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    दिल्ली के 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा हड़कंप

    3 months ago

    राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दिल्ली के 10 नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी ई-मेल के जरिए दी गई। यह धमकी भरे ई-मेल सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच विभिन्न स्कूलों को प्राप्त हुए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को तत्काल संबंधित स्कूल परिसरों में भेजा गया।

    अधिकारियों के अनुसार, धमकी को गंभीरता से लेते हुए सभी स्कूलों को तत्काल खाली कराया गया और छात्रों व स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। हालांकि, अब तक किसी भी स्कूल परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन तलाशी अभियान लगातार जारी है।


    किन स्कूलों को मिली बम धमकी?

    समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, जिन 10 स्कूलों को बम धमकी वाला ई-मेल मिला, उनमें शामिल हैं:

    1. लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल, दिल्ली कैंट

    2. कैम्ब्रिज स्कूल, श्रीनिवासपुरी

    3. वेंकटेश्वर स्कूल, रोहिणी

    4. कैम्ब्रिज स्कूल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी

    5. सीएम स्कूल, रोहिणी

    6. डीटीए स्कूल, आईएनए

    7. बाल भारती स्कूल, रोहिणी

    8. एयर फोर्स स्कूल, लोधी रोड

    9. केआर मंगलम स्कूल

    10. द इंडियन स्कूल, सादिक नगर

    इन स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों में इस घटना के बाद गहरी चिंता और डर का माहौल देखा गया।


    धमकी भरे ई-मेल में क्या लिखा था?

    अधिकारियों के मुताबिक, धमकी वाले ई-मेल की भाषा उकसाने वाली और गंभीर रूप से संवेदनशील थी। ई-मेल में लिखा गया था:

    “दिल्ली खालिस्तान बन जाएगा। पंजाब खालिस्तान है। अफ़ज़ल गुरु की याद में।”

    इसके अलावा ई-मेल में यह भी दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1:11 बजे संसद भवन के अंदर विस्फोट किया जाएगा। इस जानकारी के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियों ने केवल स्कूलों ही नहीं, बल्कि दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया।


    सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई

    दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया:

    “आज कुल 10 स्कूलों को बम धमकी मिली है। हमारी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और परिसर की गहन जांच की जा रही है।”

    हर स्कूल में बम निरोधक दस्तों ने कक्षाओं, सभागारों, शौचालयों, खेल मैदानों और पार्किंग क्षेत्रों की बारीकी से जांच की। डॉग स्क्वॉड की मदद से भी संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई।


    साइबर टीम को सौंपी गई जांच

    दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि साइबर क्राइम यूनिट को ई-मेल की जांच में लगाया गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि:

    • ई-मेल किस सर्वर से भेजा गया

    • क्या यह देश के भीतर से भेजा गया या विदेश से

    • क्या यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा है या महज अफवाह (Hoax)

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह फर्जी धमकी (Hoax) हो सकती है, लेकिन जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।


    अभिभावकों और छात्रों में दहशत

    धमकी की खबर फैलते ही कई स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भीड़ जमा हो गई। कई माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल से तुरंत घर ले जाने पहुंचे। छात्रों में डर का माहौल था, हालांकि स्कूल प्रशासन ने उन्हें शांत रखने और सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

    एक अभिभावक ने कहा,
    “हम रोज अपने बच्चों को भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं। इस तरह की धमकियां हमारे विश्वास को हिला देती हैं।”


    पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां

    यह पहली बार नहीं है जब देश में इस तरह की घटनाएं सामने आई हों। इससे पहले भी:

    • नोएडा और अहमदाबाद के स्कूलों को गणतंत्र दिवस से पहले बम धमकियां मिली थीं

    • ओडिशा और बिहार की अदालतों को भी हाल के महीनों में धमकी भरे ई-मेल मिले थे

    • जनवरी में पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जो बाद में फर्जी साबित हुई

    इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि इस तरह की धमकियों के पीछे मनोवैज्ञानिक आतंक फैलाने की रणनीति तो नहीं अपनाई जा रही।


    पटना सिविल कोर्ट को भी बम धमकी

    दिल्ली के स्कूलों के साथ-साथ सोमवार को पटना सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिला। इसके बाद अदालत परिसर को खाली कराया गया और न्यायिक कार्य पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।

    इस कारण पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई भी टल गई। उनके वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि अब सुनवाई अगले दिन से पहले संभव नहीं है।


    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    पटना मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं ने कहा कि सरकार आलोचकों को दबाने के लिए साजिश कर रही है। हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है।


    क्या यह संगठित साजिश है?

    सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही दिन में अलग-अलग राज्यों में इस तरह की धमकियां मिलना संयोग नहीं हो सकता। हालांकि, कई बार ऐसी धमकियां केवल डर फैलाने के उद्देश्य से भी भेजी जाती हैं।

    अधिकारियों का कहना है कि जब तक ई-मेल भेजने वाले की पहचान नहीं हो जाती, तब तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


    निष्कर्ष

    दिल्ली के 10 स्कूलों को मिली बम धमकी ने एक बार फिर स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भले ही अब तक कोई विस्फोटक नहीं मिला हो, लेकिन इस तरह की घटनाएं समाज में डर और अस्थिरता पैदा करती हैं।

     

    जांच एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले की पड़ताल कर रही हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही ई-मेल भेजने वाले की पहचान कर ली जाएगी।

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