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    जेईसीआरसी में ‘इनोसेंस’: डिग्री नहीं, सच्ची शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्सव

    3 months ago

    जेईसीआरसी फाउंडेशन, जयपुर में आज “इनोसेंस" कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज के सामाजिक उत्तरदायित्व क्लब “जरूरत” द्वारा आयोजित किया गया। “जरूरत” क्लब वंचित एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है जरूरत में 5-13 वर्ष के बच्चे शामिल हैं, जेईआरसी अभ्युदय ने 10 लाख जिंदगियों पर प्रभाव डाला इनोसेंस 14 सालों से मनाया जा रहा है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

     

    कार्यक्रम में बच्चों के लिए तीन रचनात्मक कार्यशालाएँ भी आयोजित की गईं, पाईप क्लीनर फ्लॉवर्स, बच्चों ने रंग-बिरंगे पाईप क्लीनर से सुंदर फूल बनाना सीखा। इस वर्कशॉप का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मकता, हाथों की कुशलता और कल्पनाशक्ति को विकसित करना था। पेपर प्रिंटिंग तकनीक, इस वर्कशॉप में बच्चों को कागज पर प्रिंटिंग की विभिन्न तकनीकों से परिचित कराया गया। रंगों और पैटर्न्स का प्रयोग कर उन्होंने अनोखे डिज़ाइन बनाए। पॉटरी वर्कशॉप, में बच्चों ने मिट्टी से विभिन्न आकार और वस्तुएँ बनाना सीखा। यह गतिविधि धैर्य, एकाग्रता और सृजनात्मकता को बढ़ाने में सहायक रही। इन कार्यशालाओं ने बच्चों की सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और कौशल विकास को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान द्वितीय वर्ष के छात्र पियूष देवरा ने तनु जैन के सम्मान में एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की, जिसे सभी ने सराहा।

     

    इसके पश्चात एब्स्ट्रैक्ट आर्ट गतिविधि का आयोजन किया गया, जिसमें “ब्लू पेंटर मैन” के नाम से प्रसिद्ध शरद भारद्वाज ने कैनवास पर एब्स्ट्रैक्ट आर्ट प्रस्तुत किया। उन्होंने रात में 9.5 X 18 के कैनवास पर आउटलाइन बनाई जिसमे बच्चों ने दिन में रंग भरकर उसे और आकर्षित बनाया , उनके नाम दो लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं। आर्ट की प्रदर्शनी कलर बबल के साथ हुई। यह आयोजन न केवल शिक्षणात्मक रहा, बल्कि स्नेह और अपनत्व का भी प्रतीक बना। बलून लिफ्टिंग शो में मैस्कॉट्स भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों के साथ नृत्य कर वातावरण को उल्लासमय बना दिया। कार्यक्रम को और अधिक रंगीन बनाने के लिए बबल गन्स, पार्टी पॉपर्स और कंफेटी से ऑब्सट्रक्ट आर्ट को प्रदर्शित किया गया। 

     

    कार्यक्रम के दौरान पूर्व सिविल सर्वेंट तनु जैन जो एक प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर, लाइफ-स्किल्स मेंटर और यूथ गाइड के रूप में जानी जाती हैं। वे युवाओं को यह समझाती हैं कि सफलता केवल पद या डिग्री से नहीं, बल्कि मूल्यों और जिम्मेदारी से तय होती है। साथ ही यह भी बताया कि मनुष्य त्याग और परोपकार की भावना से युक्त होता है, जो उसे अन्य प्रजातियों से अलग करता है। अंत में तनु जैन ने विद्यार्थियों को तीन मंत्र बताए- सदैव सत्य बोलें, सभी का सम्मान करें, मोबाइल फोन का सीमित एवं सकारात्मक उपयोग करें।

    पदम श्री अवॉर्ड श्री

    प्रेम सिंह जी, एक समर्पित समाजसेवी एवं प्रेरक वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। वे शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में कहा कि गरीबी और बीमारी समाज की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिन्हें शिक्षा के माध्यम से दूर किया जा सकता है। उन्होंने 13,000 से अधिक कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास हेतु कार्य किया। उन्होंने कुष्ठ रोगियों के लिए बनाए गए 97 लॉज में से कई में सरकारी स्तर पर सुधार करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने “इनोसेंस, सरप्राइज और मिरेकल” को जीवन के तीन भाव बताए और कहा कि जो लोग समाज के लिए कार्य करते हैं, वही सदैव याद रखे जाते हैं।

     

    कार्यक्रम में जोधपुर से पधारीं बाल अधिकार कार्यकर्ता डॉ. कीर्ति भारती ने प्रेरक संबोधन दिया। उन्होंने बताया कि वे 53 बाल विवाह रुकवा चुकी हैं तथा 2200 से अधिक बाल विवाह समय रहते रुकवाने में सफल रही हैं। साथ ही 20,000 से अधिक लोगों को बाल विवाह के विरोध की शपथ दिला चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मात्र 12 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना सरनेम बदलकर “भारती” रखा, जिसका अर्थ है — भारत की बेटी। उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।

     

    अंत में आर्ट बैकड्रॉप के साथ गुडीज़ वितरित किए गए , “इनोसेंस” कार्यक्रम ने बच्चों के जीवन में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का संचार किया। 

    "जरूरत” क्लब का यह प्रयास समाज में शिक्षा के माध्यम से समान अवसर प्रदान करने की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण है। वंचित बच्चों को शिक्षा, मार्गदर्शन और प्रेरणा देकर यह पहल न केवल उनके भविष्य को उज्ज्वल बना रही है, बल्कि समाज में जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिकों के निर्माण में भी योगदान दे रही है।

    इनोसेंस, रेनेसाँ की शुरुवात है। हर साल रेनेसाँ से पहले इनोसेंस आयोजित किया जाता है। इस साल रेनेसाँ में बिस्मिल मुख्य आकर्षण रहेंगे। राजस्थान पवेलियन में कला प्रदर्शनियां और रचनात्मक प्रदर्शनियां होंगी।

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