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    CBSE कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित, इस वर्ष 85.20 प्रतिशत छात्र सफल

    2 hours ago

    Yugcharan News / 13 May 2026

    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार को कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए। देशभर के लाखों छात्र लंबे इंतजार के बाद अब अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 85.20 दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम माना जा रहा है।

    बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार करीब 18 लाख छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। परिणाम जारी होने के साथ ही छात्र अपने अंकपत्र ऑनलाइन डाउनलोड कर रहे हैं। हालांकि परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद कई वेबसाइटों पर भारी ट्रैफिक देखा गया, जिसके चलते छात्रों को कुछ तकनीकी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।

    पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा परिणाम

    CBSE द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में कुल 17,80,365 छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 17,68,968 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और लगभग 15 लाख से अधिक छात्रों ने सफलता प्राप्त की।

    इस बार कुल पास प्रतिशत 85.20 प्रतिशत रहा, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 88.39 प्रतिशत था। इस प्रकार परिणाम में लगभग 3.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष प्रश्नपत्रों के पैटर्न, मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रतिस्पर्धा के स्तर में बदलाव का असर परिणामों पर दिखाई दिया है। हालांकि बोर्ड की ओर से अभी तक इस गिरावट के पीछे किसी एक विशेष कारण का आधिकारिक उल्लेख नहीं किया गया है।

    छात्राओं ने फिर मारी बाजी

    हर वर्ष की तरह इस बार भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में बेहतर रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से लगभग 6.73 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया।

    शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों में लगातार सुधार देखने को मिला है। विशेष रूप से बोर्ड परीक्षाओं में लड़कियां बेहतर अनुशासन और निरंतर अध्ययन के कारण आगे निकल रही हैं।

    क्षेत्रवार प्रदर्शन में त्रिवेंद्रम शीर्ष पर

    क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो त्रिवेंद्रम क्षेत्र ने सबसे बेहतर परिणाम दर्ज किया। यहां पास प्रतिशत 95 प्रतिशत से अधिक रहा। दूसरी ओर प्रयागराज क्षेत्र का परिणाम अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया।

    विश्लेषकों का कहना है कि विभिन्न क्षेत्रों में शैक्षणिक संसाधनों, स्कूलों की गुणवत्ता, डिजिटल सुविधाओं और परीक्षा तैयारी के स्तर का असर परिणामों में स्पष्ट दिखाई देता है।

    छात्र इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं परिणाम

    CBSE ने छात्रों के लिए परिणाम देखने के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। छात्र आधिकारिक वेबसाइटों के अलावा DigiLocker और UMANG जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।

    आधिकारिक वेबसाइटों में शामिल हैं:

    • cbse.gov.in
    • results.cbse.nic.in
    • digilocker.gov.in
    • umang.gov.in

    बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स का ही उपयोग करें और किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या लिंक से बचें।

    ऐसे डाउनलोड करें मार्कशीट

    छात्रों को अपना परिणाम देखने के लिए रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। परिणाम देखने के बाद छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल मार्कशीट अब कई संस्थानों में वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार की जा रही है, हालांकि मूल प्रमाणपत्र बाद में स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।

    DigiLocker और UMANG का बढ़ता उपयोग

    इस वर्ष बड़ी संख्या में छात्रों ने DigiLocker और UMANG ऐप के माध्यम से परिणाम डाउनलोड किए। बोर्ड ने पहले ही छात्रों को सलाह दी थी कि वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करें।

    DigiLocker के जरिए छात्रों को सुरक्षित डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाता है। जिन छात्रों का APAAR अकाउंट लिंक नहीं है, वे भी स्कूल कोड और एक्सेस कोड की मदद से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

    तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग बढ़ने से परिणाम प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हुई है।

    ग्रेडिंग सिस्टम कैसे काम करता है?

    CBSE ने इस वर्ष भी अपनी निर्धारित ग्रेडिंग प्रणाली लागू रखी है। बोर्ड के अनुसार, छात्रों को उनके अंकों के आधार पर विभिन्न ग्रेड प्रदान किए जाते हैं।

    टॉप प्रदर्शन करने वाले छात्रों को A1 ग्रेड दिया जाता है, जबकि इसके बाद क्रमशः A2, B1, B2, C1, C2, D1 और D2 ग्रेड निर्धारित किए जाते हैं। न्यूनतम आवश्यक अंक प्राप्त नहीं करने वाले छात्रों को E ग्रेड दिया जाता है।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रेडिंग सिस्टम छात्रों के बीच अत्यधिक प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव को कम करने में मदद करता है।

    90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या भी चर्चा में

    रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वर्ष बड़ी संख्या में छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। हालांकि कुल पास प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई, फिर भी उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या उल्लेखनीय रही।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति छात्रों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बेहतर तैयारी को दर्शाती है। कई छात्र अब इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ और विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए तैयारी कर रहे हैं, जिसके कारण बोर्ड परीक्षाओं में भी प्रदर्शन बेहतर करने का दबाव बढ़ा है।

    मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा दबाव पर चर्चा

    परिणाम घोषित होने के बाद शिक्षा विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों ने छात्रों और अभिभावकों से संयम बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि परीक्षा परिणाम जीवन का अंतिम पैमाना नहीं होते।

    विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी है कि अपेक्षा के अनुरूप अंक न आने की स्थिति में निराश न हों और करियर के वैकल्पिक विकल्पों पर भी विचार करें।

    पिछले कुछ वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान मानसिक तनाव, प्रतिस्पर्धा और सोशल मीडिया दबाव जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। इसी कारण कई स्कूल अब छात्रों के लिए काउंसलिंग सुविधाओं पर भी ध्यान दे रहे हैं।

    कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया पर असर

    CBSE परिणाम घोषित होने के साथ ही देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है। दिल्ली विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और कई निजी संस्थानों में जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार कट-ऑफ और प्रवेश प्रतिस्पर्धा पर परिणामों का सीधा प्रभाव पड़ सकता है। खासकर उन पाठ्यक्रमों में, जहां सीटें सीमित हैं, वहां उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।

    छात्रों और अभिभावकों में उत्साह

    परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने खुशी जाहिर की। सोशल मीडिया पर भी छात्र अपनी उपलब्धियां साझा करते नजर आए। वहीं कुछ छात्रों ने उम्मीद के अनुसार अंक नहीं आने पर पुनर्मूल्यांकन और कंपार्टमेंट परीक्षा के विकल्पों पर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

    CBSE की ओर से जल्द ही पुनर्मूल्यांकन, सत्यापन और पूरक परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जारी किए जाने की संभावना है।

     

    फिलहाल, देशभर के लाखों छात्रों के लिए यह दिन राहत, उत्साह और भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है।

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