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    दीपशिखा कॉलेज में ‘दीक्षारंभ 2026-27’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम एवं ‘फ्यूज़न फेस्ट 2026’ का भव्य शुभारंभ

    1 hour ago

    जयपुर। दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मानसरोवर, जयपुर में सोमवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन हेतु ‘दीक्षारंभ’ (Student Orientation Programme 2026-27) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, संस्थागत कार्यप्रणाली, अनुशासन एवं उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं से परिचित कराना रहा।

    कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। महाविद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना ने अपने सन्देश में विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व, अनुशासन, परिश्रम और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों को नई संभावनाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर विकसित करने का संदेश दिया।

    महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनिला शर्मा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, नियमों और गतिविधियों से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता के माध्यम से अपने व्यक्तित्व और शैक्षणिक क्षमताओं को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. जनक सिंह मीणा, प्रोफेसर, गांधीवादी चिंतन एवं शांति अध्ययन विभाग, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्याल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को गांधी दर्शन एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों, सत्य, अहिंसा, नैतिक मूल्यों एवं सादगीपूर्ण जीवन के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को इन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक मूल्यों और जीवनोपयोगी शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है।

     विशेष अतिथि यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी के भूतपूर्व वाईस चांसलर डॉ. वी. एन. प्रधान ने महाविद्यालय को ज्ञान एवं संस्कारों का मंदिर बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने हेतु प्रेरित किया।

    प्रो. (डॉ.) राम भजन कुमावत, औषधीय पादप शोधकर्ता, प्राणीशास्त्री, प्रोफेसर, योगाचार्य, गीताचार्य, सलाहकार एवं परामर्शदाता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग को कम करने तथा अपनी पढ़ाई पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए करना चाहिए, ताकि उनका बहुमूल्य समय व्यर्थ न हो,

    मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष सोनिया गौड़ ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय की सुविधाओं, पुस्तकों एवं डिजिटल संसाधनों की जानकारी देते हुए नियमित अध्ययन और पठन-पाठन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

    ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान कंप्यूटर साइंस हेड निलेश शर्मा, प्रवेश निदेशक डॉ. राधा शर्मा, हेड-एडमिशन एवं आउटरीच श नितिन जैन, था विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने विद्यार्थियों को संबंधित विभागों की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन संसाधनों एवं महाविद्यालय में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।

    कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को महाविद्यालय की कार्यप्रणाली को समझने, शिक्षकों से परिचित होने तथा अपने नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ करने का अवसर मिला।

    कार्यक्रम के अंत में डॉ. नीतू चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन डॉ अपर्णा सोनी एवं हेमा सिंह द्वारा किया गया ,इस प्रकार प्रथम दिवस का ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक एवं प्रेरणादायक रहा।

     

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