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    दिल्ली हाईकोर्ट ने SFI के Instagram अकाउंट ब्लॉक होने की अपील पर केंद्र को तीन सप्ताह में फैसला लेने को कहा

    50 minutes ago

    Yugcharan News / 24-09-2026

    नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार की Grievance Appellate Committee (GAC) को Students' Federation of India (SFI) की Instagram अकाउंट ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर निर्णय लेने का निर्देश दिया। अदालत ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस अपील पर तीन सप्ताह के भीतर फैसला करेगी।

    यह आदेश SFI की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमित महाजन ने दिया। SFI, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) का छात्र संगठन है। संगठन की ओर से अधिवक्ता अपार गुप्ता अदालत में पेश हुए।

    अदालत के समक्ष सुनवाई के दौरान बताया गया कि SFI ने अपने Instagram अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ केंद्र सरकार के समक्ष 12 अगस्त 2026 को अपील दायर की थी, लेकिन 24 सितंबर तक उस पर कोई आदेश पारित नहीं किया गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को अपील पर निर्णय लेने का निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

    SFI के Instagram अकाउंट पर जुलाई में हुई कार्रवाई

    SFI के अनुसार, Instagram ने 5 जुलाई 2026 को संगठन के दिल्ली स्थित आधिकारिक Instagram अकाउंट को स्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया था। प्लेटफॉर्म की ओर से संगठन को बताया गया था कि यह अकाउंट किसी ऐसे अन्य अकाउंट से जुड़ा हो सकता है, जिसने Instagram के नियमों का उल्लंघन किया है।

    SFI का कहना है कि Instagram ने अकाउंट से जुड़े कथित दूसरे खाते के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी और यह भी स्पष्ट नहीं किया कि किस अकाउंट के आधार पर कार्रवाई की गई। संगठन के मुताबिक, उसका यह Instagram अकाउंट वर्ष 2018 में बनाया गया था और कार्रवाई के समय इसके करीब 13,000 फॉलोअर्स थे।

    संगठन ने अपनी याचिका में कहा कि Instagram की कार्रवाई के बाद उसने 7 जुलाई को प्लेटफॉर्म के समक्ष अपील की थी। इसके बाद 9 जुलाई को Meta के grievance officer से भी संपर्क किया गया। SFI के अनुसार, इन प्रयासों के बावजूद उसे कोई प्रभावी जवाब नहीं मिला।

    इसके बाद संगठन ने 12 अगस्त को केंद्र सरकार की Grievance Appellate Committee के समक्ष अपील दाखिल की।

    GAC में अपील लंबित रहने का मुद्दा

    SFI की याचिका में कहा गया कि 16 सितंबर 2026 तक GAC की वेबसाइट पर उसकी अपील की स्थिति “under process” दिखाई जा रही थी। संगठन ने दावा किया कि उस समय तक अपील दायर किए हुए 30 दिन से अधिक समय बीत चुका था, लेकिन मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था।

    SFI की ओर से अदालत में यह भी दलील दी गई कि Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के Rule 3A(4) के तहत GAC को अपीलों पर तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए और सामान्य तौर पर 30 कैलेंडर दिनों के भीतर उनका अंतिम समाधान करने का प्रयास करना चाहिए।

    अधिवक्ता अपार गुप्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित नियम के तहत अपील के निपटारे के लिए चार सप्ताह की अवधि निर्धारित है। उन्होंने यह भी बताया कि हाईकोर्ट ने पहले इसी तरह के मामलों में सरकार को अतिरिक्त चार सप्ताह के भीतर अपील पर फैसला करने का निर्देश दिया था।

    हाईकोर्ट ने क्या कहा

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमित महाजन ने कहा कि अदालत को उम्मीद है कि SFI की अपील पर तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद अदालत ने संबंधित याचिका का निपटारा कर दिया और केंद्र सरकार की समिति को लंबित अपील पर फैसला लेने के लिए कहा।

    इस आदेश का तत्काल प्रभाव Instagram अकाउंट को बहाल करने के रूप में नहीं बताया गया है। अदालत ने मुख्य रूप से GAC के समक्ष लंबित अपील पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यानी SFI के अकाउंट की बहाली या Instagram की कार्रवाई को सही अथवा गलत ठहराने का अंतिम निर्णय इस आदेश में नहीं दिया गया।

    मौलिक अधिकारों का भी उठाया गया मुद्दा

    SFI ने अपनी याचिका में यह भी मांग की थी कि GAC उसकी अपील की सुनवाई और निर्णय की प्रक्रिया को संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं के अनुरूप संचालित करे।

    याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 19(1)(a), अनुच्छेद 19(1)(g) और अनुच्छेद 21 का उल्लेख किया गया। संगठन ने अदालत से यह सुनिश्चित करने की मांग की थी कि उसकी अपील पर विचार करते समय संबंधित संवैधानिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं को ध्यान में रखा जाए।

    याचिका अधिवक्ता नमन कुमार के माध्यम से दायर की गई थी।

    सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉकिंग और अपील की प्रक्रिया

    यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट ब्लॉक किए जाने और उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर कानूनी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। इस मामले में SFI ने पहले Instagram और Meta के आंतरिक शिकायत तंत्र का इस्तेमाल किया और बाद में सरकारी अपीलीय व्यवस्था का रुख किया।

    मामले में SFI की ओर से यह आपत्ति दर्ज की गई कि उसके अकाउंट को किस दूसरे खाते से कथित रूप से जोड़ा गया और किस आधार पर उसे Instagram के नियमों के उल्लंघन से संबंधित माना गया, इसकी पर्याप्त जानकारी उसे नहीं दी गई।

    हालांकि, उपलब्ध अदालत आदेश के अनुसार हाईकोर्ट ने इस स्तर पर Instagram की मूल कार्रवाई के गुण-दोष पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया। अदालत का निर्देश GAC के समक्ष लंबित अपील पर निर्णय लेने तक सीमित रहा।

    तीन सप्ताह में निर्णय की उम्मीद

    दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब SFI की 12 अगस्त को दायर अपील पर केंद्र सरकार की Grievance Appellate Committee को निर्णय लेना होगा। अदालत ने इसके लिए तीन सप्ताह की समयसीमा की अपेक्षा जताई है।

    SFI के लिए यह अपील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि संगठन का कहना है कि उसका दिल्ली Instagram अकाउंट वर्ष 2018 से सक्रिय था और उस पर लगभग 13,000 फॉलोअर्स थे। संगठन ने प्लेटफॉर्म की कार्रवाई के खिलाफ पहले Instagram और Meta के स्तर पर उपाय अपनाए, लेकिन कथित तौर पर संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद सरकारी अपीलीय तंत्र का सहारा लिया।

    फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले की अगली महत्वपूर्ण कार्रवाई GAC के निर्णय पर निर्भर करेगी। समिति द्वारा अपील पर क्या फैसला लिया जाता है और Instagram अकाउंट को लेकर क्या निर्देश जारी किए जाते हैं, यह आगे स्पष्ट होगा।

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