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    गुणवत्तापूर्ण शोध की आधारशिला पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन: यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर में तीन दिवसीय शोध कार्यशाला का शुभारंभ

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका जयपुर के अनुसंधान विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित तीन दिवसीय शोध कार्यशाला के प्रथम दिवस पर गुणवत्तापूर्ण शोध की मूल अवधारणाओं, शोध समस्या चयन एवं उपयुक्त शोध पद्धति के विषय में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। डॉ.मंजू सिंह, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर की वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं शोध विशेषज्ञ, ने कहा कि एक सफल शोध की शुरुआत सही समस्या की पहचान से होती है। उन्होंने स्पष्ट शोध उद्देश्यों, सशक्त शोध प्रश्नों तथा समाजोपयोगी परिणामों पर आधारित प्रस्ताव तैयार करने पर विशेष बल दिया। डॉ. पियूषा मजूमदार, सह-प्राध्यापक, आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय तथा टेडएक्स वक्ता, ने शोध पद्धति के चयन को शोध की विश्वसनीयता का आधार बताया। उन्होंने मात्रात्मक, गुणात्मक तथा मिश्रित शोध विधियों के व्यावहारिक उपयोग तथा सही संदर्भ में उनके चयन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि शोध केवल शैक्षणिक आवश्यकता नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों को शोध में मौलिकता, नैतिकता एवं जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।   प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाला शोध किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान और विश्वसनीयता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने प्रतिभागियों को नवाचार, शोध नैतिकता तथा समाजोपयोगी अनुसंधान को अपनाने के लिए प्रेरित किया।   प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक परिवेश में शोध कौशल का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को युवा शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक बताते हुए वैश्विक स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।   आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ समन्वयक डॉ. रजनी माथुर ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान में शोध संस्कृति को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्राप्त ज्ञान को अपने शोध एवं शिक्षण कार्य में उपयोग करने का आह्वान किया तथा सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला की रूपरेखा डॉ. भाग्यश्री खरे द्वारा तैयार की गई। कार्यशाला का संचालन डॉ. चारु दुबे ने किया।   डॉ रजनी माथुर ने बताया कि कार्यशाला के आगामी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा शोध विश्लेषण, अकादमिक लेखन, संदर्भण, प्रकाशन रणनीति एवं शोध नैतिकता पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। 24 फरवरी को डॉ. क्षिप्रा जैन, सहायक प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, राजस्थान विश्विद्यालय, डेटा विश्लेषण एवं सांख्यिकीय व्याख्या पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगी। डॉ. मोनू भार्गव, प्रोफेसर, फैकल्टी ऑफ इनोवेशन, रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप, (पूर्णिमा यूनिवर्सिटी )अकादमिक लेखन, संदर्भण एवं शोध सत्यनिष्ठा पर मार्गदर्शन देंगी। इसी प्रकार 25 फरवरी को डॉ. दीपक कुमार गुप्ता, कंसल्टेंट स्टैटिस्टिशियन एवं शोध विश्लेषक, उच्च प्रभाव वाले शोध पत्र लेखन एवं प्रकाशन रणनीतियों पर प्रकाश डालेंगे। डॉ. रोहित जैन, संस्थापक एवं निदेशक, ट्रेड इनोवेशन सर्विसेज प्रा. लि., जयपुर, शोध नैतिकता, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) एवं जिम्मेदार अनुसंधान व्यवहार पर विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे।   वर्कशॉप में शोधार्थियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सत्रों को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।

    अनार उत्कृष्टता केंद्र, ढिंडोल बस्सी का शैक्षणिक भ्रमण: यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी वाटिका जयपुर के कृषि संकाय विद्यार्थियों ने सीखी उच्च तकनीक बागवानी

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका जयपुर के कृषि संकाय के बीएससी विद्यार्थियों ने अनार उत्कृष्टता केंद्र, ढिंडोल बस्सी का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण में लगभग 80 छात्रों ने भाग लेकर अनार की उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों द्वारा फसल प्रबंधन तथा उच्च गुणवत्ता उत्पादन की विधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने शेड नेट हाउस में पपीते की संरक्षित खेती तथा पॉली हाउस में विभिन्न प्रजातियों के फूलों की आधुनिक तकनीक से की जाने वाली खेती का भी अवलोकन किया। विशेषज्ञों द्वारा उन्हें संरक्षित खेती, सिंचाई प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन एवं रोग नियंत्रण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए उच्च तकनीक आधारित बागवानी का व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण एवं अत्यंत फलदायी अवसर सिद्ध हुआ। इस अवसर पर कृषि संकाय के सभी संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे तथा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

    दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन में बेसिक लाइफ सेविंग (BLS) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    जयपुर। दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मानसरोवर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने एवं विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सजग एवं सक्षम बनाने के उद्देश्य से “सहायता – द लाइफ सेवर्स (NGO)” के तत्वावधान में बेसिक लाइफ सेविंग (BLS) एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पद्मश्री डॉ. माया टंडन के नेतृत्व में संचालित संस्था की टीम द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्था के सचिव ताराचंद सहारन,CEO मनीष साचेती, व समन्यवक उदय वीर सिंह एवं उनकी टीम द्वारा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR), दुर्घटना पीड़ितों की प्राथमिक सहायता, तथा आपातकालीन चिकित्सा तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को हाथों-हाथ अभ्यास कराकर वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं सही प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं एवं अचानक हृदयगति रुकने की घटनाओं में समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा किसी भी व्यक्ति के जीवन को बचा सकती है। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक CPR तकनीक का अभ्यास किया और आपातकालीन स्थिति में अपनाए जाने वाले आवश्यक कदमों की जानकारी प्राप्त की। डॉ. प्रेम सुराना (चेयरमैन) ने कहा कि इस प्रकार के जीवन रक्षक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं और आपात स्थिति में किसी की जान बचाने में सहायक सिद्ध होते हैं। डॉ. अंशु सुराना (वाइस चेयरमैन) ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को CPR का ज्ञान होना चाहिए, ताकि समय पर सहायता देकर अनमोल जीवन बचाए जा सकें। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रीटा बिष्ट ने कार्यक्रम को उपयोगी एवं जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव द्वारा प्राथमिक चिकित्सा किट भेंट किया गया जिसे संस्था की तरफ से सोनिया गौड द्वारा ग्रहण किया गया एवं डॉ अपर्णा सोनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया। कार्यक्रम का सम्पूर्ण समन्वयन विभागाध्यक्ष दीपेश गुप्ता द्वारा किया गया ।

    “डिजिटल समाज और मानवीय मूल्य: ए.आई. युग में मानव दर्शन की प्रासंगिकता” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में सहभागिता

    अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के तत्वावधान में 22–23 फरवरी 2026 को Dr. Ambedkar International Centre, नई दिल्ली में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय था — “डिजिटल समाज और मानवीय मूल्य: ए.आई. युग में मानव दर्शन की प्रासंगिकता”।   इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश-विदेश के शिक्षाविदों, दार्शनिकों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं शोधकर्ताओं ने भाग लेकर डिजिटल युग में मानवीय मूल्यों की आवश्यकता पर गहन मंथन किया। वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तीव्र विकास के साथ-साथ नैतिकता, संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय गरिमा को केंद्र में रखना समय की आवश्यकता है।   कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा एवं शोध-पत्र प्रस्तुतिकरण आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने ए.आई. के सकारात्मक उपयोग, शिक्षा में तकनीकी नवाचार तथा मानव-केंद्रित विकास मॉडल पर विशेष जोर दिया।   इस अवसर पर राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) कि ओर से उमराव लाल वर्मा(ABRSM क्षेत्र प्रमुख) बसंत जिंदल(प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री) गीता जेलिया(महिला मंत्री) शिवशंकर शर्मा जयकिशन दाधीच एवं कैलाश सैनी ने सक्रिय सहभागिता निभाई। उन्होंने बताया कि कॉन्फ्रेंस में प्राप्त ज्ञान एवं विचार समाज और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक दिशा प्रदान करने वाले सिद्ध होंगे।   समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा डिजिटल युग में मानवीय मूल्यों की स्थापना एवं संरक्षण हेतु सामूहिक संकल्प व्यक्त किया गया।

    राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक आयोजित

    राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक आयोजित जयपुर। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSE&L) की ओर से समग्र शिक्षा को लेकर राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, संजय कुमार ने की। संजय कुमार ने वर्ष 2025-26 की प्राथमिकताओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन तथा समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति पर विशेष बल दिया। बैठक में समग्र शिक्षा योजना 2025-26 के अंतर्गत राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों को प्रस्तावित किश्तों की प्रगति, भौतिक उपलब्धियों तथा कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही PM SHRI योजना के तहत वित्तीय प्रगति और गुणवत्ता उन्नयन के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। डिजिटल शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी राज्यों से प्रगति रिपोर्ट ली गई।   शिक्षा संकुल स्थित समग्र शिक्षा राजस्थान मुख्यालय से राज्य परियोजना निदेशक व आयुक्त श्रीमती अनुपमा जोरवाल ने राज्य की स्थिति व प्रगति की जानकारी दी। बैठक में वित्तीय सलाहकार श्रीमती अनुपमा शर्मा, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक प्रथम श्रीमती सीमा शर्मा, द्वितीय अशोक कुमार मीणा, उपायुक्त व विभिन्न प्रकोष्ठों के अधिकारी शामिल हुए।    बैठक में प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक शिक्षा मंत्रालय भूपाल नंदा ने राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को SNA-SPARSH पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि वित्तीय पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हो सके। अतिरिक्त सचिव श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थी ने PRERNA और ULLAS कार्यक्रमों की प्रगति तथा DAJGUA (भौतिक एवं वित्तीय प्रगति) पर प्रस्तुतीकरण दिया। आर्थिक सलाहकार श्रीमती ए. सृजा ने 'नशा मुक्त भारत 2029' के लक्ष्य के अनुरूप तीन वर्षीय कार्ययोजना के क्रियान्वयन तथा 3 से 18 वर्ष तक के बच्चों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग हेतु PRASHAST ऐप के उपयोग पर जोर दिया। संयुक्त सचिव श्रीमती प्राची पांडेय ने नेशनल फाउंडेशन फॉर टीचर्स वेलफेयर (NFTW) की गतिविधियों की जानकारी दी। संयुक्त सचिव श्रीमती अमरप्रीत दुग्गल ने मिशन लाइफ के अंतर्गत ईको क्लब गठन से संबंधित अधिसूचनाओं के निर्गमन एवं अपलोडिंग की स्थिति की समीक्षा की।   संयुक्त सचिव आशीष जोशी ने PM-POSHAN योजना 2025-26, STARS परियोजना की प्रगति तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विद्यालय परिसरों में कुत्तों के काटने की घटनाओं की रोकथाम एवं आवारा कुत्तों के प्रबंधन संबंधी दिशा-निर्देशों पर चर्चा की। बैठक के अंत में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं पर खुली चर्चा की गई।

    नामांकन अनुपात बढ़ाने एवं ड्रॉपआउट दर में कमी लाने पर जोर, प्रत्येक बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने का प्रयास

    स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित जयपुर। मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन बिंदुओं की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने की। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।   बैठक में आईटीसी लैब्स, साइंस लैब्स, स्मार्ट क्लासरूम, निपुण भारत मिशन, बालिका शौचालय, मिड डे मील, विद्यालयों की बुनियादी एवं आधारभूत संरचना, ई-लर्निंग, गुणवत्तापूर्ण एवं व्यावसायिक शिक्षा, ​डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम तथा आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।     कृणाल ने इन सभी क्षेत्रों में वर्तमान प्रगति एवं स्थिति का संज्ञान लिया और विशेष रूप से विद्यालयों में नामांकन अनुपात बढ़ाने एवं ड्रॉपआउट दर में कमी लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर एवं आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।   इस मौके पर राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त श्रीमती अनुपमा जोरवाल, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक (द्वितीय) अशोक कुमार मीणा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    लखनऊ में ‘ब्लू ड्रम’ की दहशत: बेटे ने पिता की हत्या कर शव के टुकड़े किए, घर से बरामद हुआ ड्रम

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश आशियाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 21 वर्षीय बीकॉम छात्र ने कथित तौर पर अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर शव के टुकड़े कर उन्हें नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह हत्या 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे हुई। मृतक मनवेंद्र सिंह (49) पेशे से शराब कारोबारी थे और एक पैथोलॉजी लैब भी चलाते थे। आरोपी बेटे ने पहले पिता को गोली मारी, फिर शव को तीसरी मंज़िल से घसीटकर ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में ले गया। शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया जांच में सामने आया है कि आरोपी ने घरेलू औज़ारों से शव के कई टुकड़े किए। धड़ और सिर को नीले ड्रम में भरकर उसी कमरे में छिपा दिया गया, जबकि हाथ-पैर कार में ले जाकर एक सुनसान इलाके में फेंक दिए गए। पुलिस की फोरेंसिक टीम घर और कार से साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिता और बेटे के बीच लंबे समय से तनाव था। हालिया विवाद पढ़ाई को लेकर था पिता चाहते थे कि बेटा नीट की तैयारी करे, जबकि बेटा बीकॉम जारी रखना चाहता था। इसी बहस ने कथित तौर पर हिंसक रूप ले लिया। मेरठ कांड से जुड़ती ‘ब्लू ड्रम’ की कड़ी यह मामला उस सनसनीखेज हत्याकांड की याद दिलाता है, जिसने देशभर में ‘ब्लू ड्रम’ को खौफ का प्रतीक बना दिया था। करीब एक साल पहले मेरठ में भी एक हत्या में शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट के साथ सील किया गया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने वह मामला सोशल मीडिया पर देखा था और उससे प्रभावित हुआ। हत्या के बाद आरोपी ने ही पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। हालांकि, बार-बार बयान बदलने और कार की संदिग्ध सफाई से परिवार के एक सदस्य को शक हुआ। सख्त पूछताछ में पहले आरोपी ने आत्महत्या की कहानी बताई, फिर अंततः हत्या की बात स्वीकार कर ली। ड्रम बरामद, फोरेंसिक जांच जारी सोमवार शाम पुलिस आरोपी को लेकर घर पहुंची, जहां नीले ड्रम से क्षत-विक्षत अवशेष बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि आरोपी ड्रम को भी ठिकाने लगाने की योजना बना रहा था, लेकिन उससे पहले ही गिरफ्तारी हो गई। परिवार की पृष्ठभूमि बताया गया है कि सिंह परिवार मूल रूप से जालौन जिले का रहने वाला है। मृतक के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि मनवेंद्र सिंह की पत्नी का नौ साल पहले निधन हो चुका था। यह वारदात न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि घरेलू तनाव और सोशल मीडिया पर फैली हिंसक घटनाएं किस तरह अपराध की सोच को प्रभावित कर सकती हैं।

    ग्रुप केप्टिन अशोक कुमार को पीएचडी

    ग्रुप केप्टिन अशोक कुमार को पीएचडी मोदी विश्वविद्यालय लक्ष्मणगढ़ के स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के शोधार्थी अशोक कुमार ने अपनी पीएचडी (डाक्टरेट ऑफ फिलॉस्फी) का कार्य पूरा किया, उन्होंने अपना शोधकार्य ''एन्हान्सिंग एंटरप्राइज़ सिक्योरिटी : इनसाइड थ्रेट प्रेडिक्शन यूसिंग मशीन लर्निंग '' विषय पर पूर्ण किया है। यह शोध कार्य उन्होंने विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा संजीव पटवा एवं विस्फ्ल्क्स प्राइवेट लिमिटेड जयपुर के सीनियर मैनेजर डा सुनील कुमार जांगिड़ के निर्देशन में पूर्ण किया है । बाह्य परीक्षक के रूप में जम्मू विश्वविद्यालय से पधारे प्रो विनोद शर्मा ने थीसिस का परिक्षण किया , 23 फरवरी , 2026 को विश्वविद्यालय ने पीएचडी अवार्ड का नोटिफिकेशन जारी किया गया । अशोक कुमार ने यह उपलब्धि अपने इंडियन एयरफोर्स से ग्रुप केप्टिन के पद से रिटायर होने के पश्चात् प्राप्त की, इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट प्रो आशुतोष भारद्वाज तथा संकाय डीन प्रो प्रतीक भांति ने उनकी इस उपलब्धि को सराहा ।

    वन्देमातरम गान के साथ विराट हिन्दू सम्मेलन और भव्य कलश यात्रा का आयोजन, उमड़ी महिलाओं की भीड़

    महेश नगर स्थित मधुबन बस्ती में आज विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत *वंदे मातरम्* गीत के साथ हुई, जिसके पश्चात तीन मंदिरों से लगभग *500 माताओं-बहनों द्वारा विशाल कलश यात्रा* निकाली गई। इस आयोजन में कुल *1200 से अधिक श्रद्धालुओं* ने भाग लिया, जिनमें लगभग *700 मातृशक्ति का विशेष प्रतिनिधित्व* रहा।     समारोह में *बृंदावन धाम के परम श्रद्धेय रामानंद प्रभु जी महाराज* का संत सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रवचन में *सनातन धर्म की महत्ता* और ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की *निरंतरता की आवश्यकता* पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता *डॉ. एस. एन. शर्मा * ने की, वहीं * बीरेंद्र पांडेय * ने अपने उद्बोधन में समाज जीवन में *पंच परिवर्तन* की आवश्यकता और उससे होने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रेरक विचार रखे।     सम्मेलन में *स्वच्छता योद्धाओं, बाल प्रतिभाओं* तथा *पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों* का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन *भारत माता की आरती* के साथ हुआ।     अंत में, समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आनंद प्रदान करने हेतु *डॉ. राजू बृजवासी* द्वारा *भव्य फागोत्सव और फूलों की होली* का रंगारंग आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की।

    वन्देमातरम गान के साथ विराट हिन्दू सम्मेलन और भव्य कलश यात्रा का आयोजन

    महेश नगर स्थित मधुबन बस्ती में आज विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत *वंदे मातरम्* गीत के साथ हुई, जिसके पश्चात तीन मंदिरों से लगभग *500 माताओं-बहनों द्वारा विशाल कलश यात्रा* निकाली गई। इस आयोजन में कुल *1200 से अधिक श्रद्धालुओं* ने भाग लिया, जिनमें लगभग *700 मातृशक्ति का विशेष प्रतिनिधित्व* रहा।     समारोह में *बृंदावन धाम के परम श्रद्धेय रामानंद प्रभु जी महाराज* का संत सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रवचन में *सनातन धर्म की महत्ता* और ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की *निरंतरता की आवश्यकता* पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता *डॉ. एस. एन. शर्मा * ने की, वहीं * बीरेंद्र पांडेय * ने अपने उद्बोधन में समाज जीवन में *पंच परिवर्तन* की आवश्यकता और उससे होने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रेरक विचार रखे।     सम्मेलन में *स्वच्छता योद्धाओं, बाल प्रतिभाओं* तथा *पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों* का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन *भारत माता की आरती* के साथ हुआ।     अंत में, समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आनंद प्रदान करने हेतु *डॉ. राजू बृजवासी* द्वारा *भव्य फागोत्सव और फूलों की होली* का रंगारंग आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की।

    वक्ताओं ने दिया हिंदू चेतना ओर पंच परिवर्तन पर बल

    मालवीय नगर ऊषा बस्ती सेक्टर 1 व 2 ऊषा कॉलोनी में आज विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें मंच पर साध्वी समदर्शी गिरी, साध्वी तरुणा दीदी और कथावाचक कनुप्रिया, मुख्य वक्ता राकेश विश्व हिंदू परिषद जयपुर महानगर मंत्री तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष विश्वंभर दयाल, सचिव नवल किशोर गुरनानी उपस्थित रहे। साध्वी समदर्शी गिरी ने हिंदू चेतना और भारत की प्राचीन वैभवशाली परंपरा को बताते हुए वर्तमान परिदृश्य में सभी बंधुओं को अपने बच्चों को सोशल मीडिया के प्रति सजग रहने के लिए कहा तथा जिहाद जैसी स्थिति से समाज को कैसे सुरक्षित रखें इसका उल्लेख करते हुए हिंदू चेतना के जागरण पर बल दिया।    मुख्य वक्ता राकेश ने पंच परिवर्तन पर जोर देते हुए कहा जात पात को छोड़कर एक यानि हिंदू समाज के नाते राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना जरूरी है तथा नारी की महत्वता को समझाते हुए नारी सशक्तिकरण पर बल दिया   कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अलग अलग वेशभूषा पहने घोड़ों पर सवार महापुरुष , रानियां व झाकियां, तथा अलग अलग जगह से कलश यात्रा का संगम कर 1100 महिला कलश यात्रा में शामिल हुई    अलग अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमो ने जनता का मन मोह लिया विशेष आकर्षण सर्व समाज की बहिनों ने तलवार बाजी का प्रदर्शन कर नारी शक्ति का परिचय दिया.

    वन्देमातरम गान के साथ विराट हिन्दू सम्मेलन एवं भव्य कलश यात्रा का आयोजन

    महेश नगर स्थित मधुबन बस्ती में आज विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत *वंदे मातरम्* गीत के साथ हुई, जिसके पश्चात तीन मंदिरों से लगभग *500 माताओं-बहनों द्वारा विशाल कलश यात्रा* निकाली गई। इस आयोजन में कुल *1200 से अधिक श्रद्धालुओं* ने भाग लिया, जिनमें लगभग *700 मातृशक्ति का विशेष प्रतिनिधित्व* रहा।     समारोह में *बृंदावन धाम के परम श्रद्धेय रामानंद प्रभु जी महाराज* का संत सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रवचन में *सनातन धर्म की महत्ता* और ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की *निरंतरता की आवश्यकता* पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता *डॉ. एस. एन. शर्मा ज* ने की, वहीं * बीरेंद्र पांडेय * ने अपने उद्बोधन में समाज जीवन में *पंच परिवर्तन* की आवश्यकता और उससे होने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रेरक विचार रखे।     सम्मेलन में *स्वच्छता योद्धाओं, बाल प्रतिभाओं* तथा *पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों* का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन *भारत माता की आरती* के साथ हुआ।     अंत में, समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आनंद प्रदान करने हेतु *डॉ. राजू बृजवासी जी* द्वारा *भव्य फागोत्सव और फूलों की होली* का रंगारंग आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की।