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    ALLEN Tops Again... ALL India Rank 1 फैकल्टीज की गाइडेंस फॉलो करना ही सक्सेस मंत्र : कबीर छिल्लर

    जेईई मेन : ऑल इंडिया रैंक 1 पिता : मोहित छिल्लर (आईआईटीयन) माता : प्रियंका छिल्लर (प्राइवेट टीचर) जन्मतिथिः 30 जुलाई 2008 एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई मेन सेशन-1 में परफेक्ट स्कोर 300 में से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। सेशन-2 की परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है। पिछले दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है। कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कबीर इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं। कबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है। क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं। हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया। मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं। नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का डीपली एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है। रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही। पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में बांटा, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया। गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था। मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है। भविष्य को लेकर मेरा लक्ष्य स्पष्ट है। आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वर्ल्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता हूं।

    लापरवाही की शिकायत पर दो ग्राम विकास अधिकारियों को 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश’

    पंचायती राज विभाग के शासन सचिव ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण- जयपुर। पंचायती राज विभाग के शासन सचिव डॉ.जोगाराम ने सोमवार को सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) स्टेट कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर आमजन से सीधे संवाद किया तथा शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।    निरीक्षण के दौरान शासन सचिव ने हेल्पलाइन पर परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने उनके समक्ष प्रस्तुत 24 शिकायतों में से 11 शिकायतों पर सीधे परिवादियों से संवाद किया। इन शिकायतों में 2 में परिवादियों ने संतुष्टि जाहिर की। शेष शिकायतों को उन्होंने रिओपन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।    सीकर के फतेहपुर पंचायत समिति के नबीपुरा गांव के परिवादी श्री राम प्रताप ने साफ सफाई के संबंध में परिवाद दर्ज करवाया था, लेकिन गांव में नियमित साफ सफाई न होने और परिवादी के संतुष्ट न होने के कारण शासन सचिव ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश प्रदान किए।   इसी प्रकार टोंक जिले की उनियारा पंचायत समिति के सेदरी गुजरान, मोहम्मद पुरा गांव के किशन लाल को उनके मकान का पट्टा एक साल पूर्व आवेदन करने के उपरांत भी जारी नहीं करने के कारण संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश प्रदान किए गए।   संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में विभाग से संबंधित कुल 2,93,802 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 2,80,996 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जो 95.64 प्रतिशत है।    निरीक्षण के दौरान डॉ.जोगाराम ने हेल्पलाइन 181 में कार्यरत अधिकारियों को लंबित व क्रिटिकल फेस वाली शिकायतों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को एसएमएस/ व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने के निर्देश भी दिए ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के शासन सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर विभाग के राज्य नोडल अधिकारी श्री राम चंद्र सैनी, सहायक आयुक्त भी उपस्थित रहे।  

    बजट सहित विभिन्न योजनाओं का कार्य तय समयावधि में हो पूर्ण -निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग

    जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग निदेशक ललित कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा सहित विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाएं तय समयावधि और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ पूर्ण हों। उन्होंने लंबित कार्यों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए।    ललित कुमार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुख्यालय 'अम्बेडकर भवन' के सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ बजट घोषणा वर्ष 24-25, 25-26 और 26-27 की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने 24 से 26 अप्रेल को चंडीगढ़ में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित चिंतन शिविर से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की।   निदेशक ने कहा कि वर्ष 2024-25 की कुल 26 बजट घोषणाओं में से 14 पूर्ण हो चुकी हैं, 12 प्रगतिरत हैं। वर्ष 25-26 की 15 घोषणाओं में से 9 पूर्ण हो चुकी हैं, 6 प्रगतिरत है। वर्ष 2026-27 की 9 घोषणाओं में से 1 पूर्ण हो चुकी है, जबकि 8 प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।    बैठक में अतिरिक्त निदेशक श्रीमती नसीम खान, रामेश्वर लाल परसोया, ओपी मीणा, सुण्डाराम मीना, श्रीमती रीना शर्मा, अशोक कुमार जांगिड़, अरविन्द कुमार सैनी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

    सदाचार व टीम भावना करें कार्य - आबकारी आयुक्त राजस्थान आबकारी सेवा संघ ने आबकारी आयुक्त से की शिष्टाचार भेंट

    जयपुर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि कार्य के प्रति सदाचार रखते हुए विभागीय वित्तिय, निरोधात्मक लक्ष्यों को टीम भावना से पूर्ण किया जाना चाहिए। प्रदेश में प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाहियों करते हुए इनकी संख्या में वृद्धि की जानी चाहिए। आबकारी आयुक्त मेहता सोमवार को आबकारी सभागार में राजस्थान आबकारी सेवा संघ के पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राजस्थान आबकारी सेवा संघ का स्वागत व अभिनन्दन करने पर आभार प्रकट किया।   इससे पूर्व राजस्थान आबकारी सेवा संघ के पदाधिकारियों ने आबकारी आयुक्त नमित मेहता से शिष्टाचार भेंट करते हुए उनको आबकारी आयुक्त का पदभार ग्रहण करने की शुभकामनाएं प्रदान की। राजस्थान आबकारी सेवा संघ के पदाधिकारियों ने आबकारी आयुक्त को भरोसा दिलाया कि वे सभी एकजुट होकर समस्त विभागीय लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस मौके पर संघ के पदाधिकारियों ने आबकारी आयुक्त को विभागीय डीपीसी, पदोन्नति, ग्रेड पे सहित मांगों का मांग पत्र भी सौंपा। इस पर आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने समस्त मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। इस अवसर पर राजस्थान आबकारी सेवा संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार, महासचिव अशोक कुमार डिडेल, सहित पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

    पुष्कर घाटी बस हादसा- विधानसभा अध्यक्ष ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से की मुलाकात, राहत एवं उपचार के दिए निर्देश

    जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पुष्कर घाटी में रविवार को हुए दर्दनाक बस हादसे पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से दूरभाष पर चर्चा कर हादसे की स्थिति, घायलों की संख्या, उपचार व्यवस्थाओं तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।    देवनानी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को तत्काल, समुचित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इस दौरान देवनानी ने घायलों के परिजनों से भी मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों के साथ खड़ा है।    

    लोकसभा अध्यक्ष ने किए जोगणिया माता के दर्शन, विवाह सम्मेलन में नवदम्पत्तियों को दिया आशीर्वाद

    जयपुर। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चित्तौड़गढ़ जिले के प्रवास के दौरान सोमवार को प्रख्यात धार्मिक स्थल जोगणिया माता मंदिर में पहुंचकर दर्शन किए एवं विधिवत पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। लोकसभा अध्यक्ष ने आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सहभागिता करते हुए नवविवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने नवदम्पत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए समाज में एकता, संस्कार एवं पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया।

    मंडियों से गेहूं का समय पर उठाव सुनिश्चित करें— एफसीआई कोटा संभाग में रोटेशन के आधार पर रेक लगाएं-ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

    जयपुर। ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने कोटा की भामाशाह मंडी में एफसीआई द्वारा 80 हजार कट्टे प्रतिदिन एमएसपी पर गेहूं की तुलाई की व्यवस्था करने करने के निर्देश दिए हैं।  उन्होंने गेहूं खरीद की गति बढ़ाने और समय पर उठाव भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि रजिस्ट्रेशन कर चुके सभी किसानों से खरीद की जा सके। उन्होंने गेहूं का उठाव बढ़ाने के लिए रेक लगाने का कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।  नागर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की वर्तमान स्थिति की सोमवार को कोटा सर्किट हाउस में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बार बुआई अधिक होने से गेहूं का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। ऐसे में कोटा संभाग में लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीद की तैयारियां अभी से रखी जाएं। उन्होंने एफसीआई के गोदामों में गाड़ियां खाली करने की गति बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि मंडियों से समय पर गेहूं का उठाव हो सके। ऊर्जा राज्य मंत्री ने बैठक के दौरान ही एफसीआई के जीएम राजेश चौधरी से वार्ता कर गोदामों में गाड़ियां अनलोड करने की गति बढ़ाने, अतिरिक्त मजदूरों की व्यवस्था करने और बड़ी मंडियों से गेहूं के उठाव के लिए कोटा संभाग में रोटेशन के आधार पर रेक लगाने को कहा ताकि खरीद केन्द्रों पर गेहूं के ढेर न लगें। उन्होंने कहा कि स्टोरेज पर्याप्त नहीं होने पर मंडियों एवं क्रय केन्द्रों पर गेहूं की खरीद प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बैठक में उपस्थित एफसीआई अधिकारियों से गोदामों में प्रतिदिन खाली होने वाली गाड़ियों की संख्या के बारे में जानकारी ली। ऊर्जा राज्य मंत्री ने राजफैड, तिलम संघ एवं अन्य खरीद एजेंसियों द्वारा अब तक की गई समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के बारे में जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने भुगतान व्यवस्था के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि किसानों को रजिस्ट्रेशन के अनुपात में कूपन जारी किए जाएं ताकि वे समय पर तुलाई के लिए क्रय केन्द्रों एवं मंडियों में पहुंच सकें। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर सहकारिता विभाग के गोदामों को भी किराए पर लेने के निर्देश दिए।  नागर ने एफसीआई द्वारा क्रय केन्द्रों पर भेजे गए बारदाना की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया, एडीएम प्रशासन वीरेन्द्र सिंह यादव, सांगोद प्रधान जयवीर सिंह, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, डीएसओ कुशाल बिलाला, सहकारिता विभाग से बलविंदर सिंह गिल सहित एफसीआई, राजफैड, तिलमसंघ के अधिकारी उपस्थित थे।

    सुबोध कॉलेज में रेड रिबन क्लब की एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित

    एस. एस. जैन सुबोध पी.जी. कॉलेज, एवं एस एस जैन सुबोध कॉमर्स एंड आर्ट्स महाविद्यालय जयपुर के तत्वाधान में सोमवार को राजस्थान राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (RSACS) के सहयोग से Creating Awareness, Inspiring Charge, Saving Lives विषय पर एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के परियोजना निदेशक डॉ. सुशील कुमार परमार रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आरआरसी के संयुक्त निदेशक श्री प्रदीप चौधरी, आरआरसी की सहायक निदेशक सुश्री गरिमा उपस्थित रहीं। महाविद्यालय प्राचार्या प्रो.(डाॅ.) रेणु जोशी ने स्वागत उद्बोधन दिया और ऐसे कार्यक्रमों की प्रासंगिकता का उल्लेख किया। वर्तमान में इस ज्वलंत विषय पर सबको जागरूक होने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्राचार्या जी ने HIV AIDS जागरूकता हेतु महाविद्यालय में संपन्न किए गए कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एचआईवी,एड्स, रक्तदान एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव का वाहक बनने के लिए प्रशिक्षित करना था। डॉ. सुशील कुमार परमार ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति ही देश को एड्स मुक्त बना सकती है। उन्होंने सभी संकाय सदस्यों से भ्रांतियों को दूर कर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। श्री प्रदीप कुमार जी ने रेड रिबन क्लब की भूमिका एवं पीयर एजुकेटर के महत्व पर प्रकाश डाला।सुश्री गरिमा ने भी रेड रिबन प्रभारियों को संबोधित कर रक्तदान एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यशाला में जयपुर जिले के लगभग 75 महाविद्यालयों के नवनियुक्त रेड रिबन प्रभारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा एचआईवी एड्स के कारण, बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। आरआरसी जयपुर के डिप्टी डायरेक्टर सीताराम यादव ने भी रेड रिबन क्लब के गठन से संबंधित बारीकियां को प्रस्तुत किया। मोटिवेशनल और पॉजिटिव स्पीकर बृजेश दुबे ने एड्स संक्रमण से होने वाली भ्रांतियां को दूर कर इस संबंध में सकारात्मक उद्बोधन दिया। कार्यक्रम कार्यक्रम के अंत में आरसी कोऑर्डिनेटर डॉ यशोदा सैनी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

    भारतीय कम्पनी सचिव संस्थान अजमेर चैप्टर ने “आरोहन – उदय, सुधार और नेतृत्व” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया

    इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के एनआईआरसी के अजमेर चैप्टर ने सोमवार, 20 अप्रैल, 2026 को अजमेर के होटल रॉयल मेलेंज में “आरोहन – उदय, सुधार और नेतृत्व” विषय पर सफलतापूर्वक सेमिनार का आयोजन किया। संस्थान के सचिव प्रिंस शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता अजमेर चैप्टर के अध्यक्ष सीएस सुनील कुमार शर्मा ने की l अजमेर चैप्टर के अध्यक्ष सीएस सुनील कुमार शर्मा ने सभी अतिथ्यों का गरमजोशी से स्वागत किया l इस कार्यक्रम में आईसीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएस पवन जी चांडक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अजमेर दौरे के दौरान उन्होंने पूर्व अध्यक्षों, समिति सदस्यों और पेशेवरों से बातचीत की और अजमेर चैप्टर का दौरा भी किया। अपने संबोधन में सीएस चांडक ने आईसीएसआई के भविष्य के रोडमैप पर अंतर्दृष्टिपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी के एकीकरण और आगामी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेष जोर दिया गया। उन्होंने सदस्यों को बदलते पेशेवर परिदृश्य में प्रासंगिक बने रहने के लिए अपने ज्ञान को निरंतर अद्यतन करने और तकनीकी प्रगति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। सेमिनार में केंद्रीय परिषद सदस्य सीएस मनोज पुरबे और एनआईआरसी के सचिव सीएस राहुल शर्मा की उपस्थिति से शोभा बढ़ी, जिन्होंने प्रतिभागियों के साथ अपने बहुमूल्य विचार और मार्गदर्शन साझा किए। कार्यक्रम का संचालन अजमेर चैप्टर के अध्यक्ष सीएस सुनील कुमार शर्मा और अजमेर चैप्टर के सचिव सीएस प्रिंस शर्मा के नेतृत्व में प्रबंध समिति के सदस्यों के सक्रिय सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अध्यक्ष के साथ संवादात्मक सत्र था, जहां सदस्यों और छात्रों को सीधे बातचीत करने और जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। तकनीकी सत्र कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सीएस अमृता ओझा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने "अनुपालन से परे: अंतर्दृष्टि, प्रभाव और परिणाम के साथ नेतृत्व" विषय पर बात की और कंपनी सचिवों की पारंपरिक अनुपालन कार्यों से परे विकसित हो रही भूमिका पर बहुमूल्य दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। सेमिनार में वरिष्ठ सदस्यों, पेशेवरों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का सफल समापन हुआ और इसने ज्ञान साझा करने, पेशेवर विकास और नेटवर्किंग के लिए एक मंच प्रदान किया। कार्यक्रम में अजमेर चैप्टर से कमेटी सदस्य के साथ सहित अन्य सदस्य एवं छात्र उपस्थित रहें।

    राष्ट्रीय स्कूल गेम्स- एसजीएफआई में ओजस्व गजराज ने जीता रजत पदक

    ओजस्व गजराज ने 15 से 22 अप्रैल 2026 तक त्यागराज स्टेडियम दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल खेल,एसजीएफआई, में रजत पदक हासिल किया, जिससे वह सीबीएसई बोर्ड से राजस्थान से एकमात्र पदक विजेता बन गए। ओजस्व गजराज ने मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू में रजत पदक जीतकर एक बार फिर राजस्थान का नाम रोशन किया और एक इतिहास रचा।ओजस्व गजराज ने खेलो इंडिया नेशनल कलारीपेयट्टू चैम्पियनशिप मे रजत पदक जीत चुके है। दक्षिण भारत के एकाधिकार वाले खेल कलारीपेयट्टू में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले जयपुर के ओजस्व गजराज ने खेलो इंडिया नेशनल कलारीपेयट्टू लीग में रजत पदक जीतकर एक बार फिर राजस्थान का परचम लहराया । राजस्थान से ओजस्व गजराज एकमात्र खिलाड़ी है जिन्होंने पदक जीतकर इतिहास रचा। इससे पूर्व बिहार के गया में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में ओजस्व गजराज ने रजत पदक जीतकर राजस्थान का गौरव बढ़ाया । भारत सरकार के खेल एवं युवा मामलात मंत्रालय और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित खेलो इंडिया 2026 मार्शल आर्ट्स कलारीपेयट्टू में जयपुर के ओजस्व गजराज ने रजत पदक जीता है। जिसमें मदर ऑफ मार्शल आर्ट के नाम से जानी जाने वाली खेल *कलारीपेयट्टू* के चुवाडुगल प्रतिस्पर्धा में ओजस्व गजराज ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है ।ओजस्व 14 वर्ष के हैं तथा जूनियर ब्वॉयज कैटेगरी में उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। इस स्वर्णिम और ऐतिहासिक जीत का श्रेय ओजस्व गजराज ने अपने गुरु अशोक पारीक (अशोक स्पोर्ट्स अकादमी) तथा अपने माता-पिता डॉ सुमन मौर्य (प्रोफेसर, राजस्थान विश्वविद्यालय) तथा डॉ.जगदीश प्रसाद (उपनिदेशक, महिला अधिकारिता) को दिया ओजस्व गजराज पूर्व में भी कराटे एवं कलारीपेयट्टू की विभिन्न अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्पर्धा में 50 से अधिक पदक जीत कर देश व प्रदेश का गौरव बढ़ा चुके हैं। ओजस्व गजराज वॉरेन एकेडमी स्कूल के दसवीं छात्र हैं एवं कराटे में ब्लैक बेल्ट है ।

    ग्रीष्मावकाश अवकाशों कटौती के विरोध में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया

    जयपुर:/राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने शिविरा पंचांग 2026–27 में ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान द्वारा घोषित अवकाश में मनमानी कटौती को लेकर प्रदेश भर में शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताते हुए सोमवार जयपुर में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टरों जयपुर को ज्ञापन सौपा गया प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्म ने कहा की राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों व भीषण गर्मी को देखते हुए जून माह में विद्यालय खोलना पूर्णतया अव्यावहारिक है।  जिला महिला मंत्री रचना राठौड़ ने बताया की अधिकारियों द्वारा बिना नियम के अवकाश कटौती करने को अनुचित बताया उन्होंने कहा की शिक्षा विभाग द्वारा इस प्रकार के गलत व अव्यावहारिक निर्णय लिए जाने से सरकार की छवि भी धूमिल हुई है।संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने शिक्षकों को ग़ैर शैक्षणिक कार्यो में लगाए जाने का विरोध करते हुए विभिन्न प्रकार के अवकाशों में की गई कटौती को तत्काल दूर कर शिविरा कैलेंडर में संशोधन की मांग की हैं महिला सह संगठन मंत्री सुरेखा यादव ने बताया की संगठन के आह्वान पर मंगलवार को शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर आंदोलन का बिगुल बजा दिया गया हैं   द्वितीय चरण में सभी उपखंड अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया है   जिलाध्यक्ष कुलजीत सिंह एवं जिला मंत्री अमित मीणा ने बताया कि आज तृतीय चरण में 20 अप्रेल को जिला स्तर पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया । अगले चतुर्थ चरण में 18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन करते हुए विशाल शिक्षक रैली निकाली जाएगी    कलेक्ट्रेट सर्किल पर रैली निकालकर ज्ञापन में सम्मलित पदाधिकारी , सियाराम शर्मा नवीन कुमार शर्मा मुकेश कुमार मीणा राजेंद्र पारीक शिवराम शर्मा अमित कुमार मीणा ,दीपक खांडा , विभा शर्मा, मंजू मीणा, सुरेखा यादव, लक्ष्मी यादव,संगीता जैन,ओमकला राजबाला, सुनीता फुलवरिया सु,मन देवी राजेंद्र पारीक,क कुशाल तिवाड़ी, रामअवतार मीना, बृजेश शर्मा ,राजकुमारी शर्मा, दुलीचंद शर्मा, नेहा मीना, अनीता मीणा कल्पना शर्मा ,डेजी तिवाड़ी ,मंजू यादव, शशि वर्मा ,कल्पना मीणा अंजू मेहरा , सुमीता यादव, रेनू माहुर ,रंजन रहारिया ,महेश चंद्र मीणा ,राकेश कुमार शर्मा ,राधेश्याम मीणा, सत्यनारायण शर्मा ,वी एस राठौड़,कैलाश नारायण ,रामकुमार सांगवा ,कल्याण सिंह मीणा कोमल शर्मा ,महेश गोठवाल ,प्रताप सिंह चौहान, रामचंद्र सिंह, शिव शर्मा ,सचिन शर्मा ,रेखा बजाज, प्रियंका कपूर ,हेमंत कुमार जांगिड़ एवं संगठन के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा ग्राम तीतरिया में दवाओं के सही उपयोग पर जागरूकता अभियान आयोजित

    आज ग्राम तीतरिया पंचायत में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के फार्मेसी विभाग द्वारा दवाओं के प्रभाव एवं दुष्प्रभाव के संबंध में एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को दवाओं के सही उपयोग, उनके लाभ एवं संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान गाँव की महिलाओं, आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं तथा अन्य ग्रामीणों को एकत्रित कर उन्हें दवाओं के सेवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तारपूर्वक प्रदान की गईं। उपस्थित लोगों को बताया गया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है तथा इससे गंभीर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। साथ ही, दवाओं की निर्धारित मात्रा, समय एवं अवधि का पालन करने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।   यूनिवर्सिटी की ओर से इस अभियान में फार्मेसी विभाग के डीन डॉ राम गर्ग, अखिलेश गोयल एवं नरेंद्र कुमावत उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत तीतरिया के सरपंच महोदय एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।   डॉ राम गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि दवाओं का सेवन हमेशा योग्य चिकित्सक की सलाह से ही किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग के प्रति लोगों को सचेत करते हुए बताया कि अधूरी दवा लेने से रोग पूरी तरह ठीक नहीं होता और भविष्य में दवाओं का असर कम हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं दवा लेने से बचें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।   प्रेसिडेंट डॉ रश्मि जैन ने अपने संदेश में कहा कि दवाओं का सुरक्षित एवं सही उपयोग प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिना उचित जानकारी के दवा लेने से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए जागरूकता ही बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।   प्रो प्रेसिडेंट डॉ अंकित गांधी ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि सही जानकारी के अभाव में लोग अक्सर दवाओं का गलत उपयोग कर लेते हैं, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा। प्रो चेयरपर्सन डॉ अंशु सुराना ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सही जानकारी ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे दवाओं का उपयोग सोच-समझकर करें तथा किसी भी दवा के सेवन से पूर्व विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।