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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर ने पाँचदिवसीय मतदाता जागरूकता रैली का किया आयोजन

    जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी,जयपुर के मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS Unit) एवं इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0 के संयुक्त तत्वावधान में 26 अक्टूबर को पाँचदिवसीय मतदाता जागरूकता रैली की शुरुआत की। आज प्रथम दिवस पर रैली अपने गोद लिए गए गाँव सीमलियावास पहुँची, जहाँ ग्रामीणों को मतदान के महत्व, मतदाता अधिकारों, नैतिक मतदान तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के प्रति जागरूक किया गया। इस पहल में लगभग 30 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस रैली अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय में मतदाता जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार मतदान के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान “अपने वोट के महत्त्व को समझो” (Your Vote Matters) और “जागो, समझो, मतदान करो, अपने भविष्य को बेहतर बनाओ” जैसे प्रेरक संदेशों के माध्यम से ग्रामीणों को अपने मताधिकार का महत्व समझाया गया। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि मतदान केवल नागरिकों का अधिकार ही नहीं, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक जागरूक नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। विश्वविद्यालय के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने शिक्षा संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी तथा विद्यार्थियों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने इस प्रकार की गतिविधियों को सामाजिक परिवर्तन, जागरूक नागरिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम बताया। विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में व्यावहारिक शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज से जुड़ी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों को समझने, सामाजिक आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनने तथा अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग जनहित में करने का अवसर प्रदान करती हैं। विश्वविद्यालय के प्रो-प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) अंकित गांधी ने संस्थागत समन्वय, सामाजिक उत्तरदायित्व और सुव्यवस्थित सामुदायिक गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इस तरह की पहलों को उच्च शिक्षा संस्थानों और समाज के बीच संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्केयापीठ विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों की सामूहिक सहभागिता बढती है तथा सामाजिक जागरूकता के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुँचाने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के समन्वयक की जिम्मेदारी डॉ. रजनी खंडेलवाल ने निभाई, वहीं, डॉ. अंशु श्रीवास्तव और सुश्री खुशबू चौधरी ने अभियान के संचालन तथा विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने सीमलियावास गाँव के ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और उन्हें मतदान के महत्व तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के प्रति जागरूक किया। एनएसएस समन्वयक यश यादव ने कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीणों और विद्यार्थियों को मतदाता जागरूकता की शपथ भी दिलाई। शपथ के माध्यम से जिम्मेदार नागरिकता, मताधिकार के प्रति सजगता तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का संदेश भी दिया गया। इस पहल ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को एक साझा सामाजिक उद्देश्य से जोड़ते हुए मतदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया। रैली में शामिल लगभग 30 विद्यार्थियों ने सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, सामूहिक कार्य करने की भावना, सामाजिक सेवा और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिला। ग्रामीण समुदाय के बीच आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा को समाज से जोड़ने तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। विश्वविद्यालय की यह पहल ग्रामीण समुदाय को मतदान के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक चेतना, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में एआई पर विशेष कार्यशाला आयोजित

    वेबसाइट बनाने से लेकर कंटेंट तैयार करने तक, एआई टूल्स के इस्तेमाल की दी जानकारी जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर एआई ट्रेनर सीए कमलेश बंसल, चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, सीए अमित गट्टानी, डागा जी, सभी विभागाध्यक्ष और फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यशाला में सीए कमलेश बंसल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को एआई के उपयोग और उसके फायदों के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि एआई की मदद से पढ़ाई, रिसर्च और रोजमर्रा के कई काम कम समय में और आसानी से किए जा सकते हैं। इस दौरान वेबसाइट बनाना, ई-मेल का प्रबंधन, समय-सारणी तैयार करना, प्रेजेंटेशन बनाना, जानकारी जुटाना और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों को चैटजीपीटी, जेमिनी, क्लॉड, माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट, परप्लेक्सिटी एआई, नोटबुक एलएम, कैनवा, गामा, लवेबल, फ्रेमर एआई, ज़ैपियर, मेक, हेजेन और इलेवनलैब्स जैसे एआई टूल्स की जानकारी दी गई। साथ ही, इनकी मदद से समय बचाने, काम को व्यवस्थित करने और बेहतर परिणाम पाने के तरीके भी समझाए गए। इसके बाद बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी ने कहा कि एआई टूल्स का सही इस्तेमाल करके हम अपने समय का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं और काम को आसान व बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे एआई के बारे में जागरूक हों, इसके नए टूल्स की जानकारी लें और अपने परिवार व मित्रों को भी इनके उपयोग के प्रति जागरूक करें। वहीं बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने कहा कि बदलते दौर में नई तकनीकों को समझना और उनका सही इस्तेमाल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने शिक्षा और रोजमर्रा के कामों में एआई का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में बियानी गर्ल्स कॉलेज और बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान एआई से सही जानकारी प्राप्त करने, तथ्यों की जाँच करने, निजी जानकारी सुरक्षित रखने और कॉपीराइट का ध्यान रखने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि एआई से तैयार सामग्री का इस्तेमाल करने से पहले उसकी जाँच करना जरूरी है। कार्यशाला का आयोजन बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के आईटी विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन बागोरिया और एसोसिएट प्रोफेसर राहुल अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को एआई के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना और उनके काम को आसान बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।  

    आरआईसी में JAGS-2026 का शानदार आयोजन

    1 दिन में 5 हजार विजिटर्स का बना कीर्तिमान राजू मंगोड़ीवाला के करिश्माई नेतृत्व का कमाल आरआईसी में JAGS-2026( जयपुर एसोसिएशन जेमस्टोन शो) के 30 वें संस्‍करण का शानदार आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन महापौर सुनील कोठारी ने दीप प्रज्‍ज्‍वलन और फीता काटकर किया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि विश्व प्रसिद्ध एस्ट्रोलॉजर सुरभी गुप्‍ता थीं। उद्घाटन समारोह में जग्‍स की स्मारिका का विमोचन किया गया और साथ ही शो के सहयोगियों का सम्मान भी किया गया। अपने संबोधन में महापौर सुनील कोठारी ने कहा कि जयपुर के पूर्वज जौहरियों ने अपनी व्यावसायिक प्रतिभा और मेहनत से जयपुर को विसव पटल पर रत्‍न नगरी के तौर पर प्रतिष्ठित किया, लेकिन वर्तमान में बैंकॉक और हांगकांग आगे निकल गए हैं। गोल्‍ड सिटी दुबई की तरह जेमस्टोन सिटी जयपुर की पहचान बननी चाहिए। उन्होंने जयपुर के 3 सौ वें स्थापना दिवस के लिए "म्‍हारो जयपुर- प्‍यारो जयपुर- न्‍यारो जयपुर '' का नया नारा दिया। ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्‍यक्ष राजू मंगोड़ीवाला ने अपने स्‍वागत संबोधन में कहा कि जस की तरह जग्‍स भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस शो के माध्‍यम से हम जयपुर के कारीगरों के तराशे गए रंगीन रत्नों को दुनियाभर के खरीदारों तक पहुंचाते हैं। इसमें रत्न व्यापारियों और मैन्युफैक्चरर्स के बीच दीर्घकालीन रिश्ते बनते हैं। हमने जस- 2026 में दुबई और शारजाह के जेम्स जवेलरी बिजनेस एसोसिएशन के साथ जयपुर के व्यापारिक रिश्तों की नई इबारत लिखी। हम जयपुर को वर्ल्ड क्लास जेमस्टोन सिटी के तौर पर विश्व पटल पर स्थापित करने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बार जग्‍स में 210 बूथ पर सुबह से ही विजिटर्स का तांता लगा रहा। एक ही दिन में 5 हजार से ज्‍यादा विजिटर्स का आना अपने आप में एक कीर्तिमान है । एस्‍ट्रॉलॉजर सुरभी गुप्‍ता ने कहा कि जयपुर की असली पहचान असली रंगीन रत्नों के लिए है। पूरी दुनिया में इसके लिए जयपुर की विश्वसनीयता है, जो जयपुर के जौहरियों ने अपनी ईमानदारी और व्यवहार से कायम की है। एस्‍ट्रोलॉजी की कामयाबी में असली रत्नों का होना जरूरी है। दोनों की ही विश्वसनीयता एक दूसरे पर निर्भर है। जयपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन के महासचिव अजय गोधा का कहना है कि जग्‍स में मैन्युफैक्चर के साथ रत्न व्यापारियों का सीधा संवाद होता है। पूरी दुनिया में जग्‍स की पहचान तेजी से बढ़ रही है। जग्‍स के कन्वीनर प्रकाश बैद का कहना है कि जयपुर के जेम्‍स- ज्वैलरी व्यापार को उन्नति और प्रगति देने के लिए जग्‍स का आयोजन किया जाता है। इसकी लोकप्रियता को देखकर आयोजकों का उत्साह बढ़ रहा है। हम इसके आयोजन में निरंतर उन्नति के प्रयास करेंगे। गौरतलब कि ज्‍वेलर्स एसोसिएशन जयपुर की ओर से जेमस्टोन शो में तराशे गए रंगीन रत्‍नों के साथ रफ (खरड़) की बीटूबी एग्जीबिशन लगाई जाती है। जिसमें देश - विदेश से मैन्‍युफैक्‍चर, एक्‍सपोर्ट और ट्रेड विजिटर आते हैं। इस बार शो का औपचारिक उद्घाटन होने से पहले ही बायर सो में पहुंचने लगे। रात 9 बजे तक सो ट्रेड बायर से खचाखच भरा रहा। अनुमान है कि एक दिन के बीटूबी सो में 5 हजार से ट्रेड बायर का एक नया कीर्तिमान बना है। राजू मंगोड़ीवाला- एक करिश्माई नेतृत्‍व जयपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्‍यक्ष राजू मंगोड़ीवाला ने नेतृत्व संभालते ही एक से एक नए कीर्तिमान रचना शुरू कर दिए। जग्‍स की सफलता भी उनमें से एक है। जग्‍स के उदघाटन समारोह में भी सभी ने राजू मंगोडीवाला के प्रयासों की भरपूर सराहना की। जयपुर महापौर सुनील कोठारी ने कहा कि राजू मंगोड़ीवाला जैसे व्‍यक्‍तित्‍व और प्रतिभा का लाभ जयपुर की ज्‍वैलर कम्‍यूनिटी के साथ पूरे जयपुर को मिल रहा है। इनके आग्रह को कोई नहीं टाल सकता है। विशिष्‍ट अतिथि के तौर पर समारोह में शिरकत करने वाली एस्ट्रोलॉजर सुरभी गुप्‍ता ने कहा कि राजू मंगोडीवाला का संपर्क भारत में ही नहीं दुनिया भर में हैं। कई देशों से राजू मंगोडीवाला के मित्रों ने फोन कर जग्‍स में आने के लिए उन्‍हें प्रेरित किया। इस अवसर पर जयपुर के सभी ज्वेलर्स ने एक स्वर में राजू मंगोड़ीवाला के प्रयासों की सराहना की और उनके नेतृत्‍व में जस- 2026 और जग्‍स- 2026 की सफलता के लिए उनके प्रभावशाली नेतृत्व को श्रेय दिया।  

    दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने का मूल मंत्र: आयुक्त

    राजकीय महाविद्यालय जयपुर द्वारा दिनांक 26 अक्टूबर से आयोजित राजस्थान विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय जूडो (महिला व पुरुष) प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि नथमल डिडेल, आयुक्त, कॉलेज शिक्षा राजस्थान ने अपने प्रेरणादायी उद्धबोधन में कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने का मूल मंत्र है। खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संघर्ष, धैर्य और संकल्प की परीक्षा भी हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, सकारात्मक सोच और हार से सीखने की भावना के बल पर वे अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं तथा खेलों के माध्यम से अपने महाविद्यालय, प्रदेश, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन कर सकते हैं। उनका संदेश युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है कि लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से कोई भी मंजिल असंभव नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जाने वाली खेलो इंडिया खेल प्रतियोगिताओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार व भारत सरकार किस प्रकार से प्रयास करके देश के नागरिकों के लिए खेल योजनाएं तैयार करती है। हमें इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर राज्य व देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। देश के लिए ओलंपिक खेलों से पदक जीत कर देश का मान-सम्मान बढ़ाना चाहिए। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. रविकांत शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि खेलो द्वारा ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास किया जा सकता है इसलिए हमें खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। आयोजन सचिव डॉ जगदीश नारायण सैनी ने प्रतियोगिता के बारे में विस्तार पूर्वक बताया मंच संचालन डॉ. ललिता शर्मा ने किया।    

    एलन टैलेंटेक्स: 27 राज्य, 3 केन्द्रशासित प्रदेशों में 3.47 लाख से अधिक स्टूडेंट्स हुए शामिल

    447 शहरों के 1405 परीक्षा केन्द्रों पर आॅफलाइन मोड में हुई परीक्षा कोटा. एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्रा.लि. की ओर से प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए एलन टैलेंटेक्स-2027 की परीक्षा रविवार 25 अक्टूबर को हुई। यह परीक्षा देश के 27 राज्यों और 3 केन्द्र शासित प्रदेशों में आयोजित की गई। देश की बड़ी प्रतिभा प्रोत्साहन परीक्षाओं में से एक एलन टैलेंटक्स में 3.47 लाख से अधिक स्टूडेंट्स शामिल हुए। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के चीफ आॅफ स्पेशल प्रोजेक्ट्स एवं हेड टैलेंटेक्स पंकज अग्रवाल ने बताया कि कक्षा 5 से 10 तक के स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा आॅफलाइन मोड में दोपहर 2 से 4 बजे तक आयोजित की गई। देश के 447 शहरों व कस्बों में 1405 परीक्षा केन्द्रों पर आॅफलाइन मोड पर हुई परीक्षा में 3.25 लाख से अधिक तथा आॅनलाइन मोड में हुई परीक्षा में 22 हजार से अधिक स्टूडेंट्स शामिल हुए। अग्रवाल ने बताया कि शुरुआत से अब तक एलन टैलेंटेक्स में 24 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हो चुके हैं। एग्जाम के बाद नेशनल व स्टेट रैंक के साथ ही 2.50 करोड़ के कैश प्राइज तथा 2027-28 में एलन कोर्सेज में एडमिशन पर 90 प्रतिशत तक स्कालरशिप दी जाएगी। परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद रैंकर्स का सम्मान समारोह होगा। टैलेंटेक्स-2027 का परिणाम नवंबर के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। इसके माध्यम से स्टूडेंट्स 20 दिसंबर तक अर्ली बर्ड योजना के तहत प्रवेश लेकर दोहरा लाभ ले सकते हैं। टैलेंटेक्स स्काॅलरशिप के साथ गत वर्ष की फीस पर अर्ली फी बैनिफिट का लाभ लेकर एलन में प्रवेश का अवसर मिलेगा। पूर्व में यह परीक्षा आॅफलाइन मोड में दो तिथियों पर करवाई जाती थी। इस वर्ष एक बार में पूरे देश में एक साथ परीक्षा करवाई गई है। गौरतलब है कि टैलेंटेक्स के माध्यम से एलन से जुड़ने वाले कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने पूर्व में आईआईटी, नीट व ओलंपियाड में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ ऑल इंडिया टॉप 100 में रैंक हासिल की है। ........ टैलेंटेक्स क्यों है खास.... इस परीक्षा का आयोजन देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं आईआईटी, नीट व पूर्व में होने वाली एनटीएसई की तर्ज पर किया जाता है। परीक्षा का स्तर, अंक प्रणाली व विद्यार्थियों का अपना आंकलन जांचेगा कि यह परीक्षा देश की परीक्षाओं में बेहतर है। 10वीं की परीक्षा देने वाले जिन विद्यार्थियों को अपना कॅरियर इंजीनियरिंग या मेडिकल क्षेत्र में बनाना है, उनके लिए यह परीक्षा वरदान साबित हो सकती है। इस परीक्षा में शामिल होने के बाद बेहतर सेल्फ एनालिसिस किया जा सकता है कि स्वयं को कितनी तैयारी करनी है तथा रियायती फीस पर स्कॉलरशिप मिलने से कॅरियर निर्माण पर आर्थिक बोझ भी नहीं आता।  

    भांकरोटा जैन मंदिर का दो दिवसीय वार्षिक मेला संपन्न, श्रद्धालुओं ने किए पार्श्वनाथ भगवान के कलशाभिषेक एवं विधान पूजन

    - तन-मन की शुद्धता की तरह धर्म और कर्म में भी शुद्धता जरूरी है — आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी जयपुर। अजमेर रोड स्थित भांकरोटा के अतिशय क्षेत्र दिगंबर जैन मंदिर का दो दिवसीय वार्षिक मेला रविवार को कलशाभिषेक, शांतिधारा, विधान पूजन, सामूहिक गोठ और महामंगल आरती के साथ संपन्न हुआ। मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पार्श्वनाथ भगवान की आराधना की। रविवार सुबह 7:15 बजे मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान का स्वर्ण एवं रजत कलशों से कलशाभिषेक किया गया।इसके पश्चात आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी के मुखारविंद से वृहद शांतिधारा संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने शांतिधारा अर्घ्य समर्पित करते हुए विश्व में शांति और जनकल्याण की मंगल भावना व्यक्त की। इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ने कहा कि जिस प्रकार तन को स्वच्छ और मन को निर्मल रखना जरूरी है, उसी प्रकार धर्म और कर्म में भी शुद्धता आवश्यक है। धर्म केवल मंदिर जाने, पूजा-पाठ करने या माला फेरने तक सीमित नहीं है, बल्कि विचारों की पवित्रता, वाणी की मधुरता और व्यवहार की सरलता ही सच्चे धर्म की पहचान है। यदि पूजा करने के बावजूद मन में द्वेष, व्यवहार में छल-कपट और कर्मों में अशुद्धता है, तो आत्मचिंतन जरूरी है। धर्म की सुंदरता दिखावे में नहीं, बल्कि भावों की पवित्रता में है। प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे कर्म करने चाहिए, जिनसे दूसरों का भला हो। अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ के सानिध्य में सुबह 11:15 बजे विधान पूजन प्रारंभ हुआ। श्रावक-श्राविकाओं ने मंडल शुद्धि एवं कलश स्थापना के पश्चात मंत्रोच्चार और भक्तिभाव के साथ जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप, फल एवं महार्घ अर्पित कर जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की। इस दौरान मेला संयोजक नगेंद्र सेठी, महेंद्र जैन सहित मंदिर व्यवस्था से जुड़े सदस्यों एवं महिला मंडल की सदस्याओं ने मानसरोवर, कमला नेहरू नगर, डीसीएम, वैशाली नगर, निर्वाण नगर, इंजीनियर्स कॉलोनी और वर्धमान सरोवर सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का तिलक, माला और साफा पहनाकर स्वागत-सम्मान किया। श्रद्धालुओं ने आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी के पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए तथा मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। विधान पूजन के पश्चात समाज की सामूहिक गोठ आयोजित हुई। शाम को महामंगल आरती के साथ दो दिवसीय वार्षिक मेले का विधिवत समापन हुआ.

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में सजी ‘नव्यायन डांडिया नाइट’, गरबा-डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों पर झूमे विद्यार्थी

    सुर, ताल और जोश के संग बियानी के मंच पर सजा गरबा-डांडिया का रंग जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेज में हर साल की तरह इस वर्ष भी भव्य डांडिया नाइट 'नव्यायन' का आयोजन किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पारंपरिक गुजराती परिधानों में सज-धज कर गरबा और डांडिया की धुनों पर थिरकते हुए उत्साह का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज की चेयरपसर्न व आयोजक पुष्पा बियानी , चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी सहित समस्त बियानी परिवार ने मां दुर्गा की आरती कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर आयोजक कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी एवं प्रिंसिपल व डीन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने मुख्य अतिथि मंजू शर्मा (सांसद, जयपुर), विशिष्ट अतिथि राजेंद्र सिंह शेखावत (प्रदेश संयोजक, इंटेलेक्चुअल सेल, भाजपा), एसएचओ सज्जन सिंह ( विद्याधर नगर), उमेश सोनी (अध्यक्ष, ईसीएमएस), उर्मिला रांका (ट्रस्टी सदस्य, जेआरएचडीटी), कृष्ण कुमार राठी (माहेश्वरी समाज), राजीव सिंह परिहार, अजय भार्गव, अजीत सिंह, कमला बिहानी एवं सुजाता बाहेती सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। वहीं कार्यक्रम में जज के रूप में सुमन शर्मा (निदेशक, डांस स्पेस स्टूडियो) एवं निखिल टेलर (कोरियोग्राफर) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, रचनात्मकता को बढ़ावा देने तथा उनमें आत्मविश्वास एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, हरे कृष्ण महामंत्र पर आधारित भक्तिमय नृत्य प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। इसके साथ ही छात्राओं ने ढोली तारों ढोल,ब्रज लाडीला श्रीनाथ जी ने खम्मा रे खम्मा, राधा कैसे न जले, कमरिया, सब तेरो सांवरिया सेठ, मेरा तो कुछ भी नहीं और नगाड़े संग ढोल बाजे जैसे लोकप्रिय गीतों पर रंगारंग नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। छात्राओं की शानदार नृत्य शैली, आकर्षक भाव-भंगिमाओं, बेहतरीन तालमेल और उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस शुभ अवसर पर को -स्पोंसर राजश्री टेक्सटाइल (रेमंड्स), गौ सेवा, सेंटर फॉर साइट, सम्यक ज्वेलर्स, कोजागिरी बाय धागा, बबल डबल, कलाक्षा – द हेयर सैलून, डांस स्पेस स्टूडियो, विज़डम क्लासेज़ के अतिरिक्त कई मीडिया पार्टनर और बियानी टीवी, रेडियो सेल्फी 90.8 व बियानी टाइम्स के सहयोग द्धारा किया गया। कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन बियानी गर्ल्स बी.एड कॉलेज द्वारा किया गया। एंकरिंग की भूमिका अस्सिटेंट प्रोफेसर कुसूम सैनी और भारती शर्मा ने प्रभावशाली रूप से निभाई। कार्यक्रम के समापन पर बेस्ट परफॉर्मेंस, बेस्ट कॉस्ट्यूम और बेस्ट स्टाइल जैसी विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डीन व प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।  

    अंग प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं ने क्रिकेट के मैदान पर दिया जीवन का संदेश

    चैंपियंस ऑफ लाइफ क्रिकेट कप-2026 का जयपुर में आयोजन, जगदीश चंद्र और विधायक गोपाल शर्मा सहित कई गणमान्य लोग हुए शामिल जयपुर। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अंग प्रत्यारोपण के बाद भी स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन जीने का संदेश देने के उद्देश्य से रविवार को जयपुर में ‘चैंपियंस ऑफ लाइफ क्रिकेट कप-2026’ का आयोजन किया गया। राजस्थान में पहली बार आयोजित इस विशेष क्रिकेट प्रतियोगिता में अंग प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और जीवित अंगदाताओं ने क्रिकेट के माध्यम से समाज को जीवन बचाने और मानवता की सेवा का संदेश दिया। सोसाइटी फॉर ट्रांसप्लांट एथलीट्स ऑफ राजस्थान (स्टार) की ओर से रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3056 के सहयोग से रेलवे अस्पताल के पीछे स्थित जयपुर डिवीजन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के क्रिकेट मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के सीएमडी जगदीश चंद्र, सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा, भावना जगवानी और समाजसेवी राजीव अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। जगदीश चंद्र ने अंगदान के लिए जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का महान कार्य है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से इस विषय पर जागरूकता फैलाने और मानवता की सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि अंगदान मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ लोगों को दूसरों का जीवन बचाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण के बाद खिलाड़ियों का मैदान पर उतरना उनके साहस, आत्मविश्वास और जीवटता का प्रतीक है। उन्होंने अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली ऐसी पहलों को व्यापक जनसमर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. गिरवर शर्मा ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और यह संदेश देना है कि अंग प्रत्यारोपण के बाद भी उचित चिकित्सकीय देखभाल के साथ व्यक्ति सक्रिय जीवन जी सकता है। खेलों के माध्यम से प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हर्षवर्धन ने कहा कि ट्रांसप्लांट खिलाड़ियों को खेलों से जोड़ना, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए प्रेरित करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। ललित शर्मा ने कहा कि अंगदान किसी व्यक्ति और उसके परिवार के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। ऐसे आयोजनों से समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक वातावरण बनता है और अधिक लोग इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित होते हैं। आयोजन को ऑर्गन इंडिया, सीके बिड़ला अस्पताल, मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटिजन फोरम और जयपुर डिवीजन स्पोर्ट्स एसोसिएशन (भारतीय रेलवे) का सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से अंगदान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं को खेलों के जरिए प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी भावना जगवानी , राजीव अरोडा , नवीन महाजन, अजय गुप्ता, कनिष्का जैन समेत अनेक रोटेरियन मौजूद रहे ।  

    संघ का उद्देश्य समाज को संगठित कर, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारत को परम वैभव की ओर ले जाना: जसवंत खत्री

    संघ के शताब्दी वर्ष पर मानसरोवर में ‘उद्भव 2026’ विराट पथ संचलन; 5000 गणवेशधारी स्वयंसेवकों की उपस्थिति, 1200 समाजबंधुओं ने भी की सहभागिता जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को जयपुर महानगर के मानसरोवर भाग में ‘उद्भव 2026’ विराट पथ संचलन एवं उत्सव आयोजित हुआ। अनुशासित कदमताल के साथ निकले स्वयंसेवकों ने संगठन शक्ति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकात्मता का संदेश दिया। पथ संचलन में करीब 2700 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जबकि कार्यक्रम में लगभग 5000 गणवेशधारी स्वयंसेवक उपस्थित रहे। आयोजन में मातृशक्ति, युवाओं और विभिन्न वर्गों के करीब 1200 समाजबंधुओं की सहभागिता भी रही। वीटी रोड स्थित दशहरा मैदान में शाम 4:30 बजे आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन अनिल ओक ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय थल सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कर्नल जोगेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। बौद्धिक के मुख्य वक्ता संघ के क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री थे। कार्यक्रम में संघ की शताब्दी यात्रा, व्यक्ति निर्माण और समाज जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए पंच परिवर्तन की भूमिका पर चर्चा हुई। तीन संगम स्थलों से निकला पथ संचलन मानसरोवर क्षेत्र में पथ संचलन के लिए तीन प्रमुख संगम स्थल निर्धारित किए गए थे। संगम-1 नीरजा मोदी स्कूल, शिप्रा पथ; संगम-2 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, शांति मार्केट और संगम-3 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, महिमा एलेंजिया रोड, पत्रकार कॉलोनी से स्वयंसेवक दोपहर तीन बजे रवाना हुए। निर्धारित मार्गों से होते हुए संचलन वीटी रोड चौराहा और न्यू सांगानेर रोड के संगम बिंदु पर दोपहर 3:38 बजे एकत्रित हुआ। इसके बाद स्वयंसेवक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़े। पथ संचलन में बाल स्वयंसेवकों की सहभागिता भी आकर्षण का केंद्र रही। पहली बार संचलन में शामिल हुए बाल स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। सामूहिक कदमताल के अनुभव ने उनमें अनुशासन, एकजुटता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव मजबूत किया। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य बौद्धिक में क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री ने संघ की 101 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यात्रा स्वयंसेवकों के त्याग, तपस्या, समर्पण और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज को संगठित करना और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारत को परम वैभव की ओर ले जाना है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने, नागरिकों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध जागृत करने और सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पंच परिवर्तन को केवल विचार या चर्चा तक सीमित न रखकर दैनिक व्यवहार में उतारने का आह्वान किया। पंच परिवर्तन से बदलेगा सामाजिक जीवन कार्यक्रम में पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख आयामों—सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक शिष्टाचार—को समाज जीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बताया गया। सामाजिक समरसता के अंतर्गत जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान और आत्मीयता रखने का संदेश दिया गया। समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद, सहयोग और सहभागिता बढ़ाने के साथ इसकी शुरुआत अपने घर और व्यक्तिगत व्यवहार से करने पर जोर दिया गया। कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से परिवार में संस्कार, सद्भाव और संवाद को मजबूत करने की बात कही गई। परिवार के सदस्यों का साथ बैठकर भोजन करना, बच्चों को भारतीय संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना तथा तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग करना सशक्त परिवार के निर्माण के लिए आवश्यक बताया गया। स्व का बोध और स्वदेशी के संदर्भ में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय पहचान के प्रति आत्मीयता विकसित करने का संदेश दिया गया। भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्थानीय उत्पादकों, कारीगरों तथा छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया गया। स्वदेशी को आत्मनिर्भरता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ते हुए इसे दैनिक जीवन में अपनाने पर बल दिया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए जल बचाने, वृक्षारोपण करने, स्वच्छता बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की आवश्यकता बताई गई। वहीं नागरिक शिष्टाचार के अंतर्गत यातायात नियमों का पालन, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और दूसरों के प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार को प्रत्येक नागरिक का दायित्व बताया गया। समाज की सज्जन शक्ति को संगठित करने का आह्वान मुख्या वक्ता ने कहा कि सज्जन शक्ति को संगठित कर युवाओं, परिवारों और समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ना होगा साथ ही सामाजिक परिवर्तन के लिए विचारों के साथ व्यवहार में भी बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजन के माध्यम से संगठित, संस्कारित और कर्तव्यनिष्ठ समाज के निर्माण तथा पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।  

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राजस्थान विश्वविद्यालय की नवीन इकाई घोषित

    विशाल उज्जैनिया बने इकाई अध्यक्ष एवं हर्षवर्धन खर्रा बने इकाई मंत्री जयपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) राजस्थान विश्वविद्यालय की सत्र 2026-27 की नवीन इकाई की घोषणा की गई। नवीन इकाई में विशाल उज्जैनिया को इकाई अध्यक्ष एवं हर्षवर्धन खर्रा को इकाई मंत्री का दायित्व सौंपा गया। इकाई घोषणा कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री कमलेश सिंह का प्रवास रहा। उनके प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक विषयों, छात्रहितों, परिसर की शैक्षणिक व्यवस्था तथा विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय मंत्री कमलेश सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र के पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ कार्य करने वाला छात्र आंदोलन है। राजस्थान विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक परिसर में विद्यार्थी परिषद की भूमिका विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने, शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने तथा युवाओं में राष्ट्रहित और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता विकसित करने की है। उन्होंने कहा कि नवीन इकाई के सभी कार्यकर्ता संगठन की विचारधारा के अनुरूप विद्यार्थियों के बीच सक्रिय रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करें। विश्वविद्यालय परिसर में सकारात्मक, अनुशासित एवं छात्रहितों के प्रति समर्पित वातावरण निर्माण करना परिषद की प्राथमिकता है। नवीन इकाई अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाएगी तथा संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान करेंगे। नवीन इकाई के गठन से राजस्थान विश्वविद्यालय में विद्यार्थी परिषद की संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की अपेक्षा है। नवनियुक्त इकाई अध्यक्ष विशाल उज्जैनिया एवं इकाई मंत्री हर्षवर्धन खर्रा ने संगठन द्वारा सौंपे गए दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों के हितों के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।  

    एमजीडी वार्षिकोत्सव : 'माई' में दिखी नारी शक्ति

    लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन रहे मुख्य अतिथि ; मंच पर जीवंत हुए प्रेरक किरदार महारानी गायत्री देवी (एमजीडी) गर्ल्स स्कूल में विद्यालय का 83वाँ वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि बिहार के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (से.नि.) रहे, जिनका विद्यालय परिसर में पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरपर्सन महाराज जय सिंह, डायरेक्टर श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया और प्राचार्या श्रीमती प्रमेन्द्र खंगारोत सहित शिक्षक, अभिभावक एवं छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यालय के चेयरपर्सन महाराज जय सिंह ने छात्राओं को अनुशासन, सतत परिश्रम और जीवन-मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। निदेशिका श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया ने विद्यालय का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए छात्राओं की अकादमिक व पाठ्येतर गतिविधियों की उपलब्धियों को साझा किया। समारोह का मुख्य आकर्षण नवदुर्गा की थीम पर आधारित विशेष सांस्कृतिक नाट्य प्रस्तुति 'माई' रही। इसमें यह प्रभावशाली संदेश दिया गया कि माँ दुर्गा के जिन नौ रूपों की हम पूजा करते हैं और वे जो शक्तियाँ प्रदान करती हैं, वे अलौकिक होने के साथ-साथ हमारे समाज की आम महिलाओं के भीतर भी जीवंत रूप में विद्यमान हैं। छात्राओं ने अपने सजीव अभिनय से दिखाया कि मातृत्व और करुणा की यह देवीय शक्ति अनाथों का सहारा बनीं सिंधुताई सपकाल, प्रकृति संरक्षण के लिए जीवन न्योछावर करने वाली खेजड़ली की अमृता देवी, पर्यावरण संवर्धन में जुटीं कोल्लम की देवकी अम्मा और एसिड अटैक के दर्द को मात देकर दूसरों की आवाज़ बनीं लक्ष्मी अग्रवाल जैसी वीरांगनाओं में स्पष्ट दिखाई देती है। समाज को नई दिशा देने वाली इन महिलाओं के प्रेरक किरदारों के माध्यम से यह रेखांकित किया गया कि विपरीत परिस्थितियों से लड़कर बदलाव लाने की शक्ति हर नारी में निहित है। इस प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित सभी दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही छात्राओं ने शास्त्रीय और पाश्चात्य संगीत के संगम से सजी सुमधुर ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति भी दी। समारोह के दौरान उच्च शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों—वाणिज्य, मानविकी, विज्ञान, विधि और सीए में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पूर्व व वर्तमान मेधावी छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने छात्राओं की प्रतिभा और लगन की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।  

    ताकत और तकनीक से स्ट्रांग मैन और स्ट्रांग वुमैन बनने की जंग

    24 साल बाद जयपुर में शुरू हुई इक्विप्ड बैंच प्रेस प्रतियोगिता जयपुर। भारी वजन उठाने की चुनौती, तकनीक का प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाने का लक्ष्य। जयपुर के रेलवे इंस्टीट्यूट में शनिवार को शुरू हुई 31वीं राज्यस्तरीय इक्विप्ड बेंच प्रेस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के खिलाड़ी इन्हीं लक्ष्यों के साथ मैदान में उतरे हैं। राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए महिला और पुरुष खिलाड़ी सब-जूनियर, जूनियर, सीनियर और मास्टर्स वर्ग में अपनी शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। जयपुर जिला पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन की मेजबानी में करीब 24 साल बाद जयपुर में हो रही इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी जनवरी 2027 में दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। ताकत और तकनीक का इम्तिहान बेंच प्रेस में भारी वजन उठाने के साथ सही तकनीक, नियंत्रण और संतुलन बनाए रखना भी अहम है। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को इन सभी मानकों पर अपना कौशल साबित करना होगा। सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग की विजेता टीमों को टीम चैंपियनशिप से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, प्रत्येक वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला और पुरुष खिलाड़ियों को स्ट्रॉन्ग वुमैन और स्ट्रॉन्ग मैन के खिताब से नवाजा जाएगा। खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह प्रतियोगिता का उद्घाटन उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के मंडल अध्यक्ष सौरभ दीक्षित ने किया। साई कोच पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ और पावरलिफ्टिंग इंडिया के उपाध्यक्ष विनोद साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जयपुर जिला पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह राठौड़, सचिव अश्विनी खण्डेलवाल और कोषाध्यक्ष पवन कुमावत और संयुक्त सचिव नीतू चौहान भी मौजूद रहे। दीक्षित ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और खेल भावना के प्रति प्रेरित करती हैं। प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह रविवार को होगा।