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    विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी और पी.आर.सी.आई , जयपुर चैप्टर के बीच हुआ एमओयू

    मीडिया एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में विद्यार्थियों को मिलेंगे नए अवसर जयपुर। विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी एवं पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (पी.आर.सी.आई.), जयपुर चेप्टर के मध्य पत्रकारिता, जनसंपर्क, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण, शोध, इंटर्नशिप एवं व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है।   इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं पी.आर.सी.आई. के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एन.डी. माथुर, उप-कुलपति प्रो. डी.वी.एस. भगवाननुलु, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक डॉ. धीरज सिंह तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष दीपक प्रसाद उपस्थित रहे। वहीं पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया, जयपुर चेप्टर की ओर से अध्यक्ष श्री सोमेंद्र हर्ष, सचिव श्री सन्नी कुलश्रेष्ठ एवं सह सचिव डॉ. राहुल बाबू कोडाली सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।   कार्यक्रम में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सचिन प्रताप सिंह, श्रीमती रमा चौधरी, डॉ. विकास कुमार एवं फाल्गुनी शर्मा सहित विश्वविद्यालय एवं पी.आर.सी.आई से जुड़े अनेक शिक्षाविदों एवं सदस्यों ने सहभागिता की।   एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थाएँ संयुक्त रूप से संगोष्ठी, कार्यशालाएँ, सम्मेलन, उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र, अतिथि व्याख्यान, शोध गतिविधियाँ एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करेंगी। साथ ही विद्यार्थियों को जनसंपर्क, विज्ञापन एवं कॉर्पोरेट संचार के क्षेत्र में इंटर्नशिप एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।   विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया एवं जनसंपर्क उद्योग तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से भी परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। यह सहयोग विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा तथा उन्हें रोजगार एवं करियर की नई संभावनाओं से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।   पी.आर.सी.आई. प्रतिनिधियों ने इस पहल को मीडिया शिक्षा एवं प्रोफेशनल नेटवर्किंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से युवा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचार एवं जनसंपर्क की नई प्रवृत्तियों को समझने का अवसर मिलेगा।   एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थाएँ संयुक्त शोध परियोजनाओं, प्रकाशनों, मीडिया अभियानों एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े जनजागरूकता कार्यक्रमों पर भी कार्य करेंगी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद एवं लाइव प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी कार्य दक्षता एवं नेतृत्व क्षमता का विकास हो सकेगा।   कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने इस साझेदारी को शिक्षा एवं उद्योग जगत के मध्य मजबूत समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया तथा भविष्य में इसे और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।  

    माटी कला राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा : टाक

    -श्रीयादे माटी कला बोर्ड, राजस्थान के गवर्निंग बोर्ड की बैठक में अनेक प्रस्तावों पर चर्चा -बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने रखे अपने विचार जयपुर। श्रीयादे माटी कला बोर्ड, राजस्थान के गवर्निंग बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को उद्योग भवन स्थित बोर्ड रूम में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने की। बैठक में माटी कला से जुड़े कारीगरों के उत्थान, उनके कौशल संवर्धन और विपणन के अवसरों को बढ़ाने को लेकर कई अहम प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान राज्य में परंपरागत आवा-कजावा (माटी कला) के संरक्षण, कारीगरों की आजीविका में वृदि्ध, ग्रामीण रोजगार सृजन, पर्यावरण अनुकूल उत्पादन प्रणाली को बढावा देने एवं राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ करने के उदेश्य से आवा-कजावा प्रोत्साहन नीति बनाए जाने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह उद्योग भवन में माटी कला की विभिन्न विधाओं एवं कलाकृतियों के सजीव प्रदर्शन (लाइव डेमोंस्ट्रेशन) के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बोर्ड का मानना है कि इससे न केवल आमजन को पारंपरिक कला से जुड़ने का अवसर मिलेगा, बल्कि कारीगरों को भी अपनी कला का प्रदर्शन कर सीधे बाजार से जुड़ने का मंच मिलेगा। इसके अलावा, माटी कामगारों को श्रमिक श्रेणी में शामिल कर श्रमिक कार्ड जारी करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, बीमा, पेंशन एवं अन्य सरकारी लाभों का सीधा फायदा मिल सके। यह कदम कारीगरों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में माटी कला से जुड़े कलाकारों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए पांच हजार इलेक्ट्रिक चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और कारीगरों का श्रम कम होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि की संभावना है। विपणन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूनिटी मॉल में माटी कला उत्पादों के लिए स्थान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा। इससे कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए स्थायी बाजार मिलेगा और उनके हस्तशिल्प को व्यापक पहचान मिल सकेगी। साथ ही, माटी कला के विकास के लिए बिचून में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने हेतु भूमि आवंटन के विषय पर भी गंभीरता से विचार किया गया। यह केंद्र प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख हब बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा। बैठक को संबोधित करते हुए बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने कहा कि माटी कला राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है, जिसे संरक्षित और प्रोत्साहित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कारीगरों के कल्याण और उनकी कला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में उठाए गए सभी प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि माटी कला से जुड़े हजारों परिवारों को इसका सीधा लाभ मिल सके। टाक ने यह भी कहा कि पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार से जोड़ना ही कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, उधोग एवं वाणिज्य शिखर अग्रवाल, श्रम विभाग की आयुक्त पूजा कुमारी पार्थ, वित विभाग के संयुक्त सचिव प्रताप सिंह, उधोग विभाग के अतिरिक्त आयुक्त सीवी नवल, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, ऊर्जा विभाग, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बोर्ड सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने विभिन्न प्रस्तावों पर अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बोर्ड के सदस्य सचिव एवं सीईओ डॉ. राहुलराज ने संचालन करते हुए सभी का आभार जताया।  

    रक्तदान और जागरूकता से बचाई जा सकती हैं अनगिनत जिंदगियां” — रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वर्ल्ड थैलेसीमिया डे एवं वर्ल्ड रेड क्रॉस डे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    रक्तदान और जागरूकता से बचाई जा सकती हैं अनगिनत जिंदगियां” — रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वर्ल्ड थैलेसीमिया डे एवं वर्ल्ड रेड क्रॉस डे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, जयपुर में वर्ल्ड थैलेसीमिया डे एवं वर्ल्ड रेड क्रॉस डे के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज को थैलेसीमिया जैसी आनुवंशिक बीमारी, रक्तदान के महत्व तथा मानव सेवा की भावना के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रस्तुति, स्लोगन लेखन एवं जागरूकता संदेश प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टरों और संदेशों के माध्यम से थैलेसीमिया की रोकथाम, नियमित स्वास्थ्य जांच और रक्तदान के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को बताया गया कि थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसकी समय पर जांच एवं उचित जागरूकता के माध्यम से रोकथाम संभव है। साथ ही नियमित रक्तदान के महत्व एवं जरूरतमंद मरीजों की सहायता में रेड क्रॉस संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। संस्थान के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराणा ने अपने संदेश में कहा कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और मानव सेवा की भावना विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आने हेतु प्रेरित किया। वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने नियमित रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच के महत्व पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. तारणचंद ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया तथा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें स्वास्थ्य जागरूकता एवं मानव सेवा से जुड़े कार्यों में निरंतर भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, सेवा भावना एवं स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।  

    बियानी संस्थान में अंतरराष्ट्रीय नर्सेस डे एवं “रेट्रो 70’s” थीम पर फेयरवेल पार्टी का भव्य आयोजन

    जयपुर। बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट और बियानी स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरा-मेडिकल साइंसेज द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्सेस डे एंव “रेट्रो 70’s” थीम पर फेयरवेल पार्टी का भव्य किया गया।   कार्यक्रम में एक ओर अंतरराष्ट्रीय नर्सेस डे के अवसर पर नर्सिंग सेवा, समर्पण एवं मानवता के महत्व को उजागर किया गया, वहीं दूसरी ओर सीनियर विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई।   कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में तनुज नरूला, लायनी जॉन, डॉ. नेहा जैन एवं अरुण दाधीच उपस्थित रहे। साथ ही संस्थान के निदेशक एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु डॉ. संजय बियानी, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, नर्सिंग प्रिंसिपल लथा पी.एस. तथा वाइस प्रिंसिपल जीशु जॉर्ज और नर्सिंग विभाग के सभी फैकल्टी सदस्य भी उपस्थित रहे।   अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए नर्सिंग सेवा को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताया तथा विद्यार्थियों को अपने कार्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।   कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, रैंप वॉक, खेल प्रतियोगिताओं एवं मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।   इस अवसर पर डॉ. संजय बियानी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को सेवा, अनुशासन एवं समर्पण की भावना को जीवन में अपनाने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणादायक विचारों से प्रोत्साहित किया।   नर्सेस डे के अवसर पर बी.एससी. नर्सिंग चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा मनीषा ने नर्सिंग सेवा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जीवनी प्रस्तुत कर विद्यार्थियों को उनके प्रेरणादायी जीवन एवं सेवा भावना से अवगत कराया गया।   “रेट्रो 70’s” थीम पर प्रस्तुत स्वागत नृत्य, सेमी क्लासिकल डांस एवं बॉलीवुड थीम आधारित फिनाले डांस ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बी.एससी. नर्सिंग चतुर्थ वर्ष एवं जीएनएम विद्यार्थियों के लिए रैंप वॉक, खेल प्रतियोगिताएं एवं प्रश्नोत्तरी राउंड आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास एवं प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।   अंत में निर्णायकों द्वारा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें मिस फेयरवेल का खिताब जीएनएम से जानवी चौहान ने अपने नाम किया। कार्यक्रम का संचालन मीकल नोबल एवं तनु चांदवानी द्वारा किया गया।  

    'कम उम्र, बड़े इनोवेशन: जेईसीआरसी में स्कूल के छात्रों ने प्रेजेंट किए पेटेंट योग्य आइडियाज'

    ​ज्वेलरी आधारित सुरक्षा डिवाइस बने आकर्षण का केंद्र, जेईसीआरसी में दिखे अनोखे प्रोजेक्ट्स   जेईसीआरसी की पहल से अब स्कूल स्तर पर भी साकार होंगे पेटेंट के सपने   जयपुर,   समाज की समस्याओं का समाधान खोजने और छात्रों के नए आइडियाज को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी द्वारा ‘पेटेंट पिच मिशन 2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को अपने इनोवेटिव आइडियाज प्रस्तुत करने का मौका मिला और उन्हें पेटेंट के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। आईपीआर के क्षेत्र में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का बड़ा कदम; पहली बार किसी यूनिवर्सिटी ने स्कूलों को किया हैंडहोल्ड, हर स्कूल में आईपीआर सेल बनाने की पहल |   कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जितेंद्र शर्मा (असिस्टेंट कंट्रोलर, पेटेंट एंड डिजाइन, भारत सरकार) ने छात्रों को बौद्धिक संपदा अधिकारों और पेटेंट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेटेंट के लिए उम्र मायने नहीं रखती, जरूरी है नई सोच और समस्याओं को अलग नजरिए से देखने की क्षमता। उन्होंने आसान उदाहरणों के जरिए समझाया कि छात्र अपने बनाए नोट्स और क्रिएटिव कार्यों पर भी कॉपीराइट का अधिकार ले सकते हैं। इस अवसर पर अर्पित अग्रवाल, वाइस चेयरपर्सन, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने कहा, “आज के समय में केवल डिग्री लेना काफी नहीं है, बल्कि नए विचारों के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। दुनिया की हर बड़ी खोज एक छोटे से आइडिया से शुरू हुई है। हमारा उद्देश्य छात्रों को सिर्फ नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा इनोवेटर बनाना है जो समाज की समस्याओं का समाधान दे सके। अगर युवा समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनके समाधान पर काम करें, तो भारत दुनिया का सबसे बड़ा इनोवेशन हब बन सकता है। साथ ही उन्होंने कहा यदि देशभर के स्कूल और यूनिवर्सिटीज सही दिशा में इनोवेशन पर काम करें, तो भारत का ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स तेजी से बेहतर हो सकता है।   उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद प्रेरणादायक है कि स्कूल स्तर के छात्र भी इतनी कम उम्र में नए आइडियाज पर काम कर रहे हैं और पेटेंट जैसी चीजों को समझने में रुचि दिखा रहे हैं। इस तरह की जागरूकता और नवाचार की सोच भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर और समाधान देने वाला नागरिक बनाएगी। उन्होंने कहा कि कम उम्र में रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ना छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत शुरुआत है। इसी पहल के तहत जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी छात्रों के आइडियाज और रिसर्च की पेटेंट फाइलिंग की जिम्मेदारी भी उठाएगी। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के अनुसार, छात्रों द्वारा प्रस्तुत 80 आइडियाज में से 60 आइडियाज पेटेंट के लिए उपयुक्त पाए गए हैं।   कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कई शानदार और समाज उपयोगी प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए— • स्मार्ट सुनामी डिटेक्शन: शाश्वत, अन्वय और सौम्या की टीम ने सेंसर आधारित ऐसा सिस्टम तैयार किया जो प्राकृतिक आपदा के समय लोगों को सुरक्षित रास्ता दिखाने में मदद कर सकता है।   • मिनीलिसिस: छात्रों ने डायलिसिस प्रक्रिया को छोटा, सस्ता और आसान बनाने से जुड़ा एक खास प्रोटोटाइप प्रस्तुत किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।   • सेंट्रा प्रोडक्ट इकोसिस्टम: सुरक्षा तकनीक के क्षेत्र में छात्रों ने ‘एनेस्थीसिया आधारित पेंडेंट’ और ‘इलेक्ट्रिक पल्स ब्रेसलेट’ जैसे वियरेबल डिवाइसेस प्रस्तुत किए। ये उपकरण आपातकालीन स्थिति में आत्मरक्षा और तुरंत सुरक्षा सहायता देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं, जो खासतौर पर महिलाओं और युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। ‘पेटेंट पिच मिशन 2026’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के सपनों और नए भारत की सोच को आगे बढ़ाने की पहल थी। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का यह प्रयास शिक्षा के साथ-साथ नवाचार और रिसर्च को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

    झारखंड महादेव मंदिर, जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत

    झारखंड महादेव मंदिर, जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत 

    मंदिर हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक : देवस्थान मंत्री

    मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए जोराराम कुमावत  सुमेरपुर। विधानसभा क्षेत्र के कानेलाव गांव स्थित धुनीश्वर महादेव मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंत्री कुमावत ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने मंदिर के विकास एवं क्षेत्र की आवश्यकताओं को लेकर भी सकारात्मक आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और हमें हमारी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। श्री कुमावत ने कहा कि राजस्थान सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के सभी तीर्थस्थल और मंदिर सुविधाओं से युक्त हों, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पूरे विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि डीआर चौधरी, जिला उपाध्यक्ष पूनम सिंह परमार, शिवराज सिंह बिठिया, नवयुवक मंडल के अध्यक्ष नगाराम, सचिव नर सिंह, कुरना के पूर्व सरपंच दरगाराम सीरवी, वार्ड पंच पुनाराम, भाजपा कार्यकर्ता पुखराज सीरवी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।   घरवाला जाव के श्री रामेश्वर महादेव मंदिर में समारोह आयोजित इसी तरह अपने प्रवास के दौरान देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने पाली जिले के गांव घरवाला जाव में श्री रामेश्वर महादेव मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। श्री रामेश्वर महादेव विकास समिति, पाली आजाद उधान द्धारा आयोजित इस समारोह में प्रधान प्रतिनिधि पुखराज पटेल, जिला उपाध्यक्ष पूनम सिंह परमार, शिवराज सिंह बिठिया, समिति के अध्यक्ष धनराज दहिया, सचिव राधेश्याम राठी, सदस्य खीमाराम पटेल, रणछोड़राम पटेल, प्रकाश लसोड़, राजूभाई बोहरा, मनीष जैन आदि ने मंत्री कुमावत का जोरदार स्वागत किया।  

    चौपाल सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद का सशक्त माध्यम : कुमावत

    बाणियावास में ग्राम रथ अभियान के तहत रात्रि चौपाल आयोजित • कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सुनी जनसमस्याएं सुमेरपुर। सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव बाणियावास में ग्राम रथ अभियान के अंतर्गत रविवार को रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं एवं सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। मंत्री कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्राम रथ अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को उनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। कुमावत ने कहा कि यह चौपाल केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद का सशक्त माध्यम है। राजस्थान सरकार का उद्देश्य है कि हर गांव, हर ढाणी तक विकास की किरण पहुंचे। पशुपालन, गोपालन और डेयरी क्षेत्र हमारे ग्रामीण जीवन की रीढ़ हैं। इन्हें मजबूत करने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, ताकि हमारे किसान और पशुपालक आत्मनिर्भर बन सकें। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि सरकार की योजनाओं का लाभ लें और अपने क्षेत्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। आपकी समस्याएं हमारी प्राथमिकता हैं, और उनका समाधान करना हमारा कर्तव्य है। आपके सहयोग और विश्वास से ही हम राजस्थान को और अधिक समृद्ध और विकसित बना सकते हैं। इस दौरान पाली प्रधान प्रतिनिधि पुखराज पटेल, जिला उपाध्यक्ष पूनम सिंह परमार, मन की बात कार्यक्रम के जिला संयोजक शिवराज सिंह बिठिया, किसान केसरी भंवर सिंह चौधरी, पूर्व उप जिला प्रमुख नवल किशोर, प्रशासक सीतादेवी, जब्बर सिंह ठाकुर, पूर्व जिला मंत्री मांगीलाल सीरवी, हेमावास के मंडल अध्यक्ष मनोहरलाल सीरवी व शंकर सिंह राजपुरोहित, खैरवा के सरपंच प्रतिनिधि भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।  

    कैट की अगुवाई में इंदौर के व्यापारिक नेतृत्व ने की GST कमिश्नर से मुलाकात:

    करदाता व्यापारियों का सम्मान विभाग की पहली प्राथमिकता होगी व्यापारियों के लिए हम पैनलाइजेशन नहीं सिर्फ रियलाइजेशन चाहते हैं। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के साथ GST कमिश्नर अनय द्विवेदी जी सेप एक महत्वपूर्णमीटिंग कोई १७विषयों पर की गई। यह बैठक GST कमिश्नर कार्यालय के कॉन्फ्रेंस रूम में संपन्न हुई। इंदौर अध्यक्ष मनीष बिसानी ने बताया कि बैठक में सियागंज, महारानी रोड, पेट्रोल पंप, न्यू सियागंज, अनाज मंडी, लोहा मंडी, ट्रांसपोर्ट, रेडीमेड, नमकीन एवं मिठाई, सराफा, कपड़ा मार्केट, टिंबर मार्केट, मालवा मिल, जेल रोड, एम टी एच कंपाउंड पेंट एसोसिएशन दाल मिल FMCG सहित 50 से अधिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में व्यापारिक हितों और GST से जुड़ी जटिलताओं पर विस्तृत चर्चा की गई।   बैठक के मुख्य बिंदु:   समस्याओं पर सीधा संवाद: व्यापारियों ने GST से संबंधित व्यावहारिक १७ कठिनाइयों को कमिश्नर के समक्ष रखा। विभागीय स्पष्टता: कमिश्नर अनय द्विवेदी, असिस्टेंट कमिश्नर आर. के. शर्मा एवं चौबे ने व्यापारियों की समस्याओं को बिंदुवार समझा और तकनीकी पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। द्विवेदी ने कहा कि हम व्यापार बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील है उन्हें हम पैनलाइजेशन नहीं बल्कि रियलिस्टिक रूप से रियलाइजेशन कर व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से कार्य करेंगे हम चाहते है कि व्यापारी जो अच्छा परफॉर्म कर रहे है उन्हें विभाग सम्मानित करे ताकि अन्य व्यापारी प्रेरित हो 🍶 आपने बताया कि आपकी परेशानी त्वरित हल हो इस हेतु वर्चुअल सुनवाई प्रारंभ करचुके है साथ ही चेकपोस्ट पर ट्रक परिवहन में gst के नाम पर गाड़ियों की परेशानी दूर हो ऐसे. कदम भी विभाग ने उठाए हैं हम आज कैट के माध्यम से इस मुलाकात से उत्साहित हैं और कैसे प्रदेश में व्यापार सकारात्मकता से प्रगति करसकता है के लिए भी आप हमे बताते रहे उपयुक्त प्लेटफॉर्म तक आपकी बातें रखने का पूरा प्रयास करेंगे!   त्वरित समाधान का आश्वासन: विभाग द्वारा आश्वस्त किया गया कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का तत्काल निराकरण होगा और नीतिगत विषयों को केंद्र व राज्य सरकार तक भेजा जाएगा।   नेतृत्व और सहयोग   कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री रमेश जी गुप्ता ने विश्वास दिलाया कि दिल्ली और वित्त मंत्रालय स्तर की समस्याओं के लिए वे स्वयं प्रयास करेंगे। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक धीरज खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के माध्यम से व्यापारी हितों की रक्षा और समस्याओं का पूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।   उत्सव का माहौल   मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 'व्यापारी कल्याण बोर्ड' की स्थापना किए जाने के ऐतिहासिक निर्णय पर कैट इंदौर शाखा ने हर्ष व्यक्त किया। इस उपलब्धि की खुशी में सभी उपस्थित सदस्यों का मुंह मीठा कराया गया और लड्डू बांटे गए।   गरिमामयी उपस्थिति   इस मीटिंग में इंदौर उत्थान समिति अध्यक्ष अजीत सिंह नारंग, हरीश विजयवर्गीय, राजकुमार साबू, उमेश तिवारी, धीरेन्द्र पटेल, प्रवीण नीखरा, यशपाल कुंदवानी, राजेन्द्र सिंह वासु, पिंकी जैन, विजय चंडक, पंकज गांधी, हर्ष खंडेलवाल, मुरली खंडेलवाल, मोहम्मद पीठावाला, नारायण अग्रवाल, अनुराग बोथरा, अशोक ठाकुर, जगदीश गुप्ता, सुरेश हरियाणी, वासुदेव चेलानी, नईम पालवाला, मनीष चौधरी, दिलीप चांदवानी, कमल छत्री, रजत बेड़िया, सुमित साबू, राजेश अग्रवाल, मोहित पारीख , पवन जैन, निकेश तलरेजा, सुमित जैन, जय थारानी, जितेन्द्र रामनानी, संजय आहूजा, अरुण पटेल, गोविन्द कुकरेजा, प्रदीप यादवानी एवं शहर के अन्य वरिष्ठ व्यापारिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फ्यूचर स्किल्स“ विषय पर एक ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल तथा ग्रेडस इंडिया के सहयोग से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर दिनांक 11 मई 2026 को ”आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फ्यूचर स्किल्स“ विषय पर एक ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का उद्देश्य छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती तकनीकों तथा भविष्य में आवश्यक कौशलों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल पांडेय, हेड ऑफ फैकल्टी ग्रेडस इंडिया (एआई मेंटर) रहें। मुख्य वक्ता ने छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वर्तमान एवं भविष्य, विभिन्न एआई मॉडल्स तथा ”एआई फाॅर भारत“ जैसी पहलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव जीवन को सरल एवं अधिक प्रभावी बनाने का एक सशक्त माध्यम है, लेकिन एआई कभी भी मानव बुद्धि, संवेदनाओं एवं रचनात्मकता का पूर्ण रूप से स्थान नहीं ले सकता। उन्होंने छात्राओं को एआई का सकारात्मक एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। सत्र में लगभग 52 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं के लिये प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस अवसर पर छात्राओं कहा कि आज के तकनीकी युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फ्यूचर स्किल्स का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को नई तकनीकों को सीखने, नवाचार को अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कंप्यूटर विभागाध्यक्ष डॉ. जयंती गोयल के मार्गदर्शन में डॉ. शिल्पा पारीक के सहयोग से कार्यक्रम  सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अंत में प्राध्यापिका दीपा चैहान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम छात्राओं को तकनीक, नवाचार एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में छात्राओं एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  

    बाल अधिकार एवं संरक्षण संबंधी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित, बाल देखरेख संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश

    राज्य सरकार की उपमुख्यमंत्री एवं बाल अधिकारिता विभाग मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में बाल अधिकारिता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की संस्थागत एवं गैर-संस्थागत देखरेख योजनाओं, मिशन वात्सल्य, स्पॉन्सरशिप योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान तथा वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।   बैठक में राज्य में बाल अधिकार एवं संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु विभागीय योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाल देखरेख संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित गति से पूर्ण किया जाए, ताकि संस्थाओं में बच्चों को बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) को और अधिक प्रभावी बनाते हुए शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा जरूरतमंद बच्चों तक समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं संरक्षण के लिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बाल देखरेख संस्थाओं में आवासित बच्चों को नियमित दिनचर्या के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन, परामर्श सेवाएं, शिक्षा, खेलकूद गतिविधियों एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से निरंतर जोड़े रखने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों की काउंसलिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा उनके मानसिक एवं भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी प्रदान किए। वरिष्ठ अधिकारियों को बाल देखरेख संस्थाओं का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं सेवाओं की गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया।   बैठक में बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। साथ ही बाल विवाह, बाल श्रम एवं बच्चों से संबंधित अन्य संवेदनशील विषयों पर विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।   बैठक में बाल अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार, निकया गोहाएन (आयुक्त) सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।