Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    दो दिवसीय विधि महोत्सव ‘जश्न-ए-ज्यूरिस 2026’

    2 hours ago

    कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फॉर वीमेन, जयपुर में पहली बार दो दिवसीय विधि महोत्सव ‘जश्न-ए-ज्यूरिस 2026’ का दिनांक 10 एवं 11 अगस्त को भव्य आयोजन किया गया। कानून, संस्कृति, कला और रचनात्मकता के इस अनूठे संगम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महोत्सव के पहले दिन महाविद्यालय परिसर संगीत, कविता, नृत्य, फैशन, मनोरंजन और कानूनी प्रतिभा से गुलजार रहा।

    कार्यक्रम की शुरुआत मानसी चौधरी और सोहा अजीज खान के उद्घाटन संबोधन से हुई। इसके बाद निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, प्राचार्या डॉ. वर्तिका अरोड़ा एवं शिप्रक खंडाल ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया एवं छात्रा सोनल, निकिता, सावी एवं पारुल ने गणेश वंदना की प्रस्तुती दी।

    प्राचार्या, डॉ. वर्तिका अरोड़ा ने स्वागत संबोधन में महाविद्यालय के प्रथम विधि महोत्सव को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को जीवनभर याद रहने वाली खूबसूरत स्मृतियां प्रदान करते हैं।

    महोत्सव के पहले दिन 6 प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। महोत्सव के पहले आयोजन ‘अल्फाज़-ए-मंच’ ओपन माइक में छात्राओं ने गीत, बांसुरी, हारमोनिका, शायरी एवं कविता के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक शिप्रक खाण्डल ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता और मंच पर प्रस्तुति देने के साहस की सराहना की। उन्होंने आवाज के उतार-चढ़ाव और भावों की प्रभावी अभिव्यक्ति पर उपयोगी सुझाव दिए।

    इसके बाद आयोजित ‘वोग वर्डिक्ट’ फैशन शो का थीम ‘एलिमेंटल ओडिसी’ रहा। छात्राओं ने अग्नि, जल, पृथ्वी, वायु, वृक्ष और सूर्य सहित प्राकृतिक तत्वों से प्रेरित परिधानों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को रैंप पर प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ. रिचा चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग, कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर उपस्थित रहीं।

    इसके बाद आयोजित फेस पेंटिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने चेहरे को रचनात्मक अभिव्यक्ति का कैनवास बनाया। प्रतियोगिता का निर्णयन डॉ. सारिका कॉल, विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर, ड्राइंग एवं पेंटिंग विभाग, कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर ने किया।

    ‘द साइलेंट वर्डिक्ट’ लीगल चैराड्स प्रतियोगिता में छात्राओं ने कानूनी सूक्तियों और फिल्मों को अभिनय के माध्यम से प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में कानूनी ज्ञान के साथ विद्यार्थियों की अभिनय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता भी परखी गई। ‘स्टेप अप’ डांस बैटल के एकल एवं युगल वर्ग में छात्राओं ने विभिन्न नृत्य शैलियों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक घूमर और भरतनाट्यम से लेकर आधुनिक हिप-हॉप तक विभिन्न नृत्य रूपों ने दर्शकों को आकर्षित किया। इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका मिस पलक वशिष्ठ ने निभाई।

    ‘इल्म-ए-कानून’ लीगल क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के कानूनी ज्ञान, समसामयिक घटनाओं और सामान्य जागरूकता की परीक्षा ली गई। प्रतियोगिता के प्रथम चरण के बाद शीर्ष 10 टीमों ने अगले दौर के लिए स्थान बनाया।

    महोत्सव के दूसरे दिन ‘इल्म-ए-कानून’ लीगल क्विज के द्वितीय एवं तृतीय चरण तथा ‘ट्रेजर हंट’ सहित दो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं ने इन प्रतियोगिताओं में कानूनी ज्ञान, तार्किक क्षमता, टीमवर्क और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया।

    ‘इल्म-ए-कानून’ लीगल क्विज प्रतियोगिता के द्वितीय एवं तृतीय चरणों में प्रतिभागियों से विधि, संविधान, महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों एवं समसामयिक कानूनी विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के बीच छात्राओं ने आपसी समन्वय और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय दिया। इसके पश्चात् आयोजित दूसरी प्रतियोगिता ‘ट्रेजर हंट’ रही, जिसमें छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को विभिन्न स्थानों पर छिपाए गए संकेतों, पहेलियों और सुरागों को खोजकर अगले पड़ाव तक पहुंचना था। परिसर में सुरागों की तलाश करती छात्राओं के बीच जीत की होड़ ने पूरे माहौल को रोमांचक बना दिया।

    प्रतियोगिताओं के बाद पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह आयोजित किया गया जिसमें विजेताओं एवं उपविजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि मीनाक्षी राठौड़, प्रसिद्ध राजस्थानी लोक गायिका, गीतकार एवं ‘डत् त्मबवतके’ प्रोडक्शन हाउस की निदेशक रहीं। मुख्य अतिथि मीनाक्षी राठौड़ ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए, तब तक रुकना नहीं चाहिए।” उन्होंने कहा कि आज का दौर स्वतंत्र महिलाओं का है और यदि महिला आत्मनिर्भर नहीं है तो उसे जीवन में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कानून के क्षेत्र की सराहना करते हुए कहा कि कानून व्यक्ति को परिपक्व बनाता है तथा जीवन में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों और समस्याओं का आत्मविश्वास के साथ सामना करने में सक्षम बनाता है।

    कार्यक्रम का संचालन सेमेस्टर 10 की छात्राओं द्वारा किया गया। छात्राओं ने मंच संचालन की जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाते हुए कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।

    कार्यक्रम के अंत में सहायक आचार्य डॉ. तेजस्वी शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

    दो दिनों तक चले इस महोत्सव ने कानून के साथ कला, संस्कृति, रचनात्मकता, मनोरंजन और व्यक्तित्व विकास को जोड़ते हुए छात्राओं को अपनी बहुआयामी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया। आयोजन ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व, टीम भावना और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के साथ एक यादगार अनुभव प्रदान किया। महोत्सव के दौरान छात्राओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल, नेल आर्ट कॉर्नर एवं और मनोरंजक खेल भी आकर्षण का केंद्र रहे।

    Click here to Read More
    Previous Article
    पोस्टर "हर घर तिरंगा" का विमोचन
    Next Article
    वाणिज्य महाविद्यालय की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ABVP ने सौंपा ज्ञापन

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment