Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    दहेज मुक्त विवाह: समाज की कुरीतियों पर प्रहार, मात्र 1 रुपये में संपन्न हुई शादी

    1 hour ago

    करौली के मीना परिवार ने पेश की मिसाल, व्यापार और आयुर्वेद का हुआ संगम

    करौली.

    आधुनिकता के इस दौर में जहाँ शादियों में दिखावे और दहेज का बोलबाला बढ़ता जा रहा है, वहीं राजस्थान के करौली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने समाज के सामने एक नई और सकारात्मक दिशा प्रस्तुत की है। जिले के ग्राम दानालपुर निवासी और पीएफ कमिश्नर डॉ. नन्दराम मीना के परिवार ने पुरानी कुप्रथाओं को त्यागकर एक 'दहेज मुक्त विवाह' संपन्न कराया है।

    बिना दान-दहेज के संपन्न हुआ विवाह

    पीएफ कमिश्नर डॉ. नन्दराम मीना (पौत्र श्रीलाल मीना) के पुत्र यश देवतवाल (शुभम) का विवाह 21 अप्रैल को विश्राम मीना निवासी घूमना की सुपुत्री डॉ. नेहा के साथ संपन्न हुआ। इस विवाह की सबसे खास और चर्चा का विषय रही बात यह थी कि दूल्हे के परिवार ने दहेज के रूप में मात्र एक रुपया स्वीकार कर समाज को यह संदेश दिया कि रिश्तों की अहमियत रुपयों से कहीं अधिक होती है।

    शिक्षित वधू और व्यवसायी वर का मेल

    यह विवाह न केवल परंपराओं के टूटने का प्रतीक है, बल्कि दो सफल पेशों का मिलन भी है। वर यश देवतवाल (शुभम) जहाँ वर्तमान में अपना स्वतंत्र व्यापार (बिजनेस) संभाल रहे हैं, वहीं वधू डॉ. नेहा एक आयुर्वेद चिकित्सक हैं। शिक्षित परिवारों द्वारा लिया गया यह साहसी निर्णय क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

    समाज को दिया सकारात्मक संदेश

    विवाह के उपरांत डॉ. नन्दराम मीना और उनके परिवार की इस पहल की चौतरफा सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जब समाज के उच्च पदों पर बैठे व्यक्ति और शिक्षित परिवार इस प्रकार की मिसाल पेश करते हैं, तो इससे आमजन को भी प्रेरणा मिलती है। इस सादगी भरे और आदर्श विवाह ने यह साबित कर दिया है कि दहेज जैसी कुरीतियां समाज की तरक्की में बाधा हैं और इन्हें केवल दृढ़ इच्छाशक्ति से ही समाप्त किया जा सकता है।

    Click here to Read More
    Previous Article
    जयपुर में भीषण गर्मी का अलर्ट: स्कूलों के समय में बदलाव, कलेक्टर ने जारी किए नए आदेश
    Next Article
    सफलता का मार्ग: इग्नू के विकल्पों का सही चुनाव और व्यवस्थित अध्ययन ही उन्नति की कुंजी

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment