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    सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हूती हमलों की भारत ने की निंदा, कहा- नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’

    55 minutes ago

     

    Yugcharan News / 08-10-2026

    भारत ने सऊदी अरब के अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

    यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुसार 6 और 7 अक्टूबर को अबहा और किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हुए अलग-अलग हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और 36 अन्य घायल हुए। ईरान समर्थित हूती समूह ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के खिलाफ कई हमलों का दावा किया है। इन हमलों में हवाई अड्डों के अलावा देश के अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।

    भारत ने नागरिक ठिकानों पर हमले को बताया अस्वीकार्य

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमलों का उल्लेख किया।

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पिछले कुछ दिनों में इन दोनों हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा करता है, जिनमें नागरिकों की मौत और लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

    मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

    भारत ने हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई। विदेश मंत्रालय ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की और कहा कि भारत सऊदी अरब की जनता और उसकी सरकार के साथ एकजुटता से खड़ा है।

    अबहा और रियाद हमलों में तीन लोगों की मौत

    सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 और 7 अक्टूबर को हुए हमलों में कुल तीन लोगों की मौत हुई और 36 लोग घायल हुए।

    अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में दो लोगों की मौत और 28 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। वहीं, रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत और आठ लोगों के घायल होने की खबर है।

    इन हमलों के बाद सऊदी अरब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    हूतियों ने रियाद को निशाना बनाने का दावा किया

    यमन में सक्रिय हूती समूह ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के खिलाफ कई हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि समूह ने सऊदी अरब और सऊदी समर्थित ठिकानों के खिलाफ मिसाइल हमले किए।

    हूती समूह लंबे समय से सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ संघर्ष में शामिल रहा है। यमन में जारी संघर्ष का क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है और समय-समय पर सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

    हालिया हमलों में नागरिक हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने के दावों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

    सऊदी गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया

    सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती हमलों के जवाब में यमन में सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।

    गठबंधन के अनुसार, उसने यमन के सादा, अल-हुदैदाह, अल-जौफ और मारिब प्रांतों में हूती समूह से जुड़े कुल 82 सैन्य ठिकानों को नष्ट किया।

    गठबंधन ने दावा किया कि इन लक्ष्यों में बैलिस्टिक मिसाइल से संबंधित ठिकाने, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, संचार प्रणालियां, मिसाइल और हथियार भंडारण केंद्र तथा हूती लड़ाकों के जमावड़े वाले स्थान शामिल थे।

    इसके अलावा सादा में पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित 11 बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण स्थलों को निशाना बनाए जाने का भी दावा किया गया है।

    सना में मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म नष्ट करने का दावा

    सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह भी कहा कि उसने यमन की राजधानी सना में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया। गठबंधन के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सऊदी अरब के खिलाफ संभावित हमले की तैयारी के लिए किया जा रहा था।

    मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने वाले हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    हालांकि, सैन्य अभियानों से संबंधित ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं की गई है। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों की ओर से सैन्य कार्रवाई और उसके प्रभाव को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं।

    रियाद में फिर सुनाई दिए धमाकों के स्वर

    गुरुवार को सऊदी राजधानी रियाद में कई धमाकों की आवाजें सुनाई देने की जानकारी सामने आई। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब सऊदी अरब और हूती लड़ाकों के बीच संघर्ष को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है।

    हाल के हमलों के बाद सऊदी अरब में हवाई सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। हवाई अड्डों पर संभावित हमलों का असर नागरिक उड़ानों और यात्रियों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है।

    अमेरिकी नागरिकों के लिए भी चेतावनी

    सऊदी अरब स्थित अमेरिकी मिशन ने अपने नागरिकों को हूती खतरों के बीच अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। अमेरिकी मिशन ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र को लेकर संभावित सुरक्षा जोखिमों की चेतावनी जारी की।

    अमेरिकी मिशन के अनुसार, सुरक्षा स्थिति के कारण उड़ानें रद्द हो सकती हैं, हवाई क्षेत्र बंद किया जा सकता है और यात्रियों को यात्रा संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

    यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब के प्रमुख शहरों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे के आसपास सुरक्षा चिंताएं बढ़ रही हैं।

    यमन संघर्ष का क्षेत्रीय प्रभाव

    सऊदी अरब और हूती समूह के बीच संघर्ष यमन के लंबे समय से चले आ रहे युद्ध का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हूती समूह यमन में एक प्रमुख सशस्त्र शक्ति है और उसे ईरान का समर्थन प्राप्त होने का व्यापक रूप से उल्लेख किया जाता है। दूसरी ओर, सऊदी अरब यमन में हूती समूह के खिलाफ सैन्य अभियान में शामिल रहा है।

    इस संघर्ष का प्रभाव केवल यमन और सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहा है। लाल सागर और आसपास के महत्वपूर्ण समुद्री एवं हवाई मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी समय-समय पर चिंता सामने आती रही है।

    सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय तनाव के और बढ़ने की आशंका पैदा हुई है। नागरिक हवाई अड्डों पर हमलों से यात्रियों की सुरक्षा के अलावा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और क्षेत्रीय विमानन व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

    भारत ने सऊदी अरब के साथ जताई एकजुटता

    भारत की प्रतिक्रिया में नागरिकों की सुरक्षा और नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा पर जोर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ-साथ घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

    भारत ने सऊदी अरब की सरकार और वहां की जनता के साथ एकजुटता व्यक्त की है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में कई मोर्चों पर सुरक्षा तनाव बना हुआ है और क्षेत्रीय संघर्षों का असर ऊर्जा, व्यापार, विमानन तथा समुद्री परिवहन पर भी पड़ सकता है।

    फिलहाल अबहा और किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हुए हमलों को लेकर सऊदी अधिकारियों और हूती समूह की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। भारत ने स्पष्ट रूप से नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने का विरोध किया है। क्षेत्र में आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सऊदी अरब और हूती समूह के बीच सैन्य तनाव किस दिशा में बढ़ता है और क्या आने वाले दिनों में हमलों तथा जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है।

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