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    जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय गार्डन बाजार में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन

    जयपुर. जवाहर कला केन्द्र, जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में गार्डन बाजार, जयपुर की ओर से आज पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का विषय "प्रकृति" रखा गया। इस प्रतियोगिता में मां शकुंतला देवी पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर, जयपुर की छात्रा यशिका चौधरी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। निर्णायक मंडल द्वारा याशिका की पेंटिंग में रंगों के संयोजन, कल्पनाशीलता और विषय की प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ बताया गया। कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा याशिका चौधरी को पुरस्कार स्वरूप ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गार्डन बाजार जयपुर के पदाधिकारी, कला प्रेमी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन हुआ जिसमें समापन सत्र में शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर आये प्रस्तावों पर विवेचन हुआ । संगठन के प्रदेश सभाध्यक्ष शशिभूषण शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की प्रमुख मांगे तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीसीपी एवं टेट की अनिवार्यता, स्टाफिंग पैटर्न को लेकर गंभीर चिंतन हुआ, तथा चुनाव की आचार संहिता के बाद अगर इन मुद्दों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो निश्चित रूप से आंदोलन की रणनीति बनेगी। टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया टेट की अनिवार्यता के विरोध हेतु टी एफ आई द्वारा सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक बेंच के समक्ष क्यूरिटिव पिटिशन दायर कर दी गई है तथा टेट की अनिवार्यता के विरोध में 5 अक्टूबर को लखनऊ में टीचर फेडरेशन आफ इंडिया की बैठक होगी जिसमें देश भर के शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता के विरोध हेतु रणनीति बनेगी। शैक्षिक सम्मेलन के अंतिम सत्र में जिला कार्यकारिणी का निर्वाचन प्रदेश पर्यवेक्षक अंजनी कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें जयपुर जिला अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र सिंह पुनः निर्वाचित हुए तथा जिला मंत्री पद पर मनीष शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पर केदार प्रसाद, उपाध्यक्ष पद पर ओम प्रकाश, राजकुमार गोयल, योगेश शर्मा, संयुक्त मंत्री शहजाद अली, प्रवक्ता अल्ताफ हुसैन कोषाध्यक्ष रवि तिवारी निर्वाचित हुए। जयपुर जिले की महिला अध्यक्ष रूपाली गुप्ता तथा जयपुर महिला मंत्री रिचा पाराशर को चुना गया। जयपुर ग्रामीण पद पर हुए चुनाव में जिला अध्यक्ष पवन कुमार तेतरवाल तथा जिला मंत्री रमेश सिर्रा, सभा अध्यक्ष वीरेंद्र राजावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष -अमित शर्मा, उपाध्यक्ष - राजेंद्र मेहरा,गणेश नारायण चौधरी, मुकेश सैनी, जिला संयुक्त मंत्री प्रेम निधि शर्मा, साजिद खान ,कुलदीप चुलैट, कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा निर्वाचित हुए। सम्मेलन के सहसंयोजक रामस्वरूप गुर्जर एवं राजकुमार रैगर ने बताया कि शिक्षकों की मांगों का समेकित मांग पत्र प्रदेश कार्यकारिणी को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया।  

    5वा श्री श्याम वार्षिक महोत्सव का चोमू गढ़ गणेश मन्दिर मे पोस्टर विमोचन

    लाडले खाटू वाले मित्र मंडल के तत्वाधान में होने जा रहे पांचवा श्री श्याम वार्षिक महोत्सव का पोस्टर विमोचन गढ़ गणेश जी मंदिर चोमू में हुआ। मंडल अध्यक्ष साहिल जोशी ने बताया की पांचवा श्री श्याम महोत्सव दिनांक 26 सितंबर 2026 को रूकमणि गार्डन रेनवाल रोड चोमू में होगा जहां कानपुर से भजन सम्राट अभिषेक शुक्ला जी, सवाई माधोपुर से रितिका कनिका अग्रवाल, जयपुर से सुनील शर्मा एवं गोपाल सेन पार्टी भजनों की प्रस्तुति देंगे। पोस्टर विमोचन के दौरान मंडल के सदस्य राजकुमार अग्रवाल, कमलेश सेन, विशाल अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, जयेश रावत एवं सोहन सैनी मौजूद रहे। अशोक विहार निवासी एवं सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गैंगटोक, सिक्किम मे कुलसचिव के पद पर कार्यरत प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने दी श्री श्याम वार्षिक महोत्सव की शुभ कामना दी है! मंडल के सदस्य जयेश रावत ने बताया कि इस वार्षिकोत्सव में बाबा का भव्य श्रृंगार श्री श्याम दरबार सेवा बांदीकुई के द्वारा किया जाएगा।। उत्सव में इत्र वर्षा एवं पुष्प वर्षा की जाएगी। उत्सव में श्री सालासर बालाजी के पुजारी विष्णु दत्त जी पुजारी का पावन सानिध्य रहेगा। उत्सव को लेकर चोमू शहर की जनता में बहुत खुशी की लहर है। उत्सव की शुरुआत श्याम बाबा की आरती उतार कर होगी उसके पश्चात गणेश जी महाराज माता रानी शंकर भगवान एवं बालाजी महाराज के भजनों से होगी उसके उसके पश्चात बाबा श्याम के भाव भरे मधुर मधुर भजन की प्रस्तुति आए हुए भजन सम्राटों के द्वारा दी जाएगी। अंत में बाबा की आरती होगी एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।  

    राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला शैक्षिक सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर लिया भाग

    शिक्षा, शिक्षार्थी और शिक्षकों के हितों को लेकर शिक्षक हुए मुखर जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) जिला शाखा जयपुर के तत्वावधान में दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, आदर्शनगर में मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा की अध्यक्षता में शुरू हुआ। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने बताया कि सम्मेलन में जिलेभर से शिक्षकों ने भाग लेकर वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था, शिक्षकों की समस्याओं एवं विभिन्न मांगों पर मंथन किया। वक्ताओं ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर चर्चा हुई जिसका अंतर्गत डेढ़ लाख रिक्त पदों को भरने सरकारी कोश से वेतन भत्ते लेनेवाले कर्मचारियों एवं राज नेताओं के बच्चे सरकारी विद्यालय में पढ़ने नव क्रमोन्नत विद्यालय में व्याख्याताओं के पद स्वीकृ हो ,सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने, जर्जर भवनों के स्थान पर शीघ्र अस्थायी भवन उपलब्ध कराने तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण एवं लंबित पदोन्नतियां शीघ्र करने की मांग उठाई। शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, अवकाश के दिनों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में वीक्षक ड्यूटी का मानदेय बढ़ाने तथा परीक्षा केंद्र से ही मानदेय भुगतान की मांग भी रखी। सम्मेलन को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन शर्मा, संरक्षक शिवराम शर्मा, न्यायाधिकरण प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश हाटवाल, कोषाध्यक्ष हेमंत जांगिड़, प्रधानाचार्य प्रतिनिधि रामलाल मीणा, महामंत्री संस्कृत शिक्षा अमित योगी, प्रवक्ता मुकेश मीणा सहित प्रमुख शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान संगठनात्मक विषयों एवं शिक्षकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर आगामी रणनीति तय की गई। सम्मेलन में जिला संयोजक कुलजीत सिंह सहित जिला पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। मंच संचालन अन्नू वर्मा ने किया।  

    राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला शैक्षिक सम्मेलन शुरू

    शिक्षा, शिक्षार्थी और शिक्षकों के हितों को लेकर शिक्षक हुए मुखर जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) जिला शाखा जयपुर के तत्वावधान में दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, आदर्शनगर में मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा की अध्यक्षता में शुरू हुआ। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने बताया कि सम्मेलन में जिलेभर से शिक्षकों ने भाग लेकर वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था, शिक्षकों की समस्याओं एवं विभिन्न मांगों पर मंथन किया। वक्ताओं ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर चर्चा हुई जिसका अंतर्गत डेढ़ लाख रिक्त पदों को भरने सरकारी कोश से वेतन भत्ते लेनेवाले कर्मचारियों एवं राज नेताओं के बच्चे सरकारी विद्यालय में पढ़ने नव क्रमोन्नत विद्यालय में व्याख्याताओं के पद स्वीकृ हो ,सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने, जर्जर भवनों के स्थान पर शीघ्र अस्थायी भवन उपलब्ध कराने तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण एवं लंबित पदोन्नतियां शीघ्र करने की मांग उठाई। शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, अवकाश के दिनों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में वीक्षक ड्यूटी का मानदेय बढ़ाने तथा परीक्षा केंद्र से ही मानदेय भुगतान की मांग भी रखी। सम्मेलन को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन शर्मा, संरक्षक शिवराम शर्मा, न्यायाधिकरण प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश हाटवाल, कोषाध्यक्ष हेमंत जांगिड़, प्रधानाचार्य प्रतिनिधि रामलाल मीणा, महामंत्री संस्कृत शिक्षा अमित योगी, प्रवक्ता मुकेश मीणा सहित प्रमुख शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान संगठनात्मक विषयों एवं शिक्षकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर आगामी रणनीति तय की गई। सम्मेलन में जिला संयोजक कुलजीत सिंह सहित जिला पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। मंच संचालन अन्नू वर्मा ने किया।  

    भाषा हमारे अनुभवों से बनती और बदलती है प्रेमचन्द गांधी केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में ‘भाषा, साहित्य और सिनेमा’ पर विशिष्ट व्याख्यान

    जयपुर। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार 1 से 30 सितम्बर तक आयोजित ‘हिन्दी माह-2026’ के अंतर्गत भारतीय भाषा केन्द्र के तत्वावधान में ‘भाषा, साहित्य और सिनेमा’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ कवि, कहानीकार एवं नाटककार प्रेमचन्द गांधी रहे। प्रभारी निदेशक प्रो श्रीधर मिश्र सह निदेशक शैक्षणिक प्रो विष्णुकांत पाण्डेय, सह निदेशक प्र. प्रो शीशराम उपस्थित रहें। मुख्य वक्ता प्रेमचन्द गांधी ने कहा कि “भाषा हमारे अनुभवों से बनती और बदलती है।” भाषा मनुष्य की समझ का विस्तार करती है। हिन्दी ने अपना व्यापक संसार निर्मित किया है और इसके विकास में भारत की विभिन्न बोलियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भाषा को धार्मिक खाँचों से अलग रखकर समझना चाहिए। उर्दू के विकास में विभिन्न समुदायों के लोगों का योगदान रहा है। उन्होंने भाषा के निर्माण में पशु-पक्षियों से जुड़े अनुभवों, मुहावरों और लोकोक्तियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। साहित्य और सिनेमा के संबंध पर उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा की शुरुआत मूक फिल्मों से हुई और आगे चलकर अनेक भारतीय भाषाओं के लेखकों ने सिनेमा के लिए लेखन किया। विद्यार्थियों को भारतीय सिनेमा के साथ विश्व सिनेमा से भी परिचित होना चाहिए। उन्होंने संस्कृत विद्यार्थियों से संस्कृत के साथ हिन्दी एवं रूसी साहित्य का अध्ययन करने और लेखन का निरंतर अभ्यास करने का आह्वान किया। उन्होंने अपनी कविताएँ ‘सपनों में घर’ तथा ‘अज्ञात लिपि में लिखी कविताएँ’ भी सुनाईं। प्रो. विष्णुकान्त पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी सिनेमा और गीतों ने हिन्दी भाषा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रो. शीशराम ने कहा कि भाषा को किसी परिधि में बांधने से उसका विस्तार सीमित हो जाता है। कार्यक्रम संयोजक प्रो. रेखा पाण्डेय ने स्वागत भाषण एवं विषय प्रवर्तन करते हुए हिन्दी की समृद्धि में भारतीय बोलियों और साहित्यिक परंपरा के योगदान को रेखांकित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. श्रीधर मिश्र ने कहा कि भाषा और समाज एक-दूसरे को निरंतर प्रभावित करते हैं। कार्यक्रम में प्रो कृष्णा शर्मा, सचिदानंद स्नेही, सीमा अग्रवाल, हरिओम शर्मा, वीनी शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, प्रीति शर्मा नरेश सिंह ज्योत्स्ना वर्मा दीक्षिता अजवानी सहित विश्वविद्यालय के कर्मचारी छात्र छात्राये उपस्थित थे कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं कुलगीत से हुआ। छात्रा दीपाली ने मीराबाई के पद प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुभाष चन्द्र धायल ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।  

    वित्तीय साक्षरता पर शैक्षणिक फ़िल्म ‘‘वन इडियट’’ का प्रदर्शन

    कनोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के ईएएफएम विभाग द्वारा वित्तीय साक्षरता और स्मार्ट मनी मैनेजमेंट विषय पर एक विशेष शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लघु फ़िल्म वन इडियट (व्दम प्कपवज) दिखाई गई। इस फ़िल्म के माध्यम से छात्राओं को कम उम्र में बचत करने, सही जगह निवेश करने और स्मार्ट वित्तीय योजना बनाने का व्यावहारिक महत्व समझाया गया। इस कार्यक्रम में कुल 49 छात्राओं तथा संकाय सदस्यों ने भाग लिया। सत्र के दौरान उपस्थित छात्राओं ने वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण बारीकियों को समझा और इसे अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ईएएफएम विभाग की प्राध्यापिकाएं डॉ नीता अग्रवाल, डॉ स्वाति सुल्तानिया, डॉ. भारती गोधवानी एवं डॉ. सुरभि माथुर उपस्थित रहे।  

    डिजिटल डिटॉक्स आवरः डिस्कनेक्ट टू रिकनेक्ट- लेस स्क्रीन, मोर फोकस’’ विषय पर संवादात्मक सत्र का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के टीचिंग लर्निंग सेंटर द्वारा गैर शैक्षणिक कर्मचारियों हेतु डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग, कार्यस्थल पर एकाग्रता तथा स्वस्थ डिजिटल आदतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘‘डिजिटल डिटॉक्स आवरः डिस्कनेक्ट टू रिकनेक्ट- लेस स्क्रीन, मोर फोकस’’ विषय पर संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। सत्र की मुख्य वक्ता डॉ. रीमा श्रीवास्तव एवं डॉ. दीपा चौहान रही, जिन्होंने सत्र के प्रारंभ में “फोन फ्री चैलेन्ज” के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों ने अपने मोबाइल फोन को साइलेंट मोड पर रखकर कुछ समय बिना डिजिटल व्यवधान के बिताया। इसके बाद प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित कर बिना मोबाइल के टीम का नाम रखने जैसी रचनात्मक गतिविधि कराई गई। गतिविधि के दौरान कर्मचारियों ने कार्य समय में मोबाइल फोन देखने की अपनी आदतों पर आत्मचिंतन किया और उन्हें कागज पर लिखा। “फोन हैबिट बींगो” गतिविधि के माध्यम से बार-बार फोन चेक करना, अनावश्यक रूप से स्क्रीन देखना, सोशल मीडिया/व्हाट्सअप ऐप्लिकेशन देखना तथा बिना किसी विशेष कारण फोन खोलने जैसी आदतों की पहचान की गई। इसके पश्चात “साइलेन्ट कम्युनिकेशन चैलेन्ज” आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बिना बोले और बिना मोबाइल फोन के दिए गए संदेशों को संकेतों के माध्यम से व्यक्त किया। साथ ही, प्रतिभागियों ने अपने खाली समय में किए जा सकने वाले सकारात्मक कार्य लिखे और डिजिटल डिस्ट्रैक्शन के प्रमुख कारणों पर चर्चा की। इस संपूर्ण गतिविधि का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संपन्न हुआ, जिन्होंने कर्मचारियों के समग्र मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यक्षमता में वृद्धि हेतु ऐसी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अंत में माइंडफुल ब्रेक के अंतर्गत सरल श्वसन अभ्यास एवं हल्की स्ट्रेचिंग कराई गई। अंत में प्रत्येक प्रतिभागी ने “माय डिजिटल डेटॉक्स प्लेज़” के तहत डिजिटल उपकरणों के संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए एक व्यक्तिगत संकल्प लिया। सत्र में लगभग 45 गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने भाग लिया और बार-बार फोन देखने तथा डिजिटल माध्यमों से लगातार जुड़े रहने की आदतों पर थोड़ा विराम लगाने के महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।  

    छात्राओं के लिए करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के भौतिकी विभाग द्वारा दिनांक 19 सितंबर को छात्राओं के लिए करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। सत्र के मुख्य अतिथि अतर सिंह, फाउन्डर, फिजिक्स बाय ए. सिंह रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को भौतिकी विषय में उपलब्ध विभिन्न करियर अवसरों से अवगत कराना तथा अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप करियर का चयन करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था। अपने व्याख्यान में अतर सिंह ने छात्राओं को भौतिकी के क्षेत्र में उपलब्ध विविध एवं उभरते हुए अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भौतिकी केवल अकादमिक क्षेत्र एवं शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से छात्राएँ अनुसंधान, वैज्ञानिक अधिकारी, रक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सौर ऊर्जा उद्योग, सरकारी एवं अनुसंधान संस्थानों, न्यूक्लियर मेडिसिन, रेडियोलॉजी, सेमीकंडक्टर उद्योग सहित अनेक क्षेत्रों में अपने करियर का निर्माण कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को बदलते समय और रोजगार क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल विकसित करने तथा उपलब्ध अवसरों को समझकर सही करियर विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उचित मार्गदर्शन और सही दिशा के साथ भौतिकी के विद्यार्थी विभिन्न नवीन एवं रोजगारपरक क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। सत्र के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा करियर से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। उन्होंने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान की। इस मार्गदर्शन से छात्राओं को अपने भविष्य के करियर विकल्पों के संबंध में अधिक स्पष्टता प्राप्त हुई। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के करियर-उन्मुख व्याख्यान छात्राओं को उनके भविष्य के लिए सही दिशा एवं मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में कुल 60 छात्राओं एवं विभागीय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    फेमिनिस्ट क्रिटिसिज्म” पर विशेष व्याख्यान का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के अंग्रेजी विभाग द्वारा दिनांक18 सितम्बर 2026 को ‘फेमिनिस्ट क्रिटिसिज़्म’ विषय पर एक सार्थक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत स्नातक विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि एवं वक्ता प्रो. सुधा राय, पूर्व विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग, एवं पूर्व डीन (मानविकी विभाग), राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के स्वागत एवं संबोधन से हुई। प्रो. सुधा राय ने साहित्य के माध्यम से नारीवाद की विविध अवधारणाओं और स्त्री-अनुभवों को समझाया। उन्होंने बैटी फ्रिडन के लेखन तथा महिला शिक्षा के सामाजिक प्रभाव पर चर्चा करते हुए वर्जीनिया वूल्फ की ‘एंजल इन द हाउस’ की अवधारणा के माध्यम से पितृसत्तात्मक अपेक्षाओं और स्त्री की सामाजिक भूमिका को स्पष्ट किया। अमेरिकी एवं यूरोपीय साहित्य के उदाहरणों के साथ उन्होंने फेमिनिस्ट थ्योरी, गायनोक्रिटिसिज़्म और ‘सेकंड शिफ्ट’ जैसी अवधारणाओं पर प्रकाश डाला तथा साहित्य में स्त्री की पहचान, अनुभवों और प्रतिनिधित्व को रेखांकित किया। फिल्मों और साहित्य में स्त्री के वस्तुकरण, लैंगिक भेदभाव तथा बदलती स्त्री-चेतना पर भी चर्चा हुई। इस दौरान छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे और नारीवादी साहित्य एवं उससे जुड़े सामाजिक सरोकारों पर विचार-विमर्श किया, जिससे छात्राओं को साहित्य में स्त्री-अनुभव, पहचान और समानता के प्रश्नों को आलोचनात्मक दृष्टि से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम के समापन में स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष, डॉ स्वाति धनवानी ने मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन ऋषिता शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभाग की भव्या पुरी एवं अदिति पंकज भी उपस्थित रहे और लगभग 150 छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस व्याख्यान ने छात्राओं को साहित्य में स्त्री-अनुभव, पहचान और समानता के प्रश्नों को आलोचनात्मक दृष्टि से समझने का अवसर प्रदान किया।  

    प्राकृतिक पत्तियों से छात्राओं ने सीखी पर्यावरण-अनुकूल लीफ हैमर प्रिंटिंग तकनीक

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में जीपीईएम विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए ‘नेचर इम्प्रिंट्सः लीफ हैमर प्रिंटिग ऑन फेब्रिक’ विषय पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के रचनात्मक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपयोग से परिचित कराना था। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों के द्वारा तकनीकी दक्षता के साथ-साथ रचनात्मक सोच और सहानुभूति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया। कार्यशाला में छात्राओं को प्राकृतिक फूल तथा पत्तियों की सहायता से कपड़े पर प्रिंट तैयार करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। छात्राओं ने सफेद सूती टी-शर्ट, शर्ट, कुर्ता, दुपट्टा एवं अन्य सूती वस्त्रों पर फूल तथा पत्तियों को रखकर हथौड़े की सहायता से उनके प्राकृतिक रंग एवं आकृतियों को कपड़े पर स्थानांतरित किया। इस तकनीक में कृत्रिम फैब्रिक कलर का उपयोग नहीं किया गया। कार्यशाला में कुल 40 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला की विशेषज्ञ डॉ. सुरभि माथुर, सहायक आचार्य, ईएएफएम तथा जीपीईएम विभाग तथा श्रीमती पापिया बनर्जी, सहायक आचार्य, जीपीईएम विभाग ने छात्राओं को हैमर प्रिंटिंग तकनीक की बारिकियों को समझाते हुए उनका मार्गदर्शन किया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में सस्टेनेबल टेक्सटाइल प्रैक्टिस तथा प्राकृतिक संसाधनों के रचनात्मक उपयोग के प्रति जागरूकता विकसित हुई।

    ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान का सफल आयोजन

    Wजयपुर, कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा ‘नशा मुक्ति एवं माय भारत’ विषय पर युवाओं में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्मवीर कटेवा (अध्यक्ष, राजस्थान प्रदेश नशाबंदी समिति, जयपुर एवं सचिव, इंडियन अस्थमा केयर सोसाइटी, अस्थमा भवन, विद्याधर नगर, जयपुर रहें। कार्यक्रम की शुरूआत महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने छात्राओं को नशे के विरूद्ध जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने तथा छात्राओं को 100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्मवीर कटेवा ने अपने दीर्घकालिक नशा मुक्ति अभियानों के अुनभवों को साझा करते हुये नशा मुक्त राजस्थान-दारू नही, दूध के साथ करे नववर्ष की शुरूआत पहल का विशेष रूप से उल्लेख किया। जिसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। इसके उपंरात महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा “Say No to Drugs, Say Yes to Life” विषय पर आधारित एक अत्यंत प्रभावशाली मूक अभियन प्रस्तुत किया। इस अभियन के माध्यम से नशे के विनाशकारी प्रभावों को उजागर किया गया तथा जीवन के प्रति सकारात्मक एवं स्वस्थ दृष्किोण अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के समापन चरण में प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थिति सभी स्वयंसेविकाओं एवं कार्यक्रम अधिकारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलवाई। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने स्वस्थ सशक्त एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। मंच संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आंचल पुरी ने किया तथा इस अभियान को सफल बनाने में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी गुप्ता, डॉ. हर्षा शर्मा, चारूल शर्मा, डॉ. मंजरी भारद्वाज एवं डॉ. दीप्ति चौहान की सक्रिय भूमिका रही।