Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    राजस्थान का सबसे बड़ा साइंस डिपार्टमेंट बना जेईसीआरसी का 'स्कूल ऑफ साइंस'

    1 hour ago

    -राजस्थान का सबसे बड़ा साइंस डिपार्टमेंट बना जेईसीआरसी का 'स्कूल ऑफ साइंस' 

    -850 से अधिक रिसर्च पेपर और 100 से ज़्यादा किताबें पब्लिश करने वाली डेडिकेटेड फैकल्टी

    -ग्लोबल रिसर्च और एक्सपीरियंस्ड फैकल्टी के साथ जेईसीआरसी दे रहा साइंस एजुकेशन को नई दिशा

     जयपुर,

    साइंस एजुकेशन को ग्लोबल रिसर्च और इंडस्ट्री से जोड़ते हुए, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का स्कूल ऑफ साइंस लगातार आगे बढ़ा है और छात्रों के बढ़ते रुझान से आज राजस्थान का सबसे बड़ा साइंस डिपार्टमेंट बन चुका है। बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स, फॉरेंसिक साइंस, मैथेमेटिक्स, बॉटनी, जूलॉजी जैसे आठ अलग-अलग विभागों को एक जगह लाकर, यह स्कूल छात्रों को प्रैक्टिकल लर्निंग एनवायरनमेंट के साथ डाइवर्सिफाइड व कम्पलीट इकोसिस्टम प्रदान कर रहा है।

    इस प्रोग्रेस में सबसे अहम रोल यहाँ की फैकल्टी का है। डिपार्टमेंट के सभी टीचर्स पीएचडी होल्डर हैं, जिनके पास एवरेज 15 साल से अधिक का टीचिंग और रिसर्च एक्सपीरियंस है। टीचर्स की यह डेडिकेटेड टीम अब तक एससीआई, स्कोपस और यूजीसी केअर जैसे टॉप जर्नल्स में 850 से ज्यादा रिसर्च पेपर और जाने-माने इंटरनेशनल पब्लिशर्स के साथ 100 से अधिक किताबें भी पब्लिश कर चुकी है।

    रिसर्च फील्ड में भी डिपार्टमेंट की अप्रोच पूरी तरह प्रैक्टिकल और आउटकम-बेस्ड है। डीएसटी और डीबीटी जैसी सरकारी एजेंसियों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ग्रांट्स मिलना इसी रिसर्च कल्चर का नतीजा है। अब तक यहाँ से 45 से ज्यादा स्टूडेंट्स को पीएचडी अवार्ड की जा चुकी है।

    फैकल्टी का इंडिविजुअल कंट्रीब्यूशन भी इंस्पायरिंग है; मैथ्स के प्रो. जगदेव सिंह स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की टॉप 2% साइंटिस्ट्स की लिस्ट में अपनी जगह बना चुके हैं और रिसर्च.कॉम ने उन्हें देश में चौथी रैंक दी है। वहीं, प्रो. एकता मेंघनी को हाल ही में 'वूमेन इन एसटीईएम लीडरशिप अवॉर्ड' से नवाजा गया है।

    इसी कड़ी में, बायोटेक्नोलॉजी के स्टूडेंट्स जहां वियतनाम में इंटरनेशनल इंटर्नशिप कर रहे हैं, वहीं कई स्टूडेंट्स आईआईटी दिल्ली, कानपुर और सीएसआईआर जैसे टॉप इंस्टीट्यूट्स में अपने रिसर्च प्रोजेक्ट्स पूरे कर रहे हैं। ऑस्ट्रिया और मेक्सिको से आने वाले आईएईएसटीई इंटर्न्स भी यहाँ के इकोसिस्टम का हिस्सा बन रहे हैं, जिससे कैंपस में एक क्रॉस-कल्चरल और ग्लोबल एनवायरनमेंट बन रहा है।

    एकेडेमिक्स को और ज्यादा अपग्रेड करते हुए कैंपस में इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिज़िक्स (आईयूसीएए) को भी सेटअप किया गया है, ताकि यूथ को एस्ट्रोनॉमी के फील्ड में नया एक्सपोज़र मिले। साथ ही, रेगुलर बेसिस पर होने वाले हैकेथॉन व अन्य इवेंट्स स्टूडेंट्स को सीधे ग्लोबल इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से कनेक्ट करने का काम करते हैं।

    स्कूल की डीन प्रो. विधि दुबे का मानना है कि एजुकेशन का फोकस इस बात पर होना चाहिए कि हर स्टूडेंट साइंस को समझे और सोसाइटी की जरूरतों के हिसाब से इनोवेट करे।

    एक्सपीरियंस्ड फैकल्टी, एक्टिव रिसर्च और इंटरनेशनल एक्सपोजर का यह मॉडल जेईसीआरसी के स्कूल ऑफ साइंस को एजुकेशन सेक्टर में एक मजबूत और रिलायबल पहचान दे रहा है।

    Click here to Read More
    Previous Article
    ऑनलाइन आवंटन और नई प्रोसेसिंग यूनिट्स से चमकेगी राजस्थान डेयरी

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment