Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    अमरकंटक में संपन्न हुआ अखिल भारतीय युवा संत चिंतन शिविर

    2 months ago

    मालासेरी मंदिर के मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल ने की अध्यक्षता, देशभर से संतों ने किया धर्म और अध्यात्म पर गहन मंथन
    अत्यंत श्रद्धा और गर्व का विषय है कि विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में अमरकंटक की पवित्र भूमि पर आयोजित अखिल भारतीय युवा संत चिंतन शिविर में मालासेरी मंदिर के मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल ने अध्यक्षता की। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय स्तर के शिविर का आयोजन 25 से 27 अक्टूबर तक हुआ, जिसमें भारत के कोने-कोने से संतों और आध्यात्मिक विद्वानों ने भाग लेकर धर्म, अध्यात्म और राष्ट्रकल्याण पर विचार-विमर्श किया।
    भगवान देवनारायण के दर्शन और सन्मार्ग पर प्रबोधन
    शिविर में हेमराज पोसवाल ने भगवान देवनारायण के अध्यात्मिक स्वरूप, उनके जीवन दर्शन और लोककल्याणकारी आदर्शों पर गहन प्रबोधन दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि देवनारायण का मार्ग केवल धार्मिक साधना का नहीं, बल्कि समग्र मानवता के कल्याण का पथ है। उन्होंने यह भी बताया कि आज के युग में देवनारायण की शिक्षाएं समाज को एकता, सेवा और सदाचार की दिशा देती हैं।
    देशभर के संतों ने साझा किया आध्यात्मिक अनुभव
    चिंतन शिविर में देशभर से आए प्रतिष्ठित संतों ने भाग लेकर भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और युवा पीढ़ी में अध्यात्म जागरण के विषयों पर मंथन किया। विभिन्न सत्रों में धर्म के सामाजिक सरोकार, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में संत परंपरा की भूमिका पर चर्चा की गई।
    राजस्थान से विशेष सम्मान
    राजस्थान से मालासेरी मंदिर के मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान देवभूमि मालासेरी और भगवान देवनारायण की दिव्य परंपरा के प्रति राष्ट्रव्यापी श्रद्धा का प्रतीक माना गया।
    संपूर्ण विश्व के कल्याण का संकल्प
    शिविर का समापन संकल्प सत्र के साथ हुआ, जिसमें सभी संतों ने धर्म, संस्कृति और मानवता की सेवा को जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य मानते हुए विश्व कल्याण की प्रार्थना की।

    Click here to Read More
    Previous Article
    50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले ! Narendra Modi
    Next Article
    विश्वास का प्रतीक ब्लॉकचेन, जबकि अनुभव को पुनर्परिभाषित करता एआई : शशि पाल

    Related धर्म और अध्यात्म Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment