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    गुलामों की मंडी बन चुकी है सत्ता : नगर प्रमुख की कुर्सी की लड़ाई में राज ठाकरे का तीखा राजनीतिक विस्फोट

    महाराष्ट्र की राजनीति में कभी-कभी कोई एक वाक्य पूरे तंत्र की सच्चाई सामने रख देता है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति अब गुलामों की मंडी बन गई है ऐसा ही एक वाक्य है।यह केवल नाराज़गी नहीं, बल्कि उस राजनीतिक सड़ांध की ओर इशारा है, जो हाल के नगर निकाय चुनावों के बाद खुलकर दिखाई दे रही है।यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राज्य की राजनीति पदों की सौदेबाज़ी, जोड़-तोड़ और समर्थन के खेल में उलझ चुकी है। भावनाओं के मंच से सत्ता पर सीधा वार: जन्मशती समारोह बना राजनीति का आईना राज ठाकरे यह बयान शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दे रहे थे।मंच स्मृति और सम्मान का था, लेकिन शब्द पूरी तरह राजनीतिक थे। उन्होंने साफ कहा कि कल्याण डोंबिवली में जो कुछ हुआ, वह बेहद शर्मनाक है और यह सोचने पर मजबूर करता है कि महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में बढ़ रही है। कभी लचीलापन ज़रूरी होता है: लेकिन सवाल नीयत पर आकर टिकता है राज ठाकरे ने यह भी स्वीकार किया कि राजनीति में हर समय कठोर रुख अपनाना संभव नहीं होता और कई बार परिस्थितियों के अनुसार लचीलापन दिखाना पड़ता है।लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लचीलापन और आत्मसमर्पण के बीच की रेखा बहुत पतली होती है, और कल्याण–डोंबिवली की राजनीति उस रेखा को पार करती हुई दिखाई दी। कल्याण डोंबिवली की जंग: जब कुर्सी ने रिश्तों की परीक्षा ले ली कल्याण डोंबिवली नगर पालिका इस समय सत्ता संघर्ष का केंद्र बनी हुई है। बहुमत का आँकड़ा बासठ है और उसे हासिल करने के लिए हर दल पूरी ताक़त लगा रहा है। इसी संघर्ष के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे राजनीतिक समीकरण को उलट-पलट कर रख दिया।पार्टी ने वहाँ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दे दिया। यह वही शिवसेना है, जो लंबे समय तक उद्धव ठाकरे की सबसे बड़ी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही है। अप्रत्याशित मोड़: विरोधियों को समर्थन, अपने ही खेमे में बेचैनी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का यह फैसला कई स्तरों पर असहज करने वाला रहा।एक ओर ठाकरे परिवार का हालिया मेल-मिलाप, दूसरी ओर सत्ता की मजबूरी इन दोनों के टकराव ने राजनीति को और उलझा दिया। पार्टी का कहना है कि यह निर्णय कल्याण की स्थानीय इकाई ने लिया, लेकिन राजनीति में ऐसे “स्थानीय फैसले” अक्सर बड़े संकेतों की परछाईं होते हैं। यह स्थानीय निर्णय था: लेकिन घटनाक्रम कुछ और संकेत देता है महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राजू पाटिल को शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के साथ बातचीत करते देखा गया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज़ हो गईं। सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम से उद्धव ठाकरे काफ़ी नाराज़ थे। यहां तक चर्चा होने लगी कि राज ठाकरे शायद शिवसेना (उद्धव गुट) के कार्यक्रम में शामिल न हों। अटकलों के बीच मंच पर पहुँचे राज ठाकरे: संतुलित लेकिन सशक्त संदेश लेकिन राजनीति में मौजूदगी अपने-आप में एक बयान होती है।सारी चर्चाओं के बीच राज ठाकरे मुंबई के शानमुखानंद सभागृह पहुँचे और उस कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसे उद्धव ठाकरे की पार्टी ने बाल ठाकरे की जन्मशती की शुरुआत के लिए आयोजित किया था। यह उपस्थिति अपने-आप में संदेश थीमतभेद हो सकते हैं, लेकिन विरासत और मराठी अस्मिता की राजनीति उससे ऊपर है। बीस वर्षों की दूरी और फिर साथ आने की कोशिश राज ठाकरे ने मंच से यह भी कहा कि शिवसेना छोड़कर अपनी अलग राह चुनना आसान नहीं था।उन्होंने माना कि बीते बीस वर्षों में उन्होंने भी बहुत कुछ सीखा और उद्धव ठाकरे ने भी। दो दशकों की दूरी के बाद ठाकरे परिवार का साथ आना और फिर महानगरपालिका चुनाव साथ लड़ना महाराष्ट्र की राजनीति में भावनात्मक रूप से बड़ा क्षण था।हालांकि सत्ता हाथ नहीं लगी, लेकिन मराठी बहुल इलाक़ों में इस गठबंधन को ज़ोरदार समर्थन मिला। सत्ता बनाम सिद्धांत: महाराष्ट्र की राजनीति किस मोड़ पर खड़ी है? राज ठाकरे का “गुलामों की मंडी” वाला बयान दरअसल एक गहरा सवाल है क्या आज की राजनीति में विचारधारा की कोई जगह बची है, या सब कुछ केवल सत्ता के अंकगणित तक सिमट गया है?कल्याण–डोंबिवली की लड़ाई सिर्फ़ नगर प्रमुख की कुर्सी की नहीं है। यह उस बदलती राजनीति की तस्वीर है, जहाँ आज का विरोधी कल का सहयोगी बन जाता है और भरोसा सबसे सस्ती चीज़ बनकर रह जाता है।महाराष्ट्र की राजनीति इस समय ऐसे चौराहे पर खड़ी है, जहाँ हर चाल सत्ता तय कर सकती है लेकिन हर चाल जनता के विश्वास को थोड़ा और कमज़ोर भी कर रही है।

    ईरान उथल-पुथल के सबसे ख़ूनी दौर में: पाँच हज़ार से ज़्यादा मौतें, इंटरनेट बंद और समुद्र में बढ़ती जंगी हलचल

      ईरान एक बार फिर इतिहास के ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ संख्या सिर्फ़ आँकड़ा नहीं रहती, बल्कि व्यवस्था की सच्चाई बन जाती है। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 5,002 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा ईरान के लिए सिर्फ़ डरावना नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक भी है क्योंकि यह हालात 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सबसे ख़ूनी बताए जा रहे हैं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। सड़कों पर लहू, डिजिटल दुनिया में सन्नाटा और समुद्र में युद्धपोत तीनों मिलकर एक ऐसी तस्वीर बना रहे हैं, जो सिर्फ़ ईरान नहीं, पूरी दुनिया को बेचैन कर रही है। मौतों का गणित और सच्चाई की दीवार अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, मारे गए लोगों में: 4,716 प्रदर्शनकारी 203 सरकारी समर्थक 43 बच्चे 40 ऐसे नागरिक, जिनका प्रदर्शन से सीधा लेना-देना नहीं था इसके अलावा 26,800 से ज़्यादा लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं। यह आंकड़े इसलिए भी अहम हैं क्योंकि ईरान में 8 जनवरी के बाद से अब तक का सबसे व्यापक इंटरनेट बंद लागू है। इसका अर्थ साफ़ है जो सामने आ रहा है, वह शायद पूरी सच्चाई भी नहीं। ईरानी सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर 3,117 मौतों की बात मानी है, लेकिन मृतकों को “नागरिक”, “सुरक्षा बल” और “आतंकवादी” जैसी श्रेणियों में बाँट दिया गया। यही वह बिंदु है, जहाँ सरकारी बयान और ज़मीनी हकीकत अलग-अलग दिशाओं में जाती दिखती है। मीडिया पर पहरा, शब्दों की लड़ाई ईरान के भीतर पत्रकारों पर कड़ी पाबंदियाँ हैं। सरकारी टेलीविज़न प्रदर्शनकारियों को लगातार “दंगाई” बताता है और इसके पीछे अमेरिका व इज़राइल का हाथ होने का आरोप लगाता है—बिना किसी ठोस प्रमाण के। इतिहास गवाह है कि जब किसी देश में शब्दों पर नियंत्रण लगाया जाता है, तो हिंसा अक्सर आंकड़ों से तेज़ फैलती है। चेतावनियाँ और सख़्त प्रतिक्रियाएँ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट में दो स्पष्ट “लाल रेखाएँ” खींची हैं: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या सामूहिक फाँसी की आशंका ईरान में कुछ बंदियों को “मोहरब” यानी ईश्वर का दुश्मन घोषित किया गया है एक ऐसा आरोप जिसकी सज़ा मौत है। यह शब्द 1988 की सामूहिक फाँसियों के दौरान भी इस्तेमाल हुआ था। ट्रंप का दावा है कि उनके दबाव में 800 बंदियों की फाँसी रोकी गई, लेकिन ईरान के शीर्ष अभियोजक ने इसे पूरी तरह झूठ बताया। यह टकराव दर्शाता है कि सच अब अदालत में नहीं, बयानों में लड़ा जा रहा है। समुद्र में बढ़ती बेचैनी: युद्धपोतों का संदेश सड़कों से हटकर नज़र समुद्र पर जाती है, जहाँ अमेरिकी नौसेना ने अपने प्रमुख संसाधन आगे बढ़ा दिए हैं। एयरक्राफ़्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसका स्ट्राइक समूह अब हिंद महासागर में तैनात है। “हमारी बहुत बड़ी नौसेना उस दिशा में जा रही है, उम्मीद है इस्तेमाल नहीं करनी पड़ेगी।” लेकिन अंतरराष्ट्रीय इतिहास यही बताता है कि जब युद्धपोत आगे बढ़ते हैं, तो केवल चेतावनी नहीं दी जाती विकल्प खुले रखे जाते हैं। क्या संघर्ष की ज़मीन तैयार हो रही है? न्यूयॉर्क स्थित शोध संस्थान सौफान सेंटर का मानना है कि यह सैन्य जमावड़ा दर्शाता है कि सैन्य कार्रवाई की संभावना अभी समाप्त नहीं हुई है, भले ही अब तक सीधे हमले से बचा गया हो। एक ओर ईरान के भीतर व्यवस्था अपने नागरिकों से जूझ रही है, दूसरी ओर बाहरी ताक़तें रणनीतिक मोहरे आगे बढ़ा रही हैं। यह केवल ईरान की कहानी नहीं है यह संकट सिर्फ़ ईरान बनाम प्रदर्शनकारी नहीं है। यह संघर्ष है: सत्ता बनाम समाज नियंत्रण बनाम सूचना और चेतावनी बनाम युद्ध 1979 की क्रांति से जन्मी व्यवस्था आज सबसे गंभीर वैधता संकट से गुजरती दिख रही है। जब किसी देश में इंटरनेट बंद हो, सड़कों पर खून बहे और समुद्र में युद्धपोत तैरें तो समझ लेना चाहिए कि मामला स्थानीय नहीं रहा। दुनिया फिलहाल देख रही है। सवाल सिर्फ़ यह है देखते-देखते वह कितनी दूर तक शामिल हो जाएगी?

    किसानों, महिलाओं एवं श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार— सांसद श्रीमती मंजू शर्मा

    — एचसीएम रीपा में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में विधायक गोपाल शर्मा ने की शिकरत — ग्राम उत्थान शिविरों का भी हुआ शुभारंभ जयपुर। केंद्र व राज्य सरकार किसानों, महिलाओं एवं श्रमिक वर्ग के सर्वांगीण कल्याण के लिए निरंतर और प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। सरकार की नीतियों और योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। यह कहना है जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा का।   श्रीमती मंजू शर्मा ने शुक्रवार को हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान के भगवत सिंह मेहता सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रामलला की प्राणप्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसान, महिला और श्रमिकों को 1 हजार 590 करोड़ रुपये की सौगात दी है। किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं से न केवल आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है, बल्कि सामाजिक सम्मान और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।   वहीं, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपाल शर्मा ने बताया कि सरकार के सतत प्रयासों से प्रदेश एवं देश में समावेशी विकास को नई गति मिलेगी और प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।   इस अवसर पर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा ने गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, तारबंदी योजना, फार्म पौण्ड योजना एवं कृषि यंत्र योजना के लाभार्थी किसानों को अनुदान राशि का चैक सौंपकर लाभांवित किया। समारोह में वीसी के माध्यम से सिरोही में आयोजित किसान सम्मान निधि के हस्तानान्तरण एवं ग्राम उत्थान शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया।    

    जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई

    - अवैध गैस रिफिलिंग एवं भंडारण के कारोबार का भंडाफोड़ - “ऑपरेशन प्रवर्तन – सतर्क नागरिक, सुरक्षित शहर” के तहत दो स्थानों पर दबिश जयपुर। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित “ऑपरेशन प्रवर्तन–सतर्क नागरिक, सुरक्षित शहर” अभियान के तहत अवैध गैस रिफिलिंग एवं भंडारण के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।   प्राप्त जानकारी के आधार पर जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम प्रियव्रत सिंह चारण ने तत्काल दो विशेष सतर्कता दलों का गठन कर जयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर दबिश दी।   कार्रवाइयों के दौरान कुल 48 घरेलू गैस सिलेंडर, 03 रिफिलिंग मशीन, 02 इलेक्ट्रॉनिक कांटे, 04 रिफिलिंग पाइप एवं 02 नोजल जब्त किए गए हैं। अवैध गतिविधियों में संलिप्त कुल 02 व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।   सतर्कता दल “ए” द्वारा बंध्या मोड़, गोनेर रोड, लुनियावास जयपुर में कार्रवाई करते हुए मौके से अवैध गैस रिफिलिंग के दौरान 37 घरेलू गैस सिलेंडर, 02 इलेक्ट्रिक मोटर, 04 रिफिलिंग पाइप, 01 इलेक्ट्रिक कांटा, 02 नोजल सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए तथा इस प्रकरण में संलिप्त 01 व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।   इसी क्रम में सतर्कता दल “बी” द्वारा प्लॉट नं. 57, गायत्री नगर, दुर्गापुरा जयपुर में दबिश देकर 11 घरेलू गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रिक मोटर मय रिफिलिंग नोजल पाइप एवं 01 इलेक्ट्रिक कांटा जब्त किया गया तथा यहां भी 01 व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की गई।   जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।    

    किसान देश की आत्मा है, उनका सम्मान ही राष्ट्र की समृद्धि -केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री

    जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 5वीं किश्त के हस्तांतरण तथा ग्राम उत्थान शिविर के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का गुरुवार को अजमेर में सीधा प्रसारण किया गया। इसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री एवं अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी तथा अजमेर दक्षिण विधायक श्रीमती अनीता भदेल ने सहभागिता कर किसानों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया।   इस अवसर पर भागीरथ चौधरी ने कहा कि अन्नदाता देश की विशाल जनसंख्या का पेट भरने का ईश्वरतुल्य कार्य करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को सम्मान और आर्थिक संबल मिला है। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस राशि में 3 हजार रुपए की वृद्धि कर किसानों के हित में ऎतिहासिक निर्णय लिया है।    चौधरी ने कहा कि पूर्व में किसान कल्याण योजनाओं की राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही अटक जाता था। वर्तमान में डीबीटी प्रणाली से पूरी राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है। इससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।    उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि फसल बीमा योजना से किसानों को सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड से वैज्ञानिक खेती, नैनो यूरिया, ड्रोन तकनीक जैसी आधुनिक तकनीकों से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के तीसरे कार्यकाल में आजादी के बाद पहली बार प्रत्येक खरीफ एवं रबी फसल से पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया जा रहा है।     चौधरी ने मुख्यमंत्री द्वारा बैलों से खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 30 हजार रुपए प्रति किसान अनुदान की योजना को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि इसके तहत आज 2 हजार किसानों के खातों में 6 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए जा रहे हैं। इससे गौ-संरक्षण के साथ पारंपरिक और सतत कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने किसानों से केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार फसल चयन करने तथा नवीन तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया।   अजमेर दक्षिण विधायक श्रीमती अनीता भदेल ने कहा कि श्री रामलला की अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से अन्नदाता का सम्मान किया जाना अत्यंत गौरवपूर्ण है।    राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थितजनों द्वारा वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया।    

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में आज बसंत पंचमी का आयोजन

    जयपुर | बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में माँ सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कॉलेज परिसर पीले–सफेद परिधानों से सुसज्जित रहा ।    कार्यक्रम के अंतर्गत फ्लावर रंगोली प्रतियोगिता एवं श्लोक पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राएं एवं स्टाफ सदस्य समूहों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा कला, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा की सुंदर प्रस्तुति की गई।   इस अवसर पर कॉलेज के निदेशक डॉ. संजय बियानी ने कहा कि “बसंत पंचमी हमें ज्ञान, अनुशासन और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करती है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।”   कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ध्यन सिंह गोठवाल ने भी सभी को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, संस्कृति और सीखने की भावना को नई दिशा मिलती है।

    पाली में मेगा पीटीएम हुई, कैबिनेट मंत्री कुमावत भी रहे मौजूद

    -सीएम ने वीसी के माध्यम से छात्राओं, अभिभावकों व शिक्षकों से किया संवाद जयपुर/पाली। बंसत पंचमी के अवसर जयपुर में मेगा पीटीएम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सानिध्य में आयोजित हुआ। इसी कड़ी में पाली के जिला परिषद सभागार में शिक्षा विभाग द्वारा बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर मेगा पीटीएम आयोजित की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्कूल छात्राओं, अभिभावकों एवं शिक्षकों का सीधा संवाद हुआ। कार्यक्रम में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने भी भाग लिया। उन्होंने कार्यक्रम का लाईव प्रसारण देखा और बच्चो से मुलाकात कर उनके अध्ययन की जानकारी ली । इस कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे के चित्र पर पुष्प व माल्यार्पण तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात मंत्री कुमावत ने सामूहिक मां शारदे वंदना में सहभागिता की एवं मुख्यमंत्री के वीसी लाइव संवाद का अवलोकन किया।  इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, स्काउट के विद्यार्थी एवं पुखराज पटेल अभिभावकगण उपस्थित रहे।   बाँगड़ स्कूल में छात्राओं को बांटी साईकिलें   स्थानीय पीएमश्री बांगड़ स्कूल में जिलास्तरीय निपुण मेला और मेगा पीटीएम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक संस्था प्रधान बसंत परिहार ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीडीईओ ओमप्रकाश मीणा ने माँ शारदे को माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर किया। तत्पश्चात मंत्री कुमावत सहित अन्य अतिथियों का साफा, दुपट्टा और माल्यार्पण द्वारा अभिनंदन किया गया। मंत्री कुमावत ने सुभाषचंद्र बोस जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि युवाओं को बोस की तरह देशभक्त और चरित्रवान बनना चाहिए। जब युवा मजबूत होता है तो देश मजबूत होता है। अतः विद्यालय के छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देने के साथ-साथ अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरुजन बच्चों का चरित्र निर्माण करते हैं अतः गुरुजनों का सदैव आदर करना चाहिए। उन्होंने मेगा पीटीएम में आए अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी को एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए बच्चों को शिक्षा और संस्कार से जोड़ना चाहिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक गायन किया गया। इसके पश्चात् मंत्री ने निपुण मेले के अन्तर्गत बालकों द्वारा निर्मित कलाकृतियों का निरीक्षण कर छात्रों की प्रशंसा की तथा इक्कीस छात्राओं को साइकिल भेंट कर साइकिल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय के उच्च प्राथमिक शिक्षा वर्ग के छात्रों को पीएम बांगड़ राउमावि पाली लिखे बैग वितरण किए। कार्यक्रम में आठ गुणा बारह फीट की एलईडी स्क्रीन पर माननीय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को दिखाया गया। सरस्वती वंदना पर छात्रा दिव्या और मोनिका ने नृत्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता सत्यनारायण राजपुरोहित ने किया।  कार्यक्रम में पधारे सरस डेयरी अध्यक्ष प्रताप सिंह बिठिया, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि पुखराज पटेल, वरिष्ठ शिक्षाविद् रामलाल कुमावत, शिक्षा संकुल जयपुर से पधारे डीईओ मुकेश गुर्जर, बीकानेर से पधारे निपुण मेले के प्रभारी अधिकारी सहायक निदेशक अनिल नोगिया, प्रधानाचार्य रमेश खमराना और माँगीलाल पटेल आदि मौजूद रहे।

    पाली में मेगा पीटीएम आयोजित, कैबिनेट मंत्री कुमावत भी रहे मौजूद

    -सीएम ने वीसी के माध्यम से छात्राओं, अभिभावकों व शिक्षकों से किया संवाद जयपुर/पाली। बंसत पंचमी के अवसर जयपुर में मेगा पीटीएम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सानिध्य में आयोजित हुआ। इसी कड़ी में पाली के जिला परिषद सभागार में शिक्षा विभाग द्वारा बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर मेगा पीटीएम आयोजित की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्कूल छात्राओं, अभिभावकों एवं शिक्षकों का सीधा संवाद हुआ। कार्यक्रम में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने भी भाग लिया। उन्होंने कार्यक्रम का लाईव प्रसारण देखा और बच्चो से मुलाकात कर उनके अध्ययन की जानकारी ली । इस कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे के चित्र पर पुष्प व माल्यार्पण तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात मंत्री कुमावत ने सामूहिक मां शारदे वंदना में सहभागिता की एवं मुख्यमंत्री के वीसी लाइव संवाद का अवलोकन किया।  इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, स्काउट के विद्यार्थी एवं पुखराज पटेल अभिभावकगण उपस्थित रहे।   बाँगड़ स्कूल में छात्राओं को बांटी साईकिलें   स्थानीय पीएमश्री बांगड़ स्कूल में जिलास्तरीय निपुण मेला और मेगा पीटीएम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक संस्था प्रधान बसंत परिहार ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीडीईओ ओमप्रकाश मीणा ने माँ शारदे को माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर किया। तत्पश्चात मंत्री कुमावत सहित अन्य अतिथियों का साफा, दुपट्टा और माल्यार्पण द्वारा अभिनंदन किया गया। मंत्री कुमावत ने सुभाषचंद्र बोस जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि युवाओं को बोस की तरह देशभक्त और चरित्रवान बनना चाहिए। जब युवा मजबूत होता है तो देश मजबूत होता है। अतः विद्यालय के छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देने के साथ-साथ अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरुजन बच्चों का चरित्र निर्माण करते हैं अतः गुरुजनों का सदैव आदर करना चाहिए। उन्होंने मेगा पीटीएम में आए अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी को एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए बच्चों को शिक्षा और संस्कार से जोड़ना चाहिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक गायन किया गया। इसके पश्चात् मंत्री ने निपुण मेले के अन्तर्गत बालकों द्वारा निर्मित कलाकृतियों का निरीक्षण कर छात्रों की प्रशंसा की तथा इक्कीस छात्राओं को साइकिल भेंट कर साइकिल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय के उच्च प्राथमिक शिक्षा वर्ग के छात्रों को पीएम बांगड़ राउमावि पाली लिखे बैग वितरण किए। कार्यक्रम में आठ गुणा बारह फीट की एलईडी स्क्रीन पर माननीय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को दिखाया गया। सरस्वती वंदना पर छात्रा दिव्या और मोनिका ने नृत्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता सत्यनारायण राजपुरोहित ने किया।  कार्यक्रम में पधारे सरस डेयरी अध्यक्ष प्रताप सिंह बिठिया, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि पुखराज पटेल, वरिष्ठ शिक्षाविद् रामलाल कुमावत, शिक्षा संकुल जयपुर से पधारे डीईओ मुकेश गुर्जर, बीकानेर से पधारे निपुण मेले के प्रभारी अधिकारी सहायक निदेशक अनिल नोगिया, प्रधानाचार्य रमेश खमराना और माँगीलाल पटेल आदि मौजूद रहे।

    संगीत, साधना और अध्यात्म के बिना शिक्षा अधूरी है : कोसलेंद्रदास

    जयपुर एजुकेशन समिट की ओर से सेंट जेवियर स्कूल, नेवटा में आयोजित शिक्षा महाकुंभ के अंतर्गत शुक्रवार को संगीत, साधना और अध्यात्म विषय पर विशेष सत्र का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा के साथ संस्कार, मानवीय मूल्य और आध्यात्मिक चेतना के समन्वय पर सार्थक विमर्श हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के दर्शन संकायाध्यक्ष शास्त्री कोसलेंद्रदास ने कहा कि संगीत, साधना और अध्यात्म के बिना शिक्षा अधूरी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल बौद्धिक दक्षता नहीं, बल्कि मन, चरित्र और आत्मा का समग्र विकास होना चाहिए। संगीत मन को एकाग्रता देता है, साधना आत्मसंयम सिखाती है और अध्यात्म जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने वेदों, रामायण, महाभारत और गीता से उद्धरण देते हुए प्राचीन शिक्षा पद्धति का विवेचन किया।   प्रोफेसर रेमंड ने अपने उद्बोधन में क्षमा और दया को मानव समाज की अनिवार्य आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि क्षमाशीलता और करुणा से ही समाज में शांति, सहिष्णुता और सौहार्द की स्थापना संभव है। प्लेबैक सिंगर वीणा मोदानी ने संगीत के माध्यम से बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और मानसिक संतुलन को बढ़ाने पर प्रकाश डाला। उन्होंने अनेक भजनों का सुमधुर गायन कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और भावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम का संचालन जयपुर एजुकेशन समिट के सुनील नारनोलिया ने किया। सत्र में शिक्षकगण, विद्यार्थी, अभिभावक एवं समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।    

    आंगनबाडी केन्द्रों पर मेगा PAM हुई आयोजित

    जयपुर।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को प्रत्येक राजकीय विद्यालय में मेगा PTM एवं समस्त PEEO/UCEEO विद्यालय में निपुण मेले का आयोजन किया गया जिसमें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कॉमर्स कॉलेज, जयपुर में आयोजित किया गया।   इस सम्बन्ध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) , अभिभावक और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भौतिक एवं प्रशासनिक रुप से समन्वित आंगनबाडी केन्द्र, जिस विद्यालय से समन्वित है उसी विद्यालय में मेगा PTM में भाग लिया।     इसी प्रकार जो आंगनबाडी केन्द्र समन्वित नहीं है, उन आंगनबाडी केन्द्रों पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा मेगा PAM आयोजित की गई।   कार्यक्रम में प्रेरणा अभियान 2.0 के बारे में जानकारी प्रदान की गई। पंजीकृत बच्चों के वर्क बुक पर किये गये कार्यो तथा समग्र (होलिस्टिक) रिर्पोट कार्ड को अभिभावकों के साथ साझा किया गया। रिर्पोट कार्ड के आधार पर बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास पर चर्चा की गई। मेगा PAM में बच्चों के नियमित आगमन एवं घर पर अपेक्षित सहयोग हेतु अभिभावकों/देखभालकर्ता से चर्चा की गई। अभिभावकों के साथ आंगनबाडी केन्द्र के आगामी कार्य योजना पर भी चर्चा की गई। 3 से 6 आयु वर्ग के समस्त बच्चों का APPAR ID, ABHA ID तैयार कराने एवं अभिभावकों से बच्चो का आधार नामांकन बनवाने हेतु प्रेरित किया गया।

    नन्नी प्रिशा ने की आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री की अगवानी, बाबा ने किये प्रिशा के चरण स्पर्श

    आचार्य धीरेंद्र शास्त्री पहुंचे चार धाम, मोडक के इस चार धाम में ही 25 तारीख तक रहेंगे आचार्य    रामगंज मंडी! बागेश्वर धाम के पंडित आचार्य धीरेंद्र शास्त्री आज रामगंज मंडी पहुंचे! आचार्य श्री रामगंज मंडी में कल 23 जनवरी से 25 जनवरी तक श्री गौ माता महोत्सव में श्री राम कथा करेंगे!   आचार्य धीरेंद्र शास्त्री रात्रि 7:30 बजे मोडक गांव में बनाए गए उनके आवास चार धाम पर पहुंचे! जैसे ही आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने चार धाम की भूमि पर अपने चरण रखें!   नन्ही बालिका प्रिषा ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की अगवानी की और उनकी आरती उतारी! आचार्य ने छोटी कन्या के चरण स्पर्श किए!   गुलाब की पुष्प वर्षा, गगन भेदी अतिशबाज़ी और बाबा बागेश्वर धाम की जय के नारो के बीच आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने चार धाम में मंगल प्रवेश किया! घर के अंदर प्रवेश करने पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने पत्नी श्रीमती सूरज देवी, जेष्ठ पुत्र दीपक दिलावर तथा पवन दिलावर एवं पुत्री डॉक्टर अनुपम दिलावर के साथ आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत अभिनंदन किया!  आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने दिलावर परिवार को शुभाशीष और आशीर्वाद दिया!    नन्ही प्रिशा के पिता ऋषभ जैन एवं माता सुरभि जैन ने कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि हमारी बिटिया ने पूज्य आचार्य की आरती की! आचार्य ने हमारी नन्ही बिटिया को आशीर्वाद दिया यह बहुत गौरव की बात है! यह पल हमारे जीवन के अमूल्य क्षण बन गए हैं! हम मरते दम तक कभी नहीं भूल पाएंगे!     आचार्य धीरेंद्र शास्त्री खुली कार में खड़े होकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए मोडक पहुंचे! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की एक झलक पाने के लिए सड़क के दोनों तरफ लोगों का हुज़ूम खड़ा हुआ था! सड़क पर खड़े लोग आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को देखते ही बागेश्वर धाम बालाजी की जय के नारे लगा रहे थे!