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    दिल्ली-एनसीआर में बारिश और आंधी से मिली राहत, भीषण गर्मी के बीच मौसम ने बदला मिजाज

    Yugcharan News / 23 May 2026 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शनिवार सुबह हुई बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत दी। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण दिल्ली-एनसीआर के लोग परेशान थे, लेकिन सुबह अचानक बदले मौसम ने वातावरण को कुछ हद तक ठंडा कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी के कई हिस्सों में हल्की बारिश, धूल भरी आंधी और गरज के साथ बूंदाबांदी दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुई मौसमीय गतिविधियों के कारण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में यह बदलाव देखने को मिला। विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और हवा की दिशा में बदलाव की वजह से कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट दर्ज की गई। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश शनिवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास दर्ज की गई। धूल भरी आंधी के कारण कुछ समय के लिए दृश्यता भी प्रभावित हुई। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में मौसम अचानक बदल गया। सुबह के समय सड़कों पर लोगों को अपेक्षाकृत ठंडा वातावरण देखने को मिला, जबकि पिछले कई दिनों से राजधानी में तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। सोशल मीडिया पर भी दिल्ली की बारिश और ठंडी हवाओं के वीडियो तेजी से साझा किए गए। कई लोगों ने इसे “भीषण गर्मी से राहत” बताया, जबकि कुछ लोगों ने मौसम में इस अचानक बदलाव को सुखद अनुभव कहा। गर्मी से बेहाल थे दिल्ली-एनसीआर के लोग दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र पिछले कई दिनों से गंभीर गर्मी की चपेट में थे। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया गया था। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। विशेष रूप से दोपहर के समय बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। सड़क किनारे काम करने वाले मजदूर, डिलीवरी कर्मचारी, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। कई अस्पतालों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को लगातार पानी पीने, धूप से बचने और दोपहर के समय बाहर कम निकलने की सलाह दी थी। बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग और पानी की खपत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने दी आगे की चेतावनी हालांकि शनिवार सुबह की बारिश से राहत मिली, लेकिन मौसम विभाग ने साफ किया है कि गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। IMD के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान फिर बढ़ सकता है और दिल्ली में हीटवेव जैसी स्थिति दोबारा देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल हवा की दिशा बदलने से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन राजस्थान और थार मरुस्थल की तरफ से गर्म हवाएं दोबारा सक्रिय हो सकती हैं। इसके चलते तापमान एक बार फिर 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि मई के अंतिम सप्ताह तक गर्मी का असर बना रह सकता है। हालांकि जून की शुरुआत में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों ने बताई मौसम बदलने की वजह मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ दिनों तक राजस्थान क्षेत्र से आने वाली शुष्क और गर्म हवाओं के कारण दिल्ली का तापमान तेजी से बढ़ रहा था। लेकिन अब हवा की दिशा बदलने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे बारिश और गरज के साथ मौसम में बदलाव आया। विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह की मौसमी गतिविधियां गर्मी के मौसम में अस्थायी राहत तो देती हैं, लेकिन लंबे समय तक तापमान कम रहने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। लोगों ने ली राहत की सांस सुबह की बारिश के बाद दिल्ली के कई पार्कों, बाजारों और सड़कों पर लोगों को मौसम का आनंद लेते देखा गया। कुछ लोग छतों और बालकनियों से बारिश का नजारा लेते नजर आए, जबकि कई इलाकों में बच्चों को हल्की बारिश में खेलते हुए देखा गया। दफ्तर जाने वाले लोगों ने भी मौसम में आए बदलाव को राहत भरा बताया। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में शनिवार की सुबह अपेक्षाकृत आरामदायक रही। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि गर्मी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को धूप से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। राजधानी में बढ़ती गर्मी चिंता का विषय विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में हर साल बढ़ती गर्मी और लंबे समय तक चलने वाली हीटवेव अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। पर्यावरणीय बदलाव, शहरीकरण, कम होते हरित क्षेत्र और प्रदूषण को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है। हाल के वर्षों में राजधानी में गर्मी के रिकॉर्ड टूटने की घटनाएं बढ़ी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में अत्यधिक गर्मी और अनियमित मौसम की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिसके लिए शहरों को बेहतर तैयारी की जरूरत होगी।   फिलहाल दिल्लीवासियों को शनिवार सुबह की बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी साफ संकेत दे रही है कि गर्मी का दौर अभी समाप्त नहीं हुआ है।

    सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, निवेशकों और खरीदारों की नजर बाजार पर

      Yugcharan News / 23 May 2026 देशभर में सोने की कीमतों में इस सप्ताह लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अंतरराष्ट्रीय तनाव और डॉलर की चाल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी के दाम प्रभावित हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है, जिसके चलते निवेशकों और आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हालिया बाजार आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी ब्रांड्स के अनुसार बदलाव दर्ज किया गया। कई बड़े ज्वेलरी रिटेलर्स ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए अपने रेट्स में संशोधन किया है। वैश्विक हालात का असर भारतीय बाजार पर विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय बाजार में सोने की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं का भी बड़ा प्रभाव पड़ता है। हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ती रुचि ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। जब भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल का सीधा असर भारत के सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिलता है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीतियों को लेकर जारी अटकलों ने भी सोने की कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों की स्थिति पैदा की है। डॉलर मजबूत होने पर अक्सर सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है, जबकि वैश्विक जोखिम बढ़ने पर सोना फिर से मजबूत होता दिखाई देता है। 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड के दामों में बदलाव सर्राफा बाजार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस सप्ताह 22 कैरेट सोने के दाम कई शहरों में लगभग ₹14,600 से ₹14,700 प्रति ग्राम के आसपास बने रहे, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत इससे अधिक दर्ज की गई। हालांकि शहर, टैक्स और मेकिंग चार्ज के आधार पर कीमतों में अंतर देखने को मिला। भारतीय बुलियन एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी दरों में भी विभिन्न कैरेट श्रेणियों के अनुसार बदलाव दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी अंतरराष्ट्रीय हलचल भी भारतीय बाजार में प्रति ग्राम कीमत पर असर डालती है। चांदी की कीमतों में भी तेज हलचल सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी इस सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। बाजार जानकारों का मानना है कि चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग और कमोडिटी बाजार की चाल से ज्यादा प्रभावित होती हैं। कुछ कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि बाद में बाजार में आंशिक सुधार भी देखा गया। निवेशकों का मानना है कि चांदी में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में अधिक देखने को मिलता है। खरीदारों को सतर्क रहने की सलाह विशेषज्ञों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि आभूषण खरीदने से पहले विभिन्न शहरों और ज्वेलरी ब्रांड्स के रेट्स की तुलना जरूर करें। स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्किंग शुल्क के कारण एक ही दिन में अलग-अलग दुकानों पर कीमतों में अंतर हो सकता है। इसके साथ ही ग्राहकों को हॉलमार्क प्रमाणित आभूषण खरीदने और बिल लेना सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई है। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि सोने की बढ़ती कीमतों के बीच नकली या बिना प्रमाणित उत्पादों का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे में केवल विश्वसनीय और अधिकृत विक्रेताओं से खरीदारी करना सुरक्षित माना जाता है। निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है सोना बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कई निवेशक अब भी सोने को दीर्घकालिक सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई के दौर में सोना निवेश पोर्टफोलियो को संतुलित रखने में मदद करता है। हालांकि वित्तीय विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि केवल अल्पकालिक तेजी देखकर निवेश निर्णय नहीं लेने चाहिए। निवेशकों को अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम क्षमता और दीर्घकालिक योजनाओं को ध्यान में रखते हुए ही सोने में निवेश करना चाहिए। ऑनलाइन निवेश मंचों और सोशल मीडिया पर भी हाल के दिनों में सोने की खरीद, एक्सचेंज और निवेश रणनीतियों को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं। कई उपभोक्ताओं ने ज्वेलरी एक्सचेंज, कटौती और मेकिंग चार्ज से जुड़े अपने अनुभव साझा किए हैं। आने वाले दिनों में बनी रह सकती है अस्थिरता बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक घटनाओं से प्रभावित होती रहेंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ता है या डॉलर में बड़ी हलचल होती है, तो भारतीय बाजार में भी कीमतों में बदलाव तेज हो सकता है। इस बीच निवेशकों और खरीदारों की नजर अब आगामी आर्थिक संकेतकों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों पर बनी हुई है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में बाजार काफी संवेदनशील बना हुआ है और कीमतों में रोजाना बदलाव देखने को मिल सकता है।    

    आठ राज बटालियन द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का हुआ सम्पन्न, सभी को मिला पत्र

    एनसीसी वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन 8 राजस्थान बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हो गया। कैंप कमांडेंट कर्नल सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि अलग अलग कॉलेज एवं स्कूल के  इस कैंप में 561 एनसीसी कैडेट ने भाग लिया। इस कैंप में एनसीसी कैडेट को आले दर्जे की ट्रेनिंग प्रदान की गई जिसमें एनसीसी कैडेट्स द्वारा हथियारों से संबंधित ट्रेनिंग, फायरिंग, युद्ध कौशल कला, नेतृत्व प्रतिभा आदि के बारे में प्रशिक्षण हासिल किया। इस कैंप में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के द्वारा भी एनसीसी कैडेट को आपदा के समय किस प्रकार से एनसीसी कैडेट भूमिका निभा सकते है, के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ साथ फायर फाइटिंग टीम के द्वारा भी कैडेट्स को डेमो दिया गया। वर्तमान में महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के बारे में विस्तार से व्याख्यान आयोजित किया गया। इसके अलावा साइबर क्राइम, फूड न्यूट्रीशन, हेल्थ एवं हाइजिन, मेंटल हेल्ट, मेमोरी प्रोग्राम के साथ साथ करे व्याख्यानमाला का आयोजन इस कैंप में करवाया गया। एनसीसी कैडेट द्वारा ट्रेनिंग के साथ साथ शरीरिक गतिविधियों एवं मानसिक गतिविधियों में भाग लिया गया जिसमें टग ऑफ वार, रिले रेस, वॉलीबॉल, बास्केट बॉल, गैलरी गेम, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, वादविवाद प्रतियोगिता आदि प्रकार के अंतर कंपनी प्रतियोगियों का आयोजन इस कैंप के किया गया। कैंप के अंतिम दिन प्रतियोगियों में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स को प्रोत्साहित प्रमाण पत्र प्रदान किये गये एवं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नामित सबसे बड़ी मूंछों वाले राम सिंह चौहान एवं रिटायर्ड डी आई जी राधा वल्लभ पधारे। और उनके द्वारा एनसीसी कैडेट्स एवं कैंप में मौजूद सभी ट्रेनिंग अधिकारियों एवं एनसीसी अधिकारियों का सम्मान कर प्रोत्साहित किया।

    8 राज बटालियन द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का हुआ सम्पन्न, सभी को मिला पत्र

    एनसीसी वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन 8 राजस्थान बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हो गया। कैंप कमांडेंट कर्नल सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि अलग अलग कॉलेज एवं स्कूल के  इस कैंप में 561 एनसीसी कैडेट ने भाग लिया। इस कैंप में एनसीसी कैडेट को आले दर्जे की ट्रेनिंग प्रदान की गई जिसमें एनसीसी कैडेट्स द्वारा हथियारों से संबंधित ट्रेनिंग, फायरिंग, युद्ध कौशल कला, नेतृत्व प्रतिभा आदि के बारे में प्रशिक्षण हासिल किया। इस कैंप में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के द्वारा भी एनसीसी कैडेट को आपदा के समय किस प्रकार से एनसीसी कैडेट भूमिका निभा सकते है, के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ साथ फायर फाइटिंग टीम के द्वारा भी कैडेट्स को डेमो दिया गया। वर्तमान में महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के बारे में विस्तार से व्याख्यान आयोजित किया गया। इसके अलावा साइबर क्राइम, फूड न्यूट्रीशन, हेल्थ एवं हाइजिन, मेंटल हेल्ट, मेमोरी प्रोग्राम के साथ साथ करे व्याख्यानमाला का आयोजन इस कैंप में करवाया गया। एनसीसी कैडेट द्वारा ट्रेनिंग के साथ साथ शरीरिक गतिविधियों एवं मानसिक गतिविधियों में भाग लिया गया जिसमें टग ऑफ वार, रिले रेस, वॉलीबॉल, बास्केट बॉल, गैलरी गेम, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, वादविवाद प्रतियोगिता आदि प्रकार के अंतर कंपनी प्रतियोगियों का आयोजन इस कैंप के किया गया। कैंप के अंतिम दिन प्रतियोगियों में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स को प्रोत्साहित प्रमाण पत्र प्रदान किये गये एवं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नामित सबसे बड़ी मूंछों वाले राम सिंह चौहान एवं रिटायर्ड डी आई जी राधा वल्लभ पधारे। और उनके द्वारा एनसीसी कैडेट्स एवं कैंप में मौजूद सभी ट्रेनिंग अधिकारियों एवं एनसीसी अधिकारियों का सम्मान कर प्रोत्साहित किया।  

    8 राज बटालियन द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का हुआ सम्पन्न

    एनसीसी वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन 8 राजस्थान बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हो गया। कैंप कमांडेंट कर्नल सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि अलग अलग कॉलेज एवं स्कूल के  इस कैंप में 561 एनसीसी कैडेट ने भाग लिया। इस कैंप में एनसीसी कैडेट को आले दर्जे की ट्रेनिंग प्रदान की गई जिसमें एनसीसी कैडेट्स द्वारा हथियारों से संबंधित ट्रेनिंग, फायरिंग, युद्ध कौशल कला, नेतृत्व प्रतिभा आदि के बारे में प्रशिक्षण हासिल किया। इस कैंप में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के द्वारा भी एनसीसी कैडेट को आपदा के समय किस प्रकार से एनसीसी कैडेट भूमिका निभा सकते है, के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ साथ फायर फाइटिंग टीम के द्वारा भी कैडेट्स को डेमो दिया गया। वर्तमान में महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के बारे में विस्तार से व्याख्यान आयोजित किया गया। इसके अलावा साइबर क्राइम, फूड न्यूट्रीशन, हेल्थ एवं हाइजिन, मेंटल हेल्ट, मेमोरी प्रोग्राम के साथ साथ करे व्याख्यानमाला का आयोजन इस कैंप में करवाया गया। एनसीसी कैडेट द्वारा ट्रेनिंग के साथ साथ शरीरिक गतिविधियों एवं मानसिक गतिविधियों में भाग लिया गया जिसमें टग ऑफ वार, रिले रेस, वॉलीबॉल, बास्केट बॉल, गैलरी गेम, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, वादविवाद प्रतियोगिता आदि प्रकार के अंतर कंपनी प्रतियोगियों का आयोजन इस कैंप के किया गया। कैंप के अंतिम दिन प्रतियोगियों में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स को प्रोत्साहित प्रमाण पत्र प्रदान किये गये एवं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नामित सबसे बड़ी मूंछों वाले राम सिंह चौहान एवं रिटायर्ड डी आई जी राधा वल्लभ पधारे। और उनके द्वारा एनसीसी कैडेट्स एवं कैंप में मौजूद सभी ट्रेनिंग अधिकारियों एवं एनसीसी अधिकारियों का सम्मान कर प्रोत्साहित किया।  

    स्टूडेंट्स की कम्युनिकेशन स्किल्स और क्रिएटिविटी को निखारने के लिए लिट कार्निवल का आयोजन

    -यूथ की क्रिएटिविटी को मिला नया मंच: जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी -'ऐड मैड शो' और 'जैम' सेशन में दिखा स्टूडेंट्स का टैलेंट जयपुर, युवाओं के अंदर छिपी अभिव्यक्ति को एक नया और खुला मंच देते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज (एसएचएसएस) के इंग्लिश डिपार्टमेंट और क्रिएटिविटी सेल ने मिलकर 'लिट कार्निवल 2026' का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य इंटरैक्टिव एक्टिविटीज़ और वर्कशॉप्स के ज़रिए स्टूडेंट्स में कम्युनिकेशन स्किल्स, साहित्यिक समझ और कॉन्फिडेंस को बढ़ाना था। अपने इंटरैक्टिव सेशन में, चीफ़ गैस्ट डॉ. पवनदीप कौर बिंद्रा (क्निकल, बिहेवियरल और सेबी स्मार्ट ट्रेनर) ने इमोशनल इंटेलिजेंस, अलग-अलग पीढ़ियों के बीच संवाद और पर्सनल ग्रोथ पर स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया। साथ ही, युवाओं की रचनात्मकता को और निखारने के लिए सौमित्र सोमेंदर (एडिटोरियल फेलो, वर्ड्स विदाउट बॉर्डर्स व रिसर्च एसोसिएट, चिल सब्स) ने 'क्रॉफ्टिंग पोयम्स' पर वर्कशॉप ली। उन्होंने पोएट्री और क्रिएटिव राइटिंग की बारीकियों के साथ-साथ स्टूडेंट्स को कैथरीन वैगनर के "सिक्स एस" (स्पीड, साउंड, सिंटेक्स, सरप्राइज़, सेंस, स्पेस) के कॉन्सेप्ट से भी रूबरू कराया। इसी कड़ी में, डॉ. रश्मि शर्मा (एडमिशन स्ट्रेटेजिस्ट) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर रोशनी डालते हुए यूथ को निरंतर नया सीखने के लिए प्रेरित किया। और डॉ. रुचिदा बर्मन (हैड ऑफ़ डिपार्टमेंट- इंग्लिश) ने स्टेज फ़ियर को दूर कर अपनी बात को स्पष्टता से रखने के टिप्स दिए। कार्निवल में कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें 'जस्ट अ मिनट' सेशन काफी खास रहा। जहाँ छात्रों ने परीक्षा के दबाव, सामाजिक जिम्मेदारी और टाइम ट्रैवल जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही 'ऐड मैड शो' में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम और मालवीय कॉन्वेंट स्कूल के स्टूडेंट्स ने सस्टेनेबिलिटी, बायोडिग्रेडेबल उत्पादों और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर अपने रचनात्मक विज्ञापन पेश किए। इवेंट का समापन प्राइज़ डिस्ट्रीब्यूशन के साथ हुआ। कार्निवल में प्रोफ़. सुनील कुमार मिश्रा (डीन- एसएचएसएस), प्रोफ़. नरेंद्र कौशिक (डीन- जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट) के साथ अन्य सीनियर प्रोफेसर्स और फैकल्टी मेंबर्स भी मौज़ूद रहे।  

    स्टूडेंट्स की कम्युनिकेशन स्किल्स और क्रिएटिविटी को निखारने के लिए ‘लिट कार्निवल’ का आयोजन

    -यूथ की क्रिएटिविटी को मिला नया मंच: जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी -'ऐड मैड शो' और 'जैम' सेशन में दिखा स्टूडेंट्स का टैलेंट जयपुर, युवाओं के अंदर छिपी अभिव्यक्ति को एक नया और खुला मंच देते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज (एसएचएसएस) के इंग्लिश डिपार्टमेंट और क्रिएटिविटी सेल ने मिलकर 'लिट कार्निवल 2026' का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य इंटरैक्टिव एक्टिविटीज़ और वर्कशॉप्स के ज़रिए स्टूडेंट्स में कम्युनिकेशन स्किल्स, साहित्यिक समझ और कॉन्फिडेंस को बढ़ाना था। अपने इंटरैक्टिव सेशन में, चीफ़ गैस्ट डॉ. पवनदीप कौर बिंद्रा (क्निकल, बिहेवियरल और सेबी स्मार्ट ट्रेनर) ने इमोशनल इंटेलिजेंस, अलग-अलग पीढ़ियों के बीच संवाद और पर्सनल ग्रोथ पर स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया। साथ ही, युवाओं की रचनात्मकता को और निखारने के लिए सौमित्र सोमेंदर (एडिटोरियल फेलो, वर्ड्स विदाउट बॉर्डर्स व रिसर्च एसोसिएट, चिल सब्स) ने 'क्रॉफ्टिंग पोयम्स' पर वर्कशॉप ली। उन्होंने पोएट्री और क्रिएटिव राइटिंग की बारीकियों के साथ-साथ स्टूडेंट्स को कैथरीन वैगनर के "सिक्स एस" (स्पीड, साउंड, सिंटेक्स, सरप्राइज़, सेंस, स्पेस) के कॉन्सेप्ट से भी रूबरू कराया। इसी कड़ी में, डॉ. रश्मि शर्मा (एडमिशन स्ट्रेटेजिस्ट) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर रोशनी डालते हुए यूथ को निरंतर नया सीखने के लिए प्रेरित किया। और डॉ. रुचिदा बर्मन (हैड ऑफ़ डिपार्टमेंट- इंग्लिश) ने स्टेज फ़ियर को दूर कर अपनी बात को स्पष्टता से रखने के टिप्स दिए। कार्निवल में कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें 'जस्ट अ मिनट' सेशन काफी खास रहा। जहाँ छात्रों ने परीक्षा के दबाव, सामाजिक जिम्मेदारी और टाइम ट्रैवल जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही 'ऐड मैड शो' में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम और मालवीय कॉन्वेंट स्कूल के स्टूडेंट्स ने सस्टेनेबिलिटी, बायोडिग्रेडेबल उत्पादों और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर अपने रचनात्मक विज्ञापन पेश किए। इवेंट का समापन प्राइज़ डिस्ट्रीब्यूशन के साथ हुआ। कार्निवल में प्रोफ़. सुनील कुमार मिश्रा (डीन- एसएचएसएस), प्रोफ़. नरेंद्र कौशिक (डीन- जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट) के साथ अन्य सीनियर प्रोफेसर्स और फैकल्टी मेंबर्स भी मौज़ूद रहे।  

    तीन दिवसीय बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण आउटरीच कार्यक्रम का प्रतिवेदन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के बेसिक लाइफ सपोर्ट सेंटर द्वारा गैर महाविद्यालयी छात्राओं हेतु तीन दिवसीय “बेसिक लाइफ सपोर्ट (ठस्ै) प्रशिक्षण आउटरीच कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एम्स, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाएजेशन, सत्यम और परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभग के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गैर महाविद्यालय छात्राओं को आपातकालीन चिकित्सा सहायता एवं जीवन रक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सी.पी.आर. (ब्च्त्), प्राथमिक उपचार, सड़क दुर्घटनाओं के समय त्वरित सहायता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में उचित प्रतिक्रिया देने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ सरला शर्मा, डॉ. दीपा चौहान, डॉ आयुषी सोरल और डॉ. रेणु शक्तावत द्वारा किया गया। प्रशिक्षकों ने प्रदर्शन एवं व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ प्रशिक्षण में सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर सहयोगी संस्थाओं द्वारा आयोजित पोस्ट-ट्रेनिंग परीक्षण में प्रतिभागियों ने भाग लिया। परीक्षण में सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कुल 85 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सीमा अग्रवाल ने उपस्थित प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्हें प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में जागरूकता एवं सेवा भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में बेसिक लाइफ सपोर्ट सेंटर की संयोजिका डॉ. सरला शर्मा द्वारा प्रशिक्षकों, प्रशिक्षुओं एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।  

    वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए अगले सप्ताह खुलेगा पोर्टल

    -5 जून को जयपुर से रवाना होगी सोमनाथ के लिए विशेष ट्रेन -देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक जयपुर। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27' के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। बुधवार को शासन सचिवालय में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में इसके लिए अगले सप्ताह से 15 दिनों के लिए विभागीय पोर्टल खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष योजना के तहत कुल 56,000 वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा कराई जाएगी, जिसमें 50,000 को ट्रेन और 6,000 को हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बजट में की गई घोषणाओं की समयबद्ध क्रियान्विति पर चर्चा की गई। इसके साथ ही “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा” के अंतर्गत 5 जून-2026 को जयपुर से रवाना होने वाली विशेष धार्मिक पर्यटक ट्रेन की तैयारियों की समीक्षा की गई। यह ट्रेन जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से दोपहर करीब 3 बजे दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। प्रदेशभर के लगभग 1000 वरिष्ठजन द्वारका, नागेश्वर और सोमनाथ के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन से जाएंगे। इस विशेष ट्रेन में जयपुर के अलावा अजमेर व आबू रोड स्टेशन से भी वरिष्ठजन सवार होंगे। उन्होंने बताया कि अजमेर और आबू रोड स्टेशन पर करीब 20 मिनट का ठहराव रहेगा, जहां यात्रियों की बोर्डिंग और अन्य व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी। 6 जून को सुबह करीब 11:30 बजे ट्रेन सोमनाथ पहुंचेगी। यहां यात्रियों को होटल में ठहराया जाएगा। विश्राम के बाद स्थानीय धार्मिक और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। 7 जून को सोमनाथ के शेष दर्शनीय स्थलों के दर्शन करवाने के बाद रात करीब 11:30 बजे ट्रेन द्वारका के लिए रवाना होगी। 8 जून को सुबह करीब 6 बजे द्वारका पहुंचने पर यात्रियों को होटल ट्रांसफर और विश्राम की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद द्वारकाधीश मंदिर सहित स्थानीय धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। 9 जून को दिनभर भ्रमण कार्यक्रम के बाद शाम करीब 6 बजे विशेष ट्रेन जयपुर के लिए रवाना होगी। 10 जून को शाम करीब 4 बजे ट्रेन जयपुर पहुंचेगी। वापसी के दौरान अजमेर और आबू रोड स्टेशन पर भी यात्रियों के उतरने की व्यवस्था रहेगी। मंत्री कुमावत ने बताया कि ट्रेन में कुल 14 वातानुकूलित कोच, 2 पावर कार और 1 पैंट्री कार लगाई जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, होटल में ठहरने, स्थानीय परिवहन और दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की पूरी व्यवस्था देवस्थान विभाग की ओर से की जाएगी। देवस्थान विभाग ने तीर्थयात्रियों की पूरी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। ट्रेन में एक ट्रेन प्रभारी, प्रत्येक कोच में दो अनुदेशक, साथ ही एक डॉक्टर और दो नर्सिंग कर्मचारी तैनात रहेंगे। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि हमारी राजस्थान सरकार प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और उनकी आध्यात्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी ने बजट में जो घोषणाएं की हैं, उन्हें धरातल पर उतारना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।इस साल 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27' के तहत हम 56,000 बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अगले सप्ताह जब पोर्टल 15 दिनों के लिए खुले, तो ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बिल्कुल सरल हो ताकि हमारे बुजुर्गों को कोई परेशानी न आए।  कुमावत ने यह भी निर्देश दिए की आगामी 5 जून को जयपुर से गुजरात (सोमनाथ, द्वारका और नागेश्वर) के लिए विशेष ट्रेन रवाना हो रही है। इस यात्रा के दौरान बुजुर्गों की सुरक्षा, भोजन, चिकित्सा और ठहरने के इंतजाम विश्वस्तरीय होने चाहिए। देवस्थान विभाग और आईआरसीटीसी (IRCTC) के अधिकारी आपस में बेहतर समन्वय बैठाकर काम करें। हमारे बुजुर्गों को सफर में घर जैसा माहौल और सम्मान मिलना चाहिए। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" मंत्री ने सभी अधिकारियों को यात्रा व्यवस्थाओं को त्रुटिहीन और आरामदायक बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मंदिरों के जीर्णोद्धार, सिंधू दर्शन योजना, देवस्थान विभाग के कैडर रिव्यू व नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी मंत्री कुमावत ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं, ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन के कार्य की गति बढाने, लंबित कोर्ट केसेज का त्वरित गति से निपटारा करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इस बैठक में देवस्थान विभाग की शासन सचिव श्रीमती शुचि त्यागी, अतिरिक्त आयुक्त गितेश मालवीय, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त, जयपुर प्रथम रतनलाल योगी, जयपुर द्वितीय महेंद्र देवतवाल, सहित प्रदेशभर के सहायक आयुक्त वर्चुअल माध्यम से जुड़े।