Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    Long Island City

    -0.79°C

    Stormy
    4.12 km/h
    60%
    0.2h

    Latest

    राजस्थान विश्वविद्यालय: नीतू यादव को भूगोल विषय में मिली पीएच.डी. की उपाधि

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने सोशल साइंस फैकल्टी के भूगोल (Geography) विभाग की शोध छात्रा नीतू यादव को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि के लिए योग्य घोषित करते हुए प्रोविज़नल सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। ​नीतू यादव ने विश्वविद्यालय के जियोग्राफी विभाग के प्रो. आर. एन. शर्मा के निर्देशन में अपना शोध कार्य पूरा किया है। उनके शोध का मुख्य विषय "शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र में सूखा नियोजन तथा प्रबंधन - एक भौगोलिक अध्ययन" था।

    स्वरोत्सव' 26 का आयोजन किया गया

    विश्वविद्यालय राजस्थान महाविद्यालय में व्यंजना सोसाइटी द्वारा विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष में स्वरोत्सव' 26 का आयोजन किया गया। "हम भारत के लोग: नादब्रम्ह से नवभारत तक" विषय पर आधारित इस कार्यक्रम के अंतर्गत अंतर महाविद्यालय शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता में संगीत के साधक विद्यार्थीयों द्वारा मल्हार, भूपाली, मालकौंस एवं मालश्री जैसी विभिन्न रागों का गायन किया गया। संयोजिका डॉ. मीना रानी ने बताया कि उत्सव में संगीत विभाग ,राजस्थान विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. आरती भट्ट तैलंग मुख्य अतिथि रहीं। प्री लोक मंथन, जयपुर 2026 के अंतर्गत इस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि प्रज्ञा प्रवाह राजस्थान के क्षेत्र संयोजक कमलेश विद्यार्थी रहे। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. विनोद कुमार शर्मा ने विद्यार्थीयों को कर्तव्य बोध कराया। प्रतियोगिता में साहिल कट्टा प्रथम, राघवी मेवाल द्वितीय एवं भारती कुमारी तृतीय स्थान पर विजेता रहीं। विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन नायक कार्यक्रम समन्वयक रहे। छात्र समन्वयक वैभव पाटनेचा ने बताया की शास्त्रीय संगीत को आम-जन तक पहुँचाने एवं भारतीय परंपरा को सहेजकर रखने की दृष्टि से स्वरोत्सव जैसे कार्यक्रम होना महत्वपूर्ण हैं।  

    प्रतिष्ठित न्यूरो सर्जन डॉ. वी.डी. सिन्हा बने AASNS के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष

    जयपुर। राजधानी जयपुर के नाम एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि दर्ज हुई है। देश के विख्यात और वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. वी.डी. सिन्हा को 'एशियन-ऑस्ट्रेलियन सोसाइटी ऑफ न्यूरोलॉजिकल सर्जन्स' (एएएसएनएस) का अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। यह गौरव हासिल करने वाले डॉ. सिन्हा भारत के पहले न्यूरो सर्जन हैं, जो कि अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं जो कि महासचिव व न्यूरो ट्रोमा सोसाइटी के चैयरमैन भी रह चुके हैं। उनकी इस वैश्विक कामयाबी से देश और प्रदेश के चिकित्सा जगत में हर्ष की लहर है। दुनिया के सबसे बड़े कॉन्टिनेंटल संगठन में निर्विरोध चयन यह ऐतिहासिक निर्णय फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित एएएसएनएस की इंटरनेशनल मीटिंग के दौरान लिया गया। विश्व के इस सबसे बड़े कॉन्टिनेंटल न्यूरोसर्जिकल संगठन के द्विवार्षिक चुनाव में डॉ. सिन्हा की साख और योग्यता को देखते हुए उन्हें सर्वसम्मति (निर्विरोध) से अध्यक्ष चुना गया। अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले डॉ. सिन्हा इस प्रतिष्ठित संस्था के महासचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वैश्विक मंचों पर मजबूत दखल डॉ. वी.डी. सिन्हा का न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत बड़ा योगदान रहा है। वे इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण वैश्विक पदों को सुशोभित कर चुके हैं। वे 'वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजिकल सोसाइटीज' (डब्ल्यूएफएनएस) के सैकंड वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं। 'वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजिकल सोसाइटीज' की 'न्यूरोरिहैबिलिटेशन और पुनर्निर्माण न्यूरोसर्जरी कमेटी' के डॉ. वीडी सिन्हा अध्यक्ष भी हैं। एसएमएस से एसडीएमएच तक का शानदार सफर डॉ. सिन्हा ने राजस्थान में न्यूरोसर्जरी की आधुनिक तकनीकों और इलाज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। वे जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में लंबे समय तक आचार्य (प्रोफेसर) के पद पर रहे और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में डॉ. सिन्हा जयपुर के प्रसिद्ध संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल (एसडीएमएच) में न्यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में मरीजों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सा जगत के लिए बड़ा संदेश चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. सिन्हा का इस शीर्ष अंतरराष्ट्रीय पद पर पहुंचना भारत में न्यूरोसर्जरी के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। इससे न केवल भारतीय डॉक्टरों का वैश्विक मंचों पर प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में नए शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।  

    पीटीईटी परीक्षा 2026 का रिजल्ट घोषित

    भरतपुर के कार्तिक व चुरू के जयप्रकाश अव्वल उदयपुर के मनोज दूसरे व नागौर के युवराज रहे तीसरे स्थान पर उपमुख्यमंत्री बैरवा बोले, वीएमओयू के कुलगुरू प्रो वर्मा और उनकी टीम को बधाई कुलगुरू प्रो वर्मा ने उच्चशिक्षा मंत्री का जताया आभार जल्द शुरू होगी कालेजों के लिए काउंसलिंग जयपुर/कोटा। राज्य के 944 बीएड कालेजों में प्रवेश के लिए वर्धमान महावीर खुला विवि द्वारा आयोजित पीटीईटी परीक्षा 2026 का परीक्षा परिणाम गुरूवार को जयपुर में घोषित किया गया। इस बार प्रथम स्थान पर भरतपुर के कार्तिक कुमार गर्ग और चुरू के जयप्रकाश बिस्सू रहे, दोनों को 600 में से 509 अंक मिले। दूसरे स्थान पर उदयपुर के मनोज नागदा रहे जिन्हें 600 में से 508 अंक मिले और तृतीय स्थान पर नागौर के युवराज रहे जिन्हें 600 में से 507 अंक मिले। सभी टापर बच्चों से परिणाम घोषणा करने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री डा प्रेमचंद बैरवा ने मोबाइल पर वार्ता की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर डा बैरवा ने कहा कि मात्र 10 दिनों के अंदर परीक्षा परिणाम निकाल देने का अनूठा कार्य वीएमओयू ने किया हैं इसके लिए खुला विवि के कुलगुरू प्रो बीएल वर्मा और उनकी टीम बधाई की पात्र है। डा बैरवा ने कहा आज का अवसर युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा देने वाला है और ये उनके जीवन का एक नया द्वारा खोलने वाला है। भविष्य में ये सभी युवा शिक्षक बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे। डा बैरवा ने कहा कि सभी भावी शिक्षक अपने बच्चों को संस्कारवान बनाएंगे जिससे देश आगे बढ़ सकेगा। कुलगुरू प्रो बीएल वर्मा ने राज्य सरकार, उपमुख्यमंत्री महोदय डा बैरवा समेत परीक्षा कार्य में लगे सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और जिलों के अधिकारियों व पुलिस कर्मियों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि हमारे उपमुख्यमंत्री डा बैरवा उच्चशिक्षा को समर्पित हैं और एनईपी 2020 को बढ़ावा देने के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं, यही वजह है कि आज सभी उच्चशिक्षा संस्थानों को एक नई उर्जा मिल रही है। प्रो वर्मा ने कहा कि डा बैरवा वंचितों को उच्चशिक्षा देने के मामले में सबसे आगे हैं। प्रो वर्मा ने पीटीईटी 2026 परीक्षा की संपूर्ण जानकारी प्रदान की और बताया कि किस तरीके से शुचितापूर्ण और अनुशासन से परीक्षा का सफल आयोजन संभव हुआ। उन्होंने बताया कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जल्द ही काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परिणाम की घोषणा के वक्त पीटीईटी समन्वयक प्रो क्षमता चौधरी, डा संदीप हुडा, डा अकबर अली समेत विवि के अधिकारी, कर्मचारी व मीडियाकर्मी मौजूद रहे।  

    राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल का कक्षा 10वीं एवं 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी

    — शिक्षामंत्री ने टॉपर्स को फोन पर दी बधाई जयपुर। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल का ऑन डिमांड (मार्च-मई 2026) कक्षा 10वीं एवं 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने आरएसओएस के 'माधव सभागार' में स्ट्रीम-1 एवं पूरक विद्यार्थियों का परिणाम जारी किया। शिक्षामंत्री ने 12वीं में टॉपर रहे झुंझुनूं के अभ्यर्थी करण चनेजा और 10वीं की अभ्यर्थी सोनू रेगर को राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर फोन कर बधाई दी। 10वीं और 12वीं में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों (महिला एवं पुरुष वर्ग) को 21 हजार रुपए और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 11 हजार रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को 5100 रुपए की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। इस अवसर पर आरएसओएस निदेशक महेंद्र कुमार खींची, विशेषाधिकारी बी.के.गुप्ता, सचिव डॉ.अरूणा शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कक्षा 10वीं एवं 12वीं मार्च-मई 2026 का परीक्षा परिणाम कार्यालय की वेबसाइट https://rsosadmission.rajasthan.gov.in/rsos पर देखा जा सकता है। समस्या समाधान के लिए जारी होगा व्हाट्सएप नंबर — छात्रों की समस्या निवारण एवं जिज्ञासा समाधान हेतु आरएसओएस का एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया जाएगा, जिससे विद्या​र्थी आरएसओएस से जुड़कर आसान समाधान प्राप्त कर सकेंगे। आवेदन पत्रों में निरस्तीकरण के संबंध में भी प्रश्न पूछे जा सकेंगे।  

    पशुपालकों के कल्याण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की

    जयपुर । राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को पशुपालन निदेशालय में विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में मंत्री ने पशुपालकों के कल्याण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से 'मुख्यमंत्री मंगला बीमा योजना' और 'सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी पात्र पशुपालकों को इस बीमा योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए। पशुओं के बीमा क्लेम की प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि संकट के समय पशुपालकों को आर्थिक संबल मिल सके। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन तकनीक का प्रसार: उन्नत नस्ल की बछड़ियों के जन्म को बढ़ावा देने वाली सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना को जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू करने के निर्देश दिए। इस तकनीक से राज्य में उच्च दुग्ध क्षमता वाली गायों की संख्या बढ़ेगी, जिससे पशुपालकों की आय में सीधे तौर पर वृद्धि होगी। मंत्री ने अधिकारियों को इस योजना के तहत दिए गए लक्ष्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए पाबंद किया। विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार और मॉनिटरिंग सख्त निगरानी: विभागीय योजनाओं की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक सुदृढ़ सिस्टम बनाने को कहा गया। अधिकारियों को हिदायत: कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें।बैठक के अंत में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार पशुपालकों और गोपालकों के आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक सुरेश मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे।  

    Market Readiness, Quality Management and Enterprise Development विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

    इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल, एक्सेस डेवेलपमेंट सर्विसेज एवं अमृतांश फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में दिनांक 24 एवं 25 जून, 2026 को Market Readiness, Quality Management and Enterprise Development विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम दिन का शुभारम्भ महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत भाषण से हुआ। प्रथम सत्र के वक्ता मुकेश गुप्ता (हैलो किसान) ने ‘उद्यमिता विकास एवं अवसर’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि उद्यमिता विकास के लिए कौशल विकास एवं नवाचार का होना आवश्यक है।  आनंद मणि त्रिपाठी (आर्याव्रत ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड) ने ‘बाजार संपर्क एवं व्यापारिक अवसर’ विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने लक्ष्य दर्शकों की पहचान, मूल्य प्रस्ताव एवं लागत का स्पष्टीकरण और प्रतिस्पर्धी विश्लेषण को सबसे महत्वपूर्ण बताया। महाविद्यालय के नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर के सफल उद्यमी नंदिनी गट्टानी एवं गुनगुन कौर ने अपने स्टार्टअप यात्रा का वर्णन किया एवं अपनी यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों को कैसे अवसरों में परिवर्तित किया, के बारे में बताया। संजीता ढ़ाका ने value chain में FPOs एवं महिला उद्यमियों की भूमिका पर प्रकाश डाला एवं शंकर यादव, संस्थापक, नव भूमिका मानव विकास संस्थान, ने स्टार्टअप योजनाओं एवं नीतियों के बारे में अवगत कराया। पहले दिन के अंतिम सत्र में अमृतांश फाउंडेशन के संस्थापक श्रीमान आनंद मणि शुक्ला ने स्टोरेज एवं शेल्फ लाइफ मैनेजमेंट व पैकेजिंग के बारे में जानकारी दी एवं सफल उद्यमी बनने के लिए जरूरी गुण बताए। उन्होंने घर से ही वर्मीकम्पोस्टिंग के द्वारा किस प्रकार जैविक उत्पाद तैयार कर सकते है, का प्रशिक्षण दिया तथा उत्पादन में नवाचार एवं विपणन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। प्रशिक्षण के दूसरे दिन महाविद्यालय की सहायक आचार्य एवं इनोवेशन एम्बेसडर, डॉ. विष्णु प्रिया टेमानी ने लागत एवं मूल्य निर्धारण, स्टॉक प्रबंधन एवं रोकड़ बही प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने व्यवसाय में वास्तविक लागत के आंकलन हेतु आवश्यक तत्वों पर प्रकाश डाला एवं लागत नियत्रंण करते हुए लाभ में वृद्धि करने को सबसे महत्वपूर्ण कारक बताया। डॉ. ऋचा चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान, ने उत्पाद पैकेजिंग, लेबलिंग एवं गुणवत्ता के मापदंडों के बारे में बताया एवं डॉ. रचना गोस्वामी ने भारतीय मानक ब्यूरो के द्वारा प्रदान किए गए मानक एवं प्रमाणन की जानकारी दी। प्रशिक्षण में सहभागी ग्रामीण क्षेत्रों की उद्यमी महिलाओं ने अपने व्यवसाय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। महाविद्यालय के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल अध्यक्ष डॉ. प्रियंका खुराना ने ई-कॉमर्स एवं सोशल मीडिया मार्केटिंग के विकल्पों पर प्रकाश डाला एवं उत्पादों को बेचने के साथ-साथ उन्हें अच्छे से ब्रांडिंग करके सोशल मीडिया के जरिए विपणन करने का एक आसान एवं लागत प्रभावी विकल्प बताया। प्रशिक्षण के समापन सत्र में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने महिलाओं के विकास में आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही प्रतिभागियों को महाविद्यालय के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल एवं नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर के विभिन्न स्रोतों का लाभ उठाते हुए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 45 ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया एवं स्वरोजगार उद्यम कौशल की महत्वपूर्ण एवं प्रभावी जानकारी प्राप्त की।

    अशैक्षणिक कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के टीचिंग-लर्निंग सेंटर द्वारा अशैक्षणिक कर्मचारियों के लिए बुधवार से सात दिवसीय (24 जून से 30 जून, 2026) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ‘‘आत्मविश्वास और कार्यकुशलता“ विषय पर आधारित विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के अशैक्षणिक कर्मचारियों को डिजिटल उपकरणों के प्रभावी उपयोग व कार्यस्थल पर पारस्परिक संचार कौशल के लिये प्रशिक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण दो समूहों में दिया जा रहा है, जिससे वे अपने कार्यक्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का दक्षतापूर्वक उपयोग कर सकेंगे। कार्यक्रम के पहले दिन कंप्यूटर विभाग की प्रध्यापिका दीपा चौहान ने समूह एक को एआई के उपयोग से समय बचाते हुये कार्यकुशलता बढ़ाने के प्रयोग बताये। समूह दो को साइबर स्मार्ट बनने के लिये अपने डेटा को सुरक्षित रखने व डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिये विभिन्न प्लेटफार्म की जानकारी दी। इस आयोजन में कुल 35 अशैक्षणिक कर्मचारी उत्साहपूर्वक भाग लेकर नई तकनीकों के बारे में सीखा।    

    जीवदया और सेवा की अनूठी मिसाल : भामाशाह ने बनवाया आधुनिक पक्षीघर

    -पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने किया उद्घाटन सुमेरपुर। पशुपालन विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने विधानसभा क्षेत्र के बसंत ग्राम में एक समारोह के दौरान फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर पक्षीघर व नंदी गोशाला को आमजन और मूक प्राणियों के लिए समर्पित किया। भामाशाह भवरी देवी धर्म पत्नी बिहारी लाल राजपुरोहित द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत करवाए गए इस निर्माण कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। यह पक्षीघर आधुनिक सुविधाओं से लैस है जहां पक्षियों के दाने-पानी और रहने की उत्तम व्यवस्था की गई है। वहीं नंदी गोशाला में बेसहारा नंदियों के रखरखाव और चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की गई है। 'ऐसे पुनीत कार्य दिखाते हैं परोपकार का मार्ग' समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा, इस आधुनिक पक्षीघर और गोशाला का निर्माण स्थानीय भामाशाह (दानदाता) के सहयोग से करवाया गया है, जो क्षेत्र में मूक पक्षियों और बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि "जीवदया, सेवा और पर्यावरण संरक्षण की भावना से निर्मित यह पक्षीघर एवं नंदी गोशाला न केवल मूक प्राणियों के संरक्षण का श्रेष्ठ उदाहरण है, बल्कि समाज को करुणा, संवेदनशीलता और सेवा संस्कार का प्रेरक संदेश भी देता है। उन्होंने भामाशाह के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे पुनीत कार्य समाज को सेवा, परोपकार और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का मार्ग दिखाते हैं। भारतीय संस्कृति में जीवदया को सर्वोपरि माना गया है और जब समाज के समृद्ध लोग इस तरह के कार्यों के लिए आगे आते हैं, तो सरकार के प्रयासों को भी बल मिलता है। गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम के दौरान पूनम सिंह परमार जिला उपाध्यक्ष, ओम सिंह, हुकम सिंह, शंकर सिंह राजपुरोहित, पन्ना लाल माली सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने भाग लिया। समारोह में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और भामाशाह का भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया।  

    सिंदरू में बनी हाईटैक नर्सरी का मंत्री जोराराम कुमावत ने किया निरीक्षण

    मानसून में रियायती दर पर मिलेंगे एक लाख पौधे सुमेरपुर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंदरू में नव-स्थापित हाईटैक नर्सरी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नर्सरी की आधुनिक सुविधाओं और वहां तैयार हो रहे पौधों का बारीकी से जायजा लिया। दो दशक पुराना जर्जर ढांचा अब बना आधुनिक केंद्र निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमावत ने बताया कि वन विभाग की यह नर्सरी पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से बेहद जर्जर और खस्ताहाल स्थिति में पड़ी थी। क्षेत्र के पर्यावरण और विकास को ध्यान में रखते हुए इस जगह का पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। अब इसे एक अत्याधुनिक हाईटैक नर्सरी के रूप में विकसित कर दिया गया है। मंत्री ने नर्सरी में करवाए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि करीब ₹80 लाख के बजट से इस पूरी नर्सरी को आधुनिक रूप दिया गया है। नर्सरी में अत्याधुनिक पॉली हाउस, पक्के बैड, लेबर शेड और पानी के लिए फार्म पौंड (खेत तलाई) का निर्माण किया गया है। स्थानीय स्तर पर पौधों की भारी मांग और आवश्यकता को देखते हुए नर्सरी का दायरा तीन गुना बढ़ा दिया गया है। पहले यह नर्सरी सिर्फ 1 हेक्टेयर में फैली थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 हेक्टेयर कर दिया गया है।   आधुनिक तकनीक से तैयार हो रहे पौधे  कुमावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र को हरा-भरा बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आगामी मानसून सत्र के दौरान इस हाईटैक नर्सरी से स्थानीय ग्रामीणों को बेहद रियायती दरों पर नीम, शहतूत, देशी बबूल, जामुन, बेर व अमलताश की विभिन्न प्रकार की उन्नत प्रजातियों के लगभग एक लाख पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री ने नर्सरी के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पौधों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। पॉली हाउस में हाईटैक तकनीक से तैयार ये पौधे कम पानी में भी बेहतर विकास कर सकेंगे, जिससे क्षेत्र के किसानों और आमजन को वृक्षारोपण अभियान में सीधे तौर पर मदद मिलेगी। सिंदरू में इस स्तर की नर्सरी की स्थापना और मानसून में बड़े पैमाने पर सस्ते पौधे मिलने की खबर से स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस हाईटैक नर्सरी के शुरू होने से अब स्थानीय स्तर पर ही किसानों और आम जनता को उन्नत किस्म के पौधे आसानी से मिल सकेंगे।  

    पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने ब्यावर से किया लम्पी टीकाकरण अभियान के द्वितीय चरण का राज्य स्तरीय शुभारम्भ

    लम्पी रोग से बचाव हेतु प्रदेशभर में चलेगा व्यापक टीकाकरण अभियान ब्यावर। गोवंश को लम्पी स्किन डिजीज (LSD) से सुरक्षित रखने हेतु राज्य स्तरीय टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ बुधवार को सायं 5 बजे तिजारती सर्राफान चैम्बर गौशाला, ब्यावर में राजस्थान सरकार के पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत के करकमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंत्री कुमावत ने पशुपालकों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार द्वारा पशुधन संरक्षण एवं पशुपालकों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा लम्पी रोग से बचाव के लिए टीकाकरण को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व लम्पी रोग के लिए पृथक वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण गोट पॉक्स वैक्सीन का उपयोग किया गया था, जिससे पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई। अब लम्पी रोग के लिए विशेष वैक्सीन उपलब्ध होने से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने गौशालाओं में प्राथमिकता से टीकाकरण कराने पर बल देते हुए कहा कि इससे अधिक संख्या में गोवंशीय पशुओं को शीघ्रता से सुरक्षित किया जा सकेगा।   राज्य में वर्ष 2025-26 के दौरान 108.95 लाख गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया गया था। वर्ष 2026-27 के लिए 111.51 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं ब्यावर जिले में वर्ष 2026-27 के दौरान 1,23,936 गोवंशीय पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के अंतर्गत होमोलॉगस रांची स्ट्रेन लाइव एटेन्यूएटेड वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है।   ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि लम्पी स्किन डिजीज (LSD) टीकाकरण अभियान के राज्य स्तरीय शुभारंभ का ब्यावर से होना जिले के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए भारत माता, धरती माता और गौ माता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।   विधायक श्री रावत ने गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में नई गौशालाओं के संचालन एवं विस्तार की आवश्यकता पर बल देते हुए अपनी मांग प्रमुखता से रखी।   पशुपालन विभाग राजस्थान के निदेशक डॉ. सुरेश चन्द मीणा ने कहा कि विभाग राज्य सरकार की मंशानुसार सभी योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल तक पहुंचाने तथा विभागीय लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए प्रतिबद्ध है।   अतिरिक्त निदेशक (क्षेत्र), पशुपालन विभाग अजमेर डॉ. नवीन परिहार ने बताया कि लम्पी स्किन डिजीज एक संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्य रूप से गोवंशीय पशुओं को प्रभावित करता है। रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर निःशुल्क टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है।   उन्होंने बताया कि अजमेर संभाग की समस्त गौशालाओं में गौवंश का प्राथमिकता से टीकाकरण सुनिश्चित करने हेतु सभी जिला संयुक्त निदेशकों एवं उपनिदेशकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही कृत्रिम गर्भाधान कार्य से जुड़े कार्मिकों के कौशल विकास हेतु गौशालाओं में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने के लिए माननीय मंत्री महोदय से आग्रह किया गया।   कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग के 11 पशु परिचर, 38 पशु धन निरीक्षक, 16 अधिकारियो द्वारा गौशाला में मौजूद 773 गोवंशीय पशुओं (272 नर एवं 501 मादा) का एक ही दिन में टीकाकरण किया गया।   कार्यक्रम के उपरांत गौशाला परिसर में अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।   कार्यक्रम में स्थानीय विधायक शंकर सिंह रावत, नरेश कनोजिया, पूर्व सभापति नगर परिषद् ब्यावर, पशुपालन विभाग राजस्थान के निदेशक डॉ. सुरेश चन्द मीणा, अतिरिक्त निदेशक (क्षेत्र) अजमेर डॉ. नवीन परिहार, अतिरिक्त जिला कलक्टर बह्मा लाल जाट सहित पशुपालन विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, गौशाला अध्यक्ष, गौशाला संचालक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

    पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत गुरुवार को करेंगे लंपी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण अभियान का शुभारंभ

    अभियान के तहत गौवंशीय पशुओं का किया जाएगा टीकाकरण जयपुर। पशुपालन, गोपालन और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत कल बुधवार को ब्यावर जिले के तिजारती सर्राफान गौशाला से लंपी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान का आरंभ गोशाला परिसर में शाम पांच बजे किया जाएगा। दो महीने तक चलने वाले इस अभियान में गौवंशीय पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार पशुओं के कल्याण के प्रति समर्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लंपी रोग पशुओं के लिए एक जानलेवा संक्रामक रोग है। इससे मुख्य रूप से गोवंश प्रभावित होते हैं और पशुपालकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। प्रदेश पूर्व में इस रोग का दंश झेल चुका है। इसलिए अब इस रोग से बचाव के लिए एहतियात के रूप में सरकार ने लंपी रोग को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें से टीकाकरण और जागरूकता अभियान मुख्य हैं। टीकाकरण इस रोग से बचाव का एक प्रमुख हथियार है इसलिए राज्य सरकार ने पशुओं के टीकाकरण पर जोर दिया है और कल से प्रदेश में दो महीने का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है जिससे रोग के प्रसार को समय रहते रोका जा सके। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में लंपी रोग के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।  कुमावत ने कहा कि लंपी स्किन डिजीज रोग के नियंत्रण तथा रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स और दिशानिर्देशों के अनुसार टीकाकरण कार्य सम्पादित किया जाएगा। पिछले दो वर्षों में चलाए गए टीकाकरण अभियान के तहत राज्य की लगभग 95 प्रतिशत गौवंश का टीकाकरण किया गया जिससे रोग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और गौवंश की हानि लगभग नही ंके बराबर हुई थी। वर्ष 2025-26 में 108.95 लाख गौवंश पशुओं का टीकाकरण किया गया। विभाग के निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना ने कहा कि इस रोग के सर्वेक्षण, निदान और नियंत्रण के लिए आवश्यक तैयारियां तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर टीकाकरण के लिए माइक्रोलेवल प्लानिंग तैयार करने के लिए विभाग द्वारा पूर्व में ही दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं और जिले की माइक्रोलेवल कार्ययोजना के अनुरूप संस्थाओं को उनके कार्य क्षेत्र में अवस्थित गौवंश पशुओं की संख्या के अनुसार टीकाकरण के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार राज्य में पहली बार लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन होमोलोगुस रांची स्ट्रेन का उपयोग किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा अब लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन को मान्यता देने तथा इसके उपयोग को अनुमत किए जाने के कारण इस बार राज्य में लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन के रांची स्ट्रेन का उपयोग करते हुए गौवंशीय पशुओं में टीकाकरण किया जाएगा।