Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    बढ़ते वर्क प्रेशर और डिजिटल दौर की चुनौतियों के बीच शिक्षकों की वेलबीइंग पर जोर

    42 minutes ago

    जयपुर। शिक्षकों की खुशहाली, मानसिक संतुलन और जीवन कौशल विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों को दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सबसे पहले स्वयं के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ जेईसीआरसी फाउंडेशन, जयपुर में आयोजित छह दिवसीय ऑफलाइन एआईसीटीई-एटीएएल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) ‘लाइफ स्किल्स फॉर वेलबीइंग एंड सक्सेस’ का शनिवार को सफल समापन हुआ।

    12 से 17 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में सात राज्यों के 25 संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, प्रभावी संवाद, सार्थक संबंधों के निर्माण और व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में संतुलन से जुड़े व्यावहारिक कौशलों से परिचित कराना था।

    ‘आज मेरे जीवन के शेष हिस्से का पहला दिन है’ विचार से हुई शुरुआत

    कार्यक्रम के पहले दिन वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित गुप्ता ने ‘वेलबीइंग एंड सक्सेस’ विषय पर विचार साझा करते हुए कहा, ‘आज मेरे जीवन के शेष हिस्से का पहला दिन है।’ इस विचार ने छह दिवसीय कार्यक्रम की दिशा तय की और प्रतिभागियों को हर दिन को नई शुरुआत के अवसर के रूप में देखने का संदेश दिया। पहले दिन मिस ध्रुवी ने इमेज बिल्डिंग पर चर्चा की, जबकि स्पिरिचुअल रिसर्च सेल के प्रमुख प्रोफेसर मुकेश अग्रवाल ने केस स्टडी के माध्यम से जीवन की विभिन्न परिस्थितियों को समझाया।

    आगे के कार्यक्रम में मिस मोनिका गुप्ता ने तनाव कम करने और जीवन में खुशहाली बनाए रखने पर चर्चा की। डॉ. मेधावी गौतम ने स्ट्रैटिजी फोर हेल्थ एंड वेलबीइंग पर सेशन लिया। डॉ. अदिति सिंघल ने सार्थक संबंधों के महत्व और उन्हें बेहतर बनाने के तरीकों पर विचार साझा किए। प्रो. प्रभात के. झा ने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाने पर चर्चा की, वहीं डॉ. कृति कला ने कला के माध्यम से तनाव कम करने की तकनीकों से प्रतिभागियों को परिचित कराया।

    कार्यक्रम के दौरान सुश्री सुप्रिया नंदकुमार ने मेडिटेशन और समग्र वेलबीइंग के महत्व पर सत्र लिया। इसके साथ ही श्री नवीन थापलियाल ने प्रभावी अभिव्यक्ति, बॉडी लैंग्वेज और मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने से जुड़ी गतिविधियां कराईं। प्रतिभागियों ने मेडिटेशन सेंटर का भी दौरा किया, जहां बीके सिस्टर एकता के सत्र में नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों पर चर्चा हुई। आईएएस नवीन जैन ने प्रशासनिक अनुभवों पर आधारित नेतृत्व संबंधी केस स्टडी के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। डॉ. राधिका गुप्ता ने विचारों और मानसिक दृष्टिकोण को सकारात्मक दिशा देने की तकनीकों पर चर्चा की।

    25 संस्थानों के प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव

    कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने सत्रों की गुणवत्ता, विशेषज्ञों के विचारों और उनसे मिली नई सीख की सराहना की। उन्होंने आयोजन स्थल, आतिथ्य, व्यवस्थाओं, जलपान और समन्वय की भी प्रशंसा की। प्रतिभागियों ने बताया कि छह दिनों के अनुभव ने उन्हें जीवन की रोजमर्रा की चुनौतियों को नए नजरिए से देखने और अपने दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद की।

    समापन समारोह में जेईसीआरसी डायरेक्टर अर्पित अग्रवाल ने शिक्षकों की मानसिक खुशहाली और जीवन कौशल के विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने वाले होते हैं और समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं, लेकिन दूसरों को बेहतर बनाने के लिए उनका स्वयं स्वस्थ और संतुलित रहना भी आवश्यक है। उन्होंने इस विचार पर जोर दिया कि खाली पात्र से किसी दूसरे को नहीं भरा जा सकता। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों की वेलबीइंग से जुड़ी पहलों को आगे भी सहयोग देने का आश्वासन दिया।

    कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी जेईसीआरसी को सौंपने के लिए एआईसीटीई के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों के अनुसार, एआईसीटीई द्वारा चयनित 379 ऑफलाइन एफडीपी में यह कार्यक्रम विशेष रूप से वेलबीइंग पर केंद्रित था।

    छह दिवसीय एफडीपी ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षक अपनी खुशहाली और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं, तो वे विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने में अधिक सक्षम बनते हैं।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    राजस्थान पुलिस की निधि कॉमनवेल्थ कबड्डी में भारत की महिला टीम की कप्तान
    Next Article
    राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान में शतचंडी महायज्ञ का आयोजन, नवकन्या पूजन के साथ विश्व कल्याण की कामना

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment