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    लाल किले ब्लास्ट केस में NIA की चार्जशीट का बड़ा खुलासा, ‘Lone Mujahid’ मैनुअल और जिहादी साहित्य बरामद होने का दावा

    1 hour ago

     

    Yugcharan News / 10-09-2026

    नई दिल्ली: नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी चार्जशीट में कई गंभीर दावे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से कथित तौर पर ऐसा चरमपंथी साहित्य बरामद हुआ, जिसमें आतंकवादी गतिविधियों, गुप्त तरीके से आवाजाही, निगरानी, हथियारों और विस्फोटकों से संबंधित सामग्री शामिल थी। एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों के बीच इस तरह की सामग्री साझा की जाती थी और इसका इस्तेमाल कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए किया गया।

    10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 29 लोग घायल हुए थे। शाम करीब 6:50 बजे हुए इस विस्फोट ने दिल्ली के एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक इलाके में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। विस्फोट से आसपास की संपत्तियों और कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद मामले की जांच NIA को सौंपी गई और एजेंसी ने कथित आतंकी साजिश के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल शुरू की।

    ‘Lone Mujahid’ मैनुअल का जिक्र

    NIA की चार्जशीट में कथित तौर पर ‘Lone Mujahid’ Pocket Book और ‘How to Become an Assassin’ नामक सामग्री का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस साहित्य को अल-कायदा इन द अरबियन पेनिनसुला (AQAP) से जोड़ा गया है। चार्जशीट में दावा किया गया है कि इसमें आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विभिन्न तकनीकों से संबंधित जानकारी मौजूद थी।

    जांच के मुताबिक, इस सामग्री में विस्फोटकों और हथियारों के बारे में परिचालन संबंधी जानकारी के अलावा निगरानी, छिपने, गुप्त तरीके से स्थान बदलने और सुरक्षा एजेंसियों से बचने जैसी गतिविधियों से जुड़ी बातें शामिल थीं। एजेंसी ने कथित तौर पर यह भी कहा है कि दस्तावेज में TATP जैसे विस्फोटकों और रिमोट-कंट्रोल आधारित विस्फोट से संबंधित जानकारी का उल्लेख था।

    हालांकि, चार्जशीट में दर्ज आरोप जांच एजेंसी का पक्ष हैं और इन दावों का अंतिम न्यायिक परीक्षण अभी होना बाकी है। अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को अपने आरोपों और साक्ष्यों को स्थापित करना होगा।

    कई अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में

    NIA ने चार्जशीट में कथित तौर पर कई अन्य दस्तावेजों और प्रकाशनों का भी उल्लेख किया है। इनमें “Definition of Jihad”, “The Requirements of Jihad”, “The 21 Aims and Objectives of Jihad”, “39 Ways to Serve and Participate in Jihad” और “44 Ways to Support Jihad” जैसे शीर्षक वाली सामग्री शामिल बताई गई है।

    जांच एजेंसी का आरोप है कि यह साहित्य केवल वैचारिक सामग्री तक सीमित नहीं था, बल्कि कथित तौर पर हिंसक गतिविधियों को उचित ठहराने और लोगों को चरमपंथी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करता था। NIA के अनुसार, यह साहित्य उस व्यापक सामग्री का हिस्सा था जिसे कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े लोगों के बीच प्रसारित किया जा रहा था।

    जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर इस सामग्री के जरिए कट्टरपंथी विचारों का प्रचार किया और कुछ लोगों को संगठनात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

    उमर उन नबी पर NIA के गंभीर आरोप

    चार्जशीट में उमर उन नबी को इस कथित साजिश का प्रमुख व्यक्ति बताया गया है। नबी की मौत 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए विस्फोट में ही हो गई थी। NIA के अनुसार, वह कथित रूप से पुनर्जीवित किए गए Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGuH) मॉड्यूल का “ऑपरेशनल इन-चार्ज” था।

    जांच एजेंसी के मुताबिक, नबी को पिंडा और राहुल भट के नामों से भी जाना जाता था और वह उस वाहन में मौजूद था जिसमें विस्फोट हुआ। NIA का आरोप है कि इस पूरे मामले के पीछे एक व्यापक साजिश थी, जिसमें कथित तौर पर निष्क्रिय हो चुके AGuH नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करना, नए लोगों का कट्टरपंथीकरण, चरमपंथी साहित्य का प्रसार और आतंकी हमले की तैयारी शामिल थी।

    चार्जशीट के अनुसार, इस मॉड्यूल को फिर से सक्रिय करने की कथित प्रक्रिया वर्ष 2022 की शुरुआत में शुरू हुई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि नबी ने अन्य लोगों को प्रभावित करने और कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    NIA ने यह भी आरोप लगाया है कि नबी कथित तौर पर “शहादत” या “martyrdom” की अवधारणा से जुड़ी प्रचार सामग्री का इस्तेमाल करता था। एजेंसी के मुताबिक, उसने कुछ लोगों को प्रभावित करने और कथित मॉड्यूल से जोड़ने के लिए ऐसी सामग्री का सहारा लिया।

    अफगानिस्तान जाने की कथित योजना

    जांच में NIA ने नबी की कथित गतिविधियों के एक अन्य पहलू का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, उसके पास अफगानिस्तान जाने और “हिजरत” करने की योजना से संबंधित जानकारी भी सामने आई थी।

    चार्जशीट में दावा किया गया है कि कथित मॉड्यूल से जुड़े लोगों ने जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-NCR में गुप्त बैठकें की थीं। एजेंसी का आरोप है कि इन बैठकों का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाना और कथित आतंकी साजिश को अंजाम देने की दिशा में काम करना था।

    हालांकि, इन सभी आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है। किसी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट में लगाए गए आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होते।

    Signal जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का कथित इस्तेमाल

    NIA ने कथित मॉड्यूल के सदस्यों के बीच संचार के तरीके को लेकर भी जानकारी दी है। एजेंसी के अनुसार, आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में रहने के लिए Signal जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे।

    जांच एजेंसी का दावा है कि एन्क्रिप्टेड संचार का इस्तेमाल कथित तौर पर सदस्यों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए किया जाता था। इसके अलावा NIA ने आरोप लगाया है कि मॉड्यूल से जुड़े लोगों ने कथित रूप से वित्तीय संसाधन जुटाने, अवैध हथियारों की व्यवस्था करने और संभावित गतिविधियों के लिए स्थान तलाशने जैसे काम भी किए।

    जांच का यह हिस्सा इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे एजेंसी कथित साजिश को केवल एक व्यक्ति की गतिविधि के बजाय एक संगठित नेटवर्क के रूप में पेश कर रही है।

    वाहन को VBIED के रूप में इस्तेमाल करने का दावा

    NIA ने चार्जशीट में 10 नवंबर के विस्फोट में इस्तेमाल वाहन को कथित तौर पर Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (VBIED) बताया है। एजेंसी के अनुसार, वाहन के अंदर विस्फोटक उपकरण मौजूद था और विस्फोट के समय नबी भी उसी वाहन में था।

    विस्फोट के बाद घटनास्थल से बरामद जैविक सामग्री की DNA जांच के जरिए नबी की पहचान की पुष्टि होने का दावा भी चार्जशीट में किया गया है। इसके अलावा फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर TATP और अमोनियम नाइट्रेट सहित विस्फोटक अवशेष पाए गए।

    NIA ने वाहन के मलबे और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष सामने रखा है कि कार का इस्तेमाल विस्फोटक उपकरण ले जाने और विस्फोट करने के लिए किया गया था। एजेंसी का दावा है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों से यह संकेत मिला कि विस्फोटक उपकरण को वाहन के भीतर से एक कमांड मैकेनिज्म के जरिए सक्रिय किया गया।

    नबी की मौत के बाद भी जांच जारी

    क्योंकि उमर उन नबी की मौत विस्फोट में ही हो गई थी, इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही उनकी मृत्यु के कारण समाप्त हो गई है। हालांकि, NIA ने चार्जशीट में कथित साजिश और उसमें उनकी भूमिका से जुड़े अपने निष्कर्ष दर्ज किए हैं।

    पूरे मामले में जांच एजेंसी का फोकस कथित नेटवर्क, उसके सदस्यों के बीच संपर्क, कट्टरपंथी साहित्य के प्रसार, वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता तथा विस्फोट की तैयारी के बीच संबंध स्थापित करने पर है।

    लाल किले जैसे अत्यंत संवेदनशील इलाके में हुआ यह विस्फोट सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती रहा है। अब चार्जशीट में सामने आए दावों से मामले की जांच की दिशा और कथित साजिश का एक विस्तृत खाका सामने आया है। हालांकि, अदालत में इन आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर होगी।

    NIA की चार्जशीट में दर्ज दावे फिलहाल जांच एजेंसी के आरोप हैं। मामले में शामिल आरोपियों की कानूनी स्थिति और दोष या निर्दोषता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।

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