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    पांडुलिपि संरक्षण एवं डिजिटलीकरण पर विशेष कार्यशाला संपन्न

    जयपुर: ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपि संरक्षण एवं डिजिटलीकरण पर विशेष कार्यशाला संपन्न ​जयपुर। भारतीय प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में जयपुर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत झालाना डूंगरी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी में आयोजित "मैन्युस्क्रिप्ट वर्कशॉप" का सफल समापन हुआ। ​युवाओं को मिला आधुनिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण ​इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पांडुलिपियों के संरक्षण, संवर्धन और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन से जोड़ना था। क्लस्टर सेंटर ‘विश्वगुरु दीप आश्रम शोध संस्थान’ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 30 चयनित प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान पांडुलिपियों के: ​सर्वेक्षण और सूचीकरण (Cataloging) ​डिजिटलीकरण (Digitization) ​प्रिवेंटिव एवं क्यूरेटिव कन्जर्वेशन जैसे तकनीकी विषयों पर गहन व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। ​सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण अनिवार्य: डॉ. अनुराधा गोगिया ​कार्यशाला का उद्घाटन राजस्थान सरकार की कला एवं संस्कृति विभाग की उप शासन सचिव डॉ. अनुराधा गोगिया द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण करते हुए कहा, "भारतीय ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए पांडुलिपियों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं युवाओं को उनकी जड़ों और समृद्ध इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।" ​ऐतिहासिक ग्रंथों पर विशेषज्ञों का मंथन ​कार्यशाला में ऐतिहासिक पांडुलिपियों की प्रासंगिकता पर विशेष चर्चा की गई: ​अमृत सागर: डॉ. सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि महाराजा सवाई प्रताप सिंह द्वारा रचित यह ग्रंथ आयुर्वेद के त्रिदोष, धातु और रोग-निदान जैसे सिद्धांतों का व्यावहारिक दस्तावेज है। ​रामाअश्वमेध यज्ञ: जयपुर की स्थापना और वास्तुशास्त्र के आध्यात्मिक पहलुओं को उजागर करने वाली इस पांडुलिपि के महत्व को भी समझाया गया। ​वैज्ञानिक विधियां: अमृतसर से आए विशेषज्ञ श्री अमित राणा ने पांडुलिपियों को कीड़ों और समय की मार से बचाने की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। ​राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने का आह्वान ​नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश हर्ष ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के नवयुवकों की सक्रिय भागीदारी से ही हम अपनी प्राचीन मेधा को भविष्य के लिए सुरक्षित रख पाएंगे। उन्होंने इसे एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया। ​इस अवसर पर वैदिक हेरिटेज पांडुलिपी शोध संस्थान के डॉ. सुरेन्द्र शर्मा, जय प्रकाश, अवदेश वैध, बाल कृष्ण गोस्वामी और विनय शर्मा सहित कई विद्वान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ​मुख्य बिंदु: ​आयोजक: ज्ञान भारतम् मिशन एवं पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी। ​प्रशिक्षण: पांडुलिपि संरक्षण की वैज्ञानिक एवं डिजिटल विधियां। ​विशेष आकर्षण: जयपुर के महाराजाओं द्वारा रचित आयुर्वेद एवं वास्तु ग्रंथों का विश्लेषण।

    मेधावी छात्रों को शून्य अंक मिलना राजस्थान यूनिवर्सिटी के मूल्यांकन तंत्र पर बड़ा कलंक

      जयपुर। आज राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र नेता *शुभम रेवाड़* के नेतृत्व में महाराजा कॉलेज के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों में हुई भारी गड़बड़ी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। मीडिया से मुखातिब होते हुए छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और समझ से परे है कि जो छात्र कक्षा 12वीं में 90% से अधिक अंक लाकर योग्यता के आधार पर महाराजा कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश लेते हैं, उन्हें यूनिवर्सिटी प्रशासन ने महज तीन महीने बाद ही फेल कर दिया है। कई छात्रों के अंक तालिका में 00 और 01 अंक दर्शाए गए हैं, जो सीधे तौर पर एक बड़े 'रिजल्ट घोटाले' की ओर इशारा करता है।" शुभम रेवाड़ ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को घेरते हुए पूछा कि: क्या राजस्थान के सबसे प्रतिभाशाली छात्र तीन महीनों में इतने 'अक्षम' हो गए कि वे शून्य अंक ला रहे हैं? या फिर यूनिवर्सिटी का कॉपी जांचने वाला सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है?   प्रदर्शन के दौरान शुभम रेवाड़ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन संदिग्ध परिणामों की उच्च स्तरीय जांच नहीं की गई और कॉपियों का पारदर्शी पुनर्मूल्यांकन नहीं हुआ, तो छात्र शक्ति पूरे विश्वविद्यालय में उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    RTE दाखिला विवाद : *कड़ी धूप में शिक्षा संकुल पर जुटे अभिभावक और विद्यार्थी, मांगा शिक्षा का अधिकारी, नहीं तो इस्तीफा दो सरकार

      -- बच्चों से उनका मौलिक अधिकार छिन्ना कलंक, सरकार, शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों की मिलीभगत बर्दाश्त नहीं - संयुक्त अभिभावक संघ   --- 10 दिनों की चेतावनी, दाखिला नहीं मिला तो शिक्षा संकुल पर होगा आमरण अनशन, संयुक्त शिक्षा निदेशक को दिया ज्ञापन   जयपुर। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत सत्र 2026-27 में चयनित लगभग 1.90 लाख बच्चों को 50 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलना राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और निजी स्कूल संचालकों की संवेदनहीनता, लापरवाही और मनमानी का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुका है। संयुक्त अभिभावक संघ ने इस पूरे मामले को गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए गुरुवार को सुबह प्रातः 11 बजे से कड़ी धूप और भीष्म गर्मी के बीच शिक्षा संकुल के मुख्य द्वार पर सरकार और शिक्षा विभाग सहित निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ना केवल हल्ला बोल प्रदर्शन किया बल्कि राज्य सरकार से आरटीई में चयनित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का अधिकार दो नहीं तो पद से इस्तीफा दो सहित निजी स्कूलों की मनमानी बंद करने की मांग के नारे लगाकर विरोध प्रकट करते हुए शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के नाम ज्ञापन संयुक्त शिक्षा निदेशक मंजू शर्मा को ज्ञापन दिया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू, मनोज बडजात्या, इमरान कुरैशी, पंडित लोकेश शर्मा, सत्यनारायण नामा, मोहमद जफर सहित बड़ी संख्या अभिभावकगण अपने चयनित बच्चों के साथ खड़े हुए।    संघ ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है। एक ओर सरकार “सबको शिक्षा” और “शिक्षा का अधिकार” जैसे बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। निजी स्कूल खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं, अतिरिक्त दस्तावेज और फीस मांग रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग तमाशबीन बना बैठा है।    *संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि* “यदि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग अब भी नहीं जागे तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी जनआक्रोश में बदल जाएगा। गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार स्पष्ट करे कि आखिर निजी स्कूलों के सामने उसकी मजबूरी क्या है? जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो बच्चों को प्रवेश क्यों नहीं मिल रहा? यह सीधा-सीधा शिक्षा अधिकार कानून की हत्या है।”   *प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि* “राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों की त्रिकोणीय मिलीभगत ने गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य बंधक बना दिया है। शिक्षा विभाग की निष्क्रियता और निजी स्कूलों की मनमानी ने साबित कर दिया है कि प्रदेश में कानून नहीं बल्कि स्कूल सिंडिकेट लॉबी का राज चल रहा है। यदि जल्द सभी चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं मिला तो संयुक्त अभिभावक संघ प्रदेशभर में उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और जवाबदेही अभियान शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।”   संघ ने मांग की कि सभी चयनित विद्यार्थियों को तत्काल प्रभाव से प्रवेश दिलाया जाए, नियमों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई हो, मान्यता निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए तथा जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।   संयुक्त अभिभावक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों के शिक्षा अधिकारों के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ और अगले 10 दिनों में चयनित विद्यार्थियों को दाखिले नहीं मिले तो इसी शिक्षा संकुल के मुख्य द्वार पर अभिभावकों द्वारा आमरण अनशन किया जाएगा साथ ही प्रदेशभर में अभिभावक सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेंगे।      

    गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती पर हुआ गरिमामय आयोजन

    जयपुर। ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय कन्या महाविद्यालय, गंगापोल जयपुर में विश्वविख्यात साहित्यकार, नोबेल पुरस्कार विजेता एवं महान शिक्षाविद की जयंती बड़े ही गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ गुरुदेव टैगोर के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हेमन्त पारीक ने छात्राओं एवं संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुदेव टैगोर केवल एक महान कवि या साहित्यकार ही नहीं थे, बल्कि वे शांति, ज्ञान, सृजनात्मकता एवं मानवता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने भारतीय समाज को नई वैचारिक दिशा प्रदान की। प्रो. पारीक ने बताया कि भारत एवं बांग्लादेश दोनों देशों के राष्ट्रगान की रचना का श्रेय गुरुदेव टैगोर को प्राप्त है, जो उनकी वैश्विक प्रतिभा एवं सांस्कृतिक योगदान का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे टैगोर के व्यक्तित्व एवं शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सृजनात्मकता, संवेदनशीलता एवं नैतिक मूल्यों को आत्मसात करें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजकुमार बैरवा द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्रीमती अनीता कटारा, डॉ. शिबा हैदर एवं डॉ. बचन सिंह ने भी छात्राओं के साथ संवाद करते हुए गुरुदेव टैगोर के जीवन एवं विचारों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान गुरुदेव टैगोर के व्यक्तित्व एवं जीवन प्रसंगों पर आधारित एक प्रेरणादायी डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे छात्राओं ने अत्यंत रुचि एवं उत्साह के साथ देखा।

    पशुपालन मंत्री कुमावत ने सादगी एवं गरिमामय वातावरण में मनाया जन्मदिवस

      -महादेव का जलाभिषेक व गौमाता का पूजन कर अपने खास दिन को बनाया स्पेशल  जयपुर/सुमेरपुर। राजनीति में अपनी सादगी के लिए पहचाने जाने वाले राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने अपना 62वां जन्मदिन इस वर्ष भी सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकारों को समर्पित करते हुए अत्यंत सादगी एवं गरिमामय वातावरण में मनाया। उन्होंने अपने जन्मदिवस को उत्सव के स्थान पर जनकल्याण, मानव सेवा एवं गौ सेवा का माध्यम बनाया, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है। कुमावत ने अपने निज आवास पर पूजा-अर्चना के पश्चात शहर के भैरव चौक स्थित भैंरूजी मंदिर में धोक लगाई। यहां पर भाजपा कार्यकर्ताओं व शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर व मिठाई खिलाकर कुमावत ने जन्मदिवस की बधाई दी। इसके बाद शिव मंदिर में पहुंचकर उन्होंने महादेव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजन किया। महादेव का वंदन कर कुमावत ने गौ-माता को चारा खिलाकर निराश्रित गौवंश के लिए एक ट्रॉली चारा भेंट किया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने श्रीराम गौशाला, कोलीवाड़ा पहुंचकर गौमाता की पूजा-अर्चना कर चारा एवं गुड़ खिलाया। उन्होंने गौशाला को भेंट स्वरूप अपने वजन के बराबर 86 किलो गुड़ व एक ट्रॉली हरा चारा दिया। गौशाला परिसर में पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने कुमावत का जोरदार स्वागत किया। कोलीवाड़ा से रवाना होकर कुमावत आवास पर पहुंचे जहां उन्हें शुभकामनाएँ देने और उनसे मिलने के लिए दिनभर समर्थकों का ताँता लगा रहा। सभी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई प्रेषित कर उनके कार्यकाल में संगठन व सरकार में किए हुए कार्यों को याद करते हुए उनके सुख-समृद्धि,स्वास्थ सहित दीर्घायु की मंगल कामना की। अपने निज आवास, सुमेरपुर में उन्होंने विधानसभा क्षेत्र से पहुंचे हजारों कार्यकर्ताओं, समर्थकों व शुभचिंतकों से बधाईयां स्वीकार की। उन्होंने शुभचिंतकों को मिठाई खिलाकर उनका भी आभार जताया। साथ ही शुभचिंतकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। कुमावत ने इसी दौरान अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ केक काटकर सेलिब्रेशन किया । उन्होंने परिवार के साथ बैठकर ना सिर्फ खाना खाया बल्कि ढेर सारी बातें कर अपने इस खास दिन को और भी स्पेशल बनाया। अपराह्न 4 बजे श्री कुमावत अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए। इसके अलावा कुमावत को देश-प्रदेश के अनेक मंत्रियों, विधायकों, सांसदों व पार्टी पदाधिकारियों ने व्यक्तिश: एवं सोशल मीडिया के जरिए जन्मदिवस की बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की। गोपालन मंत्री के सम्मान में प्रदेशभर में हुए अनेक आयोजन  कैबिनेट मंत्री कुमावत के जन्मदिन के अवसर पर कार्यकर्ताओं सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएँ दी। साथ हीं उनके शुभचिंतकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर पूजा अर्चना, हवन,स्वच्छता, गौ सेवा आदि कार्य कर उनके लंबी उमर की प्रार्थना की। प्रदेश की सभी पंजीकृत और अपंजीकृत गौशालाओं में पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आज एक दिवसीय पशु चिकित्सा और बांझपन निवारण शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने अपने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया। चिकित्सकों ने गौवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार करने के साथ साथ औषधियों का वितरण किया। शिविरों में बांझपन से प्रभावित गौवंशों की जांच कर उन्हें उपचार और कृत्रिम गर्भाधान संबंधी सेवाएं तथा उचित परामर्श भी उपलब्ध करवाया गया।

    जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की सिंडिकेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय ​शिक्षकों के दो दशक पुराने CAS प्रकरणों का निस्तारण, पदोन्नति और सातवें वेतनमान के एरियर को स्वीकृति

    जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में आज कुलगुरू प्रो. मदन मोहन झा की अध्यक्षता में आयोजित सिंडिकेट बैठक में विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक कई महत्वपूर्ण और लंबित निर्णयों पर मुहर लगाई गई। बैठक में शिक्षकों के हितों और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उत्थान हेतु कई दूरगामी निर्णय लिए गए। ​*शिक्षको की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त* विश्वविद्यालय के शिक्षको के लगभग 20 वर्षों से लंबित 'कैरियर एडवांसमेंट स्कीम' (CAS) के प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। सिंडिकेट ने सर्वसम्मति से शिक्षकों की पदोन्नति पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। *​वेतनमान एरियर का भुगतान* शिक्षकों के सातवें वेतनमान के बकाया (एरियर) का शीघ्र भुगतान करने हेतु प्रस्ताव पारित किया गया। *​रोजगारपरक पाठ्यक्रम और वैदिक गुरुकुलखोलने का प्रस्ताव* कार्यपरिषद सदस्य एवं हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुन्दाचार्य महाराज ने विश्वविद्यालय में आजीविका और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम चलाने तथा 'वैदिक गुरुकुल' प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा। इन प्रस्तावों को सदन द्वारा ध्वनिमत से पारित किया गया। *​प्राचीन चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की मांग* मन्त्र प्रतिष्ठान के अंतर्गत ज्योतिष चिकित्सा और मन्त्र चिकित्सा के विकास तथा देश-विदेश से आने वाले विद्यार्थियों हेतु उचित वातावरण एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ​सिंडिकेंट बैठक में कुलगुरु प्रो. मदन मोहन झा,​स्वामी बालमुकुन्दाचार्य महाराज, विधायक हवामहल एवं सदस्य, कार्यपरिषद, ​सिंडिकेट सदस्य जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र पाल मीना ऑनलाइन माध्यम से जुड़े,प्रो. यशवीर सिंह, राज्यपाल के प्रतिनिधि, ​डॉ. विनोद कुमार शर्मा सदस्य, ​प्रो. शैलेन्द्र स्वामी सदस्य, ​डॉ. स्नेहलता शर्मा सदस्य, ​डॉ. गुंजन सोनी, कुलसचिव एवं विशेष आमंत्रित सदस्य रामचन्द्र मीणा, वित्त नियंत्रक उपस्थित रहे। ​विश्वविद्यालय के वर्षों से लंबित कार्यों को आज सिंडिकेट में पारित कर दिया गया है। शिक्षकों की पदोन्नति और बकाया भुगतान से अकादमिक वातावरण सुदृढ़ होगा।  

    प्रसूताओं की समुचित उपचार एवं देखभाल के लिए चिकित्सकीय बोर्ड गठित

    घटना की जांच के लिए 4 वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति गठित कोटा। कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के गायनिक वार्ड में सोमवार, 4 मई को भर्ती हुई 6 प्रसूताओं-पायल, रागिनी, सुशीला, चन्द्रकला, धन्नी एवं ज्योति के सफल ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद अचानक तबीयत खराब हो गई। इस संबंध में शीघ्र संज्ञान लेते हुए चिकित्सालय प्रशासन द्वारा सम्बन्धित चिकित्सकों को निर्देशित कर सम्बन्धित प्रसूताओं का समुचित उपचार प्रारम्भ कर दिया गया था। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बाद भी प्रसूता पायल की 5 मई को मृत्यु हो गई। इसके बाद शीघ्र ही चिकित्सालय प्रशासन द्वारा अन्य 5 प्रसूताओं को नेफ्रोलोेजी विभाग, सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।   अधीक्षक, सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सालय ने 5 प्रसूताओं-रागिनी, सुशीला, चन्द्रकला, धन्नी एवं ज्योति के समुचित उपचार एवं देखभाल के लिए 5 सदस्यीय वरिष्ठ चिकित्सकों का चिकित्सकीय बोर्ड गठित किया गया जिसमें नेफ्रोलोजी, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, निश्चेतन एवं मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हैं। साथ ही, प्रसूताओं के समुचित उपचार के लिए वार्ड में समस्त नर्सिंग स्टाफ एवं व्यवस्थाओं के प्रबन्धन के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।   प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक न्यू मेडिकल कॉलेज, कोटा डॉ. निलेश कुमार जैन ने बताया कि वर्तमान में 5 प्रसूताओं में से 3 प्रसूताओं की हालत स्थिर है एवं 2 की स्थिति में सुधार है। गठित चिकित्सकीय बोर्ड द्वारा 24 घंटे प्रसूताओं के उपचार की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करवाई जाएगी।   उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए 4 सदस्यीय वरिष्ठ चिकित्सकों की जांच समिति का गठन किया गया है जो कि अविलम्ब प्रकरण से सम्बन्धित समस्त तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेगी।

    तपती धूप मे भजन लाल सरकार का विकास रथ लेकर निमाना गांव पहुंचे मंत्री मदन दिलावर

    ग्रामीणों से रूबरू होकर दी योजनाओं की जानकारी कोटा! राजस्थान सरकार द्वारा कृषकों पशुपालकों एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी ग्रामीण अंचल तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा एलईडी मोबाइल वैन आधारित जन जागरूकता अभियान *विकास रथ* संचालित किया जा रहे हैं!  उक्त विकास रथ गांव-गांव जाकर राज्य सरकार की योजनाओं की ग्रामीणों को जानकारी दे रहे हैं और उनके सुझाव ले रहे हैं!  इसी क्रम में आज ग्राम पंचायत पीपा खेड़ी के गांव निमाना से राज्य सरकार का विकास रथ शुरू हुआ!  शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर निमाना गांव में रथ यात्रा में शामिल हुए और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना!  मंत्री दिलावर ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनको सुना और उनकी समस्याओ का निवारण किया! श्री दिलावर ने बी डी ओ को निर्देश दिए की गांव का कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए!   *सोलर लाइट लगाने के लिए यू किया प्रेरित :* --निमाना गांव मे महिलाओ ने मंत्री को बताई बिजली का बिल आने की समस्या! मंत्री ने तुरंत किया समस्या का समाधान, बोले सोलर लाइट लगवालो बिजली बिल नहीं आएगा!  मंत्री दिलावर ने आम ग्रामीण महिलो को सोलर लाइट का महत्त्व समझाने के लिए व्यंग करते हुए कहा की मेरा घर का बिजली का बिल 12 हज़ार महीने आता था! पत्नी नाराज़ रहती थी! अब मैंने जब से सोलर लाइट लगवाई है तब से बिजली का बिल ही नहीं आता! पत्नी बहुत प्रसन्न है! अब झगड़ा नहीं करती!

    कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए इंटर्नशिप प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा दिनांक 06 मई 2026 को  इंटर्नशिप एवं कौशल विकास प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों, वेब डिजाइनिंग यूआई/यूएक्स एवं ग्राफिक डिजाइनिंग, के सफलतापूर्वक समापन पर छात्राओं के लिये प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने प्रमाण-पत्र वितरित किये। वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में डिजिटल क्रिएटिविटी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यूआई/यूएक्स और ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे कौशल आज के युवाओं के लिए अनिवार्य बन चुके हैं। इन विशेष पाठ्यक्रमों का उद्देश्य अकादमिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना है। तीन माह की अवधि में 47 छात्राओं ने उपयोगकर्ता-केंद्रित वेब इंटरफेस तथा प्रोफेशनल विजुअल डिजाइन तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इंटर्नशिप के माध्यम से छात्राओं को वास्तविक परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता के साथ-साथ व्यावसायिक नैतिकता का भी विकास हुआ। इसी क्रम में विभिन्न संकायों की 22 छात्राओं ने ग्राफिक डिजाइनिंग पाठ्यक्रम में भाग लेकर अपनी रचनात्मकता को करियर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। डॉ. जयंती गोयल, विभागाध्यक्ष ने छात्राओं को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम छात्राओं को तकनीक और डिजाइन के क्षेत्र में विविध करियर अवसरों के लिए सक्षम बनाते हैं। अन्त में प्राचार्य डाॅ. सीमा अग्रवाल ने लगभग 70 छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट डिजाइन पोर्टफोलियो का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में कोर्स संयोजक दीपा चैहान, स्वाति शर्मा एवं विभाग की प्राध्यापिकाओं सहित छात्राएँ उपस्थित रहीं।   

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का प्रदर्शन

     राजस्थान विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक व प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ ABVP का हल्ला बोल।जयपुर। आज राजस्थान विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी और छात्र विरोधी नीतियों के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। आंदोलन का नेतृत्व करते हुए प्रांत मंत्री शुभेंद्र सिंह निर्माण और राजस्थान विश्वविधालय इकाई अध्यक्ष अभिषेक मीणा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है और शैक्षणिक शुचिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। प्रांत मंत्री श्री शुभेद्र सिंह निर्वाण ने संबोधित करते हुए कहा कि कैंपस की अव्यवस्थाओं को तुरंत नहीं सुधारा गया, तो परिषद उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलपति सचिवालय का घेराव किया और अभी vc सचिवालय में प्रदर्शन जारी है

    गहराई से जीवन जीने की कला: राजस्थान विश्वविद्यालय में त्रि-दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

    लाइफ़लॉंग लर्निंग विभाग की पहल: हृदय आधारित ध्यान और सकारात्मक आदतों से विद्यार्थी गढ़ेंगे अपना भविष्य जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के लाइफ़लॉंग लर्निंग विभाग द्वारा “द आर्ट ऑफ लिविंग लाइफ डीपली” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ बुधवार, 6 मई 2026 को किया गया।  कार्यशाला के प्रथम दिन विद्यार्थियों को मानसिक शांति, एकाग्रता और टीम वर्क के व्यावहारिक गुर सिखाए गए।   विभाग के निदेशक डॉ. अमित शर्मा ने विभाग के विजन पर प्रकाश डालते हुए सत्र की शुरुआत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, "सफलता के लिए ईमानदारी और एकजुट होकर कार्य करना अनिवार्य है।" डॉ. शर्मा ने दैनिक जीवन की अच्छी आदतों के महत्व पर जोर दिया और बताया कि कैसे छोटे-छोटे अनुशासन जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं।   कार्यशाला की समन्वयक डॉ. चित्रा चौधरी ने तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी क्षमताओं को पहचानना और उन्हें तनावमुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।   *हृदय आधारित ध्यान का प्रशिक्षण* प्रथम दिवस के मुख्य सत्र में आमंत्रित वक्ता डॉ. तनु रुंगटा ने "हृदय आधारित ध्यान" पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ध्यान के लाभों को साझा करते हुए इसके नियमित अभ्यास की विधि समझाई। डॉ. रुंगटा ने विद्यार्थियों को ध्यान का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया, जिससे प्रतिभागियों ने स्वयं मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।   *ग्रुप एक्टिविटी से बढ़ा आपसी समन्वय* सत्र के समापन पर डॉ. अमित शर्मा द्वारा एक विशेष "नो ईच अदर" समूह गतिविधि का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को छोटे-छोटे समूहों में विभाजित किया गया, जिन्हें समय-समय पर यादृच्छिक रूप से बदला गया। इस गतिविधि के माध्यम से विभिन्न पृष्ठभूमि से आए विद्यार्थियों ने एक-दूसरे के साथ संवाद किया और आपसी परिचय बढ़ाया।   कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रियंका मीणा, डॉ. ज्योति जैन, डॉ. सुचित्रा यादव एवं विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे । विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाई ।

    ऑपरेशन सिंदूर पहली वर्षगांठ - 7 मई “ऑपरेशन सिंदूर की शौर्य गाथा पोस्टर का विमोचन”

    जयपुर। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ 7 मई की स्मृति में पुरस्कृत शिक्षक फोरम राजस्थान द्वारा प्रकाशित पोस्टर “ऑपरेशन सिंदूर की शौर्य गाथा” का विमोचन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने सरकारी निवास पर किया। यह पोस्टर भारतीय सेना के शौर्य और सम्मान को प्रदर्शित करने के लिए तैयार किया गया है। पुरस्कृत शिक्षक फोरम के महासचिव रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर फोरम अध्यक्ष निर्मल ग्रोवर, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, फोरम सलाहकार डॉ. कमल किशोर चोटिया तथा डॉ. पवन भास्कर सहित पुरस्कृत शिक्षक उपस्थित थे। ऑपरेशन सिंदूर की गौरवशाली स्मृति के लिए पुरस्कृत शिक्षक फोरम के महासचिव रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने प्रदर्शनी तैयार की है। प्रदर्शनी का उद्घाटन 7 मई के स्थान पर 15 मई को प्रातः 10:30 बजे अजमेर रोड स्थित श्रीमती कमला देवी बुधिया रा.उ.मा.वि. हीरापुरा के सभागार में किया जायेगा। इस अवसर पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन अमित भारद्वाज की शहीदी तिथि की स्मृति में शहीद अमित भारद्वाज मेमोरियल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से स्थानीय विद्यालय के नव प्रवेशित बच्चों को स्टेशनरी वितरित की जायेगी।