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    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित युवा पीढ़ी स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाए : डॉ. प्रेम सुराणा

    जयपुर। रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सीतापुरा, जयपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों को योग के महत्व, उसके शारीरिक एवं मानसिक लाभों तथा स्वस्थ जीवनशैली में उसकी उपयोगिता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. प्रेम सुराणा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित दिनचर्या और बढ़ते मानसिक दबाव के बीच योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से एकाग्रता, आत्मविश्वास, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा सकारात्मक सोच का विकास होता है। कार्यक्रम में डॉ. ताराचंद ने अपने संदेश में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और सशक्त युवा पीढ़ी के निर्माण का संदेश है। विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय योग, प्राणायाम और ध्यान के लिए निकालना चाहिए, जिससे वे शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से मजबूत बन सकें। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ताड़ासन, वज्रासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों/प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को योग के वैज्ञानिक लाभों, तनाव प्रबंधन, शारीरिक लचीलापन, मानसिक शांति और अनुशासित जीवनशैली के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने “करें योग, रहें निरोग” का संदेश देते हुए नियमित योगाभ्यास करने का संकल्प लिया। कॉलेज परिवार ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।  

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित हुआ सात दिवसीय योग एवं प्राणायाम शिविर

    भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार तथा स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका में योग संगम-2026 के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर सात दिवसीय योग एवं प्राणायाम शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में योगाचार्य डॉ. रामादेव राम अलारिया ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने सभी को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन प्रदान करता है। वर्तमान जीवनशैली में योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संदेश में कहा कि हम सभी को प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए समर्पित कर निरोगी, ऊर्जावान एवं प्रसन्न जीवन का आनंद लेना चाहिए। योग न केवल रोगों से बचाव का माध्यम है, बल्कि यह सकारात्मक एवं अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है। उन्नत भारत अभियान के विश्वविद्यालय समन्वयक नरेश अरोड़ा ने बताया कि पूर्व में भी मंत्रालय के निर्देशानुसार फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल अभियान के अंतर्गत 14 जून को योग एवं फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में स्वास्थ्य, फिटनेस तथा नियमित शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। एन.एस.एस. प्रभारी यश यादव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 14 जून से 21 जून तक विश्वविद्यालय में योग सप्ताह मनाया गया, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन योग, प्राणायाम, ध्यान एवं विभिन्न फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। उन्होंने बताया कि योग सप्ताह में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नियमित योग करने का संकल्प लिया।  

    योग से निरोगी जीवन की ओर” — रीजनल कॉलेज, सीतापुरा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग एवं प्राणायाम शिविर आयोजित

    जयपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर रीजनल कॉलेज, सीतापुरा, जयपुर में योग एवं प्राणायाम शिविर का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाने का संकल्प लिया। शिविर में सरकार द्वारा प्रशिक्षित योगाचार्य डॉ. अशोक सिंह शेखावत ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव को कम करता है, एकाग्रता बढ़ाता है तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने में सहायक होता है। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना ने अपने संदेश में कहा कि “योग भारत की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का आधार है। विद्यार्थियों एवं युवाओं को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।” वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि “योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक बनाने की एक वैज्ञानिक जीवनशैली है। नियमित योग से व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनता है।” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग के वैश्विक प्रसार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी बढ़ती लोकप्रियता पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के सतत प्रयासों से भारत की यह प्राचीन जीवन-पद्धति आज विश्वभर में स्वास्थ्य, संतुलन और कल्याण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए समर्पित कर निरोगी, ऊर्जावान एवं प्रसन्न जीवन जीने का आह्वान किया गया। योग शिविर ने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों में स्वास्थ्य जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति नई प्रेरणा का संचार किया।  

    नरेन्द्र कुमार दोतोलिया को मिली विद्यावारिधि (पीएच.डी.) उपाधि

    जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के व्याकरण विभाग द्वारा नरेन्द्र कुमार दोतोलिया को विद्यावारिधि (पीएच.डी.) उपाधि प्रदान की गई है। नरेन्द्र कुमार दोतोलिया स्वर्गीय शंकरलाल दोतोलिया के पुत्र एवं ग्राम बिलोंची निवासी हैं। दोतोलिया ने व्याकरण विभाग में “पाणिनीयशिक्षायाः ऋक्प्रातिशाख्यदिशा समीक्षात्मकमध्ययनम्” विषय पर अपना शोधकार्य पूर्ण किया। यह शोधकार्य वैदिक एवं पाणिनीय व्याकरण परंपरा के महत्वपूर्ण पक्षों का समीक्षात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। उन्होंने यह शोधकार्य सेठ श्री सूरजमल तापडिया आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, जसवन्तगढ़ प्राचार्य डॉ. हेमन्तकृष्ण मिश्र के निर्देशन में सम्पन्न किया। शोधप्रबंध की मौखिकी परीक्षा बाह्य परीक्ष प्रो. विष्णुकांत पाण्डेय ने मौखिकी परीक्षा सम्पन्न कराई, जिसके उपरांत विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें विद्यावारिधि (पीएच.डी.) उपाधि प्रदान की गई। उपाधि प्राप्त होने पर दोतोलिया ने विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मदन मोहन झा, अनुसंधान निदेशक डॉ. राजधर मिश्र, विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप जोशी, शोध निर्देशक डॉ. हेमन्तकृष्ण मिश्र सहित अपने गुरुजनों एवं परिवारजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने स्वर्गीय पिता, माता, दादा-दादी तथा समस्त परिजनों और गुरुजनों के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शकों के सतत सहयोग को दिया। उल्लेखनीय है कि नरेन्द्र कुमार दोतोलिया वर्तमान में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में जनसम्पर्क अधिकारी (PRO) के पद पर कार्यरत हैं। इस अवसर पर डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. स्नेहलता शर्मा, डॉ. मधुबाला शर्मा, डॉ. कुलदीप सिंह पालावत, डॉ. नारायण होसमने, डॉ. गेह प्रदीप शर्मा तथा नरेश सिंह सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। दोतोलिया की इस शैक्षणिक उपलब्धि पर शिक्षा, संस्कृत एवं साहित्य जगत से जुड़े विद्वानों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।  

    नेतरा को मिली तीन सड़कों की सौगात: कैबिनेट मंत्री कुमावत का किया अभिनंदन

    सुमेरपुर। सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नेतरा में विकास की नई इबारत लिखी गई है। क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण सड़कों की वित्तीय स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह है। इस ऐतिहासिक सौगात के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक और पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत का पलक-पावड़े बिछाकर भव्य स्वागत किया। साढ़े चार करोड़ की लागत से चमकेगी राह गांव के प्रबुद्ध नागरिक व बालोतरा प्रभारी करण सिंह राजपुरोहित नेतरा के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मान समारोह में ग्रामीणों ने मंत्री कुमावत को साफा बांधा और फूलमालाओं से लाद दिया। ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री के प्रयासों से कुल 455 लाख (4.55 करोड़) रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। इसके तहत 135 लाख रुपए की लागत से नेतरा से पराखिया तक सड़क बनेगी। इसके अलावा 275 लाख रुपए का भारी-भरकम बजट पराखिया से बिरोलिया तक की सड़क के लिए स्वीकृत हुआ। वहीं, 45 लाख रुपए की लागत से नेतरा से वराही माता मंदिर तक सड़क का निर्माण होने से इसकी राह आसान होगी ।   श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी कैबिनेट मंत्री कुमावत ने कहा कि प्रसिद्ध वराही माता मंदिर में धार्मिक आयोजनों के दौरान हजारों श्रद्धालु आते हैं। खराब रास्तों के कारण उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। ग्रामीणों की इस जायज और लंबे समय से लंबित मांग को उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री श्रीमती दिया कुमारी के समक्ष प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत बजट जारी कर दिया। मंत्री ने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह में ये रहे मौजूद इस गौरवमयी क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में जनसमूह उमड़ा। कार्यक्रम में प्रदेश प्रतिनिधि सदस्य करण सिंह राजपुरोहित नेतरा, नरपत सिंह राजपुरोहित, शेषमल राजपुरोहित, जिला कार्यालय सह मंत्री लक्ष्मण सिंह राजपुरोहित, उपसरपंच जगदीश सिंह राजपुरोहित सहित नेतरा गांव के अनेक जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध जन और आम नागरिक मौजूद रहे।  

    कर्मचारियो द्वारा मुख्यमंत्री आवास पर पदोन्नति हेतू 2 वर्ष की छूट में शर्त लगाने का विरोध किया

    जयपुर। समस्त विभागों के अधीनस्थ मंत्रालयिक कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास पहुंच कर बजट घोषणा के क्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी पदोन्नति हेतु 2 वर्ष की छूट की प्रेस विज्ञप्ति में पिछले 3 वर्ष में छूट लेकर पदोन्नत होने वाले कर्मचारियों को वंचित रखने की शर्त का विरोध किया एवं वित्तीय वर्ष में 2023-24 में छूट लेकर पदोन्नत हुए कर्मचारियों को भी शिथिलता प्रदान करें जिससे हजारों कर्मचारी लाभान्वित हो सके। पीडब्ल्यूडी अध्यक्ष गगन बाज्या ने बताया कि निरंतर उच्च अधिकारियों एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया है । अगर कर्मचारियों की मांग नहीं मानी गई और शिथिलता नहीं दी गई तो शीघ्र राजस्थान स्तर पर एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।    

    योग अभ्यास का कार्यक्रम आयोजित

    12 वे अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस के उपलक्ष्य मे कानोड़िया पी जी महिला महाविद्यालय, जयपुर में 21 जून, 2026 को योग अभ्यास का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं सहित शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने योग का दैनिक जीवन मे महत्व समझाते हुए यह बताया कि दिनांक 15 से 21 जून, 2026 तक छात्राओं के लिए 7 दिवसीय निःशुल्क योग कार्यशाला का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। योग के उद्देश्यों को ध्यान मे रखते हुए नवाचार की दृष्टि से वेलनेस उत्पाद विचार नामक प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। योग का संपूर्ण अभ्यास एवं कार्यशाला योगिनी सीमा शर्मा के मार्गदर्शन मे क्रियान्वित हुई ।  

    पाली में योगमय हुई सुबह : कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने किया योगाभ्यास

    -जिला प्रभारी मंत्री व नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी हुए शामिल पाली। जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के तत्वावधान में लखोटिया उद्यान में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय योग कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष "स्वस्थ आयु के लिए योग" थीम पर आयोजित इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्र जोराराम कुमावत ने शिरकत की और स्वयं प्राणायाम व विभिन्न आसनों का अभ्यास कर नागरिकों को निरोगी रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरीय विकास मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा उपस्थित रहे। उनके साथ ही पाली जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन, नगर परिषद पाली के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र बोहरा, पूर्व विधायक ज्ञान चंद परख और भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील भंडारी ने भी अग्रिम पंक्ति में बैठकर योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थी और आम नागरिकों ने भाग लेकर लखोटिया उद्यान को योगमय बना दिया।   सामूहिक योगाभ्यास और संकल्प योग प्रशिक्षकों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपस्थित जनसमूह को ताड़ासन, वृक्षासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया। कार्यक्रम के अंत में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सभी उपस्थित जनों को दैनिक जीवन में योग अपनाने और समाज को व्यसनमुक्त व स्वस्थ बनाने की शपथ दिलाई। जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों और योग संस्थाओं का आभार व्यक्त किया गया। आज पाली का यह पावन लखोटिया उद्यान इस बात का गवाह बन रहा है कि योग किसी एक व्यक्ति या वर्ग का नहीं, बल्कि पूरी मानवता को जोड़ने का माध्यम है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज पूरी दुनिया भारत की इस सनातन संस्कृति का लोहा मान रही है और योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। इस वर्ष हमारे योग दिवस की थीम है-'स्वस्थ आयु के लिए योग'। इसका सीधा अर्थ यह है कि जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़े, हमारा शरीर और मन कमजोर न हो, बल्कि योग के माध्यम से हम जीवन के अंतिम पड़ाव तक सक्रिय, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर बने रहें।  

    योग से ही निरोग रहेगा शरीर: राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

    जयपुर। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय (जेआरआरएसयू) के मदाऊ, भांकरोटा स्थित परिसर में रविवार को12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों, प्रबुद्ध आचार्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने न केवल योग के विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया, बल्कि मानव जीवन में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए योग की महत्ता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।   -'स्वस्थ शरीर और सुखी जीवन' का संदेश   कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (डॉ.) मदन मोहन झा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह आत्मा को परमात्मा से और मन को शरीर से जोड़ने का विज्ञान है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और संस्कृत वांग्मय में छिपे स्वास्थ्य सूत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। जब तक हमारा शरीर पूरी तरह निरोग नहीं होगा, तब तक हम जीवन के वास्तविक सुख और लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकते। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया। शैक्षणिक निदेशक डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव को दूर करने में योग की भूमिका को रेखांकित किया। अनुसंधान निदेशक डॉ. राजधर मिश्र ने बताया कि कैसे प्राचीन योग पद्धतियों पर आज वैश्विक स्तर पर शोध हो रहे हैं और यह चिकित्सा विज्ञान के पूरक के रूप में उभर रहा है। डीन डॉ. दिवाकर मिश्र तथा वेद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण होसमने ने वेदों और उपनिषदों के संदर्भों के माध्यम से योग के आध्यात्मिक महत्व को समझाया।   -यह रहा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण   समारोह का मुख्य आकर्षण सामूहिक योगाभ्यास सत्र रहा, जो योग विभाग के डॉ. शत्रुघ्न सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम, कपालभाति) और आसनों के सही तरीके व उनसे होने वाले शारीरिक लाभों की जानकारी दी। इस पूरे कार्यक्रम का अत्यंत कुशल और ऊर्जावान संचालन योग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर वंदना राठौड़ ने किया। उन्होंने योग क्रियाओं के बीच-बीच में शारीरिक सुख, मानसिक शांति और दीर्घायु होने के वैज्ञानिक सूत्रों को विस्तार से साझा किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य शशि कुमार शर्मा और विवि के आयुर्वेद अस्पताल के डॉक्टर रीटा, रिंकी गौड़, पूनिता चोटियाँ, विकास कोलीवाल, तरुण सिंह, रवि पारीक सहित अन्य लोग उपस्थित थे कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नियमित रूप से योग करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ ली। परिसर का वातावरण 'ॐ' की ध्वनि और योग के संकल्प से गुंजायमान रहा।  

    स्किल्स, एआई और एडेप्टेबिलिटी: सफलता के तीन मंत्र, जेईसीआरसी में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने दी सीख

    जेईसीआरसी में आयोजित हुआ टैलेंट एक्विजिशन लीडर्स मीट 2026 इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने कहा एआई नहीं, एआई को समझने वाले करेंगे भविष्य पर राज जयपुर, जेईसीआरसी  में आयोजित टैलेंट एक्विजिशन लीडर्स मीट 2026 में देश की अग्रणी कंपनियों के एचआर और टैलेंट एक्विजिशन विशेषज्ञों ने छात्रों को भविष्य के रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आवश्यक कौशलों के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलती दुनिया में सफलता के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। स्किल्स, एआई की समझ और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता यानी एडेप्टेबिलिटी ही भविष्य की सफलता के तीन प्रमुख मंत्र हैं। सैंडिस्क के ब्रायन सिसारियो ने कहा कि आने वाले समय में एआई लोगों की नौकरियां नहीं लेगा, बल्कि वे लोग आगे बढ़ेंगे जो एआई का प्रभावी उपयोग करना जानते हैं। उन्होंने छात्रों को नई तकनीकों को अपनाने और लगातार सीखते रहने की सलाह दी। एडोबी के समर्थ आर्या ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया एक मंच की तरह है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है। उन्होंने छात्रों को अपनी पहचान बनाए रखने के साथ-साथ विनम्र और प्रामाणिक बने रहने का संदेश दिया। ऑटोरैबिट के एस. आर. कृष्णमूर्ति ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में मजबूत अवधारणात्मक समझ सफलता की नींव होती है। उन्होंने एआई को एक सक्षम सहायक बताते हुए कहा कि छात्रों को उस पर पूरी तरह निर्भर होने के बजाय अपनी रचनात्मकता और नवाचार क्षमता को विकसित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता और असफलता दोनों की जिम्मेदारी व्यक्ति स्वयं पर होती है। उन्होंने छात्रों को शोध पत्र पढ़ने, नई तकनीकों को समझने और सीखने की निरंतर प्रक्रिया को अपनाने की सलाह दी। ईबे के वेंकटेश नीलम ने कहा कि रोजगार योग्य बनने के लिए केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि संचार कौशल, समस्या समाधान क्षमता और टीमवर्क जैसे गुण भी आवश्यक हैं। उन्होंने हैकाथॉन को प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच बताते हुए कहा कि वहां कॉलेज नहीं, बल्कि व्यक्ति की क्षमता और प्रदर्शन मायने रखता है। विशेषज्ञों ने छात्रों को शुरुआती करियर में केवल नौकरी के निश्चित घंटों पर ध्यान देने के बजाय सीखने की मानसिकता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में अपस्किलिंग, अनलर्निंग और री-लर्निंग की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही छात्रों को एआई से संचालित होने के बजाय एआई को अपने विकास का साधन बनाना सीखना होगा। इस अवसर पर जेईसीआरसी फाउंडेशन के डिप्टी डायरेक्टर, कॉर्पोरेट रिलेशंस, रमेश रावत ने कहा, “आज इंडस्ट्री केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल्स, एडेप्टेबिलिटी और सीखने की क्षमता को महत्व देती है। जेईसीआरसी लगातार ऐसे मंच उपलब्ध करा रहा है जहां छात्र सीधे इंडस्ट्री लीडर्स से संवाद कर सकें और भविष्य की आवश्यकताओं को समझ सकें। हमारा उद्देश्य छात्रों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि भविष्य का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है।” कार्यक्रम ने छात्रों को इंडस्ट्री की वर्तमान आवश्यकताओं, भविष्य के रोजगार अवसरों और सफल करियर के लिए जरूरी कौशलों को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। साथ ही इसने शिक्षा और कॉर्पोरेट जगत के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  

    पीसीएस दिवस पर उभरते डिजिटल टूल्स और एआई तकनीकों पर मंथन

    आईसीएसआई 11 जुलाई को जयपुर में करेगी स्टेट कॉन्फ्रेंस जयपुर। द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के एनआईआरसी (एनआईआरसी) के जयपुर चैप्टर द्वारा होटल व्रीसा में "प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरीज (पीसीएस) डे सेलिब्रेशन" के उपलक्ष्य में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय "इमर्जिंग टूल्स एंड टेक्निक्स फॉर पीसीएस" था। इसमें कॉर्पोरेट जगत और सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस में आ रहे आधुनिक तकनीकी बदलावों पर देश भर के विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत में जयपुर चैप्टर के चेयरमैन सीएस सुमित कुमार श्योराण ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बदलते हुए वैश्विक परिवेश में कंपनी सचिवों की भूमिका को रेखांकित किया और नए तकनीकी उपकरणों को अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर एनआईआरसी के चेयरमैन सीएस संतोष पांडेय और एनआईआरसी के सचिव सीएस राहुल शर्मा भी उपस्थित रहे। सेमिनार के दौरान एनआईआरसी (NIRC) के चेयरमैन सीएस संतोष पांडेय ने 11 जुलाई 2026 को जयपुर में "स्टेट कॉन्फ्रेंस" का आयोजन की घोषणा की, जिसमें राज्यभर के कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स और विशेषज्ञ शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र में राजस्थान के राज्यपाल के एडीसी सक्षम अग्रवाल उपस्थित रहे। सेमिनार के प्रथम तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता मितेश राठौड़ ने "अपॉर्चुनिटी फॉर कंपनी सेक्रेटरीज इन रेरा" विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। दूसरे सत्र में "यूज़ ऑफ एआई टूल्स इन सेक्रेटेरियल ऑडिट एंड अदर सेक्रेटेरियल प्रैक्टिसेज" विषय पर पैनल चर्चा हुई। इस सत्र के मॉडरेटर सीएस विकास वर्मा रहे। इस परिचर्चा में पैनलिस्ट सीएस ताराचंद शर्मा, सीएस रुचि मित्रा, सीएस सुनीता गर्ग और सीएस वैभव अग्निहोत्री रहे। कार्यक्रम का संचालन विवेक शर्मा एवं रजत कुमार गोयल ने किया। समापन पर जयपुर चैप्टर के सचिव सीएस वरुण मेहरा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।  

    विधानसभा अध्यक्ष से शिक्षकों की समस्याओं के‌ निराकरण की गुहार

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश पदाधिकारीयों ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से मुलाकात की तथा शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया। विधानसभा अध्यक्ष के विदेशी दौरे के बाद संगठन की ओर से उनका स्वागत किया गया।   राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा एवं सभाध्यक्ष शशि भूषण शर्मा ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों को राज्य कर्मी नहीं माने जाने तथा पर पे-प्रोटेक्शन में कटौती एवं शिक्षकों की अन्य समस्याएं टेट की अनिवार्यता,शिक्षक स्थानांतरण, स्टाफिंग पैटर्न आदि शिक्षकों की समस्याओं से माननीय विधानसभा अध्यक्ष को अवगत कराया की शिक्षकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचा कर उनका तुरंत समाधान कराने की गुहार लगाई। शीघ्र समाधान कराकर शिक्षकों में हो रहे आक्रोश को कम किया जा सके। माननीय विधानसभा अध्यक्ष ने आस्वस्त किया शिक्षकों की समस्याओं को शीघ्रता से सकारात्मक निराकरण करवाया जायेगा।