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    रवनीत सिंह बिट्टू पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी पर भाजपा का हमला, सिख समुदाय की भावनाएँ आहत होने का दावा

    3 months ago

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर की गई टिप्पणी को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भाजपा नेताओं ने कहा कि इस बयान से केवल एक राजनीतिक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे सिख समुदाय की भावनाएँ आहत हुई हैं। पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक मतभेद के नाम पर ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जो न केवल अनुचित है बल्कि सामाजिक रूप से भी संवेदनशील है।

    नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को “देशद्रोही” जैसे शब्दों से संबोधित करना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल सामान्य राजनीतिक बहस का हिस्सा नहीं माना जा सकता, क्योंकि इनका गहरा ऐतिहासिक और भावनात्मक अर्थ होता है।

    शब्दों की जिम्मेदारी पर जोर

    हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “लोकतंत्र में असहमति और आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनका इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर किया जाना चाहिए। ‘देशद्रोही’ जैसा शब्द किसी व्यक्ति की राष्ट्र के प्रति निष्ठा पर सवाल उठाता है, और यह सिख समुदाय के लिए विशेष रूप से संवेदनशील विषय है।”

    उन्होंने आगे कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू केवल लुधियाना से निर्वाचित सांसद या वर्तमान केंद्रीय मंत्री ही नहीं हैं, बल्कि वह एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसने देश और पंजाब के लिए भारी बलिदान दिया है। पुरी ने पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन दौर में राज्य का नेतृत्व किया और अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

    पारिवारिक पृष्ठभूमि का हवाला

    भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर बिट्टू की पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि को भी रेखांकित किया। पार्टी का कहना है कि ऐसे व्यक्ति पर इस तरह की टिप्पणी करना न केवल व्यक्तिगत हमला है, बल्कि उस इतिहास और त्याग की अनदेखी भी है, जो सिख समुदाय के साथ जुड़ा रहा है।

    दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आर.पी. सिंह भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है।

    सिख समुदाय में नाराज़गी का दावा

    भाजपा नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी से सिख समाज में व्यापक नाराज़गी और पीड़ा है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने देश के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर योगदान दिया है, इसलिए किसी सिख नेता पर इस तरह की टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

    “यह मामला केवल एक राजनीतिक बयान का नहीं है। यह सम्मान, पहचान और इतिहास से जुड़ा हुआ विषय है,” लवली ने कहा। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों से समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है।

    संसद परिसर में हुआ था विवाद

    जानकारी के अनुसार, यह विवाद उस समय सामने आया जब संसद भवन परिसर में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कठोर शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, जिसके वीडियो बाद में सामने आए। भाजपा का आरोप है कि इस दौरान राहुल गांधी ने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, जबकि कांग्रेस की ओर से भी पलटवार किया गया।

    इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाज़ी तेज हो गई और मामला संसद से बाहर आकर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।

    राजनीतिक शिष्टाचार की अपील

    भाजपा नेताओं ने इस मौके पर सभी राजनीतिक दलों से संयम और जिम्मेदारी बरतने की अपील की। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश की राजनीति पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है और ऐसे में नेताओं को भाषा और व्यवहार दोनों में संतुलन बनाए रखना चाहिए।

    उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में तीखी बहस हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत आरोप और संवेदनशील शब्दों का प्रयोग स्थिति को और जटिल बना देता है। नीति, विकास और जनहित पर चर्चा होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत चरित्र पर।”

     

    फिलहाल, कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।

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