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    सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, निवेशकों और खरीदारों की नजर बाजार पर

    7 hours ago

    Yugcharan News / 23 May 2026

    देशभर में सोने की कीमतों में इस सप्ताह लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अंतरराष्ट्रीय तनाव और डॉलर की चाल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी के दाम प्रभावित हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है, जिसके चलते निवेशकों और आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

    हालिया बाजार आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी ब्रांड्स के अनुसार बदलाव दर्ज किया गया। कई बड़े ज्वेलरी रिटेलर्स ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए अपने रेट्स में संशोधन किया है।

    वैश्विक हालात का असर भारतीय बाजार पर

    विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय बाजार में सोने की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं का भी बड़ा प्रभाव पड़ता है।

    हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ती रुचि ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। जब भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल का सीधा असर भारत के सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिलता है।

    विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीतियों को लेकर जारी अटकलों ने भी सोने की कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों की स्थिति पैदा की है। डॉलर मजबूत होने पर अक्सर सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है, जबकि वैश्विक जोखिम बढ़ने पर सोना फिर से मजबूत होता दिखाई देता है।

    22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड के दामों में बदलाव

    सर्राफा बाजार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस सप्ताह 22 कैरेट सोने के दाम कई शहरों में लगभग ₹14,600 से ₹14,700 प्रति ग्राम के आसपास बने रहे, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत इससे अधिक दर्ज की गई। हालांकि शहर, टैक्स और मेकिंग चार्ज के आधार पर कीमतों में अंतर देखने को मिला।

    भारतीय बुलियन एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी दरों में भी विभिन्न कैरेट श्रेणियों के अनुसार बदलाव दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी अंतरराष्ट्रीय हलचल भी भारतीय बाजार में प्रति ग्राम कीमत पर असर डालती है।

    चांदी की कीमतों में भी तेज हलचल

    सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी इस सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। बाजार जानकारों का मानना है कि चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग और कमोडिटी बाजार की चाल से ज्यादा प्रभावित होती हैं।

    कुछ कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि बाद में बाजार में आंशिक सुधार भी देखा गया। निवेशकों का मानना है कि चांदी में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में अधिक देखने को मिलता है।

    खरीदारों को सतर्क रहने की सलाह

    विशेषज्ञों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि आभूषण खरीदने से पहले विभिन्न शहरों और ज्वेलरी ब्रांड्स के रेट्स की तुलना जरूर करें। स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्किंग शुल्क के कारण एक ही दिन में अलग-अलग दुकानों पर कीमतों में अंतर हो सकता है।

    इसके साथ ही ग्राहकों को हॉलमार्क प्रमाणित आभूषण खरीदने और बिल लेना सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई है। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि सोने की बढ़ती कीमतों के बीच नकली या बिना प्रमाणित उत्पादों का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे में केवल विश्वसनीय और अधिकृत विक्रेताओं से खरीदारी करना सुरक्षित माना जाता है।

    निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है सोना

    बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कई निवेशक अब भी सोने को दीर्घकालिक सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई के दौर में सोना निवेश पोर्टफोलियो को संतुलित रखने में मदद करता है।

    हालांकि वित्तीय विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि केवल अल्पकालिक तेजी देखकर निवेश निर्णय नहीं लेने चाहिए। निवेशकों को अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम क्षमता और दीर्घकालिक योजनाओं को ध्यान में रखते हुए ही सोने में निवेश करना चाहिए।

    ऑनलाइन निवेश मंचों और सोशल मीडिया पर भी हाल के दिनों में सोने की खरीद, एक्सचेंज और निवेश रणनीतियों को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं। कई उपभोक्ताओं ने ज्वेलरी एक्सचेंज, कटौती और मेकिंग चार्ज से जुड़े अपने अनुभव साझा किए हैं।

    आने वाले दिनों में बनी रह सकती है अस्थिरता

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक घटनाओं से प्रभावित होती रहेंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ता है या डॉलर में बड़ी हलचल होती है, तो भारतीय बाजार में भी कीमतों में बदलाव तेज हो सकता है।

    इस बीच निवेशकों और खरीदारों की नजर अब आगामी आर्थिक संकेतकों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों पर बनी हुई है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में बाजार काफी संवेदनशील बना हुआ है और कीमतों में रोजाना बदलाव देखने को मिल सकता है।

     
     
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