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    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में हुआ विभिन्न क्लब गतिविधियों का आयोजन

    2 hours ago

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सुकृति आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब द्वारा ‘फेस्टिव स्पार्क’ दिवाली डेकोरेशन वर्कशॉप का आयोजन दिनांक 7 अक्टूबर 2026 को दिवाली में रचनात्मकता, भारतीय परंपरा एवं कलात्मक साज-सज्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। कार्यशाला का संचालन प्रमाणित लिप्पन आर्ट विशेषज्ञ सुश्री अनुराधा माथुर तथा राइनस्टोन आर्ट विशेषज्ञ सुश्री भव्या एवं सुश्री श्रेया द्वारा किया गया। कार्यशाला के दौरान छात्राओं को क्ले, रंगीन शीशों (मिरर) आदि के रचनात्मक उपयोग से लिप्पन आर्ट तैयार करने तथा राइनस्टोन के माध्यम से कैनवास को आकर्षक रूप देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं हस्त कौशल को विकसित करने के साथ-साथ लिप्पन आर्ट और राइनस्टोन वर्क जैसी पारंपरिक एवं आधुनिक कला तकनीकों में व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना था। साथ ही, इस पहल के माध्यम से छात्राओं को त्योहारों के अवसर पर स्वयं हस्तनिर्मित सजावटी उत्पाद तैयार करने तथा रचनात्मकता को उद्यमिता से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में कुल 40 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।‘नेचर क्लब’ के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का मुख्य विषय “संरचना के रूप में प्रकृतिः टिकाऊ परिसरों के लिए पौधों पर आधारित समाधान“ रहा। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। सत्र के दौरान मुख्य वक्ता डॉ. रीमा श्रीवास्तव ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पौधों को केवल परिसर की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम न मानकर प्राकृतिक अवसंरचना के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, छात्राओं को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे पर्यावरण-अनुकूल कदम अपनाने तथा परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की 25 छात्राओं के साथ विभिन्न संकायों के फैकल्टी सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सत्र ने छात्राओं में पर्यावरणीय चेतना, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा सतत विकास के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। अभिव्यक्ति क्लब के अंतर्गत ‘आओ अनुभव से सीखें‘ संवाद सत्र का आयोजन किया गया । इसमें वाद विवाद और मंच संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली क्लब की सदस्य छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए वाक् कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया। इस गतिविधि में वक्ता के रूप में छात्रा कशिश गौड़ ने बताया कि प्रभावी मंच संचालन करने के लिए भाषा का ज्ञान और आत्मविश्वास जरूरी है तथा छात्रा हर्षिता शर्मा ने वाद विवाद प्रतियोगिताओं में ध्यान रखने योग्य बातें बताई और सही तर्क के साथ अपना पक्ष रखना सिखाया। वहीं छात्रा याशिका लालवानी ने बताया कि अभ्यास से ही आत्मविश्वास आता है और साथी छात्राओं को प्रेरित किया कि हार कर रुक जाने से कभी सफलता नहीं मिलती। इस संवाद सत्र में छात्राओं ने कुछ प्रश्न भी पूछे जिनका समाधान वरिष्ठ छात्राओं ने किया और भविष्य में क्लब की गतिविधियों में सक्रिय रहने के लिए प्प्रोत्साहित किया ।मंच संचालन छात्रा स्वालिया सुल्ताना ने किया। क्लब संयोजक (अंग्रेजी) डॉ स्वाति धनवानी एवं संयोजक (हिंदी)डॉ धर्मा यादव के साथ सदस्य प्राध्यापिका डॉ स्वाति सुलतानिया, डॉ सुरभि शर्मा, डॉ निमिषा गौड़ ,डॉ शिप्रा गोयल और डॉ स्वाति सिंह की भी इस आयोजन में सक्रिय सहभागिता रही।

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