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    2010 से पूर्व नियुक्त अध्यापकों के लिए TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए

    1 week ago

    - राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक द्वारा टेट अनिवार्यता के विरोध में 4 अप्रैल को दिल्ली में रामलीला मैदान पर प्रदर्शन

     

     

     सर्वोच्च न्यायालय द्वारा देश में 2010 से पूर्व नियुक्त होकर वर्तमान में कार्यरत अध्यापकों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने का आदेश सितंबर 2025 में दिया गया है। 

         2009 में शिक्षा का अधिकार एक्ट बनने के बाद राज्य सरकारों द्वारा नियम बनाए गए। 

         राजस्थान सरकार द्वारा 2010 में शिक्षा का अधिकार कानून बनाया गया।

         राजस्थान राज्य में शिक्षा का अधिकार कानून के तहत अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन आरम्भ हुआ, राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा 2011 एवं 2013 में RTET के नाम से तथा 2015, 2017, 2021, 2022 में REET नाम से हुआ।

         राजस्थान राज्य में 2012 से अध्यापक पदों पर नव नियुक्ति के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया। 

         राजस्थान राज्य में 2012 से पूर्व अलग-अलग वर्षों में नियुक्त लगभग 80000 अध्यापक वर्तमान में भी कार्यरत हैं तथा वे अध्यापक पात्रता परीक्षा (RTET/REET) उत्तीर्ण नहीं है। 

        क्योंकि राजस्थान राज्य में अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन ही 2011 से प्रारंभ किया गया एवं सभी अध्यापक पात्रता परीक्षा के समय यह बताया जाता है कि अध्यापक पदों पर नव नियुक्ति के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा, पूर्व से कार्यरत अध्यापकों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्णिता अनिवार्य रहेगी ऐसा कोई समाचार, कोई आदेश, कोई प्रावधान नहीं रखा गया। 

         अध्यापक पात्रता परीक्षा में प्रविष्ठ होने के लिए 12वीं तथा स्नातक स्तर पर 50% अंक होना अनिवार्य रखा गया था। जबकि राजस्थान राज्य में हजारों हजार अध्यापक ऐसे भी कार्यरत हैं जिनके 12वीं अथवा स्नातक में 50% अंक नहीं है और वे उस समय के जिला परिषद, प्रारंभिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा के नियुक्ति नियमों से चयनित होकर अध्यापक पदों पर नियुक्त हुए थे। साथ ही अनेक कैटेगरी को न्यूनतम उत्तीर्णता 60% प्रतिशत में छूट दी गई है। लेकिन इस छूट में सेवारत अध्यापकों का कोई प्रावधान नहीं है, इससे परिलक्षित होता है कि अध्यापक पात्रता परीक्षा कानून बनने से पूर्व नियुक्त/कार्यरत अध्यापकों पर लागू नहीं है, 

         कमोबेश ऐसी ही स्थिति देश के सभी राज्यों की है।

     

        राजस्थान प्राथमिक के माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मुख्यमंत्री महेंद्र पांडे ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा देश में कार्यरत सभी अध्यापकों के लिए अध्यापक पात्रता उत्तीर्ण होना आवश्यक किन परिस्थितियों में किया गया है, इसका केंद्रीय स्तर पर आंकलन करवाया जाना चाहिए।

           राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले भारतवर्ष से शिक्षक 4 अप्रैल को शिक्षा का अधिकार एक्ट लागू होने से पूर्व के अध्यापकों पर अध्यापक पात्रता अनिवार्य करने के विरोध में रामलीला मैदान दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।

     

    प्रदेश महामंत्री दीपक ठक्कर ने बताया कि राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी सदस्य तथा फॉलोअर हजारों की संख्या में 4 अप्रैल को रामलीला मैदान, दिल्ली प्रदर्शन भाग लेंगे।

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