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    राजस्थान विश्वविद्यालय: डॉ. सुरेंद्र सिंह चौहान ने संभाला मुख्य कुलानुशासक का पदभार

    2 hours ago

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के नए मुख्य कुलानुशासक (चीफ प्रॉक्टर) के रूप में डॉ. सुरेंद्र सिंह चौहान ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। कुलपति प्रो. बी. पी. सारस्वत ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. चौहान, प्रो. आर. ए. शर्मा का स्थान ले रहे हैं, जिनका कार्यकाल 20 अक्टूबर को पूरा हो गया था। इसके बाद से ही चीफ प्रॉक्टर का पद रिक्त चल रहा था।लंबा शैक्षणिक व प्रशासनिक अनुभव

    डॉ. चौहान के पास विश्वविद्यालय में शिक्षण और प्रशासनिक कार्यों का वृहद अनुभव है। वे वर्ष 1996 से राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही, उन्हें लगभग 15 वर्षों तक एसोसिएट प्रॉक्टर के रूप में कार्य करने का भी अनुभव प्राप्त है।

    छात्रावास प्रबंधन में भी उनका लंबा अनुभव रहा है; वे अरावली छात्रावास और विवेकानंद छात्रावास के वार्डन रह चुके हैं तथा वर्तमान में जे. सी. बोस छात्रावास के वार्डन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    विभिन्न शैक्षणिक निकायों में सक्रिय भूमिका

    वर्तमान में डॉ. चौहान राजस्थान विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में निदेशक तथा 'बोर्ड ऑफ स्टडीज' (BOS) के संयोजक हैं। इस भूमिका के तहत वे पाठ्यक्रम निर्माण और शैक्षणिक विषयों से जुड़े कार्यों का दायित्व निभाते हैं। वे अन्य विश्वविद्यालयों के बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य भी हैं।

    इसके अतिरिक्त, डॉ. चौहान वर्ष 2013 से लगातार राजस्थान विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल के सदस्य हैं और विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य भी रह चुके हैं। उन्हें विभिन्न विश्वविद्यालयों की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में यूजीसी (UGC) नॉमिनी के रूप में भी जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला है।मुख्य कुलानुशासक के सामने प्रमुख प्राथमिकताएं

    मुख्य कुलानुशासक के रूप में डॉ. चौहान के समक्ष विश्वविद्यालय परिसर में शांति व अनुशासन बनाए रखने, विद्यार्थियों से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों की निगरानी करने और छात्र-छात्राओं की समस्याओं एवं मुद्दों के त्वरित व उचित प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी होगी।

     

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