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    वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने हेतु विज्ञान प्रयोगों का प्रदर्शन

    जयपुर, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यापीठ द्वारा 30 सितंबर 2026 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारियावास में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान प्रयोगों के प्रदर्शन एवं विस्तार गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयी विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि, जिज्ञासा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा उन्हें प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना था। कार्यक्रम का आयोजन मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रजनी माथुर के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर भौतिक विज्ञान की सहायक आचार्य डॉ. चारु दुबे तथा रसायन विज्ञान की सहायक आचार्य मनीषा यादव ने विद्यार्थियों को विभिन्न सरल, रोचक एवं दैनिक जीवन से संबंधित विज्ञान प्रयोगों का प्रदर्शन किया। प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों रिहान अफरीन एवं यतेन्द्र मीणा ने भी विभिन्न प्रयोगों को अत्यंत रोचक एवं सरल तरीके से समझाते हुए विद्यालयी विद्यार्थियों को उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रयोगों को देखा, उनमें रुचि दिखाई तथा अपनी जिज्ञासाओं से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को “करके सीखने” का अवसर प्रदान किया। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय स्तर पर इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से इसे अधिक प्रभावी ढंग से समझा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और नई चीजें सीखने के प्रेरित किया। यूनिवर्सिटी के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विश्वविद्यालय एवं विद्यालयों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यालय द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विज्ञान प्रयोगों के प्रत्यक्ष प्रदर्शन से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने के साथ-साथ उनके व्यावहारिक उपयोग को जानने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की टीम का आभार व्यक्त किया गया। जिज्ञासा जगाएँ, युवा मस्तिष्कों को प्रेरित करें की भावना के साथ आयोजित यह गतिविधि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, तार्किक सोच एवं व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल रही।  

    कल्पना पब्लिक विद्यालय, टूटोली में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास हेतु कैरियर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    जयपुर.  विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के साथ उन्हें भविष्य में उपलब्ध विभिन्न कैरियर अवसरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ की ओर से बुधवार को कल्पना पब्लिक विद्यालय, टूटोली में विद्यार्थी विकास एवं कैरियर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता एवं योग्यता के अनुरूप कैरियर के विभिन्न विकल्पों की जानकारी देना तथा उन्हें उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराणा ने कहा कि- “जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सही दिशा और उचित मार्गदर्शन आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य को निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।” विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि- “जीवन में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छे मार्गदर्शन के साथ योजनाबद्ध तरीके से मेहनत करना जरूरी है।” विश्वविद्यालय के प्रो-प्रेसीडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) अंकित गांधी ने कहा कि- “विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करने के लिए उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय समय-समय पर ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को शिक्षा एवं कैरियर के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।” मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि- “वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि, प्रतिभा, कौशल एवं क्षमता को पहचानकर उसी के अनुरूप अपने कैरियर का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने समय का सदुपयोग करने, नियमित अध्ययन करने तथा निरंतर नई जानकारी और कौशल अर्जित करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।” इस अवसर पर कल्पना पब्लिक विद्यालय, टूटोली के प्रबंधक सुनील स्वामी ने विद्यार्थियों को कैरियर चयन के संबंध में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि कैरियर का चुनाव दूसरों की देखा-देखी करने के बजाय अपनी रुचि और क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। उन्होंने आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास को सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्रोफेसर खुशबू चौधरी ने विद्यालय की कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के मध्य कुछ शैक्षणिक क्विज एवं लघु प्रतियोगिताएँ भी करवाई गईं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सभी विद्यार्थियों को चॉकलेट और मैगी मसाला पैकेट वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में कल्पना पब्लिक विद्यालय के प्राचार्य राजेन्द्र कुमार की ओर से यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर से पधारे सभी स्टाफ़ सदस्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी रहा।  

    कृषि विद्यापीठ, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के विद्यार्थियों की सरस डेयरी जयपुर में शैक्षणिक भ्रमण

    जयपुर. यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर की कृषि विद्यापीठ ने बीएससी कृषि (ऑनर्स) के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने जयपुर स्थित सरस डेयरी प्लांट का एक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को दूध एकत्रित करने, गुणवत्ता जाँचने, प्रोसेसिंग, पाश्चराइजेशन, पैकेजिंग, स्टोरेज, वैल्यू एडिशन और डेयरी प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग के बारे में व्यवहारिक जानकारी देना था। छात्रों ने डेयरी प्रोसेसिंग से जुड़ी अलग-अलग प्रक्रियाओं को देखा और आधुनिक डेयरी टेक्नोलॉजी और क्वालिटी-कंट्रोल के तरीकों को समझने के लिए सरस डेयरी के टेक्निकल स्टाफ़ ने उपयोगी जानकारी दी। इस भ्रमण से छात्रों को अपनी कक्षाओं की जानकारी को व्यवहारिक कामों से जोड़ने में मदद मिली और डेयरी प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, वैल्यू एडिशन और एग्रीबिज़नेस के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त हुई। इस अवसर पर विश्विद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इंडस्ट्रियल एक्सपोज़र विज़िट से छात्रों को प्रैक्टिकल जानकारी मिलती है और इससे क्लासरूम की पढ़ाई और असल दुनिया में खेती और डेयरी सेक्टर के कामों के बीच का अंतर कम करने में मदद मिलती है। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने मॉडर्न डेयरी प्रोसेसिंग, क्वालिटी कंट्रोल, पैकेजिंग, मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन को समझने के महत्व पर ज़ोर दिया और छात्रों को इंडस्ट्री से जुड़ी स्किल्स और एंटरप्रेन्योर वाली सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. जीपी मीणा अधिष्ठाता, कृषि विद्यापीठ ने इस भ्रमण को सीखने का एक अहम अनुभव बताया और छात्रों को डेयरी प्रबंधन, दूध की प्रोसेसिंग, साफ़-सफ़ाई, क्वालिटी एश्योरेंस, वेस्ट मैनेजमेंट और सप्लाई-चेन ऑपरेशन्स को बारीकी से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। इस भ्रमण में सभी कृषि विद्यापीठ के सदस्यों ने भाग लिया और विद्यार्थियों को डेयरी के महत्वपूर्ण उपयोग की जानकारी दी।  

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर में अंतरविभागीय खेल प्रतियोगिता हुई सम्पन्न

    जयपुर, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर में आयोजित अंतरविभागीय खेल प्रतियोगिता के दूसरे दिन विभिन्न खेलों के सेमीफाइनल एवं फाइनल मुकाबले उत्साह, उमंग और खेल भावना के साथ आयोजित किए गए। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन तथा प्रतिस्पर्धात्मक भावना का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, कैरम और शतरंज के सेमीफाइनल एवं फाइनल मुकाबले आयोजित किए गए। सभी खेलों में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपने-अपने विभाग का प्रतिनिधित्व किया। विश्वविद्यालय पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण एवं व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, टीम भावना, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने सभी विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए विद्यार्थियों को भविष्य में भी खेल गतिविधियों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीमवर्क और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। खेल प्रबंधक यश यादव ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर सभी खिलाड़ियों एवं सहयोगी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अंतरविभागीय खेल प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतर मंच प्रदान करना है। वॉलीबॉल के फाइनल मुकाबले में मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, वहीं फ़ार्मेसी विभाग की टीम उपविजेता रही। फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन टीमवर्क, अनुशासन और खेल भावना का प्रदर्शन किया। पूरे मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों का उत्साह भी देखने लायक रहा। टेबल टेनिस प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में अतुल चौधरी, कृषि विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। शतरंज प्रतियोगिता में उत्तम राम, कृषि विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति, एकाग्रता, धैर्य और निर्णय क्षमता का शानदार परिचय दिया। शतरंज के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने प्रत्येक चाल को सोच-समझकर खेलते हुए अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया। कैरम प्रतियोगिता में वंशिका निराला, कृषि विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। फाइनल मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा प्रतिस्पर्धात्मक माहौल देखने को मिला। दो दिवसीय इंटर-डिपार्टमेंट स्पोर्ट्स प्रतियोगिता ने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर में खेलों के प्रति उत्साह और ऊर्जा का माहौल बनाया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क, आत्मविश्वास, धैर्य और खेल भावना जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों को सीखने और अनुभव करने का अवसर मिला। विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने विश्वविद्यालय में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत किया। प्रतियोगिता ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  

    उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की

      आईसीडीएस निदेशालय द्वारा कार्य योजना बनाकर 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम को वृहद सफलता दिलाने की सराहना जयपुर। उप मुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा हेतु गुरुवार को शासन सचिवालय में बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास शासन सचिव पूनम, निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं वासुदेव मालावत, महिला अधिकारिता आयुक्त राकेश राजोरिया सहित समस्त प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम की वृहद सफलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक पूर्व निर्धारित कार्य योजना के द्वारा आईसीडीएस निदेशालय की ओर से कार्य किये जाने से यह सफलता प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि विकसित भारत जन सेवा अभियान (17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026) के अंतर्गत आईसीडीएस निदेशालय की ओर से 25 से 27 सितम्बर 2026 तक प्रदेश के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम का भव्य एवं सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। उक्त तीन दिवसीय उत्सव में प्रदेश के लगभग 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अनुमानित रूप से लगभग 1.5 करोड़ से अधिक लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं का सम्मान किया गया, उन्हें प्रधानमंत्री का पत्र दिया गया, माला पहनाई गई और पौधा भेंट किया गया। इसमें स्थानीय शहरी व ग्रामीण आमजन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। इस दौरान आंगनबाड़ी में आने वाली गर्भवती महिलाओं की गोदभराई एवं धात्री माताओं के बच्चों का अन्नप्राशन भी करवाया गया। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश - 1. समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS): • वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 की लंबित बजट घोषणाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। • पूर्ण हो चुके आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर उपयोगिता एवं कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र निदेशालय को भेजा जाए। • पूरक पोषाहार के मेन्यू में सुधार, वैकल्पिक रेसिपी प्रस्तावों का परीक्षण और FRS के माध्यम से वितरण को प्रभावी बनाया जाए। • 3 से 6 वर्ष के बच्चों की आंगनबाड़ी में उपस्थिति बढ़ाने, नियमित वजन-वृद्धि मापन और APAAR ID बनाने में तेजी लाई जाए। • सभी केंद्रों में क्रियाशील शौचालय, सुरक्षित पेयजल और विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए। 2. महिला अधिकारिता विभाग: • लाडो प्रोत्साहन योजना की तीसरी किश्त के वितरण में तकनीकी समस्या न आए, पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो। • उड़ान योजना की समीक्षा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की आगामी किश्त हेतु भारत सरकार से समन्वय।  

    आपणो जयपुर-हरित संगम’ के तहत एक पेड़ पूर्वजों के नाम अभियान आज से

    5 लाख परिवारों तक पहुंचेगा कारवां  स्वच्छता, स्वास्थ्य, संस्कार, संस्कृति, पर्यावरण के लिए शुरु होगी विभिन्न गतिविधियां जयपुर। गुलाबीनगरी की आत्मा, संस्कृति, पर्यावरण, परंपराओं और सामाजिक जीवन को फिर से जोड़ने के लिए ‘आपणो जयपुर-हरित संगम’ अभियान 2 अक्टूबर से चलेगा। जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट पर शुक्रवार को एक पेड़ पूर्वजों के नाम लगाकर इसकी शुरुआत की जाएगी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी होगी। विशिष्ट अतिथि सांसद मंजू शर्मा तथा अध्यक्षता महापौर सुनील कोठारी करेंगे। फिक्की फ्लो की महिला अध्यक्ष नीता बूचरा ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि उन पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगाए जाएंगे, जिन्होंने जयपुर को केवल शहर नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, भाईचारे और जीवन-मूल्यों की पहचान दी। लेकिन यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है। यह अगले 10 साल की सामाजिक यात्रा का पहला कदम है। घर से शुरू होगा अभियान बूचरा ने बताया कि इसकी शुरुआत किसी सरकारी योजना या बड़े मंच से नहीं, बल्कि जयपुर के उन लोगों के घरों से हुई, जिनके दिल में शहर की धड़कन बसती है। किसी ने अपने घर में पौधे लगाए, किसी ने कचरा अलग करना शुरू किया, किसी ने मोहल्ले में सफाई की जिम्मेदारी उठाई, किसी ने मंदिर-श्मशान या सामुदायिक केंद्र के संरक्षण की पहल की। छोटे-छोटे प्रयास जुड़ते गए और अब जयपुर में करीब 1000 समूह तैयार हो चुके हैं। प्रत्येक समूह में लगभग 15 से 20 घर जुड़े हैं। अब इन्हीं समूहों को अभियान की ताकत बनाया जाएगा। तीन महीने में जोड़ेंगे पांच लाख परिवार शहर के समाजसेवी व पर्यावरणविद अशोक मित्तल ने कहा कि अगले तीन महीनों में कम से कम 50 हजार घरों को सीधे जोड़ने और जनजागरण के जरिए करीब 5 लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य है। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और विद्यार्थियों की अलग-अलग टीमें बनाई जा रही हैं, जो अपने क्षेत्रों में अभियान को आगे बढ़ाएंगी। कार्यक्रम समन्वयक अशोक दाधीच ने पत्रकारों से कहा कि अभियान का एक बड़ा लक्ष्य है—जयपुर के घरों से निकलने वाले कचरे की मात्रा कम करना। इसके लिए गीले कचरे से खाद बनाने की ट्रेनिंग महिलाओं को दी जाएगी। पहले चरण में 1000 समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण मिलेगा और फिर वे अपने मोहल्लों में घर-घर जाकर दूसरी महिलाओं को इसकी जानकारी देंगी। लक्ष्य केवल कचरा अलग करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें घर का जैविक कचरा घर में ही खाद बने और उपयोग में आए। हर घर में कम से कम तीन पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। भविष्य की कल्पना यह है कि जयपुर में घर से निकलने वाला खाने-पीने का कचरा कचरा गाड़ी में डालने के बजाय उपयोगी संसाधन बने। इसके लिए एक व्यवस्थित मॉडल तैयार किया जा रहा है । लोकगीतों में फिर सुनाई देगी जयपुर की आवाज समरस भारत के सचिव धनंजय सिंह ने कहा कि जयपुर की पहचान सिर्फ हवेलियों, मंदिरों और बाजारों में नहीं है। उसकी असली पहचान उसके लोगों की जीवनशैली और लोकसंस्कृति में भी है। इस अभियान में तेजी से लुप्त हो रहे पारंपरिक लोकगीतों को फिर से सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने की पहल होगी। महिलाओं की टोलियां विवाह, त्योहारों और दूसरे सामाजिक अवसरों पर गाए जाने वाले पारंपरिक गीतों को जीवंत करेंगी। तीज, गणगौर, नवरात्र, गरबा, होली और अन्य उत्सवों में लोकगीतों को बढ़ावा दिया जाएगा। महिलाओं को गीत सिखाने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास होंगे। यानी हरित संगम केवल पेड़ नहीं लगाएगा, जयपुर की सांस्कृतिक जड़ों को भी सींचेगा। मंदिरों, श्मशानों और सामुदायिक केंद्रों के संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर समूह बनाए जाएंगे। जहां जरूरत होगी, वहां श्रमदान और सामाजिक अंशदान से विकास और संरक्षण के प्रयास होंगे। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों को भी समाज के सहयोग से बेहतर बनाने की पहल की जाएगी। अभियान का संदेश स्पष्ट होगा कि जो स्थान पूरे समाज के हैं, उनकी जिम्मेदारी भी पूरे समाज की है। अभियान में खेल और योग को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इस अभियान में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों और युवाओं को खेल से जोड़ने के साथ शहरवासियों में शारीरिक स्वास्थ्य और आपसी सहयोग की भावना विकसित की जाएगी। इसके साथ एक नया विचार ‘मोबाइल फास्टिंग’ भी अभियान का हिस्सा होगा कुछ समय मोबाइल से दूरी, परिवार के साथ संवाद, बच्चों के साथ समय और स्वयं के भीतर झांकने का अवसर। बच्चों रहेंगे अग्रिम पंक्ति में इस अभियान में स्कूली बच्चों को जोड़ा जाएगा। स्कूलों में स्वच्छता, पर्यावरण, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के कार्यक्रम ह प्लास्टिक, नशे और भिक्षावृत्ति के खिलाफ जनजागरण प्लास्टिक मुक्त जयपुर के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना पैदा करने और भिक्षावृत्ति के मुद्दे पर जनजागरण किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रशासन के सहयोग से भी अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए भी सामाजिक स्तर पर जागरूकता और सहभागिता बढ़ाई जाएगी। एक पेड़ से शुरू होगी 10 साल की यात्रा 2 अक्टूबर को जवाहर सर्किल के पत्रिका गेट पर लगाया जाने वाला ‘एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ का पौधा सिर्फ एक पौधा नहीं होगा। यह उस सोच का प्रतीक होगा कि जिस शहर को पूर्वजों ने बनाया, उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए और बेहतर बनाना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। हरित संगम का लक्ष्य जयपुर को केवल स्वच्छ और हरित बनाना नहीं, बल्कि ऐसा नागरिक स्वभाव तैयार करना है जिसमें शहर के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी, संस्कार और सहभागिता रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन जाए। क्योंकि अंततः शहर सरकारों से नहीं, शहरवासियों के स्वभाव से बनते हैं। इसीलिए इस 10 साल की यात्रा का सबसे बड़ा संकल्प है   “  

    ज्वेलर्स एसोसिएशन के 100 साल के इतिहास में पहली बार कार्यकारिणी सदस्य बने जयपुर के महापौर सुनील कोठारी का भव्य स्वागत

    जयपुर। ज्वेलर्स एसोसिएशन, जयपुर की ओर से आज जयपुर के महापौर सुनील कोठारी का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। यह अवसर ज्वेलर्स एसोसिएशन के लिए विशेष गौरव का विषय रहा, क्योंकि एसोसिएशन के 100 वर्षों के इतिहास में पहली बार उसकी कार्यकारिणी समिति के सदस्य रहे किसी व्यक्ति ने जयपुर के महापौर का पद प्राप्त किया है। ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू अग्रवाल मंगोड़ीवाला के नेतृत्व में आयोजित इस स्वागत समारोह में एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी सहित विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सुनील कोठारी को जयपुर का महापौर बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अध्यक्ष राजू अग्रवाल मंगोड़ीवाला ने कहा कि यह उपलब्धि केवल सुनील कोठारी की ही नहीं, बल्कि पूरे ज्वेलर्स एसोसिएशन परिवार के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। एसोसिएशन के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में कार्यकारिणी समिति के सदस्य का जयपुर के महापौर पद तक पहुंचना पूरे ज्वेलरी उद्योग के लिए गौरव की बात है। इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव अजय गोधा, उपाध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष गोविंद गुप्ता.joint secratary mahaveer daga.vijay kedia.nirmal bardia. सहित विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में ज्वेलर्स उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर महापौर सुनील कोठारी जी का अभिनंदन किया तथा उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। समारोह में ज्वेलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि सुनील कोठारी का महापौर बनना एसोसिएशन के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण है। सभी ने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में जयपुर शहर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।  

    कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय सेवानिवृत कर्मचारी एसोसिएशन द्वारा माला पहनाकर एवं गुलदस्ते देकर स्वागत किया

    राजस्थान विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय सेवानिवृत कर्मचारी एसोसिएशन द्वारा माला पहनाकर एवं गुलदस्ते देकर स्वागत किया गया एवं बधाई दी गई। इसके साथ ही पत्र देकर भी बधाई दी गई। कुलगुरु ने कहा की कल से ही मैंने कुलपति सचिवालय में पूर्व की भांति सेवानिवृत्ति समारोह कुलपति सचिवालय में प्रारंभ कर दिया हूं। उन्होंने यह भी कहा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता कक्षाओं में नियमित कक्षाएं लगने की रहेंगी। उन्होंने कहा सेवानिवृत कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी प्रकार का भुगतान करने का प्रयास करूंगा तथा मेरे कार्यकाल में राजस्थान विश्वविद्यालय में पेंशन बंद नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा की ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्यरत कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का शोषण एवं अन्याय नहीं होने दूंगा, ठेकेदार को बुलाकर बात करूंगा। एसोसिएशन द्वारा भी कुलगुरु महोदय को आश्वस्त किया गया कि विश्वविद्यालय के हित में जब कभी भी जरुरत पड़ेगी तब सेवानिवृत कर्मचारी मदद करने के लिए तैयार रहेंगे।

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में स्टूडेंट काउंसिल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित

    जयपुर। विद्याधर नगर स्थित बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में स्टूडेंट काउंसिल का शपथ ग्रहण समारोह उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नेतृत्व की जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए उन्हें नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में रिसर्च एंड डेवलपमेंट डायरेक्टर डॉ. मनीष बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राधिका बियानी डागा, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी, प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं इवेंट कॉर्डिनेटर राखी खंडेलवाल ने स्टूडेंट काउंसिल के सदस्यों को बैच पहनाकर उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी ने विद्यार्थियों को कॉलेज के प्रति समर्पण, अनुशासन एवं कार्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। रिसर्च एंड डेवलपमेंट डायरेक्टर डॉ. मनीष बियानी ने कहा कि स्टूडेंट काउंसिल का सदस्य बनना विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को सहयोग की भावना के साथ निरंतर सीखने, सुधार करने और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह और क्षमताओं की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी ने काउंसिल सदस्यों को मैनेजमेंट और विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने कहा कि स्टूडेंट काउंसिल विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने और भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों को बियानी परिवार का हिस्सा होने पर गर्व करने के साथ अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में 50 से अधिक विद्यार्थियों को स्टूडेंट काउंसिल में शामिल किया गया। विद्यार्थियों की रुचि और वर्तमान समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एआई, एंटरप्रेन्योरशिप, लिटरेचर, डांस और ड्रामा सहित विभिन्न क्लबों का गठन किया गया। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी क्रिएटिविटी, टैलेंट और लीडरशिप स्किल्स को विकसित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, विभिन्न क्लबों के हेड एवं सेक्रेटरी भी नामित किए गए। स्टूडेंट काउंसिल में बीजीसी से हुमेरा खान को प्रेसिडेंट और मानसी शर्मा को वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया। वहीं, बीसीए को-एड से सोमित्र व्यास को सीनियर काउंसिल प्रेसिडेंट, क्षितिज पारीक को प्रेसिडेंट और अंश शर्मा को वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई।  

    टाईम बैंक ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर 75 बुजुर्गों का किया सम्मान

    अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर टाईम बैंक ऑफ इंडिया द्वारा महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित समारोह में 80 वर्ष से अधिक आयु के 75 वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। जयपुर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा ने इन वृद्धजनों को सम्मानित किया। जयपुर केंद्र के चेयरमैन श्री आर. सी जैन का इस अवसर पर अभिनंदन किया गया। समारोह के लिए प्रेषित अपने संदेश में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि भारत में 2047 तक बुजुर्गों की संख्या युवाओं की तुलना में अधिक होगी। राज्य सरकार बुजुर्गों के लिए कई योजनाएं चला रही है। किन्तु टाइम बैंक ऑफ़ इंडिया वरिष्ठजन के अकेलेपन को दूर करने में मदद कर रहा है जो सराहनीय और अनूठा कार्य है। संस्था ने थोड़े समय में ही देश में अपनी पहचान कायम की है। समारोह की विशिष्ट अतिथि सांसद श्रीमती मंजू शर्मा ने भी टाइम बैंक की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। टाईम बैंक के मेनेजिंग ट्रस्टी अनिल खोसला ने बताया कि पूरे देश में टाईम बैंक के 11000 से ज्यादा सदस्य हैं। समारोह समिति के कॉर्डिनेटर बी. एल वर्मा ने बताया कि टाईम बैंक ऑफ इंडिया देश का पहला और एकमात्र बैंक है जहां पैसा नहीं बल्कि समय जमा किया जाता है। टाइम बैंक के संस्थापक अध्यक्ष पी सी जैन ने भी समारोह में अपने विचार व्यक्त किए। टाईम बैंक गवर्निंग कौंसिल के प्रेसीडेंट शैलेन्द्र टंडन ने इस मौके पर बताया कि संस्था 2019 से कार्य कर रही है जिसका कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण भारत है। टाईम बैंक के जयपुर जिला संयोजक अशोक जैन ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। समारोह में लगभग 800 सदस्यों एवं आमजन ने भाग लिया। इस समारोह का आयोजन भारतीय विद्या भवन, जयपुर केंद्र के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में सिक्किम हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस एन भार्गव, आई बैंक के प्रेसीडेंट बी एल शर्मा, टेक्नॉलोजी यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो रश्मि जैन, हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस दीपक माहेश्वरी, पीएनबी के मण्डल प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार, राजस्थान पेंशनर समाज के महासचिव किशन लाल शर्मा एमएनआईटी के प्रोफेसर रोहित गोयल, रोटरी प्रेसीडेंट संदीप धींगरा, एडवोकेट जी डी बंसल, डॉ रेखा गुप्ता, आईएएस, राजेन्द्र भानावत, आईएएस, सहित कई गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ जन उपस्थित रहे। आज ही राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध जन्म दिवस समारोह में टाइम बैंक आफ इंडिया को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया है।    

    MGD मेगा करियर फेयर 3.0 का सफल आयोजन

    एलेनोर रूज़वेल्ट ने कहा था कि “भविष्य उन्हीं का है जो अपने सपनों की खूबसूरती में यकीन रखते हैं।” विद्यार्थियों के सपनों को सच में बदलने की तैयारी को आसान करने के लिए जयपुर के MGD गर्ल्स स्कूल ने 30 सितंबर 2026 को होटल क्लार्क्स आमेर में MGD मेगा करियर फेयर 3.0 का सफल आयोजन किया। यह आयोजन खास तौर पर 10वीं से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता के लिए था। इस शानदार कार्यक्रम में 80 से ज़्यादा नामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और शहर भर के स्कूलों के छात्र एक साथ आए, जिससे छात्रों को सीखने का एक बेहतरीन मंच मिला। इस कार्यक्रम में अंडरग्रेजुएट कोर्स, उभरते हुए ग्लोबल करियर ट्रेंड्स, एडमिशन के नियमों और स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने की प्रक्रियाओं के बारे में पूरी जानकारी दी गई। माता-पिता ने भी भविष्य की पढ़ाई और ग्लोबल मौकों पर की गई चर्चा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे हर विद्यार्थी के एकेडमिक रोडमैप के बारे में सार्थक बातचीत हुई। इस अवसर की गरिमा बढ़ाने के लिए कुँवरानी अंबिका सिंह एवं प्राचार्या श्रीमती प्रमेंद्र खंगारोत भी वहाँ उपस्थित रहीं। कुल मिलाकर, यह करियर फेयर छात्र-छात्राओं को सशक्त बनाने वाला और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा, जिसने युवाओं को अपना उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए ज़रूरी स्पष्टता, आत्मविश्वास और विज़न प्रदान किया।  

    अलंकार महिला पीजी कॉलेज में फ्रेशर पार्टी “Euphoria-2026” का हुआ भव्य आयोजन

    सिरसी रोड स्थित अलंकार महिला पीजी महाविद्यालय में आज "Euphoria-2026" फ्रेशर पार्टी का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास एवं धूमधाम से किया गया।   ​कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सरोज कंवर (डिप्टी मेयर, नगर निगम, जयपुर) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक आनन्द स्वरूप ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं अभिनंदन किया।   ​गणेश वंदना के साथ शुरू हुए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में नवआगंतुक छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया। कॉलेज की छात्राओं ने हीप-हॉप, सालसा नृत्य तथा राजस्थानी घूमर गानों पर अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।   ​कार्यक्रम के दौरान आयोजित कैटवॉक में छात्राओं ने "Fashion Ka Hai Ye Jalwa" और "Jhuthi Khai thi Kasam Jo Nibhai Nahi" जैसे गानों पर सिजलिंग कॉस्ट्यूम्स में अपना जलवा बिखेरा।   ​समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर: ​Miss Fresher (P.G.): भूमिका सिंह (Bhoomika Singh)   ​Miss Fresher (U.G.): जिया शर्मा (Jiya Sharma)   ​को चुना गया। मुख्य अतिथि सरोज कंवर ने विजेताओं को ताज पहनाकर सम्मानित किया।   ​महाविद्यालय के निदेशक आनन्द स्वरूप जी ने गत वर्ष B.Com, B.A., B.Sc., M.A., M.Sc., तथा M.Com की छात्राओं के उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. कुसुम चौधरी ने सभी छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।