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    राष्ट्रीय एकता के सूत्र: भारत बोध-विकास की अवधारणा' के चार दिवसीय कार्यक्रम का समापन

    3 months ago

    भारत बोध आयोजन समिति एवं श्री गुरु गोविन्द सिंह चेयर फॉर नेशनल इंटीग्रेशन के संयुक्त तत्वावधान में' भारत बोध-विकास की अवधारणा' के चार दिवसीय कार्यक्रम का समापन आज दिनांक 06 फरवरी 2026 को मानविकी पीठ सभागार, राजस्थान विश्वविद्यालय,जयपुर में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रख्यात शिक्षाविद् हनुमान सिंह राठौड़ रहे। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन पर विशेष बल दिया और कहा कि इसी में राष्ट्रीय एकता के तत्व निहित हैं। उन्होंने 'भारत' शब्द की संकल्पना को विस्तार से बताया और भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों के महत्व को उजागर किया। भारतीय संस्कृति की प्राचीनता के साथ -साथ इसकी निरंतरता के बारे में बताया की विभिन्न बाह्य तत्वों को आत्मसात करने की इसमें अद्भुत क्षमता रही है,इसी कारण यह सदियों से अक्षुण्ण बनी रही है‌।कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा ने की। उन्होंने भारत बोध अवधारणा के तात्विक चिंतन पर चर्चा की ,साथ ही इस संबंध में विश्वविद्यालय में हो रहे प्रयासों के बारे में बतलाया।इस दौरान कार्यक्रम संयोजक डॉ सुरेंद्र सिंह चौहान ने चार-दिवसीय कार्यक्रम की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। सह-संयोजक डॉ मीना रानी नारंग ने आगामी शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में बतलाया।अंत में प्रोफेसर सरीना कालिया ने सभी को सफल आयोजन की बधाई दी एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान विभिन्न परम्परागत खेल एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं में सफल रहे छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में महारानी महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई।

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