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    सात दिवसीय विशेष शिविर का विधिवत उद्घाटन

    1 month ago

    व्यावसायिक प्रशासन विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का विधिवत उद्घाटन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार शर्मा उपस्थित रहे। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने स्वयंसेवकों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, नवाचारपूर्ण कार्यशैली तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और सेवा-भाव के माध्यम से ही आदर्श नागरिकों का निर्माण संभव है।

     

    डॉ. शर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके युवा होते हैं। जब वही युवा अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति से प्रेरित होकर संगठित होते हैं, तब राष्ट्र की प्रगति तीव्र हो जाती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल गतिविधियों का संचालन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास और सामाजिक संवेदनशीलता को सुदृढ़ करना है। इस संदर्भ में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वचनों— “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको”— का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर युवाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा का सशक्त माध्यम है, जहाँ अनुशासन जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का आधार बनता है।

     

    उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक, नैतिक और कौशल आधारित स्वावलंबन की भी मांग करती है। इसी क्रम में उन्होंने डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के शब्दों को उद्धृत करते हुए युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए सतत प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि युवा राष्ट्र सर्वोपरि के भाव से प्रेरित होकर नवाचार, कौशल और सेवा को अपनाएँ, तो आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य शीघ्र ही साकार हो सकता है।

     

    अपने संबोधन के अंत में उन्होंने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि इस प्रशिक्षण को केवल शिविर न समझकर जीवन का संस्कार बनाएँ। उन्होंने विनोबा भावे के विचार— “राष्ट्र निर्माण व्यक्ति निर्माण से ही होता है”— का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुशासन, संवेदनशीलता और नेतृत्व के समन्वय से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

     

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पी.जी. स्कूल ऑफ कॉमर्स के निदेशक एवं व्यावसायिक प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. भवानी शंकर शर्मा ने स्वयंसेवकों को जीवन में सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तीन मूल मंत्र अपनाने का संदेश दिया— अच्छा सोचें, योग्य व्यक्तियों से मार्गदर्शन प्राप्त करें तथा निरंतर प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा कि सेवा-भाव से जुड़ा युवा ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनता है।

     

    कार्यक्रम में वाणिज्य संकाय एवं विभाग के अनेक प्राध्यापकगण तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पिंकी कुमारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह सात दिवसीय विशेष शिविर युवा चेतना, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के आदर्शों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

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