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    राजस्थान विश्वविद्यालय: दीक्षान्त समारोह में 'नारी शक्ति' का दबदबा, उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में बेटियाँ रचेंगी इतिहास

    3 hours ago

    जयपुर | राजस्थान विश्वविद्यालय का 35वाँ दीक्षान्त समारोह इस बार केवल डिग्रियाँ बाँटने का औपचारिक आयोजन मात्र नहीं होगा, बल्कि यह महिला नेतृत्व और राष्ट्रीय गौरव की एक नई इबारत लिखेगा। आगामी 25 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाले इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। विश्वविद्यालय के इतिहास में यह अवसर इसलिए खास है क्योंकि यहाँ प्रशासन से लेकर शैक्षणिक उपलब्धियों तक, हर मोर्चे पर बेटियों ने अपना परचम लहराया है।

    ​सेना की धुनों से होगा स्वागत, राष्ट्रवाद का दिखेगा संगम

    ​समारोह का आगाज भारतीय सेना के मिलिट्री बैंड की ओजस्वी धुनों के साथ होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार दीक्षान्त को राष्ट्रभावना से जोड़ने के लिए यह विशेष पहल की है। सेना के वाद्य-वृंद की गूंज के बीच शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाना विद्यार्थियों में अनुशासन और देशप्रेम का संचार करेगा।

    ​स्वर्ण पदकों पर बेटियों का एकाधिकार

    ​समारोह के जो आँकड़े सामने आए हैं, वे प्रदेश में बदलती शैक्षणिक तस्वीर की गवाही दे रहे हैं। शैक्षणिक वर्ष 2024 और 2025 के पदकों की तालिका देखें तो बेटियों ने बेटों को कोसों पीछे छोड़ दिया है:

    ​वर्ष 2024: कुल 118 विद्यार्थियों में से 92 महिलाएँ स्वर्ण पदक जीत रही हैं, जबकि पुरुषों की संख्या मात्र 26 है।

    ​वर्ष 2025: कुल 114 विद्यार्थियों में से 93 महिलाएँ स्वर्ण पदक की हकदार बनी हैं।

    ​कुल पदक: कुल 250 स्वर्ण पदकों में से अकेले 197 पदकों पर बेटियों ने कब्जा जमाकर यह साबित कर दिया है कि वे ही इस संस्थान की असली 'शक्ति' हैं।

    ​महिला नेतृत्व में संचालित हो रहा विश्वविद्यालय

    ​यह समारोह राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में आए बड़े बदलाव का भी गवाह है। वर्तमान में विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा के कुशल निर्देशन में संस्थान नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दिलचस्प बात यह है कि विश्वविद्यालय के तीन मुख्य स्तंभ—शासन, प्रशासन और वित्त—तीनों की कमान महिला अधिकारियों के हाथों में है। यह महिला सशक्तिकरण का वह जीवंत उदाहरण है, जो शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक मिसाल बन चुका है।

    ​सांख्यिकी एक नज़र में: 2.71 लाख से अधिक डिग्रियाँ

    ​इस ऐतिहासिक आयोजन में कुल 2,71,710 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएच.डी और डी.लिट के छात्र शामिल हैं। 

    नवाचार और राष्ट्रीय पहचान

    ​NAAC द्वारा A+ ग्रेड प्राप्त यह विश्वविद्यालय अब नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कौशल विकास और बहुविषयक अध्ययन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हाल ही में 'विजय दिवस 2025' के अवसर पर विश्वविद्यालय को 'प्राइड ऑफ नेशन अवार्ड' से भी नवाजा गया है, जो राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान को दर्शाता है।

    ​समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, संसद राधा मोहन दास अग्रवाल और deputy सीएम प्रेम चंद बैरवा भी उपस्थित रहेंगे। प्रशासन से लेकर विद्यार्थियों तक, सभी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए उत्साहित हैं।

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