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    महाराजा सवाई मान सिंह विद्यालय में दो दिवसीय यूथ कॉन्क्लेव "Push the Envelope" आयोजित: युवाओं ने वैश्विक एवं समसामयिक मुद्दों पर रखी बेबाक राय

    6 hours ago

    जयपुर। महाराजा सवाई मान सिंह विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय युवा संवाद कार्यक्रम (Youth Conclave - "Push the Envelope") में विभिन्न प्रांतों से आए लगभग 70 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और ज्वलंत सामाजिक, राजनैतिक तथा वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार प्रखरता से व्यक्त किए।

    नई शिक्षा नीति (NEP) पर सवाल और सुझाव

    संवाद के प्रथम सत्र में 'नई शिक्षा नीति (NEP) ने सुधारों की अपेक्षा अधिक भ्रम उत्पन्न किया है' विषय पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने कहा कि एनईपी एक अच्छी मार्गदर्शिका है, लेकिन धरातल पर इसका समुचित क्रियान्वयन दिखाई नहीं दे रहा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पाठ्यक्रम में से उपयोगी विषयों को हटाकर सरकार की मंशा के अनुसार सामग्री जोड़ी जा रही है। उन्होंने शिक्षा नीति के निर्माण में शिक्षाविदों को शामिल करने की मांग की। इस सत्र का संचालन विद्याआश्रम स्कूल की प्राचार्या प्रीति संगवान ने किया।

    संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की प्रासंगिकता

    'संयुक्त राष्ट्र संगठन अपनी प्रासंगिकता खो चुका है' विषयक सत्र में प्रतिभागियों ने वैश्विक युद्धों को रोकने में संयुक्त राष्ट्र की नाकामी पर चिंता जताई। कुछ वक्ताओं ने सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी देशों के विशेषाधिकार (Veto Power) को यूएनओ की असफलता का मुख्य कारण बताया और कहा कि अब विभिन्न राष्ट्रों को अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी। हालांकि, UNICEF, UNESCO तथा अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय जैसे अंगों के कार्यों की सराहना भी की गई। इस सत्र का संचालन सतगुरु स्कूल अजमेर के प्राचार्य संजय दत्ता ने किया।

    सशक्त लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष की भूमिका

    'मजबूत विपक्ष की अनिवार्यता' पर बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि मजबूत विपक्ष के अभाव में सरकार के निरंकुश होने का खतरा बढ़ जाता है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केवल विरोध के लिए विरोध करना अनुचित है, बल्कि सकारात्मक भूमिका आवश्यक है। इस सत्र का संचालन जहा्नवी शर्मा ने किया।

    मुफ़्त की रेवड़ियां या जनकल्याण?

    चौथे सत्र में अर्थव्यवस्था पर 'मुफ़्त की रेवड़ियों' (Freebies) के प्रभाव पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने माना कि असहाय व पिछड़े वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं संविधान के अनुरूप हैं, लेकिन केवल वोट हासिल करने के लिए बांटी जाने वाली मुफ्त योजनाएं अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाती हैं। इस सत्र का संचालन पत्रकार अर्चना शर्मा ने किया।

    एआई (AI), धर्म और पाखंड पर मंथन

    • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): हेमतिका राठौड़ द्वारा संचालित सत्र में छात्रों ने बताया कि एआई ने कार्यों को सुगम बनाया है, परंतु यह मानवीय बुद्धिमत्ता के विकास में रुकावट भी पैदा कर सकता है।

    • धार्मिक उपदेशक व अंधविश्वास: रुचिता माथुर द्वारा संचालित सत्र में वक्ताओं ने ढोंगी बाबाओं और अंधविश्वास पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ढोंग और अनैतिक कृत्यों के बावजूद राजनैतिक संरक्षण के कारण ऐसे बाबा बच निकलते हैं, जो कि चिंताजनक है।

    कार्यक्रम के अंत में रंजीता माथुर ने जानकारी दी कि प्रत्येक सत्र से एक-एक श्रेष्ठ प्रतिभागी को पुरस्कृत किया जाएगा। अन्य शेष सत्रों में भी विभिन्न ज्वलंत विषयों पर चर्चा जारी है।

     

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