Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    असम विधानसभा चुनाव: प्रचार पर आज से रोक, 48 घंटे का ‘साइलेंस पीरियड’ लागू

    2 days ago

    Yugcharan News / 07 April 2026

    असम विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र चुनावी गतिविधियों पर आज से औपचारिक रूप से रोक लागू हो गई है। Election Commission of India द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले लागू होने वाला ‘साइलेंस पीरियड’ आज शाम 5 बजे से प्रभावी हो गया है। इस अवधि के दौरान सभी प्रकार के चुनाव प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।


    क्या होता है साइलेंस पीरियड?

    चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाए रखने के उद्देश्य से साइलेंस पीरियड लागू किया जाता है। यह प्रावधान Representation of the People Act, 1951 की धारा 126 के तहत आता है।

    इस अवधि में:

    • सार्वजनिक सभाएं, रैलियां और जुलूस प्रतिबंधित होते हैं
    • किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकता
    • मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक रहती है

    चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि मतदाता बिना किसी बाहरी दबाव या प्रभाव के स्वतंत्र रूप से अपना निर्णय ले सकें।


    डिजिटल और सोशल मीडिया पर भी सख्ती

    चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि साइलेंस पीरियड के दौरान केवल पारंपरिक प्रचार ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

    • सोशल मीडिया पोस्ट, राजनीतिक विज्ञापन और प्रचार सामग्री पर रोक
    • बल्क SMS, फोन कॉल और ऑनलाइन कैंपेनिंग प्रतिबंधित
    • टीवी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर ओपिनियन पोल या सर्वे प्रसारित करने की अनुमति नहीं

    इस कदम का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से होने वाले अप्रत्यक्ष प्रचार को भी नियंत्रित करना है।


    बाहरी नेताओं को क्षेत्र छोड़ने के निर्देश

    चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जो राजनीतिक नेता या कार्यकर्ता संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें साइलेंस पीरियड शुरू होने के बाद क्षेत्र छोड़ना होगा।

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।


    अधिकारियों की चेतावनी

    असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Anurag Goel ने सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं से नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    राजनीतिक बयानबाजी जारी

    हालांकि साइलेंस पीरियड लागू हो चुका है, उससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।

    केंद्रीय मंत्री JP Nadda ने दावा किया कि राज्य में उनकी पार्टी और गठबंधन के पक्ष में सकारात्मक माहौल है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को जनता का समर्थन मिल रहा है।

    हालांकि, इस तरह के दावों पर अन्य दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिससे चुनावी माहौल पहले से ही काफी प्रतिस्पर्धात्मक बना हुआ है।


    मतदान और मतगणना की तारीख

    असम में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में 9 अप्रैल 2026 को आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 4 मई 2026 को मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।


    अन्य राज्यों में भी लागू नियम

    इसी तरह के दिशा-निर्देश अन्य राज्यों में भी लागू किए जा रहे हैं, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। संबंधित राज्य चुनाव अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में साइलेंस पीरियड के नियमों को लागू करने की घोषणा की है।


    निष्पक्ष चुनाव पर जोर

    विशेषज्ञों का मानना है that साइलेंस पीरियड चुनावी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है। इससे मतदाताओं को अंतिम समय में किसी प्रकार के प्रभाव से बचाया जा सकता है और मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहती है।


    निष्कर्ष

    असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार समाप्त होने के साथ अब पूरा ध्यान मतदान प्रक्रिया पर केंद्रित हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा लागू किए गए सख्त नियमों का उद्देश्य एक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।

    आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि मतदाता किस दिशा में अपना समर्थन देते हैं, लेकिन फिलहाल सभी राजनीतिक गतिविधियां थम चुकी हैं और चुनावी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है।

     
     
    Click here to Read More
    Previous Article
    मध्य पूर्व तनाव से भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव, तेल आपूर्ति संकट ने बढ़ाई चिंता
    Next Article
    भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा के लिए विदेश सचिव का अमेरिका दौरा, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

    Related देश Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment