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    अंग्रेजी के हुनर से वैश्विक सपनों तक: जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट के 10 साल का जश्न

    38 minutes ago

    डिजिटल लर्निंग, विदेश में उच्च शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय करियर के अवसरों पर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से किया संवाद; आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी सीखने के लिए किया प्रेरित

    जयपुर। वैश्विक शिक्षा के नए अवसरों, डिजिटल माध्यम से अंग्रेजी सीखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा के साथ जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर फॉरेन लैंग्वेजेज की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा की दक्षता, विदेश में उच्च शिक्षा और वैश्विक स्तर पर उपलब्ध शैक्षणिक एवं करियर अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

    इस अवसर पर जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने कहा, “आज के वैश्विक दौर में विद्यार्थियों के लिए अकादमिक ज्ञान के साथ भाषा कौशल, आत्मविश्वास और विभिन्न संस्कृतियों को समझने की क्षमता भी बेहद महत्वपूर्ण है। डिजिटल तकनीक ने दुनिया भर में शिक्षा के अवसरों तक पहुंच को आसान बनाया है। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसे मंच और अनुभव उपलब्ध कराए जाएं, जो उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और अपनी प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए तैयार करें। डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के बदलते स्वरूप और नई संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”

    डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट एक ऑनलाइन अंग्रेजी दक्षता परीक्षा है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए अपनी अंग्रेजी भाषा की क्षमता प्रदर्शित कर सकते हैं। कार्यक्रम में डिजिटल शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने और विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करने में भाषा कौशल की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

    डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट की सीनियर मार्केटिंग मैनेजर दिव्या राव ने कहा कि शिक्षा लोगों के जीवन में नए अवसर खोलने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डुओलिंगो का उद्देश्य अंग्रेजी भाषा सीखने और उसकी दक्षता जांचने की प्रक्रिया को आसान, सुलभ और किफायती बनाना है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट को दुनिया भर के 6,500 से अधिक संस्थानों ने स्वीकार किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को सवाल पूछने, उपलब्ध अवसरों को समझने और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम के दौरान वैश्विक शिक्षा के अवसरों पर आयोजित विशेष संवाद में डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट की ग्लोबल मार्केटिंग डायरेक्टर तारा कपूर ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा और डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट की परीक्षार्थी अनहीज़ पटेल से बातचीत की। इस दौरान विदेश में पढ़ाई के अनुभवों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि विदेश में उच्च शिक्षा केवल बेहतर करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को नई संस्कृतियों को समझने, अपनी सोच का दायरा बढ़ाने और व्यक्तिगत विकास के नए अवसर भी प्रदान करती है। अनहीज़ पटेल ने विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ाई के बाद भारत लौटकर देश में उपलब्ध अवसरों को तलाशने के लिए भी प्रेरित किया।

    डुओलिंगो के इंडिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के रीजनल मार्केटिंग डायरेक्टर करनदीप सिंह कपनी ने कहा कि भाषा सीखने का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करना और नए लोगों से जुड़ना भी है। अंग्रेजी बोलते समय झिझक होना स्वाभाविक है, लेकिन नियमित अभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई संस्कृतियों से सीखने, सवाल पूछने और अपनी मातृभाषा एवं संस्कृति पर गर्व करते हुए दूसरी भाषाओं को भी अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आपसी सहयोग और संवाद के लिए ऐसा माहौल बनाने पर भी जोर दिया, जहां प्रत्येक विद्यार्थी बिना झिझक अपनी बात रख सके।

    जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर फॉरेन लैंग्वेजेज के प्रोग्राम मैनेजर मुदित कृष्ण शर्मा के संचालन में आयोजित चर्चा के दौरान तारा कपूर ने डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट की वैश्विक पहुंच और विद्यार्थियों के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा की सुविधा विद्यार्थियों को अपनी सुविधानुसार परीक्षा देने का अवसर प्रदान करती है। इसके साथ ही, डुओलिंगो की वेबसाइट पर उपलब्ध निःशुल्क मॉक टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थी परीक्षा के प्रारूप को समझ सकते हैं और अपनी तैयारी को बेहतर बना सकते हैं।

    कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा में अपनी दक्षता बढ़ाने, आत्मविश्वास के साथ संवाद करने और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने के साथ हुआ। इस आयोजन ने डिजिटल शिक्षा की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि भाषा कौशल, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के माध्यम से वे वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

     

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