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    हिमालय की ऊँचाइयों पर गूँजा संस्कृत का स्वर “हिमालयस्य शिखरे शिखरे संस्कृतम् संस्कृत की वाणी भारत के घर-घर में गूँजनी चाहिए कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी

    केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के 51 सदस्यीय छात्र दल ने लिया भाग जयपुर । केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, संस्कृत भारती, तरुणोदय संस्कृत सेवा संस्था (शिवमोग्गा), यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरुणोदय इकाई, शिवमोग्गा तथा गीर्वाण भारती इकाई, श्री आदिचुंचनगिरि क्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी स्थित रोली-खोली हिमालय पर्वत पर रविवार, 31 मई 2026 को भव्य संस्कृत ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। समुद्र तल से लगभग 12,000 फीट की ऊँचाई पर आयोजित इस समारोह में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के 51 सदस्यीय छात्र-छात्राओं के दल ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए संस्कृत ध्वज फहराया तथा संस्कृत संवर्धन का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर युवाओ द्वारा संस्कृत प्रचार के संकल्प को व्यक्त करते हुए यह प्रेरणादायी श्लोक भी प्रस्तुत किया गया “हिमाद्रौ तरुणाः सर्वे संस्कृतध्वजवाहकाः । ज्ञानदीपं नयामोऽद्य भारतस्य नवोदितम् ॥” अर्थात् हिमालय की ऊँचाइयों पर खड़े युवा संस्कृत ध्वज के वाहक बनकर नवभारत के निर्माण हेतु ज्ञान का दीप प्रज्वलित कर रहे हैं। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने अपने संदेश में कहा कि हिमालय की चोटियो से लेकर भारत के प्रत्येक घर तक संस्कृत की वाणी गूँजनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुल्लू-मनाली के निकट स्थित रमणीय रोली-खोली हिमालय पर्वत पर तीसरी बार संस्कृत ध्वजारोहण कार्यक्रम का सफल आयोजन अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने कार्यक्रम के सभी आयोजकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियो को हार्दिक शुभकामनायें प्रेषित की । कुलपति प्रो. वरखेड़ी ने कहा कि हिमालय के दिव्य वातावरण में संस्कृत ध्वज का फहराया जाना भारतीय संस्कृति के गौरव, वैभव और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “हिमालयस्य शिखरे शिखरे संस्कृतम्, भारतस्य गेहे गेहे संस्कृतम्” रहा, जिसने हिमालय की ऊँचाइयों से संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा भारतीय सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का संदेश सम्पूर्ण राष्ट्र तक पहुँचाया। संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि विश्व की सर्वाधिक वैज्ञानिक, तार्किक एवं सुव्यवस्थित भाषाओं में से एक है। इसका अध्ययन बाल्यावस्था से ही प्रारम्भ होना चाहिए, क्योंकि संस्कृत के अध्ययन से भाषाई दक्षता, तार्किक चिंतन, सांस्कृतिक चेतना तथा नैतिक मूल्यों का विकास होता है। छात्र कल्याण अधिष्ठात्री प्रो. लीना सक्करवाल ने कहा कि ऐसे साहसिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास होता है केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ट्रेकिंग अभियान के समन्वयक डॉ. योगेन्द्र दीक्षित ने बताया कि इस हिमालयी ट्रेकिंग अभियान में विश्वविद्यालय के 12 परिसरों से 51 विद्यार्थियों ने भाग लिया है। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर के क्रीड़ा सहायक निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा, संस्कृत भारती एवं तरुणोदय संस्कृत सेवा संस्था के प्रमुख तथा ट्रेक समन्वयक ए. एन. विजयेन्द्र राव, यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ट्रेक संयोजक नवीन चंद्र तिवारी, टीम लीडर एम. के. ज्योति तथा रोली-खोली शिविर प्रमुख आदित्य सहित छात्र उपस्थित थे ।  

    इंटरनेशनल बिजनेस समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन

    इंडियन काउंसिल फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन (ICEI) एवं फेडरेशन ऑफ़ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप एंड इंडस्ट्री (FUISI) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इंटरनेशनल बिजनेस समिट एंड अवॉर्ड्स 2026” के अंतिम दिन आज देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति, स्टार्टअप्स, निवेशक एवं नवाचार से जुड़े विषेशज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अथिति की भूमिका में कैबिनेट मिनिस्टर (जल संसाधन मंत्रालय ) सुरेश रावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से आज नीदरलैंड से पधारे विकास चतुर्वेदी (सी ए), सुनील चोपड़ा, डाइरेक्टर एम एस एम ई प्रदीप ओझा, सी ए नीरज मित्तल ने अपने बिजनेस को कैसे जीरो से आई पी ओ तक पहुंचाने की दिशा में सार्थक तरीको से काम करना चाहिए और नए स्टार्टअप्स को किन किन बारिकीयों को ध्यान में रखते हुए किस दिशा में काम करना चाहिए के बारे में बताया। फेडरेशन ऑफ़ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप एंड इंडस्ट्री (FUISI) के चेयरपर्सन डॉ आनंद पोद्दार, अभिषेक जैन और पुनीत सेठी के साथ माननीय मुख्य अतिथियों को गुलदस्ता देकर और दुप्पटा पहना कर स्वागत किया। इस अवसर पर सुरेश रावत ने कहा की राज्य सरकार स्टार्ट अप्स और उद्यमिओं के लिए उनके व्यसाय को बढ़ावा देने की लिए संकल्पित है और नित नए नवाचारों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं को ला रही है। इंडियन काउंसिल फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन (ICEI) के फाउंडर अभिषेक जैन और पुनीत सेठी ने बताया कि "यह समिट MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा, जो भारतीय उद्यमशीलता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, हम एक ऐसा समावेशी मंच तैयार कर रहे हैं जहां नवाचार को सम्मान मिलेगा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को मजबूती मिलेगी।" कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए मुख्य अथिति द्वारा अवार्ड देकर सम्मनित किया गया

    प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान, धोबी समाज के सामुदायिक भवन हेतु ₹30 लाख की स्वीकृति

    जयपुर। श्री धोबी युवा शक्ति मंच सोसायटी (राज.) द्वारा चांदपोल स्थित गंगा माता मंदिर प्रांगण में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय संत समिति राजस्थान अध्यक्ष एवं हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने शामिल होकर समाज के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए खोले के हनुमान जी के पास स्थित निर्जरा धोबी घाट पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु विधायक कोष से ₹30 लाख की राशि का स्वीकृति पत्र समाज के प्रतिनिधियों को सौंपा। उन्होंने बताया कि इस भवन का नाम संत गाडगे जी महाराज भवन रखा जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी समाज की आवश्यकताओं एवं जनहित के कार्यों के लिए हरसंभव सहयोग एवं योगदान दिया जाता रहेगा। अपने संबोधन में स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने कहा कि धोबी समाज अनादिकाल से अपने परिश्रम, ईमानदारी एवं कर्मनिष्ठा के बल पर समाज में विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। समाज के लोग स्वावलंबन के मार्ग पर चलते हुए स्वयं का रोजगार कर आत्मनिर्भर भारत की भावना को साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत और सेवा की परंपरा इस समाज की सबसे बड़ी पूंजी है, जो नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा सम्मान समारोह जैसे आयोजन विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ अन्य बच्चों को भी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। शिक्षा के माध्यम से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है और प्रतिभाओं का सम्मान समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है। स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने सुझाव दिया कि समाज के ऐसे आयोजनों में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष स्टॉल भी लगाए जाएँ, जिससे समाज के अधिक से अधिक लोग विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिलने से समाज के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में किशनपोल विधानसभा प्रत्याशी चंद्रमोहन बटवाड़ा, युवा शक्ति मंच अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा, राजेंद्र वर्मा पवार संयोजक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान धोबी महासभा एवं पूर्व सदस्य राजस्थान खादी ग्राम उद्योग बोर्ड राजस्थान सरकार ,सम्मेलन समिति अध्यक्ष सुरेश धोलीवाल, महामंत्री गिरधारीलाल चौधरी, रामजीलाल, सुनील चौधरी सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकजुटता, शिक्षा के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक उत्थान के संकल्प को भी बल मिला।

    पीटीईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारियों को लेकर कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से की भेंट

    संपूर्ण प्रदेश में 14 जून को एक साथ आयोजित होनी है राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा पीटीईटी-2026, हाईटेक तरीके से होगी परीक्षार्थियों की निगरानी   वीएमओयू प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर प्रतिबद्ध : प्रो.बीएल वर्मा, कुलगुरु   जयपुर, राजस्थान में आयोजित होने वाली पीटीईटी प्रवेश परीक्षा की पूर्व तैयारियों को लेकर वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं मुख्य समन्वयक पीटीईटी-2026 प्रो. बीएल वर्मा ने आज जयपुर में उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से शिष्टाचार भेंट कर परीक्षा की पूर्व तैयारियों से अवगत कराया और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की विश्वविद्यालय जनसंपर्क प्रकोष्ठ से विक्रम राठौड़ ने बताया कि भेंटवार्ता के दौरान कुलगुरु प्रो. वर्मा ने कहा कि 14 जून रविवार को सम्पूर्ण प्रदेश मे एक साथ राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा पीटीईटी-2026 का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने डॉ. बैरवा को पीटीईटी परीक्षा की तैयारियों, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं, अभ्यर्थियों की सुविधा, पारदर्शिता और सुरक्षा संबंधी प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष, व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।   उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ बैरवा ने तैयारियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना करते हुए परीक्षा के निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। पीटीईटी प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षा है। ऐसे में इसकी पारदर्शिता और सुव्यवस्थित संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की तैयारियों पर संतोष जताते हुए सफल आयोजन के लिए अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर परीक्षा की बेहतर मॉनिटरिंग, अभ्यर्थियों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने और सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।   चर्चा के दौरान कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा के आयोजन को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। अभय कमांड से परीक्षार्थी पर नजर, बायोमैट्रिक व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों के चयन, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तथा परीक्षार्थियों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, आधुनिक तकनीकी उपायों का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों के समन्वय से परीक्षा का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया गया है। साथ ही, तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और सफलतापूर्वक आयोजित हो सके। हमने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया है, ताकि परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

    आईसीएआई जयपुर शाखा द्वारा “न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025” पर सेमिनार आयोजित

    आईसीएआई जयपुर शाखा द्वारा “न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025” पर सेमिनार आयोजित जयपुर। दि इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की जयपुर शाखा द्वारा आज “Overview of New Income Tax 2025 for CA Members in Public Services” विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन आईसीएआई भवन, जयपुर में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं लोक सेवाओं में कार्यरत सीए सदस्यों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में सीए (डॉ.) कमल दीप शर्मा, स्टेट नोडल ऑफिसर (फाइनेंस कमीशन), राजस्थान सरकार, मुख्य अतिथि (Guest of Honor) के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट, 2025 कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी एवं करदाता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स कर व्यवस्था एवं वित्तीय प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं, इसलिए ऐसे नवीन विधायी परिवर्तनों की गहन समझ सभी पेशेवरों के लिए अत्यंत आवश्यक है। आईसीएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य (Central Council Member) सीए सतीश कुमार गुप्ता ने उद्घाटन उद्बोधन देते हुए कहा कि वर्तमान समय में कर कानूनों एवं नियामकीय ढांचे में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं, ऐसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए इन परिवर्तनों की नवीनतम जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट, 2025 देश की कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने जयपुर शाखा द्वारा आगामी महीनों में आयोजित किए जाने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि 19 जून को “CA Aggregations of Firms” कार्यक्रम, 20 जून को “CFO Meet”, 27 एवं 28 जून को “National Students Conference”, 1 जुलाई को “CA Day” के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन तथा 7 एवं 8 अगस्त को सीए सदस्यों के लिए भव्य “National Conference for CA Members” आयोजित की जाएगी। जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए राजा मोरध्वज शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के तकनीकी एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम सदस्यों को नवीनतम विधिक एवं कर संबंधी परिवर्तनों से अवगत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए पी. सी. परवाल ने न्यू इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के प्रमुख प्रावधानों, महत्वपूर्ण परिवर्तनों तथा उनके व्यावहारिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को नए कर कानून की विशेषताओं, अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं एवं विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्रदान की तथा उनके प्रश्नों का समाधान भी किया। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समन्वय में सीए नेहा आडवाणी, सीए प्रवीण शर्मा एवं सीए विक्रम सिंह राठौर का विशेष योगदान रहा।

    शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग को सशक्त बनाने हेतु पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (पी.आर.सी.आई.) एवं रेडस्केच के बीच एमओयू हस्ताक्षरित

    - एमओयू के अंतर्गत रेडस्केच में यंग कम्युनिकेटर्स क्लब (YCC) की स्थापना जयपुर: पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (पी.आर.सी.आई.) ने रेडस्केच के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (पी.आर.सी.आई.), एक अग्रणी अखिल भारतीय कम्युनिकेशन एक्सचेंज मंच है जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है। इस समझौते का उद्देश्य ए आई, ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग के क्षेत्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, इंडस्ट्री इंटरैक्शन तथा व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना है। यह एमओयू 29 मई 2026 को PRCI जयपुर चैप्टर के चेयरमैन श्री सोमेन्द्र हर्ष एवं रेडस्केच एकेडमी प्रबन्धक कश्वी जैन द्वारा औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर मीडिया एवं शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें श्री सन्नी कुलश्रेष्ठ, सचिव, PRCI, अनंत मिश्रा, ब्रांच हेड रेडस्केच निर्माण नगर प्रमुख रूप से शामिल रहे। इस अवसर पर पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (PRCI) जयपुर चैप्टर के जॉइंट सेक्रेटरी, डॉ. राहुल बाबू कोडाली तथा रेडस्केच एकेडमी की अदिति त्रिपाठी एडमिशन काउंसलर - रेडस्केच को एमओयू के समन्वयक के रूप में नियुक्त किया गया। इस सहयोग का उद्देश्य दोनों संस्थाओं के मध्य शैक्षणिक एवं शोध संबंधों को मजबूत बनाना है, जिससे विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों एवं संचार क्षेत्र के पेशेवरों को लाभ मिल सके। इस साझेदारी के अंतर्गत इंडस्ट्री विशेषज्ञों, शिक्षकों, स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट्स तथा पब्लिक रिलेशंस एवं कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन से संबंधित व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से वर्कशॉप, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, संगोष्ठी, पीआर क्लब गतिविधियां, इवेंट मैनेजमेंट पहल एवं प्रकाशन संपादन परियोजनाओं का आयोजन करेंगी। साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में शोध प्रकाशनों, शैक्षणिक संसाधनों एवं व्यावसायिक विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। एमओयू की एक प्रमुख विशेषता रेडस्केच एकेडमी में यंग कम्युनिकेटर्स क्लब (YCC) को विस्तारित करना हैं। यह क्लब अकादमी द्वारा नियुक्त समन्वयक के मार्गदर्शन में संचालित होगा तथा विद्यार्थियों को नेतृत्व, संचार कौशल एवं इंडस्ट्री-ओरिएंटेड कार्यक्रमों के माध्यम से पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (पी.आर.सी.आई.) जयपुर चैप्टर गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ेगा। दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा तथा मीडिया एवं संचार क्षेत्र में इंडस्ट्री और अकादमिक जगत के संबंधों को और अधिक सशक्त बनाएगा। यह एमओयू प्रारंभिक रूप से एक वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे दोनों पक्षों की आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।  

    जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ 'बीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस' प्रोग्राम, कैंपस में ही होगी यूपीएससी की तैयारी

    प्रैक्टिकल नॉलेज और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर ज़ोर, नहीं लेना होगा गैप ईयर जयपुर, सिविल सेवाओं और नीति निर्माण के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने एक नया और अनूठा शैक्षणिक प्रोग्राम- 'बीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस' लॉन्च किया है। इस प्रोग्राम की शुरुआत देश के प्रतिष्ठित संस्थान एएलएस आईएएस और एआरएक्स रिसर्च के सहयोग से की गई है। यह एक इंटीग्रेटेड कोर्स है, जिसके ज़रिए छात्र अपनी रेगुलर ग्रेजुएशन डिग्री के साथ कैंपस में ही यूपीएससी स्तर की तैयारी कर सकेंगे। इस प्रोग्राम का मुख्य विज़न भविष्य के बेहतरीन प्रशासनिक अधिकारियों और लीडर्स को आकार देना है। इसके तहत, मजबूत एकेडमिक फाउंडेशन के साथ स्टूडेंट्स की ओवरऑल पर्सनैलिटी, लीडरशिप क्वॉलिटी और डिसीज़न मेकिंग व एनालिटिकल स्किल्स को निखारने पर पूरा फोकस रहेगा। इस पहल से अब स्टूडेंट्स को अपनी डिग्री के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अलग से 'गैप ईयर' नहीं लेना पड़ेगा और न ही दूसरे शहरों का रुख करना होगा। उन्हें यूनिवर्सिटी कैंपस में ही एएलएस आईएएस के एक्सपर्ट टीचर्स का सीधा गाइडेंस और क्लासरूम सपोर्ट मिलेगा। इस कोर्स के माध्यम से युवा इंडियन पॉलिटी, गवर्नेंस, सोशल जस्टिस और पब्लिक वेलफेयर जैसे अहम विषयों की व्यावहारिक समझ विकसित कर सकेंगे। जेईसीआरसी की यह पहल ऐसे जागरूक और प्रोफेशनली सक्षम युवाओं की एक नई पीढ़ी तैयार करेगी, जो एक क्लियर विज़न के साथ उभरते भारत के लीडरशिप रोल्स को बखूबी संभाल सके।  

    इंटरनेशनल बिजनेस समिट एंड अवॉर्ड्स 2026' का भव्य शुभारम्भ

    वैश्विक मंच पर लहराया भारतीय उद्यमशीलता का परचम : इंडियन काउंसिल फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन (ICEI) एवं फेडरेशन ऑफ़ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप एंड इंडस्ट्री (FUISI) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इंटरनेशनल बिजनेस समिट एंड अवॉर्ड्स 2026” के आज दूसरे दिन में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति, स्टार्टअप्स, निवेशक एवं नवाचार से जुड़े विषेशज्ञों ने भाग लिया।   इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद मंजू शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रताप सिंह सिंघवी भी उपस्थित रहे। आये हुए वक्ताओं में संजय कथुरिया ने वित्त, कैश फ़्लो और पैसिव इनकम को कैसे बढ़ाया जाये, बसीस गाला ने छोटे एम एस एम इ और स्टार्टअप कैसे आई पी ओ लाये, ईशान गोयल ने डिजिटल मार्केटिंग में कैसे सक्सेस पायी जाये, सुनील चोपड़ा ने विन टू सक्सेस व कैसे ब्रांड को बड़ा बनाया जाये के बारे में बताया।   इससे पहले सीए अभिषेक जैन, पुनीत सेठी के साथ डॉ आनंद पोद्दार ने संसद मंजू शर्मा का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दूसरे दिन देश भर से आये हुए स्टार्टउप और विशेषज्ञों के पैनल डिस्कशन, स्टार्टअप पिचिंग और इन्वेस्टर मीट का एक प्रभावी संगम रहा, जिसमें फिनटेक, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, ए आई, हेल्थ केयर, डीप टेक, डिफेन्स टेक सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और स्टार्टअप व इन्वेस्टर्स महावीर प्रसाद शर्मा, अनुराग पांडेय अनिल जोशी, विनय पेशवा, देवांश लखानी, चयन कपूर, किशोर खेतान उपस्थित रहे।   इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ़ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप एंड इंडस्ट्री के चेयरपर्सन डॉ आननद पोद्दार ने कहा, -"यह समिट MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा, जो भारतीय उद्यमशीलता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, हम एक ऐसा समावेशी मंच तैयार कर रहे हैं जहां नवाचार को सम्मान मिलेगा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को मजबूती मिलेगी।" साथ ही पुनीत सेठी ने बताया कि इस तरह के आयोजनों की श्रंखला देश भर में आयोजित करने की प्लानिंग है।   कार्यक्रम का उद्देश्य MSMEs, स्टार्टअप्स और नवाचार को वैश्विक पहचान दिलाना तथा निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देना है। आयोजन के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों और व्यवसायों को प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स से सम्मानित। ।  

    सुंदरकांड केवल पारंपरिक पाठ नहीं - आचार्य ईश्वरानंदा

    अपार संपन्नता पर मन अशांत क्यों? गीता और सुंदरकांड में है समाधान जयपुर - जयपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरा एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक वैचारिक क्रांति की गवाह बनी। वेद विद्या ट्रस्ट दिल्ली के तत्वावधान में बनीपार्क स्थित “श्री जंगलेश्वर महादेव मंदिर” में एक दिवसीय सुंदरकांड ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। सुंदरकांड - एक तार्किक विश्लेषण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता “आर्ष विद्या मंदिर दिल्ली के परम पूज्य ब्रह्मलीन स्वामी प्रबुद्धानंद जी” की महान वेदांत परंपरा के संवाहक आचार्य ईश्वरानंदा ने सुंदरकांड के माध्यम से जीवन-प्रबंधन के उन व्यावहारिक सूत्रों को बताया, जिनका सीधा संबंध भगवान श्री कृष्ण द्वारा भगवद्गीता में दिए गए निष्काम कर्म के सिद्धांतों से है। इस मौके पर समाजसेवी एच सी गणेशिया, योगाचार्य मनीष योगी और शकुन ग्रुप से जे डी महेश्वरी सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर आचार्य ईश्वरानंदा ने बताया कि यह आयोजन आज के इस आधुनिक युग में मनुष्य के पास भौतिक साधन, उच्च पद, ऐश्वर्य और अपार धन-संपत्ति तो है, लेकिन फिर भी एक गहरा खालीपन और असंतुष्टि बनी रहती। सुंदरकांड में हनुमान जी ने विपत्ति की एक नई और वैज्ञानिक परिभाषा दी है सच्ची विपत्ति धन या स्वास्थ्य की हानि नहीं है, बल्कि अपने वास्तविक स्वरूप (ईश्वर) का विस्मरण है। भगवदगीता के ज्ञान को जोड़ते हुए इस सत्र में बताया गया कि कैसे भक्ति हमारे अंतःकरण को कोमल और शुद्ध बनाती है, और कैसे वेदांत का ज्ञान हमें पूर्ण मोक्ष की ओर ले जाता है। लंका दहन की घटना को यहाँ एक नए रूप में प्रस्तुत किया गया, जहाँ हनुमान जी द्वारा लगाई गई आग वास्तव में ज्ञान की अग्नि है, जो हमारे भीतर की अज्ञान रूपी लंका को भस्म कर देती है। कहानियों से परे आपके भीतर की आंतरिक रामायण आचार्य ईश्वरानंदा महाराज की अनूठी व्याख्या शैली में रामायण केवल एक ऐतिहासिक महाकाव्य नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर चलने वाले मानसिक और मनोवैज्ञानिक द्वंद्व का सजीव नक्शा है। आचार्य के अनुसार प्रभु श्री राम किसी कहानी के सामान्य पात्र नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के भीतर निवास करने वाली साक्षी चेतना (परमात्मा “स्व”) हैं। माता सीता वे हमारी आत्मा (अपने को परमात्मा से माया वश अलग मानने वाली) का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो सांसारिक मोह-माया और अज्ञान की अशोक वाटिका में घिरी हैं। हनुमान जी वे उस आदर्श अनुशासित मन और साधक के प्रतीक हैं, जिनकी प्राण शक्ति और संकल्प को ‘शुद्ध विवेक बुद्धि’ (बुद्धि) का मार्गदर्शन प्राप्त है। रावण दस सिर वाला रावण दरअसल हमारा अहंकार, क्रोध और वासना है, जो हर पल हमारी मानसिक शांति का अपहरण कर लेता है।

    पुरातन जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जन भागीदारी जरूरी: कुमावत

    प्रभारी मंत्री कुमावत ने रानीगांव एवं लुणु खुर्द में श्रमदान एवं पौधारोपण कार्यक्रम में शिरकत की  श्रमदान के जरिए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में जन भागीदारी का संदेश  बाड़मेर l पुरातन जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जन भागीदारी जरूरी है l ताकि हम भावी पीढ़ी के लिए जल की सौगात को बचाकर रख सके l इसके लिए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जरिए आमजन में जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। पशुपालन एवं बाड़मेर जिले के प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने शनिवार को रानीगांव एवं लुणु खुर्द में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बात कही l प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि तालाब, एनीकट,बेरियों एवं कुओं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों की इस विरासत को बचाकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी हैl उन्होंने कहा कि खेत का पानी खेत में,घर का पानी घर में और गांव का पानी गांव में रोकने की व्यवस्था विकसित करनी होगी l उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने लोहारी नाडी को मॉडल तालाब के रूप में विकसित करने की बात कही l मरुस्थलीय क्षेत्र में बढ़ते तापमान पर चिंता जताते हुए प्रभारी मंत्री कुमावत ने अधिकाधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने पशुपालन विभाग की जन कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति एक साल के एक पौधा आवश्यक रूप से लगाए l चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल ने कहा कि राज्य सरकार आमजन के विकास के लिए तत्पर है l बाड़मेर जिले को सड़क, पानी,बिजली के साथ बड़ी तादाद में ग्राम पंचायतों का तोहफा दिया गया है l उन्होंने कहा कि विकास के साथ विरासत जिंदा रहें l इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा l उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को टांको में सहेज कर रखने की परम्परा को जिंदा रखें l विधायक मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 विकसित राष्ट्र के सपने को साकार करने के लिए अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी l समाजसेवी अनंत राम विश्नोई ने कहा कि जल संरक्षण के लिए आमजन को सकारात्मक पहल करनी होगी l पानी की एक-एक बूंद को बचाकर हम जल संरक्षण के लिए बेहतरीन कार्य कर सकते है l उन्होंने कहा कि अगर नल से एक बूंद टपकती है तो एक साल में 11 हजार लीटर पानी की बर्बादी होती है l उन्होंने कहा कि हमारी सदियों से पानी बचाने की परम्परा रही है,इसको कायम रखने की जरूरत है l समाजसेवी दीपक कड़वासरा ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में बेहतरीन कार्य कर रही हैं l उन्होंने कहा कि लोहारी नाडी से जल संरक्षण की अभिनव पहल की गई है l यह करीब 2 हज़ार साल पुरानी नाडी आसपास के कई गांवों को पानी उपलब्ध कराती रही है l इसके प्राचीन स्वरूप को लौटाने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा l प्रभारी मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने रानीगांव में धर्मपुरी के धूणी एवं लुणु खुर्द ग्राम पंचायत परिसर में पौधारोपण किया। बाड़मेर पंचायत समिति की रानीगांव एवं लुणु खुर्द ग्राम पंचायत में आयोजित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत श्रमदान, स्वच्छता एवं पौधारोपण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने सहभागिता निभाते हुए जल एवं पारंपरिक जल स्रोतों एवं पर्यावरण संरक्षण ने सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। इस दौरान प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत,चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल समेत विभिन्न जन प्रतिनिधियों ने लोहारी नाडी परिसर में श्रमदान कर आमजन को जल संरक्षण अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व जिला परिषद सदस्य उगम सिंह ने स्वागत भाषण के साथ जल संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिलाया l इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत,संत बलदेव पूरी,गिरधरपुरी, समाजसेवी स्वरूप सिंह खारा,देवीलाल कुमावत, महावीर सिंह चूली, रमेशसिंह इंदा, ईश्वर चन्द नवल,कोषाधिकारी जसराज चौहान, अधीक्षण अभियंता सुरा राम चौधरी, हजारीराम बालवा, पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ नारायण सिंह सोलंकी,जिला रसद अधिकारी कंवराराम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विष्णु राम विश्नोई,सहायक वन संरक्षक छोटू सिंह भाटी,अधिशाषी अभियंता अक्षय पंचाल, तहसीलदार हुकमीचंद , पुलिस उप अधीक्षक बुद्धाराम चौधरी,विकास अधिकारी प्रदीप इनाणिया, रानीगांव ग्राम पंचायत की प्रशासक कमल कंवर समेत विभिन्न जन प्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी तादाद में आमजन उपस्थित रहे l कार्यक्रम का संचालन श्याम सिंह राव ने किया l लुणु खुर्द ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत एवं चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल समेत अन्य अतिथियों ने आमजन को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया l इस दौरान मुख्यमंत्री जल स्वालंबन अभियान के द्वितीय चरण के तहत निर्मित टांकों का लोकार्पण किया गया l  

    जयपुर पुलिस ने बहुचर्चित ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी दिशा बावला को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसे आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी, जहां रिमांड को लेकर सुनवाई होने की संभावना

    जयपुर पुलिस ने बहुचर्चित ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी दिशा बावला को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसे आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी, जहां रिमांड को लेकर सुनवाई होने की संभावना है। महेश नगर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, परिवादी विमल डागा ने आरोप लगाया है कि उसकी पूर्व इंटर्न दिशा बावला, उसके साथी धीरज कुमार, भाई करण बावला और अन्य लोग लंबे समय से उसे धमका रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी पक्ष ने झूठे रेप केस में फंसाने, परिवार को नुकसान पहुंचाने और अश्लील एआई वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की मांग की। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि परिवादी से अब तक करीब 90 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं और आरोपी लगातार 50 लाख रुपये अतिरिक्त मांग रहे थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष उसके एआई प्रोजेक्ट पर कब्जा करना चाहता था और सोशल मीडिया व ईमेल के जरिए लगातार दबाव बना रहा था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी दिशा बावला ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए तथा उन्हें वायरल करने की धमकी दी। परिवादी ने पुलिस से आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप और क्लाउड डेटा जब्त कर जांच करने की मांग की है। पुलिस के अनुसार, मामले में पहले भी कई शिकायतें और एफआईआर दर्ज हैं। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर पुलिस टीम ने जोधपुर में दबिश देकर दिशा बावला को गिरफ्तार किया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और कथित गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच करेगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आज आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विमल डागा के वकील ललित शर्मा ने कहा कि यह एक संगठित गिरोह है जिसमें कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है ।  

    "राज्य सरकार पशुपालकों और किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध’

    -दौसा में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने ली समीक्षा बैठक दौसा। राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को दौसा जिला मुख्यालय पर पशुपालन विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पशुपालकों तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। मंत्री कुमावत ने बताया कि 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' के तहत दौसा जिले में विगत दो वर्ष में 75 हजार 495 पशुओं का बीमा किया गया है। इनमें से 67505 पशुओं के चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 50968 बीमा पॉलिसी वितरित की गई हैं। इसी तरह दौसा जिले ने 'सेक्स सोर्टेड सीमन योजना' के तहत वर्ष-2025-26 में मिले लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति कर ली है। दौसा जिले में 4200 पशुओं को सैक्स सोर्टेड सीमन की डोजेज लगाई जा चुकी हैं। बैठक में पशुपालन मंत्री ने दौसा जिले में खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग के बचाव को लेकर चलाए गए टीकाकरण अभियान के तहत 75 फीसदी लक्ष्य प्राप्त होने पर विभाग के अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि 5 लाख 70250 के लक्ष्य के विपरीत जिले में 4 लाख 31250 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि 3 लाख 52 हजार 950 पशुओं का रिकार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट किया जा चुका है। मंत्री कुमावत ने जिले की पंजीकृत गोशालाओं को मिलने वाले सरकारी अनुदान की स्थिति को परखा। उन्होंने जिले की अपात्र गोशालाओं की पात्रता की जांच कर उन्हें अनुदान देने के संबंध आवश्यक कार्रवाई के भी निर्देश दिए। पशुपालन मंत्री ने बताया कि जिले में 28 गोशालाएं संचालित हो रही हैं, इनमें से पात्र 13 गौशालाओं को अनुदान मिल रहा है, शेष 15 गोशालाओं की पात्रता पूरी होने पर अनुदान देने का आश्वासन दिया। कुमावत ने विभाग के सरकारी कार्यालयों के पटटे बनवाने व नंदीशाला में नंदियों की संख्या पूरी कर उसे क्रियाशील करने के भी निर्देश दिए।  कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि "राज्य सरकार पशुपालकों और किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और सेक्स सोर्टेड सीमन योजना हमारी प्राथमिकता सूची में हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल किया जाए। गोवंश की सुरक्षा और संवर्धन में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। पंजीकृत गोशालाओं को अनुदान समय पर मिले और एफएमडी (FMD) टीकाकरण का दायरा बढ़े, ताकि पशुधन को बीमारियों से बचाया जा सके। जो भी अधिकारी काम में लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर अरविंद शर्मा, एसडीएम संजू मीणा, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक प्रहलाद सिंह सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।