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    JEE Students Interview कोटा में नेशनल लेवल का सेल्फ एनालिसिस : कबीर छिल्लर

    2 months ago

    JEE Students Interview 

     

    कोटा में नेशनल लेवल का सेल्फ एनालिसिस : कबीर छिल्लर

     

    जेईई-मेन जनवरी सेशन

    300/300 परफेक्ट स्कोर

    पिताः मोहित छिल्लर (आईआईटीयन)

    मांः प्रियंका छिल्लर (प्राइवेट टीचर)

    जन्मतिथिः 30 जुलाई 2008

     

    कबीर छिल्लर ने जेईई मेन जनवरी सेशन में 300 में से 300 स्कोर हासिल किया है। कबीर पिछले दो साल से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं। फिलहाल एक निजी कंपनी में सेवारत हैं। कबीर ने 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की थी। कबीर ने अपना की ऑफ सक्सेस शेयर करते हुए बताया कि सही दिशा में मेहनत करना सबसे जरूरी है। इसके लिए एलन फैकल्टीज का सही मार्गदर्शन और पेरेंट्स का सपोर्ट बहुत काम आया। मैंने नियमित स्टडी शेड्यूल, लगातार रिवीजन और मॉक टेस्ट के माध्यम से तैयारी को मजबूत किया। एलन में आना मेरे लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यहां आने के बाद सब्जेक्ट्स में कंसेप्ट्स क्लीयर हुए। रटने की बजाय कॉन्सेप्ट को गहराई से समझने पर जोर दिया। हर टॉपिक को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ा, शॉर्ट नोट्स तैयार किए और रेगुलर रिवीजन किया। टाइम मैनेजमेंट और एक्यूरेसी पर भी विशेष काम किया। गलतियों का एनालिसिस करना मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। इससे हर टेस्ट के बाद मेरी परफॉर्मेन्स बेहतर होती चली गई। रीक्रिएशन के लिए दोस्तों के साथ बाहर घूमने चले जाता हूं। मैं आईआईटी मुंबई से सीएस करना चाहता हूं और एमआईटी जाना चाहता हूं। परिवार मूलतः गुड़गांव से है। 

     

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    सिर्फ टारगेट ध्यान में रहता था : अर्णव

    अर्णव गौतम, कोटा (राजस्थान)

    जेईई मेन 2026 जनवरी सेशनः 295/300 - परफेक्ट स्कोर

    पिताः डॉ. बुद्धिप्रकाश (ज्योग्राफी शिक्षक)

    मांः निधि गौतम (गर्वनमेन्ट टीचर)

     

    जेईई-मेन जनवरी सेशन में परफेक्ट स्कोर 295/300 प्राप्त करने वाले अर्णव गौतम का मानना है कि यदि लक्ष्य लें और उसे हासिल करने में जुट जाएं तो सब संभव है। मूल रूप से कोटा के आरोग्य नगर निवासी अर्नव पिछले छह वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। उसने बताया कि इस वर्ष मैं 12वीं कक्षा की परीक्षा देने जा रहा हूं। इससे पहले मैंने 10वीं कक्षा 95.8 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। एलन में नेशनल व इंटरनेशनल ओलंपियाड्स की तैयारी से अकेडमिक्स मजबूत हुई। वर्ष 2023 में जूनियर साइंस ओलंपियाड के ओसीएससी, 2024 में एस्ट्रो ओलंपियाड के ओसीएससी और 2025 में फिजिक्स ओलंपियाड के ओसीएससी में भाग लिया। इसके अलावा एशियन फिजिक्स ओलंपियाड 2025 में ब्रॉन्ज मेडल मिला। मेरी इस सफलता के पीछे एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का बड़ा योगदान है। मेरा मानना है कि सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है, लेकिन सही गाइडेंस के लिए कोचिंग के सहयोग भी जरूरी है। जेईई जैसे एग्जाम की तैयारी में डाउट्स का तुरंत समाधान होना बेहद जरूरी है, जो फैकल्टीज के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाता है। मेरे दिमाग में हमेशा टारगेट रहता था कि मुझे यह हासिल करना है। एग्जाम के दौरान मैंने सबसे पहले केमिस्ट्री, फिर फिजिक्स और अंत में मैथ्स का पेपर सॉल्व किया। टाइम मैनेजमेंट पूरी तरह परफेक्ट रहा, जिससे मुझे बचे हुए समय में पूरे पेपर को दोबारा री-चेक करने का मौका मिला। यही वजह रही कि एक भी प्रश्न गलत नहीं हुआ और मैं परफेक्ट स्कोर हासिल कर सका। मेरी दिनचर्या काफी डिसिप्लिन्ड रही। सुबह 8 बजे घर से एलन के लिए निकलता था। क्लासेज अटेंड करने के बाद रिवीजन करता था और डाउट सॉल्व करने के लिए फैकल्टीज के पास जाता था। शाम करीब 7ः30 बजे तक घर लौटता था। रीक्रिएशन के लिए मैं अपने छोटे भाई के साथ गली में क्रिकेट खेलता था। इसके बाद रात में करीब 12 बजे तक पढ़ाई करता था और फिर सो जाता था। अगला लक्ष्य जेईई एडवांस्ड में अच्छी रैंक हासिल कर आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करना है।

     

     

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    टीचर्स को फॉलो किया, इसी से सक्सेस : शुभम कुमार

    जेईई-मेन सेशन-1

    पिताः शिवकुमार (व्यवसायी)

    मांः कंचन देवी

    जन्मतिथिः 20 सितंबर 2008

     

    शुभम कुमार ने 300 में से 295 अंक प्राप्त कर 100 परसेंटाइल स्कोर हासिल किया है। यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। शुभम पिछले दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट हैं। पिता शिवकुमार व्यवसायी हैं और माता कंचन देवी गृहिणी हैं। इससे पूर्व शुभम ने 10वीं कक्षा 98.5 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की थी। शुभम ने बताया कि मेरी सक्सेस का क्रेडिट मैं फैकल्टीज के मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और परिवार के सहयोग को देता हूं। सबसे बड़ा कारण मेरे टीचर्स हैं। मैंने हमेशा उनकी बातों को ध्यान से सुना और उनके द्वारा बताए गए तरीके से ही पढ़ाई की। एलन के फैकल्टीज ने हर टॉपिक को बेसिक्स से समझाया, जिससे मेरा कॉन्सेप्ट मजबूत हुआ। मैं रोज लगभग 6 से 8 घंटे सेल्फ-स्टडी करता था। क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक्स को उसी दिन रिवाइज करता था और नियमित रूप से प्रश्नों की प्रैक्टिस करता था। मैं खासकर कमजोर टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान देता था। कभी-कभी दबाव जरूर होता था, लेकिन मैंने उसे मोटिवेशन में बदला। मैं अपने लक्ष्य पर फोकस रखता था और खुद पर विश्वास बनाए रखा। मैं भविष्य में आईआईटी मुंबई की सीएस ब्रांच से बीटेक करना चाहता हूं। इसलिए फिलहाल जेईई एडवांस्ड पर पूरा फोकस है। परिवार बिहार के गया से है।

     

     

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    टेस्ट देकर कम्पीटिशन को टफ बनायाः ऋषित गर्ग

    ऋषित गर्ग

    जेईई मेन 2026 जनवरी सेशन : 100 पर्सेन्टाइल 

    पिताः रोहित गर्ग

    मांः मोनिका गर्ग

    जन्मतिथिः 19 जनवरी 2009

     

    एलन के छात्र ऋषित गर्ग ने जेईई मेन 2026 जनवरी 2026 में 100 पर्सेन्टाइल स्कोर कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। दिल्ली निवासी ऋषित कक्षा 11 से एलन में अध्ययनरत हैं और इस वर्ष कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होंगे। ऋषित ने 10वीं कक्षा 95.6 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की थी। ऋषित ने कहा कि मेरे माता-पिता, बड़े भाई और एलन के फैकल्टीज का मार्गदर्शन उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रहा। ऋषित ने बताया, मेरे बड़े भाई आईआईटी दिल्ली में कंप्यूटर साइंस के छात्र हैं। उनकी सलाह और अनुभव ने मुझे तैयारी के दौरान सही दिशा दी। तैयारी की रणनीति के बारे में बताते हुए ऋषित ने कहा कि मैंने एलन के साथ जेईई के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास किया और एनसीईआरटी पुस्तकों पर विशेष ध्यान दिया, ताकि परीक्षा के संभावित प्रश्न पैटर्न को समझ सकूं। जेईई मेन परीक्षा से दो सप्ताह पूर्व मैंने खास तौर पर केमिस्ट्री विषय पर अधिक फोकस किया, क्योंकि इस विषय में अवधारणाओं के साथ तथ्यात्मक जानकारी भी महत्वपूर्ण होती है। कक्षाओं के दौरान मैं प्रतिदिन 4 से 5 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। जबकि छुट्टी के दिनों में 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करता था। रीक्रिएशन के लिए पियानो व गिटार बजाता हूं एवं बैडमिंटन खेलता हूं। मेरा टारगेट जेईई एडवांस्ड में अच्छी रैंक हासिल कर आईआईटी मुंबई की सीएस ब्रांच से बीटेक करना है। 

     

     

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    रेगुलर स्टडी और कॉन्सेप्ट क्लैरिटी से मिली सफलताः निमय

    निमय पुरोहित

    पिताः डॉ. हर्षल बी पुरोहित (फिजियोथैरेपिस्ट)

    मांः डॉ. दर्शना पुरोहित (फिजियोथैरेपिस्ट)

    जन्मतिथिः 15 जुलाई 2008

     

    गुजरात के राजकोट निवासी निमय पुरोहित ने देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 जनवरी सेशन में 100 परसेन्टाइल स्कोर कर गुजरात स्टेट में टॉप किया है। निमय पिछले दो साल से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। उसने 10वीं कक्षा 96.6 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की थी। निमय ने बताया कि यह मेरे लिए बहुत ही खुशी और गर्व का क्षण है। जब मैंने अपना परिणाम देखा तो मुझे विश्वास नहीं हुआ कि मैंने 100 परसेन्टाइल स्कोर किया है। यह मेरी कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। मेरी सफलता का सबसे बड़ा कारण नियमित अध्ययन और कॉन्सेप्ट क्लैरिटी रहा है। मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि हर टॉपिक को गहराई से समझूं, न कि सिर्फ रटूं। रोजाना लगभग 6 से 8 घंटे सेल्फ-स्टडी करता था। क्लास में जो भी पढ़ाया जाता था, उसे उसी दिन रिवाइज करता था। इसके अलावा नियमित रूप से प्रश्नों का अभ्यास और मॉक टेस्ट देना मेरी तैयारी का अहम हिस्सा था। मैंने हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस किया और उन्हें सुधारने पर ध्यान दिया। इसके अलावा एलन के फैकल्टीज का मार्गदर्शन, स्टडी मैटेरियल और टेस्ट सीरीज ने मेरी तैयारी को मजबूत बनाया। स्टडी मैटेरियल और टेस्ट सीरीज का लेवल भी जेईई के अनुसार था, जिससे मेरी तैयारी मजबूत हुई। इस सफलता से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और अब मेरा लक्ष्य जेईई एडवांस में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है।

     

     

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    समय प्रबंधन सफलता की सबसे बड़ी कुंजीः चिरंजीब

    चिरंजीब कर, ओडिशा

    पिताः चितरंजन कर (टाटा स्टील प्लांट)

    मांः बनाकेतकी कर 

    जन्मतिथिः 31 अक्टूबर 2007

     

    देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 जनवरी सेशन में ओडिशा निवासी चिरंजीब कर ने 100 परसेन्टाइल स्कोर हासिल किए हैं। चिरंजीब एलन कॅरियर इस्टीट्यूट का पिछले दो साल से रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। इससे पहले 10वीं कक्षा 97 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुका है। 

    चिरंजीब ने अपनी सफलता का श्रेय एलन की फैकल्टीज के मार्गदर्शन, नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर अभ्यास को दिया। उसका कहना है कि सही दिशा में मेहनत और समय प्रबंधन सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। चिरंजीब ने बताया कि जेईई मेन जैसी परीक्षा में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, कॉन्सेप्ट की गहराई से समझ, निरंतर अभ्यास और समय का सही प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उसने एलन की फैकल्टीज के अनुभवी मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट सिस्टम और अनुशासित अध्ययन वातावरण को अपनी सफलता का प्रमुख आधार बताया। उसने कहा कि कठिन विषयों को बार-बार अभ्यास और शिक्षकों से चर्चा कर समझना उसकी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। चिरंजीब ने यह भी बताया कि उसने अपनी तैयारी के दौरान पॉजिटिव सोच बनाए रखी और अपने लक्ष्य पर पूरा फोकस किया। नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट का विश्लेषण और कमजोर टॉपिक्स पर विशेष ध्यान देने से उसे अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार करने में मदद मिली। उसने कहा कि सफलता के लिए निरंतरता, धैर्य और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। चिरंजीब का लक्ष्य देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना है। वह भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर देश के विकास में अपनी भूमिका निभाना चाहता है।

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