Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    ऑनलाइन ठगी से ट्रैफिक तक, आम जनता की समस्याओं के तकनीकी समाधान खोज रहे स्टूडेंट्स

    1 hour ago

    जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय जेयू टेकफेस्ट 2026 का आगाज़; 3,000 से अधिक प्रतिभागी, 25 से ज्यादा प्रतियोगिताएँ और 8 लाख रुपये तक के पुरस्कार

    जयपुर। तकनीक को केवल सीखने तक सीमित न रखते हुए वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में इस्तेमाल करने के उद्देश्य से जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय ‘जेयू टेकफेस्ट 2026’ का शुभारंभ हुआ। ‘बिल्ड, क्रिएट, इनोवेट’ थीम पर आयोजित इस टेकफेस्ट में देशभर से 3,000 से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, ई-स्पोर्ट्स और तकनीक से जुड़ी 25 से अधिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए कुल 8 लाख रुपये तक के पुरस्कार रखे गए हैं। इस बार 30 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागी दूसरे राज्यों से आए हैं।

    500 पंजीकरण से 3,000 से अधिक प्रतिभागियों तक का सफर

    टेकफेस्ट के चौथे संस्करण के उद्घाटन अवसर पर डिजिटल स्ट्रेटेजीस एंड स्टूडेंट अफेयर्स के निदेशक धीमंत अग्रवाल

    ने अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 पंजीकरण और कुछ प्रतियोगिताओं से शुरू हुआ यह आयोजन आज 25 से अधिक गतिविधियों और हजारों प्रतिभागियों तक पहुँच चुका है।

    उन्होंने कहा, “टेकफेस्ट केवल प्रतियोगिताओं का मंच नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रयोगशाला है, जहाँ विद्यार्थी कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान तैयार करते हैं।

    इस बार हैकाथॉन में ऑनलाइन ठगी, ट्रैफिक प्रबंधन और मेडिकल रिपोर्ट को सरलता से समझने जैसी रोजमर्रा की समस्याओं को शामिल किया गया है। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों के विचार ऐसे व्यावहारिक समाधान बनें, जिनका उपयोग समाज और उद्योग जगत में किया जा सके।

    500 से बढ़कर 3,000 से अधिक प्रतिभागियों तक पहुँचना युवाओं की तकनीक और नवाचार में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।”

    उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में स्टूडेंट काउंसिल, स्वयंसेवकों और पूरी आयोजन टीम के योगदान की सराहना की।

    हैकाथॉन में सात ट्रैक, फोकस वास्तविक समस्याओं पर

    जेयू टेकफेस्ट 2026 का प्रमुख आकर्षण हैकाथॉन है, जिसमें विद्यार्थी निर्धारित समय में तकनीकी समाधान विकसित कर उनका कार्यशील मॉडल यानी प्रोटोटाइप तैयार कर रहे हैं। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, स्मार्ट सिटीज एवं आईओटी, साइबर सिक्योरिटी एवं डिजिटल ट्रस्ट, हेल्थटेक एवं एक्सेसिबिलिटी, फिनटेक एवं डिजिटल कॉमर्स, सस्टेनेबिलिटी एवं क्लाइमेट टेक तथा एडटेक एवं फ्यूचर ऑफ वर्क सहित सात प्रमुख ट्रैक निर्धारित किए गए हैं।

    इनमें तीन प्रमुख चुनौतियाँ सीधे आम लोगों की समस्याओं से जुड़ी हैं।

    ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए ‘स्टॉप द स्कैम बिफोर द क्लिक’

    फर्जी लिंक, नकली ईमेल और फिशिंग मैसेज के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए विद्यार्थियों को ऐसा टूल विकसित करना है, जो किसी लिंक, संदेश, ईमेल या क्यूआर कोड में छिपे संभावित जोखिमों की पहचान कर सके। यह टूल संदिग्ध वेबसाइट के नाम, भ्रामक संदेशों और जल्दबाजी में कार्रवाई करने के लिए दबाव बनाने जैसी बातों के आधार पर खतरे को समझाएगा और उपयोगकर्ता को सुरक्षित कदम उठाने का सुझाव देगा। इसका उद्देश्य केवल चेतावनी देना नहीं, बल्कि लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूक और सतर्क बनाना भी है।

    बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए ‘ट्रैफिक दैट थिंक्स’

    शहरों में ट्रैफिक जाम और सिग्नल पर लगने वाले समय को कम करने के लिए विद्यार्थी ऐसा स्मार्ट सिस्टम विकसित करेंगे, जो वाहनों की संख्या, कतार की लंबाई, मौसम और एम्बुलेंस की आवाजाही जैसे कारकों के आधार पर सिग्नल के समय में बदलाव या वैकल्पिक मार्गों का सुझाव दे सके। इस समाधान के जरिए यह भी आकलन किया जाएगा कि ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होने से प्रतीक्षा समय कितना कम हो सकता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसका परीक्षण वास्तविक ट्रैफिक सिग्नलों के बजाय कंप्यूटर सिमुलेशन पर किया जाएगा।

    मेडिकल रिपोर्ट को आसान भाषा में समझाने के लिए एआई सिस्टम

    मेडिकल रिपोर्ट में इस्तेमाल होने वाले तकनीकी शब्दों और आंकड़ों को आम लोगों के लिए समझना आसान बनाने के उद्देश्य से विद्यार्थी ‘एआई मेडिकल रिपोर्ट सिम्प्लिफिकेशन सिस्टम’ तैयार करेंगे। यह सिस्टम रिपोर्ट की मुख्य जानकारियों को सरल भाषा में समझाने, सामान्य संदर्भ सीमा से बाहर के परिणामों को चिह्नित करने और डॉक्टर से पूछे जा सकने वाले सवाल सुझाने पर केंद्रित होगा। इसमें रिपोर्ट के मूल आंकड़ों और माप की इकाइयों को यथावत रखा जाएगा। यह सिस्टम डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं होगा और न ही स्वयं किसी बीमारी का निदान करेगा।

    विशेषज्ञों ने दिया सीखने, प्रयोग करने और आगे बढ़ने का संदेश

    टेकफेस्ट के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और तकनीकी कौशल, टीमवर्क तथा लगातार सीखते रहने के महत्व पर जोर दिया।

    सॉफ्टवेयर इंजीनियर, कंटेंट क्रिएटर और स्टूडेंट मेंटर पारस अटल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कॉलेज के शुरुआती दिनों में उन्हें कोडिंग की विशेष जानकारी नहीं थी, लेकिन ऑनलाइन संसाधनों और व्हाट्सऐप समूहों की मदद से उन्होंने पाइथन और 3डी गेम डेवलपमेंट सीखा। उन्होंने विद्यार्थियों को खुद पर भरोसा रखने, दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की सलाह दी।

    स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डीन राजेश गोयल ने कहा कि टेकफेस्ट विद्यार्थियों को सीखने, टीम बनाने और नए लोगों से जुड़ने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि आज प्रतियोगिता में साथ खड़े विद्यार्थी भविष्य में मित्र, सहयोगी या व्यावसायिक साझेदार बन सकते हैं। उन्होंने दूसरे राज्यों से आए प्रतिभागियों को जयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित होने के लिए प्रेरित किया।

    फेज एआई के संस्थापक एवं सीईओ मंथन जेठवानी ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से घबराने के बजाय उसका जिम्मेदारी से उपयोग सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टेकफेस्ट जैसी प्रतियोगिताएँ नए विचारों को स्टार्टअप में बदलने की संभावनाएँ पैदा करती हैं। विद्यार्थियों को असफलताओं से सीखते हुए अपने कॉलेज प्रोजेक्ट्स को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि व्यावहारिक तकनीकी कौशल भविष्य में इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों के लिए महत्वपूर्ण साबित होता है।

    तकनीक, रचनात्मकता और टीमवर्क का संगम

    तीन दिनों तक चलने वाले जेयू टेकफेस्ट 2026 में हैकाथॉन के साथ रोबो वॉर, ई-स्पोर्ट्स और अन्य तकनीकी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आयोजन युवाओं को नए विचारों पर प्रयोग करने, वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने और तकनीक के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को पहचानने का अवसर प्रदान कर रहा है।

    Click here to Read More
    Previous Article
    ऑनलाइन ठगी से ट्रैफिक तक, आम समस्याओं के तकनीकी समाधान खोज रहे स्टूडेंट्स
    Next Article
    सीनियर महिला टी-20 ट्रॉफी के लिए राजस्थान टीम चंडीगढ़ रवाना

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment