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    शैक्षणिक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के फोटोग्राफी क्लब द्वारा को ‘Ansel Adams, Through the Lens of Nature’ विषय पर एक शैक्षणिक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को प्रसिद्ध अमेरिकी फोटोग्राफर एंसल एडम्स की फोटोग्राफी शैली एवं उनके प्रकृति-प्रेम से परिचित कराना था। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से छात्राओं को लैंडस्केप फोटोग्राफी की बारीकियों, प्राकृतिक दृश्यों के प्रभावी चित्रांकन तथा प्रकाश, छाया, संरचना और दृष्टिकोण के महत्त्व को समझाना था। एंसल एडम्स अपनी उत्कृष्ट श्वेत-श्याम प्रकृति एवं लैंडस्केप फोटोग्राफी के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। उनके कार्यों ने प्रकृति की सुंदरता को कलात्मक रूप से प्रस्तुत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को इस तरह की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस शैक्षणिक गतिविधि के माध्यम से छात्राओं में फोटोग्राफी के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में फोटोग्राफी क्लब के सदस्य डॉ. शिप्रा गोयल, ऋषि दस्सानी, डॉ. सुमन धनाका एवं डॉ. दीप्ति चौहान सहित 18 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत मेें क्लब संयोजक डॉ. निधि गुप्ता ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।  

    दीपशिखा कॉलेज में ‘फ्यूज़न फेस्ट 2026’ मे फ्रेशेर्स पार्टी का भव्य आयोजन, विद्यार्थियों ने रैंप वॉक और नृत्य से बिखेरा जलवा

    जयपुर। दीपपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मानसरोवर, जयपुर में आयोजित चार दिवसीय ‘फ्यूज़न फेस्ट 2026’ के तीसरे दिन 14 अक्टूबर को “Freshers on the Ramp, Rang-Dance Beyond Boundaries” थीम के अंतर्गत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने एकल नृत्य और रैंप वॉक के माध्यम से अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं। फ्रेशर्स रैंप वॉक के अंतर्गत विद्यार्थियों ने विभिन्न चरणों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और मंचीय कौशल का परिचय दिया। फ्रेशर्स प्रतियोगिता में बीए प्रथम सेमेस्टर के अथर्व अवस्थी ने ‘मिस्टर फ्रेशर’ तथा बीए प्रथम सेमेस्टर की लवीना बाबानी ने ‘मिस फ्रेशर’ का खिताब प्राप्त किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में अंकित शर्मा, निर्मल बैरवा, कृष्णा गोयल, अविरल खींची, प्रिया जांगिड़ एवं कनिष्का सिंह विजेता रहे। इसी क्रम में बीए एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के मोहित प्रजापत को ‘मिस्टर टैलेंटेड’ तथा बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर की प्रीति यादव को ‘मिस टैलेंटेड’ चुना गया। वहीं, बीएससी प्रथम सेमेस्टर के कुणाल बैरवा ने ‘बेस्ट अटायर मेल’ और बीए प्रथम सेमेस्टर की रिया सैनी ने ‘बेस्ट अटायर फीमेल’ का खिताब हासिल किया। महाविद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं और उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए उन्हें अपनी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और टीम भावना को निरंतर विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनिला शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन में कन्वीनर नितिन जैन, को-कन्वीनर निलेश शर्मा एवं निशा थाक्याल, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मोनिका चौहान एवं डॉ. अपर्णा सोनी तथा कार्यक्रम उप-समन्वयक हेमा सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका सोनिया गौड़, ज्योति शर्मा एवं करुणा जोशी ने निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यार्थियों अनिल एवं सिमरन ने किया। ‘फ्यूज़न फेस्ट 2026’ विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और महाविद्यालय के सांस्कृतिक जीवन से जुड़ने का एक यादगार अवसर रहा।  

    इंडियन नॉलेज सिस्टम केन्द्र के अंतर्गत आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 200 लोगों ने लिया परामर्श

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के इंडियन नॉलेज सिस्टम (आईकेएस) केन्द्र के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, ’’आयुष मंत्रालय, भारत सरकार’’ के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग के सहयोग से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा में आयुर्वेद का विशेष महत्त्व है। इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग करना है। प्राचार्य के साथ केंद्र की संयोजक एवं उप-प्राचार्य डॉ. रंजना अग्रवाल और सभी सदस्यों ने चिकित्सकों का स्वागत किया। इस शिविर में लगभग 200 लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त किया। स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष प्रो. भारथी कुमारमंगलम एवं उनकी टीम ने महाविद्यालय के समस्त कर्मचारियों एवं छात्राओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निवारण किया। शिविर में निःशुल्क आयुर्वेदिक दवाईयाँ भी प्रदान की गई। कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद की उपयोगिता, स्वास्थ्य संरक्षण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया।  

    ‘पुस्तक मेले का आयोजन, 12 प्रकाशकों व पुस्तक विक्रेताओं ने भाग लिया

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर में पुस्तकालय द्वारा दो दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया गया, जिसमें जयपुर के लगभग 12 प्रकाशकों व पुस्तक विक्रेताओं ने भाग लिया। इसके अन्तर्गत कला, विज्ञान एवं वाणिज्य की पुस्तकों के साथ सामान्य ज्ञान, शब्दकोष, सन्दर्भ ग्रन्थ एवं प्रतियोगी पुस्तकों को प्रदर्शित किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने मेले का शुभारम्भ करते हुए छात्राओं को पुस्तक मेले का अधिकाधिक लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक मेले में भाग लिया और पुस्तके भी खरीदी। इस आयोजन में उप-प्राचार्य डॉ. रंजुला जैन, डॉ. रंजना अग्रवाल एवं पुस्तकालय समिति संयोजक डॉ. सुनीता शेखावत, पुस्तकालयाध्यक्ष मंजू राठौड़ के साथ पुस्तकालय समिति सदस्य उपस्थित रहे।  

    कला, कल्पना और रचनात्मकता के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा को मिला नया आयाम

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के चित्रकला विभाग द्वारा ‘Live Demonstration of Full Figure Drawing from Life’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध कलाकार एवं सहायक आचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद मीणा ने छात्राओं को मानव आकृति के अनुपात, रेखांकन, आकृति-निर्माण तथा प्रत्यक्ष अवलोकन की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सूक्ष्म निरीक्षण, सटीक रेखांकन और नियमित अभ्यास के महत्व पर विशेष जोर दिया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक कार्यक्रम छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उप-प्राचार्य डॉ. रंजना अग्रवाल ने कलाकार डॉ. जगदीश प्रसाद मीणा को सम्मानित किया तथा छात्राओं को कला के क्षेत्र में निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। चित्रकला विभागाध्यक्ष डॉ. सारिका कौल ने छात्राओं को मौलिक सोच, नवाचार, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के महत्व से अवगत कराते हुए अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को प्रत्यक्ष कला-प्रशिक्षण प्रदान कर उनके तकनीकी कौशल, रचनात्मकता और अनुशासन का विकास करना था।  

    राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों द्वारा एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों द्वारा विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के अंतर्गत आपदा प्रबंधन, मासिक धर्म स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं नशा मुक्ति से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के संदर्भ में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आंचल पुरी ने स्वयंसेविकाओं को भूकंप, चक्रवात, तूफान एवं सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महाराष्ट्र में जल संकट का उदाहरण देते हुए जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सुझाए गए दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए आपदा से पूर्व तैयारी, समय पर चेतावनी तथा सुरक्षा उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयुर्वेदिक चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इसमें महाविद्यालय की शिक्षिकाओं, छात्राओं एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों ने स्वास्थ्य जाँच करवाई। शिविर के माध्यम से मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई। इसके अतिरिक्त, नशा मुक्ति पर आयोजित व्याख्यान में सुश्री जैनिस हाशमी ने स्वयंसेविकाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने सभी गतिविधियों की सराहना करते हुए स्वयंसेविकाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने, आयुर्वेद से जुड़ने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। यह शिविर स्वास्थ्य जागरूकता, आपदा सुरक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आंचल पुरी, डॉ. विजय लक्ष्मी गुप्ता, डॉ. हर्षा शर्मा, चारूल शर्मा, डॉ. मंजरी भारद्वाज एवं डॉ. दीप्ति चौहान की सक्रिय भूमिका रही।

    सनस्टार स्कूल का 21वाँ वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह भव्य रूप से संपन्न

    जयपुर। सनस्टार स्कूल द्वारा बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित 21वें वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य, रंगारंग एवं यादगार रहा। समारोह में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, नाट्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सर्वांगीण प्रगति, खेल, भारतीय संस्कृति, विविध त्योहारों एवं राष्ट्रीय एकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वर वंदना से हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया। प्ले-ग्रुप एवं नर्सरी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने ‘जंगल सफारी’ एवं ‘Move It’ पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। राजस्थान की समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं को दर्शाने वाली विभिन्न प्रस्तुतियाँ समारोह का विशेष आकर्षण रहीं। विद्यार्थियों ने ‘गणेश वंदना’, ‘You Can’, ‘हनुमान चालीसा’, ‘Unity in Diversity’ और ‘Dreams’ जैसे गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं। इसके साथ ही कराटे शो तथा राष्ट्रीय प्रतीकों (National Symbols) पर आधारित प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह और आकर्षण को और बढ़ा दिया। भगवान श्री हनुमान जी की भक्ति, शक्ति, साहस एवं प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाते गीतों ने कार्यक्रम में विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। जैसे-जैसे प्रस्तुतियां आगे बढ़ीं, पूरा सभागार ‘सीताराम, सीताराम’ के पावन जयघोष से गूंज उठा। यह दृश्य श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक एकता का अद्भुत प्रतीक बन गया। विद्यालय के चेयरमैन मदन मोहन ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार एवं जीवन कौशल पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। विद्यालय के संस्थापक  राजन भारद्वाज ने विद्यालय की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों में मोबाइल के सीमित एवं संतुलित उपयोग के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने सुझाव दिया कि भोजन के समय तथा परिवार के साथ बातचीत के दौरान “No Mobile Zone” रखा जाए, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच संवाद एवं आपसी जुड़ाव को बढ़ावा मिले।  भारद्वाज ने अभिभावकों को “5-5-5 Rule” के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि अभिभावक प्रतिदिन सुबह 5 मिनट, दोपहर 5 मिनट और रात को 5 मिनट बच्चों से अवश्य बातचीत करें तथा इस दौरान उनके मन की बात सुनें। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती रागिनी ने विद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से अभिभावकों को अवगत कराया। उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों एवं विद्यार्थियों की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की।  

    इग्नू क्षेत्रीय केंद्र जयपुर के डॉ. पवन कुमार चौधरी बने उप-कुलसचिव, जयपुर में ही संभालेंगे दायित्व

    1.5 लाख विद्यार्थियों से जुड़े शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों को मिलेगी नई गति ​विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यकुशलता और अनुभव को देखते हुए जयपुर में ही रखा पदस्थापित ​जयपुर: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए क्षेत्रीय केंद्र, जयपुर में कार्यरत वरिष्ठ अस्सिटेंट रजिस्टार डॉ. पवन कुमार चौधरी को उप-कुलसचिव के पद पर पदोन्नत किया है। पदोन्नति के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी सेवाओं, प्रशासनिक दक्षता और अनुभव की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए उन्हें जयपुर क्षेत्रीय केंद्र में ही पदस्थापित बनाए रखने का आदेश जारी किया है। ​प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा सीधा लाभ इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, जयपुर के अंतर्गत वर्तमान में लगभग 1.5 लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत एवं अध्ययनरत हैं। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की शैक्षणिक, परीक्षा एवं प्रशासनिक गतिविधियों का सुचारू और पारदर्शी संचालन एक बड़ी चुनौती होती है। डॉ. पवन कुमार चौधरी की कार्यकुशलता, निर्णय क्षमता और विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें पुनः जयपुर में ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी इस पदोन्नति से क्षेत्रीय केंद्र के कामकाज में और अधिक तेजी तथा गुणवत्ता आने की उम्मीद है। ​डॉ. चौधरी की बड़ी उपलब्धि ​डॉ. चौधरी की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय प्रशासन के उच्च अधिकारियों, क्षेत्रीय केंद्र के सहकर्मियों, कर्मचारियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई व शुभकामनाएँ दी हैं। सभी ने विश्वास जताया कि वे अपने नए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और सफलता के साथ करेंगे। पदोन्नति के इस अवसर पर डॉ. चौधरी ने विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया तथा बधाई देने वाले सभी अधिकारियों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों के प्रति हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।  

    फ्यूज़न फेस्ट 2026 के दूसरे दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

    जयपुर। दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मानसरोवर, जयपुर में मंगलवार को आयोजित ‘फ्यूज़न फेस्ट 2026’ के दूसरे दिन विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक अभिरुचि एवं बहुआयामी प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दिन की प्रमुख प्रतियोगिताओं में ‘हेलोवीन डांस रायट ‘म्हारी माटी, म्हारी कहानी’ समूह नाट्य प्रतियोगिता तथा ‘मेलोडीज थ्रू द डिकेड एकल गायन प्रतियोगिता आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने नृत्य, अभिनय और गायन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। ‘हेलोवीन डांस रायट “समूह नृत्य प्रतियोगिता में कंप्यूटर साइंस विभाग के अंकित एवं समूह (जोश सदन) ने विजेता बनकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं, ‘म्हारी माटी, म्हारी कहानी’ समूह नाट्य प्रतियोगिता में बी.एससी.-बी.एड. विभाग के मनीष एवं समूह (रंग सदन) ने विजेता स्थान प्राप्त किया। ‘‘मेलोडीज थ्रू द डिकेड “एकल गायन प्रतियोगिता में ह्यूमैनिटीज विभाग के सूरज एवं अविरल (तरंग सदन) ने विजेता के रूप में सफलता हासिल की। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना ने अपने संदेश में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और टीम भावना की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कार्यक्रम में सोनिया गौड़ एवं दिव्या पाठक ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का संयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अनिला शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। डॉ. मोनिका चौहान एवं डॉ. अपर्णा सोनी के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा हेमा सिंह ने कार्यक्रम के समन्वय में सहयोग दिया।फ्यूज़न फेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, मंच अनुभव प्राप्त करने तथा आपसी सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का अवसर मिला। इस आयोजन ने महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक सहभागिता और सर्वांगीण विकास के वातावरण को और सशक्त बनाया।  

    RTI कानून के 21 वर्ष: नरबदखेड़ा में जनसंघर्ष को किया याद, संग्रहालय के स्थायी भवन की रखी नींव

    दस राज्यों के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा; बदनोर, जवाजा, जैतारण, भीम और देवगढ़ की सैकड़ों महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी ब्यावर। सूचना का अधिकार (RTI) कानून के 21 वर्ष पूरे होने पर ब्यावर के नरबदखेड़ा में जनमेला आयोजित किया गया। इसमें दस राज्यों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, मजदूर-किसान आंदोलन से जुड़े साथियों, युवाओं और आसपास के क्षेत्रों की सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। मेले में RTI आंदोलन के इतिहास और मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर RTI संग्रहालय के स्थायी भवन की नींव भी रखी गई। सूचना का अधिकार कानून लंबे जनसंघर्ष का परिणाम है। मजदूरी के भुगतान, सरकारी रिकॉर्ड में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ राजस्थान के गांवों में उठी आवाज ने जनसुनवाइयों के जरिए राष्ट्रीय आंदोलन का रूप लिया। मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS) सहित अनेक साथियों के प्रयासों से सरकारी रिकॉर्ड तक जनता की पहुंच और जवाबदेही की मांग मजबूत हुई। इसी संघर्ष के फलस्वरूप वर्ष 2005 में RTI कानून बना। आम लोगों के संघर्ष की विरासत सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने कहा कि सूचना का अधिकार आम लोगों के साहस और भागीदारी से हासिल हुआ। इस आंदोलन ने दिखाया कि साधारण लोग संगठित होकर व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। ब्यावर, भीम और आसपास के क्षेत्रों की इसमें अहम भूमिका रही है। इस इतिहास को सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। निखिल डे ने कहा कि RTI कानून जनता के संघर्ष से मिला अधिकार है, जो नागरिकों को सरकार से सवाल पूछने और सरकारी कामकाज की जानकारी हासिल करने की ताकत देता है। इसकी मूल भावना की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी है। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) की राष्ट्रीय अध्यक्ष कविता श्रीवास्तव ने RTI को जनभागीदारी और सरकारी जवाबदेही का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने ब्यावर में RTI कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की निंदा करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की। ब्यावर को ‘RTI सिटी’ के रूप में पहचान दिलाने का संकल्प निरंतर के संपादक रामप्रसाद कुमावत ने ब्यावर को सूचना के अधिकार आंदोलन की ऐतिहासिक पहचान के रूप में स्थापित करने की जरूरत बताई और इसे ‘RTI सिटी’ के रूप में पहचान दिलाने की बात कही। उन्होंने आंदोलन में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए ‘घाघरा पलटन’ के संघर्ष को याद किया। इन महिलाओं ने आंदोलन को मजबूती देने और RTI कानून की मांग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। चुन्नी सिंह ने कहा कि सूचना के अधिकार के बाद अब जवाबदेही कानून हासिल करना जरूरी है, ताकि सरकारी व्यवस्था आम जनता के प्रति उत्तरदायी बने। लोगों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। स्थानीय महिलाओं और युवाओं ने की भागीदारी बदनोर, जवाजा, जैतारण, भीम और देवगढ़ से आई सैकड़ों महिलाओं ने मेले में हिस्सा लिया। उन्होंने अपने क्षेत्रों में मजदूरी, पेंशन, सरकारी योजनाओं और अन्य जनहित के मुद्दों पर अधिकार हासिल करने के अनुभव साझा किए। MKSS के साथ काम कर रहे विभिन्न विश्वविद्यालयों के इंटर्न और युवाओं ने भी भागीदारी की। झारखंड से आए सार्थक, सरोज प्रिया, लाल सिंह, प्रवीर, डॉ. शेख, शंकर सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने RTI आंदोलन के इतिहास और मौजूदा चुनौतियों पर विचार रखे। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि सूचना तक पहुंच के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सरकारी कामकाज की निगरानी भी जरूरी है। मेले में विभिन्न स्टॉलों के जरिए आंदोलन, जनअधिकारों और सूचना के अधिकार से जुड़ी सामग्री लोगों तक पहुंचाई गई। जलेबी-पकौड़ी की दुकानों और सामूहिक मेल-मिलाप ने आयोजन को जनसंघर्ष की स्मृतियों, संवाद और आपसी सहयोग का मंच बनाया। RTI संग्रहालय के स्थायी भवन की नींव अरुणा रॉय, निखिल डे और शंकर सिंह सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने RTI संग्रहालय के स्थायी भवन की नींव रखी। प्रस्तावित संग्रहालय में आंदोलन से जुड़े दस्तावेज, तस्वीरें और ऐतिहासिक सामग्री संरक्षित की जाएगी, ताकि सूचना के अधिकार के लिए हुए संघर्ष की कहानी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके। SIR में कटे नामों का सर्वे, मताधिकार की रक्षा का संकल्प मेले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ब्यावर विधानसभा क्षेत्र में हटाए गए नामों का जमीनी सर्वे करने का संकल्प लिया गया। सर्वे के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कितने पात्र मतदाताओं के नाम सूची से कटे हैं और कौन अपने मताधिकार से वंचित होने की आशंका में है। प्रभावित लोगों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची में दोबारा जुड़वाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए लोगों को संगठित करते हुए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से संघर्ष किया जाएगा तथा निर्वाचन अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की जाएगी। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास मेले का संदेश था कि सूचना का अधिकार, मताधिकार और सरकारी जवाबदेही लोकतंत्र के बुनियादी आधार हैं। इन अधिकारों को हासिल करने और सुरक्षित रखने में जनभागीदारी की निर्णायक भूमिका है। RTI संग्रहालय के स्थायी भवन की नींव और SIR में हटाए गए नामों की जांच के लिए सर्वे का संकल्प इसी साझा प्रयास की कड़ी हैं।  

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    राजस्थान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति के कार्यकाल में प्रशासनिक आदेशों में संशोधन पर राज्यपाल का कड़ा रुख; 15 दिनों में जाँच रिपोर्ट तलब

    RUTA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार की शिकायत पर राज्यपाल सचिवालय ने लिया संज्ञान जयपुर. राजस्थान के राज्यपाल और कुलाधिपति ने राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों पर कड़ा संज्ञान लिया है। यह मामला विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति (कुलगुरु) प्रो. अल्पना कटेजा के कार्यकाल से संबंधित है। यह कार्रवाई राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (RUTA) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार द्वारा प्रस्तुत एक विस्तृत अभ्यावेदन (प्रतिनिधित्व) और संलग्न दस्तावेजों के आधार पर की गई है। शिकायत में प्रो. अल्पना कटेजा के कार्यकाल के दौरान उनके Leave Without Pay (बिना वेतन के अवकाश) से संबंधित एक मूल प्रशासनिक आदेश में लगभग दो वर्ष आठ महीने बाद किए गए संशोधनों पर सवाल उठाए गए हैं। संशोधन की वैधानिकता: पूर्व कुलपति के Leave Without Pay आदेश में कार्यालय आदेश संख्या 1/2026/3459, दिनांक 28.04.2026 द्वारा किए गए संशोधन की कानूनी वैधता।सक्षम प्राधिकारी का अधिकार क्षेत्र: क्या सक्षम प्राधिकारी के पास इस तरह के मूल आदेश को इतने समय बाद संशोधित करने का अधिकार क्षेत्र था? वित्तीय एवं सेवा-संबंधी प्रभाव: इस संशोधन से उत्पन्न होने वाले संभावित वित्तीय और सेवा-संबंधी प्रभावों की जाँच। वित्तीय भुगतानों की जाँच: कार्यकाल के अंतिम तीन महीनों में जारी प्रशासनिक स्वीकृतियों और करोड़ो रुपये के वित्तीय बिलों के भुगतानों की स्वतंत्र जाँच। राज्यपाल सचिवालय के निर्देश डॉ. संजय कुमार के अभ्यावेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए, राज्यपाल सचिवालय ने राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलसचिव को इस संवेदनशील प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र (क्रमांक: एफ.1(1)आरबी/2024/पार्ट-1/6713, दिनांक 07 अक्टूबर 2026) के माध्यम से, कुलसचिव को अभ्यावेदन में उल्लिखित सभी बिंदुओं से संबंधित अभिलेखों, पत्रावलियों, कार्यादेशों और भुगतान-संबंधी दस्तावेजों की "गहनता से जाँच" करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यपाल ने इस मामले में 15 दिवस के भीतर विस्तृत जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है। डॉ. संजय कुमार की प्रतिक्रिया इस त्वरित कार्यवाही पर प्रतिक्रिया देते हुए, RUTA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने राज्यपाल और राज्यपाल सचिवालय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके अभ्यावेदन और संलग्न दस्तावेजों पर विचार कर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश देकर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की गरिमा और पारदर्शिता बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। आगामी कदम विश्वविद्यालय प्रशासन को अब राज्यपाल सचिवालय के निर्देशों के अनुसार सभी संबंधित दस्तावेजों की गहन जाँच करनी होगी और निर्धारित 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट के निष्कर्षों पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और वित्तीय जवाबदेही से जुड़ा एक गंभीर मामला है।  

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    टीएसपी क्षेत्र के शिक्षकों की पुनः नियुक्ति के लिए संगठन ने शिक्षा मंत्री का किया अभिनंदन

    शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर हुई चर्चा राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में आज संगठन पदाधिकारीयों ने कोटा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मुलाकात की। संगठन द्वारा शिक्षको की विभिन्न समस्याओं के बारे में चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री को व्याख्याताओं के कोमन सीनियरिटी, तृतीय श्रेणी पदौनति प्रकरण, 1301 शिक्षकों के लिए शैडो पोस्ट सहित वेतन नियमितीकरण,शैक्षिक सम्मेलन की तिथियां सहित अन्य बिंदुओं से अवगत कराया गया। शिक्षा मंत्री द्वारा सकारात्मक आश्वासन दिया गया। संगठन द्वारा टीएसपी क्षेत्र के 75 शिक्षकों को पुनः विभाग में नियुक्ति देने पर‌ स्वागत किया गया। संगठन प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा, प्रदेश सभाध्यक्ष शशिभूषण शर्मा, बूंदी सभाध्यक्ष धनश्याम नकलक , विशेष शिक्षा के अध्यक्ष पवन शर्मा व, कोटा जिला अध्यक्ष धनंजय नागर, जिला मंत्री बालेन्दु चौधरी, हनुमान नागर, विकास पाटीदार , प्रतीक नागर सहित अनेक शिक्षकों द्वारा स्वागत किया गया।

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