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    थार मरुस्थल में बदलती पारिस्थितिकी से घट रही चमगादड़ों की संख्या: विश्व पर्यावरण दिवस पर राजस्थान विश्वविद्यालय में विशेष व्याख्यान आयोजित

    • मुख्य वक्ता विशेषज्ञ: प्रोफेसर (डॉ.) अशोक कुमार पुरोहित, पूर्व संकायाध्यक्ष, सिंडिकेट सदस्य एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राणिशास्त्र विभाग, जे.एन.वी. व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर • व्याख्यान का विषय: थार मरुस्थल में पारिस्थितिक-परिवर्तन का चमगादड़ विविधता पर प्रभाव (Impact of Eco-Transformation on Chiropteran (Bats) Diversity in Thar Desert) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के प्राणिशास्त्र विभाग और जर्नल क्लब के संयुक्त तत्वावधान में एल. एस. रामास्वामी हॉल में एक विशेष अकादमिक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में, विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पी. सी. माली ने उपस्थित जनसमूह एवं मुख्य वक्ता का स्वागत किया और अनुसंधान व अकादमिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इसके पश्चात मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जे.एन.वी. व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के पूर्व विज्ञान संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) अशोक कुमार पुरोहित ने "थार मरुस्थल में पारिस्थितिक-परिवर्तन का चमगादड़ विविधता पर प्रभाव" विषय पर अपना व्याख्यान दिया। वरिष्ठ प्राध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रोफेसर पुरोहित ने अपने मरुस्थलीय जीवों से जुड़े व्यापक शोध निष्कर्षों को साझा किया। उन्होंने बताया कि जहां तीव्र मरुस्थलीय रूपांतरण के कारण जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर में चमगादड़ों की विविधता दिन-ब-दिन घट रही है, वहीं इसके विपरीत बाड़मेर में चमगादड़ों की जैव विविधता में वृद्धि दर्ज की जा रही है। सत्र के समापन पर जर्नल क्लब के संयोजक डॉ. नरेश कुमार निर्मल ने उपस्थित समस्त गणमान्य अतिथियों एवं संकाय सदस्यों के प्रति औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया। अकादमिक सत्र की समाप्ति के पश्चात, पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के संकल्प को सुदृढ़ करने के लिए मुख्य अतिथि वक्ता द्वारा संकाय सदस्यों के साथ मिलकर विभागीय उद्यान में एक प्रतीकात्मक वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न किया गया।      

    विश्व पर्यावरण दिवस पर कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय द्वारा ग्राम सभाओं में वृक्षारोपण एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर द्वारा उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत चयनित पांच गांवों आंधी, अस्थल, थली, सांकोढ़ा खावारानीजी के संरक्षण एवं समग्र विकास को प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी निभाई जा रही है। इसके अंतर्गत पानी का महत्व उजागर करते हुये द वॉटर प्रोजेक्ट नाम से महाविद्यालय द्वारा जल संरक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन में जयपुर जिला प्रशासन एवं जिला परिषद, जयपुर का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज दिनांक 05 जून 2026 महाविद्यालय द्वारा जयपुर जिले की जामवारामगढ़ तहसील की आंधी एवं अस्थल ग्राम सभाओं में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की टीम ने ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी स्थानीय समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में जलापूर्ति की स्थिति चिंताजनक है, जहां चार दिनों में केवल आधे घंटे के लिए नल के माध्यम से पानी उपलब्ध हो पाता है तथा सप्ताह में लगभग एक बार ही पानी का टैंकर पहुंचता है। इसके अतिरिक्त महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए पारंपरिक एवं नवीन आजीविका स्रोतों के विकास की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। महाविद्यालय की ओर से ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि उनकी समस्याओं एवं सुझावों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर संबंधित ग्राम सभाओं के सरपंच, शालिनी एवं आकांक्षा मोदी, तथा महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएँ डॉ. ऋचा चतुर्वेदी एवं आरती तंवर उपस्थित रहीं। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, जल-संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। महाविद्यालय द्वारा भविष्य में भी उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहेगा।  

    डॉ.सतीश जी पूनिया को राज्यसभा प्रत्याशी घोषित करने पर उनके परिवारजनो, करीबियों, भाजपा कार्यकर्ता एवं आम जन मे मे खुशी की लहर

    हरियाणा प्रदेश के भाजपा के प्रभारी, राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा के कद्दावर एवं रास्ट्रीय नेता डॉ.सतीश पूनिया को भाजपा की और से राजस्थान प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होने पर उनके परिवारजनो, करीबियों, भाजपा कार्यकर्ता एवं आम जन मे खुशी की लहर है! डॉ.सतीश पूनिया को भाजपा की और से राजस्थान प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी घोषित करने पर अजमेर से अजमेर निवासी पूर्व जिला उपाध्यक्ष भाजपा संजय खंडेलवाल, राजेश घाटे, चिराग चौधरी, अंकित गुर्जर, तिलक रावत, दीपक सिंह राठौड़, अमित जैन मकराना से और कई कार्यकर्ताओं ने मिलकर के स्वागत किया! इसके साथ ही प्रोफेसर (डॉ) रमेश कुमार रावत, कुलसचिव, सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गैंगटक, सिक्किम, सुशील कटारा पूर्व मंत्री, बीजेपी, राजस्थान सरकार, किसान नेता राजस्थान रामकिशन खींचर सहित राजस्थान भाजपा, हरियाणा भाजपा के कार्यकरता, पदाधिकारी, आमजन ने व्यक्तिगत मिलकर, फोन पर, फेसबुक पर, व्हाट्सअप एवं अन्य माध्यमो से हार्दिक भदाई एवं शुभ कामना दी है!   3 जुलाई 2020 को भाजपा के सच्चे सिपाही डॉक्टर सतीश पुनिया ने विश्व के पहले हिंदी न्यूज़ पोर्टल वेबदुनिया मे उस समय वेबदुनिया के ग्लोबल जर्नलिस्ट रहे डॉक्टर रमेश कुमार रावत को दिये एक इंटरव्यू मे डॉक्टर सतीश पुनिया ने कहा था कि " मेरा मानना है कि सत्ता अथवा कुर्सी के लिए कोई संघर्ष नहीं होना चाहिए। हालांकि मुझे उम्मीद है कि जिस प्रकार पार्टी ने मुझे प्रदेशाध्यक्ष बनाकर सम्मानित किया है, उसी प्रकार पार्टी मेरे काम को ध्यान में ध्यान में रखकर भविष्य में भी सम्मान देगी। " इस इंटरव्यू मे डॉक्टर सतीश पुनिया की उपरोक्त कही गई बात आज सच साबित हो गई है एवं भाजपा ने उन्हे राज्य सभा का प्रत्याशी घोषित कर सम्मान देने की बात को चरितार्थ कर दिया है! इससे यह भी साबित होता है कि भाजपा कहती है वो करती है!  

    पर्यावरण संरक्षण सरकार की ही नहीं हैं, हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी: प्रो. शर्मा

    राजस्थान विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित; देश भर के 200 से अधिक शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने किया मंथन ​जयपुर, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के 'इन्दिरा गांधी मानव पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं जनसंख्या अध्ययन केंद्र' (पर्यावरण विज्ञान विभाग) के तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय "पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन एवं जलवायु कार्रवाई के माध्यम से सतत भविष्य" रखा गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से आए लगभग 200 शिक्षकों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और पर्यावरण संकट से निपटने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया। ​सामूहिक प्रयासों से ही थमेगा पर्यावरण क्षरण ​सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति व वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. बी. एल. शर्मा थे। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। ​"जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का ह्रास और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन जैसी गंभीर चुनौतियों को हम केवल सामूहिक प्रयासों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर ही रोक सकते हैं। हम सभी को अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभानी होगी।" — प्रो. बी. एल. शर्मा, पूर्व कुलपति ​कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सरगुजा विश्वविद्यालय (छत्तीसगढ़) के विज्ञान संकाय के डीन प्रो. मधुर मोहन रंगा ने कहा कि सतत विकास (Sustainable Development) के लिए पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण और उसका पुनरुद्धार आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने युवाओं और शोधकर्ताओं से नए अनुसंधान और नवाचारों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। ​अर्ध-शुष्क क्षेत्रों पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा ​सम्मेलन के संयोजक एवं विभाग के निदेशक डॉ. सुरेन्द्र सिंह चौहान ने अपने वक्तव्य में आगाह किया कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी मानवता के लिए एक गंभीर वैश्विक संकट बन चुका है। बढ़ता तापमान, अनियमित बारिश, सूखा, बाढ़ और हीट वेव (लू) जैसे दुष्परिणाम अब साफ दिखने लगे हैं। ​डॉ. चौहान ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि राजस्थान जैसे अर्ध-शुष्क (Semi-Arid) प्रदेशों में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और भी अधिक घातक हो सकते हैं, जिसका सीधा असर हमारे जल संसाधनों, कृषि उत्पादन और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने समाधान के रूप में वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग और सतत जीवनशैली को अपनाने पर बल दिया। ​शोध पत्रों के माध्यम से सार्थक चर्चा और संकल्प ​सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में जैव विविधता, जल प्रबंधन और राजस्थान की विशिष्ट पर्यावरणीय चुनौतियों से जुड़े शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. प्रेमा एस्थर सोलोमन ने सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा सामने रखी, जबकि दूसरे आयोजन सचिव डॉ. पंकज कुमार जैन ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। ​समापन सत्र के मुख्य अतिथि पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला के प्राणीशास्त्र एवं पर्यावरण विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह कीर्ती रहे, जिन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान और नीति-निर्माण के बेहतर समन्वय को जरूरी बताया। सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सुरेन्द्र सिंह चौहान ने सम्मेलन के निष्कर्षों को साझा किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष 'लोगो' का विमोचन किया गया और सभी ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर फलदार व छायादार पौधों का किया गया रोपण

    जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री भवानी निकेतन परिसर में फलदार व छायादार पौधों का रोपण जोया लुकास ग्रुप के सहयोग से किया गया। शिक्षा समिति के सचिव सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने बताया कि संस्था ने इस वर्ष सघन वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत विभिन्न किस्मों के लगभग 2000 से 3000 पौधों का रोपण संस्था परिसर में किया जायेगा। संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण के तहत हर वर्ष हजारों पौधों का रोपण किया जाता है। इस अवसर पर जोया लुकास ग्रुप के प्रतिनिधि, मिस्टेªस इण्डिया लिगेसी 2018 डाॅ0 रश्मी राठौड़, श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति से नगेन्द्र सिंह बगड़, अध्यक्ष, महेन्द्र सिंह जैसलाण, उपाध्यक्ष, दिलीप सिंह छापोली, गुलाब सिंह मेड़तिया, कार्यकारिणी सदस्य, संस्था प्रधान, छात्र/छात्राओं सहित गणमान्य लोगों ने वृक्षारोपण किया।  

    बिजली-पानी की समस्या पर कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत सख्त

    अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश • मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की सुमेरपुर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत ने शनिवार को स्थानीय नगरपालिका सभाकक्ष में विभिन्न प्रशासनिक विभागों के आला अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य रूप से क्षेत्र की बिजली और पेयजल समस्याओं पर चर्चा की गई, जिस पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक के दौरान क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर मंत्री कुमावत ने विद्युत निगम के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली बिजली कटौती से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए ढीले तार कसने, पेड़ों की कटाई-छंटाई करवाने तथा आरडीएसएस स्कीम के तहत नए ट्रांसफार्मर लगाने के कड़े निर्देश दिए। कुमावत ने कहा कि पिछले दिनों आए तूफान के कारण बड़ी संख्या में बिजली के खंभे टूट जाने से आपूर्ति बाधित हो गई थी। पेड़ों व तूफान के कारण बाधित आपूर्ति को बहाल करने के लिए विधानसभा क्षेत्र के सुमेरपुर, साण्डेराव व तख्तगढ उपखंड में 11 केवी व एलटी के कुल 136 खंबे टूट गए थे, इनमें से अधिकतर नए खंबे लगाकर आपूर्ति को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही शेष कार्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। इसके साथ ही, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए हर क्षेत्र में समुचित और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मानसून सत्र को लेकर आपातकालीन टीमें गठित करने के निर्देश आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर मंत्री कुमावत ने संभावित जलभराव और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विशेष टीमों का गठन करें, जो मानसून के दौरान किसी भी विपरीत परिस्थिति या आपदा से निपटने के लिए चौबीसों घंटे सतर्क रहें। स्ट्रीट वेंडर्स को बांटे चेक, हुआ 'ग्रीन वेलकम' बैठक के दौरान सामाजिक कल्याण की योजनाओं की प्रगति भी जांची गई। मंत्री कुमावत ने 'पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि' (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत 10 स्थानीय रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों और लाभार्थियों को ऋण सहायता के चेक वितरित किए, ताकि वे अपने व्यवसाय को मजबूत कर सकें। इससे पूर्व, नगरपालिका सभाकक्ष पहुंचने पर अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मंत्री श्री जोराराम कुमावत का पौधा भेंट कर 'ग्रीन वेलकम' (पर्यावरण अनुकूल स्वागत) किया गया। इस बैठक में पाली प्रधान प्रतिनिधि पुखराज पटेल, जिला उपाध्यक्ष पुनम सिंह परमार, एसडीएम कालूराम कुम्हार, नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी नरपत सिंह, निवर्तमान चैयरमैन ललित रांकावत, पूर्व चैयरमैन फूलाराम सुथार, सुमेरपुर नगर मण्डल अध्यक्ष रविकांत रावल, पूर्व मण्डल अध्यक्ष महेंद्र माली, बांकली मण्डल अध्यक्ष हनुवंत सिंह, तख्तगढ नगरपालिका के निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा, तख्तगढ मण्डल के उपाध्यक्ष रामसिंह, चाणोद जिला परिषद के पूर्व सदस्य प्रतिनिधि महिराज सिंह, सांडेराव मण्डल के महामंत्री मुकेश मोदी, भाजपा कार्यकर्ता मनीष सोलंकी सहित विद्युत विभाग, जलदाय विभाग और नगरपालिका के अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।  

    अग्रवाल पी.जी. कॉलेज में जेएनयू सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल का चिकित्सा परामर्श एवं जांच शिविर आयोजित

    जयपुर। जेएनयू सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा अग्रवाल पी.जी. कॉलेज, जयपुर परिसर में निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आमजन ने बड़ी संख्या में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। शिविर में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वी. वी. अग्रवाल, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश केशवानी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा वशिष्ठ, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सचिन शर्मा, डॉ. गिरीश चौहान, डॉ. करण बेनीवाल तथा डॉ. आशुतोष दयाल सहित अन्य चिकित्सकों ने विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित परामर्श एवं जांच सेवाएं प्रदान कीं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अग्रसेन पब्लिक स्कूल के सचिव कमल नानूवाला रहे। उन्होंने स्वास्थ्य शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं सुलभ कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवंदा ने अतिथियों एवं चिकित्सकों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है तथा महाविद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम के दौरान सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों को महाविद्यालय परिवार की ओर से राजस्थानी साफा पहनाकर एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री मनीष मित्तल, श्री राहुल पारीक की भी उपस्थिति रहीं। सम्मान समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने चिकित्सकों की सेवाओं की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर के सफल आयोजन में महाविद्यालय प्रशासन, जेएनयू सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की टीम तथा स्टाफ सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। अंत में सभी आगंतुकों एवं चिकित्सकों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।  

    पर्यावरण जागरूकता अभियान एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन

    अग्रवाल पीजी महाविद्यालय में दिनांक 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण जागरूकता अभियान एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गयाl कार्यक्रम में वर्ष पर्यंत एन. एस‌. एस की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले और सात दिवसीय शिविर में अपनी सक्रिय भागीदारी प्रदर्शित करने वाले स्वयंसेवकों को गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रोंज पदक प्रदान किए गएl महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवन्दा ने विद्यार्थियों को इसी प्रकार आगे बढ़ने एवं पर्यावरण संरक्षण में अपना हर संभव योगदान देने के लिए प्रेरित किया।  

    निफ्ट की ओर से शिल्पकारों के उत्थान के लिए 'चौपाल' का आयोजन

    जयपुरl वस्त्र मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार जयपुर के प्रसिद्ध बगरू ब्लॉक प्रिंट क्लस्टर और टाई डाई में स्थानीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यालयों तथा राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के संयुक्त तत्वावधान में एक अनूठी 'चौपाल' का आयोजन किया गया। निफ्ट निदेशक प्रो. जीएचएस प्रसाद ने बताया कि इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों को वस्त्र मंत्रालय की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना तथा उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी प्रदान करना है।चौपाल में वस्त्र मंत्रालय की योजनाओं और नीतियों पर विस्तृत चर्चा करते हुए निफ्ट के फैशन कम्युनिकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ मनीष शर्मा ने वस्त्र मंत्रालय की कल्याणकारी नीतियों जैसे पहचान पत्र, मुद्रा ऋण योजना, कौशल विकास कार्यक्रम और 'इंडिया हैंडमेड' ई-कॉमर्स पोर्टल पर डिजिटल ऑनबोर्डिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कारीगरों को बताया गया कि वे इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किस प्रकार अपने व्यवसाय और शिल्पकला को और अधिक सुदृढ़ बना सकते हैं। निफ्ट में शिल्पकारों के बच्चों के प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी कार्यक्रम में बगरू के कारीगरों और उनके बच्चों से सीधा संवाद किया गया। इस दौरान डॉ मनीष शर्मा ने वस्त्र मंत्रालय और निफ्ट द्वारा कारीगरों के बच्चों के लिए आरक्षित विशेष प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी के तहत कारीगरों के बच्चे सामान्य प्रवेश परीक्षा के कठिन दौर के बिना विशिष्ट कौशल परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से निफ्ट के प्रतिष्ठित डिजाइन पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश पा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक शिल्प ज्ञान को आधुनिक फैशन शिक्षा के साथ जोड़कर नई पीढ़ी को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।इस 'चौपाल' में बगरू ब्लॉक प्रिंटिंग और टाई डाई से जुड़े सैकड़ों स्थानीय शिल्पकारों, महिला कारीगरों और उनके परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान शिल्पकारों ने अधिकारियों और निफ्ट फैकल्टी के सामने अपनी शंकाएं रखीं, जिनका मौके पर ही सरल भाषा में समाधान किया गया।स्थानीय शिल्पकारों ने वस्त्र मंत्रालय और निफ्ट की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी चौपालों से न केवल उनके काम को नई दिशा मिलेगी, बल्कि उनके बच्चों के लिए देश के शीर्ष फैशन संस्थान में पढ़ने का सपना भी साकार हो सकेगा।    

    संघ की शताब्दी यात्रा संगठन, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की साधना की यात्रा : डॉ. रमेश अग्रवाल

    कार्यकर्ता विकास वर्ग के समापन समारोह में स्वयंसेवकों ने प्रस्तुत किया अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभक्ति का प्रेरक उदाहरण जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान क्षेत्र के कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम (सामान्य) का समापन समारोह शनिवार सायं सूरज मैदान, आदर्श नगर, जयपुर में सम्पन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि सरदार राजन सिंह, प्रधान, गुरुद्वारा साहिब, जवाहर नगर, टीला नं. 5, जयपुर रहे तथा कार्यक्रम का उद्बोधन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल ने किया।   समारोह में राजस्थान क्षेत्र के विभिन्न जिलों एवं स्थानों से आए शिक्षार्थियों ने शारीरिक प्रशिक्षण, सामूहिक कार्यक्रमों एवं विविध कौशलों का प्रभावी प्रदर्शन किया। वर्ग में 231 स्थानों से 277 शिक्षार्थियों ने सहभागिता की। इनमें 97 कर्मचारी, 57 व्यवसायी, 8 किसान एवं श्रमिक तथा 115 महाविद्यालय एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी सम्मिलित रहे।   वर्ग के संचालन में 40 शिक्षक, 37 प्रबन्धक, 21 विभाग प्रमुख तथा 3 प्रान्त प्रमुखों ने दायित्व निभाया। बीस दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में शिक्षार्थियों ने प्रातः 4 बजे से रात्रि 10:15 बजे तक अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हुए शारीरिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक प्रशिक्षण प्राप्त किया।   वर्ग के दौरान योग, व्यायाम, खेल, दण्ड-प्रशिक्षण एवं विविध शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्र, समाज, संस्कृति एवं समसामयिक विषयों पर बौद्धिक सत्रों का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने हेतु श्रम साधना, स्वच्छता, वृक्ष संरक्षण, जल संरक्षण तथा जैविक खाद निर्माण जैसे कार्य भी सम्पन्न किए गए।   मुख्य अतिथि सरदार राजन सिंह ने वर्ग के शिक्षार्थियों द्वारा प्रस्तुत शारीरिक प्रदर्शन एवं अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवकों की सामूहिकता, राष्ट्रभक्ति एवं समर्पण को देखकर भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनका विश्वास और दृढ़ हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों को निकट से देखने और अनुभव करने के पश्चात संघ के प्रति उनके मन में सम्मान और बढ़ा है। उन्होंने समाज के लोगों से आग्रह किया कि किसी भी संगठन के बारे में मत बनाने से पूर्व उसके कार्यों को स्वयं देखकर और समझकर ही राय बनानी चाहिए। सामाजिक समरसता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का उल्लेख किया तथा कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र एकता, सेवा, परिश्रम और परस्पर सहयोग है। उन्होंने गुरु गोविन्द सिंह, महाराणा प्रताप एवं अन्य महापुरुषों के त्याग और बलिदान का स्मरण करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा संगठन, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की सतत साधना की यात्रा है।   उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना ऐसे समय में हुई थी जब समाज में देश के प्रति निराशा का वातावरण था, किंतु डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रजीवन के पुनर्निर्माण के लिए दैनन्दिन शाखा की कार्यपद्धति के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रस्तुत किया।   उन्होंने कहा कि संघ की दैनन्दिन शाखा स्वयंसेवकों में अनुशासन, संगठन क्षमता, नेतृत्व, सेवा, बंधुता और राष्ट्रभक्ति जैसे असाधारण गुणों का विकास करती है। प्रारम्भ में उपेक्षा और विरोध का सामना करने वाला संघ आज समाज के व्यापक सहयोग और स्वीकार्यता का केंद्र बन चुका है तथा बड़ी संख्या में युवा स्वयं प्रेरणा से संघ के साथ जुड़ना चाहते हैं।   डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में संघ ने विभाजन काल में विस्थापितों की सेवा, गौसंरक्षण आंदोलन, श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन, श्रीराम मंदिर निर्माण, रामसेतु संरक्षण, कोरोना कालीन सेवा कार्यों सहित अनेक राष्ट्रीय अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।   उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, इतिहास, परम्पराएं और राष्ट्रीय चेतना मूलतः एकात्म हैं। इसी आधार पर डॉ. हेडगेवार ने भारत को एक राष्ट्र के रूप में देखने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संघ प्रेरणा से आज 36 से अधिक संगठन समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण के कार्य में सक्रिय हैं। स्वाभिमान, सांस्कृतिक जागरण और सनातन परम्परा के प्रति बढ़ते सम्मान के कारण भारत आज विकास के विभिन्न मानकों पर विश्व में अग्रणी भूमिका की ओर बढ़ रहा है।   समापन समारोह में संघ के क्षेत्रीय एवं प्रान्तीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।  

    कर्मचारी नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ से की भेंट, शिक्षा मंत्री का नकारात्मक रवाया

    शिक्षा मंत्री की तानाशाहीपूर्ण कार्य पद्धति को लेकर की शिकायत जयपुर / राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा एवं अखिल राजस्थान संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रमुख महेंद्र सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की नकारात्मक कार्यपध्दति,तानाशाहीपूर्ण रवैये और शिक्षकों पर दर्ज करवाए गए मुक़दमे को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से भेंट की। संगठन ने ग्रीष्मावकाश कटौती को वापस लेने सहित शिक्षकों की अन्य मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी में प्रजातांत्रिक तरीके से शांतिपूर्वक विशाल शिक्षक रैली का आयोजन किया था,जिसको लेकर शिक्षा मंत्री द्वारा पुलिस पर दबाव डालते हुए सवाईमाधोपुर जिले की भाजपा कार्यकर्ता नारंगी मीणा के मार्फ़त थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ को शिक्षा मंत्री की हठधर्मिता,तानाशाही व नकारात्मक रवैये की वजह से राज्य में शिक्षा, शिक्षार्थियों व शिक्षकों को हो रहे नुकसान से भी अवगत कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षकों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने एवं शिक्षा मंत्री की कार्य पद्धति में सुधार को लेकर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की। संगठन के प्रतिनिधिमंडल में महेंद्र सिंह, सियाराम शर्मा, मुकेश कुमार मीणा, विनोद कुमार मीणा, अमित मीणा आदि पदाधिकारी शामिल थे।

    कर्मचारी नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ से की भेंट

    शिक्षा मंत्री की तानाशाहीपूर्ण कार्य पद्धति को लेकर की शिकायत जयपुर / राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा एवं अखिल राजस्थान संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रमुख महेंद्र सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की नकारात्मक कार्यपध्दति,तानाशाहीपूर्ण रवैये और शिक्षकों पर दर्ज करवाए गए मुक़दमे को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से भेंट की। संगठन ने ग्रीष्मावकाश कटौती को वापस लेने सहित शिक्षकों की अन्य मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी में प्रजातांत्रिक तरीके से शांतिपूर्वक विशाल शिक्षक रैली का आयोजन किया था,जिसको लेकर शिक्षा मंत्री द्वारा पुलिस पर दबाव डालते हुए सवाईमाधोपुर जिले की भाजपा कार्यकर्ता नारंगी मीणा के मार्फ़त थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ को शिक्षा मंत्री की हठधर्मिता,तानाशाही व नकारात्मक रवैये की वजह से राज्य में शिक्षा, शिक्षार्थियों व शिक्षकों को हो रहे नुकसान से भी अवगत कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षकों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने एवं शिक्षा मंत्री की कार्य पद्धति में सुधार को लेकर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की। संगठन के प्रतिनिधिमंडल में महेंद्र सिंह, सियाराम शर्मा, मुकेश कुमार मीणा, विनोद कुमार मीणा, अमित मीणा आदि पदाधिकारी शामिल थे।