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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर द्वारा बाजडोली गांव में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित

    56 minutes ago

    220 लोगों ने उठाया लाभ, जरूरतमंद ग्रामीणों को निःशुल्क चश्मे वितरित; मोतियाबिंद के मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन की पहल

    जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर द्वारा सहाय हॉस्पिटल, जयपुर एवं लॉज ज़ेवियर्स 459 जीएलआई (Lodge Xavier’s 459 GLI) के सहयोग से बाजडोली गांव में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 220 लोगों ने लाभ प्राप्त किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, आंखों से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करना था।

    शिविर के दौरान ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई तथा जरूरतमंद लोगों को पास की नजर के चश्मे निःशुल्क वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की गई।

    कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर की प्रेजिडेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि जैन, लॉज ज़ेवियर्स 459 जीएलआई से अमरदीप सोनी एवं पंकज जैन, सहाय हॉस्पिटल, जयपुर से रामाकांत तथा वाटिका नगर पालिका की चेयरमैन कमल देवी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और समाज के जरूरतमंद वर्गों तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।

    प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराणा ने संयुक्त प्रयासों को बताया महत्वपूर्ण

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराणा ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षण संस्थानों का दायित्व शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं के समाधान में योगदान देना और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी है।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। समय पर आंखों की जांच, उचित चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक चश्मे उपलब्ध होने से लोगों को दैनिक गतिविधियों में काफी सहायता मिल सकती है। बाजडोली गांव में आयोजित शिविर में 220 लोगों को लाभ पहुंचाना तथा जरूरतमंद ग्रामीणों को निःशुल्क चश्मे वितरित करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    प्रेजिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने सामाजिक उत्तरदायित्व पर दिया जोर

    इस अवसर पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसके योगदान और सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन से भी होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान एवं कौशल प्रदान करने के साथ-साथ उनमें मानवीय संवेदनाएं, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना भी है।

    उन्होंने कहा कि आंखों की रोशनी प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर नेत्र जांच और उचित उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। बाजडोली गांव में आयोजित इस शिविर के माध्यम से 220 लोगों को लाभ पहुंचाना संतोषजनक है। जरूरतमंद ग्रामीणों को निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराना और मोतियाबिंद के मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन की दिशा में पहल करना समाज सेवा की भावना को दर्शाता है।

    डॉ. जैन ने इस जनकल्याणकारी पहल में सहयोग देने वाले अस्पताल, सामाजिक संगठन, चिकित्सकीय टीम तथा विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के उत्थान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

    डॉ. सुराणा ने सहाय हॉस्पिटल, जयपुर, लॉज ज़ेवियर्स 459 जीएलआई के प्रतिनिधियों, चिकित्सकीय टीम और विश्वविद्यालय के सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और ग्रामीण उत्थान से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

    ग्रामीणों को मिला नेत्र जांच और उपचार का लाभ

    शिविर में ग्रामीणों की आंखों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। पास की नजर में परेशानी का सामना कर रहे जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए, जिससे उन्हें पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में सुविधा मिल सके। मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए मरीजों के आगे के उपचार एवं निःशुल्क ऑपरेशन की सुविधा के लिए भी पहल की गई।

    इस आयोजन में सहाय हॉस्पिटल, जयपुर ने चिकित्सा सेवाओं के लिए सहयोग प्रदान किया, जबकि लॉज ज़ेवियर्स 459 जीएलआई के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। वाटिका नगर पालिका की चेयरमैन श्रीमती कमल देवी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

    शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सा संस्थानों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा सकता है।

    आयोजन में सहयोग देने वाले विश्वविद्यालय के सदस्य

    शिविर के सफल आयोजन में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के निम्नलिखित सदस्यों ने सहयोग प्रदान किया:

    1. यश यादव

    2. वीरेंद्र चौधरी

    3. लतीफ

    4. हसन

    5. आशुतोष

    6. नीलम

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर समाज सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और ग्रामीण कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण समुदायों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

     

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