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    हाड़ौती को मिलेगा पर्यटन क्षेत्र में नहीं आयाम

    1 month ago

    - कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर, प्री-समिट में उद्योग जगत एक मंच पर

    - पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने कहा कि कोटा हाड़ौती में पर्यटन असीम संभावनाएँ, अब उदयपुर और जोधपुर में भी इसी मॉडल पर आयोजन

     

    जयपुर। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान (एचएफआर) कोटा डिविजन द्वारा पहले कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट के लिए एमओयू हस्ताक्षर और प्री-समिट कार्यक्रम सोमवार को यहां आरटीडीसी होटल गणगौर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल सेक्टर से जुड़े दिग्गज प्रतिनिधियों, संघ पदाधिकारियों और उद्योग हितधारकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे हाड़ौती के पर्यटन भविष्य का मजबूत संदेश गया। एमओयू पर हस्ताक्षर पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ व एचएफआर के अध्यक्ष हुसैन खान द्वारा किए गए। 

     

    समारोह का शुभारंभ परंपरागत दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात एचएफआर कोटा डिविजन की ओर से हाड़ौती ट्रैवल मार्ट 2026 की रूपरेखा, आयोजन की मुख्य विशेषताएँ, संभावित प्रदर्शन क्षेत्रों और हाड़ौती के पर्यटन संसाधनों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई । आगामी 2 से 4 जनवरी 2026 को निर्धारित यह ट्रैवल मार्ट कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों के समृद्ध इतिहास, प्राकृतिक सुंदरता, वास्तुकला, जल विरासत, कला–संस्कृति और साहसिक पर्यटन को केंद्र में रखकर आयोजित किया जाएगा।

     

    पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने इस अवसर पर इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि राजस्थान सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल करते हुए पहली बार कोटा हाडौती ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन 2 से 4 जनवरी 2026 को कोटा में किया जा रहा है। 

    हाड़ौती संभाग में पर्यटन की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं, जिन्हें व्यवस्थित प्रयासों से विश्वस्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। हाड़ौती की अपनी अलग पहचान है जो इस ट्रैवल मार्ट के माध्यम से राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभरेगी। 

     

    पर्यटन आयुक्त ने कहा कि कोटा संभाग बहुत खूबसूरत है। यहां की खूबसूरती से देश दुनिया परिचित हो इसका प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन उन अनछुए स्थलों को भी मंच देंगे, जो अभी तक मुख्यधारा के पर्यटन मानचित्र में शामिल नहीं हो पाए हैं। 

     

    पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने कहा कि पर्यटन विभाग की रणनीति के तहत भविष्य में उदयपुर और जोधपुर में भी इसी मॉडल पर विशेष ट्रैवल मार्ट आयोजित किए जाएंगे, जिससे राजस्थान को वर्ष पर्यन्त पर्यटन स्थल के रूप में मजबूत पहचान मिलेगी।

     

    पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों की उपस्थितिः

     

    कार्यक्रम में एचएफआर के अध्यक्ष हुसैन खान, एचएफआर कोटा डिविजन के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी, सुरेंद्र सिंह शाहपुरा, वीरेंद्र सिंह (एफएचटीआर) महेन्द्र सिंह ( राटो), हेम सिंह (एडीटीओआई) व गज सिंह अलीसर (आईएचएचए) सहित विभिन्न उद्योग संगठनों और फेडरेशनों के शीर्ष प्रतिनिधि मौजूद रहे।

     

     

    सभी वक्ताओं ने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र में नदी–झरनों और जल पर्यटन, बौद्ध–जैन–शैव विरासत,गढ़-किलों की समृद्ध श्रृंखला, एडवेंचर टूरिज्म, ग्रामीण एवं ईको टूरिज्म के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं।

     

    इन संसाधनों के जरिए हाड़ौती को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थल के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

     

     

    इस अवसर पर पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़, उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत, सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहे। 

     

    प्री-समिट के समापन पर सभी हितधारकों ने एकमत होकर कहा कि हाड़ौती को राजस्थान के उभरते हुए प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रहेंगे। प्रतिभागियों ने एमओयू को हाड़ौती में पर्यटन विकास के लिए एक मजबूत और निर्णायक कदम बताया।

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