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    20 साल से फरार उम्रकैद का दोषी दिल्ली से गिरफ्तार, सिक्योरिटी गार्ड बनकर छिपा था

    4 hours ago

    युगचरण न्यूज़ / 07 जुलाई 2026

    करीब दो दशक से फरार चल रहे हत्या के एक दोषी को आखिरकार पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी पहचान बदलकर और साधारण जीवन जीकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था। वह दिल्ली के मंडावली क्षेत्र के चंदर विहार में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था। लंबे समय तक तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और कई राज्यों में तलाश अभियान चलाने के बाद पुलिस को उसे पकड़ने में सफलता मिली।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति 47 वर्ष का है और मूल रूप से दिल्ली के पांडव नगर क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है। उस पर वर्ष 2001 में अपनी महिला मित्र की कथित रूप से गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था और अदालत में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई चली। वर्ष 2002 में निचली अदालत ने उसे हत्या और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामलों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी तथा आर्थिक दंड भी लगाया गया था।

    बाद में आरोपी ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान उसे वर्ष 2006 में जमानत मिल गई, लेकिन इसके बाद वह अदालत में पेश होना बंद कर दिया और फरार हो गया। बाद में उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज होने के बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

    फरीदाबाद पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदल ली थी। उसने दाढ़ी और लंबे बाल रख लिए थे, सोशल मीडिया और स्मार्टफोन का उपयोग लगभग पूरी तरह बंद कर दिया था तथा कम प्रोफाइल वाली नौकरियां करके अपना जीवन व्यतीत कर रहा था। पुलिस का कहना है कि यही वजह रही कि वह इतने वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा।

    मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम पिछले लगभग एक वर्ष से आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगभग 35 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। रिश्तेदारों और परिचितों से जुड़ी सूचनाओं का विश्लेषण किया गया तथा विभिन्न तकनीकी और मानवीय स्रोतों से जानकारी जुटाई गई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद दिल्ली के चंदर विहार इलाके में कई दिनों तक निगरानी रखी गई। लगभग 15 दिनों तक लगातार नजर रखने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी ने कथित रूप से पुलिस से पूछा कि वे आखिर उसके तक कैसे पहुंच गए। इसके बाद उसकी पहचान पुराने रिकॉर्ड और तस्वीरों से मिलान कर पुष्टि की गई। साथ ही मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर भी उसकी पहचान सत्यापित की गई।

    फरीदाबाद पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि आरोपी जमानत मिलने के बाद कुछ समय तक अपने पुराने पते पर रहा, लेकिन बाद में उसने ठिकाना बदल लिया। अदालत में लगातार गैरहाजिर रहने के बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन वह लंबे समय तक पुलिस की पहुंच से बाहर रहा।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि अब वह निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पूरी करेगा।

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी में पारंपरिक खुफिया तंत्र और आधुनिक निगरानी तकनीकों का संयुक्त उपयोग महत्वपूर्ण साबित हुआ। लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद आरोपी अंततः कानून के शिकंजे से बच नहीं सका।

    फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि अदालत के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा मामले से जुड़े सभी अभिलेखों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

     
     
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