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    नशा मुक्ति एवं ‘माय भारत’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित

    जयपुर, कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा ‘नशा मुक्ति एवं माय भारत’ विषय पर युवाओं में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रमेश वर्मा, आईएएस, निदेशक, एनएसएस मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर नरेन्द्र गुप्ता, एस.एन.ओ., गोविन्द शरण शर्मा, जिला समन्वयक, दिनेश गुप्ता, सांख्यिकी अधिकारी तथा करिश्मा टांक, क्षेत्रीय निदेशालय युवा अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने वनमहोत्सव को प्रोत्साहित करते हुए स्वयंसेविकाओं को पर्यावरण संरक्षण तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। नशा मुक्ति एवं ‘माय भारत’ विषय पर उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार एवं समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि माय भारत तभी सशक्त एवं विकसित बनेगा, जब देश का युवा स्वस्थ, शिक्षित एवं नशामुक्त होगा। उन्होंने छात्राओं को नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर नरेन्द्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त युवा भारत अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति देश और समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ही स्वस्थ लोकतंत्र और सशक्त समाज का निर्माण संभव है तथा प्रधानमंत्री के नशामुक्त भारत के स्वप्न को साकार किया जा सकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश वर्मा, आईएएस ने कहा कि प्रधानमंत्री की नशामुक्ति मुहिम से हम सभी को जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से नशा छोड़ चुके लोगों की प्रेरणादायक कहानियां साझा कर अन्य लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ना केवल एक कार्यक्रम का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत भी हो सकती है। मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्वयंसेविकाओं एवं कार्यक्रम अधिकारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की निर्देशिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के क्रम में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा वनमहोत्सव के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य एवं अतिथियों द्वारा पौधारोपण किया गया। छात्राओं को पौधे वितरित करते हुए उनकी नियमित देखभाल करने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आंचल पुरी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी गुप्ता, डॉ. हर्षा शर्मा एवं चारुल शर्मा की सक्रिय भूमिका रही।  

    "BizCatalyst'26-A National level बिज़नेस आइडिया प्रतियोगिता” का सफल आयोजन, विद्यार्थियों में दिखाई प्रतिभा

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर केे सेंटर फोर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट एवं इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) द्वारा दिनांक 17 अगस्त, 2026 से 19 अगस्त 2026 तक "BizCatalyst'26-A National level बिज़नेस आइडिया प्रतियोगिता" का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 13 राष्ट्रीय स्तरीय महाविद्यालयों के लगभग 50 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने नवीन व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। प्रमुख आइडियाज़ में AssetX, Kitcomp, Savera Sudio, Mumwell, Refitly सहित कई सृजनात्मक एवं व्यावहारिक योजनाएँ सम्मिलित रहीं। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायकों में कोमल जोशी, इन्क्यूबेशन मेनेजर, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, जयपुर एवं सौरभ गौतम, सीईओ, ACIC, VGU Foundation, VGU, जयपुर शामिल रहे। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें व्यवसायिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए। ममवेल (नई माताओं के लिए प्रसव के बाद की देखभाल), किटकॉम्प (ऑर्गेनिक किचन वेस्ट के निपटान का छोटा समाधान), सूक्ष्म शक्ति (मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों की शक्ति का इस्तेमाल करने वाला टिकाऊ खेती का समाधान), रिफिटली (AI-पावर्ड स्मार्ट वॉर्डरोब) जैसे बिज़नेस आइडिया ने निर्णायक एवं वहां मौजूद सभी प्रतिभागियों को प्रभावित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमशीलता की भावना को सशक्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार- स्टार्टअप ममवेल (जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेनेजमेंट, जयपुर) ने प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार- स्टार्टअप किटकॉम्प (कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर), तृतीय पुरस्कार- स्टार्टअप बीपोट (गवर्नमेंट शाकम्भर पी.जी. कॉलेज, सांभर लेक) एवं सांत्वना पुरस्कार स्टार्टअप- असेट एक्स (आई.आई.एस. यूनिवर्सिटी, जयपुर) ने प्राप्त किया। महाविद्यालय की सेंटर फोर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट एवं इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल का उद्देश्य इस तरह की रचनात्मक एवं नवीनात्मक गतिविधियाँ करवाना एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।

    "BizCatalyst'26-A National level बिज़नेस आइडिया प्रतियोगिता” का सफल आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर केे सेंटर फोर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट एवं इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) द्वारा दिनांक 17 अगस्त, 2026 से 19 अगस्त 2026 तक "BizCatalyst'26-A National level बिज़नेस आइडिया प्रतियोगिता" का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 13 राष्ट्रीय स्तरीय महाविद्यालयों के लगभग 50 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने नवीन व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। प्रमुख आइडियाज़ में AssetX, Kitcomp, Savera Sudio, Mumwell, Refitly सहित कई सृजनात्मक एवं व्यावहारिक योजनाएँ सम्मिलित रहीं। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायकों में कोमल जोशी, इन्क्यूबेशन मेनेजर, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, जयपुर एवं सौरभ गौतम, सीईओ, ACIC, VGU Foundation, VGU, जयपुर शामिल रहे। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें व्यवसायिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए। ममवेल (नई माताओं के लिए प्रसव के बाद की देखभाल), किटकॉम्प (ऑर्गेनिक किचन वेस्ट के निपटान का छोटा समाधान), सूक्ष्म शक्ति (मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों की शक्ति का इस्तेमाल करने वाला टिकाऊ खेती का समाधान), रिफिटली (AI-पावर्ड स्मार्ट वॉर्डरोब) जैसे बिज़नेस आइडिया ने निर्णायक एवं वहां मौजूद सभी प्रतिभागियों को प्रभावित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमशीलता की भावना को सशक्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार- स्टार्टअप ममवेल (जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेनेजमेंट, जयपुर) ने प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार- स्टार्टअप किटकॉम्प (कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर), तृतीय पुरस्कार- स्टार्टअप बीपोट (गवर्नमेंट शाकम्भर पी.जी. कॉलेज, सांभर लेक) एवं सांत्वना पुरस्कार स्टार्टअप- असेट एक्स (आई.आई.एस. यूनिवर्सिटी, जयपुर) ने प्राप्त किया। महाविद्यालय की सेंटर फोर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट एवं इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल का उद्देश्य इस तरह की रचनात्मक एवं नवीनात्मक गतिविधियाँ करवाना एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।

    एमजीडी गर्ल्स स्कूल में इंटर-हाउस खेलकूद प्रतियोगिता शुरू, मैदान में छात्राओं ने दिखाया दमखम

    महारानी गायत्री देवी (एमजीडी) गर्ल्स स्कूल में बुधवार को वार्षिक इंटर-हाउस खेलकूद प्रतियोगिता 2026-27 का विधिवत आगाज़ हुआ। उद्घाटन समारोह में विद्यालय की निदेशिका श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया ने छात्राओं को खेल भावना और अनुशासन के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों ने खेल मर्यादा और टीम भावना की शपथ ली। प्रतियोगिता के पहले दिन विभिन्न मैदानों पर कड़े और रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। खो-खो और क्रिकेट में फ्लोरेंस नाइटिंगेल व मैडम क्यूरी हाउस ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर बढ़त बनाई, जबकि थ्रोबॉल में मैडम क्यूरी और फ्लोरेंस नाइटिंगेल हाउस विजयी रहे। 6-ए-साइड हॉकी के मुकाबलों में हेलेन केलर और सरोजिनी नायडू हाउस ने बाजी मारी। वहीं बास्केटबॉल और टेनिस स्पर्धाओं में मैडम क्यूरी व सरोजिनी नायडू हाउस की टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। इसके अतिरिक्त टेबल टेनिस, बैडमिंटन, ताइक्वांडो और शतरंज के शुरुआती मुकाबले भी पूरे उत्साह के साथ खेले गए। टूर्नामेंट के दूसरे दिन टेनिस और टेबल टेनिस के फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।  

    एसआईईएमएटी की कार्ययोजना को प्रभावी बनाने पर मंथन, साक्षरता से शिक्षा और कौशल से रोजगार की दिशा में बढ़ेगा कदम

    जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में बुधवार को शिक्षा संकुल में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (एसआईईएमएटी) की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, शैक्षिक क्षमता-वर्धन तथा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान की मार्गदर्शिका के अनुरूप एसआईईएमएटी की आगामी गतिविधियों को आवश्यकता आधारित एवं परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शैक्षिक नेतृत्व, नेतृत्व कौशल, विद्यालय आधारभूत संरचना, संसाधन जुटाना, लैंगिक संवेदनशीलता एवं आदर्श विद्यालय वातावरण जैसे विषयों को शामिल करने पर चर्चा हुई। विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण, मानसिक स्वास्थ्य एवं सामाजिक-भावनात्मक अधिगम को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करने की रूपरेखा पर भी विचार किया गया। ओटीएस के सहयोग से डिजिटल सामग्री विकसित कर प्रशिक्षणों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से समृद्ध करने पर जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत वर्ष 2026-27 में 35 लाख शिक्षार्थियों को साक्षर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 19 अगस्त तक 28.67 लाख, अर्थात 81.90 प्रतिशत शिक्षार्थियों का सर्वे किया जा चुका है। शेष लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा संबल ऐप के माध्यम से प्रभावी निगरानी, बी.एड., डी.एल.एड., स्काउट-गाइड तथा एनसीसी/एनएसएस विद्यार्थियों को स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में जोड़ने तथा उन्हें ऑनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए पृथक कार्ययोजना तैयार करने, राजकीय विद्यालयों के कक्षों का आवश्यकता अनुसार उपयोग तथा उपलब्ध बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने गत वर्ष साक्षर हुए लगभग 35 लाख व्यक्तियों में पात्र शिक्षार्थियों को राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल, जयपुर के माध्यम से कक्षा 10वीं एवं 12वीं की शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। इस पहल को ‘साक्षरता से शिक्षा, शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। 10वीं एवं 12वीं में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को पुनः परीक्षा, नामांकन, परीक्षा कार्यक्रम एवं शुल्क संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के लिए उनके एसएसओ पहचान-पत्र, एसएमएस एवं व्हाट्सऐप के माध्यम से सूचना देने पर जोर दिया गया। साथ ही राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए प्रेरित करने हेतु प्रेरक वीडियो एवं सफलता की कहानियों का प्रसार करने के निर्देश दिए गए। अन्य राज्यों के साथ समन्वय कर वहां स्कूली शिक्षा से वंचित शिक्षार्थियों को भी राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल से जोड़ने के प्रयास करने के निर्देश दिए गए। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की सचिव डॉ. अरुणा शर्मा ने पात्र शिक्षार्थियों तक प्रभावी पहुंच बनाकर उन्हें शिक्षा की निरंतरता के लिए प्रेरित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने की बात कही।  

    प्रख्यात फोटोग्राफर डॉ. आशा शर्मा ने छात्राओं को दिया हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, सैकड़ों छात्राओं ने की सहभागिता

    विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फोटोग्राफी कार्यशाला एवं ‘आनंदम्’ फोटो प्रतियोगिता आयोजित जयपुर। ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय कन्या महाविद्यालय, गंगापोल, जयपुर में विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के फोटोग्राफी क्लब के तत्वावधान में फोटोग्राफी कार्यशाला एवं ‘आनंदम्–आनंद का अनुभव’ विषय पर फोटो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के चित्र पर माल्यार्पण एवं मुख्य वक्ता के पुष्प स्वागत के साथ हुआ। कार्यशाला की मुख्य वक्ता डॉ. आशा शर्मा, प्रख्यात फोटोग्राफर एवं प्राणीशास्त्री ने छात्राओं को फोटोग्राफी की विभिन्न तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने फ्रेमिंग, कम्पोजिशन, प्रकाश, कैमरा एंगल, विषय चयन तथा फोटोग्राफी के बारीकियों को समझाते हुए छात्राओं को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया। छात्राओं ने व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रभावी एवं रचनात्मक फोटोग्राफी की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमन्त पारीक ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में वेल्यू एडेड कोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ रचनात्मकता, संवेदनशीलता, व्यावहारिक कौशल एवं जीवनोपयोगी अनुभवों से जोड़ते हैं। इसी क्रम में ‘आनंदम्’ विषय के अंतर्गत फोटो प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने आनंद, सकारात्मकता, संवेदना और जीवन के प्रेरणादायी क्षणों को अभिव्यक्त करती अपनी मौलिक तस्वीरें प्रस्तुत कीं। प्रतियोगिता के परिणाम अगले दिन घोषित किए जाएंगे। कार्यक्रम का संयोजन काॅलेज के फोटोग्राफी क्लब के मुख्य समन्वयक डॉ. बचन सिंह ने किया। डॉ. राजकुमार बैरवा ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा श्रीमती चेतना सहल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. निधि माथुर, श्रीमती अनीता कटारा, डॉ. दिलीप पंवार एवं डॉ. सरिता शर्मा ने भी फोटोग्राफी के महत्व एवं उसकी उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम ने छात्राओं को यह समझने का अवसर दिया कि फोटोग्राफी केवल किसी दृश्य को कैमरे में कैद करने की तकनीक नहीं, बल्कि अवलोकन, संवेदना, रचनात्मक अभिव्यक्ति और किसी क्षण की कहानी को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की कला भी है।  

    महाराजा कॉलेज को मिली पहली महिला प्रिन्सिपल

    182 साल पुराने प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी महाराजा कॉलेज ने इतिहास रच दिया है। कॉलेज के लगभग दो सदियों के गौरवशाली सफर में अब पहली बार एक महिला प्रिन्सिपल ने पद संभाला है। प्रोफेसर सरीना कालिया ने महाराजा कॉलेज की 58वीं प्रधानाचार्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी ग्रहण की है। कॉलेज के संस्थापक प्रथम प्रिन्सिपल पंडित श्योदीन से शुरू होकर आज तक कुल 57 प्रिन्सिपल रहे हैं, लेकिन प्रोफेसर कालिया पहली ऐसी महिला हैं जिन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान का नेतृत्व संभाला है। प्रोफेसर सरीना कालिया कई वर्षों से महाराजा और महारानी कॉलेज से जुड़ी रही हैं और छात्रों में बेहद लोकप्रिय हैं। वे पहले महाराजा व महारानी कॉलेज की उप-प्रिन्सिपल रह चुकी हैं और अपने उप-प्रिन्सिपल में भूगोल की शिक्षा, कॉलेज प्रशासन में योगदान तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रशंसा प्राप्त कर चुकी हैं। साथ ही दो बार अधिष्ठाता छात्र कल्याण का पदभार भी संभाल चुकी हैं। छात्र संगठन और शिक्षक समुदाय दोनों उनकी कार्यशैली व समर्पण की सराहना करते रहे हैं। महाराजा कॉलेज के नए नेतृत्व के रूप में प्रोफेसर कालिया के सामने कई चुनौतियाँ होंगी — शैक्षणिक स्तर में सुधार करना और नियमित कक्षाएँ सुनिश्चित करना प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा, साथ ही अवसंरचना विकास, शोध और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समन्वय जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण होंगे। लेकिन उनके पिछले अनुभव और छात्र-समाज के साथ घनिष्ठ जुड़ाव यह संकेत देते हैं कि वे इन चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं।  

    देशभर के 54 म्यूचुअल फण्ड संगठनों की कमान इंदौर के राजेश कूलवाल को

    मुंबई/इंदौर। मुंबई में होटल सहारा स्टार में गत दिनों आयोजित म्यूचुअल फण्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन कोऑर्डिनेशन ग्रुप (MACG) के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर की 54 म्यूचुअल फण्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स संस्थाओं ने इंदौर के वरिष्ठ म्यूचुअल फण्ड वितरक राजेश कूलवाल को सर्वसम्मति से अखिल भारतीय अध्यक्ष निर्वाचित किया। सम्मेलन के दूसरे दिन SEBI के कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार, AMFI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकट एन. चलसानी सहित 40 से अधिक म्यूचुअल फण्ड कंपनियों के CEO एवं CAMS, KFin Technologies, BSE, NSE और MFU जैसी प्रमुख संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग के भविष्य, निवेशक जागरूकता, डिजिटल नवाचार और वितरण व्यवस्था को सशक्त बनाने पर विचार साझा किए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश कूलवाल ने कहा कि MACG देशभर के म्यूचुअल फण्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स को एक सशक्त राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हुए निवेशक हित, वित्तीय साक्षरता और उद्योग के संतुलित विकास के लिए नियामकों एवं एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के साथ रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाएगा। इंदौर के प्रतिनिधि को राष्ट्रीय नेतृत्व मिलने पर सीएआईटी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता, मध्यप्रदेश के वित्तीय सलाहकारों एवं म्यूचुअल फण्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। इसके साथ ही अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता ( तुंगा वाले), अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजीव कट्टा, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा पत्रिका के मुख्य संपादक राम निरंजन खुटेटा, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर रमेश कुमार रावत, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय युवा सयोजक शरद फरसोईया सहित अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, राजनंद गाव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, आजीवन सदस्यों ने खुशी व्यक्त करते हुए राजेश कूलवाल के उज्जवल भविष्य की कामना की है एवं उन्हें शुभकामना प्रेषित की है!  

    मुरलीपुरा के शिव हनुमान मंदिर में गलता तीर्थ से कांवड़ लाकर किया जलाभिषेक

    जयपुर। आर्यनगर मुरलीपुरा स्थित शिव हनुमान मंदिर में सावन माह के पावन अवसर पर आर्यनगर मुरलीपुरा स्थित शिव हनुमान मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। सावन की धार्मिक परंपरा के तहत श्रद्धालुओं ने गलता तीर्थ से कांवड़ में पवित्र जल लाकर भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने गलता तीर्थ से पवित्र जल लेकर धार्मिक आस्था के साथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित किया। जलाभिषेक के साथ भगवान शिव की पूजा आरती एवं विशेष प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि स्वास्थ्य एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर एवं विकास समिति के अध्यक्ष सुरेश वर्मा ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व है। कांवड़ यात्रा हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गलता तीर्थ से कांवड़ के माध्यम से पवित्र जल लाकर भगवान शिव को अर्पित करना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का विशेष अवसर है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से हमारी परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचती हैं और समाज में आपसी भाईचारा एकता एवं सद्भाव की भावना मजबूत होती है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पंचामृत एवं पवित्र जल से अभिषेक कर बेलपत्र पुष्प धतूरा एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। इसके बाद भगवान शिव की आरती की गई। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान शिव का स्मरण करते हुए सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।  

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर में मनाया गया हरियाली तीज उत्सव

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर में हरियाली तीज उत्सव बड़े हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन ई-ब्लॉक में किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. रजनी माथुर, डीन, स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज एवं आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर द्वारा तैयार की गई। उन्होंने कार्यक्रम में सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, समानता एवं सामाजिक सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया। कार्यक्रम के दौरान गायन एवं नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों एवं लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत करते हुए तीज के रंग को और भी जीवंत बना दिया। विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से उत्सव का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर हरियाली तीज क्वीन का चयन भी किया गया। श्रीमती राधा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उनकी सरलता, सकारात्मक सोच तथा सभी समुदायों में खुशी और सौहार्द फैलाने की भावना के लिए “तीज क्वीन” चुना गया। यह सम्मान विश्वविद्यालय में समानता, सम्मान एवं समावेशिता की भावना को प्रोत्साहित करने वाला प्रेरणादायक कदम रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने सभी को हरियाली तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विश्वविद्यालय परिवार को एकजुट करने के साथ-साथ हमारी समृद्ध भारतीय परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए आपसी प्रेम, सद्भाव एवं खुशी के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संदेश में सभी को तीज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरियाली तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, उमंग, सौंदर्य, प्रेम एवं सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने श्रीमती राधा को तीज क्वीन चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनका चयन विश्वविद्यालय में प्रत्येक वर्ग के सम्मान और समान अवसर की भावना को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गीत-संगीत एवं नृत्य के माध्यम से उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में एकता, समानता, खुशी और भाईचारे का सुंदर संदेश दिया। हरियाली तीज उत्सव ने सभी के मन में उमंग एवं प्रसन्नता का संचार करते हुए विश्वविद्यालय परिवार को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का सफल प्रयास किया।  

    सुकृति आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब द्वारा राखी एवं हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी का आयोजन

    कानोडिया पी.जी. महिला महाविद्यालय के सुकृति आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब द्वारा दो दिवसीय राखी एवं हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी का शुभारम्भ दिनांक 17 अगस्त, 2026 को किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मकता, प्रतिभा एवं उद्यमिता की भावना को मंच प्रदान करना था। प्रदर्शनी में कुल 25 स्टॉल लगाए गए, जिनमें 50 उत्साही छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्राओं द्वारा हाथ से बनी राखियां, क्रोशिया के फूल, लड्डू गोपाल की पोशाक, कपकेक, कुकीज़ तथा विभिन्न आकर्षक हस्तशिल्प वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। इन उत्पादों में छात्राओं की कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल, मेहनत एवं नवाचार की स्पष्ट झलक दिखाई दी। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने छात्राओं एवं क्लब के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्राओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ व्यावहारिक एवं उद्यमिता संबंधी कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं। महाविद्यालय की उप प्राचार्य डॉ. रंजुला जैन, डॉ. मनीषा माथुर एवं डॉ. रंजना अग्रवाल ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। क्लब की संयोजिका डॉ. विष्णुप्रिया टेमाणी ने बताया कि सुकृति आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब का उद्देश्य छात्राओं को अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता प्रदर्शित करने, बुनियादी उद्यमिता कौशल सीखने तथा कला और सृजनशीलता के माध्यम से रक्षाबंधन की भावना को उत्साहपूर्वक मनाने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में नई छात्राओं ने भी पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। प्रदर्शनी के सफल संचालन में क्लब की सदस्य डॉ. साक्षी शर्मा, डॉ. मेधा बाबेल, डॉ. भारती गोधवानी एवं डॉ. मनीषा खिंची का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह प्रदर्शनी छात्राओं के लिए केवल अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच ही नहीं, बल्कि रचनात्मकता को उद्यमिता से जोड़ने और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का एक सार्थक प्रयास भी रही।

    जीपीईएम विभाग के इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन

    गारमेंट प्रोडक्शन एंड एक्सपोर्ट मैनेजमेंट (जीपीईएम) विभाग द्वारा कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में दिनांक 17 अगस्त, 2026 को विभागीय इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 32 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने की। उन्होंने बताया कि जीपीईएम जैसे तकनीकी विषय युवा छात्राओं को उद्यमिता के क्षेत्र में तत्काल बढ़त प्रदान करते हैं। गृह विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. रिचा चतुर्वेदी ने छात्राओं को जीपीईएम विषय की बहुआयामी प्रकृति के बारे में संबोधित किया। डॉ. सुरभि माथुर के सक्रिय मार्गदर्शन एवं संरक्षण में समर्पित जीपीईएम विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने पूरे ओरिएंटेशन कार्यक्रम को व्यवस्थित करने, समन्वय स्थापित करने और सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।