Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    Long Island City

    -0.79°C

    Stormy
    4.12 km/h
    60%
    0.2h

    Latest

    जयपुर पुलिस ने बहुचर्चित ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी दिशा बावला को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसे आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी, जहां रिमांड को लेकर सुनवाई होने की संभावना

    जयपुर पुलिस ने बहुचर्चित ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी दिशा बावला को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसे आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी, जहां रिमांड को लेकर सुनवाई होने की संभावना है। महेश नगर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, परिवादी विमल डागा ने आरोप लगाया है कि उसकी पूर्व इंटर्न दिशा बावला, उसके साथी धीरज कुमार, भाई करण बावला और अन्य लोग लंबे समय से उसे धमका रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी पक्ष ने झूठे रेप केस में फंसाने, परिवार को नुकसान पहुंचाने और अश्लील एआई वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की मांग की। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि परिवादी से अब तक करीब 90 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं और आरोपी लगातार 50 लाख रुपये अतिरिक्त मांग रहे थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष उसके एआई प्रोजेक्ट पर कब्जा करना चाहता था और सोशल मीडिया व ईमेल के जरिए लगातार दबाव बना रहा था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी दिशा बावला ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए तथा उन्हें वायरल करने की धमकी दी। परिवादी ने पुलिस से आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप और क्लाउड डेटा जब्त कर जांच करने की मांग की है। पुलिस के अनुसार, मामले में पहले भी कई शिकायतें और एफआईआर दर्ज हैं। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर पुलिस टीम ने जोधपुर में दबिश देकर दिशा बावला को गिरफ्तार किया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और कथित गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच करेगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आज आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विमल डागा के वकील ललित शर्मा ने कहा कि यह एक संगठित गिरोह है जिसमें कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है ।  

    "राज्य सरकार पशुपालकों और किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध’

    -दौसा में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने ली समीक्षा बैठक दौसा। राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को दौसा जिला मुख्यालय पर पशुपालन विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पशुपालकों तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। मंत्री कुमावत ने बताया कि 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' के तहत दौसा जिले में विगत दो वर्ष में 75 हजार 495 पशुओं का बीमा किया गया है। इनमें से 67505 पशुओं के चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 50968 बीमा पॉलिसी वितरित की गई हैं। इसी तरह दौसा जिले ने 'सेक्स सोर्टेड सीमन योजना' के तहत वर्ष-2025-26 में मिले लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति कर ली है। दौसा जिले में 4200 पशुओं को सैक्स सोर्टेड सीमन की डोजेज लगाई जा चुकी हैं। बैठक में पशुपालन मंत्री ने दौसा जिले में खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग के बचाव को लेकर चलाए गए टीकाकरण अभियान के तहत 75 फीसदी लक्ष्य प्राप्त होने पर विभाग के अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि 5 लाख 70250 के लक्ष्य के विपरीत जिले में 4 लाख 31250 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि 3 लाख 52 हजार 950 पशुओं का रिकार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट किया जा चुका है। मंत्री कुमावत ने जिले की पंजीकृत गोशालाओं को मिलने वाले सरकारी अनुदान की स्थिति को परखा। उन्होंने जिले की अपात्र गोशालाओं की पात्रता की जांच कर उन्हें अनुदान देने के संबंध आवश्यक कार्रवाई के भी निर्देश दिए। पशुपालन मंत्री ने बताया कि जिले में 28 गोशालाएं संचालित हो रही हैं, इनमें से पात्र 13 गौशालाओं को अनुदान मिल रहा है, शेष 15 गोशालाओं की पात्रता पूरी होने पर अनुदान देने का आश्वासन दिया। कुमावत ने विभाग के सरकारी कार्यालयों के पटटे बनवाने व नंदीशाला में नंदियों की संख्या पूरी कर उसे क्रियाशील करने के भी निर्देश दिए।  कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि "राज्य सरकार पशुपालकों और किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और सेक्स सोर्टेड सीमन योजना हमारी प्राथमिकता सूची में हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल किया जाए। गोवंश की सुरक्षा और संवर्धन में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। पंजीकृत गोशालाओं को अनुदान समय पर मिले और एफएमडी (FMD) टीकाकरण का दायरा बढ़े, ताकि पशुधन को बीमारियों से बचाया जा सके। जो भी अधिकारी काम में लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर अरविंद शर्मा, एसडीएम संजू मीणा, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक प्रहलाद सिंह सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।  

    गंगाजल संरक्षण जन अभियान जनभागीदारी से बनेगा जनआंदोलन: जोराराम कुमावत

    हिंगोनिया गौ पुनर्वास केंद्र में पशुपालन मंत्री ने खेली की सफाई की और पौधारोपण किया जयपुर। वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान के तहत हिंगोनिया गौ पुनर्वास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा पर प्रदेश सरकार द्वारा 25 मई से 5 जून तक चलाया जा रहा वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का अभियान है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल स्रोतों एवं जल का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।  कुमावत ने कहा कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से विभिन्न अभियान चला रही है। “वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान” भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से लोगों को जल बचाने, वर्षा जल का संचय करने तथा जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने गौशालाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि गौशालाएं केवल गौसेवा का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्द्धन का भी माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा अपने दैनिक जीवन में पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया। कुमावत ने कहा कि जल ही जीवन है और मूक पशुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना हमारी संस्कृति का मूल आधार है। वंदे गंगा जल अभियान केवल इंसानों के लिए नहीं है बल्कि धरती के हर जीव के कल्याण के लिए है। उन्होंने हिंगोनिया केंद्र के विभिन्न बाड़ों का दौरा किया और गायों के पीने के पानी के हौद की सफाई की तथा गायों को चारा भी खिलाया। पशुपालन मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को जल संग्रहण और संरक्षण की शपथ दिलाते हुए जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा अधिकाधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गौशाला परिसर में मौलसिरी और पीपल के पौधे भी लगाए और प्रबंधन को पौधों की उचित देखभाल के निर्देश दिए ताकि आने वाले समय में ये पेड़ प्राकृतिक हरित कवच का काम कर सकें। इस अवसर पर भाजपा नेता चंद्रमोहन मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पशुपालन निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना और अन्य विभागीय अधिकारी, गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।  

    गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने किया राज्य स्तरीय डेयरी जल संरक्षण अभियान का शुभारम्भ

    राज्यभर की सहकारी डेयरियों में जल संरक्षण को बढ़ावा जयपुर। पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा है कि पूरी की पूरी सृष्टि जल पर आधारित है और वर्तमान भी जल है तो भविष्य भी। सृष्टि के लिये जल है तो ही अगला पल है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर शुरु किया गया वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियान वर्तमान और भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित करने के लिये जन आन्दोलन है। इस जन अभियान के माध्यम से लोगो को जागरुक कर जल और पर्यावरण की दिशा में अपेक्षित सफलता हासिल की जा सकती है।   कुमावत आज यहां जवाहर लाल नेहरु मार्ग स्थित सरस संकुल ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय डेयरी जल संरक्षण अभियान के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि पद से डेयरी अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। डेयरी अधिकारियों के साथ सरस संकुल परिसर में पौधों में जल प्रवाह कर संगोष्ठी का शुभारम्भ करते हुऐ उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति को और हर घर में पानी को बचाने की महत्ती आवश्यकता है। लोगोें को परम्परागत जल स्त्रोतों को संरक्षित करना चाहिये ताकि आने वाली पीढ़ी को पानी जैसी आवश्यकता की पूर्ति में कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि आरसीडीएफ, इससे सम्बद्व जिला दुग्ध संघ और गांव-गांव ढाणी-ढ़ाणी में बनी दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां इस जन अभियान में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को व्यवहार एवं कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना है। पिछले दो वर्षों में सहकारी डेयरी के क्षेत्र में अर्जित की गई उपलब्धियों के लिये डेयरी प्रबन्धन और डेयरी कर्मचारियों को बधाई देते हुऐ उन्होंने कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता के क्षेत्र में आरसीडीएफ ने अनुकरणीय कार्य किया है।   राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन की प्रबन्ध संचालक श्रुति भारद्वाज ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि राजस्थान राज्य की सभी सहकारी डेयरियों में पिछले दो वर्षों में पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आरसीडीएफ द्वारा जल संरक्षण के प्रयासों का नतीजा है कि एक वर्ष पूर्व जहां एक लीटर दूध की प्रोसेसिंग पर डेढ़ लीटर पानी व्यय हो रहा था, वह अब घटकर केवल 800 मिली लीटर व्यय हो रहा है। इस प्रकार राज्यभर में प्रतिदिन 45 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग पर प्रतिदिन 31.50 लाख लीटर से अधिक पानी की बचत हो रही है। अभियान के अन्तर्गत त्रिस्तरीय व्यवस्था अपनाई जा रही है जिसमें जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जागरुकता शामिल है। दुग्ध संघों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वेस्ट मैनेेजमेंट, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लान्ट, बॉयोफलैक्सी प्लान्ट जैसे नवाचार किये गये जिनसे पर्यावरण और जल संरक्षण को बल मिला है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुऐ आम राहगीरों को शुद्व एवं शीतल पेय जल उपलब्ध कराने के लिये आरसीडीएफ सहित राज्य के दुग्ध संघों में 111 प्याउ स्थापित किये जा रहे हैं। राज्यभर की सहकारी डेयरियों में पशुओं के लिये खेली और पक्षियों को दाने के लिये परिन्डे लगाये गये हैं।   सरस पार्लर पर रिसाईकलिंग हेतु प्लास्टिक वेस्ट कलेक्शन बिन का शुभारम्भ - उपभोक्ताओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने इस अवसर पर जवाहर लाल नेहरु मार्ग स्थित सरस पार्लर पर प्लास्टिक वेस्ट कलेक्शन बिन का भी शुभारम्भ किया। कलेक्शन बिन में जमा हुऐ प्लास्टिक वेस्ट को रिसाईकल कर पुनः उपयोग लाया जा सकेगा।   गोपालन मंत्री और संगोष्ठी में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित करते हुऐ जयपुर डेयरी के प्रबन्ध संचालक मनीष फौजदार ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में जयपुर डेयरी आज विश्व की अग्रणी डेयरियों में शामिल हो गई है। जयपुर डेयरी मंे जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लान्ट के कारण डेयरी में हर वर्ष लगभग 6 करोड़ लीटर से अधिक पानी की बचत हो रही है।   संगोष्ठी में आरसीडीएफ के वित्तीय सलाहकार डॉ0 आकाश आल्हा सहित बड़ी संख्या में डेयरी फैडरेशन और जयपुर डेयरी के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद थे। इस अवसर पर गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने उपस्थित सभी डेयरी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण के लिये शपथ भी दिलाई।   गोपालन मंत्री ने सरस पार्लर पर चखा डोसा और सोफ्टी का स्वाद- गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कार्यक्रम के बाद सरस पार्लर पर पनीर डोसा और सरस सोफ्टी का भी आनन्द लिया। उन्होंने सरस उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की जमकर तारीफ की। इस अवसर पर उन्होंने सम्पूर्ण सरस पार्लर की गतिविधियों का निरीक्षण किया और पार्लर पर उपभोक्ताओं से भी चर्चा की।  

    29 मई को बालोतरा दौरे पर रहेंगे प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत, विभिन्न कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

    बालोतरा। प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत 29 मई को बालोतरा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे दिनभर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री कुमावत प्रातः 9 बजे सुमेरपुर से रवाना होकर 10 बजे मुण्डारा पहुंचेंगे, जहां वे श्री चामुंडा माता मंदिर मुण्डारा में आयोजित वर्षगांठ महोत्सव में भाग लेंगे। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे मुण्डारा से बालोतरा के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 4 बजे वे “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर जल संरक्षण एवं जनजागरूकता गतिविधियों में भागीदारी करेंगे। शाम 7:15 बजे बालोतरा से पचपदरा रवाना होकर 7:30 बजे दैनिक भास्कर समाचार समूह द्वारा आयोजित “हेल्थ केयर अवॉर्ड” समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद रात्रि 9:30 बजे पचपदरा से बाड़मेर के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां रात्रि विश्राम रहेगा।  

    शिक्षा मंत्री के तानाशाहपूर्ण रवैये के खिलाफ लामबंद हुए राज्य के सभी शिक्षक संगठन

    14 जून को होने वाली आगामी बैठक में आंदोलन की रणनीति होगी तय जयपुर : / शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर राजस्थान के सभी शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक शिक्षक भवन, लाल कोठी स्कीम, जयपुर में अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) के प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) द्वारा शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर रामगंजमंडी में शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से निकाली गई शिक्षक रैली को लेकर शिक्षा मंत्री द्वारा अपने कार्यकर्ता के मार्फ़त पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट की कड़ी निन्दा करते हुए निन्दा प्रस्ताव पारित किया व एफआईआर वापस लेने की मांग की। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री की तानाशाही व नकारात्मक रवैये से राज्य में शिक्षा, शिक्षार्थियों व शिक्षकों का बहुत नुकसान हो रहा है।इसको लेकर आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए सभी शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों की 14 जून को जयपुर में पुनः बैठक रखी गई है। बैठक में शिक्षक संघ अरस्तु के रामकृष्ण अग्रवाल, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के अंजनी कुमार शर्मा, राजस्थान अध्यापक संघ टीजीटी के राधा मोहन मीणा, राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के डॉ पंकज ओसवाल, शिक्षक पदोन्नति संघर्ष समिति के रूप सिंह मीणा, प्रबोधक संघ के कैलाश दादरवाल, राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के गिरिराज शर्मा, राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के सियाराम शर्मा,वीरेन्द्र शर्मा एवं हेमंत कुमार जांगिड़ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। संस्कृत शिक्षा विभागीय समिति संघ,पंचायती राज शिक्षक संघ, विशेष शिक्षा शिक्षक संघ, राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर),शिक्षक संघ रेस्टा आदि ने बैठक में पारित प्रस्तावों पर फोन पर अपनी सहमति प्रदान की।  

    प्री-पीएबी बैठक: अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

    — RSCERT पुनर्गठन, ड्रॉपआउट ट्रैकिंग, रिक्त पदों सहित विभिन्न शैक्षिक मुद्दों पर हुई विस्तृत समीक्षा जयपुर। समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के साथ 26 मई को आयोजित होने वाली प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (PAB) बैठक से पूर्व सोमवार को शिक्षा संकुल में प्री-पीएबी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार राजेश यादव ने की।   बैठक में आगामी पीएबी 2026–27 से संबंधित विभिन्न शैक्षिक एवं प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए विभागीय अधिकारियों एवं संबंधित उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।   बैठक के दौरान सामाजिक एवं मूल्यांकन ऑडिट, RSCERT के पुनर्गठन, शून्य नामांकन वाले विद्यालयों की स्थिति, ड्रॉपआउट बच्चों की ट्रैकिंग, ICT लैब एवं स्मार्ट कक्षाओं की वर्तमान स्थिति, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के नामांकन, पहचान, मुख्यधारा में लाने एवं विशेष प्रशिक्षण से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की गई।   इसके साथ ही बालिका शौचालयों की उपलब्धता, अपार आईडी निर्माण की प्रगति, बहुभाषी शिक्षा से जुड़े प्रस्ताव, विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता, SQAAF, शिक्षकों के रिक्त पदों, प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (PGI) 2.0 तथा परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 सहित अन्य शैक्षिक संकेतकों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।   अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं नवाचारों से संबंधित सभी प्रस्ताव तथ्यों एवं आवश्यक आंकड़ों के साथ समयबद्ध रूप से तैयार किए जाएं, ताकि पीएबी बैठक में राज्य का पक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा छात्र हित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने पर भी बल दिया।   बैठक में राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक (प्रथम) सीमा शर्मा, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक (द्वितीय) अशोक कुमार मीणा सहित समस्त उपायुक्त एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

    प्लास्टिक कचरा संग्रहण अभियान का आयोजन’’

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 25 मई, 2026 को प्लास्टिक कचरा संग्रहण अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के तहत 86 किलो से भी ज्यादा प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर बिसलेरी इंडिया लिमिटेड को पुनर्नवीनीकरण एवं पुनर्चक्रण के लिए दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना एवं उसे पुनः उपयोग हेतु एकत्रित करना था और समाज को यह संदेश देना था कि ”यूज्ड प्लास्टिक कचरा नहीं है, यह पुनः उपयोग योग्य है।” इस पहल से यह स्पष्ट किया गया कि प्लास्टिक कचरे को सही तरीके से पुनर्नवीनीकरण किया जाए तो यह पर्यावरण के लिए हानिकारक होने के बजाय उपयोगी बन सकता है। महाविद्यालय की छात्राओं के साथ सभी स्टाफ को भी प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने घरों से उपयोग की हुई प्लास्टिक की बोतलें और अन्य प्लास्टिक सामग्री इस अभियान में जमा करें। स्वयं सेविकाओं ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से प्लास्टिक के पुनर्चक्रण के महत्व को समझाया। ”यूज्ड प्लास्टिक को कचरे में न फेंके, उसे पुनः उपयोग में लाएं“ जैसे नारे लगाए गए। एकत्रित प्लास्टिक सामग्री को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया ताकि इसे सही तरीके से पुनर्नवीनीकरण के लिए भेजा जा सके। बड़ी मात्रा में प्लास्टिक बोतलें, पॉलिथीन और अन्य प्लास्टिक सामग्री एकत्र की गई। इन सामग्रियों को आगे पुनर्चक्रण केंद्र भेजने की व्यवस्था की गई। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया इस अभियान ने छात्राओं और स्टाफ को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से जोड़ा और प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया। इस पहल से न केवल प्लास्टिक कचरा कम हुआ, बल्कि पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी उठाया गया। महाविद्यालय की यह पहल अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और पर्यावरण संरक्षण में सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आँचल पुरी, डॉ. विजयलक्ष्मी गुप्ता, डॉ. रेणु शक्तावत एवं चारूल शर्मा की भूमिका रही ।  

    जल के बिना सृष्टि की कल्पना असंभव : कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत

    जल संरक्षण जन अभियान का आगाज, आयोजित हुईं विभिन्न गतिविधियां • प्रभारी सचिव पी रमेश व जिला कलक्टर व अन्य रहे मौजूद पाली । “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026” के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार सोमवार को गंगा दशहरा के अवसर पर पाली जिला प्रशासन द्वारा एक भव्य “वन्दे गंगा कलश यात्रा” का आयोजन किया गया। अभियान सोमवार, 25 जून से प्रांरभ होकर विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून तक चलेगा। अभियान में प्रत्येक दिन विभिन्न विभागों की विविध गतिविधियां आयोजित होगी।  कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने प्रातः व्यास सर्कल से हरी झंडी दिखाई और अभियान का शुभारंभ किया। वंदे गंगा प्रभात फेरी व्यास सर्किल से अम्बेडकर सर्किल तक निकली गयी। इस अवसर पर उन्होंने फेरी को हरी झंडी दिखायी जल बचाने की व संरक्षित रखने की शपथ भी दिलायी। साथ ही लखोटिया उद्यान में श्रमदान एवं स्वच्छता गतिविधियां भी आयोजित की गई, जिनमें कुमावत ने सहभागिता की। “वन्दे गंगा कलश यात्रा” के मार्ग और गऊ घाट पर पीपल पूजन, दीप प्रज्ज्वलन, आकर्षक रंगोली निर्माण तथा विधि-विधान से जल पूजन जैसे अनेक सांस्कृतिक व पर्यावरण-अनुकूल कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में जल संरक्षण के नारों की गूँज रही। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान कुमावत ने राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद के अंतर्गत स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा महिला स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत मंत्री कुमावत ने लखोटिया उद्यान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणादायी “एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित जनों के साथ पौधारोपण किया। साथ ही उपस्थित नारी शक्ति को पीपल के पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण और नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने जल की हर एक बूँद को सहेजने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल के बिना सृष्टि की कल्पना असंभव है। हमारी प्राचीन संस्कृति ने हमेशा जल और प्रकृति को पूजनीय माना है। कुमावत ने कहा कि आज बढ़ता जल संकट एक गंभीर चुनौती है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना ही होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी अभियान तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक आम जनता उससे न जुड़े। पानी को व्यर्थ बहने से रोकना हर नागरिक का कर्तव्य है। मंत्री कुमावत ने कहा कि राजस्थान सरकार जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि कलश यात्रा में उमड़ी महिलाओं की भीड़ यह दर्शाती है कि समाज में जल चेतना जागृत हो चुकी है, क्योंकि घर-परिवार में जल प्रबंधन की धुरी महिलाएँ ही हैं। मंत्री कुमावत ने उपस्थित जनसमूह को जल की बर्बादी रोकने और वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) को अपनाने का संकल्प दिलाया। उनके साथ जिले के प्रभारी सचिव सचिव पी रमेश, जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी, नगरपरिषद के पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी, पुखराज पटेल, त्रिलोक चौधरी, स्काउट गाईड व बडी संख्या में बच्चे मौजूद रहे। जल संरक्षण में मीडीया की अहम् भूमिका : मंत्री कुमावत कैबिनेट मंत्री कुमावत ने पत्रकार वार्ता में जल संरक्षण सद्पयोग के बारे में जागरूक कर 5 जून तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप जल संरक्षण की थीम पर यह व्यापक अभियान शुरू किया गया है। 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान को धरातल पर लागू करवाने और आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने अपील की कि मीडिया इस अभियान के संदेश को जन-जन तक ले जा सकती है ,ताकि लोग इससे जुड़ सकें। उन्होंने विगत वर्ष हुए रिकॉर्ड पौधारोपण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हमारा दायित्व है कि हम आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित धरोहर और समृद्ध संस्कृति सौंप कर जाएं। इसके लिए प्रकृति का संरक्षण और व्यापक पौधारोपण बेहद जरूरी है। उन्होने इसे जन जन का अभियान बनाने का आहा्न किया इसमें सभी की भागीदारी हो। इस अवसर पर प्रभारी सचिव पी रमेश, जिला कलक्टर, अतिरिक्त जिला कलटर डॉ बजरंग सिंह, सीईओं मुकेश चौधरी, एसीईओ महेन्द्र मेहता, सभी जिला स्तरीय अधिकारी, उपखंड अधिकारी व अन्य संबधित कार्मिक मौजूद रहे।

    बदलता राजस्थान, बदलते ख्वाब: 12वीं के नतीजों के बाद युवाओं का नया ट्रेंड

    बदलता राजस्थान, बदलते ख्वाब:  12वीं के नतीजों के बाद युवाओं का नया ट्रेंड डॉ. राम भजन कुमावत  जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 12वीं का परिणाम घोषित किए जाने के बाद प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के घरों में कहीं उत्सव तो कहीं आगे की रणनीति को लेकर मंथन का दौर जारी है। इस वर्ष भी कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों ही संकायों में शानदार उत्तीर्ण प्रतिशत रहा है, जिसमें बेटियों ने एक बार फिर बाजी मारी है। लेकिन इस शानदार प्रदर्शन के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजस्थान का युवा अब किस दिशा में आगे बढ़ रहा है? पारंपरिक ढर्रे को छोड़ इस बार राजस्थान के विद्यार्थियों के रुझान में एक बड़ा और दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। छात्र अब केवल डिग्री हासिल करने के बजाय करियर और स्किल को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रोफेशनल और जॉब-ओरिएंटेड कोर्सेज की तरफ झुकाव   कोटा, जयपुर, जोधपुर और सीकर जैसे शिक्षा के बड़े केंद्रों से आ रही रिपोर्ट बताती है कि अब छात्र सिर्फ बीए, बीएससी या बीकॉम जैसी सामान्य डिग्रियों के भरोसे नहीं बैठना चाहते। इस बार विद्यार्थियों का सबसे बड़ा रुझान प्रोफेशनल कोर्सेज की तरफ है।   आईटी और टेक क्षेत्र:  कंप्यूटर एप्लीकेशन, डेटा एनालिसिस, और एआई से जुड़े कोर्सेज के लिए कॉलेजों में पूछताछ अचानक बढ़ गई है। विज्ञान वर्ग के छात्र इंजीनियरिंग के अलावा अब सीधे टेक-स्किल्स सीखने को प्राथमिकता दे रहे हैं।   मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट:  वाणिज्य और कला वर्ग के छात्रों में बीबीए और होटल मैनेजमेंट जैसे कोर्सेज का क्रेज बढ़ा है, ताकि पढ़ाई पूरी होते ही हाथ में रोजगार हो।    सीयूईटी के जरिए देश के टॉप विश्वविद्यालयों पर नजर   राजस्थान के युवाओं में अब स्थानीय कॉलेजों के अलावा देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों (जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी, बीएचयू, जेएनयू) में दाखिला पाने की होड़ मची है। 12वीं की परीक्षा खत्म होते ही छात्र सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी में जुट गए थे। खासकर शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनू) और मारवाड़ के ग्रामीण इलाकों के मेधावी छात्र अब देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में जाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना चाहते हैं।   कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही 'सरकारी नौकरी' का लक्ष्य   राजस्थान में सरकारी नौकरी (सिविल सर्विसेज, प्रशासनिक सेवाएं और बैंकिंग) के प्रति दीवानगी जगजाहिर है। इस बार का ट्रेंड दिखाता है कि छात्र स्नातक की पढ़ाई को एक 'सपोर्ट सिस्टम' की तरह देख रहे हैं। कला वर्ग में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन रहने का एक बड़ा कारण यह भी है कि छात्र आरएएस, आईएएस या शिक्षक भर्ती परीक्षाओं को ध्यान में रखकर ही 11वीं-12वीं में ह्यूमेनिटीज चुनते हैं। अब परिणाम आते ही छात्र कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ इन प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग या ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़कर तैयारी में जुट गए हैं।   बेटियों की उड़ान: आत्मनिर्भर बनने की नई जिद   इस साल के नतीजों में भी छात्राओं का पास प्रतिशत छात्रों से काफी बेहतर रहा है। यह बदलाव केवल मार्कशीट तक सीमित नहीं है। गांवों और कस्बों की लड़कियां अब केवल घर के पास के महिला कॉलेजों से प्राइवेट पढ़ाई करने तक सीमित नहीं हैं; वे नर्सिंग, क्लैट ( लॉ एंट्रेंस), डिजिटल मार्केटिंग और डिफेंस सर्विसेज (जैसे पुलिस और सेना भर्ती) में करियर बनाने के लिए घरों से बाहर निकल रही हैं।   छात्र अब सिर्फ डिग्री धारक नहीं, बल्कि 'करियर ओरिएंटेड' बनना चाहते हैं   राजस्थान में 12वीं के बाद का यह नया परिदृश्य साफ करता है कि आज का छात्र अब सिर्फ डिग्री धारक नहीं, बल्कि 'करियर ओरिएंटेड' और 'स्किलफुल' बनना चाहता है। युवाओं का यह बदला हुआ रुख आने वाले समय में राजस्थान को देश के सबसे बड़े 'ह्यूमन रिसोर्स हब' के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

    पाली जिले में दर्जनों पशु चिकित्सालयों को मिलेंगे नए भवन

    -पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने किया वर्चुअली शिलान्यास -सोनाई मांझी में मुख्यमंत्री बजट घोषणा की सड़क जनता को समर्पित   पाली/सुमेरपुर। विधानसभा क्षेत्र के सोनाई मांझी गांव में रविवार को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत थे। मंत्री कुमावत ने गांव और आस-पास के क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत नवनिर्मित सोनाई मांझी से आइचिया सड़क का विधिवत लोकार्पण किया गया। इसी दौरान कुमावत ने राजकीय पशु चिकित्सालय, बालराई, जिला पाली की चारदिवारी के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। इस चारदिवारी के निर्माण कार्य पर 13.97 लाख रुपए की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने पाली व ब्यावर जिले के दर्जनों राजकीय पशु चिकित्सा उप केंद्रों, पशु चिकित्सालयों, प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों, राजकीय बहुउदेशीय पशु चिकित्सालय तथा राजकीय ब्लॉक वेटेरीनरी हेल्थ ऑफिस, खैरवा की चारदिवारी के निर्माण कार्य का वर्चुअली शिलान्यास किया। साथ ही उन्होंने पाली जिले के सिंदरू, सोनाई मांझी, भांगेसर, कोरटा, खिमाडा, टेवाली, खिवांदी, खारड़ा, नीपल, लापोद, ब्यावर जिले के सेंदड़ा व लिलांबा के राजकीय पशु चिकित्सालय के नए भवन निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने मंत्री का साफा पहनाकर और मालाओं से भव्य स्वागत किया।   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कुमावत ने कहा-आज का यह दिन हमारे सुमेरपुर क्षेत्र और विशेषकर सोनाई मांझी के लिए बेहद हर्ष का विषय है। हमारी सरकार 'सशक्त राजस्थान, समृद्ध राजस्थान' के संकल्प को लेकर निरंतर आगे बढ़ रही है। आज जिस सोनाई मांझी से आइचिया सड़क का लोकार्पण हुआ है, वह केवल डामर की सड़क नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के विकास और खुशहाली का नया मार्ग है। इस सड़क के बनने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2025-26 में जो वादा आपसे किया था, आज वह धरातल पर उतर चुका है।   मेरे पास जो पशुपालन, गोपालन और डेयरी विभाग हैं, वे सीधे हमारे ग्रामीण परिवेश और किसान भाइयों की अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी गौमाता की सेवा, पशुपालकों के कल्याण और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए योजनाओं का पैसा सीधे आप तक पहुंचेगा। देवस्थान विभाग के माध्यम से हम हमारे सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का भी कायाकल्प कर रहे हैं। विकास की यह गंगा रुकने वाली नहीं है। सुमेरपुर विधानसभा का हर गांव, हर ढाणी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। इस दौरान मंत्री श्री कुमावत ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके त्वरित, प्रभावी एवं गुणवतापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस मोके पर पाली पंचायत समिति प्रधान के प्रतिनिधि पुखराज पटेल, पशुपालन विभाग के निदेशक सुरेश मीणा, किसान केसरी भंवर चौधरी, पूर्व उप जिला प्रमुख नवल किशोर रावल, रामलाल कुमावत, हेमावास के पूर्व सरपंच मोहनलाल, हेमावास के मंडल अध्यक्ष मनोहरलाल सीरवी, सोनाई मांझी के सरपंच प्रताप सिंह, पंचायत समिति सदस्य रामलाल हीरागर, बडेरवास के पूर्व सरपंच मांगीलाल चौधरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।