययन से ही संभव है।" उन्होंने विद्यार्थियों को सचेत करते हुए कहा कि दिमाग केवल पढ़ने और सोचने से ही विकसित होता है। यदि विद्यार्थी लाइब्रेरी और स्वाध्याय से दूरी बनाएंगे, तो वे केवल सतही जानकारी तक सीमित रह जाएंगे। संविधान और अंबेडकर के जीवन से सीख डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन और भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बारेठ ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और शिक्षा को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सफलता के लिए कोई 'शॉर्टकट' नहीं होता; इसके लिए कठोर परिश्रम और धैर्य अनिवार्य है। कार्यक्रम में उपस्थित इग्नू रीजनल सेंटर की सीनियर रीजनल डायरेक्टर डॉ. ममता भाटिया ने भी निरंतर कौशल विकास को करियर के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में खुद को अपडेट रखना ही आगे बढ़ने का एकमात्र मार्ग है।इस दौरान इग्नू के असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर डॉ. राममूर्ति मीणा ने कहा कि अंबेडकर के जीवन से आप सभी को प्रेरणा लेने की जरूरत है क्योंकि डॉ आंबेडकर के जीवन में कई रहस्य छुपे हैं जिनसे की जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है  संस्थान की प्राचार्य प्रमिला दुबे ने सभी विद्वानों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें अकादमिक सहायता प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने डॉ. बारेठ के सुझावों को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मिल का पत्थर बताया। कार्यक्रम के प्रारंभ में इग्नू के डॉ. रामभजन कुमावत ने सभी आगंतुक अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय से जुड़े हुए शिक्षक और इग्नू के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

    सफलता का मार्ग: इग्नू के विकल्पों का सही चुनाव और व्यवस्थित अध्ययन ही उन्नति की कुंजी

    इग्नू इंडक्शन मीटिंग संपन्न:  जयपुर।बनी पार्क स्थित एसएसजी पारीक पीजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के इग्नू अध्ययन केंद्र (एनएससी 23198) पर बुधवार को नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए एक वृहद इंडक्शन मीटिंग का आयोजन किया गया। इस सत्र में विशेषज्ञों ने दूरस्थ शिक्षा की बारीकियों और शैक्षणिक सफलता के रणनीतिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। सटीक जानकारी और सही चयन से मिलेगी सफलता: राममूर्ति असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर डॉ. राममूर्ति मीणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इग्नू में पढ़ाई के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं, लेकिन सफलता तभी संभव है जब विद्यार्थी सही जानकारी के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने विस्तार से समझाते हुए कहा कि विद्यार्थी केवल परीक्षा के समय न पढ़कर नियमित रूप से सामग्री का अवलोकन करें। असाइनमेंट केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि सीखने का आधार हैं। इन्हें स्वयं तैयार करने से विषय पर पकड़ मजबूत होती है। इग्नू की वेबसाइट पर उपलब्ध 'ई-ज्ञानकोष' और पुराने प्रश्न पत्रों का विश्लेषण सफलता के प्रतिशत को बढ़ा सकता है। उन्होंने समय पर असाइनमेंट जमा करने को अकादमिक अनुशासन का हिस्सा बताया।   कौशल विकास ही करियर का एकमात्र विकल्प: डॉ.  ममता भाटिया मुख्य अतिथि और सीनियर रीजनल डायरेक्टर डॉ.  ममता भाटिया ने सफलता के मंत्र साझा करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि इग्नू के रोजगारपरक कोर्सेज कामकाजी पेशेवरों के लिए अपनी स्किल्स अपग्रेड करने का बेहतरीन माध्यम हैं।जो विद्यार्थी नियमित कोर्सेज के साथ इग्नू से जुड़ रहे हैं, वे बाजार की मांग के अनुरूप खुद को तैयार कर रहे हैं।  शिक्षा और तकनीक का समन्वय जरूरी:डॉ.   प्रमिला दुबे कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रमिला दुबे ने आधुनिक दौर में तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों को परंपरागत पढ़ाई के साथ-साथ डिजिटल संसाधनों के उपयोग में भी कुशल होना चाहिए। कॉलेज में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं और शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि अध्ययन केंद्र विद्यार्थियों की हर जिज्ञासा के समाधान के लिए सदैव तत्पर है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रामभजन कुमावत ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विद्यार्थियों को इग्नू की प्रशासनिक प्रक्रियाओं से परिचित कराया।  इस मीटिंग में बड़ी संख्या में विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सत्र के अंत में विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया गया, जिससे उन्हें अपने पाठ्यक्रम की संरचना और भविष्य की संभावनाओं को समझने में मदद मिली। अंत में संस्थान द्वारा सभी वक्ताओं और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया।