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    राजस्थान में विज्ञान और नवाचार का नया युग: राज्य स्तरीय नीति और रिसर्च हब्स पर बनी सहमति

    3 hours ago

    जयपुर |राजस्थान के शैक्षणिक और तकनीकी परिदृश्य को आधुनिक बनाने की दिशा में शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में राज्य की आगामी 'विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति' का खाका तैयार करने के साथ-साथ प्रदेश को देश के प्रमुख 'रिसर्च हब' के रूप में विकसित करने पर गहन मंथन किया गया।

    रिसर्च के लिए बनेगा 'नोडल सेंटर', संस्थानों का मिलेगा सहयोग

    बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्थान में शोध और नवाचार की बिखरी हुई कड़ियों को एक सूत्र में पिरोना रहा। इसके लिए एक

    केंद्रीकृत नोडल सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। यह सेंटर राज्य भर में चल रही अनुसंधान गतिविधियों की निगरानी और मार्गदर्शन करेगा।

    इसके अतिरिक्त, MNIT जयपुर और IIT जोधपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से विशेष 'सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस' और 'इन्क्यूबेशन सुविधाओं' को विकसित करने पर सहमति बनी। इसका उद्देश्य स्थानीय स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराना है।

    स्कूली स्तर पर 'साइंस क्लब्स' से पैदा होगी वैज्ञानिक चेतना

    केवल उच्च शिक्षा ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के लिए शिक्षा विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिलकर काम करेंगे। चर्चा के दौरान स्कूलों में नए साइंस क्लब्स स्थापित करने की योजना पर जोर दिया गया।

    "विद्यार्थियों में शुरुआती उम्र से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना अनिवार्य है। ये क्लब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रयोग और नवाचार के केंद्र बनेंगे।"

    नीति निर्धारण और क्रियान्वयन का रोडमैप

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव आरुषि मलिक और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने नीतिगत पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि नई नीति केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर ठोस क्रियान्वयन पर आधारित होगी, जिसमें स्कूल से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक एक एकीकृत इकोसिस्टम बनाया जाएगा।

    बैठक के मुख्य प्रतिभागी

    इस रणनीतिक चर्चा में शासन के शीर्ष अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया: राजेश यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग

     मेघेंद्र शर्मा, सचिव, विज्ञान भारती (विभा), राजस्थान

     एन.पी. पाढ़ी, निदेशक, MNIT जयपुर

     प्रतिनिधि, IIT जोधपुर

    विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस रोडमैप के लागू होने से राजस्थान न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा, बल्कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विज्ञान भारती (विभा) इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी परामर्शदाता के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएगी।

     

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