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    योग, आभार और खुशियों का पिटारा से बढ़ेगा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

    3 months ago

    — परीक्षा तनाव कम करने को शिक्षा विभाग की नई पहल

    जयपुर। बोर्ड परीक्षाओं का दौर चल रहा है और परीक्षा का दबाव, अपेक्षाओं का बोझ तथा बेहतर प्रदर्शन की चिंता कई विद्यार्थियों में तनाव और घबराहट बढ़ा रही है। ऐसे समय में विद्यार्थियों की मेंटल हेल्थ एक महत्वपूर्ण विषय बनकर उभर रही है। विद्यार्थियों में परीक्षा एवं अन्य परिस्थितिजन्य अनावश्यक तनाव को कम करने तथा उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के संचार के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में सहयोगात्मक, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

     

    इस दिशा में शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यालयों में योग गतिविधियां, 'आभार व्यक्त' सत्र और 'खुशियों का पिटारा' जैसे नवाचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य कक्षा से कार्यस्थल तक तनाव को नियंत्रित रखते हुए ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट बनें, बल्कि मानसिक रूप से भी संतुलित, आत्मविश्वासी और सशक्त बन सकें।

     

    *6-10 और 11-17 वर्ष के लिए अलग अलग प्रबंधन -*

     

    प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों (6 से 10 वर्ष) की सोचने और समझने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से उन्हें कहानी, केस स्टडी और कविताओं के माध्यम से चिंतन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों में विश्लेषणात्मक सोच, संवेदनशीलता और आत्म-अभिव्यक्ति का विकास हो रहा है। प्राथमिक विद्यार्थियों को 'जादुई पिटारा' के जरिए संज्ञानात्मक, भाषाई और सामाजिक विकास को मज़ेदार तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है। 

     

    इसी प्रकार, किशोर अवस्था में आ रहे परिवर्तन एवं जीवन कौशल के विकास हेतु विद्यालय स्तर पर कैंप, कम्प्युटर लैब में प्रेरणादायी वीडियो, भावनात्मक चित्रों द्वारा अभिव्यक्ति, संगीत बेहतर साधन बन रहे हैं। सामुहिक सहयोग की भावना व अनुशासन के साथ शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए विद्यालयों में कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो जैसे खेल पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। 

     

    प्रार्थना सभा में प्रतिदिन अखबार पठन सहित चिंतन के लिए प्रोत्साहन जैसे मानसिक प्रबंधन के अहम नवाचार भी किए जा रहे हैं।

     

    *आईसीटी लैब से मिल रही तनाव प्रबंधन की सीख -*

     

    तनाव प्रबंधन की प्रभावी सीख के लिए विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब और स्मार्ट टीवी पर मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रेरणादायक वीडियो प्रदर्शित किए जा रहे हैं। साथ ही रिकॉर्डेड पाठ्य सामग्री भी दिखाए जा रहे हैं जिससे विद्यार्थी संबंधित विषयों का दोहरान भी कर सके। 

     

    भावनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए चित्रांकन, रचनात्मक गतिविधियां और संगीत जैसे माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों में चिंतनशीलता विकसित हो सकें।  

     

    विद्यार्थियों को तनाव से दूर रखने के लिए विद्यालयों में नियमित योग सत्र, ‘आभार व्यक्त’ गतिविधि जैसे दैनिक नवाचारों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी भावनाएं साझा करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और मानसिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना है।

     

    *संवाद स्थापित कर दिया जा रहा समाधान -*

     

    विद्यार्थियों में मानसिक बदलाव को पहचानते हुए उनसे संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि समय रहते समन्वय और परामर्श के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके। साथ ही विद्यालय परिसर में सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण भी विद्यार्थियों के सकारात्मक कार्य समावेश में मदद कर रहा है। विशेष लक्षण समझ आने पर अभिभावकों से भी संवाद किया जा रहा है।

     

    बच्चे अपनी भावनाओं को इमोजी के माध्यम से चित्रित भी करते हैं। यह गतिविधि उन्हें अपनी मन:स्थिति को पहचानने और सहज रूप से अभिव्यक्त करने में सहायता करती है। इस अभ्यास से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, संतोष और आत्मविश्वास की भावना निरंतर विकसित हो रही है।

     

    *दिखने लगे सकारात्मक परिणाम -*

     

    इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से सामने आ रहा है।

     

    * विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

    * परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है।

    * भावनात्मक संतुलन में सुधार हुआ है।

    * विद्यालय का वातावरण अधिक सौहार्दपूर्ण बन गया है।

     

     

    *इनका कहना है -*

     

    परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, अंतिम लक्ष्य नहीं। इसके लिए ​शिक्षा विभाग द्वारा मेंटल हैल्थ को लेकर किए जा रहे नवाचार विद्यार्थी के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त और संवेदनशील कदम है। 

     

    — कृष्ण कुणाल, शासन सचिव, स्कूल शिक्षा।

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