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    इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (IIC), यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर द्वारा “प्रायोजित/बीज अनुदान प्रस्ताव कार्यशाला” का सफल आयोजन

    3 days ago

     इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर द्वारा आज “प्रायोजित/बीज अनुदान प्रस्ताव कार्यशाला” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। 

    कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में सम्पन्न हुआ। उनके सतत सहयोग से संस्थान में नवाचार, अनुसंधान एवं उद्यमिता की संस्कृति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है।

    कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को प्रायोजित एवं बीज अनुदान प्रस्तावों के निर्माण की प्रक्रिया, आवश्यकताओं तथा तकनीकी पक्षों से अवगत कराना था, जिससे वे अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें।

    इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अध्यापकगण तथा

    इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल के सदस्य अपने-अपने विद्यार्थियों सहित उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विविध विषयों पर प्रश्न प्रस्तुत किए तथा अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

    कार्यशाला में विशेषज्ञ के रूप में डॉ.कुलदीप शर्मा, कृषि संकाय एवं नवाचार गतिविधि समन्वयक, 

    इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर ने महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रभावी प्रस्ताव लेखन की रणनीतियों, वित्तपोषण संस्थाओं की अपेक्षाओं तथा सफल प्रस्ताव के प्रमुख घटकों पर विस्तृत प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम के समापन अवसर पर इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल के संयोजक डॉ. सागर कुमार ने मुख्य वक्ता, आयोजकों एवं समस्त प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की उपयोगी कार्यशालाओं के आयोजन हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह कार्यशाला अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

    इस अवसर पर यूनिवर्सिटी चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उद्योग-संबद्ध व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे परिवर्तित समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल का विकास कर सकें तथा उत्तम रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।

    वही प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संवर्धन करती हैं तथा उन्हें अपने करियर की उपयुक्त दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी।

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