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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर में मनाया गया हरियाली तीज उत्सव

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर में हरियाली तीज उत्सव बड़े हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन ई-ब्लॉक में किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. रजनी माथुर, डीन, स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज एवं आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर द्वारा तैयार की गई। उन्होंने कार्यक्रम में सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, समानता एवं सामाजिक सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया। कार्यक्रम के दौरान गायन एवं नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों एवं लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत करते हुए तीज के रंग को और भी जीवंत बना दिया। विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से उत्सव का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर हरियाली तीज क्वीन का चयन भी किया गया। श्रीमती राधा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उनकी सरलता, सकारात्मक सोच तथा सभी समुदायों में खुशी और सौहार्द फैलाने की भावना के लिए “तीज क्वीन” चुना गया। यह सम्मान विश्वविद्यालय में समानता, सम्मान एवं समावेशिता की भावना को प्रोत्साहित करने वाला प्रेरणादायक कदम रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने सभी को हरियाली तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विश्वविद्यालय परिवार को एकजुट करने के साथ-साथ हमारी समृद्ध भारतीय परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए आपसी प्रेम, सद्भाव एवं खुशी के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संदेश में सभी को तीज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरियाली तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, उमंग, सौंदर्य, प्रेम एवं सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने श्रीमती राधा को तीज क्वीन चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनका चयन विश्वविद्यालय में प्रत्येक वर्ग के सम्मान और समान अवसर की भावना को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गीत-संगीत एवं नृत्य के माध्यम से उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में एकता, समानता, खुशी और भाईचारे का सुंदर संदेश दिया। हरियाली तीज उत्सव ने सभी के मन में उमंग एवं प्रसन्नता का संचार करते हुए विश्वविद्यालय परिवार को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का सफल प्रयास किया।  

    सुकृति आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब द्वारा राखी एवं हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी का आयोजन

    कानोडिया पी.जी. महिला महाविद्यालय के सुकृति आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब द्वारा दो दिवसीय राखी एवं हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी का शुभारम्भ दिनांक 17 अगस्त, 2026 को किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मकता, प्रतिभा एवं उद्यमिता की भावना को मंच प्रदान करना था। प्रदर्शनी में कुल 25 स्टॉल लगाए गए, जिनमें 50 उत्साही छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्राओं द्वारा हाथ से बनी राखियां, क्रोशिया के फूल, लड्डू गोपाल की पोशाक, कपकेक, कुकीज़ तथा विभिन्न आकर्षक हस्तशिल्प वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। इन उत्पादों में छात्राओं की कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल, मेहनत एवं नवाचार की स्पष्ट झलक दिखाई दी। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने छात्राओं एवं क्लब के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्राओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ व्यावहारिक एवं उद्यमिता संबंधी कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं। महाविद्यालय की उप प्राचार्य डॉ. रंजुला जैन, डॉ. मनीषा माथुर एवं डॉ. रंजना अग्रवाल ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। क्लब की संयोजिका डॉ. विष्णुप्रिया टेमाणी ने बताया कि सुकृति आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब का उद्देश्य छात्राओं को अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता प्रदर्शित करने, बुनियादी उद्यमिता कौशल सीखने तथा कला और सृजनशीलता के माध्यम से रक्षाबंधन की भावना को उत्साहपूर्वक मनाने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में नई छात्राओं ने भी पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। प्रदर्शनी के सफल संचालन में क्लब की सदस्य डॉ. साक्षी शर्मा, डॉ. मेधा बाबेल, डॉ. भारती गोधवानी एवं डॉ. मनीषा खिंची का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह प्रदर्शनी छात्राओं के लिए केवल अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच ही नहीं, बल्कि रचनात्मकता को उद्यमिता से जोड़ने और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का एक सार्थक प्रयास भी रही।

    जीपीईएम विभाग के इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन

    गारमेंट प्रोडक्शन एंड एक्सपोर्ट मैनेजमेंट (जीपीईएम) विभाग द्वारा कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में दिनांक 17 अगस्त, 2026 को विभागीय इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 32 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने की। उन्होंने बताया कि जीपीईएम जैसे तकनीकी विषय युवा छात्राओं को उद्यमिता के क्षेत्र में तत्काल बढ़त प्रदान करते हैं। गृह विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. रिचा चतुर्वेदी ने छात्राओं को जीपीईएम विषय की बहुआयामी प्रकृति के बारे में संबोधित किया। डॉ. सुरभि माथुर के सक्रिय मार्गदर्शन एवं संरक्षण में समर्पित जीपीईएम विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने पूरे ओरिएंटेशन कार्यक्रम को व्यवस्थित करने, समन्वय स्थापित करने और सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  

    प्रवासी साहित्य के स्वरूप एवं प्रवृत्तियों पर साहित्यिक परिसंवाद आयोजित

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के हिन्दी विभाग एवं स्पंदन महिला साहित्यिक संस्थान, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 17 अगस्त, 2026 को ‘प्रवासी साहित्यः स्वरूप और प्रवृत्तियाँ’ विषय पर साहित्यिक परिसंवाद का आयोजन किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि प्रवासी साहित्य भारतीय समाज, संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक संदर्भ में देखने का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम में प्रवासी साहित्यकार शालिनी वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने वक्तव्य में प्रवासी साहित्य की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रवासी साहित्य भारतीय संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विदेशों में हिन्दी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा प्रवासी रचनाकारों के योगदान पर भी विस्तार से चर्चा की। हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. शीताभ शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुये साहित्यकार शालिनी से उनकी साहित्यिक यात्रा, हिंदी भाषा और साहित्य तथा प्रवास में साहित्य सृजन से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। इसी क्रम में हिन्दी विभाग की छात्राओं ने भी वक्ता से प्रश्न पूछे। इन प्रश्नों के उत्तर देते हुए वक्ता ने विदेशों में हिन्दी भाषा और साहित्य के अध्ययन-अध्यापन तथा रोजगार की संभावनाओं की जानकारी भी दी। प्रमुख साहित्यकार एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. संदीप अवस्थी ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में विदेशों में कार्यरत अनेक संस्थाओं और प्रवासी साहित्यकारों की भूमिका पर प्रकाश् डाला। महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में ‘पहला गिरमिटिया’ उपन्यास का उल्लेख किया और डायस्पोरा लिटरेचर की जानकारी साझा की, साथ ही बताया कि किस प्रकार प्रवासी भारतीय अपनी जड़ों से आज भी जुडे़ हुये हैं। अंत में स्पंदन की संस्थापक अध्यक्ष नीलिमा टिक्कू ने इस सफल आयोजन और सक्रिय सहभागिता के लिये सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस परिसंवाद में उप-प्राचार्य, डॉ. रंजुला जैन, डॉ. मनीषा माथुर, सहायक आचार्य, डॉ. धर्मा यादव तथा प्रमुख साहित्यकार एस. भाग्यम शर्मा, कवि विनय कुमार अंकुश, प्रो. बीना अग्रवाल, डॉ.अलका अग्रवाल सहित अनेक साहित्यकारों एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में प्रवासी साहित्य के विविध पक्षों, उसकी विशेषताओं तथा समकालीन संदर्भों पर सार्थक चर्चा हुई।  

    सवाई मानसिंह द्वार एवं सैनिक स्कूल गर्ल्स छात्रावास का उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया लोकार्पण

    जयपुर। तत्कालीन महाराजा जयपुर सवाई मानसिंह द्वितीय द्वारा वर्ष 1942 में स्थापित श्री भवानी निकेतन परिसर के भव्य प्रवेश द्वार ‘सवाई मानसिंह द्वार’ एवं सैनिक स्कूल गर्ल्स छात्रावास का लोकार्पण राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने शिलापट्ट का अनावरण एवं फीता काटकर किया। लोकार्पण समारोह के अवसर पर श्रीमती दिया कुमारी का श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति के अध्यक्ष नगेन्द्र सिंह बगड़ ने साफा पहनाकर तथा सचिव सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यकारिणी सदस्य सम्पत सिंह धमोरा ने उपस्थित कार्यकारिणी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का परिचय करवाया। समारोह में एन.सी.सी. कैडेट्स एवं सैनिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा उप-मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर परिसर में उत्साह एवं गौरव का वातावरण रहा।  

    अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) की अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्य मंत्री से वार्ता सम्पन्न

    आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से हुई। महामंत्री महेंद्र लखारा ने बताया कि वार्ता में निम्न बिंदुओं पर चर्चा हुई शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर समानुपात में शिक्षकों की नियुक्ति करने,33000 संविदा शिक्षको को प्रबोधको की भांति नियमित किए जाने,टी.एस.पी. क्षेत्र में कार्यरत तृतीय श्रेणी व द्वितीय श्रेणी शिक्षकों का समायोजन नॉन टी.एस.पी क्षेत्र में व नॉन टी.एस.पी. क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को गृह जिलों में स्थानांतरित करने,शिक्षक कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाने,31 दिसंबर के पश्चात नियुक्त शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश सहित प्रथम नियुक्ति तिथि से न्यायालय के निर्णयानुसार समस्त परिलाभ दिए जाने,वेतन व्यवस्था वाले शिक्षकों को शहरी मकान किराया व भत्ता देने में वसूली रोकने के आदेश करने,सेवारत शिक्षकों द्वारा B.Ed. के दौरान इंटर्नशिप समय का पूर्ण वेतन देने व वसूली के आदेश वापस लिए जाने,शिक्षको से विभिन्न वसूलियों को रोके जाने, पे-प्रोटेक्शन दिए जाने आदि विषयों पर चर्चा हुई । सहानूभूति पूर्वक विचार किए जाने पर सहमति जताई। प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, महामंत्री महेंद्र लखारा, अतिरिक्त महामंत्री बसन्त जिन्दल एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सम्मिलित थे।  

    गौवंश संरक्षण एवं स्वास्थ्य संवर्द्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम

    पशुपालन मंत्री ने किया नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर का शिलान्यास एवं मोबाइल पशु रोग निदान प्रयोगशाला वाहन का लोकार्पण जयपुर। पशुपालन, गौपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत तथा गृह, पशुपालन और गोपालन राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जयपुर स्थित हिंगोनिया गौशाला पुनर्वास केंद्र में गौवंश की बेहतर चिकित्सा और उन्नत देखभाल के लिए अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर का विधिवत भूमि पूजन कर शिलान्यास किया और दूरदराज के पशुओं के त्वरित उपचार हेतु मोबाइल पशु रोग निदान प्रयोगशाला वाहन का लोकार्पण कर उसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हिंगोनिया गौशाला में बनने वाले इस विशिष्ट केंद्र से नेत्र संबंधी रोगों, मोतियाबिंद तथा दृष्टिहीनता से पीड़ित गौवंश को आधुनिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी वहीं अत्याधुनिक जांच उपकरणों से लैस यह मोबाइल प्रयोगशाला वाहन गांव-गांव और गौशालाओं तक पहुंचकर बीमार पशुओं के रक्त, दूध व अन्य जैविक नमूनों की ऑन-द-स्पॉट जांच कर त्वरित निदान एवं उपचार सुनिश्चित करेगा। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और उनके स्वास्थ्य सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पशुपालकों की आय बढ़ाने और पशुधन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर नई पहल कर रही है। हिंगोनिया गौशाला में नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल पशुधन संरक्षण और पशुपालकों के हित में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि गौमाता की सेवा हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। इस अवसर पर पशुपालन मंत्री ने कहा कि नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी केंद्र के माध्यम से पशुओं में होने वाले विभिन्न नेत्र रोगों की विशेषज्ञ स्तर पर जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि हमारा यह प्रयास रहेगा कि इस तरह का स्पेशियलिटी सेंटर चरणबद्ध रूप से संभाग स्तर पर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल पशुरोग निदान प्रयोगशाला वाहन पशु चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक जांच सुविधाओं से युक्त इस वाहन के माध्यम से पशुओं में होने वाले रोगों की मौके पर ही जांच एवं त्वरित निदान किया जा सकेगा। इससे रोगों की समय रहते पहचान, उपचार तथा पशुधन में रोगों के प्रसार की रोकथाम में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि सीएसआर के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने विभाग को मोबाइल पशुरोग निदान प्रयोगशाला वाहन उपलब्ध कराया है जिसके लिए जयपुर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा का पशुपालन मंत्री ने धन्यवाद किया जिनके प्रयासों से यह संभव हो पाया। इस अवसर पर पशुपालन राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि पशुधन हमारे ग्रामीण अर्थतंत्र की महत्वपूर्ण आधारशिला है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने पशुधन के संरक्षण, संवर्द्धन एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई स्तरों पर बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि नेत्र चिकित्सा स्पेशिलिटी सेंटर के खुलने से पशुओं के नेत्र संबंधी रोगों का विशेषज्ञ स्तर पर उपचार संभव होगा। पशुधन के उपचार में समय पर रोग की पहचान और विशेषज्ञ चिकित्सा अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंगोनिया में नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर के माध्यम से पशुओं को विशिष्ट नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है। राज्य मंत्री बेढम ने कहा कि मोबाइल पशुरोग निदान प्रयोगशाला विभाग की रोग निदान व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगी। इसका उद्देश्य रोगों की शीघ्र पहचान, त्वरित उपचार एवं प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। विभाग आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ सेवाओं को पशु चिकित्सा तंत्र से जोड़कर पशुपालकों को अधिक प्रभावी एवं सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मोबाइल पशुरोग निदान प्रयोगशाला वाहन के माध्यम से पशुपालकों को उनके क्षेत्र में ही त्वरित रोग निदान की सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ सुरेश चंद मीना, हिंगोनिया गौशाला के संचालक रघुपतिदास तथा राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज (राउवास) के डीन डॉ धर्मसिंह मीना भी उपस्थित थे। मुख्य अतिथियों ने इस अवसर पर गौपूजन कर गौशाला परिसर में पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम के अंत में विभाग के निदेशक डॉ मीना ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, पशु चिकित्सक, हिंगोनिया गौशाला के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि राज्य का पहला नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर राजूवास में बनाया जा रहा है। आज प्रदेश के दूसरे नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर का शिलान्यास हिंगोनिया गौशाला में किया गया।  

    देशभक्ति और सेवा का संगम: स्वतंत्रता दिवस पर बेगस के युवाओं ने बच्चों को कराया भोजन, पुरखों की परंपरा को रखा जीवित

    बेगस/ जयपुर। स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और आपस में प्रेम व सौहार्द बांटने का भी अवसर है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए बेगस गांव के युवाओं ने अपने पुरखों की सदियों पुरानी सामाजिक एकता और सेवा की परंपरा को जीवंत बनाए रखा। 15 अगस्त के पावन अवसर पर गांव के ज्ञान दास बाबा की बगीची में स्कूली बच्चों के लिए विशाल भोजन प्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया। ​इस आयोजन के जरिए स्थानीय युवाओं ने न केवल अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत किया, बल्कि समाज के सामने निस्वार्थ सेवा और एकजुटता का एक बेमिसाल अनूठा उदाहरण भी पेश किया। ​दिन-रात की मेहनत से मिली आयोजन को सफलता ​कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्थानीय युवाओं की टोली पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटी हुई थी। युवाओं ने भोजन की व्यवस्था, प्रांगण की साफ-सफाई और बच्चों के बैठने के प्रबंध को लेकर दिन-रात एक कर मेहनत की। सुबह से ही ज्ञान दास बाबा की बगीची में चहल-पहल शुरू हो गई थी। अनुशासन और प्रेम के साथ युवाओं ने अपनी ज़िम्मेदारी संभाली और यह सुनिश्चित किया कि हर बच्चे तक भोजन प्रसादी सहजता से पहुँचे। ​सैंकड़ों बच्चों ने ग्रहण किया स्वादिष्ट भोजन ​इस आयोजन में बेगस एवं आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न स्कूलों से आए सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। बगीची के प्रांगण में एक साथ पंक्ति में बैठकर बच्चों ने स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन प्रसादी ग्रहण की। बच्चों के चेहरों पर झलकी मुस्कान और उत्साह ने युवाओं की इस मेहनत को सार्थक बना दिया। आयोजकों ने बच्चों को भोजन कराने के साथ-साथ उनके साथ समय बिताया और उनसे विभिन्न विषयों पर संवाद भी किया। ​सामाजिक मूल्यों व देशभक्ति की भावना से जोड़ने का अनूठा प्रयास ​यह आयोजन महज एक भोजन कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से नई पीढ़ी में अच्छे संस्कारों और सामाजिक मूल्यों का बीजारोपण करने की कोशिश की गई। युवाओं ने बच्चों को देश के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका और आपस में भाईचारे के साथ रहने का महत्व समझाया। बच्चों को बताया गया कि कैसे छोटी-छोटी सेवा भावनाएं देश को एक मजबूत सूत्र में पिरोने का काम करती हैं। ​सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती परंपरा ​गांव के बुजुर्गों का कहना है कि ज्ञान दास बाबा की बगीची में हर साल होने वाला यह आयोजन केवल एक सामाजिक उत्सव नहीं, बल्कि गांव की धरोहर है। यह परंपरा न केवल बच्चों में सामाजिक समरसता, एकता और भाईचारे को बढ़ावा देती है, बल्कि आज के युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने का भी एक सशक्त माध्यम बनी हुई है। आधुनिकता के इस दौर में जहां लोग अपनी परंपराओं से दूर हो रहे हैं, बेगस के युवाओं की यह पहल पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बनी हुई है। ​आयोजन के अंत में युवाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने बुजुर्गों द्वारा शुरू की गई इस पावन परंपरा को भविष्य में भी इसी तरह पूरे उत्साह और निष्ठा के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे।  

    कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने ध्वजारोहण कर 99 प्रतिभाओं को किया सम्मानित

    -स्वतंत्रता दिवस पर बांगड़ स्टेडियम में आयोजित हुआ जिला स्तरीय समारोह पाली। राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में पाली जिला मुख्यालय पर मुख्य समारोह राजकीय श्री बांगड़ स्टेडियम में आयोजित हुआ। समारोह में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान हुआ तथा मंत्री कुमावत ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। समारोह को संबोधित करते हुए जोराराम कुमावत ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देशवासियों के लिए गौरव का पर्व है। आज के दिन हमें आजादी मिली और यह हम सभी के लिए गौरव का पल है। उन्होंने सभी से राष्ट्रीय गौरव की भावना को सदैव हृदय में संजोए रखने तथा देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राज्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए आमजन से इनका लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पाली जिले में गत वर्षों में विकास के कई आयाम स्थापित हुए हैं तथा राज्य बजट में मुख्यमंत्री द्वारा जिले को कई सौगातें दी गई हैं। इससे पहले श्री कुमावत ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उन्होंने सर्किट हाउस में ध्वजारोहण किया। वीरांगनाओं एवं विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त प्रतिभाओं का सम्मान समारोह में देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीरों की वीरांगनाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने एवं सराहनीय कार्य करने वाली कुल 99 प्रतिभाओं को जिला स्तर पर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सांसद पी.पी. चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, पुखराज पटेल, त्रिलोक चौधरी, विधायक भीमराज भाटी, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा, जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत सहित गणमान्य नागरिक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।  

    अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा ने हर्षोलास से मनाया राष्ट्रीय पर्व 80 वा स्वतंत्रता दिवस

    अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा की और से 80 वा स्वतंत्रता दिवस महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूँगा वाले) के मुख्य अतिथ्य मे हर्षोलास एवं धूम धाम से मनाया गया! कार्यक्रम का शुभआरम्भ महासभा के शास्त्री नगर स्तिथि कार्यालय खंडेलवाल भवन पर महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूँगा वाले) ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर किया! इस अवसर पर महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूँगा वाले) ने सभी से राष्ट्र प्रेम का अहवाँन किया! 80 वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संजीव कट्टा, मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष, अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा, राम निरंजन खुटेटा (खंडेलवाल), प्रधान संपादक, अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा शरद फरसोइया, राष्ट्रीय युवा संयोजक, अ.भा.खण्डेलवाल वैश्य महासभा, प्रोफेसर रमेश कुमार रावत, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, मार्ग दर्शक मंडल के संयोजक राम रतन घीया , महासभा पत्रिका प्रभारी राम स्वरूप ताम्बी, महासभा पत्रिका के सह प्रभारी राम बाबू गुप्ता,भवन संयोजक रमेश चंद खंडेलवाल, अखिल भारतीय खंडेलवाल सुमधुरा सखी सहेली मंच की संयोजक मधु खंडेलवाल, व कार्यकारिणी सदस्यगण,संयोजकगण, महासभा,जयपुर सहित अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, राजनंद गाव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों, आजीवन सदस्यों, समाज के कर्मठ कार्यकर्ताओं ने 80 वे स्वतंत्रता दिवस की सभी समाज बंधुओ को शुभ कामना दी!  

    80वें स्वतंत्रता दिवस पर ज्वेलर्स एसोसिएशन, जयपुर में भव्य ध्वजारोहण समारोह

    जयपुर। ज्वेलर्स एसोसिएशन, जयपुर द्वारा संचालित जनोपयोगी भवन, जनता कॉलोनी में देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रातः 10:30 बजे गरिमापूर्ण ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं समाजसेवी राजू मंगोड़ीवाला के नेतृत्व में एसोसिएशन की वर्तमान कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, पूर्व अध्यक्षों तथा बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह में लगभग 150 लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला का प्रेरणादायी संबोधन रहा। उन्होंने उपस्थित सभी सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को दोहराने का पावन दिन है।  मंगोड़ीवाला ने कहा कि जयपुर का रत्न एवं आभूषण व्यवसाय आज विश्वभर में भारतीय हुनर, कला, कारीगरी और उद्यमिता का परचम लहरा रहा है। ज्वेलर्स एसोसिएशन, जयपुर व्यापारिक हितों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी सदैव प्राथमिकता देती रही है। जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक उत्थान और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना एसोसिएशन की निरंतर प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि भारत आज विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में देश के व्यापार एवं उद्योग जगत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने सभी व्यापारियों से आह्वान किया कि वे अपने व्यापार को राष्ट्रहित से जोड़ते हुए “मेड इन इंडिया, मेड फॉर इंडिया और मेड फॉर ग्लोबल” के संकल्प को मजबूत करें और भारतीय उत्पादों, कारीगरी तथा उद्यमिता को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाने में योगदान दें। अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला ने कहा कि व्यापार की सफलता तभी सार्थक है, जब उसके साथ समाज और राष्ट्र की प्रगति भी जुड़ी हो। उन्होंने एसोसिएशन के सभी सदस्यों से एकजुट होकर जयपुर के रत्न एवं आभूषण उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने तथा सामाजिक जिम्मेदारियों को और मजबूती से निभाने का आह्वान किया। समारोह में उपाध्यक्ष गोविंद प्रकाश अग्रवाल, संयुक्त सचिव महावीर कुमार डागा, वर्तमान कार्यकारिणी के सदस्यों, एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में सदस्य एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के पश्चात देशभक्ति संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ज्वेलर्स एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्यों एवं उपस्थित सभी लोगों ने पूरे उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति के साथ भाग लिया। पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष से गूंज उठा। समारोह ने ज्वेलर्स एसोसिएशन, जयपुर की एकता, सामाजिक प्रतिबद्धता, राष्ट्रप्रेम और दूरदर्शी नेतृत्व का संदेश देते हुए स्वतंत्रता दिवस को यादगार बना दिया।  

    अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा की जयपुर संभाग बैठक संपन्न

    जयपुर  अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा), जयपुर संभाग की एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, कंवर नगर (जयपुर) में आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन संभाग संयुक्त मंत्री मेघराज शर्मा ने किया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष जयपुर संभाग अर्जुन सिंह जाट ने की एवं संभाग पालक व प्रदेश महिला मंत्री गीता जैलिया का सानिध्य प्राप्त हुआ। ​बैठक के प्रथम सत्र में प्रदेश संयुक्त मंत्री देवेंद्र शर्मा ने संगठन के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न आयामों व प्रकल्पों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "राष्ट्र हित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक, शिक्षक हित में समाज" के ध्येय वाक्य को आधार बनाकर प्रत्येक कार्यकर्ता को कार्य करना है। संगठन को ब्लॉक (खण्ड) स्तर तक सक्रिय व वास्तविक स्वरूप देना होगा।   ​तद्पश्चात हरीश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हमेशा 'सत्यमेव जयते' की ही विजय होती है। शिक्षक को देशहित में कार्य करते हुए सनातन परंपरा व संस्कारों का बीजारोपण बच्चों में करना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा के व्यापारीकरण को मुक्त कर बच्चे का सर्वांगीण विकास करना ही शिक्षक की मुख्य भूमिका है। ​ ​द्वितीय सत्र में नोरंग सहाय भारतीय ने केरल सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर प्रश्न पूछने के कारण शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। ​उन्होंने बताया कि 6 अगस्त 2026 को केरल में आयोजित एक क्विज प्रतियोगिता में महान स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर पर प्रश्न पूछने के कारण वामपंथी केरल सरकार द्वारा शिक्षक गुरु प्रसाद को अकारण निलंबित कर दिया गया, जो कि अत्यंत निंदनीय है। पूर्व में संगठन की महामंत्री गीता भट्ट द्वारा केरल के महामहिम राज्यपाल महोदय को ज्ञापन देकर निलंबन रद्द करने की मांग की गई थी। ​निलंबन वापस न होने के विरोध मे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा पूरे देश में जिला स्तर पर 17 अगस्त 2026 को विशाल धरना-प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया है। जयपुर संभाग बैठक में इस हेतु पूर्ण तैयारी व रणनीति बनाई गई। प्रदेश महिला मंत्री व संभाग पालक गीता जैलिया ने "तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें ना रहें" के भाव के साथ कार्यकर्ताओं को राष्ट्र उत्थान व संगठन सेवा के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने दायित्व परिवर्तन को संगठन की एक सहज प्रक्रिया बताते हुए महिला शक्ति को संगठन से जोड़ने का आग्रह किया। ​अध्यक्षीय उद्बोधन में अर्जुन सिंह जाट ने संगठन द्वारा चलाए गए "गुरु वंदन एवं एक पेड़ - एक शिक्षक" कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने आगामी खण्ड साधारण सभा की बैठकों, नवीन कार्यकारिणी गठन एवं पालक के सानिध्य में तीन सत्रों के आयोजन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने अनुशासित रहकर ऊर्जावान एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपने का आह्वान किया। कार्यक्रम मे संभाग से चंद्र प्रकाश शर्मा , ओम प्रकाश टेलर, राजेश दायमा ,शकुन्तला मौर्य, कमलेश चौधरी एंव जयपुर संभाग के जिलाध्यक्ष, जिलामंत्री,वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, महिला उपाध्यक्ष एंव महिला मंत्री एंव प्रकोष्ठ एंव आयाम के सदस्य उपस्थित रहे एंव हवामहल खण्ड का कार्य मे सहयोग रहा । ​