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    एनईपी–2020 पर आयोजित एफडीपी के चतुर्थ दिवस ज्ञान आधारित शिक्षा और आउटकम-बेस्ड लर्निंग पर जोर

    3 months ago

    जयपुर। दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मानसरोवर, जयपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP 2020) पर आयोजित पाँच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का चतुर्थ दिवस 6 फरवरी 2026 को उच्च शिक्षा के वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर केंद्रित रहा।

     

    चतुर्थ दिवस की मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि जैन, प्रेसिडेंट, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने अपने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि “ज्ञान ही शक्ति है और हम आज ज्ञान युग में प्रवेश कर चुके हैं, जहाँ केवल डिग्री नहीं बल्कि ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण महत्वपूर्ण हैं।” उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को अब वैश्विक स्तर पर अनुकूल (Globally Adaptable) बनाना समय की आवश्यकता है।

     

    उन्होंने उच्च शिक्षा के ढांचे (Framework of Higher Education) पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि यद्यपि राजस्थान सरकार में प्रक्रियाएँ अपेक्षाकृत धीमी हो सकती हैं, लेकिन संस्थानों को NEP 2020 को अपनाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने Learning Outcome Based Education की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए Program Outcome और Course Outcome के अंतर को समझाया और कहा कि शिक्षा प्रणाली को परिणाम-उन्मुख बनाना आवश्यक है।

     

    डॉ. जैन ने कहा कि Academic Bank of Credits (ABC-ID) के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं और इससे उनकी क्षमता, कौशल और प्रगति का सही मूल्यांकन संभव होता है। उन्होंने कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा में प्रैक्टिकल, कौशल, तकनीक और भाषा की बाधा रहित व्यवस्था होनी चाहिए।

     

    उन्होंने समता (Equity) और मूल्य आधारित शिक्षा (Value Education) को विकसित भारत की नींव बताते हुए कहा कि विकसित भारत के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है, जिसके लिए इंटर्नशिप और आजीवन सीखने (Lifetime Learning) को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाना होगा।

     

    उन्होंने यह भी कहा कि छात्र-केंद्रित शिक्षा (Student Centric Education) और Outcome Based Education के माध्यम से प्रत्येक विश्वविद्यालय को अपने स्पष्ट आउटपुट देने होंगे। इसके लिए संस्थानों की Vision और Mission का मजबूत होना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने Graduate Attributes, Program Outcome की महत्ता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

     

    कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. रीता बिष्ट द्वारा की जा रही है। आयोजन के सफल संचालन में संयोजक डॉ. नीतू चौहान, सह-संयोजक डॉ. अपर्णा सोनी एवं आयोजन सचिव श्रीमती अनिला शर्मा की सक्रिय भूमिका रही। प्रतिभागी शिक्षकों ने सत्र में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

     

    चतुर्थ दिवस का सत्र शिक्षकों को उच्च शिक्षा के भविष्य, वैश्विक मानकों और परिणाम-आधारित शिक्षण की दिशा में प्रेरित करने वाला सिद्ध हुआ।

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