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    गौ संवर्द्धन आश्रम में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई, पंचगव्य चिकित्सा पाठ्यक्रम की हुई शुरुआत

    -देश के प्रथम पंचगव्य चिकित्सा पाठ्यक्रम का शुभारंभ जोधपुर। जिले के मोकलावास स्थित गौ संवर्द्धन आश्रम में सोमवार को एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई। इसके तहत पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने देश के प्रथम पंचगव्य चिकित्सा पाठ्यक्रम की कक्षाओं का विधिवत रूप से शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि पंचगव्य चिकित्सा भारतीय परंपरा और आयुर्वेद का महत्वपूर्ण अंग है, जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगा। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण विकास, स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के प्रसार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय,जोधपुर एवं लक्ष्य पर्यावरण एवं जन कल्याण संस्था (विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त रिकॉग्नाइज्ड सेंटर) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम के अंतर्गत पंचगव्य के सिद्धांत, औषधि निर्माण, विभिन्न रोगों के उपचार, पंचकर्म पद्धतियाँ, मानव स्वास्थ्य एवं जीवनशैली के साथ-साथ गौ-स्वास्थ्य, गौशाला प्रबंधन तथा गो-उत्पाद आधारित स्वरोजगार का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कुमावत ने कहा कि यह पहल न केवल पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को सशक्त बल्कि क्षेत्र में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के नए आयाम भी स्थापित करेगी। कार्यक्रम के दौरान आसपास के ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं को भी मंत्री कुमावत ने सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्था के सचिव राकेश निहाल ने मंत्री कुमावत को गौ संवर्धन आश्रम का अवलोकन कराया और आश्रम में चल रहे विभिन्न प्रकल्पों के बारे में अवगत कराया। मंत्री ने तीन पीढ़ियों वाली गायों एवं नंदी को देखकर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने गौवंश हेतु विशेष रूप से तैयार ग्वार लापसी भी गायों को खिलाई। कार्यक्रम में पाली के पूर्व सांसद पुष्प जैन, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चोपड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, जिला उपाध्यक्ष पवन आसोपा व मनीष पुरोहित, जिलामंत्री राकेश बगरेचा व पवन वैष्णव, श्रीयादे माता पावन धाम झालामंड, जोधपुर के अध्यक्ष धर्माराम प्रजापत, गौ संवर्धन आश्रम के अध्यक्ष नंदलाल भाटी, जोधपुर गौशाला संघ के जिलाध्यक्ष हरिनारायण सोनी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विशिष्ट पदाधिकारियों सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। साथ ही डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति वैद्य गोविंद शुक्ला भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में नंदलाल भाटी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

    विश्व शांति केंद्र गुरुग्राम मे आयोजित हुआ निशुल्क स्वास्थ्य जांच और वेलनेस शिविर, आमजन को मिला लाभ

    विश्व शांति केंद्र गुरुग्राम मे आयोजित हुआ निशुल्क स्वास्थ्य जांच व वेलनेस शिविर विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य जांच के बाद परामर्श भी उपलब्ध कराया गया विश्व शांति, स्वस्थ व समृद्ध भारत निर्माण हमारा उद्देश्य - आचार्य लोकेश गुरुग्राम / नई दिल्ली : अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी के सान्निध्य में विश्व शांति केंद्र गुरुग्राम में निशुल्क स्वास्थ्य जांच व वेलनेस शिविर का आयोजन हुआ | इस शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई। इसमें आँख, कान, नाक (ईएनटी) की जांच के साथ-साथ फिजियोथेरेपी एवं ध्यान, योग, प्राणायाम आदि की सेवाएं भी प्रदान की गईं। आचार्य लोकेश ने इस अवसर पर कहा कि विश्व शांति का मार्ग स्वस्थ और संतुलित समाज से होकर गुजरता है। जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा, तभी वह सकारात्मक सोच और सद्भावना के साथ समाज में योगदान दे सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “स्वस्थ व समृद्ध भारत” का निर्माण तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग को समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। आचार्य लोकेश ने कहा कि यह निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं वेलनेस शिविर केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। इस शिविर का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचित और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था, ताकि वे स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो सकें | शिविर में हेल्थ चेकअप के साथ लोगों को उनके स्वास्थ्य के अनुसार संतुलित आहार के बारे में जानकारी दी गई और योग सत्र के माध्यम से उन्हें दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल इस बात को दर्शाती है कि केवल बीमारी का इलाज ही नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य—शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन—भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों—ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. देबजनी, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. गायत्री कानन, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. पीयूष आनंद, अज़ीम और आहार विशेषज्ञ डॉ. शेली—ने न केवल जांच की, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत परामर्श भी दिया। इस प्रकार, यह शिविर लोगों के लिए एक समग्र स्वास्थ्य मार्गदर्शन केंद्र के रूप में कार्य करता रहा। योगाचार्य करण द्वारा आयोजित योग सत्र ने शिविर को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को सरल योगासन और दैनिक अभ्यास सिखाए, जिससे वे अपने जीवन में नियमित रूप से योग को शामिल कर सकें और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें। विशेषज्ञों को अहिंसा विश्व भारती की ओर से पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया | इस आयोजन की सफलता में तारकेश्वरी मिश्रा, केनु अग्रवाल, विनीत शर्मा एवं दयाराम आदि विश्व शांति केंद्र के सभी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा|

    प्रदेश के हर जिले में हो बाल महोत्सव का आयोजन, प्रदेश को मिलेगी नई पहचान:बाघमार

    -जयपुर बाल महोत्सव का हुआ आगाज -41 जिलों के बच्चों की प्रतिभा और संस्कृति का संगम जयपुर। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार ने सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में डिजिटल बाल मेला की ओर से आयोजित तीन दिवसीय जयपुर बाल महोत्सव का शुभारंभ करते हुए बच्चों की रचनात्मकता की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जहां उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ प्रदेश की विविध सांस्कृतिक पहचान को समझने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर उन्होंने फ्यूचर सोसायटी का आभार जताते हुए कहा कि 41 जिलों से आए बच्चों ने अपने-अपने जिले की विशेषताओं को जिस तरह प्रस्तुत किया है, वह सराहनीय है। बाघमार ने कहा कि राज्य के हर जिले में ऐसे बाल महोत्सव का आयोजन होना चाहिए। उन्होंने अपने गृह जिले नागौर में अगला बाल महोत्सव आयोजित करने का ऐलान भी किया।   मंत्री बाघमार ने कहा कि बाल महोत्सव जैसे आयोजन बच्चों का सामान्य ज्ञान बढ़ता है और उनमें टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें शिक्षा, संस्कार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही बाल श्रम के खिलाफ भी सरकार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में राजस्थान के 41 जिलों से आए बच्चों ने भाग लिया और विभिन्न स्टॉल्स के माध्यम से अपने जिले की संस्कृति, परंपरा और विशेषताओं का प्रदर्शन किया।   यह आयोजन केवल मेला नही, एक समृद्ध संसार है:कमलेश शर्मा    कोग्निवेरा के संस्थापक कमलेश शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि बच्चों का एक समृद्ध संसार है, जहां राजस्थान के हर जिले की संस्कृति जीवंत हो उठी है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने अपने-अपने जिलों को जिस तरह प्रदर्शित किया है, उससे प्रदेश में पर्यटन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। उन्होंने भविष्य में ऐसे आयोजनों को सहयोग देने की भी बात कही।   बच्चों के जीवन का खालीपन दूर कर रहा डिजिटल बाल मेला:जान्हवी    डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जान्हवी शर्मा ने स्वागत संबोधन में कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों के जीवन में बढ़ते खालीपन को दूर करना और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज गैजेट का सही उपयोग कराना ही डिजिटल बाल मेला का मूल उद्देश्य है। इस अवसर पर पिंजरापोल गौशाला के अध्यक्ष प्रदीप बाहेती ने कहा कि गौशाला में इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है और इससे बच्चों को गौ सेवा और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि गौ माता से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और बच्चों को इससे जोड़ना आवश्यक है।   यह भी रहे मौजूद    कार्यक्रम में फ्यूचर सोसायटी के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने अध्यक्षता की। इस अवसर पर अजय शर्मा, डॉ. अलका गौड़, डॉ. मीना शर्मा, दीपक शर्मा और आरजे कार्तिक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

    विपिन प्रकाश शर्मा पुनः प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के चुनाव सम्पन्न   राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ का 43 वां प्रदेश महासमिति अधिवेशन आज रविवार को माली समाज भवन,पाली में आयोजित किया गया।    प्रदेश महासमिति अधिवेशन में नये शिक्षा सत्र में शिक्षक एवं शिक्षार्थी को जो चुनौतियों के सामने करना पड़ रहा है उसे पर मंथन किया गया तथा प्रदेश महासमिति का निर्वाचन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।    *विपिन प्रकाश शर्मा, पुनः राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पर निर्विरोध निर्वाचित हुए।*   इसके साथ ही शशिभूषण शर्मा- सभाध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष - अंजनी कुमार शर्मा, प्रमोद स्वर्णकार,मुख्य महामंत्री - महेंद्र पाण्डे, महामंत्री - दीपक ठक्कर, उपाध्यक्ष - राधेश्याम सोनी, मनेन्द्र चंसौरिया, विष्णु त्रिपाठी, करणसिंह, कोषाध्यक्ष - प्रमोद शर्मा, महिला मंत्री- रेखा शर्मा, शैलजा शर्मा, प्रदेश मंत्री (सचिवालय) रामस्वरूप गुर्जर, प्रदेश मंत्री (मुख्यालय) शिवशंकर जोशी, प्रदेश संयुक्त मंत्री - राजकुमार रैगर आदि अनेक पदाधिकारी  निर्वाचित घोषित किए गए। प्रदेश संगठन मंत्री शिवशंकर  ओझा ने सभी नव‌ निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।     महासमिति अधिवेशन के उदधाटन सत्र में मुख्य अतिथि महेंद्र बोहरा ,पूर्व सभापति ने उपस्थित संभागी शिक्षको बंधाई देते हुए कहा कि गुरु ही सर्वोपरि है जो‌ राष्ट्र के भविष्य का निर्माता है।  मुख्य महामंत्री महेंद्र पाण्डे ने विस्तार से शिक्षक शिक्षार्थियों के वर्तमान ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नत शिक्षकों की काउंसलिंग, शारीरिक शिक्षकों के स्थाईकरण एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती इत्यादि मांगों के लिए शिक्षकों एकजुट होकर आन्दोलन के लिए तैयार रहने की अपील की । संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अधिवेशन संयोजक राधेश्याम सोनी ने बताया कि अधिवेशन में उत्कृष्ट शिक्षकों सम्मानित किया गया तथा पधारें शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

    कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी : मंत्री कुमावत

    -सांडेराव में कुमावत समाज की 180 प्रतिभाओं का सम्मान  सुमेरपुर। गोडवाड़ कुमावत शिक्षा समिति निम्बेश्वर महादेव साण्डेराव द्धारा निंबेश्वर महादेव मार्ग पर कुमावत समाज की धर्मशाला में रविवार को 26 वां प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने 10वीं, 12वीं, स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले 180 विद्यार्थियों को सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने समाज के राजकीय सेवा में नवचयनित प्रतिभाओं का भी सम्मान किया।  समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने मेधावी छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विकास समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है। समिति के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और समाज के शैक्षणिक उत्थान के लिए भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि एसडीएम कालूराम कुमावत ने छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं के प्रति जागरूक किया और धैर्य के साथ अध्ययन करने की सलाह दी।   कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में मेजर प्रयास मालविया, सांडेराव, सुमेरपुर के सीबीईओ जीवाराम कुमावत, डॉ. रोहित कुमावत, नवचयनित आईएएस जितेंद्र कुमावत मौजूद रहे। इस मौके पर भामाशाह शंकर नेमाजी रामीणा कांगड़ी, चूली आश्रम के कर्मगिरी महाराज, एसडीएम कालूराम कुम्हार, भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल, पाली के अध्यक्ष पुखराज सोलंकी, बालराई के सरपंच केशाराम कुमावत, आहोर पंचायत समिति के उप प्रधान अमृत प्रजापत, आहोर नगरपालिका के चैयरमैन सुजाराम प्रजापत, एईएन अक्षय कुमावत, समिति के संरक्षक पूनाराम रामीणा, बांगड़ी, केसाराम तलैसा, बालराई, समिति अध्यक्ष भूराराम भुबाजी मालवीया, सांडेराव, उपाध्यक्ष वक्ताराम हिरा मेड़तिया सिंदरू, दरगाराम पुना मेवाड़ा ढोला, जोधाराम माना रामीणा पादरली, मनरूपराम मगा टॉक, खिमाड़ा, महामंत्री गुलाबराम केसा रोटांगण, बालराई, सहमंत्री-विक्रम कुमार नारायण रामीणा, रानी स्टेशन, कोषाध्यक्ष थानाराम पीरा सांवलेचा, आकदड़ा, सहकोषाध्यक्ष धनाराम मोती रोटांगण, बालराई, संगठन मंत्री नारायणलाल काना सिंदरू, दूदाराम वागा भाटुदंरा आकदड़ा, दूदाराम राजाजी तलैसा लापोद, मोडाराम दानाजी मालवीया दुजाना, प्रचार मंत्री थानाराम पुनाजी गोयल बालराई, घीसाराम भुताजी रोटांगण बांगड़ी सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित रहे। अंत में सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।

    रामगंजमंडी में 18 मई को आयोजित विशाल शिक्षक रैली की तैयारियों को लेकर जयपुर में बैठक हुई संपन्न

    शिक्षा मंत्री को सद्बुद्धि देने के लिए शिक्षक करेंगे 8 मई को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ जयपुर : राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के संरक्षक मंडल के सदस्यों एवं प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक संगठन के लाल कोठी जयपुर स्थित प्रांतीय कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने की। संगठन के *प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा* ने बताया कि ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में मनमानी कटौती करने के विरोध में संगठन द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के आगामी चरण के तहत 18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी,कोटा में विशाल शिक्षक रैली का आयोजन कर विरोध प्रदर्शन करने को लेकर आवश्यक तैयारियों के सम्बन्ध में चर्चा की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रामगंजमंडी शिक्षक रैली से पूर्व सभी जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के बाहर संगठन द्वारा शिक्षा मंत्री को सद्बुद्धि देने की कामना को लेकर यज्ञ किया जाएगा एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ने संगठन के सभी पदाधिकारियों से संगठन द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की अच्छी तैयारी कर अधिकाधिक शिक्षकों को इससे जोड़ने के निर्देश प्रदान किए।प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा ने सभी शिक्षकों से सद्बुद्धि यज्ञ एवं शिक्षक रैली में भाग लेने की अपील की। बैठक में तृतीय वेतन श्रंखला शिक्षकों के स्थानांतरण एवं विगत 5 वर्षों से बकाया डीपीसी करने की मांग की गई।बैठक में मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा,संरक्षक मंडल के सदस्य सुरेश चंद्र शर्मा,रामेश्वर लाल सैनी, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, रणवीर सिंह गोदारा, प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा, मुख्य महामंत्री उम्मेद सिंह डूडी, महामंत्री रामदयाल मीणा,सह संगठन मंत्री देवेंद्र कुमार राठौर, कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष हेमेंद्र कुमार जांगिड़ आदि ने विचार व्यक्त किए।

    रैगर समाज के भामाशाह नरेन्द्र नवल ने बालिका छात्रावास के लिए 1. 25 करोड़ की घोषणा की

    अमरीका निवासी रैगर समाज के भामाशाह नरेन्द्र नवल का समाज के अधिकारियों ने किया सम्मान  जयपुर। अमरीका निवासी रैगर समाज के भामाशाह नरेन्द्र नवल एवं उनके परिवारजनों के जयपुर आगमन पर रविवार को रैगर समाज के ऑफिसर्स द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।जिसमे नरेन्द्र नवल की माताजी श्रीमती कोशल्यादेवी का भी सम्मान किया गया ।         इस सामाजिक कार्यक्रम में आरओसी अध्यक्ष मोहन लाल खटनावलिया एवं सचिव डॉ. एस.एन. धौलपुरिया ने सभी परिवाजनों का स्वागत करते हुए, आरओसी के सामाजिक सरोकार का उद्देश्य बताया । बालिका छात्रावास निर्माण की भावी रोडमैप की जानकारी दी ।           बालिका छात्रावास निर्माण समिति के संयोजक रतन लाल अटल ने बालिका छात्रावास निर्माण की प्रगति से अवगत करवाया ।            नरेंद्र नवल ने बालिका छात्रावास निर्माण स्थल का मुआयना किया और छात्रावास निर्माण की कार्ययोजना की जानकारी ली ।        बालिका छात्रावास निर्माण हेतु आरओसी सदस्यों द्वारा हाल ही में 2 करोड़ रुपए एकत्रित किए । शीघ्र ही बालिका छात्रावास निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा । मौके पर ही नरेंद्र नवल ने बालिका छात्रावास निर्माण मिशन से प्रभावित होकर अपने पिता स्वर्गीय भंवर लाल नवल की स्मृति में बालिका छात्रावास निर्माण के लिए 1.25 करोड़ रुपए का आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की ।          एक निजी होटल में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में निवाई विधायक राम सहाय वर्मा ने भी बालिका छात्रावास निर्माण में योगदान के लिए नरेन्द्र नवल का आभार व्यक्त किया गया ।इस अवसर पर अखिल भारतीय रैगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. एल.नवल भी उपस्थित रहे ।

    मेहनतकश हाथों को सलाम” — रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया

    जयपुर रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस बड़े सम्मान और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना एवं वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने मजदूर दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत ‘लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान’ द्वारा की गई थी और स्वतंत्रता के बाद भारतीय संविधान ने श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।  प्रिंसिपल डॉ. ताराचंद एवं स्टाफ सदस्यों ने श्रमिकों के हित में बनाए गए महत्वपूर्ण कानूनों—न्यूनतम मजदूरी अधिनियम (1948), औद्योगिक विवाद अधिनियम (1947) और भविष्य निधि अधिनियम (1952)—की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सरकार ‘लेबर कोड्स’ के माध्यम से इन नियमों को और सरल बनाने का प्रयास कर रही है।  कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी बताया कि आज के दौर में श्रमिकों के सामने कई चुनौतियां हैं। देश की बड़ी श्रमशक्ति अभी भी असंगठित क्षेत्र में कार्य कर रही है, जहां नौकरी की सुरक्षा और भविष्य की गारंटी नहीं होती। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक रोजगार के अवसरों में बदलाव आ रहा है, जबकि ‘गिग इकॉनमी’ का चलन तेजी से बढ़ रहा है।  इस अवसर पर कॉलेज के सभी स्टाफ और विद्यार्थियों द्वारा संस्थान के चपरासी, माली, सफाईकर्मी, गार्ड एवं अन्य श्रमिकों को सम्मानित किया गया। सभी ने उनके योगदान को सराहा और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।  यह आयोजन न केवल श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि विद्यार्थियों में श्रम के महत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुआ।

    अक्षेंद्र वेलफेयर सोसायटी का विशाल परिंडा अभियान, पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल

    भीषण गर्मी के इस दौर में जहाँ इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान पक्षी भी पानी और भोजन के अभाव में जीवन संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे समय में अक्षेंद्र वेलफेयर सोसायटी द्वारा एक सराहनीय एवं विशाल परिंडा अभियान का आयोजन पत्रिका गेट, जेएलएन मार्ग, जयपुर में किया गया। इस अभियान का उद्देश्य गर्मी से व्याकुल पक्षियों को पानी और दाना उपलब्ध कराना तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम में अक्षेंद्र वेलफेयर सोसायटी के 100 से अधिक वालंटियर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सेवा भावना का परिचय दिया। अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर 500 से अधिक परिंडे लगाए गए, जिनमें पक्षियों के लिए पानी और दाने की समुचित व्यवस्था की गई। साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान परिसर में स्थित मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं एवं राहगीरों के लिए 10 पानी के मटके रखे गए, ताकि गर्मी में लोगों को शीतल जल उपलब्ध हो सके। कार्यक्रम का शुभारंभ वालंटियर्स द्वारा प्रस्तुत एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक से हुआ, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल बचाओ और पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया। इस नाटक ने उपस्थित लोगों को प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति अपने दायित्वों का एहसास कराया। इस अवसर पर रावत एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन एवं अक्षेंद्र वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष बी. एस. रावत ने कहा कि समाज सेवा केवल एक दायित्व नहीं बल्कि मानवता का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि पक्षियों के लिए एक परिंडा लगाना जीवन बचाने जैसा पुण्य कार्य है और हर व्यक्ति को इसमें अपनी सहभागिता निभानी चाहिए। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भाजपा नेता डॉ. अखिल शुक्ला, समाजसेवी भाजपा जयपुर जिला आईटी संयोजक राजेश गौतम, गढ़वाल सभा के उपाध्यक्ष बुद्धि प्रसाद सती सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया और इस अभियान की सराहना की। सोसायटी के सचिव एवं रावत एजुकेशनल ग्रुप के निदेशक नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सोसायटी द्वारा प्रतिवर्ष परिंडा अभियान चलाया जाता है तथा विभिन्न समाज सेवा कार्यों जैसे अन्नदान, वस्त्रदान, सेवा कार्य एवं दानोत्सव का आयोजन निरंतर किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में संवेदनशीलता और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।अब तक 30,000 परिंडे लगाए जा चुके हैं एवम भविष्य में इसे और व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की योजना है। सोसायटी की कोषाध्यक्ष डॉ. अक्षिता रावत ने सभी वालंटियर्स को समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी निभाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत प्रयास करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर रावत कॉलेज की निदेशक कल्पना रावत, दिनेश विष्ट, रवि बिष्ट, दीपक बोहरा,वीरेंद्र ,राकेश चौहान सहित सोसायटी के कार्यकर्ता अमित शर्मा, कन्हैया लाल भूरानी, मधु भूरानी, सोमेंद्र शर्मा ,अंजली ज्ञानानी,धर्मेंद्र ज्ञानानि ,राखी चौधरी,यशपाल सिंह एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला विधिक प्राधिकरण का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं पक्षियों की सुरक्षा हेतु संकल्प लिया। अंत में रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर की प्राचार्या मैत्रेयी शुक्ला एवं एकेडमिक हेड राजेश कंथारिया ने सभी अतिथियों, वालंटियर्स एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। यह अभियान केवल परिंडे लगाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को यह संदेश देने में सफल रहा कि प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है।

    नीट परीक्षा के लिए आॅल स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी ने लगाए शहर में लगाए 50 से अधिक सेवा केन्द्र

        कोटा. मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में शामिल होने जा रहे विद्यार्थियों को आॅल स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी की ओर से शुभकामनाएं दी गई। इसके साथ ही बच्चों की परीक्षा दिलवाने के लिए धूप में खड़े अभिभावकों के लिए छाया-पानी की व्यवस्था के लिए सेवा केन्द्र लगाए गए।    एएसडब्ल्यूएस के अध्यक्ष मुकेश सारस्वत ने बताया कि शहर में 92 परीक्षा केन्द्र थे। टीम द्वारा पूरे शहर की लोकेशन्स का अध्ययन किया गया। इस हेतु जिला प्रशासन से सहयोग लिया गया। तेज गर्मी को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा परीक्षा केन्द्रों के बाहर सेवा केन्द्र की व्यवस्था की गई। इसके तहत परीक्षा केन्द्र से निर्धारित दूरी पर अभिभावकों को छाया और पानी की व्यवस्था की गई। उनके लिए कुर्सियां लगाई गई, कैम्पस का ठंडा पानी उपलब्ध करवाया गया और टेंट लगाकर छाया की गई। सेवा केन्द्रों पर दोपहर 11 बजे से ही परीक्षार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया था। परीक्षार्थियों के भीतर प्रवेश करने के साथ ही बाहर अभिभावक सेवा केन्द्रों में पहुंचे और यहां रूके। 6-7 घंटों तक सेवा केन्द्रों में हजारों अभिभावकों को राहत मिली। आल स्टूडेंट्स वेलफेयर सोसायटी द्वारा करीब 50 स्थानों पर सेवा केन्द्र लगाए गए। इस दौरान सोसायटी के सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने अभिभावकों की मदद की। सेवा केन्द्रों पर मौसम को देखते हुए फस्र्ट एड किट भी रखे गए। इसके साथ ही आॅन काॅल व्यवस्था के लिए चिकित्सा टीम को भी सचेत रखा गया। कई स्थानों पर तेज गर्मी के चलते लोगों को ओआरएस के घोल भी उपलब्ध करवाए गए।

    राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान एवं सुप्रीम फ़ाउंडेशन, जसवन्तगढ़ के मध्य शैक्षणिक सहयोग हेतु एमओयू हस्ताक्षरित

    जयपुर। उच्च शिक्षा, शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान एवं सुप्रीम फ़ाउंडेशन, जसवन्तगढ़ के मध्य एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलगुरु प्रो. मदन मोहन झा एवं सुप्रीम फ़ाउंडेशन के पदाधिकारी ट्रस्टी महावीरप्रसाद तापडिया के मध्य सम्पन्न हुआ। यह एमओयू विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत दोनों संस्थाएं शैक्षणिक कार्मिकों की नियुक्ति, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संयुक्त रूप से आयोजन करेंगी। समझौते के अनुसार, दोनों पक्ष संयुक्त रूप से शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करेंगे । इसके अतिरिक्त, दोनों संस्थान छात्रों और शोधार्थियों के लिए विनिमय कार्यक्रमों और मन्त्र विज्ञान के क्षेत्र में संसाधनों के साझा उपयोग पर कार्य करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. राजधर मिश्र, राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान के निदेशक डॉ. कुलदीप सिंह पालावत, सेठ श्री सूरजमल तापडिया आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, जसवन्तगढ़ के प्राचार्य डॉ. हेमन्त कृष्ण मिश्र, राजस्थान संस्कृत अकादमी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. सरोज कोचर तथा डॉ. सुरेन्द्र शर्मा सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के लक्ष्यों को प्राप्त करने और प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में पुनर्स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी।