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    शिक्षक राष्ट्रहित, शिक्षाहित और विद्यार्थी हित में प्रयत्नों की पराकाष्ठा करें : महेंद्र कपूरअखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान( विद्यालय शिक्षा) की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक जयपुर में सम्पन्न

    जयपुर। आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक सरस्वती बालिका उच्च माध्यमिक विद्या मंदिर जवाहर नगर जयपुर में संपन्न हुई ।   प्रथम सत्र में मां सरस्वती एवं मां भारती के चित्रों पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के पश्चात सभी कार्यकर्ताओं का परिचय हुआ। सत्र में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर , क्षेत्र प्रमुख उमराव लाल वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान रमेश चंद्र पुष्करणा प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा का सानिध्य प्राप्त हुआ।    प्रथम सत्र में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने संगठन के स्वरूप एवं सदस्यता कार्यक्रम को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि 1954 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक श्रद्धेय जयदेव पाठक द्वारा इस संगठन की स्थापना हुई और शिक्षा के क्षेत्र में यह शिक्षक संघ राष्ट्रीय के नाम से निरंतर कार्य कर रहा है। अब राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय 2026 से पूरे भारत में एक ही नाम अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के नाम से कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि संगठन की मुख्य रूप से आठ स्तर पर इकाइयां है, हमारी सबसे छोटी इकाई विद्यालय है, राजस्थान के 70000 में से 48000 विद्यालयों में सदस्यता कर पिछले सत्र में 2,70,175 सदस्य बनाएं जो अब तक का उच्चतम है । इस बार यह संख्या 3,25,000 के पार जाएगी। दूसरी इकाई 10192 संकुल हैं । प्रत्येक संकुल में तीन कार्यकर्ता कुल 30,576 कार्यकर्ता है। तीसरी इकाई खंड जिसमें 402 खंडों में कुल 12060 कार्यकर्ता, जिला स्तर पर 45 जिलों में 1395 कार्यकर्ता, विभाग स्तर पर 22 विभाग संगठन मंत्री ,संभाग स्तर पर 50 और प्रदेश स्तर पर 185 कार्यकर्ताओं की टीम है। राष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में संगठन के 13 लाख 60 हजार सदस्य हैं। 17 स्थान पर राजस्थान में संगठन के कार्यालय हैं। उन्होंने यूट्यूब पर सब्सक्राइबर बढ़ाने एवं ट्विटर पर अधिक सक्रियता की बात कही। उन्होंने बताया कि हमारा सदस्यता अभियान इस बार 15 अप्रैल से 25 अप्रैल कुल 10 दिन का होगा। खंड स्तर पर इसके लिए 31 मार्च, 3 अप्रैल, 5 अप्रैल को प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे एवं सदस्यता डायरी का वितरण होगा। 23 से 28 मार्च तक प्रधानाचार्य संवाद कार्यक्रम, 14 अप्रैल को समरसता दिवस, 26 अप्रैल को प्रकोष्ठों की कार्यशाला की जानकारी दी । उन्होंने संगठन के चार अनिवार्य अखिल भारतीय कार्यक्रमों वर्ष प्रतिपदा, गुरु वंदन, कर्तव्य बोध, जन जागरण की जानकारी दी।   द्वितीय सत्र में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा प्रदेश महिला उपाध्यक्ष सुषमा बिश्नोई का सानिध्य प्राप्त हुआ।    प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने संगठन के विभिन्न स्तरों से प्राप्त समस्याओं के बारे में प्रदेश स्तर पर संगठन द्वारा किये गये प्रयासों को विस्तार पूर्वक रखा। जिनमें प्रमुखतः निदेशालय स्तर से आगामी सत्र 2026-27 के लिए  शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश की अवधि को वर्तमान 45 दिन से घटाकर 36 दिन करने के शासन स्तर पर विचाराधीन प्रस्ताव का अनुमोदन नहीं करने,माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अध्यापक पात्रता परीक्षा के संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर कर राहत दिलाने,प्रदेश में कार्यरत संविदा शिक्षकों के शीघ्र स्थायीकरण करने,स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने,स्टाफिंग पैटर्न शीघ्र करते हुए प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में सवा लाख से अधिक पदों को स्वीकृत करने और सेवारत शिक्षकों के इंटर्नशिप अवधि के वेतन वसूली नहीं करने के वित्त विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर हजारों शिक्षकों को राहत दिलाने की मांग की। सभी संवर्गो की पदोन्नतियां शीघ्र करते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदोन्नति के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय में सरकार की और शीघ्र निस्तारण के लिए एएजी लगाकर वर्षों से लंबित पदोन्नतियां पूरी करने,सभी संवर्गो के स्थानांतरण ग्रीष्मावकाश में ही करने, टी एस पी से नॉन टी एस पी में नियुक्त शिक्षकों को गृह जिले में लगाने, समसा के सभी पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना पर रोक हटाने और विद्यालयों को मिलने वाली समस्त ग्रांट राशि समय पर जारी करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री , शिक्षा सचिव, वित्त सचिव से मिलकर शीघ्र निस्तारण करवाने का आश्वासन दिया।   तृतीय सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, क्षेत्र प्रमुख उमराव लाल वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा का सानिध्य प्राप्त हुआ।    सत्र में क्षेत्र प्रमुख उमराव लाल वर्मा ने चारित्रिक शुचिता के साथ आर्थिक शुचिता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने खंड,जिले, प्रदेश सभी स्तरों पर अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष से अनुमोदन पश्चात सभी आय व्यय, वाउचर फाइल,केश बुक सभी को पूर्ण कर ऑडिट किया जाना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी प्रकार से एकत्रित की गई राशि किसी व्यक्ति के पास न रखकर खाते में शीघ्र जमा करवानी चाहिए। किसी भी कार्यक्रम के पश्चात आय व्यय का सम्पूर्ण सामूहिक रूप से रखना चाहिए ताकि पूर्ण शुचिता बनी रहे। सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने बताया कि हमे हमारे संगठन के ध्येय वाक्य राष्ट्र हित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक, शिक्षक हित में समाज की त्रिवेणी के अनुरूप अपने संगठन की यात्रा को आगे लेकर जाना है। कार्यकर्ता ईमानदारी से निरंतर अपने दायित्वों और कार्यों का मूल्यांकन करते रहे और शिक्षा,राष्ट्र,विद्यार्थी हित में अपने प्रयत्नों की पराकाष्ठा करनी चाहिए। कार्यकर्ता की गति के साथ उसकी मति भी अच्छी होनी चाहिए। उन्होंने खंड स्तर पर प्रशिक्षण के बारे में स्थान,विषय,वक्ता,का चयन, व्यवस्थाओं का विभाजन, अपेक्षित कार्यकर्ताओं की सूची बनाना,सूचनाएं भेजना,आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।   कार्यक्रम के चतुर्थ सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य हनुमान सिंह राठौड़ ने संगठन की कार्य पद्धति एवं कार्यकर्ता प्रवास पर विस्तार से अपने विचार रखे।   सम्पूर्ण प्रदेश कार्यकारिणी बैठक के विभिन्न सत्रों का संचालन प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने किया। अंत में कल्याण मंत्र ,सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।            

    राजस्थान ज्ञान सभा में बनी भारतीय संस्कृति और मूल्यों पर आधारित नई शिक्षा व्यवस्था की रूपरेखा

    जॉब सीकर' नहीं, अब 'जॉब क्रिएटर' तैयार करेगी राजस्थान की नई शिक्षा नीति- राजस्थान ज्ञान सभा -राजस्थान को आत्मनिर्भर आर्थिक इकोसिस्टम बनाने हेतु जेईसीआरसी में प्रदेशव्यापी वैचारिक यात्रा का संकल्प -सड़कें और इमारतें नहीं, ज्ञान, नैतिकता और संवेदनशीलता है असली विकास- वासुदेव देवनानी; राजस्थान ज्ञान सभा -जयपुर, परंपरा की जड़ों से आधुनिकता के आकाश तक, राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को एक नए युग में ले जाने का जो संकल्प 21 मार्च को जेइसीआरसी विश्वविद्यालय की दहलीज़ से शुरू हुआ, वह 22 मार्च को एक ठोस 'विज़न डॉक्यूमेंट' के साथ संपन्न हुआ। जेइसीआरसी विश्वविद्यालय, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, शिक्षा विभाग (राजस्थान सरकार), और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के साझा संकल्प का परिणाम यह दो दिवसीय 'राजस्थान ज्ञान सभा' केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की बौद्धिक चेतना का वह पुनर्जागरण बना, जहाँ पुरातन विरासत और नवीन विज्ञान के बीच की दूरियां सिमटी। इस महामंथन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में 'संस्कार और मूल्य' आधारित शिक्षा की रूपरेखा तैयार करना था। जहाँ, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रो. रमेश पोखरियाल 'निशंक' और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख सुनील मेहता सहित कई गणमान्य शिक्षाविदों ने अपने विचार साझा किए। इन दो दिनों, कुल पांच महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें कौशल विकास, रोजगार सृजन, विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।  ‘राजस्थान में कौशल आधारित शिक्षा और आर्थिक परिप्रेक्ष्य’ पर केंद्रित सत्र में शिक्षाविदों ने पारंपरिक ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक शिक्षा की आवश्यकता पर संवाद किया। संस्थानों में संचालित वोकेशनल ट्रेनिंग, इन्क्यूबेशन सेंटर्स और स्थानीय कारीगरों को सशक्त करने वाले माइक्रो-एंटरप्रेन्योरशिप के सफल अनुभवों को साझा करते हुए, इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली को 'रोज़गार चाहने वालों' के बजाय 'रोज़गार सृजनकर्ताओं' के निर्माण पर केंद्रित होना चाहिए। वहीं, 'राजस्थान की शिक्षा में पर्यावरण एवं सतत विकास' सत्र में आधुनिक 'ग्रीन कैंपस' के निर्माण के साथ-साथ, हमारी सदियों पुरानी पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को नई शिक्षा प्रणाली में पिरोने पर विशेष बल दिया गया। शिक्षाविदों ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और शून्य-अपशिष्ट जैसी प्राचीन भारतीय पद्धतियों को आज के शिक्षण परिसरों की दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है। समापन सत्र में मुख्य अथिति, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष, वासुदेव देवनानी ने शिक्षकों को राष्ट्र-निर्माण की धुरी बताते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षण कोई सामान्य पेशा नहीं, बल्कि स्वप्रेरणा से उत्पन्न एक पवित्र दायित्व है। उन्होंने 'विकास' की पारंपरिक परिभाषा को नया आयाम देते हुए बताया कि सशक्त समाज का निर्माण केवल भौतिक ढांचे से नहीं, बल्कि ज्ञान, नैतिकता और संवेदनशीलता से होता है। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में भारतीय ज्ञान परंपरा को गर्व के साथ शामिल करने पर बल दिया, ताकि युवा पीढ़ी औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होकर आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक रूप से जागरूक बन सके। साथ ही शिक्षकों से आह्वान किया कि वे नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और अपने उत्कृष्ट आचरण से विद्यार्थियों का सर्वमुखी व समावेशी विकास सुनिश्चित करें। यह महामंथन अब केवल चर्चा तक सीमित नहीं है; इसका मुख्य लक्ष्य राजस्थान को एक आत्मनिर्भर आर्थिक इकोसिस्टम बनाना और प्रकृति के प्रति सजग ऐसी युवा शक्ति तैयार करना है, जो राज्य की प्रगति का मुख्य आधार बने। इसी संकल्प के साथ यह तय किया गया है कि शिक्षा में 'संस्कार, मूल्य और आत्मनिर्भरता' का यह विमर्श अब चित्तौड़ और जोधपुर प्रांतों से होते हुए, संभाग और जिला स्तर तक एक जीवंत वैचारिक यात्रा का रूप लेगा।

    मिट्टी का क़र्ज़ और युवाओं का फ़र्ज़- शहीद दिवस पर जयपुर ने भरी देशभक्ति की हुंकार

    -सैन्य अधिकारियों के साथ ट्रैक पर उतरा युवा जोश, शहादत को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि- जेयू रन फॉर मार्टियर्स -'राष्ट्र-प्रथम' का संकल्प: अमर बलिदानियों की याद में ‘रन फॉर मार्टियर्स’ में दौड़ी शहर की युवा पीढ़ी -सस्टेनेबिलिटी के साथ सशक्तिकरण: प्लास्टिक-मुक्त ट्रैक पर महिला धावकों ने पेश की मिसाल  -कदमों की ताल में गूँजा शहीदों का सम्मान: जेईसीआरसी रन फॉर मार्टियर्स ने पेश की राष्ट्रवाद की मिसाल जयपुर, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु- ये मात्र नाम नहीं, बल्कि उस अदम्य साहस का प्रतीक हैं जिसने भारत के भविष्य की नींव रखी। इसी गौरवशाली इतिहास को वर्तमान पीढ़ी के ज़हन में जीवंत करने के उद्देश्य से जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी द्वारा 'रन फॉर मार्टियर्स' मैराथन का आयोजन किया गया।  शहीद दिवस को समर्पित इस मैराथन में 1800 से ज़्यादा धावकों ने हिस्सा लिया। जिसमे भारतीय जल-थल व वायुसेना के 550 से अधिक जवानों ने शहर के नागरिकों के साथ ट्रैक साझा कर राष्ट्र के प्रति अटूट एकजुटता प्रदर्शित की। वहीं, 'महिला सशक्तिकरण' के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए, 370 से अधिक महिला धावकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। राष्ट्रभक्ति के इस जोश के साथ-साथ, जेईसीआरसी सेंटर फॉर सस्टेनेबिलिटी (जेसीएस) की पर्यावरण के प्रति जवाबदेही भी यहाँ स्पष्ट दिखी; जहाँ 'स्वच्छ भारत' के विज़न को अपनाते हुए पूरे आयोजन को पूर्णतः प्लास्टिक-मुक्त रखा गया और एकत्रित कचरे को रिसायकल व रीयूज़ के लिए प्रबंधित कर सस्टेनेबिलिटी का एक वैश्विक मानक पेश किया। राष्ट्रवाद का जोश भरते हुए, कार्यक्रम के चीफ़ गेस्ट मेज़र जनरल बीएस कांग (चीफ़ सिग्नल ऑफ़िसर, साउथ-वेस्टर्न कमांड) ने अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि हमारा हर कदम व्यक्तिगत फिटनेस के साथ-साथ विकसित और सशक्त भारत के निर्माण की ओर है। उन्होंने 'एक के बाद एक कदम' की निरंतरता को सफलता का मंत्र बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से ही हम राष्ट्र को प्रगतिशील बना सकते हैं। मैराथन को युवाओं में देशभक्ति और चरित्र निर्माण की एक पहल बताते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाईस चेयरपर्सन, अर्पित अग्रवाल ने 23 मार्च 1931 की ऐतिहासिक महत्ता को रेखांकित किया। उनका मानना है कि करियर और प्लेसमेंट की उपलब्धियों के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्र-प्रथम की चेतना जागृत करना अनिवार्य है, ताकि वे उस महान विरासत को आत्मसात कर सकें जिसने हमारे देश को एक विशिष्ट पहचान दी है। इसी विज़न के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि जेइसीआरसी परिवार हर साल ‘रन फॉर मार्टियर्स’ का आयोजन करेगा, जो वीर जवानों के प्रति संस्थान का एक वार्षिक समर्पण होगा। संस्थान का यह 'रन' एक ऐसी परंपरा की शुरुआत है जहाँ करियर की ऊंचाइयों के साथ-साथ 'नेशन फ़र्स्ट' का भाव युवाओं के चरित्र की नींव बनेगा।

    जैन युवा एकता संघ का विस्तार, मानसरोवर और वैशाली नगर संभाग पुनर्गठन

    जयपुर। अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ की रविवार को मानसरोवर स्थित रजत पथ पर संगठन की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मानसरोवर संभाग सहित वैशाली नगर संभाग की भी नींव रखी गई। बैठक में मानसरोवर संभाग अध्यक्ष पद पर कुलदीप छाबड़ा को पुनः सर्वसम्मति के साथ चयन किया गया साथ ही उपाध्यक्ष पद पर अनुज गंगवाल एवं राकेश छाबड़ा, महामंत्री पद पर अनंत जैन और कोषाध्यक्ष पद पर सुदर्शन पाटनी के नाम का चयन निर्विरोध किया गया। इसके अतिरिक्त वैशाली नगर संभाग की प्रथम कार्यकारिणी की नींव रखी गई जिसमें एडवोकेट मनोज बडजात्या का संभाग अध्यक्ष पद चयन किया गया।    संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि जैन युवा एकता संघ समाज के युवाओं को एक मंच पर लाकर समाज और धर्म के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन संभागों की पूर्ण कार्यकारिणी का गठन कर समाज की एकजुटता की अहम कार्य किए जाएंगे। संघ का लक्ष्य राजधानी में युवाओं की 10 और टीमें बनाकर सेवा कार्यों को गति प्रदान की जाएगी।   बैठक के दौरान राष्ट्रीय सचिव प्रमोद बाकलीवाल, सदस्य कुलदीप छाबड़ा, सुदर्शन पाटनी,अनंत जैन, अनुज गंगवाल, एडवोकेट मनोज बडजात्या,अमित जैन, विकास जैन, राकेश छाबड़ा, प्रिया बाकलीवाल, प्रियंका अजमेरा, श्रेया जैन, संगीता काला, रितिका जैन सहित अन्य सदस्य बैठक में शामिल हुए।   *हुआ पदमपुरा की मासिक बस यात्रा का आयोजन*   अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ द्वारा पिछले 10 वर्षों से मासिक पदमपुरा बस यात्रा का आयोजन लगातार किया जा रहा है, रविवार को एकता संघ परिवार द्वारा प्रातः 6.15 बजे वरुण पथ जैन मंदिर से यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें महावीर बडजात्या, गौरव जैन, सूचित सेठी, प्रमोद बाकलीवाल, कुलदीप छाबड़ा, सुदर्शन पाटनी, नरेश शाह, राकेश छाबड़ा, जयंत जैन, प्रिया जैन, निधि जैन सहित विभिन्न यात्रियों ने भाग लेकर छठे तीर्थंकर पदमप्रभु भगवान के दर्शन, पूजन एवं आरती की।   

    शिक्षक संघ (सियाराम) का महासमिति अधिवेशन दौसा में हुआ संपन्न

    कार्यकारिणी चुनावों में नवीन कुमार शर्मा कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष, मुकेश मीणा प्रदेश प्रवक्ता ,हेमंत जांगिड़ प्रदेश कोषाध्यक्ष बने   जयपुर राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का प्रांतीय महासमिति अधिवेशन दौसा के कैप्टन छुट्टन लाल मीणा टाउन हॉल में संगठन के सभाध्यक्ष ललित आर पाटीदार की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।अधिवेशन में राज्य के विभिन्न जिलों से चुने हुए प्रदेश महासमिति के सदस्यों ने भाग लिया।अधिवेशन में शिक्षा,शिक्षार्थी व शिक्षकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन हुआ।प्रदेश प्रवक्ता मुकेश कुमार मीणा ने बताया कि अधिवेशन में सभी ने तृतीय वेतन श्रंखला शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदोन्नति को लेकर सरकार द्वारा गंभीरता से कार्य नहीं करने पर गहरा रोष व्यक्त किया।संगठन ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से तृतीय वेतन श्रंखला शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदोन्नति हेतु सकारात्मक सोच के साथ द्रुत गति से कार्य करने की मांग की। राज्य में कई विद्यालयों में न्यून नामांकन पर अत्यधिक शिक्षकों के कार्यरत होने एवं अधिक नामांकन वाली स्कूलों में नाम मात्र के शिक्षक कार्यरत होने से विद्यार्थियों को हो रहे नुकसान की भरपाई करने के लिए पिछले कई वर्षों से बकाया पड़े शिक्षक समानीकरण व स्टाफिंग पेटर्न का कार्य अविलम्ब करने की मांग की।संगठन के मुख्य संरक्षक व प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षकों को संस्कारवान विद्यार्थी तैयार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।उन्होंने सभी सदस्यों से समर्पित भाव से संगठन में कार्य करते हुए शिक्षकों की सेवा करने की बात कही।महामंत्री नवीन कुमार शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, कोषाध्यक्ष बनवारी गौत्तम नें आय व्यय का वार्षिक ब्यौरा प्रस्तुत किया।संरक्षक राजेन्द्र कुमार शर्मा नें जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यों पर चर्चा की।अधिवेशन में प्रदेश कार्यकारिणी के संपन्न हुए चुनावों में प्रदेश सभाध्यक्ष ललित आर पाटीदार , उप सभाध्यक्ष गंगानगर के प्रवीण गौड़ , भीलवाड़ा के वीरेन्द्र शर्मा प्रदेश अध्यक्ष, करौली के रामदयाल मीणा महामंत्री, जयपुर के नवीन कुमार शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष,झुंझुनु के उम्मेद सिंह डूड़ी,प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा, हेमंत जांगिड़ प्रदेश कोषाध्यक्ष,प्रदेश उपाध्यक्ष जयपुर टीकेन्द्र सिंह मीना,संयुक्त महामंत्री राजेन्द्र पारीक ,सहायक कोषाध्यक्ष बनवारी लाल गौतम एवं प्रदेश अध्यक्ष संस्कृत शिक्षा बनवारी लाल सैनी, ऑडिटर विनोद मीना एवं महिला संगठन मंत्री सुरेखा यादव चुने गए।प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किए।

    ज्ञान और कौशल का संतुलन वर्तमान शिक्षा की अहम जरूरत : वासुदेव देवनानी

    — राजस्थान ज्ञान सभा का दो दिवसीय परिसंवाद का समापन समारोह जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी संतुलन वर्तमान शिक्षा की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यशैली में परिवर्तन से ही राजस्थान के विकसित होने का ध्येय पूर्ण हो सकेगा। इसके लिए शिक्षा को आध्यमिकता, संवेदनशीलता एवं जीवन मूल्यों से जोड़ना होगा। देवनानी जेईसीआरसी फाउंडेशन परिसर में आयोजित राजस्थान ज्ञान सभा के समापन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।    राजस्थान में शिक्षा के परिदृश्य पर समग्र चर्चा हेतु जेईसीआरसी विश्वविद्यालय, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, शिक्षा विभाग एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय परिसंवाद इस शैक्षिक मंथन का विषय 'विकसित राजस्थान हेतु शिक्षा' स्वर्णिम युग की ओर विकसित भारत 2047 रहा।    *प्रदेश के विकास का आधार है एनईपी-2020*   विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को राजस्थान के विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने नैतिक शिक्षा व सांस्कृतिक अध्ययन, आत्मनिर्भरता, नवाचार, सांस्कृतिक जागरुकता और समावेशी विकास को विकास एवं उन्नति के आवश्यक स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, नैतिकता एवं संवेदनशीलता शिक्षा का अहम हिस्सा है लेकिन ज्ञान को वैज्ञानिक आधार पर समझता भी जरूरी है। इसी से व्यक्तित्व एवं चरित्र का निर्माण भी होगा और चरित्र निर्माण से ही समग्र विकास संभव है।  देवनानी ने अध्ययन में रचनात्मकता पर जोर दिया।   *शिक्षा की उन्नति में तकनीक जरूरी*   परिसंवाद के दूसरे दिन की शुरुआत 'राजस्थान में कौशल आधारित शिक्षा, रोजगार सृजन एवं आर्थिक परिपेक्ष्य - आत्मनिर्भरता, उद्यमिता एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था का विकास' विषय पर परिचर्चा से शुरू हुई। इसमें जाने वाले शिक्षाविद ओम शर्मा ने पैनल की अध्यक्षता करते हुए हा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य परीक्षार्थी नहीं, बल्कि विद्यार्थी बनाने का प्रयास है। उन्होंने उद्योग आधारिक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा की उन्नति में तकनीक जरूरी है लेकिन शहरीकरण की दौड़ ठीक नहीं है। पं.दीनदयाल उपाध्याय शेखावटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अनिल रॉय ने पहले प्रयोग और बाद में सिद्धांत की बात कही। न्यास के प्रांत अध्यक्ष प्रो.राजीव सक्सेना भी पैनल में शामिल रहे।   *प्रकृति को आत्मसात करने की जरूरी*   परिसंवाद के अंतिम सत्र में 'राजस्थान की शिक्षा में पर्यावरण एवं सतत विकास पर चिंतन - भावी पीढ़ियों के लिए उत्तरदायी शिक्षा व्यवस्था' विषय पर संवाद हुआ। पैनल में विवेकानंद ग्लोबल कॉलेज के कुलपति एनडी माथुर, पर्यावरण शिक्षा के राष्ट्रीय संयोजक संजय स्वामी, बौद्धिक प्रमुख श्रीकांत और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के पूर्व अध्यक्ष डॉ. भारत राम कुमार ने पर्यावरण, प्रकृति के संरक्षण, जैविक कृषि और सतत विकास के लिए प्रकृति से जुड़ने और रोजमर्रा में आत्मसात करने पर जोर दिया। शिक्षाविदों ने स्थानीय क्षेत्रों की मैपिंग, ग्रीन कैंपस एवं प्लास्टिक फ्री कैंपस की आवश्यकता एवं प्रेरणादायी किरदारों वाली कहानियों को पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर जोर दिया।

    ज्ञान एवं कौशल का संतुलन वर्तमान शिक्षा की अहम जरूरत : वासुदेव देवनानी

    — राजस्थान ज्ञान सभा का दो दिवसीय परिसंवाद का समापन समारोह जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी संतुलन वर्तमान शिक्षा की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यशैली में परिवर्तन से ही राजस्थान के विकसित होने का ध्येय पूर्ण हो सकेगा। इसके लिए शिक्षा को आध्यमिकता, संवेदनशीलता एवं जीवन मूल्यों से जोड़ना होगा। देवनानी जेईसीआरसी फाउंडेशन परिसर में आयोजित राजस्थान ज्ञान सभा के समापन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।    राजस्थान में शिक्षा के परिदृश्य पर समग्र चर्चा हेतु जेईसीआरसी विश्वविद्यालय, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, शिक्षा विभाग एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय परिसंवाद इस शैक्षिक मंथन का विषय 'विकसित राजस्थान हेतु शिक्षा' स्वर्णिम युग की ओर विकसित भारत 2047 रहा।    *प्रदेश के विकास का आधार है एनईपी-2020*   विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को राजस्थान के विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने नैतिक शिक्षा व सांस्कृतिक अध्ययन, आत्मनिर्भरता, नवाचार, सांस्कृतिक जागरुकता और समावेशी विकास को विकास एवं उन्नति के आवश्यक स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, नैतिकता एवं संवेदनशीलता शिक्षा का अहम हिस्सा है लेकिन ज्ञान को वैज्ञानिक आधार पर समझता भी जरूरी है। इसी से व्यक्तित्व एवं चरित्र का निर्माण भी होगा और चरित्र निर्माण से ही समग्र विकास संभव है।  देवनानी ने अध्ययन में रचनात्मकता पर जोर दिया।   *शिक्षा की उन्नति में तकनीक जरूरी*   परिसंवाद के दूसरे दिन की शुरुआत 'राजस्थान में कौशल आधारित शिक्षा, रोजगार सृजन एवं आर्थिक परिपेक्ष्य - आत्मनिर्भरता, उद्यमिता एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था का विकास' विषय पर परिचर्चा से शुरू हुई। इसमें जाने वाले शिक्षाविद ओम शर्मा ने पैनल की अध्यक्षता करते हुए हा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य परीक्षार्थी नहीं, बल्कि विद्यार्थी बनाने का प्रयास है। उन्होंने उद्योग आधारिक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा की उन्नति में तकनीक जरूरी है लेकिन शहरीकरण की दौड़ ठीक नहीं है। पं.दीनदयाल उपाध्याय शेखावटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अनिल रॉय ने पहले प्रयोग और बाद में सिद्धांत की बात कही। न्यास के प्रांत अध्यक्ष प्रो.राजीव सक्सेना भी पैनल में शामिल रहे।   *प्रकृति को आत्मसात करने की जरूरी*   परिसंवाद के अंतिम सत्र में 'राजस्थान की शिक्षा में पर्यावरण एवं सतत विकास पर चिंतन - भावी पीढ़ियों के लिए उत्तरदायी शिक्षा व्यवस्था' विषय पर संवाद हुआ। पैनल में विवेकानंद ग्लोबल कॉलेज के कुलपति एनडी माथुर, पर्यावरण शिक्षा के राष्ट्रीय संयोजक संजय स्वामी, बौद्धिक प्रमुख श्रीकांत और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के पूर्व अध्यक्ष डॉ. भारत राम कुमार ने पर्यावरण, प्रकृति के संरक्षण, जैविक कृषि और सतत विकास के लिए प्रकृति से जुड़ने और रोजमर्रा में आत्मसात करने पर जोर दिया। शिक्षाविदों ने स्थानीय क्षेत्रों की मैपिंग, ग्रीन कैंपस एवं प्लास्टिक फ्री कैंपस की आवश्यकता एवं प्रेरणादायी किरदारों वाली कहानियों को पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर जोर दिया।

    ज्ञान एवं कौशल का संतुलन वर्तमान शिक्षा की अहम जरूरत : श्री वासुदेव देवनानी

    — राजस्थान ज्ञान सभा का दो दिवसीय परिसंवाद का समापन समारोह जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी संतुलन वर्तमान शिक्षा की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यशैली में परिवर्तन से ही राजस्थान के विकसित होने का ध्येय पूर्ण हो सकेगा। इसके लिए शिक्षा को आध्यमिकता, संवेदनशीलता एवं जीवन मूल्यों से जोड़ना होगा। देवनानी जेईसीआरसी फाउंडेशन परिसर में आयोजित राजस्थान ज्ञान सभा के समापन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।    राजस्थान में शिक्षा के परिदृश्य पर समग्र चर्चा हेतु जेईसीआरसी विश्वविद्यालय, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, शिक्षा विभाग एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय परिसंवाद इस शैक्षिक मंथन का विषय 'विकसित राजस्थान हेतु शिक्षा' स्वर्णिम युग की ओर विकसित भारत 2047 रहा।    *प्रदेश के विकास का आधार है एनईपी-2020*   विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को राजस्थान के विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने नैतिक शिक्षा व सांस्कृतिक अध्ययन, आत्मनिर्भरता, नवाचार, सांस्कृतिक जागरुकता और समावेशी विकास को विकास एवं उन्नति के आवश्यक स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, नैतिकता एवं संवेदनशीलता शिक्षा का अहम हिस्सा है लेकिन ज्ञान को वैज्ञानिक आधार पर समझता भी जरूरी है। इसी से व्यक्तित्व एवं चरित्र का निर्माण भी होगा और चरित्र निर्माण से ही समग्र विकास संभव है।  देवनानी ने अध्ययन में रचनात्मकता पर जोर दिया।   *शिक्षा की उन्नति में तकनीक जरूरी*   परिसंवाद के दूसरे दिन की शुरुआत 'राजस्थान में कौशल आधारित शिक्षा, रोजगार सृजन एवं आर्थिक परिपेक्ष्य - आत्मनिर्भरता, उद्यमिता एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था का विकास' विषय पर परिचर्चा से शुरू हुई। इसमें जाने वाले शिक्षाविद ओम शर्मा ने पैनल की अध्यक्षता करते हुए हा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य परीक्षार्थी नहीं, बल्कि विद्यार्थी बनाने का प्रयास है। उन्होंने उद्योग आधारिक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा की उन्नति में तकनीक जरूरी है लेकिन शहरीकरण की दौड़ ठीक नहीं है। पं.दीनदयाल उपाध्याय शेखावटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अनिल रॉय ने पहले प्रयोग और बाद में सिद्धांत की बात कही। न्यास के प्रांत अध्यक्ष प्रो.राजीव सक्सेना भी पैनल में शामिल रहे।   *प्रकृति को आत्मसात करने की जरूरी*   परिसंवाद के अंतिम सत्र में 'राजस्थान की शिक्षा में पर्यावरण एवं सतत विकास पर चिंतन - भावी पीढ़ियों के लिए उत्तरदायी शिक्षा व्यवस्था' विषय पर संवाद हुआ। पैनल में विवेकानंद ग्लोबल कॉलेज के कुलपति एनडी माथुर, पर्यावरण शिक्षा के राष्ट्रीय संयोजक संजय स्वामी, बौद्धिक प्रमुख श्रीकांत और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के पूर्व अध्यक्ष डॉ. भारत राम कुमार ने पर्यावरण, प्रकृति के संरक्षण, जैविक कृषि और सतत विकास के लिए प्रकृति से जुड़ने और रोजमर्रा में आत्मसात करने पर जोर दिया। शिक्षाविदों ने स्थानीय क्षेत्रों की मैपिंग, ग्रीन कैंपस एवं प्लास्टिक फ्री कैंपस की आवश्यकता एवं प्रेरणादायी किरदारों वाली कहानियों को पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर जोर दिया।

    समाज के विकास मे धन की कमी नहीं आयेगी: रमेश चन्द्र गुप्ता (तूँगा वाले)

    अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारीनी की 35 वे सत्र की मीटिंग अयोजीत   - देश के विभिन्न प्रदेशों एवं शहरो से आए खंडेलवाल बंधु - मीटिंग मे किया समाज के विकास के लिए विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श एवं लिए महतवपूर्ण निर्णय   अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा, गंगा मन्दिर, जयपुर की राष्ट्रीय कार्यकारीनी की 35 वे सत्र की मीटिंग का आयोजन खंडेलवाल युवा जनजागरन समिति, दिल्ली की और से रविवार 22 मार्च को गोल्डन एप्पल, पुलिस लाईन, रोड़ नंबर 13, मिलन अपार्टमेंट डिस्ट्रिक पार्क के पास, पीतमपुरा दिल्ली मे किया गया! मीटिंग मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूँगा वाले) ने कहा कि समाज के विकास मे धन की कमी नहीं आयेगी! इसके लिये समाज के भामाशा को जोड़ा जाएगा! इस अवसर पर खंडेलवाल समाज के भामाशा एवं उद्योगपति हरी मोहन डगायच ने 42 लाख एवं महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूँगा वाले) ने महासभा को समाज के विकास के लिए 31 लाख देने की घोषणा की! इसके साथ ही महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कुमार कट्टा ने 24 लाख रुपये देने की घोषणा की! कार्यक्रम मे महासभा के प्रधानमंत्री चंद्र प्रकाश खंडेलवाल, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल एडवोकेट मथुरा, कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारीलाल खंडेलवाल (डीग) जयपुर महासभा के कार्यालय मंत्री रामकिशोर खुटेटा, महासभा के पूर्व प्रधानमंत्री राकेश रावत दिल्ली,पूर्व प्रधानमंत्री नरेश खंडेलवाल मंडी गोविंदगढ़ ने महासभा की गतिविधियों पर, पूर्व मे की गई मीटिंग मे लिए गए निर्णय पर जानकारी दी! इस अवसर पर महासभा पत्रिका के मुख्य संपादक राम निरंजन खुटेटा भी मौजूद थे!    अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया कि कार्यक्रम का आरंभ संत सुंदर दास जी की फोटो के समक्ष दीप प्रजवलन कर किया गया एवं सभी अतिथियों का स्वागत माल्या अर्पण कर एवं चुनरी का दुपट्टा पहना कर किया! इसके साथ ही महासभा के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यों ने युवा जनजागरन समिति, दिल्ली के पदाधिकारी, सदस्यों की प्रशंशा करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए उन्हें धन्यवाद एवं साधुवाद दिया!     इस अवसर पर महासभा के संरक्षक व न्याय समिति सदस्य राजेश आमेरिया, महासभा उपाध्यक्ष एवं युवा समिति महा मंत्री अजय खंडेलवाल, महासभा संरक्षक युवा समिति सहमंत्रि मनोज खंडेलवाल, महासभा संरक्षक युवा समिति कोषाध्यक्ष राजू झालानी, आजीवन संरक्षक महासभा व खंडेला धाम महेंद्र कायाथवाल, आजीवन संरक्षक खंडेला धाम घनश्याम बटवाडा, आजीवन संरक्षक खंडेला धाम राजेंद्र कुमार खंडेलवाल, आजीवन संरक्षक महासभा व खंडेला धाम चंद्र मोहन झालानी, आजीवन संरक्षक महासभा महेश खंडेलवाल, आजीवन ट्रस्टी खंडेला धाम संजय खंडेलवाल, आजीवन ट्रस्टी खंडेला धाम अनूप खंडेलवाल भी अतिथि के रूप मे मौजूद रहे! इस अवसर पर मंच संचालन रविकांत वैध, अजय ठाकुरिया, नरेश रावत, आश्वी खंडेलवाल ने किया! आगंतुकों का स्वागत हरीश अटोलिया, गिरिराज प्रसाद रावत, सुरेश झालानी, राकेश सोखिया, नितिन खारवाल ने किया! उमाशंकर भूखमारिया, संजय मणिकबोहरा, गिरिराज प्रसाद रावत, पी सी गुप्ता, सुरेश घीया, राजेश अमेरिया, गोपाल खंडेलवाल, राजकुमार खुटेटा, महेश बाजरगान, विनोद, राजीव खंडेलवाल, शशांक खंडेलवाल, लक्ष्मी नारायण भूखमारिया, संदीप, मनोज खुटेटा, मुकेश कट्टा, सुशील बडाया, अमित माली क्रमश आवास, हॉल, रजिस्ट्रेशन, भोजन से संबंधित सभी कार्य कर कार्यक्रम को सफल बनाया! कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खंडेलवाल समाज उत्तरी दिल्ली, पीतमपुरा, खंडेलवाल वेश्य संघ, आनंद पर्वत, खंडेलवाल वेश्य समाज, वेस्ट दिल्ली,   खंडेलवाल वेश्य समाज, रोहीनी, खंडेलवाल वेश्य संघठन सभा, करोल बाग, खंडेलवाल वेश्य समाज, पूर्वी दिल्ली, आनंद विहार, खंडेलवाल समाज, सुल्तान पुरी, खंडेलवाल वेश्य समाज द्वारका उपनगर, महावीर एनक्लेव, खंडेलवाल समाज वेल्फेयर एसोसिएशन, नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा, खंडेलवाल वेश्य सेवा सदन ट्रस्ट, पहाड़गंज, खंडेलवाल हैप्पी क्लब, उत्तम नगर,   खंडेलवाल चेतना मंच दिलशाद गार्डन, खंडेलवाल मित्र मंडल वेस्ट देल्ही, खयाला, खंडेलवाल वेश्य समाज, पालम द्वारका पालम, खंडेलवाल वेश्य समाज एसोशिएशन, गुरुग्राम, खंडेलवाल समाज विकास ट्रस्ट, न्यू रोहतक रोड एवं सुमरुधरा मंच दिल्ली सहयोगी संस्थानों के रूप मे अपना योगदान दिया! मीटिंग मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, राजनंद गाव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, आजीवन सदस्यों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया!

    गांवों में नियमित साफ - सफाई और कचरा संग्रहण व्यवस्था हो माकूल : दिलावर

    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने किया ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण, सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों से लिया फीडबैक, दिए निर्देश चूरू। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री रविवार को चूरू जिले के दौरे पर रहे। इस अवसर पर उन्होंने रतनगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं और अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए। मंत्री मदन दिलावर ने रतनगढ़ क्षेत्र में टिडियासर गांव सहित अन्य निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से पंचायतीराज कार्यों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं से अवगत करवाया।   सफाई व्यवस्था में अनियमितता पर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने नाराज़गी जाहिर की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गांवों में नियमित साफ सफाई और कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।  उन्होंने कहा कि यदि गांव में सफाई व्यवस्था माकूल नहीं रही जिम्मेदार उच्च अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री दिलावर ने गांव में सफाई व्यवस्था, घर घर कचरा संग्रहण, नियमित सफाई, पानी भराव और स्वच्छता कार्यों व मौसमी बीमारियों के प्रबंधन को लेकर ग्रामीणों से फीडबैक लिया और अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए।

    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने किया ग्राम पंचायतो का औचक निरीक्षण, सीकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को चार्जशीट, बीडीओ एवं एबीडीओ पलसाना तथा पिपराली को निलंबित करने के निर्देश

    जयपुर! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री आज चूरू जिले के एकदिवसीय प्रवास पर रतनगढ़ पहुंचे! जयपुर से चूरू जाते समय शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विभिन्न ग्राम पंचायतो का दौरा किया और सफाई व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया!     शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री सबसे पहले सीकर जिले की ग्राम पंचायत ठीकरिया पहुंचे,इसके बाद मंत्री पंचायत समिति पलसाना की ग्राम पंचायत रेवासा पहुंचे! रेवासा में पूरे गांव में गंदगी के अंबार लगे देखकर मंत्री मदन दिलावर भड़क गए! उन्होंने ग्रामीणों को बुलाकर पूछा कि गांव में रोज झाड़ू निकलता है क्या? पंचायत की तरफ से सफाई कर्मी आते हैं क्या? इस पर ग्रामीणों ने मंत्री को बताया कि कोई भी झाड़ू लगाने नहीं आता है और ना ही कोई कचरा उठाने गाड़ी आती है!      इसके बाद शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर पंचायत समिति पिपराली की ग्राम पंचायत बाजोर पहुंचे! पूरे गांव में पानी फैला हुआ था जगह-जगह कीचड़ और रास्ते जाम थे! गांव के मुख्य सड़क पर ही गंदगी और कचरे की ढेर लगे थे! जिसे देखकर मंत्री मदन दिलावर ने तुरंत जिला परिषद सीकर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को फोन किया! श्री दिलावर ने पूछा कि आप कभी गांव में जाते हो? कभी किसी पंचायत समिति में दौरा कर उसकी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया है? मंत्री ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी से सवाल किया कि मैं गांव-गांव घूम के आ रहा हूं सभी जगह गांव में गंदगी के ढेर लगे मिले हैं!झाड़ू और सफाई की व्यवस्था नहीं हो रही है! गर्मी का मौसम आने वाला है,इस गंदगी से गांव में बीमारी फैल गई लोगों को हैजा हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? तुम्हारा बी डी ओ कभी गांव में जाता नहीं है? मंत्री ने नाराज होकर कहा कि अब मैं सबके खिलाफ कार्रवाई करूंगा! पिछले 2 साल से लगातार सफाई के लिए जोर दे रहा हूं और आप लोग गांव में सफाई को लेकर गंभीरता से काम नहीं कर रहे हो!   शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री ने जिला परिषद सीकर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को चार्जशीट देने तथा पंचायत समिति पलसाना एवं पंचायत समिति पिपराली के विकास अधिकारी एवं अतिरिक्त विकास अधिकारी को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं!  इसके अलावा स्वच्छता अभियान के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं स्वच्छता प्रभारी को भी सस्पेंड करने के आदेश मंत्री मदन दिलावर ने दिए हैं!     मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि 2 साल से लगातार कहने के बाद भी यदि गांव में सफाई नहीं हो रही है, तो मैं जिम्मेदार उच्च अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करूंगा! और यदि स्वच्छता के पैसों को किसी अन्य कार्य में खर्च किया गया होगा तो उसकी वसूली भी संबंधित जिम्मेदार अधिकार से करूंगा!