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    राजस्थान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति के कार्यकाल में प्रशासनिक आदेशों में संशोधन पर राज्यपाल का कड़ा रुख; 15 दिनों में जाँच रिपोर्ट तलब

    1 hour ago

    RUTA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार की शिकायत पर राज्यपाल सचिवालय ने लिया संज्ञान

    जयपुर. राजस्थान के राज्यपाल और कुलाधिपति ने राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों पर कड़ा संज्ञान लिया है। यह मामला विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति (कुलगुरु) प्रो. अल्पना कटेजा के कार्यकाल से संबंधित है।

    यह कार्रवाई राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (RUTA) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार द्वारा प्रस्तुत एक विस्तृत अभ्यावेदन (प्रतिनिधित्व) और संलग्न दस्तावेजों के आधार पर की गई है। शिकायत में प्रो. अल्पना कटेजा के कार्यकाल के दौरान उनके Leave Without Pay (बिना वेतन के अवकाश) से संबंधित एक मूल प्रशासनिक आदेश में लगभग दो वर्ष आठ महीने बाद किए गए संशोधनों पर सवाल उठाए गए हैं।

    संशोधन की वैधानिकता: पूर्व कुलपति के Leave Without Pay आदेश में कार्यालय आदेश संख्या 1/2026/3459, दिनांक 28.04.2026 द्वारा किए गए संशोधन की कानूनी वैधता।सक्षम प्राधिकारी का अधिकार क्षेत्र: क्या सक्षम प्राधिकारी के पास इस तरह के मूल आदेश को इतने समय बाद संशोधित करने का अधिकार क्षेत्र था?

    वित्तीय एवं सेवा-संबंधी प्रभाव: इस संशोधन से उत्पन्न होने वाले संभावित वित्तीय और सेवा-संबंधी प्रभावों की जाँच।

    वित्तीय भुगतानों की जाँच: कार्यकाल के अंतिम तीन महीनों में जारी प्रशासनिक स्वीकृतियों और करोड़ो रुपये के वित्तीय बिलों के भुगतानों की स्वतंत्र जाँच।

    राज्यपाल सचिवालय के निर्देश

    डॉ. संजय कुमार के अभ्यावेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए, राज्यपाल सचिवालय ने राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलसचिव को इस संवेदनशील प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र (क्रमांक: एफ.1(1)आरबी/2024/पार्ट-1/6713, दिनांक 07 अक्टूबर 2026) के माध्यम से, कुलसचिव को अभ्यावेदन में उल्लिखित सभी बिंदुओं से संबंधित अभिलेखों, पत्रावलियों, कार्यादेशों और भुगतान-संबंधी दस्तावेजों की "गहनता से जाँच" करने के निर्देश दिए गए हैं।

    राज्यपाल ने इस मामले में 15 दिवस के भीतर विस्तृत जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है।

    डॉ. संजय कुमार की प्रतिक्रिया

    इस त्वरित कार्यवाही पर प्रतिक्रिया देते हुए, RUTA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने राज्यपाल और राज्यपाल सचिवालय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके अभ्यावेदन और संलग्न दस्तावेजों पर विचार कर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश देकर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की गरिमा और पारदर्शिता बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।

    आगामी कदम

    विश्वविद्यालय प्रशासन को अब राज्यपाल सचिवालय के निर्देशों के अनुसार सभी संबंधित दस्तावेजों की गहन जाँच करनी होगी और निर्धारित 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट के निष्कर्षों पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और वित्तीय जवाबदेही से जुड़ा एक गंभीर मामला है।

     

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