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    राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान के नवनिर्मित हवनकुंड में अग्नि प्रवेश एवं पूजन

    जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान परिसर में नवनिर्मित भव्य हवनकुंड में विधि-विधान के साथ अग्नि प्रवेश एवं पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.मदन मोहन झा ने की। अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. राजधर मिश्र ने विधि विधान पूर्वक कुंड में अग्नि का प्रवेश कराया डॉ. कैलाशचंद्र शर्मा ने नवग्रह पूजन किया डॉ. देवेन्द्र कुमार शर्मा ने पूजन एवं हवन कार्य सम्पन्न कराया । डॉ. संदीप जोशी सहित सुप्रीम फ़ाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने यज्ञ में मन्त्रोच्चार पूर्वक आहुतियाँ अर्पित कीं  राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान के निदेशक डॉ. कुलदीप सिंह पालावत ने बताया कि इस पवित्र अनुष्ठान का उद्देश्य विश्वविद्यालय की सुख-समृद्धि, शैक्षणिक उन्नति और वैश्विक कल्याण हेतु मंगल कामना करना है। नवनिर्मित हवनकुंड को भारतीय वास्तुशास्त्र के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जो परिसर में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करेगा।

    वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना- ऑनलाइन आवेदन के लिए जल्द खुलेगा पोर्टल

    -यात्रा संचालन समिति की बैठक में देवस्थान मंत्री कुमावत ने दिए निर्देश   जयपुर। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ होगी। शासन सचिवालय में मंगलवार को हुई देवस्थान विभाग की यात्रा संचालन समिति की समीक्षा बैठक में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने इसके निर्देश दिए। कुमावत ने अधिकारियों को देवस्थान विभाग की पोर्टल में आवश्यक संशोधन कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने के लिए निर्देशित किया। तीर्थयात्रा के सफल क्रियान्वयन के लिए देवस्थान मंत्री की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें कमेटी के अध्यक्ष देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत होंगे, जबकि अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, अतिरिक्त मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक मामलात विभाग, शासन सचिव, देवस्थान, शासन सचिव, पर्यटन, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व आयुक्त, देवस्थान विभाग, उदयपुर को सदस्य बनाया गया है। इस कमेटी की पहली बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। इसमें देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने इस बार भी 50 हजार वरिष्ठजनों को वातानुकुलित ट्रेन एवं छह हजार यात्रियों को हवाई यात्रा के जरिए नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।  बैठक में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा  बैठक में देवस्थान विभाग की वर्ष-2026 की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। देवस्थान मंत्री ने अधिकारियों को बजट में स्वीकृत योजनाओं और कार्यों को शत प्रतिशत पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि बजट में स्वीकृत कोई भी कार्य अधूरा नहीं रहना चाहिए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को बजट में स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता पर रखते हुए अपनी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट घोषणाओं की समयबद्ध क्रियान्विति के निर्देश दिए तथा गत वर्ष की बजट घोषणाओं के कार्य भी शीघ्र पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। मंत्री कुमावत ने कहा कि बैठक के दौरान देवस्थान विभाग के प्रमुख मंदिरों में सुबह-शाम की आरती के ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।   बैठक में देवस्थान विभाग की शासन सचिव श्रीमति शुचि त्यागी, आयुक्त एलएन मंत्री, अतिरिक्त आयुक्त गितेश मालवीय, शासन उप सचिव आलोक सैनी, एडीसी, जयपुर प्रथम रतनलाल योगी सहित आईआरसीटीसी, पर्यटन, चिकित्सा एवं अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरणादायक संदेशों से गूंजा विदाई समारोह

    रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में बी. फार्मा. छात्रों को दी भावभीनी विदाई   रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, जयपुर में बी. फार्मा अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास एवं भावनात्मक माहौल में किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कला, कविता, रंगोली, एकल एवं समूह नृत्य जैसी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें उनकी रचनात्मकता और उत्साह की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम स्थल पर आनंद और उत्साह का वातावरण बना रहा।   कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकुल कोगटा, मैनेजर, इंटास फार्मा तथा अमित विजय, मैनेजर, एस्ट्राजेनेका फार्मा (ऑन्कोलॉजी) रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने करियर में निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संदेश दिया।   संस्थान के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना एवं वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का पालन भी जीवन में सफलता दिलाता है।   प्रिंसिपल डॉ. ताराचंद ने विद्यार्थियों से अनुशासित रहकर पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने की सलाह दी और कहा कि "फार्मेसी केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है।" कॉलेज के स्टाफ सदस्यों ने विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।   समारोह के अंत में सभी विद्यार्थियों ने अपने अध्ययन एवं कोर्स से संतुष्टि व्यक्त की और कॉलेज में बिताए गए वर्षों को यादगार बताया। यह विदाई समारोह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि एक भावनात्मक विदाई और प्रेरणा का उत्सव भी बना, जो विद्यार्थियों के जीवन में एक नई शुरुआत का संकेत है।

    यूथ मेंटल हेल्थ फर्स्ट एड पर कार्यशाला

    अग्रवाल पीजी महाविद्यालय मेंआज दिनांक 28 अप्रैल 2026 को यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार एक दिवसीय कार्यशाला एम पावर आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट मुंबई के तत्वाधान में आयोजित की गई। जिसका मुख्य विषय -"यूथ मेंटल हेल्थ फर्स्ट एड "रखा गया। इसके मुख्य स्पीकर मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ अर्पणा जोशी, आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट , जयपुर के रहे जिन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए समझाया कि जिस प्रकार हम शरीर को स्वस्थ रखने का प्रयत्न करते हैं उसी प्रकार हमें मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए ।इसके लिए उन्होंने BRAVE शब्द को मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाते हुए जीवन में अपनाने पर जोर दिया। छात्रों को प्रश्न -उत्तर के माध्यम से इसे समझाया और सभी छात्रों ने इस प्रोग्राम में बढ -चढ कर भाग लिया और प्रश्नों के उत्तर दिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर बी एल देवन्दा ने अतिथि का साफा एवं शोल से स्वागत करते हुए कहा कि मेंटल हेल्थ हमारी भावनाओं ,सोच और व्यवहार का वह पहलू है जो हमें जीवन की चुनौतियों से निपटने रिश्ते बनाने और अपनी क्षमता को पहचानने में मदद करता है। कार्यक्रम की कोऑर्डिनेटर महाविद्यालय की समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर पूर्णिमा गुप्ता रही। कार्यक्रम का संचालन रसायन शास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ मिनिता ओझा ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्रोफेसर गण उपस्थित रहे और मेंटल हेल्थ की जानकारी का आनंद उठाया।

    बियानी लॉ कॉलेज की तीन छात्राओं का शानदार प्रदर्शन, मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल

    जयपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी, जयपुर द्वारा घोषित मेरिट सूची में बियानी लॉ कॉलेज की तीन छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है। विश्वविद्यालय की 11 विद्यार्थियों की मेरिट सूची में बी.ए.एलएल.बी. (5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम) सत्र 2022–2025 की छात्रा वेदिका शर्मा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। एवं महक यादव ने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई । वही एवं एलएल.बी 3 वर्षीय पाठ्यक्रम की मुस्कान गोयल ने टॉप 11 में स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि पर बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी एवं एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी सहित लॉ कॉलेज के समस्त संकाय सदस्यों ने सभी छात्राओं को उनकी इस उल्लेखनीय सफलता पर हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय डॉ. संजय बियानी के मार्गदर्शन, शिक्षकों के सहयोग तथा परिवार के निरंतर समर्थन को दिया।

    रमेश चंद्र गुप्ता ( तुंगा वाला) अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन, राजस्थान के 'वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष' पद पर नियुक्त

    अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता ( तुंगा वाला) को अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन, राजस्थान के 'वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष' के गरिमामय पद पर नियुक्त किये जाने पर खंडेलवाल समाज बंधुओ ने खुशी वयक्त कर हार्दिक शुभकामना दी है! इसके साथ ही समाज बंधुओ ने कहा है कि वैश्य समाज की एकता और सशक्तिकरण के प्रति आपकी अटूट निष्ठा सर्वविदित है। आपका लंबा अनुभव, संगठन के प्रति आपकी दूरदर्शिता और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की आपकी अद्भुत क्षमता न केवल इस फेडरेशन के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा, कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारी लाल खंडेलवाल, कार्यालय मंत्री रामकिशोर खूंटेटा, आजीवन संरक्षकगण हनुमान सहाय ओढ, कृष्ण मोहन खंडेलवाल, ललित खंडेलवाल, राकेश कूलवाल, पत्रिका प्रभारी राम स्वरूप ताम्बी, उपप्रभारी राम बाबू गुप्ता, भवन संयोजक रमेश चंद्र सौखिया व संयुक्त मंत्री नितिन खंडेलवाल भरतपुर, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्यमहासभा के प्रधानमंत्री चंद्र प्रकाश खंडेलवाल, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय युवा सयोजक, शरद फरसोईया, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा पत्रिका के मुख्य संपादक राम निरंजन खुटेटा, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर रमेश कुमार रावत, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल एडवोकेट मथुरा, कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारीलाल खंडेलवाल (डीग), महासभा के पूर्व प्रधानमंत्री राकेश रावत दिल्ली,पूर्व प्रधानमंत्री नरेश खंडेलवाल मंडी गोविंदगढ़, सुमरूधरा सखी सहेली की प्रमुख मधु खंडेलवाल सहित अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, राजनंद गाव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, आजीवन सदस्यों ने अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता (तूंगावाला) को हार्दिक बधाई दी है!

    महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारियों अपने ज़िले की आवश्यकता के अनुसार विशेष नवाचार करने के साथ ही गृह संपर्क की गुणवत्ता भी सुधारने हेतु कार्य करें :- शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास

    जयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग शासन सचिव श्रीमती पूनम द्वारा सोमवार को अजमेर ज़िले का दौरा कर आंगनबाड़ी केंद्र बांदरसिंदरी का निरीक्षण किया गया।   शासन सचिव ने केन्द्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व उपस्थित कार्मिकों को लाभार्थियों का पंजीकरण बढ़ाने एवं बच्चों की सही ग्रोथ मॉनिटरिंग करने , बच्चों को नियमित गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा उपलब्ध करवाने के निर्देश प्रदान किए ।   शासन सचिव द्वारा इसके पश्चात जिला परिषद सभागार में अजमेर संभाग के समस्त अधिकारीउपनिदेशकों ,बाल विकास परियोजना अधिकारी ,महिला पर्यवेक्षक और महिला अधिकारिता के उपनिदेशक आदि की समीक्षा बैठक ली गई।  बैठक में उन्होने आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों का सर्वे कर अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों तक आँगनबाड़ी केंद्र की सेवाएँ पहुँचाने के निर्देश दिए । इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की सही वृद्धि निगरानी करने , आंगनबाड़ी केंद्रों को यथासंभव विद्यालयों से कोलोकेट करने , लाभार्थियों को FRS से ही पूरक पोषाहार का वितरण किए जाने ,केन्द्र पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं -पेयजल ,शौचालय ,बिजली आदि की सही सूचना पोषण ट्रैक्टर पर दर्ज करने ,प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण करने एवं वेरिफ़िकेशन करने के निर्देश प्रदान किए।  इसके साथ ही सभी अधिकारियों को अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार निरीक्षण करने ,निरीक्षण के दौरान ज़्यादा से ज़्यादा कम्यूनिटी से संपर्क करने और विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए आईसीडीएस तथा महिला अधिकारिता द्वारा परस्पर योजनाओं की जानकारी का आदान प्रदान कर अधिक से अधिक समुदाय तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के निर्देश प्रदान किए साथ ही योजनाओं एंव बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीक़े से क्रियान्वित करने के भी निर्देश प्रदान किए। शासन सचिव श्रीमती पूनम ने निर्देश दिए कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी अपने ज़िले की आवश्यकता के अनुसार विशेष नवाचार का कार्य करने के साथ ही गृह संपर्क की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी काम करें। समीक्षा बैठक में आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत एवं महिला अधिकारिता के अतिरिक्त निदेशक श्रीमती नीतू राजेश्वर सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे बैठक के पश्चात शासन सचिव द्वारा महिला अधिकारिता विभाग के राजकीय बालिका छात्रावास के भवन में संचालित सखी - वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया गया एवं केंद्र की SOP की पालना सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया।

    70 प्रतिशत दिव्यांग सावन ने जेईई-मेन में हासिल किया 99 पर्सेंटाइल

    - दो वर्ष की उम्र में हो गया था पोलियो - एलन ने फीस में 80 प्रतिशत रियायत दी कोटा. शिक्षा की काशी कोटा संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानियों का गढ़ है। यहां स्टूडेंट जो सीखता है वो जीवनभर काम आता है और आगे बढ़ाता है। इसी क्रम में एक और कहानी सामने आई है। ये है एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव 19 वर्षीय सावन कुमार की। सावन के संघर्ष व प्रतिभा को पहचानते हुए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने उन्हें कोचिंग फीस में 80 प्रतिशत की छूट प्रदान की।   पैरों से कमजोर लेकिन इरादों से मजबूत सावन कुमार ने साबित कर दिया कि हौसले से हर बाधा पर पार पाई जा सकती है। आर्थिक तंगी और शारीरिक विकलांगता जैसी चुनौतियों के बावजूद सावन अपने पैरों पर खड़े होने को लेकर संघर्षरत है। सावन ने जेईई मेन 2026 में 99.1473246 पर्सेंटाइल स्कोर किया है और अब जेईई-एडवांस्ड के लिए तैयारी कर रहा है। सावन ने बताया कि जब मात्र दो वर्ष का था तब पोलियो से ग्रस्त हो गया था। इसके कारण दोनों पैरों में लगभग 70 प्रतिशत लोकोमोटर डिसएबिलिटी विकसित हो गई, जिससे चलने में कठिनाई होती है, अभी भी चलने में परेशानी होती है। इस शारीरिक स्थिति को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया।    सावन एक साधारण किसान परिवार से है। पिता प्रभु राय के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और वे बटाई पर खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सावन की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही एक स्कूल में हुई। बाद में प्रवेश परीक्षा में श्रेष्ठता साबित करते हुए बिहार के सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई में कक्षा 6 से 10 तक निशुल्क शिक्षा प्राप्त की। कक्षा 10 की बिहार बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल करने के बाद परिजनों ने इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा भेजने का निर्णय लिया।    आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस लक्ष्य सावन का कहना है कि यह सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। यदि यह सहायता नहीं मिलती, तो उनके लिए उच्च स्तर की तैयारी करना संभव नहीं होता। किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी को अपनी कमजोरी न बनने दें। शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं और अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। जेईई मेन में प्रदर्शन के बाद अब सावन का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस्ड 2026 में सफलता हासिल करना है। वे देश के शीर्ष संस्थानों, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली या आईआईटी मद्रास में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं। भविष्य में वे सिविल सेवा में जाकर समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना चाहते हैं।   परिवार ने किया मोटिवे सावन ने बताया कि उनके जीवन में परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। परिवार ने भी हमेशा सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वे किसी तरह से पीछे हैं। चलने-फिरने में दिक्कत होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया, जिससे सावन ने शिक्षा को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।   हर प्रतिभा के साथ है एलन  एलन के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि एलन हमेशा प्रतिभाशाली और जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए तत्पर रहता है। सावन की लगन, प्रतिभा और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें विशेष रियायत दी गई, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।

    राजस्थान विश्वविद्यालय में युवा महोत्सव का भव्य आयोजन संपन्न

    जयपुर। आरयू की छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रवीण शर्मा ने बताया कि तीन वर्ष के लंबे अंतराल के बाद राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर युवा ऊर्जा, उत्साह और रचनात्मकता से सराबोर नजर आया। 25 एवं 27 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय अंतर-महाविद्यालय युवा महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ। महोत्सव में जयपुर एवं दौसा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने एकल एवं समूह प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप डांस, फोक ग्रुप डांस तथा मिस्टर एंड मिस यूथ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इन आयोजनों में प्रतिभागियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों का उत्साह भी देखने लायक रहा—पूरे समय पंडाल खचाखच भरा रहा और हर प्रस्तुति पर जोरदार तालियों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। दूसरे दिन चार स्थलों पर समानांतर आयोजन महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताएं विश्वविद्यालय के चार अलग-अलग स्थलों पर आयोजित की गईं, जिससे पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। नाट्य विभाग में सामाजिक सरोकारों पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से समकालीन मुद्दों को उजागर किया। डिपार्टमेंट ऑफ लाइफ लॉन्ग लर्निंग में हिंदी, अंग्रेजी एवं उर्दू काव्य पाठ तथा हिंदी एवं अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जहां प्रतिभागियों ने अपनी अभिव्यक्ति क्षमता, तर्कशक्ति और भाषा कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। संगीत विभाग में शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य और सामूहिक लोकगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। वहीं दृश्य कला विभाग में फेस पेंटिंग, मांडना एवं आशु पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कलात्मक दृष्टि देखने को मिली। महोत्सव में जयपुर एवं दौसा के अनेक महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहा। कुल 248 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन किया, वहीं 72 प्रतिभागियों ने आयोजन स्थल पर ही पंजीकरण करवाकर प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिससे कुल भागीदारी और भी प्रभावशाली रही। सभी प्रतियोगिताओं में अनुभवी एवं विशेषज्ञ निर्णायकों द्वारा निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रवीण शर्मा ने बताया कि इस महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच प्रदान किया। महोत्सव में सभी गतिविधियों में उल्लेखनीय उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    राजस्थान विश्वविद्यालय के 'लाइफलाँग लर्निंग विभाग' में आपदा प्रबंधन एवं जीवन रक्षा कौशल पर कार्यशाला आयोजित; विद्यार्थियों ने सीखे सीपीआर के गुर

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के लाइफलाँग लर्निंग विभाग द्वारा "बेसिक लाइफ सेविंग ट्रेनिंग" विषय पर दिनांक 27 अप्रैल 2026 को एक विशेष ट्रेनिंग सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस ट्रेनिंग सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के समय त्वरित निर्णय लेने और जीवन रक्षा तकनीकों के प्रति शिक्षित करना था।   डॉ. अमित शर्मा ने युवाओं को दी सामाजिक जिम्मेदारी की सीख लाइफलाँग लर्निंग विभाग के निदेशक डॉ. अमित शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जीवन कौशल है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे आपात स्थिति में घबराने के बजाय एक 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभा सकें।   मनीष संचेती ने साझा किए आपदा प्रबंधन के सूत्र मुख्य वक्ता श्री मनीष संचेती ने अपने व्याख्यान में लाइफ सेविंग की दिशा में आपदा प्रबंधन के विविध पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्राकृतिक आपदा के समय 'ड्रॉप, कवर और होल्ड' की तकनीक और आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों के बारे में बताया । उन्होंने रोड एक्सीडेंट मैनेजमेंट में दुर्घटना के बाद के 'गोल्डन ऑवर' का महत्व समझाया और घायल की सुरक्षित सहायता हेतु विभिन्न तरीकों को समझाया । उन्होंने आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास और प्राथमिक उपचार के तरीकों पर भी प्रकाश डाला । इसके अतिरिक्त हार्ट अटैक मैनेजमेंट में दिल का दौरा पड़ने के लक्षणों को पहचानना और अस्पताल पहुँचने से पूर्व किए जाने वाले जरूरी उपायों के बारे में समझाया ।   कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन का लाइव प्रदर्शन कार्यक्रम के विशेष आकर्षण में मेडिकल एक्सपर्ट कनक वर्मा द्वारा कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन का लाइव प्रदर्शन दिया गया। उन्होंने डमी के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि यदि किसी व्यक्ति की सांसें रुक जाएं या दिल धड़कना बंद कर दे, तो सही तरीके से चेस्ट कंप्रेशन देकर उसकी जान कैसे बचाई जा सकती है। विद्यार्थियों ने इस तकनीक को न केवल देखा बल्कि इसकी बारीकियों को भी समझा।   कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। विभाग के निदेशक डॉ. अमित शर्मा द्वारा सभी शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को आपदा के समय धैर्य बनाए रखने और समाज में इन जीवन रक्षक तकनीकों का प्रसार करने का संकल्प दिलाया गया। इस विशेष सत्र में डॉ. जयसिंह, डॉ. ज्योति जैन, डॉ. प्रियंका मीणा एवं डॉ. सुचित्रा यादव भी उपस्थित रहे ।

    ‘‘क्रिएटिविटी एक्रॉस आर्ट एण्ड लिटरेचरः द पल्स ऑफ मोर्डन क्रिएटिविटी’’ विषय पर एक विचार संवाद सत्र

    यंग ऑथर्स क्लब ऑफ इंडिया के सहयोग से कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में ‘‘क्रिएटिविटी एक्रॉस आर्ट एण्ड लिटरेचरः द पल्स ऑफ मोर्डन क्रिएटिविटी’’ विषय पर एक विचार संवाद सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रख्यात कलाकार एवं बनस्थली विद्यापीठ के पूर्व डीन (फाइन आर्ट्स) प्रोफेसर देवकी नंदन शर्मा की स्मृति में आयोजित स्मृति व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत संपन्न हुआ। यह सत्र महाविद्यालय के आंतरिक मूल्यांकन आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कला-प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस संवाद सत्र का उद्देश्य आधुनिक समय में कला एवं साहित्य के बदलते स्वरूप और रचनात्मकता की भूमिका पर विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत करते हुए रचनात्मकता को शिक्षा का अभिन्न अंग बताया तथा विद्यार्थियों को कला और साहित्य के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हेमंत शेष ने अपने उद्बोधन में कला और साहित्य के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए रचनात्मकता के महत्व को रेखांकित किया। विशिष्ट वक्ताओं में प्रो. भवानी शंकर शर्मा, प्रो. रेखा भटनागर तथा प्रो. अमिता राज गोयल शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने कला, संस्कृति और शिक्षा के माध्यम से रचनात्मकता के विकास पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी संयोजक डॉ. सारिका कौल के मार्गदर्शन में किया गया। अंत में महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने सत्र का समापन करते हुए सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन श्रोताओं एवं वक्ताओं के बीच एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से अपने जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। यह आयोजन न केवल प्रो. देवकी नंदन शर्मा की स्मृति को सम्मानित करने वाला रहा, बल्कि विद्यार्थियों को रचनात्मकता के विविध आयामों से भी प्रेरित करने में सफल रहा।