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    तीन दिवसीय तकनीकी कार्यशाला एवं औद्योगिक भ्रमण का आयोजन, एमओयू पर हस्ताक्षर

    3 months ago

    सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी), जयपुर तथा कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान संकाय के रसायन विभाग द्वारा तीन दिवसीय तकनीकी कार्यशाला एवं औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को प्लास्टिक प्रौद्योगिकी, औद्योगिक प्रक्रियाओं तथा आधुनिक मशीनरी के व्यावहारिक ज्ञान से परिचित कराना था। कार्यक्रम के प्रथम दिवस (19 फरवरी) को महाविद्यालय परिसर में विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. टी. सेंथिल (उप-प्राचार्य/तकनीकी अधिकारी, सीपेट) तथा डॉ. अज़मीरा बालू (सहायक तकनीकी अधिकारी, सीपेट) ने प्लास्टिक की भूमिका, उसके प्रकार, विभिन्न अनुप्रयोग, प्लास्टिक अपशिष्ट तथा उसके प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसी अवसर पर सीपेट, जयपुर के निदेशक, संजय चौधरी एवं महाविद्यालय प्राचार्य, डॉ. सीमा अग्रवाल के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करना, छात्राओं के लिए इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराना तथा कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है। द्वितीय एवं तृतीय दिवस (20 एवं 21 फरवरी) को लगभग 50 छात्राओं ने विभाग की प्राध्यापिकाओं के साथ सीपेट परिसर का औद्योगिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्राओं को प्लास्टिक निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाएँ, अत्याधुनिक मशीनरी, परीक्षण प्रयोगशालाएँ तथा उत्पादन इकाइयों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। सीपेट के विशेषज्ञों द्वारा मशीनों के संचालन, गुणवत्ता परीक्षण तथा औद्योगिक कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदान की गई। इस औद्योगिक भ्रमण से छात्राओं को प्लास्टिक उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, साथ ही प्लास्टिक के प्रकार, उपयोग एवं अपशिष्ट प्रबंधन के वैज्ञानिक पक्ष को समझने में सहायता मिली। छात्राओं में आधुनिक औद्योगिक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ उद्योगोन्मुखी कौशल और करियर संभावनाओं के प्रति रुचि विकसित हुई। इसके अतिरिक्त, उन्हें शैक्षणिक ज्ञान और औद्योगिक अनुप्रयोग के मध्य संबंध को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। यह तीन दिवसीय तकनीकी कार्यशाला का आयोजन एवं औद्योगिक भ्रमण छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।

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