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    मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 में राजस्थान की ऐतिहासिक उपलब्धि

    5 months ago

    100% डिजिटाइजेशन कर देश का पहला राज्य बना राजस्थान,

    केवल 3% मतदाताओं के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता,

    ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 16 दिसंबर को

     

    जयपुर। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और सहभागी बनाने की दिशा में राजस्थान ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 (SIR–2026) कार्यक्रम के तहत राज्य में मतदाता सूची का 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जिससे राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने इस उपलब्धि को “टीम राजस्थान की सामूहिक विजय” बताते हुए कहा कि गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक बीएलओ, सहायक कार्मिकों, पर्यवेक्षकों, एईआरओ, ईआरओ,  उप जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों ने अभूतपूर्व समर्पण और दक्षता के साथ कार्य कर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग और तकनीकी नवाचारों के प्रभावी उपयोग ने इस असाधारण सफलता का मार्ग प्रशस्त किया है।

     

    मतदाता मैपिंग में भी देश में शीर्ष पर राजस्थान—

    महाजन ने बताया कि राज्य ने मतदाता मैपिंग के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।

    97% से अधिक मतदाता मैपिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। अर्थात् केवल 3% मतदाताओं को ही दावे-आपत्ति चरण में दस्तावेज प्रस्तुत करने हैं। औसतन प्रति बूथ लगभग 30 मतदाता ऐसे होंगे जिन्हें दस्तावेज देने की आवश्यकता होगी।

    उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय मैपिंग से SIR प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं पारदर्शी बनती है। इससे बूथवार मतदाता प्रबंधन सुदृढ़ होता है तथा मतदाताओं को बार-बार दस्तावेज प्रस्तुत करने से राहत मिलती है।

     

    तकनीक आधारित पारदर्शिता का सशक्त मॉडल—

    चुनाव विभाग ने ECINET प्लेटफॉर्म, BLO ऐप, पोर्टल-आधारित सत्यापन प्रणाली और जिला हेल्पलाइन व्यवस्था को सुव्यवस्थित कर कार्यप्रणाली को तेज एवं विश्वसनीय बनाया। सरल भाषा में दिशानिर्देश जारी कर सभी स्तरों पर कार्य की स्पष्टता सुनिश्चित की गई।

    तकनीक और मानवीय परिश्रम के समन्वय ने राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है।

     

    माइक्रो मैनेजमेंट, टीम भावना और तकनीक—सफलता के तीन सूत्र—

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन स्वयं इसे “टीम राजस्थान” की जीत बताते हैं। गांव से लेकर शहर तक, बीएलओ से लेकर एईआरओ तक, और जिला निर्वाचन अधिकारियों से लेकर स्वयंसेवकों तक—हर स्तर पर एकजुटता और सतत निगरानी ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।

     

    दिन–रात मेहनत कर रहे कार्मिकों, विशेषकर बीएलओ और ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारियों ने जिस निष्ठा के साथ कार्य किया, वह इस उपलब्धि का मूल कारण बना। महाजन के शब्दों में, “यह सफलता केवल आंकड़ों की नहीं बल्कि उस सामूहिक भावना की भी है जिसने राजस्थान को एक नया मानदंड स्थापित करने में सक्षम बनाया।”

     

    मतदाताओं का जताया आभार—

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने राज्य के सभी मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 में प्राप्त राजस्थान की यह ऐतिहासिक उपलब्धि तभी संभव हो सकी क्योंकि प्रदेश के नागरिकों ने पूर्ण सहयोग, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में समय पर सहभागिता, आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और पुनरीक्षण कार्य में धैर्यपूर्वक साथ देने के लिए मतदाता विशेष धन्यवाद के पात्र हैं। वृद्ध, दिव्यांग, मजदूर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों द्वारा दिखाई गई सक्रियता लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी निष्ठा का प्रमाण है। महाजन ने कहा कि मतदाताओं के विश्वास और सहयोग ने राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और यही सामूहिक शक्ति आगे भी लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

     

     

    लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक—

    महाजन ने कहा— “मतदाता सूची केवल नामों का दस्तावेज नहीं, यह नागरिक अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता की नींव है। स्पष्ट लक्ष्य, मजबूत कार्यप्रणाली और समर्पित टीम—इन तीनों ने ही राजस्थान को यह ऐतिहासिक उपलब्धि दिलाई है।”

    उन्होंने बताया कि राज्य द्वारा प्राप्त यह सफलता न केवल तकनीकी प्रगति का उदाहरण है, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती के प्रति राजस्थान की गहरी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल है।

     

    अगले चरण—ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर को

    विशेष पुनरीक्षण की आगे की समय-सारणी इस प्रकार है—

    ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन : 16 दिसंबर 2025 (मंगलवार)

    दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अवधि : 16.12.2025 से 15.01.2026 (गुरुवार)

    नोटिस चरण (सुनवाई एवं सत्यापन) एवं दावों–आपत्तियों पर निर्णय : 16.12.2025 से 07.02.2026 (शनिवार)

    अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन : 14 फरवरी 2026 (शनिवार)

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने योग्य मतदाताओं से अनुरोध किया कि वे ड्राफ्ट सूची में अपने विवरण की जांच कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाने में सहयोग करें।

     

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