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    जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के डिज़ाइनिंग स्टूडेंट्स ने शब्दों को दिए 3डी आकार, 'नयापन' में दिखा रहा हास्य और कला का अतरंगी संगम

    1 week ago

    "किशोर ले जाएगा" और "उबरता सितारा" जैसे पंस को एमडीएफ और मेटल वायर के ज़रिए दिया मूर्त रूप

     

    -'अपना-पन वॉल' और लाइव वोटिंग के साथ दर्शक भी बन रहे हैं जेइसीआरसी के इस क्रिएटिव सफ़र का हिस्सा

     

    जयपुर, 

     

    हास्य, बौद्धिकता और विज़ुअल आर्ट का अनूठा संगम, जवाहर कला केंद्र में शब्दों को एक बार फिर नया और जीवंत आकार दे रहा है। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के जयपुर स्कूल ऑफ़ डिज़ाइन (जेएसडी) द्वारा 27 से 29 मार्च तक आयोजित किए जा रहे 'नयापन' के 5वें संस्करण 'नयापन-चम' में कागज़ पर लिखे गए चुटकुलों को 3डी कलाकृतियों में तब्दील किया गया है।

     

    इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज़ इस एग्जिबिशन का असली पंच इसका अनोखा नज़रिया है, जिसका सृजन डिज़ाइन स्कूल के 33 जुनूनी, पहले, द्वितीय व तृतीय वर्ष के स्टूडेंट्स ने किया है। इन फ्यूचर डिज़ाइनर्स ने थर्मोकोल, पुट्टी, मेटल वायर और एमडीएफ़ बोर्ड जैसी सामग्रियों से 16 बड़े आर्ट इंस्टॉलेशंस में पेंसिलबॉक्स डिज़ाइन के संस्थापक अनुराग एस. के पंस को मूर्त रूप दिया है।

     

    अपनी कलात्मक सूझबूझ का परिचय देते हुए, छात्रों ने “सिंगिंग इज़ माय फ़र्स्ट लव। पता नहीं ये प्यार मुझें किशोर ले जाएगा...” इंस्टॉलेशन के ज़रिए महान गायक किशोर कुमार के नाम को 'किस ओर' दिशा के साथ जोड़कर संगीत के प्रति प्रेम को एक बेहद हास्यपूर्ण और क्रिएटिव नज़रिया दिया है।

     

    इसी रचनात्मक कड़ी में, मशहूर चित्रकार विन्सेंट वैन गो के नाम पर आधारित “व्हेयर डिड वैन गो?” इंस्टॉलेशन में 'वैन गो' के उच्चारण को अंग्रेज़ी के 'वैन गो' (वैन कहाँ गई) के साथ खेलते हुए एक मज़ेदार रूप दिया है।

     

    वहीं, एमडीएफ लकड़ी को तराश कर बनाए गए टॉप रेटेड उबर ड्राइवर के 'उबरता सितारा' प्रदर्शनी और तारों से बुनी गई पलकों वाली विशाल आँख के डिज़ाइन- जो हर भारतीय माँ के उस मशहूर इमोशनल डायलॉग को दर्शाता है कि "हर कोई मदर टेरेसा नहीं होता" (हर कोई माँ तेरे जैसा नहीं होता)- ने छात्रों की तकनीकी दक्षता को साबित किया है।

     

    जेईसीआरसी की इस एग्ज़ीबिशन में इन विशाल कलाकृतियों के अलावा, 6 फ़्रेम्ड और 80 डिज़िटल पंस के साथ दर्शकों को अपने पसंदीदा पन-आर्ट डिज़ाइन को वोट करने का मौका दिया जा रहा है। व 'अपना-पन वॉल' भी है, जहाँ लोग अपने खुद के ओरिजिनल पन लिखकर इस क्रिएटिव सफ़र में चार चाँद लगा रहे हैं।

     

    जेएसडी के विद्यार्थियों की यह मेहनत इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सही अकादमिक मंच मिलने पर युवा प्रतिभाएँ कला के माध्यम से समाज के साथ एक गहरा और खुशनुमा संवाद स्थापित कर सकती हैं।

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