Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    Long Island City

    -0.79°C

    Stormy
    4.12 km/h
    60%
    0.2h

    Latest

    खेतन पॉलिटेक्निक में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सघन वृक्षारोपण: उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने पहला पौधा लगाकर किया शुभारंभ

    जयपुर. पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और युवाओं में प्रकृति के प्रति नैतिक जिम्मेदारी की भावना जगाने के उद्देश्य से बुधवार को शासकीय रामचंद्र खेतन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जयपुर के विस्तृत प्रांगण में एक भव्य सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। ‘हरित अभियान’ के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में शिक्षा जगत, प्रशासनिक सेवा, सार्वजनिक प्रसारण और सामाजिक संगठनों की प्रमुख हस्तियों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। उपमुख्यमंत्री ने किया कार्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने पहला पौधा रोपित कर किया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका द्वारा की गई। अपने विचारणीय संबोधन में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी संकल्पना ‘एक पेड़ मां के नाम’ का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य सरकार ‘हरियालो राजस्थान’ मिशन को एक जनांदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण राजस्थान में 50 करोड़ पेड़-पौधों का रोपण कर प्रदेश को हरा-भरा बनाना है। जापानी तकनीक की तर्ज पर 2100 वर्ग फीट में लगे 750 पौधे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए संयोजक एवं पर्यावरण अधिकारी रूघाराम पंवार ने बताया कि सघन वन अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर के 2100 वर्ग फीट के विशेष क्षेत्र में कुल 750 पौधों का रोपण किया गया है। कम जगह में अधिक पौधों का यह सघन मॉडल जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। इस वृक्षारोपण अभियान में कुल 35 विविध प्रजातियों के पौधों का चयन किया गया, जिनमें राज्य वृक्ष खेजड़ी, नीम, पीपल, शीशम जैसे औषधीय और छायादार वृक्षों के साथ-साथ कटहल, लहसुआ, करौंदा और सीताफल जैसी फलदार प्रजातियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। महाविद्यालय परिवार और छात्रों की उत्साही भागीदारी संस्थान के प्राचार्य विनोद जांगिड़ ने दूर-दराज से पधारे सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं तथा युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण अभियानों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही ऐसे कार्यक्रमों को ऐतिहासिक सफलता दिला सकती है। वृक्षारोपण के इस पुनीत कार्य में केवल अतिथियों ने ही नहीं, बल्कि महाविद्यालय के शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ, विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, एल्युमनाई एसोसिएशन, सिविल राइट्स सोसाइटी और स्थानीय आमजन ने भी श्रमदान किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने रोपे गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण, सिंचाई और नियमित देखभाल की गंभीर शपथ ली। विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी मौजूदगी इस राज्य स्तरीय आयोजन में दूरदर्शन जयपुर के उपमहानिदेशक ई. सतीश नेपाल, सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस (सीईजी) के निदेशक डॉ. अविनाश पंवार, शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय जयपुर के प्राचार्य डॉ. कृष्ण गोपाल शर्मा, खेतन पॉलिटेक्निक एल्युमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष जी.पी. शर्मा एवं महासचिव दिनेश सैनी, तथा सिविल राइट्स सोसाइटी के जी.एल. वर्मा एवं रमेश जालान विशेष रूप से मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने महाविद्यालय प्रशासन के इस हरित प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की।  

    एमजीडी गर्ल्स स्कूल में उत्साह से मनाया गया 83वाँ स्थापना दिवस

    महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल, जयपुर में बुधवार को विद्यालय का 83वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की पूर्व छात्रा एवं यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन–मैडिसन, अमेरिका में अंग्रेजी विभाग तथा इंटरडिसिप्लिनरी थिएटर स्टडीज़ की प्रोफेसर श्रीमती अपर्णा भार्गव धारवाड़कर मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के पारंपरिक स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। बाल वाटिका की नन्ही छात्राओं ने मुख्य अतिथि, विद्यालय निदेशिका एवं प्रधानाचार्या के साथ केक काटकर विद्यालय के जन्मदिवस का उत्सव मनाया और मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया ने देश-विदेश से प्राप्त शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाए। इन संदेशों में विद्यालय की पूर्व छात्राओं का अपने विद्यालय के प्रति प्रेम और जुड़ाव स्पष्ट दिखाई दिया। इस अवसर पर प्रतिभाशाली छात्राओं को छात्रवृत्तियाँ भी प्रदान की गईं। समारोह का मुख्य आकर्षण इंटर-हाउस अंग्रेजी हास्य नाटक प्रतियोगिता और फुटबॉल विश्व कप की थीम पर आधारित शानदार नृत्य प्रस्तुति रही। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और छात्राओं के उत्साह से गूंजता रहा। मुख्य अतिथि श्रीमती अपर्णा भार्गव धारवाड़कर ने अपने संबोधन में छात्राओं को अपने सपनों को पूरा करने, निरंतर सीखते रहने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को जीवन में नए अवसरों का स्वागत करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने का संदेश दिया। इसके बाद प्रधानाचार्या श्रीमती प्रमेंद्र खंगारोत ने प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए। मुख्य अतिथि ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल हाउस को प्रथम तथा सरोजिनी नायडू हाउस को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया। समारोह में विद्यालय की संस्थापक छात्रा जेन हिम्मत सिंह, गिल्ड सदस्य श्रीमती निर्मला दुर्लभ, कुँवरानी अंबिका सिंह तथा प्रशासनिक अधिकारी कर्नल एस. एस. साँगवान सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय गीत के साथ समारोह का समापन हुआ।  

    वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    पाराशर ब्राह्मण समाज, झोटवाड़ा क्षेत्र की ओर से हरियाली राजस्थान एवं एकादशी के उपलक्ष्य में निवास रोड स्थित श्री रामपुरी में पार्क में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाजबंधुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पौधे लगाए तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीरेन्द्र व्यास (पाराशर) ने की। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना आवश्यक है। उन्होंने समाज के लोगों से पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का आह्वान किया। आयोजन को सफल बनाने में कोषाध्यक्ष राजेन्द्र पाराशर, सह सचिव प्रेम धवन पाराशर, सह-संगठन मंत्री संजय पाराशर,मीडिया प्रभारी गोविंद पाराशर तथा सदस्य जितेन्द्र पाराशर एवं रणवीर सिंह तंवर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाजबंधुओं ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित राजस्थान के संकल्प के साथ अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।  

    संस्कृत विश्वविद्यालय ने रचा नया कीर्तिमान इंडिया टुडे रैंकिंग-2026 में देश के टॉप-25 सरकारी सामान्य विश्वविद्यालयों में CSU 23वें स्थान पर दिल्ली के शीर्ष विश्वविद्यालयों में चौथी रैंक

    नई दिल्ली, संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, शोध और नवाचार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इंडिया टुडे MDRA बेस्ट यूनिवर्सिटीज रैंकिंग-2026 में विश्वविद्यालय ने Top General (Govt.) Universities in India श्रेणी में देश के शीर्ष 25 सरकारी सामान्य विश्वविद्यालयों में 23वां स्थान हासिल किया है। सबसे खास बात यह है कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष की 24वीं रैंक से एक पायदान ऊपर उठते हुए 23वां स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय का कुल स्कोर 1242.6 रहा। वहीं राष्ट्रीय राजधानी के शीर्ष विश्वविद्यालयों की सूची में भी CSU ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए चौथा स्थान हासिल किया है। संस्कृत से सामान्य विश्वविद्यालयों की राष्ट्रीय रैंकिंग तक का सफर इंडिया टुडे की प्रतिष्ठित रैंकिंग में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का शीर्ष सामान्य सरकारी विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल होना इस बात का संकेत है कि संस्कृत शिक्षा अब केवल पारंपरिक अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक उच्च शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक, नवाचार और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के साथ आगे बढ़ रही है।विश्वविद्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक विषयों को जोड़ने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस, आयुर्वेद, तकनीकी शिक्षा, डिजिटल संसाधन, शोध एवं वैश्विक अकादमिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में विश्वविद्यालय की सक्रियता ने इसकी शैक्षणिक पहचान को व्यापक बनाया है संस्कृत की बढ़ती वैश्विक प्रासंगिकता की पहचान केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने रैंकिंग में सुधार को विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए कहा “इंडिया टुडे रैंकिंग में 23वां स्थान प्राप्त होना हमारे लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि केवल विश्वविद्यालय की नहीं, बल्कि संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा की बढ़ती प्रासंगिकता का भी प्रमाण है। हमने संस्कृत को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य संस्कृत को 21वीं सदी की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए ज्ञान, शोध और रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बनाना है। यह रैंकिंग विश्वविद्यालय को और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर. जी. मुरली कृष्ण ने कहा कि रैंकिंग में एक पायदान का सुधार विश्वविद्यालय के आचार्यों, शोधार्थियो, विद्यार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि संस्कृत शिक्षा की गुणवत्ता और उसकी समकालीन उपयोगिता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है। विश्वविद्यालय भविष्य में इससे भी बेहतर स्थान हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।” राष्ट्रीय रैंकिंग में बढ़ी CSU की प्रतिष्ठा इंडिया टुडे रैंकिंग-2026 में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय 23वें स्थान पर, जबकि दिल्ली की शीर्ष विश्वविद्यालय रैंकिंग में चौथे स्थान पर रहा। पिछले वर्ष की तुलना में राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार विश्वविद्यालय की निरंतर बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा को दर्शाता है। संस्कृत की परंपरा से आधुनिक तकनीक तक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का यह प्रदर्शन भारतीय ज्ञान परंपरा के बदलते स्वरूप और उसकी नई राष्ट्रीय पहचान की कहानी कहता है।  

    ओरिएंटेशन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

    जयपुर। कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में बुधवार को तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिवस कला संकाय की प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं को महाविद्यालय में संचालित विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों, शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, रैगिंग विरोधी प्रकोष्ठ तथा आंतरिक परिवाद प्रकोष्ठ आदि के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफल जीवन के लिए डिग्री के साथ-साथ आत्मविश्वास, संवाद-कौशल तथा विविध कौशलों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महाविद्यालय की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम के दौरान सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए महाविद्यालय में संचालित विभिन्न क्लब्स एवं सेंटर्स की कार्यप्रणाली से छात्राओं को अवगत कराया गया। इसी क्रम में थियेटर क्लब के अंतर्गत महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं द्वारा लघु नाटक प्रस्तुत कर छात्राओं को महाविद्यालय के नियमों एवं अनुशासन की जानकारी रोचक ढंग से दी गई।कार्यक्रम के अंत में उप-प्राचार्य (छात्र गतिविधि) डॉ. मनीषा माथुर ने विभिन्न छात्र गतिविधियों की जानकारी प्रदान की तथा छात्राओं से इनमें सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. शीताभ शर्मा ने किया। आयोजन में कला संकाय की लगभग 400 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।  

    विषम परिस्थितियों में अनुसंधान एवं भारतीय अंटार्कटिक अनुसंधान कार्यक्रम पर व्याख्यान आयोजित

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा बुधवार को इंडियन वूमेन साइंटिस्ट्स एसोसिएशन (आई डब्लू एस ए), अजमेर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘विषम परिस्थितियों में अनुसंधानः भारतीय अंटार्कटिक अनुसंधान कार्यक्रम एवं महिला वैज्ञानिकों का योगदान’’ विषय पर लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. एम. के. पंडित, महाराजा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रहे। मुख्य वक्ता ने अपने व्याख्यान में भारतीय अंटार्कटिक अनुसंधान कार्यक्रम की उपलब्धियों, अंटार्कटिका में अत्यंत विषम परिस्थितियों के बीच किए जाने वाले वैज्ञानिक अनुसंधानों तथा जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में इनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से अंटार्कटिक अभियानों एवं वैज्ञानिक अनुसंधानों में महिला वैज्ञानिकों के उल्लेखनीय योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय महिला वैज्ञानिक अपने उत्कृष्ट शोध कार्यों से वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में महत्वपूर्ण पहचान बना रही हैं। महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. सीमा अग्रवाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान के प्रति रुचि तथा विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। डाॅ. आषा सक्सेना, सदस्य (आई डब्लू एस ए) ने छात्राओं को इंडियन वूमेन साइंटिस्ट्स एसोसिएशन के बारे में जानकारी दी तथा एसोसिएषन के विज़न एवं मिशन से अवगत कराया एवं छात्राओं को अनुसंधान के लिए प्रेरित किया। डाॅ. प्रमा सोलोमन ने प्रो. एम के पंडित का अकादमिक उपलब्धियों तथा अनुसंधान में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डाॅ. रंजुला जैन, उप-प्राचार्य एवं डाॅ. रंजना अग्रवाल, उप-प्राचार्य, संयोजक डाॅ. सुनीता शेखावत, विभाग की प्राध्यापिकाओं सहित शोधार्थियों एवं लगभग 100 छात्राओं ने व्याख्यान का लाभ उठाया। अंत में अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी,वाटिका जयपुर में एंटी-रैगिंग सप्ताह का भव्य शुभारंभ एवं एंटी-रैगिंगशपथ का आयोजन

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर में दिनांक 12 अगस्त 2026 को एंटी-रैगिंग सप्ताह का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षित, सौहार्दपूर्ण एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेसिडेंट डॉ रश्मि जैन ने दीप प्रज्ज्वलन एवं मनीषा यादव द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात डॉ. रजनी माथुर ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए एंटी-रैगिंग सप्ताह के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने नवागंतुक विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), उसके उद्देश्यों तथा विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व एवं शैक्षणिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. रश्मि जैन ने विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया कि रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग, संवेदनशीलता एवं सकारात्मक व्यवहार बनाए रखने का आह्वान किया तथा विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित, सौहार्दपूर्ण एवं रैगिंग-मुक्त बनाए रखने के लिए सभी से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। अपने संबोधन के पश्चात प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को एंटी-रैगिंग शपथ दिलाई, जिससे कार्यक्रम में अनुशासन, जिम्मेदारी एवं रैगिंग के प्रति जीरो-टॉलरेंस का संदेश और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित हुआ। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संदेश द्वारा विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. प्रेम कुमार द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया। अंत में डॉ. सीता राम माली ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और सभी के सामूहिक प्रयासों से ही विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं पूर्णतः रैगिंग-मुक्त परिसर बनाया जा सकता है।  

    पोस्टर "हर घर तिरंगा" का विमोचन

    जयपुर । पुरस्कृत शिक्षक फोरम राजस्थान द्वारा तैयार किया गया पोस्टर "हर घर तिरंगा" का विमोचन शासन सचिवालय में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने किया । इस अवसर पर यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ पर हर घर तिरंगा अभियान का शिक्षक समाज प्रचार- प्रसार करें ।तिरंगा झंडा अपने घरों पर फहराने के लिए प्रेरित करें। पुरस्कृत शिक्षक फोरम के महासचिव रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने बताया कि विमोचन के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव से स्थानांतरण में पुरस्कृत शिक्षकों को प्राथमिकता देने के आदेश को स्थानांतरण नीति में सम्मिलित करने तथा विभाग द्वारा पुरस्कृत शिक्षकों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने के प्रस्ताव में वित्त विभाग द्वारा लगाये आक्षेप को दूर करके पुन: स्वीकृति के लिए भेजने का ज्ञापन दिया तथा वार्ता की।अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दोनों मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पुरस्कृत शिक्षक फोरम अध्यक्ष निर्मल ग्रोवर, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, उपाध्यक्ष सुदर्शन कुल्हार तथा विनोद कुमार शर्मा, महिला सचिव मधुर कुल्हार तथा अंजना वर्मा, सह सचिव सतीश शर्मा ,सह संरक्षक डॉ. के. के चोटिया, कार्यालय सचिव दामोदर शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य रामावतार नवल ,सीताराम मीणा तथा खामोश कंवर उपस्थित थे ।  

    वाणिज्य महाविद्यालय की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ABVP ने सौंपा ज्ञापन

    वाणिज्य महाविद्यालय, (राजस्थान विश्वविद्यालय) में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं एवं मूलभूत सुविधाओं में सुधार को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) ने महाविद्यालय प्राचार्य को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रसंघ चुनाव, जर्जर भवन की मरम्मत, कैंटीन एवं स्वच्छता व्यवस्था में सुधार, शुद्ध पेयजल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का नियमित संचालन, BBA-BCA फीस में किस्त सुविधा, नई BBA-BCA बिल्डिंग शुरू करने, BBA लैब के आधुनिकीकरण एवं संचालन, बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक तथा आधिकारिक सूचना समूह बनाने की मांग की गई। ABVP ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। संगठन ने सभी मांगों पर शीघ्र एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। ABVP ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो विद्यार्थी हित में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा  

    दो दिवसीय विधि महोत्सव ‘जश्न-ए-ज्यूरिस 2026’

    कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फॉर वीमेन, जयपुर में पहली बार दो दिवसीय विधि महोत्सव ‘जश्न-ए-ज्यूरिस 2026’ का दिनांक 10 एवं 11 अगस्त को भव्य आयोजन किया गया। कानून, संस्कृति, कला और रचनात्मकता के इस अनूठे संगम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महोत्सव के पहले दिन महाविद्यालय परिसर संगीत, कविता, नृत्य, फैशन, मनोरंजन और कानूनी प्रतिभा से गुलजार रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मानसी चौधरी और सोहा अजीज खान के उद्घाटन संबोधन से हुई। इसके बाद निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, प्राचार्या डॉ. वर्तिका अरोड़ा एवं शिप्रक खंडाल ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया एवं छात्रा सोनल, निकिता, सावी एवं पारुल ने गणेश वंदना की प्रस्तुती दी। प्राचार्या, डॉ. वर्तिका अरोड़ा ने स्वागत संबोधन में महाविद्यालय के प्रथम विधि महोत्सव को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को जीवनभर याद रहने वाली खूबसूरत स्मृतियां प्रदान करते हैं। महोत्सव के पहले दिन 6 प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। महोत्सव के पहले आयोजन ‘अल्फाज़-ए-मंच’ ओपन माइक में छात्राओं ने गीत, बांसुरी, हारमोनिका, शायरी एवं कविता के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक शिप्रक खाण्डल ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता और मंच पर प्रस्तुति देने के साहस की सराहना की। उन्होंने आवाज के उतार-चढ़ाव और भावों की प्रभावी अभिव्यक्ति पर उपयोगी सुझाव दिए। इसके बाद आयोजित ‘वोग वर्डिक्ट’ फैशन शो का थीम ‘एलिमेंटल ओडिसी’ रहा। छात्राओं ने अग्नि, जल, पृथ्वी, वायु, वृक्ष और सूर्य सहित प्राकृतिक तत्वों से प्रेरित परिधानों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को रैंप पर प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ. रिचा चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग, कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर उपस्थित रहीं। इसके बाद आयोजित फेस पेंटिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने चेहरे को रचनात्मक अभिव्यक्ति का कैनवास बनाया। प्रतियोगिता का निर्णयन डॉ. सारिका कॉल, विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर, ड्राइंग एवं पेंटिंग विभाग, कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर ने किया। ‘द साइलेंट वर्डिक्ट’ लीगल चैराड्स प्रतियोगिता में छात्राओं ने कानूनी सूक्तियों और फिल्मों को अभिनय के माध्यम से प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में कानूनी ज्ञान के साथ विद्यार्थियों की अभिनय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता भी परखी गई। ‘स्टेप अप’ डांस बैटल के एकल एवं युगल वर्ग में छात्राओं ने विभिन्न नृत्य शैलियों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक घूमर और भरतनाट्यम से लेकर आधुनिक हिप-हॉप तक विभिन्न नृत्य रूपों ने दर्शकों को आकर्षित किया। इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका मिस पलक वशिष्ठ ने निभाई। ‘इल्म-ए-कानून’ लीगल क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के कानूनी ज्ञान, समसामयिक घटनाओं और सामान्य जागरूकता की परीक्षा ली गई। प्रतियोगिता के प्रथम चरण के बाद शीर्ष 10 टीमों ने अगले दौर के लिए स्थान बनाया। महोत्सव के दूसरे दिन ‘इल्म-ए-कानून’ लीगल क्विज के द्वितीय एवं तृतीय चरण तथा ‘ट्रेजर हंट’ सहित दो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं ने इन प्रतियोगिताओं में कानूनी ज्ञान, तार्किक क्षमता, टीमवर्क और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया। ‘इल्म-ए-कानून’ लीगल क्विज प्रतियोगिता के द्वितीय एवं तृतीय चरणों में प्रतिभागियों से विधि, संविधान, महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों एवं समसामयिक कानूनी विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के बीच छात्राओं ने आपसी समन्वय और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय दिया। इसके पश्चात् आयोजित दूसरी प्रतियोगिता ‘ट्रेजर हंट’ रही, जिसमें छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को विभिन्न स्थानों पर छिपाए गए संकेतों, पहेलियों और सुरागों को खोजकर अगले पड़ाव तक पहुंचना था। परिसर में सुरागों की तलाश करती छात्राओं के बीच जीत की होड़ ने पूरे माहौल को रोमांचक बना दिया। प्रतियोगिताओं के बाद पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह आयोजित किया गया जिसमें विजेताओं एवं उपविजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि मीनाक्षी राठौड़, प्रसिद्ध राजस्थानी लोक गायिका, गीतकार एवं ‘डत् त्मबवतके’ प्रोडक्शन हाउस की निदेशक रहीं। मुख्य अतिथि मीनाक्षी राठौड़ ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए, तब तक रुकना नहीं चाहिए।” उन्होंने कहा कि आज का दौर स्वतंत्र महिलाओं का है और यदि महिला आत्मनिर्भर नहीं है तो उसे जीवन में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कानून के क्षेत्र की सराहना करते हुए कहा कि कानून व्यक्ति को परिपक्व बनाता है तथा जीवन में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों और समस्याओं का आत्मविश्वास के साथ सामना करने में सक्षम बनाता है। कार्यक्रम का संचालन सेमेस्टर 10 की छात्राओं द्वारा किया गया। छात्राओं ने मंच संचालन की जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाते हुए कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। कार्यक्रम के अंत में सहायक आचार्य डॉ. तेजस्वी शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। दो दिनों तक चले इस महोत्सव ने कानून के साथ कला, संस्कृति, रचनात्मकता, मनोरंजन और व्यक्तित्व विकास को जोड़ते हुए छात्राओं को अपनी बहुआयामी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया। आयोजन ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व, टीम भावना और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के साथ एक यादगार अनुभव प्रदान किया। महोत्सव के दौरान छात्राओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल, नेल आर्ट कॉर्नर एवं और मनोरंजक खेल भी आकर्षण का केंद्र रहे।

    बच्चों को नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाई

     एकता नगर ,धवास हीरापुरा पावर हाउस के पीछे, अजमेर रोड स्थित D.N.पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से नशा मुक्त भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन के अंतर्गत विकसित भारत की ओर एक सशक्त कदम दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में कक्षा नवी से 12वीं कक्षा तक के 400 बच्चों को नशा न करने की प्रतिज्ञा दिलाई गई जिसमें जगदंबा नगर केंद्र की बी.के. शशि तथा बी.के. मंजू एवं विद्यालय निदेशक बी.पी. गुर्जर तथा संतोष देवी गुर्जर उपस्थित रहे  

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कुलगुरू प्रो. मदन मोहन झा की शिष्टाचार भेंट, दीक्षान्त समारोह के लिए किया सादर आमंत्रित

    जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मदन मोहन झा ने मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से औपचारिक शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. मदन मोहन झा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को विश्वविद्यालय में आगामी 7 सितंबर को आयोजित होने वाले दीक्षान्त समारोह के लिए सादर आमंत्रित किया तथा समारोह का औपचारिक निमंत्रण पत्र भेंट किया। कुलगुरू प्रो. झा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. गुंजन सोनी भी उपस्थित रहे। शिष्टाचार भेंट के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, संस्कृत शिक्षा के संवर्धन, भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण तथा विश्वविद्यालय की भावी विकास योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर सकारात्मक एवं प्रेरणादायी चर्चा हुई। कुलगुरू ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं आगामी शैक्षणिक योजनाओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कुलपति प्रो. मदन मोहन झा ने कहा कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा का मार्गदर्शन एवं सान्निध्य विश्वविद्यालय परिवार के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति आगामी दीक्षान्त समारोह को और अधिक गौरवपूर्ण बनाएगी।