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    इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

    1 week ago

    कनोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल एवं आईपीआर-टीटी सेल के द्वारा दिनांक 28 मार्च 2026 को “इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर द्वारा प्रायोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों की वर्तमान समय में उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। आईपीआर-टीटी सेल की संयोजिका एवं आईपीआर कार्यशाला आयोजक सचिव, डॉ. सुमिता शेखावत ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। उद्घाटन सत्र में डॉ. जितेंद्र शर्मा (सहायक नियंत्रक, पेटेंट एवं डिज़ाइन, भारतीय पेटेंट कार्यालय), रिटायर्ड प्रो. ऋषि कुमार सिंघल (विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय) एवं सुश्री छवि गर्ग (परीक्षक, पेटेंट एवं डिज़ाइन) ने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट का परिचय देते हुए इसके महत्व से प्रतिभागियों को अवगत कराया। तत्पश्चात तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बौद्धिक संपदा के व्यावसायीकरण पर बल देते हुए बताया कि किसी भी नवाचार के लिए पहले पेटेंट प्राप्त करना आवश्यक है तथा उसके पश्चात ही शोध प्रकाशन किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेटेंट स्वीकृति हेतु प्रस्ताव का पूर्णतः स्पष्ट एवं विस्तृत होना अनिवार्य है। डॉ. रोहित जैन (पेटेंट एवं ट्रेडमार्क अधिवक्ता) ने ट्रेडमार्क एवं जीआई टैग्स के संदर्भ में बताया। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि प्रसिद्ध ब्रांड के अनुचित उपयोग से उपभोक्ताओं में भ्रम उत्पन्न हो सकता है, अतः विख्यात ट्रेडमार्क के मामलों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अतिरिक्त श्री मनीष सोयल (परीक्षक, पेटेंट एवं डिज़ाइन) ने डिज़ाइन, कॉपीराइट अधिनियम एवं बौद्धिक संपदा के व्यावसायीकरण पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। समापन सत्र में डॉ. अपर्णा राठौड़ द्वारा संपूर्ण कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा डॉ. सरिका गुप्ता (डायरेक्टर, ग्रीनाथॉन प्राइवेट लिमिटेड एवं संकाय सदस्य, बनस्थली विद्यापीठ) ने उद्योग समस्या आधारित नवाचार “माइक्रोबायोलाइसिस” के विकास एवं परीक्षण प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर आयोजकों को बधाई दी। कार्यशाला में 22 महाविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट के विषय में उपयोगी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल अध्यक्ष एवं आईपीआर कार्यशाला आयोजक सचिव, डॉ. प्रियंका खुराना ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

     

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