Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    Long Island City

    -0.79°C

    Stormy
    4.12 km/h
    60%
    0.2h

    Latest

    बियानी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में 2026-27 के प्रवेश प्रारंभ

    शिक्षा के साथ क्लिनिकल प्रशिक्षण का अवसर जयपुर। कालवाड़ रोड स्थित बियानी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। कॉलेज को होम्योपैथिक शिक्षा के लिए नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (NCH), नई दिल्ली से मान्यता तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय (DSRRAU), जोधपुर से संबद्धता प्राप्त है। इस वर्ष नीट उत्तीर्ण विद्यार्थी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से कॉलेज में प्रवेश ले सकेंगे। कॉलेज के निदेशक डॉ. संजय बियानी ने बताया कि इस सत्र में विद्यार्थियों के लिए डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (DNYS) तथा नर्सिंग पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं। संस्थान में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पर्सनेलिटी डेवलपमेंट व कम्युनिकेशन स्किल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बियानी हॉस्पिटल में प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक एवं क्लिनिकल अनुभव प्राप्त होगा, जिससे वे अपने विषय की बेहतर समझ विकसित कर सकेंगे।  

    दो दिवसीय अकादमिक मंथन ‘संवेतम’ का आज हुआ समापन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अकादमिक मंथन ‘संवेतम’ के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं मुख्य वक्ता सुमैरा अब्दुलाली ने पर्यावरण संरक्षण, सटीक दस्तावेज़ीकरण एवं नागरिक सक्रियता पर विशेष ज़ोर दिया। अपने प्रेरक व्याख्यान में उन्होंने ध्वनि प्रदूषण के कानूनी पहलुओं तथा अवैध रेत खनन के खिलाफ अपने संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि यदि किसी समस्या का सही प्रलेखीकरण कर सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया जाए, तो प्रशासन को जवाब देना ही पड़ता है। नारी को परिवार की आधारशिला बताते हुए उन्होंने समाज में महिलाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना। इस अवसर पर विभाग की छात्राओं ने पेड़ों और संस्कृति को बचाने के संदेश के साथ ‘वन ट्री एंड मेनी वॉइसेज’ विषय पर एक प्रभावशाली स्किट (नाटिका) प्रस्तुत कर ऐतिहासिक खेजड़ी गांव के बलिदान से रूबरू कराया। इसके साथ ही, नारी शक्ति पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री, प्रेरणादायक नृत्य प्रस्तुति और क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम के समापन पर विभागाध्यक्ष डॉ. मोहिता चतुर्वेदी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय की निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस दो दिवसीय आयोजन की सफलता तथा छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। डॉ. स्वीटी माथुर ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।  

    अर्थशास्त्र में सार्वजनिक नीति एवं कॉर्पोरेट रणनीति के क्षेत्र में आधुनिक करियर अवसर” विषय पर एक अतिथि व्याख्यान

     कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा “अर्थशास्त्र में सार्वजनिक नीति एवं कॉर्पोरेट रणनीति के क्षेत्र में आधुनिक करियर अवसर” विषय पर एक अतिथि व्याख्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य छात्राओं को सार्वजनिक एवं कॉर्पोरेट, दोनों क्षेत्रों में अर्थशास्त्र के स्नातकों के लिए उपलब्ध विविध और उभरते हुए करियर अवसरों से परिचित कराना था। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. स्वाति बत्रा ने अर्थशास्त्रियों की बदलती भूमिका तथा वर्तमान आर्थिक एवं व्यावसायिक परिवेश में सफल करियर बनाने के लिए आवश्यक कौशलों के बारे में बहुमूल्य विचार साझा किए। उन्होंने अपने व्याख्यान में सरकारी सेवाएँ, सार्वजनिक नीति, आर्थिक शोध, वित्तीय संस्थान, परामर्श (कंसल्टिंग), कॉर्पोरेट रणनीति, डेटा विश्लेषण तथा अन्य उभरते क्षेत्रों सहित विभिन्न करियर विकल्पों पर चर्चा की और साथ ही छात्राओं को अपनी रोजगार-योग्यता और व्यावसायिक विकास को बढ़ाने के लिए विश्लेषणात्मक, मात्रात्मक, शोध एवं संप्रेषण कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान, करियर-उन्मुख मार्गदर्शन और उभरते व्यावसायिक अवसरों से अवगत कराने के महत्व पर बल दिया। उनके शब्दों ने छात्राओं को सोच-समझकर करियर किल्पों का चयन करने तथा शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ अपने कौशल को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में कुल 112 छात्राओं ने भाग लिया। सत्र ने छात्राओं को यह समझने का अवसर प्रदान किया कि अर्थशास्त्र के उनके ज्ञान का उपयोग नीति निर्माण, व्यावसायिक निर्णय-प्रक्रिया, शोध और रणनीतिक योजना में किस प्रकार किया जा सकता है। अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. विजयलक्ष्मी गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा विभाग की प्राध्यापिकाओं डॉ. पारुल सिंह एवं प्राची सोनी के सक्रिय समन्वय से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।  

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में दो दिवसीय फेस्ट ‘संवेतम’ का आगाज़ विभाजन की विभीषिका और पितृसत्ता पर मुखर हुईं छात्राएं

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में दो दिवसीय वार्षिक उत्सव ‘संवेतम’ का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्सव के पहले दिन आयोजित वैचारिक सत्रों में विदुषियों और विद्वानों ने महिलाओं की सामाजिक स्थिति, इतिहास और उनकी स्वतंत्रता पर बेबाक विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत समाजशास्त्र विभाग की छात्राओं द्वारा तैयार की गई एक मर्मस्पर्शी स्किट (नाटिका) से हुई, जो ‘पार्टीशन’ (देश के विभाजन) पर आधारित थी। छात्राओं ने अभिनय और वेशभूषा के माध्यम से ‘विभाजन की विभीषिका’ को जीवंत कर एक गहरा कलात्मक संदेश दिया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इस प्रस्तुति की सूत्रधार समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मोहिता चतुर्वेदी शर्मा रहीं। इसके बाद विभाग की डॉ. स्वीटी माथुर ने कार्यक्रम का कॉन्सेप्ट नोट प्रस्तुत कर इसके मुख्य उद्देश्यों और रूपरेखा को सामने रखा। इतिहास में महिलाओं की भूमिका को समझना जरूरीः डॉ. अभिरामंजन मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के डॉ. अभिरामंजन कुमार ने छात्राओं के साथ विभाजन के दौर के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने ‘इतिहास में महिलाओं के अध्ययन की आवश्यकता’ (Why study women in history?) पर प्रकाश डाला। डॉ. कुमार ने पितृसत्ता, रिफ्यूजी कैंपों के पुनर्निर्माण, भारतीय सरकारी नीतियों और सरजूबाला सेन के योगदान का जिक्र किया। मानव सभ्यता के विकास को समझाते हुए उन्होंने मिर्ज़ा ग़ालिब के एक नोट के साथ अपनी बात को विराम दिया और छात्राओं को ‘अपने हक के लिए अपने घर से ही आवाज़ उठाने’ का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने ‘संवेतम’ से जुड़ी 3 महत्वपूर्ण पुस्तकों की जानकारी भी साझा की। अपनी मर्यादा खुद तय करें महिलाएंः प्रो. रितु सारस्वत, विशिष्ट वक्ता, प्रो. रितु सारस्वत ने अपने व्याख्यान में पितृसत्तात्मक सोच पर कड़ा प्रहार किया। समाजशास्त्र के व्यावहारिक उदाहरण देते हुए उन्होंने समाजीकरण (Socialisation) की प्रक्रिया को बदलने और रूढ़िगत सोच को तोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “महिलाओं के लिए कोई लक्ष्मण रेखा नहीं होनी चाहिए, उन्हें अपनी मर्यादा खुद निश्चित करनी होगी।” प्रो. सारस्वत ने छात्राओं को अपनी ऊर्जा व्यर्थ के संघर्षों में गंवाने के बजाय पुस्तकों को पढ़ने और स्वयं से स्वतंत्र होने के लिए प्रेरित किया। लिविंग म्यूजियम में दिखीं महान महिला विभूतियां: फेस्ट के दौरान आयोजित ‘लिविंग म्यूजियम’ आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इसके माध्यम से छात्राओं ने गंगूबाई, शाहजिया बानो और शकुंतला देवी जैसे महान किरदारों को जीवंत करते हुए महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके संघर्ष के विभिन्न आयामों को बखूबी प्रस्तुत किया। महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने समाज में शक्ति संरचना (Power Structure) के महत्व पर जोर दिया, वहीं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं के इस उत्कृष्ट प्रयास और पूरे आयोजन की जमकर सराहना की। उत्सव के इस पहले दिन कई गणमान्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उत्सव का दूसरा सत्र दिनांक 29 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।  

    वैदिक गणित कार्यशाला का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के गणित विभाग ने सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं में गणितीय अभिरुचि, तार्किक चिंतन एवं समस्या-समाधान कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से वैदिक गणित कार्यशाला का आयोजन करवाया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ सीमा अग्रवाल ने कार्यशाला के मुख्य वक्ता नवीन भार्गव, फाउंडर एवं सीईओ, आर्यन वैदिक मैथेमेटिक्स का स्वागत किया। कार्यशाला में उप प्राचार्य डॉ. रंजना अग्रवाल ने छात्राओं को सर्वप्रथम सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। भार्गव ने विद्यार्थियों को वैदिक गणित की विभिन्न तकनीकों एवं विधियों से परिचित करवाया। तीव्र गणना, गणनात्मक शुद्धता, सरल विधियों, गणितीय पैटर्न तथा तार्किक एवं अवधारणात्मक चिंतन जैसे विषयों पर व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को यह समझाना था कि उपयुक्त गणितीय तकनीकों एवं पैटर्न के माध्यम से जटिल गणनाओं को अधिक सरल, तीव्र और रोचक बनाया जा सकता है। साथ ही छात्राओं को मानसिक गणना एवं समस्या-समाधान की प्रभावी रणनीतियों का अभ्यास कराया गया। विभाग की सहायक आचार्य डॉ. स्वाति चौधरी सहित महाविद्यालय की 95 छात्राओं ने इस कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला ने छात्राओं को गणित को एक नए, सरल और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान किया। अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. ऋषि दस्सानी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

    वुमन लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित हुईं डॉ. रश्मि चतुर्वेदी

    कानोड़िया पी. जी. महिला महाविद्यालय की निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी को पूर्णिमा विश्वविद्यालय द्वारा  प्रतिष्ठित ‘वुमन लीडरशिप अवार्ड ‘से सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने  हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी जी ने अपनी दूरदर्शिता ,नेतृत्व क्षमता एवं महिला सशक्तीकरण के प्रति प्रतिबद्धता से महिला शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। यह सम्मान उन्हें महिला शिक्षा एवं महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है ।  

    जयपुर बनेगा स्टार्टअप का ग्लोबल हब, कल से आरआईसी में शुरू होगा इनोफेस्ट-2026

    अमेजन-माइक्रोसॉफ्ट के प्रतिनिधि भी होंगे शामिल, 10 करोड़ की फंडिंग का ऐलान होगा • 5 साल में 10 हजार स्टार्टअप को मेंटोर करेगी फ्यूसी, 12 महीने तक फैसलों की मॉनिटरिंग जयपुर. शहर में स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा मेला कल से शुरू होने जा रहा है। पोद्दार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स और फेडरेशन ऑफ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप एंड इंडस्ट्रीज (फ्यूसी) के तत्वावधान में ‘इनोफेस्ट इंडिया-3.0’ 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में होगा। आयोजकों ने रविवार को प्रेस ब्रीफिंग में शेड्यूल जारी किया। इस दौरान कॉन्फ्रेंस को पोद्दार ग्रुप चेयरमैन आनंद पोद्दार, निदेशक यशस पोद्दार, फ़्यूसी के नेशनल डायरेक्टर चैप्टर प्रियांक गुप्ता, संयोजक सरगम पोद्दार , फ़्यूसी के आईटी डायरेक्टर संजीव अग्रवाल, क्लाउडटेक्टिक के सीईओ राजेश महला समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।   इस बार फेस्ट में देशभर से 100 से ज्यादा स्टार्टअप अपने आइडिया शोकेस करेंगे, जिनमें 60 से ज्यादा स्टेट मिशन के तहत चयनित हैं। फ्रांस, ऑस्ट्रिया, साउथ कोरिया समेत कई देशों के इंटरनेशनल डेलीगेट पहली बार इतनी बड़ी संख्या में जुटेंगे। आयोजन में अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो स्टार्टअप्स को टेक और मार्केट एक्सेस पर गाइड करेंगे। 5 साल में 10 हजार स्टार्टअप मेंटर करने का लक्ष्य फ्यूसी ने ऐलान किया है कि अगले पांच साल में देशभर में 10 हजार स्टार्टअप को मेंटोर किया जाएगा। साथ ही फेस्ट खत्म होने के बाद भी फ्यूसी पूरे 12 महीने तक लिए गए फैसलों और घोषणाओं की मॉनिटरिंग करेगी, ताकि आइडिया धरातल पर उतरें। 10 करोड़ की होगी फंडिंग फेस्ट में फंडिंग का बड़ा मौका रहेगा। ‘इकोफेस्ट’ और ‘10-मिनट मिलियनेयर चैलेंज’ में इन्वेस्टर्स की ओर से करीब 10 करोड़ रुपए की फंडिंग की जाएगी। दमदार आइडिया को मौके पर ही फंड मिलेगा। आयोजन के जरिए भारत और सहयोगी देशों के बीच बिजनेस बढ़ाने का मंच भी मिलेगा। दोनों दिन शामिल होंगी डिग्निटरीज पहले दिन सिग्नेचर टॉक में पॉलिसी बाजार के राजीव गुप्ता, जोहो के राजेंद्रन दंडपाणि और बोलांट इंडस्ट्रीज के श्रीकांत बोला अपनी जर्नी साझा करेंगे। इंडिया-ग्लोबल बिजनेस डायलॉग में साउथ कोरिया की महिमा जिनाह किम और ऑस्ट्रिया के हांस-जोर्ग हॉर्टनाग्ल शामिल होंगी ।कार्यक्रम में भाजपा राजस्थान के संगठन महामंत्री अजय कुमार भी शामिल होकर आंत्रप्रेन्योर्स का हौसला बढ़ाएंगे। दूसरे दिन राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया , अविनाश राय खन्ना व आरटीयू वीसी निमित चौधरी गेस्ट ऑफ ऑनर होंगे।  

    FTIR और IICT के बीच रणनीतिक साझेदारी, राजस्थान में क्रिएटिव टेक्नोलॉजी शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार

    जयपुर,फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ राजस्थान (FTIR), जयपुर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT), मुंबई ने राजस्थान में AVGC-XR (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics और Extended Reality) शिक्षा एवं क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अवसरों को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत विशेषीकृत पाठ्यक्रम, सर्टिफिकेशन प्रोग्राम, वर्कशॉप, मास्टरक्लास, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, इंटर्नशिप और करियर-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थान के युवाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक क्रिएटिव टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। समझौते के बाद FTIR के संस्थापक एवं निदेशक सोमेंद्र हर्ष और IICT, मुंबई के फाउंडिंग डायरेक्टर श्री आशीष कुलकर्णी के बीच रणनीतिक बैठक आयोजित हुई, जिसमें संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों और भविष्य की सहयोगात्मक गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। इस अवसर पर सोमेंद्र हर्ष ने कहा, “यह साझेदारी राजस्थान की प्रतिभाओं को तेजी से विकसित हो रही क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की दुनिया से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Learn, Create, Collaborate और Lead के माध्यम से हमारा उद्देश्य युवाओं के लिए AVGC-XR क्षेत्र में सीखने, नवाचार और करियर के नए अवसर तैयार करना है।” साझेदारी के तहत राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कहानी कहने की परंपराओं को आधुनिक क्रिएटिव टेक्नोलॉजी से जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। FTIR और IICT द्वारा आगामी कोर्स, वर्कशॉप, मास्टरक्लास और संयुक्त कार्यक्रमों की घोषणा जल्द की जाएगी।

    ऑल राजस्थान यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन (ARUTA) के प्रतिनिधिमंडल ने नवनियुक्त कुलपति प्रो. बी.पी. सारस्वत का किया स्वागत, शिक्षकों एवं पेंशनरों की लंबित समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा

    जयपुर: आज वरिष्ठ शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. बी.पी. सारस्वत से मुलाकात कर उनका साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर, पुष्पगुच्छ तथा भगवान श्रीनाथजी की मनमोहक छवि का स्मृति चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया। माननीय कुलपति ने स्वयं सिंडिकेट हॉल में प्रतिनिधिमंडल से आत्मीयता से मुलाकात की। ऑल राजस्थान यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन (ARUTA) के अध्यक्ष प्रो. बी.डी. रावत एवं उपाध्यक्ष प्रो. मधुसूदन ने कुलपति को अवगत कराया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 29 नवंबर 2018 को दिए गए निर्णय के तहत 98 वरिष्ठ शिक्षकों को उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से ही करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) का लाभ दिए जाने का स्पष्ट आदेश दिया गया है। विश्वविद्यालय की स्क्रीनिंग, यूजीसी गाइडलाइंस, राज्य सरकार के निर्देशों तथा विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 5 के तहत गठित चयन समिति द्वारा साक्षात्कार के बाद इन शिक्षकों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत भी किया जा चुका है, जिसके संदर्भ में सिंडिकेट द्वारा 21 सितंबर 2021 को पदोन्नति पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय एवं राज्य सरकार द्वारा दायर समीक्षा याचिकाएं (Review Petitions) भी 5 नवंबर 2019 को खारिज हो चुकी हैं। शिक्षकों ने बताया कि इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री तथा प्रधान सचिव (उच्च शिक्षा) से 5 से 7 बार मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन हर बार मिले आश्वासनों के बावजूद अब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार फिक्सेशन (वेतन निर्धारण) का कार्य लंबित है। कुलपति ने शिक्षकों की समस्याओं को अत्यंत धैर्यपूर्वक सुना और सहमति व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार शिक्षकों की सेवा गणना और फिक्सेशन के मुद्दे पर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे इस मामले को शीघ्र सुलझाने के लिए राज्य सरकार के समक्ष भी प्रभावी ढंग से उठाएंगे। बैठक के दौरान प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो. बी.एल. गुप्ता, प्रो. अनिल बंसल एवं प्रो. आर.के. गुर्जर ने भी विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव दिए, ताकि विश्वविद्यालय 80 के दशक की तरह पुनः अपनी अकादमिक साख और गौरव प्राप्त कर सके। प्रो. बी.डी. रावत ने पेंशनरों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कुलपति से अनुरोध किया कि वरिष्ठ शिक्षकों को समय पर पेंशन मिले, इसके लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक राज्य सरकार पेंशन का दायित्व अपने हाथ में नहीं लेती, तब तक विश्वविद्यालय के लिए अपने स्वयं के संसाधनों से पेंशन का भुगतान करना संभव नहीं होगा। इस पर कुलपति ने बताया कि उन्होंने कुलाधिपति को इस संबंध में पत्र लिखा था, जिस पर आज ही संदेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने वित्त अधिकारी को इस संदर्भ में एक विस्तृत टिप्पणी (Note) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और विश्वास दिलाया कि वे इस समस्या का समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। अंत में प्रो. मधु भट्ट एवं प्रो. सोमना दत्त ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से माननीय कुलपति का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लगभग एक घंटे तक शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समझा। कुलपति ने भी उपस्थित शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय को अकादमिक रूप से समृद्ध बनाने में सहयोग की अपील की, जिस पर शिक्षकों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

    एनसीईआरटी के राष्ट्रीय शिक्षक कवि सम्मेलन में जयपुर से गूंजी रेनू शब्दमुखर की कविता

    ज्ञानविहार स्कूल की हिंदी विभागाध्यक्ष रेनू शब्दमुखर ने राष्ट्रीय शिक्षक कवि सम्मेलन में दी प्रभावी प्रस्तुति/ एनसीईआरटी के राष्ट्रीय शिक्षक कवि सम्मेलन में रेनू शब्दमुखर ने राजस्थान से किया प्रतिनिधित्व जयपुर। हिंदी माह–2026 के अंतर्गत केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET), एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय शिक्षक कवि सम्मेलन’ में ज्ञान विहार स्कूल, जयपुर की हिंदी विभागाध्यक्ष एवं कवयित्री रेनू शब्दमुखर ने अपनी चर्चित कविता ‘हिंदी : केवल भाषा नहीं, हमारी आत्मा’ की प्रभावी प्रस्तुति देकर जयपुर का गौरव बढ़ाया। उनकी प्रस्तुति के लिए उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। एनसीईआरटी के हिंदी माह–2026 के अंतर्गत ‘डिजिटल शिक्षा में राजभाषा हिंदी एवं साहित्य’ विषय पर 25 एवं 26 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के तहत शिक्षक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें देश के 19 राज्यों के 93 शिक्षक कवियों ने अपनी सहभागिता दी। प्रो. राजेंद्र पाल गौतम के मार्गदर्शन एवं डॉ. रविंद्र कुमार के संयोजन में इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से एनसीईआरटी के निदेशक डॉ. दिनेश प्रसाद सकलानी, संयुक्त निदेशक अमरेंद्र बेहेरा शिक्षा मंत्रालय से डॉ.शुभंकर मिश्र,प्रोफेसर फारूक अंसारी,प्रमुख भाषाविद जगदीश रामपुरी,प्रो.रामजन्म शर्मा,वरिष्ठ कवि श्याम सुशील साहित्यकार एवं लेखिका अलका सिन्हा की गरिमामयी व प्रेरक उपस्थिति रही। रेनू ने इस अवसर पर साहित्यकार अलका सिंह जी को अपनी पुस्तक स्त्री स्वर- मौन से मुखर तक भेंट की। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ शिक्षकों एवं साहित्यकारों को रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए राष्ट्रीय मंच प्रदान करना रहा। रेनू शब्दमुखर का राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित मंच पर चयन और काव्य-पाठ ज्ञान विहार स्कूल सहित जयपुर के लिए भी गौरव का विषय रहा। उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार,संपर्क संस्थान, हिंदी प्रचार प्रसार संस्थान तथा साहित्यिक जगत एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।  

    5 वे श्री श्याम वार्षिक महोत्सव का राजस्थान प्रदेश के भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने बाबा की महाआरती उतारकर किया शुभआरंभ

    चोमू के लाडले खाटू वाले मित्र मंडल के तत्वाधान में 26 सितंबर को पांचवे श्री श्याम वार्षिक महोत्सव का शुभआरंभ महोत्सव के मुख्यअतिथि राजस्थान प्रदेश के भाजपा के मुख्य प्रवक्ता, चोमू के जनप्रिय नेता एवं भाजपा के चोमू से पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने हारे का सहारा श्याम बाबा हमारा की महाआरती उतारकर किया! मंडल अध्यक्ष साहिल जोशी ने बताया की पांचवा श्री श्याम महोत्सव का सफलता पूर्वक आयोजन, 26 सितंबर को रुकमणि गार्डन रेनवाल रोड चोमू में हजारों भक्तों की मोजूदगी मे हर्षोलास से संपन्न हुआ! महोत्सव श्याम को 7 बजे से आरम्भ होकर देर रात तक चला! महोत्सव को लेकर चोमू की देव तुल्य जनता मे काफी उत्साह रहा! सभी ने अपने श्याम के नयनाभिराम दर्शन कर आत्मासार किया! चोमू के सभी भक्तों ने बाबा के दरबार मे हाजरी लगाने के बाद भजनों पर जमकर झूमे एवं बाबा को खूब रिझाया! महोत्सव मे चोमू के उपसभापति बाबूलाल सैनी, पार्षद संदीप शर्मा, पार्षद उषा शर्मा, पार्षद श्याम किरण शर्मा, पार्षद मनोज बागोरिया,पार्षद अनिता कुमावत, पार्षद आलोक जांगिड, पार्षद संदीप कुमावत, भाजपा नेता श्याम शर्मा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अन्य पार्षद, शिक्षाविद् एवं आम जनता ने भाग लिया! अशोक विहार निवासी एवं सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गैंगटोक, सिक्किम मे कुलसचिव के पद पर कार्यरत प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने गैंगटोक से फोन पर श्री श्याम वार्षिक महोत्सव के सफलता पूर्वक आयोजन पर खुशी व्यक्त की है एवं फोन पर मंडल अध्यक्ष साहिल जोशी, सदस्य जयेश रावत, राजकुमार अग्रवाल, कमलेश सेन, विशाल अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, एवं सोहन सैनी सहित सभी सदस्यों के इस भक्ती महोत्सव का सफलता पूर्वक आयोजन करने पर उन्हें हार्दिक भदाई एवं साधुवाद दिया है एवं आगे भी इसी प्रकार से बाबा का महोत्सव सफलता पूर्वक समय समय पर आयोजित करने को कहा है! लाडले खाटू वाले मित्र मंडल के जयेश रावत ने बताया कि कानपुर से भजन सम्राट अभिषेक शुक्ला, सवाई माधोपुर से रितिका कनिका अग्रवाल, जयपुर से सुनील शर्मा एवं गोपाल सेन पार्टी भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तों को भक्ति का रसपान कराया! मंडल के सदस्य जयेश रावत ने बताया कि इस वार्षिकोत्सव में बाबा का भव्य श्रृंगार श्री श्याम दरबार सेवा बांदीकुई के द्वारा किया गया।। उत्सव में इत्र वर्षा एवं पुष्प वर्षा की गयी। उत्सव में श्री सालासर बालाजी के पुजारी विष्णु दत्त पुजारी का पावन सानिध्य सभी भक्तों को प्राप्त हुआ। उत्सव की शुरुआत श्याम बाबा की आरती एवं उसके पश्चात गणेश जी महाराज माता रानी शंकर भगवान एवं बालाजी महाराज के भजनों से की गई! उसके उसके पश्चात बाबा श्याम के भाव भरे मधुर मधुर भजन की प्रस्तुति आए हुए भजन सम्राटों के दी तो भक्तों ने भी जमकर बाबा को रिझाया। महोत्सव मे बाबा की अखंड ज्योत भी जलाई गई एवं अंत में प्रसाद वितरण किया गया।  

    70वीं जिला स्तरीय कराते प्रतियोगिता सम्पन्न, विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    जयपुर। बनीपार्क स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राममंदिर, रेलवे स्टेशन में 70वीं जिला स्तरीय कराते प्रतियोगिता का समापन समारोह आयोजित किया गया। जयपुर पश्चिम के अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्याम मुरारी रांकावत एवं रिसोर्स पर्सन मनीष शर्मा ने विजेता खिलाड़ियों को प्रमाणपत्र, मेडल और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। विद्यालय के प्राचार्य एवं प्रतियोगिता संयोजक आदर्श कुमार मित्तल ने बताया कि 23 से 26 सितंबर 2026 तक चली प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों के करीब 800 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं ने कराते के तकनीकी कौशल, एकाग्रता और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। चार दिवसीय प्रतियोगिता एवं समापन समारोह विद्यालय के समस्त अध्यापकों, ज्ञान कँवर, संतोष बोयत तथा कराते प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के सदस्य वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक डोली, केशव एवं मुरारी के सहयोग से सम्पन्न हुआ। समारोह में रांकावत ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेलों में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास से अपनी प्रतिभा निखारने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।