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    क्रिकेट के मैदान से खेल प्रशासन तक महिलाओं की हिस्सेदारी का सवाल चर्चा में

    2 hours ago

    आरसीए में नहीं है कोई रिकॉर्ड पर, 45 साल पुरानी चिट्ठी से चर्चा में आए राजस्थान की तीन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के नाम

    जयपुर। क्रिकेट के मैदान पर महिलाओं की उपलब्धियों के बावजूद आरसीए में उनकी भागीदारी का सवाल चर्चा में है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव से संबंधित के मामले में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर सुप्रीम कोर्ट में उठी आपत्ति ने इस बहस को नई दिशा दी है। इस मामले में आरसीए की चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की पूर्ण अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया गया था। अदालत में कहा गया कि आरसीए चुनाव की मतदाता सूची में एक भी महिला मतदाता नहीं है और न ही कोई महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।

    आरसीए में ऐसा कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, जिससे पता लगे कि राजस्थान में कोई अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी हैं या नहीं। प्लेयर्स एसोसिएशन को भी ऐसी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन 1981 की एक पुरानी चिट्ठी में इस बात का उल्लेख किया गया है कि 1981 में भारत दौरे पर आई इंग्लैंड टीम का एक टेस्ट मैच जयपुर में खेला गया। इस मैच में अजमेर की सारिका जैन भारतीय दल का हिस्सा थीं, जिन्होंने खेल के दूसरे दिन 12वें खिलाड़ी के रूप में फील्डिंग भी की। वर्तमान में उत्तराखंड के हल्दवानी में रह रही सारिका ने खुद इस बात की पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान की एक अन्य खिलाड़ी जयपुर की सीता भार्गव भी इंग्लैंड के इस दौरे के दौरान भारतीय दल का हिस्सा रहीं। इसके अलावा अजमेर की रोशन शेखावत को भी भारतीय दल का हिस्सा बताया गया है। अगर यह सही है तो अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में इन्हें आरसीए की वोटर लिस्ट में शामिल किया जाना चाहिए।

    नए खेल कानून में महिलाओं के लिए स्पष्ट प्रावधान

    केंद्र सरकार के नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट 2025 के तहत इसी साल जनवरी में नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस रूल्स जारी किए गए। इनमें खेल निकायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्पष्ट प्रावधान किए हैं। खेल निकायों की जनरल बॉडी में शामिल किए जाने वाले कम से कम चार उत्कृष्ट खिलाड़ियों (एसओएम) में आधी हिस्सेदारी महिलाओं की रखी गई है, जिन्हें वोट देने का भी अधिकार होगा। वहीं एग्जीक्यूटिव कमेटी में कम से कम दो महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है।

    जब वोटर ही नहीं तो उम्मीदवार कैसे होंगी

    आरसीए के मामले में सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल याचिका में केवल महिला उम्मीदवारों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि महिला मतदाताओं के नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया था। यदि महिला मतदाता ही चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं, तो महिला उम्मीदवार कैसे होंगी।

    आरसीए पर क्यों नहीं लागू केन्द्रीय नियम

    केन्द्र सरकार के स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट और रूल्स के प्रावधान देशभर में सभी खेल निकायों पर लागू हैं। यही नहीं राजस्थान में सभी खेलों की स्टेट एसोसिएशनों को दिसम्बर तक नये रूल्स के तहत अपने चुनाव कराने हैं। लेकिन आरसीए की चुनाव प्रक्रिया में इन्हें लागू नहीं किया गया। यही नहीं चुनाव प्रक्रिया के दौरान मौजूद राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल के आब्जर्वर की ओर से भी इस बारे में कोई आपत्ति नहीं उठाई गई, जबकि काउंसिल अन्य खेल संघों को चुनाव में नये रूल्स की पालना सुनिश्चित कराने पर जोर दे रही है।

     

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